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CM सैनी का बड़ा कदम: सफाई व्यवस्था होगी स्मार्ट, कैमरों से होगी निगरानी

चंडीगढ़. हरियाणा में स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू किया जाएगा और साथ ही नई जगह भी तलाशी जाएंगी। बरसाती मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिए गए। इस दौरान वर्षा से पहले ड्रेन को सफाई, जल निकासी और सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। ऐसे स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। बैठक में बताया गया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरआइएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम कारगर रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर सुनिश्चित किया जाएगा कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक मुकुल कुमार ने भी अपनी बात रखी।

संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान: लुधियाना और जालंधर में गैस पाइपलाइनों का जाल बिछेगा

चंडीगढ़  राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

नई व्यवस्था लागू: आउटसोर्स कर्मचारियों को अब सीधे बैंक खाते में मिलेगा वेतन

भोपाल  मध्यप्रदेश में आउटसोर्स एम्प्लॉइमेंट सिस्टम बदलने जा रहा है। जिसका सीधा फायदा लाखों कर्मचारियों को मिलेगा। मध्यप्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स एम्प्लॉइज के अपॉइंटमेंट और उनके कामकाज की व्यवस्था बदलेगी। 1 अप्रैल 2026 से पूरे आउटसोर्सिंग सिस्टम के संचालन की नई गाइडलाइन लागू हो जाएगी। आउटसोर्स की पूरी प्रोसेस डिजिटल की जाएगी। एम्प्लॉइज के अकाउंट में  सीधे सैलरी आएगी। मध्यप्रदेश में ये कंपनियां होंगी ब्लैकलिस्ट दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार उन सभी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करेगी, जो एम्प्लॉइमेंट के लिए एंट्री फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलती है। बिचौलिया कंपनियों द्वारा किए जा रहे एम्प्लॉइज के शोषण पर रोक लगेगी। वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने को कहा है। 1 अप्रैल से लागू होंगी नई गाइडलाइन आगामी 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स नियुक्तियों और उनके कामकाज को लेकर नई गाइडलाइन प्रभावी हो जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से न केवल वेतन मिलने में देरी की समस्या खत्म होगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। 4 कैटेगरी में बंटेंगे एम्प्लॉइज, एंट्री फीस पर रोक मध्यप्रदेश सरकार ने पहली बार एम्प्लॉइज को चार कैटेगरी में बांट दिया है। इससे ये होगा कि कोई भी एम्प्लॉइज ग्रे जोन में नहीं रहेगा। इन चार कैटेगरी में स्थायी, अस्थायी, संविदा और आउटसोर्स शामिल हैं। भर्ती में किसी भी तरह की एंट्री फीस पर रोक रहेगी। अवैध वूसली पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। एम्प्लॉइज का EPF, ESIC लेबर कानून से कटेगा नए सिस्टम के तहत प्राइवेट एजेंसियां के पास सैलरी का अधिकार नहीं रहेगा। एम्प्लॉइज की सैलरी सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। मिनिमम सैलरी से एक रुपया भी कम नहीं दिया जाएगा। एम्प्लॉइज के ईपीएफ, ईएसआईसी और लेबर कानूनों के तहत पूरा प्रोसेस की जाएगी। बिचौलिया कंपनियों से राहत, नहीं होगा शोषण     सीधा बैंक खाते में वेतन: नई व्यवस्था में वेतन निजी एजेंसियों के माध्यम से नहीं होगा। वेतन सीधे कर्मचारी के बैंक खातों में ट्रांसफर होगा। बिचौलियों और एजेंसियों द्वारा वेतन में कटौती या कमीशनखोरी नहीं की जा सकेगी।     न्यूनतम वेतन की गारंटी: न्यूनतम वेतन से एक रुपया भी कम नहीं दिया जाएगा। ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।     स्पष्ट श्रेणी और पहचान: सरकार ने पहली बार कर्मचारियों को स्पष्ट श्रेणियों (स्थायी, अस्थायी, संविदा, आउटसोर्स आदि) में बांट दिया है। इससे कोई भी कर्मचारी 'ग्रे जोन'में नहीं रहेगा।     शोषण से मुक्ति: भर्ती के नाम पर किसी भी तरह की एंट्री फीस या अवैध वसूली पर प्रतिबंध लगेगा। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से ओडीओपी को मिलेगा सशक्त राष्ट्रीय मंच

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से सशक्त ओडीओपी को मिलेगा राष्ट्रीय मंच वाराणसी में 31 मार्च को होगा सम्मेलन, व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई में सहयोग पर फोकस दोनों राज्यों के बीच बढ़ेगा समन्वय, ओडीओपी और जीआई शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल लखनऊ  मध्यप्रदेश शासन द्वारा 31 मार्च को वाराणसी स्थित रामाडा होटल में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापार, शिल्प, ओडीओपी उत्पाद, पर्यटन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री राकेश सचान को सम्मेलन में गरिमामय उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन का मुख्य सत्र दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे के मध्य आयोजित होगा। विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और शिल्प को नई पहचान दी है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन में दोनों राज्यों के ओडीओपी उत्पादों एवं जीआई टैग शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, पर्यटन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने तथा एमएसएमई सेक्टर में साझा संभावनाओं को विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘योगी मॉडल’ के तहत विकसित उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों के सशक्तीकरण और वैश्विक बाजार से जुड़ाव की दिशा में भी एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की अपेक्षा है।

यति नरसिंहानंद बोले: हिंदुओं को तालिबान और ISIS जैसी सेना बनानी होगी

गुना  'हिंदुओं को बनानी होगी अपनी सेना, तभी बचेगा सनातन!' हमें तालिबान और आईएसआईएस के पैटर्न पर अपनी सेना तैयार करनी होगी। हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद सरस्वती ने देश के मौजूदा हालात को लेकर चेताया है। उन्होंने दो टूक कहा कि संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों के भरोसे सनातन का बचाना असंभव है। चेतावनी दी है कि अगर हिंदू समाज ने अब भी कट्टरता नहीं दिखाई, तो भारत का 'विश्वगुरु' बनने का सपना सिर्फ एक मुस्लिम राष्ट्र बनकर रह जाएगा। हिंदुत्ववादी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अपने ताजा बयान से नए विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए भारत और सनातन को खतरे में बताया है। उन्होंने कहा कि यदि हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उन्हें तालिबान और आईएसआईएस के पैटर्न पर अपनी सेना तैयार करनी होगी। उन्होंने संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों पर तीखा कटाक्ष करते हुए इन्हें नपुंशक संगठन करार दिया और कहा कि इनके भरोसे सनातन धर्म का बचना असंभव है। वे एमपी के गुना में मीडिया से रूबरू हो रहे थे। RSS और बजरंग दल पर दिया विवादास्पद बयान यति नरसिंहानंद ने संगठनों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने इन संगठनों को 'नपुंसक' करार देते हुए कहा कि, इनके भरोसे सनातन धर्म का बचना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन केवल सोशल मीडिया पर फोटो डालने और नेताओं की 'चमचागिरी' कर चुनाव का रास्ता ढूंढने के लिए बने हैं। यति नरसिंहानंद सरस्वती के बयान की मुख्य बातें     हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाने के लिए ISIS और तालिबान जैसी कट्टर सेना बनानी होगी     संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों भरोसे सनातन धर्म नहीं बचेगा     भारत 'विश्वगुरु' नहीं बल्कि 'मुस्लिम भारत' बनने की ओर बढ़ रहा है     'विश्वगुरु' का सपना छलावा धर्मगुरु जनता को मूर्ख बना रहे हैं     भारत पिछले 1400 साल से समर्पण की मुद्रा में है     इजरायल मानवता का रक्षक हर हिंदू को उसका साथ देना चाहिए     मुस्लिम लड़कियों से दोस्ती न करें, वे युवकों से भी ज्यादा 'जिहादी' हैं     भारत के कानून हिंदुओं को आपस में लड़ाकर खत्म करने के लिए बनाए गए हैं तालिबान-ISIS की कार्यप्रणाली को बताया आदर्श महामंडलेश्वर ने कहा कि जो समर्पण और कट्टरता इस्लाम के लिए तालिबान और आईएसआईएस दिखाते हैं, वैसी ही सेना बनाने की आज हिंदुओं को जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'बाकी की फालतू सेनाओं का हम समर्थन नहीं करते। बजरंग दल और संघ के चक्कर में पड़े रहे, तो भविष्य में सनातनियों का कुछ भी बचने वाला नहीं है।' हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाने के लिए ISIS और तालिबान जैसी कट्टर सेना बनानी होगी, क्योंकि RSS और बजरंग दल जैसे संगठनों के भरोसे सनातन धर्म नहीं बचेगा विश्वगुरु का सपना एक 'छलावा' मात्र है, मूर्ख बना रहे भारत के विश्वगुरु बनने के दावों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जिस गति से जनसंख्या असंतुलन बढ़ रहा है, भारत 'सनातन भारत' नहीं बल्कि 'मुस्लिम भारत' की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने हिंदू धर्मगुरुओं पर भी निशाना साधा और कहा कि जो गुरु भारत के विश्वगुरु बनने का दावा कर रहे हैं, वे अपने अनुयायियों को मूर्ख बनाकर केवल पैसा बटोर रहे हैं। यूजीसी और मौजूदा कानून हिन्दुओं को लड़वा रहे महंत ने UGC और देश के मौजूदा कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये भेदभाव मिटाने के लिए नहीं, बल्कि हिंदुओं को आपस में लड़वाकर खत्म करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने जनता से ऐसी सरकारों का विरोध करने की अपील की जो सनातन विरोधी 'काले कानून' लाती हैं। इजरायल का समर्थन किया, बोले-जालिमों से लड़ रहे ईरान-इजरायल युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने इजरायल को 'मानवता का रक्षक' बताया। उन्होंने कहा कि 90 लाख इजरायली दुनिया के 200 करोड़ 'जालिमों' से लड़ रहे हैं, इसलिए हर मानवतावादी को इजरायल का साथ देना चाहिए।  

मुल्लांपुर में आज PBKS और GT का मुकाबला: दोनों टीमों ने की प्रैक्टिस, स्टेडियम के गेट 3:30 बजे होंगे खोलें

मुल्लांपुर  पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच आज आईपीएल का अहम मुकाबला खेला जाएगा। ये मैच दोनों टीमों के लिए इस साल के आईपीएल में पहला मुकाबला है, इसलिए अहम हो जाता है। पंजाब किंग्स की कप्तानी जहां एक ओर श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं, वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल हैं। इस बीच आज का मैच कौन सी टीम जीतेगी, ये जानने की कोशिश करते हैं।  मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम साढ़े सात बजे से होगा पंजाब और गुजरात का मैच आईपीएल में आज यानी मंगलवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच मैच होगा। मैच का समय वही रहेगा, यानी शाम को साढ़े सात बजे से मैच शुरू हो जाएगा, इससे आधे घंटे पहले सात बजे टॉस होगा। वैसे तो गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच अब तक छह मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 3-3 मैच दोनों टीमों ने जीते हैं। यानी टक्कर बराबरी की है। लेकिन फिर भी माना जा रहा है कि गुजरात टाइटंस का पलड़ा हल्का सा भारी है। पंजाब किंग्स के पास श्रेयस अय्यर जैसा कप्तान तो है ही, साथ ही मार्कस स्टॉयनिस, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल जैसे मैचविनर भी हैं, जो अकेले के दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। शुभमन गिल के अलावा गुजरात टाइटंस के भी पास जॉस बटलर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी है, जो विरोधी टीम पर भारी पड़ सकते हैं।  गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी का जवाब नहीं, स्पिनर और फिनिशर्स भी जबरदस्त अब बात करते हैं कि दोनों टीमों की मजबूती क्या है, जिसके आधार पर टीम जीत दर्ज कर सकती है। गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी काफी मजबूत नजर आती है। कप्तान शुभमन गिल के साथ साई सुदर्शन पारी का आगाज करने के लिए मैदान पर आएंगे। साई ने पिछले साल के आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का काम किया था। टीम के पास राशिद खान और साई ​किशोर के रूप में जबरदस्त स्पिन जोड़ी है, जो बीच के ओवर्स में ज्यादा रन नहीं बनाने देते। साथ ही आखिरी ओवर्स के लिए टीम के पास राहुल तेवतिया और शाहरुख खान जैसे खिलाड़ी भी हैं।  गुजरात टाइटंस अपने शीर्ष क्रम (शुभमन गिल, साई सुदर्शन, जोस बटलर) पर निर्भर होगी। राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज वाली एक बेहतरीन गेंदबाजी यूनिट है। अशोक शर्मा एक होनहार नए खिलाड़ी हैं जिन्हें मौका मिल सकता है, जबकि अरशद खान बाएं हाथ के गेंदबाज के तौर पर टीम को एक अलग विकल्प देते हैं। राशिद खान और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना को देखते हुए गुजरात टाइटंस आर साई किशोर के बजाय चौथे तेज गेंदबाज को मौका दे सकती है, क्योंकि न्यू चंडीगढ़ की पिच सीम बॉलिंग के लिए ज्यादा मददगार है। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस हेड 2 हेड पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच हेड-टू-हेड मुकाबला बराबरी का रहा है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस ने एक-दूसरे के खिलाफ छह मैच खेले हैं और दोनों ही टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस पिच रिपोर्ट पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा। यह वही पिच है जिसका इस्तेमाल आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए मैच में किया गया था। तब पंजाब किंग्स ने प्रियांश आर्य के शतक की बदौलत 219 रन बनाए थे। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने 201 रन बनाए थे। पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग को एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग 12 पंजाब किंग्स की संभावित 12: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहल वढे़रा, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, ज़ेवियर बार्टलेट/बेन ड्वार्शियस/अजमतुल्लाह उमरजई, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विजयकुमार वैशाक। गुजरात टाइटंस की संभावित 12: शुभमन गिल (कप्तान), बीसाई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, मोहम्मद शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर/कगिसो रबाडा, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, आरसाई किशोर/अशोक शर्मा/अरशद खान। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की डिटेल्स     मुकाबला: IPL 2026 का चौथा मैच, पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस     मैच की तारीख: 31 मार्च 2026 (मंगलवार)     टॉस का समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)     समय: शाम 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार)     मैदान: महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर, न्यू चंडीगढ़।     लाइव प्रसारण: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच भारत में टीवी पर Star Sports (स्टार स्पोर्ट्स) नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर LIVE उपलब्ध होगा।     लाइव स्ट्रीमिंग: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की भारत में लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध होगी। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस से जुड़े प्रमुख आंकड़े     हो सकता है कि 2025 में पंजाब किंग्स के लिए श्रेयस अय्यर का प्रदर्शन शानदार रहा हो, लेकिन न्यू चंडीगढ़ में उनका रिकॉर्ड काफी खराब है। इस मैदान पर खेले गए पांच मैच में उन्होंने सिर्फ 27 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 100 रहा है और उनका सबसे बड़ा स्कोर 10 रन है।     IPL 2025 में, प्रभसिमरन सिंह ने पांच पारियों में बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ तीन बार आउट हुए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 104 रहा।     पंजाब किंग्स के लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल के खिलाफ गुजरात टाइटंस (GT) के ओपनर्स का रिकॉर्ड बिल्कुल अलग-अलग है। युजवेंद्र चहल के खिलाफ शुभमन गिल सिर्फ 122 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं और तीन बार उनके हाथों आउट हो चुके हैं, जबकि साई सुदर्शन ने युजवेंद्र चहल के खिलाफ 17 गेंदों में 40 रन बनाए हैं और एक भी बार आउट नहीं हुए हैं। दोनों टीमों के अगले 3-3 मैच पंजाब किंग्स     03 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, चेन्नई में     06 अप्रैल: बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता में     11 अप्रैल: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस     04 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स, अहमदाबाद में     08 अप्रैल: बनाम दिल्ली कैपिटल्स, नई दिल्ली में     12 अप्रैल: बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस का फुल स्क्वॉड पंजाब … Read more

हाई कोर्ट से मनजिंदर लालपुरा को राहत, 11 साल पुराने मारपीट मामले में रिहाई; आपसी समझौते से पलटा कोर्ट का निर्णय

चंडीगढ़  पंजाब के खडूर साहिब से AAP के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा के हाईकोर्ट से बरी होने पर राजनीति शुरू हो गई है। BJP के पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि लालपुरा को भले ही 'समझौते' के तहत बरी कर दिया हो लेकिन पीड़िता के साथ खुलेआम अन्याय और हमला हुआ था। अदालत ने वर्ष 2013 में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाए गए दोषसिद्धि और सजा के फैसले को रद्द करते हुए लालपुरा सहित अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित पक्ष और आरोपियों के बीच आपसी समझौता हो चुका है। इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाई कोर्ट ने पूरे मामले का पुनर्मूल्यांकन किया और पाया कि अब इस विवाद को आगे बढ़ाना न्याय के हित में नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाद को समाप्त करने पर सहमत हैं, तो ऐसे में सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता। बताया जाता है कि वर्ष 2013 में दर्ज इस मामले में आरोप था कि महिला के साथ मारपीट की गई और एससी-एसटी एक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाई कोर्ट का रुख किया था, जहां लंबे समय तक मामला विचाराधीन रहा। हाई कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में कहा कि समझौते की परिस्थितियों और मामले के तथ्यों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट का निर्णय टिकाऊ नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि इस प्रकार के मामलों में, जहां पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बन चुकी हो, वहां न्यायिक विवेक का प्रयोग करते हुए राहत दी जा सकती है। इस फैसले के बाद लालपुरा सहित अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही सभी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 13 साल पुराने मामले में कल लालपुरा समेत सभी लोगों को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट मामले में तरनतारन कोर्ट के 4 साल की कैद की सजा को रद्द कर दिया। तरनतारन कोर्ट ने 10 सितंबर 2025 को यह सजा सुनाई थी। जिसके बाद लालपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह अभी तरनतारन जेल में हैं। इस सजा के खिलाफ लालपुरा समेत 12 आरोपी हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित पक्ष और दोषियों के बीच 4 फरवरी 2026 को आपसी समझौता हो चुका है। इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने पर सहमत हैं, तो ऐसे में सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था।  

LSG vs DC मुकाबला, शहीद पथ पर दोपहर 2 बजे से ट्रैफिक बदलाव, जानें वैकल्पिक रास्ते

लखनऊ आईपीएल 2026 के लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल के बीच बुधवार को लखनऊ के एकाना स्टेडियम में होने वाले मैच को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया है. बुधवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले मुकाबले के कारण शहीद पथ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, दोपहर दो बजे से मैच समाप्त होने तक शहीद पथ पर विशेष यातायात व्यवस्था रहेगी. शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होने वाला है. इस दौरान भारी वाहन, कमर्शियल वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे वाहनों को शहीद पथ पर प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. एकाना स्टेडियम के आस-पास रूट डायवर्जन लागू, शहीद पथ पर इन गाड़ियों की नो एंट्री लखनऊ में आईपीएल मैच की वजह से रूट डायवर्जन यह ट्रैफिक डायवर्जन बुधवार दोपहर 2 बजे से मैच खत्म होने तक लागू होगा. इसकी वजह से शहीद पथ और एकाना स्टेडियम के आसपास की सड़कें प्रभावित रहेंगी. इस दौरान भारी वाहन, कमर्शियल वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा शहीद पथ पर नहीं चल सकेंगे. ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दिया है. आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मैच वाले दिन इन इलाकों से बचकर यात्रा करें और पहले से ही अपनी रूट प्लानिंग कर लें. मैच के दौरान स्टेडियम की ओर आने वाले दर्शकों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए ये व्यवस्थाएं की हैं. स्टेडियम परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, लेकिन आसपास की सड़कों पर अनावश्यक रुकावट से बचने की सलाह दी जा रही है. कोई भी इमरजेंसी या यातायात संबंधी समस्या होने पर नागरिक 9454405155 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. पुलिस टीम लगातार निगरानी रखेगी और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त डायवर्जन लागू करेगी. ट्रैफिक पुलिस ने सभी लखनऊवासियों से अनुरोध किया है कि वे मैच के दिन सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और व्यक्तिगत वाहनों का उपयोग सीमित रखें. इससे न सिर्फ जाम की स्थिति नियंत्रित रहेगी, बल्कि दर्शकों को स्टेडियम पहुंचने में भी आसानी होगी. यहां डायवर्जन लागू सुलतानपुर रोड पर वाहन अमूल तिराहा से डायवर्ट होंगे और अर्जुनगंज कैंट की तरफ से आ रहे वाहन कटाई पुल से. इसके अलावा रोडवेज की तरफ से जारी डायवर्जन प्लान प्राइवेट बसें भी सख्ती से पालन करेंगी. अर्जुनगंज की तरफ से आने वाली ई-रिक्शा/आटो अहिमामऊ से बायीं मुड़कर पीएचक्यू, यूपी-112 , मातृत्व अस्पताल के पीछे वाली सड़क पर सवारी उतारेंगे एवं पीएचक्यू के सामने से होते हुए जी-20 तिराहे से गोमती नगर की तरफ जाएंगे. सुलतानपुर रोड से आने वाले आटो/ई-रिक्शा बायें मुड़कर लुलु माल की तरफ जाकर सवारी उतारेंगे. किसी भी दशा में अहिमामऊ से 500 मी की परिधि में सवारी न उतारेंगे न बैठाएंगे.  

पंजाब में मौसम का बदलाव: आंधी और बारिश का अलर्ट, फरीदकोट में तापमान 33°C दर्ज

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में 31 मार्च को मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने पूरे क्षेत्र के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। यह बदलाव पहले से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के दस जिलों में आंधी आने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला और जालंधर शामिल हैं। इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले क्षेत्रों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि यह स्थिति दिनभर बनी रह सकती है और शाम तक कुछ स्थानों पर प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। कई जिलों में बारिश के आसार राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की संभावना जताई गई है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। बारिश के इस दौर से जहां तापमान में संतुलन बना हुआ है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पिछले 24 घंटे का मौसम हाल बीते दिन सुबह से शाम तक पंजाब के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। कई मौसम केंद्रों पर शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिसमें पठानकोट के थिन डैम क्षेत्र में 5.5 मिलीमीटर और फिरोजपुर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राज्य के प्रमुख शहरों में इस दौरान कोई उल्लेखनीय वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3.1 से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहा है। इसके प्रभाव से एक और चक्रवाती परिसंचरण, जो पहले उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर था, अब पंजाब और आसपास के हरियाणा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। यह परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिससे क्षेत्र में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 31 मार्च, 1 अप्रैल और 3 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

सावधान! क्या आपका CCTV कैमरा कर रहा है आपकी जासूसी?

अगर आप घर या ऑफिस के लिए CCTV कैमरा खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. हाल के दिनों में भारत में CCTV सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ कैमरों का डेटा बाहर जा सकता है, यहां तक कि सेंसिटिव फुटेज पाकिस्तान और चीन तक पहुंचने की खबर है. इसी के बाद सरकार सख्त हुई है. खबरें हैं कि चीन की कंपनियों जैसे Hikvision और TP-Link के कुछ नेटवर्क डिवाइस और कैमरों पर रोक लग सकती है. हालांकि हर डिवाइस पर सीधा बैन नहीं है, लेकिन सरकार अब ऐसे सामान पर नजर रख रही है जो डेटा सुरक्षा के लिहाज से मुश्किल पैदा कर सकते हैं. गौरतलब है कि Hikvision चीन की कंपनी है, लेकिन इस पर चीनी सरकार का भी कंट्रोल है. ऐसे में अगर इस तरह के सर्विलांस टूल से जासूसी हो रही हो तो ये बड़ी बात नहीं होगी. भारत में CCTV का बाजार तेजी से बढ़ा है. देशभर में करोड़ों कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें एक बड़ा हिस्सा Hikvision जैसे ब्रांड का है. वजह साफ है. ये कैमरे सस्ते होते हैं और आसानी से उपलब्ध होते हैं. लेकिन सस्ता होने के साथ मुश्किल भी जुड़ा हो सकता है. साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ विदेशी CCTV सिस्टम में ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो डेटा को क्लाउड सर्वर पर भेजता है. अगर यह सर्वर भारत के बाहर है, तो फुटेज पर कंट्रोल भी बाहर जा सकता है. Hikvision को लेकर पहले भी अमेरिका और कुछ दूसरे देशों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ चुके हैं. आरोप यह भी लगे कि कंपनी का लिंक चीनी सरकारी ऑर्गनाइजेशन्स से है. हालांकि कंपनी इन आरोपों को खारिज करती रही है. यह भी समझना जरूरी है कि हर कैमरा अपने आप डेटा लीक नहीं करता. लेकिन अगर डिवाइस का फर्मवेयर कमजोर है या डिफॉल्ट सेटिंग्स सिक्योर नहीं हैं, तो हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. कई मामलों में देखा गया है कि लोग कैमरा लगाकर उसका पासवर्ड तक नहीं बदलते. ऐसे में कोई भी दूर बैठकर उस कैमरे को एक्सेस कर सकता है. …तो अब सवाल है कि सुरक्षित CCTV कैसे खरीदें? सर्टिफाइड ब्रांड: सबसे पहले हमेशा भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड चुनें. BIS या भारत सरकार के तय मानकों को पूरा करने वाले डिवाइस ही लें. लोकल या अनजान ब्रांड से बचें, भले ही वह सस्ता क्यों न हो. आम तौर पर सस्ते कैमरे चीन से इंपोर्ट करके यहां कुछ कंमनियां अपना स्टिकर लगा कर बेचती हैं. ये भी खतरे से खाली नहीं है. लोकल डेटा  कैमरा ऐसा हो जिसमें डेटा लोकल स्टोरेज या आपके खुद के सर्वर पर सेव हो. क्लाउड स्टोरेज लेते समय यह जरूर देखें कि सर्वर किस देश में है. डेटा को हार्ड ड्राइव में सेव करके रखें. क्लाउड बैकअप बंद कर सकते हैं. सेटिंग्स बदलें  कैमरा लगाने के बाद उसकी सेटिंग्स जरूर बदलें. डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड कभी न रखें. मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करें और समय-समय पर अपडेट करें. टेक्निशियन ने जो पासवर्ड दिया है उसे तुरंत बदलें और टेक्निशियल के अकाउंट से अपना कैमरा जरूर हटवा दें. फर्मवेयर अपडेट करें  कैमरे का सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें. कंपनियां समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट देती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे स्मार्टफोन को समय समय पर अपडेट करते हैं वैसे ही इसे भी अपडेट करना जरूरी है. आईडी पासवर्ड मजबूत रहें: अपने सीसीटीवी कैमरे का आईडी पासवर्ड मजबूत रखें. खास तौर पर पासवर्ड मजबूत रखें और स्पेशल कैरेक्टर्स यूज करें. समय समय पर पासवर्ड भी बदलते रहें. अगर आपके घर या ऑफिस में भी TP Link या Hikvision के कैमरे लगे हैं तो क्या करें? फिलहाल इस पर सरकार की तरफ से कोई क्लैरिटी नहीं आई है. मुमकिन है सरकार आने वाले कुछ समय में इसे लेकर एडवाइजरी या गाइडलाइन जारी कर सकती है. क्योंकि हाल ही में सरकार ने सराकरी दफ्तरों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है.