samacharsecretary.com

राज्यपाल पटेल बोले: रोगियों के उपचार में सेवा भाव की भूमिका अहम

रोगियों के उपचार प्रयासों में सेवा भाव प्रमुख : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने की लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है। इससे आत्म संतोष मिलता है। प्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि होना चाहिए।    राज्यपाल पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा जवाहर खण्ड सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं और पात्रता आदि की समुचित जानकारी दें। प्रदेश स्तरीय सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शून्य से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष तौर पर जाँच करें। जाँच शिविरों में आमजन को बताएँ कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सिकल सेल एनीमिया का इलाज कवर होता है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत सिकल सेल रोगियों के इलाज की जिलेवार समीक्षा की। जन प्रतिनिधि पोषण आहार वितरण में करें सक्रिय सहयोग राज्यपाल पटेल ने बैठक में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने स्थानीय जन प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष कर जनजातीय क्षेत्रों के जन प्रतिनिधि टी.बी. रोगियों को पोषण आहार वितरण में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने नि:क्षय मित्रों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में और अधिक नि:क्षय मित्रों को जोड़कर पोषण आहार वितरण को बढ़ाने के प्रयासों पर बल देने के निर्देश दिए है।  खनन क्षेत्रों में भी कराएं टी.बी. की सघन जाँच राज्यपाल पटेल ने खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. जाँच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सिकल सेल जाँच लक्ष्य एवं पूर्ति, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भावस्था में माताओं और शिशुओं का सिकल सेल प्रबंधन, सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान कार्ड वितरण, आयुष्मान योजना का लाभ, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण, 125 दिवसीय सिकल सेल जागरूकता अभियान आदि विस्तार से समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति, सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के विभिन्न मानको को शत-प्रतिशत पूरा करने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल को आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवाई वितरण, जाँच आदि कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। जैन ने अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में औषधि वितरण के विशेष प्रयासों और नवाचारों की जानकारी भी दी। राज्यपाल पटेल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र, पोषण आहार वितरण आदि की जानकारी दी। राज्यपाल पटेल के निर्देशानुसार प्रारंभ किए गए अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श, उपचार आदि के बारे में भी बताया। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अधिकारी मौजूद रहे।    

राज्यसभा उपसभापति का बयान: ‘विकसित भारत के लिए 66 साल का सफर, कई देशों में लॉकडाउन, भारत में हालात सामान्य’

भोपाल  भोपाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन का समापन सत्र चल रहा है। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन किया। इस बीच उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना देखने में 66 साल लगा दिए गए। कई देशों में आज लॉकडाउन जैसे हालात लेकिन भारत आराम से चल रहा है। एक समय था जब दुनिया के अर्थशास्त्री, जिन्हें हम बहुत मानते थे- यह कहते थे कि भारत 2 से 3 प्रतिशत से अधिक विकास नहीं कर सकता। इसे “हिंदू ग्रोथ रेट” कहा जाता था। उस समय यह भी माना जाता था कि केवल अलग तरह की राजनीतिक व्यवस्थाओं वाले देश ही तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन आज भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में भी तेज विकास संभव है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह भी सिद्ध किया है कि सही नीतियों और संकल्प के साथ देश तेजी से तरक्की कर सकता है। विधानसभा अध्यक्ष बोले- छतीसगढ़ अलग हुआ तो आंखों में आंसू थे वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में अलग-अलग विचारधाराओं के विधायकों ने अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर विषय के अंतर्गत अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में टेक्नोलॉजी के उपयोग, स्वच्छता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने, शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता सुधारने, व आधारभूत संरचना के विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। तोमर ने कहा कि, मुझे वह क्षण आज भी याद है जब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश विधानसभा से अलग हुआ। उस दिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों की आंखों में आंसुओं के अलावा कुछ नहीं था। इसीलिए आज भी दोनों राज्यों के बीच वही आत्मीयता बनी हुई है। उज्जैन जाएंगे विधायक युवा विधायक सम्मेलन का समापन होने के बाद विधायक उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया था। एमपी के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष मौजूद थे।

स्कूलों में बदला मिड डे मील मेनू, अब शनिवार को परोसी जाएगी पौष्टिक माह की दाल

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से पी.एम. पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे-मील) के लिए साप्ताहिक मेन्यू जारी आकर दिया है। यह नया मेन्यू 1 से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। सोसाइटी के जनरल मैनेजर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को कतार में बिठाकर मिड-डे-मील इंचार्ज की निगरानी में मेन्यू के अनुसार खाना खिलाना यकीनी बनाया जाए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल में मेन्यू का पालन नहीं किया जाता या नियमों की अनदेखी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखी की होगी। इसके अलावा 'तिथि भोजन' के तहत गांव के सरपंच या दानी सज्जनों के सहयोग से विशेष अवसरों, त्यौहारों या जन्मदिन पर विद्यार्थियों को फल, मिठाई या विशेष भोजन देने के प्रयास करने के लिए भी कहा गया है। साप्ताहिक मेन्यू सोमवार : दाल और रोटी। मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर। बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी। गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल। शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल। शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल। पी.टी.एम. के दौरान विद्यार्थियों को मिलेंगे आयुर्वेद के टिप्स पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूलों में पेरैंट्स-टीचर मीटिंग वाले दिन विद्यार्थियों और अध्यापकों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सुझाव पर आधारित इन निर्देशों में कहा गया है कि आयुर्वैदिक मैडीकल ऑफिसर अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों को आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और रहन-सहन की जानकारी देंगे। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयुष डॉक्टरों या आयुर्वेद के माहिर व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे लेक्चर करवाने के प्रयास करें।

इकाना स्टेडियम में 1 अप्रैल को पहला मुकाबला, 1000 रुपये से शुरू है टिकट की कीमत

लखनऊ  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें संस्करण की शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन इकाना स्टेडियम में पहला मुकाबला एक अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इस हाईवोल्टेज मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैच होने में अभी तीन दिन का समय बचा है, पर शनिवार दोपहर 12 बजे तक करीब 60 प्रतिशत से अधिक टिकट बिक चुके हैं, जिससे यह साफ है कि उद्घाटन मुकाबले में ही इकाना स्टेडियम जबर्दस्त भीड़ जुटने वाली है। टिकट की कीमतें आम दर्शकों के लिए करीब 1000 रुपये से शुरू होकर सुपर जायंट्स लाउंज की 40 हजार रुपये तक रखी गई हैं, जिससे हर वर्ग के दर्शकों को मैच के लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। खास मुकाबला, बढ़ी दिलचस्पी यूपीसीए के सीईओ अंकित कपूर के अनुसार, यह मैच कई कारणों से खास माना जा रहा है। एक तरफ लखनऊ की टीम अपने घरेलू मैदान पर मजबूत शुरुआत करना चाहेगी, वहीं दिल्ली कैपिटल्स भी नए सीजन में जीत के साथ आगाज करने के इरादे से उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों के बीच इस मुकाबले को लेकर उत्साह का एक बड़ा कारण स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी और सीजन का पहला मैच होना भी है। मैच से पहले बचे हुए टिकट भी जल्द ही बिक सकते हैं और मुकाबले के दिन स्टेडियम खचाखच भरने की पूरा संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ मिलकर दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पार्किंग, एंट्री-एग्जिट और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी प्लान तैयार किया गया है, ताकि दर्शकों को किसी तरह की परेशानी न हो। टिकटों की तेज बिक्री इस बात का भी संकेत है कि लखनऊ एक बार फिर क्रिकेट के रंग में रंगने जा रहा है। पिछले सीजनों की तरह इस बार स्टेडियम हाउसफुल रहने वाला है। स्टेडियम परिसर में दो टिकट काउंटर यूपीसीए के मुताबिक, मैच से पहले दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम परिसर में दो ऑफलाइन टिकट काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां शनिवार से टिकट बिक्री शुरू कर दी गई है। इन काउंटरों पर दर्शक सीधे पहुंचकर टिकट खरीद सकेंगे। दो अलग-अलग काउंटर बनाए जाने का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना और लंबी कतारों से बचाना है।

सूरत हादसा: आग की लपटों में घिरी बिल्डिंग, एक परिवार के 5 सदस्यों की जान गई

सूरत  इस हादसे मेंगुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां लिंबायत क्षेत्र की मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें एक बच्चा और महिलाएं शामिल हैं, बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान सभी पांचों लोगों ने दम तोड़ दिया। साड़ियों के ढेर ने घर को बनाया 'मौत का जाल' शुरुआती जाँच और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह परिवार साड़ी बनाने और संग्रहण का काम करता था। घर के भीतर लगभग 10 टन साड़ियां रखी हुई थीं। पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि घर इतना छोटा था कि साड़ियों के ढेर के बीच चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। बड़ी मात्रा में कपड़ों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और घना धुआं भर गया। धुएं से घुटा दम: मृतकों में 4 साल का बच्चा भी शामिल दमकल विभाग के अधिकारियों का संदेह है कि इन मौतों का मुख्य कारण आग से झुलसना नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटना है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है…     शाहनाज़ बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (65 वर्ष)     शबीना रमज़ान अली अंसारी (28 वर्ष)     परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (19 वर्ष)     हुसा बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (18 वर्ष)     शुभान रमज़ान अली अंसारी (4 वर्ष) अधिकारियों ने की सतर्क रहने की अपील घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मौके पर पूर्व मेयर, डीसीपी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और रिहायशी घरों में इतनी भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री (जैसे साड़ियाँ) जमा न करें, जिससे आपात स्थिति में बचाव कार्य बाधित हो। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- Rajasthan Board Result: निकिता ने 12वीं में पाए 93.88% अंक, पर रिजल्ट से 10 दिन पहले हो गया निधन  

PACL घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 15,582 करोड़ की संपत्तियां लोढ़ा कमेटी को सौंपे गए

चंडीगढ  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्ल्स एग्रीटेक कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15,582 करोड़ के अनुमानित बाजार मूल्य वाली 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य लाखों प्रभावित निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाना है। ईडी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में ही लगभग 26,324 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिससे इस मामले में कुल अटैचमेंट बढ़कर 27,030 करोड़ हो गई है। इनमें भारत के अलावा आस्ट्रेलिया सहित विदेशों में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। ये संपत्तियां एमएस पीएसीएल लिमिटेड, उससे जुड़ी कंपनियों और दिवंगत निर्मल सिंह भंगू के परिवार व सहयोगियों बरिंदर कौर, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर, सुखविंदर कौर, गुरप्रताप सिंह और प्रेम कौर के नाम पर पाई गई हैं। सीबीआइ ने 19 फरवरी 2014 को पर्ल्स ग्रुप (पीएसीएल और पीजीएफ लिमिटेड) और उसके प्रमोटरों पर लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप केस दर्ज किया था। सीबीआइ की चार्जशीट और पूरक चार्जशीट के अनुसार, दिवंगत निर्मल सिंह भंगू और उनके सहयोगियों के नियंत्रण में एक बड़े पैमाने पर अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई गई, जिसके जरिए देशभर से 68,000 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई। इस स्कीम में निवेशकों से नकद और किस्तों में पैसा लेकर उन्हें भ्रामक दस्तावेज जैसे एग्रीमेंट, स्पेशल पावर आफ अटार्नी आदि पर हस्ताक्षर करवाए गए। कई मामलों में बिना जमीन के स्वामित्व के ही अलाटमेंट लेटर जारी किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई। करीब 48,000 करोड़ की राशि अब भी निवेशकों को लौटाई जानी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेबी को जस्टिस आरएम लोढ़ा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था, ताकि पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को भुगतान किया जा सके। इसी मामले में ईडी ने 26 जुलाई 2016 मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अपराध से अर्जित धन को कई कंपनियों और सहयोगियों के जरिए घुमाकर भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदी गईं। इस मामले में कुछ आरोपितों के खिलाफ भगोड़ा की कार्यवाही शुरू की गई है। साथ ही, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बरिंदर कौर और प्रेम कौर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पर्ल ग्रुप घोटाले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे। सरकार के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की पहचान करवाई गई और डिप्टी कमिश्नरों से रिपोर्ट मंगवाई गई। इसके आधार पर पंजाब में कंपनी की संपत्तियों की सूची भी तैयार की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढ़ा कमेटी के निर्देशों के अनुरूप है।

विकास की रफ्तार,अदाणी-अंबानी के बाद अब टाटा पावर चमकाएगा गोरखपुर, 300 लोगों को मिलेगा रोजगार

गोरखपुर विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ते उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के लिए एक और गुड न्यूज है। यहां अदाणी और अंबानी ग्रुप के बाद टाटा पावर ने दिलचस्पी दिखाई है। टाटा पावर यहां 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाना चाहता है जिसके लिए सरकार उसे करीब 300 एकड़ जमीन मुहैया कराएगी। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( गीडा) ने टाटा पावर को सोलर प्लांट के लिए यह जमीन मुहैया कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए धुरियापार औद्योगिक कारिडोर में 300 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। जल्द टाटा पावर की तकनीकी टीम निरीक्षण को आएगी। जमीन पसंद आते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। अदाणी और अंबानी समूह के बाद अब टाटा पावर कंपनी की ओर से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस प्लांट पर लगभग 800 करोड़ रुपये के निवेश होंगे। परियोजना पूरी तरह से सौर ऊर्जा आधारित होगी, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सोलर प्लांट से हर साल करीब 20 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। गीडा अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि जल्द ही चिह्नित भूमि का निरीक्षण को धुरियापार आ सकते हैं। अनुमान है कि इस परियोजना से 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। वायु गुणवत्ता सुधारने को 30.35 करोड़ केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के 10 शहरों के लिए 163.70 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह धनराशि शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से दी गई है। गोरखपुर को इस मद में 30.35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पांच साल में गोरखपुर को 150.31 करोड़ रुपये मिले हैं जिनमें 82.28 करोड़ रुपये की धनराशि अब तक खर्च की जा चुकी है। क्या बोले गीडा के अधिकारी गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने कहा कि टाटा पावर कंपनी ने 800 करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की मांग के अनुसार 300 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही प्रतिनिधियों को जमीन दिखा दी जाएगी।

मुंबई में होटल में मिला BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव, IPL कवरेज के दौरान था व्यस्त

मुंबई आईपीएल 2026 का रोमांच जारी है. लेकिन इसी बीच एक बुरी खबर सामने आई है. आईपीएल मैचों के लिए बीसीसीआई के साथ ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे एक ब्रिटिश नागरिक मुंबई के ट्राइडेंट होटल के कमरे में मृत पाए गए. मृतक की पहचान इयान विलियम्स लैंगफोर्ड के रूप में हुई है।  जानकारी के मुताबिक, इयान 24 मार्च से मुंबई के ट्राइडेंट होटल में ठहरे हुए थे और आईपीएल मैच कवरेज से जुड़े काम में लगे थे. 29 मार्च को मैच खत्म होने के बाद वह अपने रूम में लौटे थे. अगले दिन 30 मार्च को होटल रिसेप्शन की ओर से उन्हें कॉल किया गया, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद होटल स्टाफ उनके कमरे तक पहुंचा. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मास्टर की की मदद से कमरा खोला गया।  कमरे के अंदर इयान फर्श पर पड़े मिले. तुरंत होटल के इन-हाउस डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।  बता दें कि 29 मार्च को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला गया था. इस मैच में मुंबई इंडियंस ने शानदार जीत हासिल की थी. ये इस मैदान पर इस सीजन का पहला आईपीएल मैच था. जहां भारी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। 

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत:CM यादव

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा विश्वनाथ से की प्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना क्रॉउड मैनेजमेंट, दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया भ्रमण भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत देवादिदेव महादेव काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन कर मध्यप्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पावन गंगा घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ माँ गंगा का पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया। दर्शन और पूजन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम में आकर जो आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह अद्भुत है। काशी-महाकाल के बीच व्यवस्थाओं का साझा संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। सिंहस्थ-2028 के लिए प्रबंधन का रोडमैप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के अनुभवों को मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रेजेंटेशन से कॉरिडोर में तीर्थयात्री प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल (भीड़ प्रबंधन), दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख लेकर हम उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन की उच्चतम और सुगम व्यवस्था देना हमारा लक्ष्य है। प्रेजेंटेशन से तीर्थ स्थल प्रबंधन की एसओपी (SOP) को समझा। इसमें रियल टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जोन-बेस्ड क्राउड कंट्रोल, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 'ग्लोबल सनातन' पुस्तक भी भेंट की गई। वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का भव्य मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आगामी 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान के माध्यम से आयोजित होने वाले इस महानाट्य में सैकड़ों कलाकार हिस्सा लेंगे, जिसमें हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ प्राचीन विधाओं का जीवंत प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते आर्थिक और बुनियादी ढांचे के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से दोनों राज्यों के किसानों का भाग्य बदल रहा है। दोनों राज्यों के किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भ्रमण और बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान के साथ अपर मुख्य सचिव राघवेंद्र सिंह, सचिव पर्यटन डॉ. इलैया राजा टी, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, वाराणसी कलेक्टर सत्येंद्र सिंह और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्व भूषण मिश्र सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

कुबेर की दिशा में रखें गुल्लक, घर में होगी धन की वर्षा

 बचपन में हम सब एक गुल्लक जरूर रखते थे. जिसमें सिक्के और छोटे नोट जमा किए जाते थे. समय के साथ यह छोटी-सी आदत बड़ी बचत में बदल जाती है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में गुल्लक को रखने की दिशा और स्थान को भी महत्वपूर्ण माना गया है. सही दिशा में रखी गई गुल्लक न केवल बचत की आदत को मजबूत करती है, बल्कि घर में धन इजाफा करने में भी मदद करती है. इसलिए गुल्लक रखते समय कुछ खास वास्तु नियमों का ध्यान रखना जरूरी बताया गया है. उत्तर दिशा में रखें गुल्लक वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर दिशा को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि यह दिशा धन के देवता भगवान कुबेर की दिशा है. इसलिए अगर घर की गुल्लक, तिजोरी या पैसे रखने की कोई जगह उत्तर दिशा में रखी जाए तो यह आर्थिक प्रगति और धन संचय के लिए शुभ मानी जाती है. कई वास्तु विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि गुल्लक का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना बेहतर माना जाता है. गुल्लक रखने का सही स्थान गुल्लक को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां परिवार के सदस्य उसे आसानी से देख सकें. इससे पैसे बचाने की प्रेरणा मिलती रहती है. ध्यान रखें कि गुल्लक को हमेशा साफ और व्यवस्थित जगह पर रखा जाए. इसे घर के अंधेरे कोने, बिखरी हुई जगह या गंदगी के पास रखने से बचना चाहिए क्योंकि वास्तु में ऐसा करना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है. आकर्षक गुल्लक से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा कुछ लोग गुल्लक में पहली बार पैसा डालते समय भगवान को याद करते हैं या शुभ दिन जैसे शुक्रवार या किसी त्योहार के दिन इसकी शुरुआत करते हैं.  रंगीन या आकर्षक डिजाइन वाली गुल्लक घर के माहौल को भी सकारात्मक बनाती है. बच्चों के लिए कार्टून या क्रिएटिव डिजाइन वाली गुल्लक उन्हें बचत करने के लिए प्रेरित करती है .