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मेगा स्वास्थ्य शिविर में उमड़ा जनसैलाब

रायपुर  मेगा हेल्थ कैंप एक प्रमुख निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर है, जहाँ नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कैंसर, हृदय रोग, स्त्री रोग, और नेत्र रोग जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज, जांच और दवाइयां प्रदान करते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण और आधुनिक जांचकी सुविधाएं भी मिलती हैं। लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है।            जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का गत दिवस आयोजन किया गया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया।              बस्तर के सुदूर अंचलों में कभी लाल आतंक की धमक से सहमे रहने वाले सुकमा जिले की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। दशकों पुराने संघर्ष और भय के बादलों को चीरकर अब यहाँ विकास और खुशहाली की नई किरणें बिखर रही हैं। जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अब सुकमा नक्सलवाद की बेड़ियों को तोड़कर स्वस्थ और सशक्त होने की राह पर निकल पड़ा है। मिनी स्टेडियम में विगत 28 और 29 मार्च को आयोजित इस शिविर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जहाँ कभी गोलियों की गूँज थी, आज वहाँ सेवा और संकल्प के गीत गाए जा रहे हैं।          शिविर में केवल सामान्य बीमारियों का ही नहीं, बल्कि कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर समस्याओं का भी विशेषज्ञ उपचार किया गया। नक्सलवाद के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे बुजुर्गों के लिए 989 चश्मों का वितरण किया गया, जिससे उनकी धुंधली दुनिया एक बार फिर रोशनी से भर उठी। वहीं 1,500 बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कर आने वाली पीढ़ी को कुपोषण और बीमारियों से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से 85 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग और 2,300 आभा आईडी का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि सुकमा अब डिजिटल स्वास्थ्य और सुरक्षा कवच से लैस हो रहा है।         लाल आतंक के खात्मे के बाद सुकमा का यह बदलाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है। यह शिविर केवल एक चिकित्सकीय आयोजन नहीं था, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता के अटूट विश्वास का उत्सव था। 153 आयुष्मान कार्डों का मौके पर निर्माण यह सुनिश्चित करता है कि अब सुदूर अंचल का गरीब से गरीब व्यक्ति भी पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा। सुकमा आज नक्सलवाद की पहचान को पीछे छोड़कर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है, जहाँ हर चेहरा मुस्कुरा रहा है और हर कदम एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

शिक्षक भर्ती घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: जांच आयोग की कमान संभालेंगे रिटायर्ड जस्टिस चौधरी

रांची. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 के मामले में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमिशन का अध्यक्ष रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया. यह आयोग 3 महीने के अंदर नियुक्ति मामले की पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगा. उस रिपोर्ट पर कैबिनेट विचार करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा. पूर्व में एक सितंबर 2025 को हाइकोर्ट ने रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक को वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी असर्मथता जताई थी. इसके बाद फिर यह मामला कोर्ट में ले जाया गया. हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 258 रिट याचिकाओं पर फैसला सुनाया था. क्या था एकल पीठ का आदेश हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाया. पीठ ने हाइकोर्ट के रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक की एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन बनाया था. कमीशन पूरे मामले की जांच व सुनवाई कर तीन महीने के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट समर्पित करेगी. कमीशन की रिपोर्ट मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. राज्य सरकार को अधिकतम छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. वहीं अन्य रिक्त 2034 सीटों पर नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता आठ सप्ताह के अंदर अपना अभ्यावेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव को देंगे. प्राप्त अभ्यावेदनों पर जेएसएससी छह माह के अंदर नियुक्ति की कार्रवाई पूरी करेगी. हालांकि बाद में जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने वन मैन कमीशन का अध्यक्ष बनने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद पीठ दूसरे न्यायाधीश के नामों पर विचार कर रही थी. एकल पीठ के आदेश को अपील में दी गई है चुनाैती राज्य सरकार व जेएसएससी की और से अलग-अलग अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी गयी है. आदेश को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है. क्या है मामला जेएसएससी ने वर्ष 2016 में हाइस्कूल शिक्षक के 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने 26 विषयों का स्टेट मेरिट लिस्ट और कट ऑफ भी जारी किया था. इस नियुक्ति में जिला स्तरीय मेरिट व राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर नियुक्ति की गई है. इसके चलते सैकड़ों वैसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पायी है, जो कट ऑफ से अधिक अंक लाए हुए हैं. उनकी ओर से अपनी नियुक्ति की मांग की गई है. प्रार्थी मीना कुमारी  और अन्य की ओर से 258 याचिका दायर की गई थी.

नशे के कारोबार पर वार: भोपाल में क्राइम ब्रांच ने MD ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा

भोपाल गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के पालन में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्ति अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। गोविंदपुरा क्षेत्र में कस्तूरबा अस्पताल के सामने स्थित सब्जी मंडी के पास घेराबंदी कर पुलिस ने तीन युवकों को अवैध मादक पदार्थ एमडी की तस्करी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपितों के कब्जे से 2.14 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मुख्य सप्लायर सहित तीन आरोपित दबोचे गए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर एएसआइ मो. सादिक खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गोविंदपुरा मंडी के पास घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटर पर सवार दो संदिग्धों को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। थाने लाकर उनसे पूछताछ करने पर आरोपितों ने अपने तीसरे साथी का नाम उगला, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में इंद्रा नगर फेस-2 जाटखेड़ी, थाना मिसरोद निवासी 22 वर्षीय हर्ष यादव, रोहित नगर फेस-03 जाटखेड़ी, थाना मिसरोद निवासी 23 वर्षीय सौरभ तेजवानी और निर्मल स्टेट भैरोपुर, थाना मिसरोद निवासी गुरदीप सिंह शामिल हैं, जिसे मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। मोबाइल डेटा से नेटवर्क की जांच जारी एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपित शहर के छात्रों और पार्टियों में शामिल होने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। तीनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा के जरिए नशा तस्करी के मुख्य स्रोत और संपत्ति की जानकारी जुटा रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। मिसरोद और गोविंदपुरा थाने रहे ड्रग्स सौदे से बेखबर इस पूरे घटनाक्रम ने मिसरोद और गोविंदपुरा दोनों ही थानों की बीट प्रणाली की कार्यक्षमता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। तीनों आरोपित मूलतः मिसरोद थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, मिसरोद पुलिस को अपने इलाके में सक्रिय इन अपराधियों की भनक तक नहीं लगी। तस्करों ने सौदेबाजी के लिए गोविंदपुरा के व्यस्त मंडी इलाके को चुना। कस्तूरबा अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरेआम ड्रग्स सप्लाई की कोशिश होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में स्थानीय थाने का कोई खौफ नहीं था। दोनों ही थाने इससे बेखबर थे।  

चुनावी वादों की बारिश: बंगाल में कांग्रेस ने महिलाओं-किसानों के लिए खोला खजाना, जानें पूरी घोषणा

पश्चिम बंगाल  विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कोलकाता में घोषणा पत्र जारी कर करते हुए पार्टी को लोगों के सामने तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया है। खरगे ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा, "हमारा घोषणा पत्र ‘जनता के लिए राहत’ और ‘बंगाल के विकास’ को ध्यान में रखकर बनाया गया है।" उन्होंने कहा कि हम बहुत दिनों के बाद बंगाल में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए, यहाँ के लोगों को एक नया विकल्प देने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस घोषणा पत्र के जरिए महिलाओं को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश की है। इसलिए महिलाओं के लिए कई वादे किए गए हैं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में कहा गया है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो बंगाल में महिलाओं को हर माह 2000 रुपये की सहायता दी जाएगी और मुफ्त परिवहन सेवा दी जाएगी। घोषणा पत्र में लड़कियों को स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा देने का भी वादा किया गया है। महिलाओं के अलावा सीमांत भूमिहीन किसानों को 15000 रुपये सालाना देने और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का वादा किया गया है। इसके अलावा हर परिवार के लिए 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का वादा किया गया है। युवाओं के लिए रोजगार और हर जिले में AI सेंटर बनाने की भी बात कही गई है। कांग्रेस के घोषणापत्र में एक साल के अंदर सभी खाली सरकारी पदों पर राज्य के युवाओं की भर्ती के लिए 'युवा सम्मान' योजना शुरू करने का वादा किया गया है। कांग्रेस के घोषणापत्र में पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में एआई, कौशल विकास केंद्रों का वादा किया गया है। इससे पहले 20 मार्च को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी किया था, जिसका शीर्षक "10 प्रतिज्ञा" (10 वादे) है। उस घोषणा पत्र में बनर्जी ने 'दुआरे चिकित्सा' योजना शुरू करने की घोषणा की थी, जिसके तहत हर बूथ पर कैंप लगाकर घर-घर जाकर मेडिकल सुविधा देने का वादा किया गया है। इसके अलावा उन्होंने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत सामाजिक कल्याण के उपायों को बी जारी रखने का वादा किया है। ममता ने 7-8 नए ज़िले और ब्लॉक, साथ ही नई नगरपालिकाएँ बनाने की योजनाओं पर ज़ोर दिया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए वोटिंग दो चरणों में – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगी, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होनी है।  

रातों-रात बदली जिंदगी: ढोलक वादक को लगी 1.5 करोड़ की लॉटरी, बना करोड़पति

नवांशहर/चंडीगढ़. नवांशहर (SBS नगर) के रहने वाले गुरचरण सिंह की जिंदगी में अचानक बड़ा बदलाव आया है। मंथली ड्रॉ में डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी लगने के बाद वह रातोंरात करोड़पति बन गए। खास बात यह है कि यह टिकट उन्होंने अपने बेटे मान सिंह के नाम से खरीदा था। लॉटरी का ड्रॉ 4 अप्रैल 2026 को निकाला गया था। जीत की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को गुरचरण सिंह अपने परिवार के साथ लुधियाना पहुंचे, जहां अधिकृत विक्रेता के पास जीत का दावा पेश किया गया और सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद वह इनाम की औपचारिक प्रक्रिया के लिए चंडीगढ़ स्थित लॉटरी कार्यालय रवाना हुए। गुरचरण सिंह पेशे से पेंटिंग कलाकार हैं और धार्मिक कार्यक्रमों से भी उनका पुराना नाता रहा है। वह वर्षों से देवी जागरणों में ढोलक बजाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब चार दशकों से लगातार लॉटरी टिकट खरीदते आ रहे थे, लेकिन कभी इतनी बड़ी जीत नहीं मिली।

समय सीमा में पूरी हों पेयजल व्यवस्थाएं: राज्यमंत्री गौर गोविंदपुरा के विकास कार्यों की समीक्षा, देरी पर जताई नाराजगी

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में पेयजल टंकियों के निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निर्माणाधीन 9 पेयजल टंकियों का कार्य निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए। लगभग 20 लाख लीटर क्षमता की इन टंकियों से क्षेत्रवासियों को पेयजल की सुलभ उपलब्धता हो सकेगी। राज्यमंत्री गौर ने रोहित नगर फेस-1 एवं फेस-2 में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए अवरोधों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की। बैठक में पार्षद छाया ठाकुर, उर्मिला मौर्य, अर्चना परमार, श्री जितेंद्र शुक्ला, पूर्व पार्षद श्री रामबाबू पाटीदार, श्री बी शक्तिराव, श्री नीरज सिंह के साथ ही स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।  

आगामी वित्तीय वर्ष में 10 लाख नये सदस्य बनाने के लक्ष्य पर कार्य करें जिला बैंक के सीईओ – डी.पी.आहूजा, प्रशासक, अपेक्स बैंक

भोपाल  अपेक्स बैंक में आज प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रमुख सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक डी.पी.आहूजा नेे केसीसी व ऋण वितरण, पैक्स कम्प्यूटराईजेशन, अमानत संग्रहण आदि की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी सी.ई.ओ. आगामी वित्तीय वर्ष  में प्रदेश में 10 लाख नये सदस्यों को पैक्स के माध्यम से जोड़ने के लक्ष्य को लेकर योजनाबद्ध रणनीति बनाकर कार्य सम्पादित करें ।  उन्होंने कहा कि इस कार्य में वर्तमान में भले ही चुनौतियां ज्यादा हैं, लेकिन इसके दूरगामी सकारात्मक एवं लाभप्रद परिणाम से मध्यप्रदेश का सहकारी साख आन्दोलन अत्यन्त सुदृढ़ एवं सशक्त बनेगा।    आहूजा ने यह भीa अपेक्षा कि आप अपने बैंक के प्रशासक के सतत् सम्पर्क में रहकर विभिन्न शासकीय योजनान्तर्गत शासन से प्राप्त होने वाली राशियों का डिपाजिट अपनी जिला बैंक को दिलाने की दिशा में प्रयास करते रहें ।  इसके लिये यदि कहीं शासन स्तर पर मदद की आवश्यकता हो तो अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के माध्यम से अवगत करायें, ताकि यथासंभव आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके ।          उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गबन-धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुये कठोर प्रशासनिक दण्ड देने में कोई ढील ना दी जाये, ताकि आपकी बैंक/संस्था बेहतर व सुचारू रूप से कार्य करते हुये निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सफल हो और प्रदेश का सहकारी आन्दोलन ’’सहकार से समृद्धि’’ की दिशा में प्रगति-पथ पर अग्रसर हो ।  बैठक में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने निर्देश दिये कि आपको पैक्स लेवल पर नये सदस्यों की पहचान करना है ।  इसके लिये अपेक्स बैंक स्तर से एक निर्धारित प्रारूप आपको भेजा है, जिसमें दिनांक 14 अप्रैल, 26 से 15 मई, 26 तक अभियान चलाकर उक्त प्रारूप में सम्पूर्ण विवरण भरकर शेयर केपीटल के लिये नये सदस्य से प्रति सदस्य रू.600/-एकत्रित करें, उस राशि की प्राप्ति की रसीद भी सदस्य को तुरन्त प्रदान करें एवं यथासमय आनलाइ्न इसकी प्रविष्टि भी दर्ज करें ।  इसके लिये नाबार्ड से प्रति कैम्प रू. 1000/- आपको प्राप्त होगा, लेकिन इसके लिये आपको विधिवत डाॅक्यूमेंटेशन करना होगा । उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में आपको प्रति सोसायटी लगभग 200 नवीन सदस्य बनाने होंगे, जिससे 10 लाख नवीन सदस्य बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त हो सकेगा ।          श्री गुप्ता ने यह भी निर्देश दिये कि आपकी बैंक अन्तर्गत गबन एवं धोखाधडी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सम्पत्ति अटैच करने हेतु धारा 64 के अन्तर्गत अतिशीघ्र अपने जिले के उपायुक्त, सहकारी संस्थायें के न्यायालय में प्रकरण दर्ज करायें, जिससे संबंधित व्यक्ति से गबन-धोखाधड़ी की राशि की वसूली करना संभव हो सके ।          बैठक में प्रभारी आयुक्त सहकारिता सुश्री शीला दाहिमा, संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य, के.के.द्विवेदी, डी पी सिंह के साथ सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के 38 जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे ।  बैठक में अपेक्स बैंक के वि.क.अ.श्री अरूण मिश्रा, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन, वि.क.अ.श्री अरविंद बौद्ध ने भी एजेंडे के अनेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अपने विचार व्यक्त किये ।            उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के 38 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 तक रू. 31975 करोड़ की अमानतें संग्रहित की गई हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत हैं, जिसमें संस्थागत अमानतें रू. 7969 करोड़ हैं ।  11 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 100 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई, जबकि 27 जिला सहकारी बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 90 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई ।  

छत्तीसगढ़ महिला आयोग का कड़ा रुख: भरण-पोषण मामले में BSP को लगाई फटकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक, सदस्य सरला कोसरिया एवं ओजस्वी मंडावी ने आज आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। भिलाई स्टील प्लांट अपने पुरूष कर्मचारियों को किस तरह से बचाता है यह महिला आयोग में साबित हुआ है। पुरूष कर्मचारी दो-दो महिलाओं से अवैध रिश्ता रखता है और अपने पत्नी बच्चे को भरण-पोषण नहीं देता। महिला आयोग की सुनवाई में इनके अधिकारी उपस्थित होते हैं और आश्वासन देते हैं कि पत्नी और उनके बच्चों को पर्याप्त भरण-पोषण पति के वेतन से दिया जाएगा। सुनवाई के बाद में आफिस में जाकर मामले की लिपापोती करते हैं। इसकी पुष्टि होने पर जब पूछताछ की गई तो भिलाई स्टील प्लांट ने कहा कि हमने लाॅ डिपार्टमेंट को भेजा था, कर्मचारी ने लिखकर दे दिया इसलिए हम भरण-पोषण व वेतन की राशि नहीं दे सकते। भिलाई स्टील प्लांट ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। कुल मिलाकर कोई भी पुरूष जो भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत् है वह अपनी पत्नी बच्चों को परेशान कर सकता है, अवैध रिश्ते में रह सकता है, पत्नी-बच्चों को भूखे मारने के लिए छोड़ सकता है। फिर भी भिलाई स्टील प्लांट कुछ भी कार्य नहीं करेगा। अपने कर्मचारियों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करेगा। इस बात पर आज महिला आयोग ने बीएसपी के शीर्ष अधिकारी को जमकर लताड़ लगाई। एक प्रकरण में आवेदिका पत्नी अपने ससुराल में रहना चाहती है, लेकिन पति उसे ले जाने के लिए तैयार नहीं है। अनावेदक पक्ष द्वारा आवेदिका पर दबाव डालकर स्टाम्प पेपर पर लिखा-पढ़ी करके तलाक दिया, जिसमें समाज के कुछ लोगों ने उपस्थित होकर आवेदिका को कहा कि तुम्हारा तलाक हो गया। इस मामले में आयोग ने कहा कि इस तरह के दस्तावेज से वैधानिक तलाक नहीं होता। अनावेदक पक्ष आवेदिका को कोई भरण-पोषण नहीं देता, आवेदिका का स्त्रीधन भी वापस नहीं किया। आवेदिका अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन अनावेदक के माता, पिता व भाई उसके वैवाहिक जिंदगी में बाधा बन रहे हैं। अनावेदक को पूछने पर वह सुलहवार्ता के लिए तैयार नहीं है। इस स्तर पर आवेदिका ससुराल पक्ष के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवा सकती है। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के स्व. पति से दो बेटियां है। अनावेदक उसका देवर है। गांव की संयुक्त संपत्ति बरौडा व कांपा में है, मकान व खेत भी है, जिसमें आवेदिका अपनी दोनों बेटियों का हक व हिस्सा चाहती है, जिसे अनावेदक ने स्वीकारा और बताया कि संयुक्त संपत्ति में आवेदिका की दोनों बेटियों का नाम है और हिस्सा देने के लिए वह तैयार है। आयोग ने समझाइश दिया कि आवेदिका आज ही जाकर बरौंडा व कांपा के मकान में अपना कब्जा ले व खेती की जमीन पर तहसील न्यायालय में नाम व खाता अलग कराने की कार्यवाही कर सकते हैं। कब्जा प्राप्त करने के पश्चात् आयोग को सूचित करें, ताकि प्रकरण नस्तीबध्द किया जा सके। एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने बताया कि भारत माला परियोजना में कोलिहापुरी की लगभग ढाई एकड़ जमीन निकली, जिसका मुआवजा लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपए अनावेदक के एकाउंट में है। इस संपत्ति में आवेदिका अपना एक चौथाई हिस्सा चाहती है। उसके अन्य दो भाई और है। आवेदिका के अनुसार कलेक्टर दुर्ग से इस परियोजना के तहत 2 गुना कीमत प्राप्त हुआ है, शेष 2 गुना कीमत के लिए मामला लंबित है। आयोग द्वारा कलेक्टर दुर्ग को पत्र प्रेषित कर बैंक ऑफ बडौदा के ब्रांच मैनेजर गंजपारा में अनावेदक के बैंक एकाउंट में दर्ज मो. नं. के बैंक खाते के ट्रांजेक्शन को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने अनुशंसा की जाएगी, ताकि सुलहनामा की प्रक्रिया पूर्ण किया जा सके। अनावेदक को अगली सुनवाई में सभी अनावेदकगणों को साथ लाने को कहा गया, ताकि आयोग के समक्ष उपस्थित होकर सुलहनामा पर चर्चा किया जा सके। एक अन्य प्रकरण में आवेदक ने अपनी पत्नी व बहू की ओर से प्रकरण दर्ज किया था, जिसमें अनावेदक आरक्षक व उसकी पत्नी महिला आरक्षक के विरूध्द अपराध दर्ज किया था। शेष अनावेदक थाना- पिपरिया, जिला- कबीरधाम के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हैं। सभी अनावेदक पुलिस कर्मचारी है। इस प्रकरण में आरक्षक व उसकी पत्नी महिला आरक्षक आवेदकों के पड़ोसी है। वह अपनी पुलिसिया हथकंडों का इस्तेमाल करते हुए फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर षड्यंत्र पूर्वक आवेदक की पत्नी, बहू व उसके नाबालिग 4 माह के बेटा को 2 माह तक जेल में रखा गया था। आवेदक पक्ष उनकी पत्नी व बहू ग्रामीण होने के कारण अनावेदकों के पुलिसिया चक्रव्हूह से नहीं निकल पाए और उन्हें न्यायालय से 45 दिन की सजा हुई। आवेदक पक्ष की शिकायत को किसी भी पुलिस अधिकारी ने इसलिए दर्ज नहीं किया, क्योंकि शिकायतकर्ता स्वयं पुलिस है। सभी पुलिस वालों ने अपने ही विभाग के आरक्षक की शिकायत पर आवेदक की बहू, पत्नि को नाबालिग बच्चे सहित जेल में डाल दिया था। आयोग द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार कार्यालय शंकर नगर को पत्र प्रेषित करने का आदेश दिया था। इस प्रकरण को छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार कार्यालय में भेजकर सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर प्रतिवेदन 1 माह के भीतर प्रेषित करने का आदेश आयोग ने दिया। साथ ही डीजीपी छत्तीसगढ़ को पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ अपने पद का दुरूप्योग करने के लिए उचित कार्रवाई की अनुशंसा भी आयोग द्वारा की जाएगी।

इछावर में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व मंत्री  वर्मा ने यह बात सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि वे इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें। शिविर में महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र एवं ईएनटी सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में कुल 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच भी की गई।  

मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल वल्लभ भवन में मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन की यह सराहनीय पहल है कि वे केवल अपनी मांगों के लिए संघर्ष ही नहीं करते, बल्कि उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पहचान अवश्य मिलती है। ऐसे कार्यक्रम इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि मेहनत और सकारात्मक कार्य को देखा और सराहा जाता है। प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी का अत्यंत महत्व होता है, क्योंकि वही आगे की प्रक्रिया को दिशा देती है। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों को निश्चित रूप से सम्मान और पहचान मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने वाले पत्रकार समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करने की इस परंपरा को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि कार्य को सलीके और कुशलता से करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे आयोजनों से उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों, बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, संरक्षक राजेश कौल, भगवान सिंह यादव तथा पदाधिकारी राजकुमार पटेल, आलोक वर्मा, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति,मती साधना मिश्रा, सतीश शर्मा, हरिशरण द्विवेदी, दयानंद उपाध्याय, मतीन खान,मती दीप्ति बच्चानी, दिलीप सोनी, प्रियंकवास्तव, प्रहलाद उईके,मती चंदा सल्लाम, श्याम बिहारी दुबे, सुश्री नीलेश पटवा, विकास नोरंग, मंगल सोनवाने, हरीश बाथम, बादामी लाल, विष्णु नाथानी एवं विक्रम बाथम का विशेष योगदान रहा।