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अम्बिकापुर : ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेः पांडुलिपियों में निहित ज्ञान परंपरा को बचाने का राष्ट्रीय अभियान छत्तीसगढ में भी शुरू

अम्बिकापुर : ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेः पांडुलिपियों में निहित ज्ञान परंपरा को बचाने का राष्ट्रीय अभियान छत्तीसगढ में भी शुरू अम्बिकापुर  भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में “ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण” संचालित किया जा रहा है। इस महत्त्वपूर्ण पहल का उद्देश्य देशभर में बिखरी अमूल्य पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में छत्तीसगढ में भी इस सर्वेक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह सर्वेक्षण उन पांडुलिपियों को खोजने और सूचीबद्ध करने का प्रयास है, जो वर्तमान में परिवारों, मंदिरों, मठों, संस्थानों या निजी संग्रहों में सुरक्षित है, लेकिन अभी तक औपचारिक रूप से सर्वेक्षित नहीं हो पाई हैं। यह पहल इन छिपी हुई ज्ञान-संपदाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सर्वेक्षण के पश्चात सरकार इनका डिजिटाइजेशन और संरक्षण करेगी। पांडुलिपियों का स्वामित्व उनको धारण करने वाले व्यक्ति, परिवार और संस्था का ही रहेगा। ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसमें पांडुलिपि धारण करने वाले परिवार, संस्था, विद्वान एवं शोधकर्ता मंदिर एवं धार्मिक संस्थान, पुस्तकालय एवं शैक्षणिक संस्थाएं, जागरूक नागरिक के अतिरिक्त, सरकार द्वारा अधिकृत सर्वेक्षक भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। ऐसे नागरिक जिन्हें अपने आसपास पांडुलिपियों की जानकारी है, वे भी इस सर्वेक्षण से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम डॉट कॉम पोर्टल और ‘ज्ञानभारतम’ मोबाइल एप के माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। भारत की पांडुलिपियां केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और दार्शनिक विरासत, ज्ञान परंपरा की जीवंत धरोहर हैं। इनमें आयुर्वेद, साहित्य, गणित, खगोलशास्त्र और जीवन दर्शन का अमूल्य ज्ञान संचित है। ऐसे में इनका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। राज्य के नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके पास ऐसी पांडुलिपियां हैं जो अब तक सर्वेक्षित नहीं हैं, या उन्हें किसी स्थान, परिवार या संस्था में पांडुलिपियों की जानकारी है, तो वे इस सर्वेक्षण से अवश्य जुडें। यह राष्ट्रीय अभियान हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ज्ञान की इस विरासत को संजोना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है, आइए मिलकर इसे सुरक्षित करें।  

छोटे निवेश से बड़ी कमाई: शिव राम ने पिग फार्मिंग से बदली किस्मत

संग्रामपुर. काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता बस उसे करने के लिए जज्बा होना चाहिए। यह कर दिखाया है वरवां पंचायत के शिव राम ने। महज दो सुअर से पालन से कार्य शुरू कर तीन सालो में मजबूती के साथ आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। प्रखंड के वरवा पंचायत के शिव राम ने वर्ष 2024 में महज दो सुअर के बच्चों को खरीद फार्मिग शुरू की। वर्तमान में प्रति वर्ष वह कम से कम 3 से 4 दर्जन सुअर के बच्चे बेचकर 3 लाख की आय का सृजन कर रहे हैं। 18 हजार से शुरू किया था बिजनेस  शिव बताते हैं कि शुरुआती दौर में वे 18 हजार की राशि एकत्रित करके पिपरा कोठी पिंग फार्म से एक नर और एक मादा सुअर का बच्चा खरीदा। इसके लिए दो कमरे का निर्माण कर उसको पालना शुरू किया। लगभग आठ माह के बाद मादा सुअर ने एक बार मे सात बच्चे दिए, फिर उनके द्वारा एक और कमरा निर्माण करवा कर उसमें पालने का काम शुरू किया। जब सात बच्चे एक क्विंटल से लेकर 80 किलो का वजन हुआ, तो उसको बेच कर फिर अपना काम आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि 7 सुअर के बच्चों को दाना खिलाना शुरू किया। 6 माह में सुअर के बच्चों का वजन लगभग अस्सी से नब्बे किलो हुआ। इसमें लगभग 70 हजार का दाना खिलाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके पास 11 सुअर हैं, जिसमें तीन नर और चार मादा हैं, जो हर 6 माह पर एक मादा सुअर कम से पांच से छह बच्चे देती है। इस आय से उनका घर परिवार चलता है। सरकार से नहीं मिल रहा सपोर्ट शिव बताते हैं कि इसको बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए कई बार बैंक से ऋण के लिए संपर्क किया, लेकिन लगभग एक साल बैंक में आना जाना लगा रहा, लेकिन ऋण के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। इनका दर्द हैं कि एक तरफ सरकार सुअर पालन को लेकर योजना चल रही हैं। वहीं, जो व्यक्ति इसको धरातल पर उतारने का प्रयास करता है, उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।

बॉक्स ऑफिस, 50 करोड़ के करीब पहुंची हॉलीवुड फिल्म ‘प्रोजेक्ट हेल मेरी’

हॉलीवुड फिल्म ‘प्रोजेक्ट हेल मेरी’ को रिलीज हुए आज मंगलवार को पूरे 13 दिन हो चुके हैं। इस फिल्म की कमाई अब 50 करोड़ रुपये के काफी करीब पहुंच चुकी है। जानिए, फिल्म ‘प्रोजेक्ट हेल मेरी’ ने अब तक बॉक्स ऑफिस पर कितने का कारोबार कर लिया है। अब तक का कलेक्शन     पहला दिन – 2.25 करोड़ रुपये     पहला हफ्ता – 24.70 करोड़ रुपये     9वां दिन – 3.75 करोड़ रुपये     10वां दिन – 4.55 करोड़ रुपये     11वां दिन – 4.90 करोड़ रुपये     12वां दिन – 1.65 करोड़ रुपये   आज 13वें दिन का कलेक्शन भी आ चुका है। 13वें दिन का कलेक्शन हॉलीवुड फिल्म ‘प्रोजेक्ट हेल मेरी’ भारत में 26 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। आज इस फिल्म की रिलीज को पूरे 13 दिन हो चुके हैं। फिल्म ने आज दूसरे मंगलवार को 13वें दिन 1.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इस फिल्म ने भारत में अब तक कुल 41.05 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। क्या है ‘प्रोजेक्ट हेल मेरी’ की कहानी इस हॉलीवुड फिल्म में रयान गोसलिंग ने मुख्य भूमिका निभाई है। जिसे विशेष परिस्थितियों में एस्ट्रोनॉट बनाना पड़ता है। उसकी मेमोरी चली गई है और वह एक स्पेसशिप में अकेला है। लेकिन वही इंसानियत की आखिरी उम्मीद है। उसे एक एलियन की प्रजाति को रोकना है और धरती को बचाना है। इस जर्नी में उसकी मदद एक एलियन ही करता है। ‘धुरंधर 2’ की कमाई ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। आज रणवीर सिंह की इस फिल्म की रिलीज को पूरे 20 दिन हो चुके हैं। 20वें दिन मंगलवार को सैकनिल्क के मुताबिक, 9.09 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। इस तरह से अब ‘धुरंधर 2’ का कुल कलेक्शन 20 दिनों में 1032.86 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

संकट में आशियाने, धनबाद-सिंदरी मार्ग के पास फटी जमीन और लोगों ने शुरू किया पलायन

  झरिया झारखंड की कोयलानगरी झरिया में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. चौथाई कुलहि इलाके में धनबाद–सिंदरी मुख्य मार्ग के पास स्थित धर्मनगर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक कई घरों में दरारें पड़ गई हैं. जमीन फटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. एक दर्जन से अधिक घरों पर संकट स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक दर्जन से ज्यादा घरों में गंभीर दरारें देखी गई हैं. कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ घरों के पूरी तरह गिरने का खतरा मंडरा रहा है. दरारों का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है. स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि लोग अपने घरों में रहने से डर रहे हैं. कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है. जमीन फटने से बढ़ी दहशत इलाके में जगह-जगह जमीन फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि पहले छोटी दरारें दिखीं, लेकिन अब वे तेजी से चौड़ी होती जा रही हैं. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय निवासी बेहद डरे हुए हैं और प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो कई परिवार बेघर हो सकते हैं. पुरानी खदान बना खतरे की वजह स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले कोयला खदान संचालित होती थी. करीब 50 वर्षों से लोग यहां रह रहे हैं, लेकिन अब जमीन धंसने की घटनाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि बंद पड़ी खदानों के नीचे खाली स्थान और कमजोर जमीन इसकी मुख्य वजह हो सकती है. झरिया क्षेत्र पहले भी इस तरह की घटनाओं के लिए जाना जाता रहा है, जहां भूमिगत आग और खदानों के कारण जमीन धंसने की समस्या लगातार बनी रहती है. प्रशासन और बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है. लोगों का आरोप है कि अब तक जिला प्रशासन और बीसीसीएल के कोई भी अधिकारी मौके पर हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं. निवासियों का कहना है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है. लोगों ने जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

पंजाब चुनाव 2027, सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी नवजोत कौर की नई पार्टी

चंडीगढ़ नवजोत काैर ने पंजाब में चल रहे विकास कार्यों के दौरान ठेकेदारों की कार्य कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। नवजोत कौर सिद्धू ने चंडीगढ़ में अपने नए सियासी दल भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अपनी पार्टी जॉइन करने के लिए ऑफर दिया था, मगर उन्होंने पुरानी पार्टियों के बजाय नए प्लेटफार्म को तरजीह दी। नवजोत काैर ने दावा किया कि वे 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने पंजाब के प्रति अपना विजन भी पेश किया। उन्होंने नशे के खिलाफ जंग कैसे लड़ी जानी चाहिए, इसके बारे में भी विस्तार से बताया। नवजोत काैर सिद्धू ने कहा कि सरकार आने पर अफीम की खेती को भी वैध करेंगे ताकि इसकी तस्करी न की जा सके। नवजोत काैर ने पंजाब में चल रहे विकास कार्यों के दौरान ठेकेदारों की कार्य कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी पंजाब में लोगों का इलाज तो किया जा रहा लेकिन बीमारियों के कारणों पर कोई काम नहीं कर रहा।  

नशे के खिलाफ सख्त एक्शन: लुधियाना में 8 तस्कर दबोचे, हेरोइन-गांजा जब्त

लुधियाना. पुलिस ने बड़ी 8 नशा तस्करों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों की पुलिस ने नशों के विरुद्ध चलाई गई मुहिम के चलते नाकाबंदी कर अलग-अलग इलाकों से 8 नशा तस्करों को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 109 ग्राम हेरोइन, 2 किलोग्राम गांजा व 40 नशीली गोलियां बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। थाना माडल टाउन पुलिस  पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना माडल टाऊन की पुलिस ने इलाके में गश्त के दौरान हेरोइन सप्लाई करने जा रहे एक तस्कर को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 70 ग्राम हेरोइन बरामद की है। आरोपी की पहचान बस्ती जोधेवाल पंचशील कालोनी के रहने वाले गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है। इसी थाने की पुलिस ने एक अन्य तस्कर को काबू कर उसके कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन, प्लास्टिक के लिफाफे व 5300 रुपए की नकदी बरामद की है। आरोपी की पहचान मनोहन नगर के रहने वाले बलविंदर सिंह के रूप में हुई है। इसी थाने की पुलिस ने तस्करों के खिलाफ चलाई गई मुहिम के चलते एक तस्कर को नशीली गोलियां सप्लाई करने के आरोप में धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी से 40 नशीली गोलियां बरामद की है। थाना दरेसी पुलिस  थाना दरेसी की पुलिस ने हेरोइन की सप्लाई करने जा रहे युवक को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 4 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान न्यू जय शक्ति नगर टिब्बा रोड़ के रहने वाले सतीश कुमार के रूप में की है। थाना सदर की पुलिस ने धांधरा रोड़ पर की गई नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई करते हुए हेरोइन सप्लाई करने जा रहे युवक को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 9 ग्राम हेरोइन बरामद की है।  थाना दुगरी व थाना डिवीजन नंबर 6 पुलिस  थाना दुगरी की पुलिस ने 200 फुट्टा रोड पर फ्लाई ओवर पुल के पास नाकाबंदी के दौरान चेकिंग करते हुए एक नशा तस्कर को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 3 ग्राम हेरोइन बरामद की है। थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस ने शेरपुर चौक के पास जीटी रोड़ पर मिल्ट्री कैंप के निकट नाकाबंदी के दौरान पैदल जा रहे युवक को हेरोइन तस्कर करने के आरोप में काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 3 ग्राम हेरोइन बरामद की है।

सलमान खान, पान मसाला विज्ञापन मामले में हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

 बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है. राजस्थान हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी है, जिससे फिलहाल उनकी कानूनी मुश्किलें कम हो गई हैं. इस फैसले के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-II के सामने पेश होने की जरूरत नहीं होगी. क्या है पूरा मामला? यह मामला एक उपभोक्ता शिकायत से जुड़ा है, जिसमें सलमान खान और पान मसाला ब्रांड पर भ्रामक विज्ञापन करने का आरोप लगाया गया था. शिकायतकर्ता योगेंद्र सिंह बडियाल ने आरोप लगाया कि उत्पादों को ‘केसर युक्त’ बताकर प्रचारित किया गया, जिससे लोगों के बीच उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गलत संदेश गया. शिकायत के मुताबिक, पान मसाला जैसे उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिसमें कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां भी शामिल हैं. ऐसे में ‘केसर युक्त’ जैसे दावों के जरिए उत्पाद को बेहतर और सुरक्षित बताना उपभोक्ताओं को गुमराह करना है. इसी आधार पर उपभोक्ता आयोग में यह मामला दर्ज किया गया था. विज्ञापन पर लगी थी रोक इस मामले में 6 जनवरी 2026 को आयोग ने इन उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया था. बावजूद इसके, कुछ दिनों बाद भी जयपुर, कोटा समेत कई शहरों में इनके विज्ञापन और होर्डिंग्स नजर आए. आयोग ने इसे अपने आदेश का उल्लंघन माना और इस पर कड़ी नाराजगी जताई. जमानती वारंट और फिर राहत आदेश का पालन न होने पर आयोग ने सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था और चेतावनी दी थी कि अगली सुनवाई में पेश नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा सकता है. हालांकि, अब राजस्थान हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगाकर अभिनेता को बड़ी राहत दी है. फिलहाल इस मामले में आगे की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है. हाई कोर्ट के इस फैसले से सलमान खान को अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी.

गाजियाबाद, छोटे सिलिंडरों की भारी कमी और एजेंसियों पर ताला लगने से उपभोक्ता परेशान

 गाजियाबाद गैस किल्लत दूर करने के लिए प्रशासन एजेंसियों में छोटे सिलिंडर पहुंचाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत ठीक उलट है। इस कारण जिले में रह रहे चार लाख से ज्यादा श्रमिकों, छात्र-छात्राओं और किरायेदारों के सामने इन दिनों घरेलू गैस का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि लोगों को बाहर से 400 रुपये प्रति किलो तक गैस खरीदकर खाना पकाना पड़ रहा है। 700 रुपये दिहाड़ी कमाने वाले मजदूरों के लिए इतनी महंगी गैस खरीदना संभव नहीं है। इसके चलते उनके सामने पलायन की नौबत आ गई है। कुटी रोड स्थित गंगा विहार कॉलोनी में साथी छोटेलाल के साथ रहने वाले कुशीनगर के बाबूलाल बताते हैं कि एक माह से हालात बेहद खराब हैं। दोनों घरों में रंगाई-पुताई करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।  बाबूलाल के मुताबिक, पहले पांच किलो वाला घरेलू गैस सिलिंडर 110 रुपये प्रति किलो में भर जाता था। अब गैस का भाव 400 रुपये प्रति किलो हो गया है। उन्होंने बताया कि एक किलो गैस दो दिन भी नहीं चलती, जबकि एक दिन की दिहाड़ी 700 रुपये मिलती है।   एजेंसियों पर पांच किलो वाला सिलिंडर मिल नहीं रहा है। ऐसे में गांव लौटने का ही विकल्प बचा है। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एजेंसी संचालकों से इस संबंध में वार्ता की गई है। कालाबाजारी के लिए कैसे मिल रही गैस जिले में छोटे-बड़े डेढ़ लाख से ज्यादा उद्योग संचालित हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। इसके अलावा 50 हजार के करीब छात्र, किरायेदार भी हैं। इनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। बीते दिनों अधिकारियों ने पांच किलो का सिलिंडर आसानी से उपलब्ध होने का दावा किया तो इन लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन जमीनी स्थिति विपरीत है। नंदग्राम में किराये पर रहने वाले कपिल ने बताया कि एजेंसियों पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कालाबाजारी करने वालों को गैस कैसे मिल रही है।  गोदाम पर लटका ताला सिलिंडर के लिए कतार सिलिंडर के लिए लोग घंटों लाइन में लगकर बैरंग लौट रहे हैं। हैप्पी होम गैस एजेंसी के गोदाम पर मंगलवार सुबह से ताला लगा रहा। लोग सिलिंडर के लिए घंटों लाइन में लगे रहे और बाद में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।   आदर्शनगर कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि सिलिंडर लेने के लिए सुबह छह बजे ही गोदाम पर पहुंच गए थे। चौकीदार ने बताया कि दो दिन से गैस सिलिंडर का ट्रक नहीं आया है। लगभग तीन घंटे इंतजार करने के बाद घर लौट गए। अन्य उपभोक्ता भी इसी तरह परेशान हुए।   पांच किलो में कॉमर्शियल सिलिंडर है, घरेलू नहीं नेहरूनगर स्थित कमला गैस एजेंसी में मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे तीन श्रमिक रोजी, मोहन व सुनील पांच किलो का घरेलू सिलिंडर लेने गए तो निराशा हाथ लगी। उनको बताया गया कि पांच किलो का कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध है, लेकिन पांच किलो में घरेलू सिलिंडर नहीं पहुंचा है।  पांच किलो का घरेलू सिलिंडर 344 रुपये, जबकि कॉमर्शियल की कीमत 649 रुपये है। ऐसे में कॉमर्शियल सिलिंडर ले पाना सबके बस की बात नहीं है। इसी तरह मसूरी स्थित चौधरी इंडेन गैस एजेंसी में भी पांच किलो का सिलिंडर लेने पहुंचे 8-10 श्रमिकों को कर्मचारियों ने खाली हाथ लौटा दिया। डासना स्थित इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि उनके यहां बेहद कम संख्या में पांच किलो के सिलिंडर आए हैं, इसलिए अधिकांश लोगों को बैरंग लौटाना पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों पर लगाया कालाबाजारी का आरोप भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि मुरादनगर के महाजनान मोहल्ला स्थित नमन गैस एजेंसी और मेन रोड स्थित भारत गैस एजेंसी में कालाबाजारी की जा रही है। इस मौके मनोज नागर, प्रमोद त्यागी, शील कुमार त्यागी, रिंकू प्रधान, सलीम अली, जान मोहम्मद, बाली त्यागी आदि अनेक लोग मौजूद रहे।    

समीक्षा बैठक में चेतावनी: लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त आदेश

बलौदाबाजार. कलेक्टर  कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को साप्ताहिक समय -सीमा की बैठक में  राज्य और केंद्र शासन की.विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भूमिगत जल के रिचार्ज हेतु सभी शासकीय भवनों  में सोखता गढ्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की संरचनाएँ निर्मित करने और जन भागीदारी से जल संचयन के कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया कलेक्टर ने  जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि नहरों के आसपास भी ऐसी संरचनाएं निर्मित करें जो पानी रोककर भूमिगत जल रिचार्ज में सहायक हों।उन्होंने खेतों के सबसे निचले क्षेत्र में भी जल संरक्षण की संरचना बनाने के निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा ने आंगनवाड़ी,शासकीय और निजी स्कूलों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोखता पिट निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जन जागरूकता हेतु अधिक से अधिक प्रचार प्रस्ताव के साथ  आम नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपील भी की है । जल संचयन की संरचनाओं के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण में बाद उसकी फोटो और अनिवार्य जियो टैगिंग के भी निर्देश उन्होंने दिए। बैठक में उन्होंने लोक सेवा गारंटी के तहत विभिन्न प्रकरणों के समय सीमा में निराकरण और पोर्टल में तत्काल एंट्री के निर्देश भी दिए हैं,ऐसा  न करने पर संबंधित अधिकारी -कर्मचारी पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने राजस्व पखवाड़े में पटवारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश देते हुए मामलों का ऑन द स्पॉट निराकरण करने को कहा है। शर्मा ने जनगणना के कार्यों को संवेदनशीलता और कर्मठता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा जनगणना सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासकीय ज़मीन पर अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भूराजस्व संहिता के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भूमिहीन नागरिकों को भी लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को पंचायत स्तर पर आबादी भूमि का चिन्हांकन कर भूमिहीनों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना के तहत 15 वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को छठे उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना 2025-26’ के अंतर्गत 15 वैज्ञानिकों का सम्मान भी किया। वहीं, वर्ष 2025 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान अकादमी के 30 वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक एवं नवाचार पर विचार-विमर्श भी हुआ। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई पुस्तिकों का विमोचन भी किया। विभिन्न पुरस्कार वर्गों में चयनित वैज्ञानिक… लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार: डॉ. सत्य प्रकाश, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान विभाग, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार कृषि विज्ञान: डॉ. लोकेश कुमार गंगवार, प्राध्यापक, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ सब्जी एवं उद्यान विज्ञान: डॉ. अखिलेश चन्द्र मिश्रा, प्राध्यापक, सब्जी विज्ञान विभाग, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा पशुपालन, पशुचिकित्सा विज्ञान एवं मत्स्य विज्ञान: प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार गंगवार, अध्यक्ष, पशु शल्य चिकित्सा एवं विकिरण विज्ञान विभाग, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या जैव प्रौद्योगिकी: डॉ. वैशाली, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, कृषि जैव प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ सामाजिक विज्ञान (कृषि प्रसार शिक्षा, कृषि अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, कृषि सांख्यिकी): डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, प्रभारी एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ / सहायक प्राध्यापक (पादप प्रजनन), सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, नगीना, बिजनौर विशिष्ट महिला वैज्ञानिक पुरस्कार डॉ. श्वेता, सहायक प्राध्यापक, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार कृषि विज्ञान: डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता, सहायक प्राध्यापक, प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन विभाग, वानिकी महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा सब्जी एवं उद्यान विज्ञान: डॉ. मनीष पांडेय, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान विज्ञान), आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, कल्लीपुर, वाराणसी पशुपालन, पशुचिकित्सा विज्ञान एवं मत्स्य विज्ञान: डॉ. प्रमिला उमराव, सहायक प्राध्यापक, पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ जैव प्रौद्योगिकी: डॉ. विशाल चुग, सहायक प्राध्यापक, मौलिक एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, उद्यान महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा सामाजिक विज्ञान (कृषि प्रसार शिक्षा, कृषि अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, सांख्यिकी): डॉ. रूपन रघुवंशी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (कृषि प्रसार), आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, बाराबंकी उत्कृष्ट पीएच.डी. थीसिस पुरस्कार कृषि विज्ञान: डॉ. उत्कर्ष सिंह, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या सब्जी एवं उद्यान विज्ञान: डॉ. निमित सिंह, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या  सामाजिक विज्ञान (कृषि प्रसार शिक्षा, कृषि अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, कृषि सांख्यिकी): डॉ. संदीप कुमार, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या  इन वैज्ञानिक, संस्थान एवं स्टार्टअप को भी मिला पुरस्कार लैंडस्केप रीस्टोरेशन लीडरशिप अवॉर्ड: डॉ रमेश सिंह, थीम लीडर, इक्रीसेट, हैदराबाद को झांसी जिले के टहरौली क्लस्टर में उपकार के साथ उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला पुरस्कार  उत्कृष्ट कृषि पुरस्कार विज्ञान संस्थान / कृषि विश्वविद्यालय पुरस्कार: रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी  यूपी एग्री स्टार्टअप पुरस्कार ड्रोनटेक लैब, नोएडा गरिमा डी-हाईड्रेटेड फूड एल.एल.पी., मेरठ ग्रीनॉक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा श्रीदेश आर्गेनिक फार्म, बागपत वेलविद इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा उत्कृष्टता प्रणामपत्रः सुरेश कुमार गुप्ता को मिला। इनकी हापुड़ में 121 वर्ष पुरानी गोशाला है। वहां यह उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।