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2026 Yezdi Scrambler 23 अप्रैल को होगी लॉन्च, नए फीचर्स और बदलावों के बारे में जानें

मुंबई  दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Yezdi Motorcycles ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक नई बाइक का रहस्यमयी टीजर जारी किया है. जिसे लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अपडेटेड Yezdi Scrambler हो सकती है. Classic Legends के मालिकाना हक वाली यह कंपनी भारतीय बाजार में तीन मोटरसाइकिलें बेच रही है।  इनमें से अपडेटेड Yezdi Adventure और Roadster को पहले ही लॉन्च किया जा चुका है और ये दोनों बिक्री पर उपलब्ध हैं. अब कंपनी के लाइनअप में सिर्फ़ Scrambler ही बची है, जिसे अगला मॉडल ईयर अपडेट मिलना बाकी है. कंपनी द्वारा जारी टीज़र के अनुसार, यह मोटरसाइकिल 23 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर बाजार में उतारी जाएगी।  वैसे तो कंपनी ने इसके खास डीटेल्स के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन 2026 Yezdi Scrambler अपने साथी मॉडलों की राह पर चलते हुए कई बड़े अपडेट्स के साथ बाजार में उतारी जाएगी।  नए अपडेटेड Yezdi Scrambler के टेस्ट मॉडल्स को 2025 में कई बार देखा गया था, जिससे पता चलता है कि इसमें परफॉर्मेंस और राइडिंग एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाने के लिए मैकेनिकल बदलाव किए जाएंगे, साथ ही इसमें नए फीचर्स और बदले हुए स्टाइलिंग भी देखने को मिलेंग। 2026 Yezdi Scrambler के अनुमानित अपडेट्स इसके अनुमानित अपडेट्स की बात करें तो नई बाइक में एक नया LED हेडलैंप और टेललैंप इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके साथ ही इसे और भी आकर्षक लुक देने के लिए इसके इंडिकेटर्स में भी बदलाव किए जा सकता है और नए कलर ऑप्शंस भी मिलने की उम्मीद है।  हालांकि, बाइक का ओवरऑल आकार काफी हद तक वैसा ही होने वाला है, लेकिन करीब से देखने पर पता चलता है कि इसमें एक नया इंजन कवर लगाया गया है, जिस पर ब्रॉन्ज़ फ़िनिश दी गई है. यह मौजूदा मॉडल में दिखने वाले बॉक्सी, काले कवर की जगह लेता है. इसके अलावा, टेस्ट म्यूल में नए पिलियन फ़ुटपेग ब्रैकेट्स और मौजूदा सिंगल-पीस यूनिट की जगह एक नया स्प्लिट पिलियन ग्रैबरेल भी दिया जा सकता है।  टेस्ट म्यूल में एक और अहम बदलाव साफ़-साफ़ नज़र आता है, जोकि एक नया सिंगल-साइडेड एग्ज़ॉस्ट मिलने वाला, जिसे मौजूदा Scrambler के ट्विन-पाइप डिज़ाइन की जगह पर इस्तेमाल किया गया है. इससे वज़न में काफ़ी कमी आएगी और संभावना जताई जा रही है कि कुल कर्ब वज़न में से लगभग 15 kg कम हो जाएगा।  2026 Yezdi Scrambler का नया इंजन इंजन की बात करें तो 2026 Yezdi Scrambler में अपडेटेड Alpha2 इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो Yezdi की नई Roadster और Adventure बाइक्स में भी इस्तेमाल किया जाता है. नया 334 cc, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड इंजन में नए अंदरूनी पार्ट्स लगाए गए हैं, जिसके चलते यह इंजन 29 bhp की पावर और 29.8 Nm का अधिकतम टॉर्क देता है।  इसके बावजूद, नई Scrambler के पावर यूनिट को इस लाइनअप में सबसे ज़्यादा दमदार (aggressive) वेरिएंट के तौर पर ट्यून किए जाने की उम्मीद है, और इसमें बेहतर एक्सीलरेशन के लिए एक बदला हुआ स्प्रोकेट सेटअप भी मिल सकता है।  2026 Yezdi Scrambler का अपडेटेड हार्डवेयर हार्डवेयर की बात करें तो मौजूदा Scrambler एक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनाई जाती है, जिसमें 41 mm के टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और एडजस्टेबल प्री-लोड वाले गैस-चार्ज्ड ट्विन RSU लगाए जाते हैं. इस बाइक में आगे 19-इंच और पीछे 17-इंच का व्हील लगाया जाता है, जिनमें आगे 320 mm और पीछे 240 mm की डिस्क ब्रेक मिलती है, और इसके साथ, इसमें डुअल-चैनल ABS भी मिलता है।  संभावना जताई जा रही है कि नए मॉडल में भी यही हार्डवेयर कंपोनेंट्स इस्तेमाल किए जाएंगे, लेकिन उम्मीद है कि राइडिंग को और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कुछ छोटे-मोटे बदलाव किए जा सकते हैं. मौजूदा Yezdi Scrambler के सस्पेंशन सेटअप को काफी कड़ा होने की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ा था, ऐसे में संभावना है कि Yezdi इस बात पर ध्यान देते हुए, नए मॉडल में राइड को ज़्यादा आरामदायक बनाएगी। 

सरकार का बड़ा कदम: कर्मचारियों के DA और बकाए मुद्दे पर सब-कमेटी का गठन

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े लंबित वित्तीय मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम उठाया है। सरकार ने डीए/डीआर (महंगाई भत्ता/महंगाई राहत) और वेतन आयोग के बकाए की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट सब कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस कैबिनेट सब कमेटी की अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल चीमा करेंगे। कमेटी में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डा बलजीत कौर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने इस कमेटी को व्यापक अधिकार दिए हैं ताकि कर्मचारियों से जुड़े वेतन और भत्तों के जटिल मामलों का गहन अध्ययन किया जा सके। कमेटी का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2011 के वेतन संशोधनों, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के आधार पर लागू वेतनमान और हाल ही में न्यायालय द्वारा दिए गए डा सौरभ शर्मा केस के फैसलों के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा करना है। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले भत्तों, वेतन संरचना और बकाया भुगतान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके साथ ही कमेटी राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का भी विस्तृत आकलन करेगी। विशेष रूप से 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की अवधि के दौरान संशोधित वेतन और पेंशन के बकाए के भुगतान से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया जाएगा। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों के हितों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कमेटी सभी तथ्यों, आंकड़ों और कानूनी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगी। अधिसूचना के अनुसार, कैबिनेट सब कमेटी अपनी रिपोर्ट मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश करेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि कमेटी की सिफारिशें आने के बाद ही डीए/डीआर और वेतन बकाए को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा। कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, हालांकि अंतिम राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।

किसानों के नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर शीघ्र सहायता दें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

असमय वर्षा-ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर सरकार संवेदनशील, तत्काल सर्वे व भुगतान के निर्देश आपदा की घड़ी में अन्नदाताओं के साथ सरकार, 24 घंटे में राहत पहुंचाने के निर्देश राहत कार्यों में लापरवाही अक्षम्य, हर किसान तक सहायता पहुंचाना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार प्रातः इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में अन्नदाता का चिंतित होना स्वाभाविक है और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से संपर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके। राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मंडी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। अग्निकांड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खबर: रायपुर में 14 मई से राष्ट्रीय वुडबॉल चैंपियनशिप

रायपुर. वुडबॉल खेल के राष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में वुडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ वुडबॉल संघ द्वारा 20वीं सीनियर एवं 14वीं जूनियर राष्ट्रीय वुडबॉल चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता 14 मई से 17 मई 2026 तक कृष्णा विकास ग्लोबल स्कूल ग्राउंड, रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पुरुष एवं महिला खिलाड़ी भाग लेंगे। जूनियर वर्ग के लिए आयु सीमा 19 वर्ष से कम निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार 1 जनवरी 2007 या उसके बाद जन्मे खिलाड़ी पात्र होंगे। वुडबॉल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल है, जिसे इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स फेडरेशन (FISU), ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) तथा एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। आयोजन समिति द्वारा प्रतिभागी टीमों के लिए 14 मई से 18 मई 2026 तक आवास, भोजन एवं स्थानीय परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। सभी टीमों को 14 मई 2026 की प्रातः तक रायपुर में रिपोर्ट करने का अनुरोध किया गया है, जिससे प्रतियोगिता का संचालन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जा सके। प्रतिभागी टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे 05 मई 2026 तक अपनी भागीदारी की पुष्टि एवं टीम विवरण आयोजकों को प्रेषित करें। प्रत्येक टीम में अधिकतम 24 खिलाड़ी (12 पुरुष और 12 महिला) तथा 3 अधिकारी सम्मिलित किए जा सकते हैं, जिनमें महिला टीम के लिए एक महिला प्रबंधक का होना अनिवार्य है। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन, खेल भावना एवं निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। साथ ही, खिलाड़ियों को अपने आवश्यक खेल उपकरण (किट एवं मैलेट) साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं। यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप न केवल वुडबॉल खेल के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त राष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगी।

ऊर्जा मंत्री तोमर का आदेश: पाँचों बिजली कंपनियाँ शीघ्र करें स्वीकृत पदों पर भर्ती

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री तोमर विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा भोपाल पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केव्ही के स्वीकृत सभी सब स्टेशन का कार्य जल्द पूरा करेगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा में दिए। मंत्री तोमर ने कहा कि मेंटिनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किये गए कार्यों के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। इसका स्थाई निदान ढूढे। उन्होंने कहा कि पायलेट प्राजेक्ट के रूप में एक फीडर लें और उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और कार्यवाही तब करने जब बिल बढ़ जाता है, की स्थिति उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्यवाही करे। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा। अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्यवाही ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्यवाही करें। मेंटिनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवायें। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें। गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिये जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करेा। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं  मंत्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिये सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे खुद भी ऐसे अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियो की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकायदारों से पहले वसूली करें।  सिंहस्थ: 2028 के कार्य प्राथमिकता से करें सिंहस्थ:2028 से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री तोमर ने मिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पॉवर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अनूप सिंह, एमडी पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी मंजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।  

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई की याचिका, अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में रहेगी सजा

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की ओर से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया है।  जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया. इसके पहले 17 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने मिशेल की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. याचिका में मिशेल ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि को भारतीय संसद द्वारा बनाए गए प्रत्यर्पण कानून के अधीन घोषित करने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि भारतीय प्रत्यर्पण कानून की धारा 21 के तहत किसी प्रत्यर्पित व्यक्ति के खिलाफ किसी दूसरे आरोपों के मामले पर मामला नहीं चलाया जा सकता है।  याचिका में कहा गया था कि संयुक्त अरब अमीरात के प्राधिकार की ओर से जारी प्रत्यर्पण आदेश का उल्लंघन कर भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत नए आरोप लगाए गए हैं. मिशेल की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा था कि नए आरोप लगाना देश के प्रत्यर्पण कानून का उल्लंघन है. मिशेल ने कहा था कि उसके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उसकी अधिकतम सजा वो भुगत चुका है. अधिकतम सजा के बाद भी उसे हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21, 245 और 253 का उल्लंघन है।  बता दें कि राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को मिशेल को रिहा करने की मांग खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि मिशेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 467 लगाई गई है जिसमें उम्रकैद का प्रावधान है. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने अपनी अधिकतम सजा पूरी कर ली है।  सुनवाई के दौरान ईडी ने मिशेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि की धारा 17 के मुताबिक अगर कोई आरोपी प्रत्यर्पित किया जाता है तो उस पर न केवल वही मुकदमा चलेगा जिसके लिए उसे प्रत्यर्पित किया गया है बल्कि दूसरे संबंधित मुकदमे भी चल सकते हैं।  बता दें कि मिशेल को अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में सीबीआई और ईडी दोनों के मामले में जमानत मिल चुकी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च 2025 को मिशेल को मनी लाउंड्रिंग मामले में जमानत दी थी. सीबीआई से जुड़े मामले में मिशेल को सुप्रीम कोर्ट पहले ही जमानत दे चुका है।  दरअसल अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के मामले में 3600 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है. सीबीआई के मुताबिक मिशेल ने इस घोटाले की कुछ रकम 2010 के बाद हासिल किया और कुछ 2010 के बाद. 3600 करोड़ रुपये के इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया था. मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 4 दिसंबर 2018 को भारत लाया गया था. 23 अक्टूबर 2020 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. चार्जशीट में 13 को आरोपी बनाया गया है. 19 सितंबर 2020 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना, अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जी सापोनारो और वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार संदीप त्यागी समेत 13 को आरोपी बनाया गया है। 

पटना समेत इन 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर, बियाडा ने आवंटित की जमीन और 700 से अधिक प्रस्ताव तैयार

पटना बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई फैसले ले रही है. इसके साथ ही इंवेस्टर्स के लिए कई योजनाएं भी ला रही है. इसी का असर अब बिहार में कहीं ना कहीं दिखना शुरू होने वाला है. आने वाले दिनों में बिहार में नई-नई फैक्ट्रियां लगाई जा सकतीं हैं. इसके लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपए इंवेस्ट करने की प्लानिंग की गई है. इन 5 जिलों के लिए मेगा प्लान तैयार जानकारी के मुताबिक, बिहार के 5 जिलों पटना (बिहटा), गया, पूर्णिया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में 15 नई फैक्ट्रियां लगाई जायेंगी. इन फैक्ट्रियों को लगाने के लिए करीब 64 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात यह है कि बियाडा की तरफ से जमीन आवंटित भी कर दिया गया है, जिससे अगले कुछ सालों में इन जिलों की तस्वीर ही बदल जाने की संभावना जताई जा रही है. कौन-कौन सी लगाई जाएगी फैक्ट्री? बताया जा रहा है कि पांच जिलों में फूड प्रोसेसिंग, रबर, कपड़े, प्लास्टिक, आईटी सेक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी समेत कई इंडस्ट्रियल यूनिट लगाए जा सकते हैं. जिन कंपनियों की ओर से बिहार में इंवेस्ट किया जाएगा, उनमें एचआर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, निरानी शुगर्स लिमिटेड और संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड है. इतने फैक्ट्रियों को लगाने का प्रस्ताव जानकारी के मुताबिक, बिहार में एक साल में लगभग 747 फैक्ट्रियां लगने का प्रस्ताव मिला है. इनमें से 317 फैक्ट्रियों के लिए 404 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से राज्य सरकार का लक्ष्य पूरा हो सकेगा. बिहार सरकार ने राज्य में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था. बिहार में मिल सकेगा रोजगार ऐसे में बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकता है. इसके साथ ही बिहार से पलायन पर भी कहीं ना कहीं रोक लग सकेगी. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी कि राज्य में टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई अन्य कंपनियां लगाई जा रही है. बिहार एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में डेवलप हो रहा है.

लिविंग रूम में लगाएं ये 4 खास तस्वीरें, वास्तु दोष होगा दूर और घर में आएगी सुख-समृद्धि

वास्तुशास्त्र में लिविंग रूम में कुछ तस्वीरों को लगाना बहुत शुभ माना जाता है। अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर बहस होती हो, माहौल अशांत हो या तनाव बना रहता हो तो इसके लिए वास्तु में सरल उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि लिविंग रूम में पहाड़, झरना सहित कुछ तस्वीरों को लगाने से आसपास का माहौल पॉजिटिव होने लगता है और इन्हें देखकर प्रसन्नता व शांति महसूस होती है। ऐसे में अपने लिविंग रूम की सजावट करते समय वास्तु के अनुसार कुछ तस्वीरें जरूर लगानी चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए विस्तार से जानें कि वास्तु अनुसार लिविंग रूम में कौन-कौन सी तस्वीरें लगाना शुभ होता है। सात घोड़ों की तस्वीर आप अपने लिविंग रूम की दीवार पर भागते हुए सात सफेद घोड़ों की तस्वीर या पेंटिंग लगा सकते हैं। मान्यता है कि ये तस्वीर प्रगति, तरक्की और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है। ऐसे में इसे घर में लगाने से गुड लक आ सकता है। इसे उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। अगर ऐसा संभव न हो तो आप पूर्व दिशा में भी सात घोड़ों की तस्वीर लगा सकते हैं। तस्वीर के बैकग्राउंड में समुद्र और शांति दिखाने वाला मौसम होना चाहिए। इस प्रकार की तस्वीर को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती और आसपास का माहौल भी पॉजिटिव बना रहता है। रंग बिरंगे फूलों या प्राकृतिक दृश्य की तस्वीर वास्तुशास्त्र के अनुसार, लिविंग रूम में प्राकृतिक दृश्य की तस्वीर लगाना भी शुभ होता है। इसमें सूर्योदय, पहाड़, नदी आदि की पेंटिंग लगाना अच्छा माना जाता है। ऐसी तस्वीरें मनमोहक होती हैं जिन्हें देखकर मन भी प्रसन्न रहता है और इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ता है। इसके अलावा, आप रंग-बिरंगे फूलों की तस्वीर भी लिविंग रूम में लगा सकते हैं। मान्यता है कि ऐसी तस्वीरों को लगाने से उत्साह में वृद्धि होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। ऐसी पेंटिंग मन को शांत करती है। साथ ही, आसपास का माहौल भी अच्छा बनाए रखने में सहायक हो सकती है। पानी में तैरती मछलियों की तस्वीर अपने घर के लिविंग रूम में आप तैरती हुई मछलियों की तस्वीर भी लगा सकते हैं। इसे घर में लगाना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, फिश पेंटिंग को उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो आप पूर्व दिशा में भी यह तस्वीर लगा सकते हैं। मान्यता है कि तैरती हुई मछलियां जीवंतता का सूचक होती हैं। ऐसे में इसे घर में लगाना लाभदायी माना जाता है। इससे घर में पॉजिटिविटी आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती है। झरने या समुद्र की तस्वीर वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में सकारात्मकता बनाए रखने के लिए लिविंग रूम में झरने, समुद्र, बहते पानी आदि तस्वीरें लगाना बहुत अच्छा होता है। शांति से बहते पानी की तस्वीर को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में घर का माहौल खुशनुमा और पॉजिटिव बनाए रखने के लिए इन पेंटिंग को लिविंग रूम में लगा सकते हैं। इससे मन शांत करने में मदद मिलती है और घर से नेगेटिविटी भी दूर रह सकती है। हालांकि, इन तस्वीरों को सही दिशा और स्थान पर लगाना भी आवश्यक होता है। साथ ही, कोई भी तस्वीर लिविंग रूम में लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। लिविंग रूम में पेंटिंग लगाते समय ध्यान रखें ये बातें वास्तुशास्त्र के अनुसार, लिविंग रूम में कुछ तस्वीरों को लगाना बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन साथ ही, कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है। लिविंग रूम में कभी भी ऐसी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए जो क्रोध, युद्ध, शोक आदि से संबंधित हों। इसका प्रतिकूल प्रभाव के घर के माहौल पर पड़ सकता है। ऐसे में हमेशा लिविंग रूम में ऐसी तस्वीर लगाएं जो प्रसन्नता, शांति, खुशहाली आदि को दिखाती हों और उन्हें देखकर मन प्रसन्नता महसूस करें।

सूरजपुर : जनगणना 2027 : डिजिटल तकनीक से होगी देश की गिनती, स्व-गणना पोर्टल से घर बैठे दर्ज करें अपना विवरण

सूरजपुर : जनगणना 2027 : डिजिटल तकनीक से होगी देश की गिनती, स्व-गणना पोर्टल से घर बैठे दर्ज करें अपना विवरण सूरजपुर कलेक्टर श्री एस जयवर्धन  भारत में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बार की जनगणना पूर्णतः डिजिटल तकनीक पर आधारित होगी, जो इसे पहले की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी। दो चरणों में होगी जनगणना जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग अर्थात् मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। पहले चरण में निर्धारित प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। स्व-गणना पोर्टल — घर बैठे भरें अपना विवरण इस बार नागरिकों को एक विशेष सुविधा दी जा रही है — स्व-गणना पोर्टल (Self Enumeration Portal)। इसके माध्यम से परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य पोर्टल पर जाकर अपने घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी स्वयं भर सकता है। यह सुविधा संबंधित राज्य में मकान सूचीकरण कार्य शुरू होने से 15 दिन पहले उपलब्ध होगी और 15 दिनों तक ही सक्रिय रहेगी। ध्यान रखें — एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का लॉगिन संभव है और मुखिया का नाम एक बार दर्ज होने के बाद बदला नहीं जा सकता। स्व-गणना पोर्टल पर एंट्री की प्रक्रिया:- पोर्टल खोलकर अपना राज्य या केंद्र शासित प्रदेश एवं कैप्चा भरें। इसके बाद स्वागत स्क्रीन आगे के चरणों का मार्गदर्शन करेगी। परिवार की मुखिया अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर अपनी भाषा चुनें, फिर ओटीपी से सत्यापन होगा। मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित करना आवश्यक है। तत्पश्चात् एचएल प्रश्नावली का प्रारूप खुल जाएगा, जिसमें अधिकांश प्रश्न विकल्प आधारित होंगे। फोनेटिक एवं वर्चुअल कीबोर्ड भी उपलब्ध रहेगा। यदि कोई जानकारी छूट जाए तो सिस्टम स्वयं संकेत देगा। सभी विवरण भरने के बाद ड्राफ्ट सहेजें, आवश्यकता हो तो संशोधन करें और अंत में अंतिम रूप से जमा करें। सबमिशन के बाद 11 अंकों का SCID नंबर प्रदर्शित होगा, जो एसएमएस के माध्यम से भी प्राप्त होगा। जब प्रगणक घर पर आएं तो यह SCID नंबर उनके साथ साझा करें। जिला प्रशासन की अपील:- कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने सूरजपुर जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण समय पर दर्ज कराएं। आपकी सही और पूर्ण जानकारी से देश की वास्तविक तस्वीर सामने आती है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचता है।

अब मछली पालन के लिए नहीं जाना होगा हैदराबाद, पटना में ही मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग और सब्सिडी

 पटना बिहार के मछली पालकों को अब उन्नत तकनीक, भारी सब्सिडी और बेहतरीन मछली बीज के लिए हैदराबाद के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) ने पटना के नंदलाल छपरा में अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का फैसला किया है. इसके लिए 5.68 एकड़ जमीन का चयन भी कर लिया गया है. यह केंद्र न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए ‘नॉलेज और ट्रेनिंग हब’ के रूप में काम करेगा, जिससे बिहार की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने वाली है. अप्रैल के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा कामकाज मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और केंद्रीय मंत्रालय के बीच दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय हुआ है कि फिलहाल एनएफडीबी का अस्थायी कार्यालय पटना के मत्स्य विकास भवन में अप्रैल के अंतिम सप्ताह से ही काम करना शुरू कर देगा. विभाग के सचिव कपिल अशोक के अनुसार, इस सेंटर के खुलने से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और पीएम मत्स्य किसान समृद्धि योजना जैसी बड़ी स्कीमों की मॉनिटरिंग सीधे पटना से होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी फंड और सब्सिडी का पैसा बिना किसी देरी के सीधे मछली पालकों के बैंक खातों तक पहुंच सकेगा. लैब से सीधे तालाब तक पहुंचेगी आधुनिक तकनीक बिहार में मछली की खपत और उत्पादन के बीच हमेशा से एक बड़ा अंतर रहा है, जिसे पाटने के लिए यह केंद्र ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ पर जोर देगा. अब बायोफ्लॉक जैसी अत्याधुनिक मछली पालन तकनीक को लैब से निकालकर सीधे गांवों के तालाबों तक पहुंचाया जाएगा. बिहार के विशाल ‘चौर’ क्षेत्रों (दलदली भूमि) को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने की योजना है. किसानों को अब दूसरे राज्यों पर निर्भर रहने के बजाय यहीं से उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज और फिश फीड की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा. पड़ोसी राज्यों के लिए भी बनेगा ‘नॉलेज सेंटर’ पटना का यह रीजनल ऑफिस सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगा. यह झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मत्स्य अधिकारियों और किसानों के लिए भी मुख्य प्रशिक्षण केंद्र बनेगा. इस पहल से बिहार न केवल मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के लिए समुद्री और जलीय व्यापार का एक बड़ा गेटवे भी साबित होगा.