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नीतीश सरकार की नई सौगात: जीविका समूह की महिलाओं को सस्ता बीमा लाभ

पटना. मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों के लिए बड़ी योजना शुरू की है। 15 अप्रैल से 31 मई तक राज्यभर में ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके जरिए लाखों महिलाओं को जीवन बीमा से जोड़ा जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य करीब एक करोड़ जीविका दीदियों को बीमा सुरक्षा देना है। फिलहाल राज्य में लगभग 72 लाख दीदियां पहले से बीमित हैं, लेकिन अब इस दायरे को और बढ़ाने की तैयारी है। दो योजनाएं, कम खर्च में बड़ा कवर दीदियों को दो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा-Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana। पहली योजना में 436 रुपये सालाना प्रीमियम है, जबकि दूसरी में महज 20 रुपये में बीमा कवर मिलता है। दुर्घटना या मृत्यु पर 4 लाख तक की मदद इन दोनों योजनाओं को मिलाकर बीमित दीदी के परिवार को अधिकतम 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। प्राकृतिक मृत्यु पर 2 लाख और दुर्घटना में मृत्यु पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये का प्रावधान है। बैंक खाते से खुद कटेगा प्रीमियम बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अंशदान सीधे बैंक खाते से काटा जाएगा। आवेदन करते ही प्रीमियम स्वतः जमा हो जाएगा, जिससे दीदियों को अलग से भुगतान की झंझट नहीं होगी। एक साल के लिए मिलेगा बीमा कवर यह बीमा 1 जून से लागू होगा और एक साल तक मान्य रहेगा। हालांकि अभियान 31 मई तक चलेगा, लेकिन इसके बाद भी इच्छुक दीदियां योजना से जुड़ सकती हैं। परिवार तक बढ़ेगी सुरक्षा की पहुंच अभियान के दौरान जीविका दीदियों को अपने पति का भी बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे पूरे परिवार को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। अब तक हजारों परिवारों को मिला सहारा पिछले वर्षों में इस योजना से करीब 10 हजार परिवारों को आर्थिक मदद मिल चुकी है। सरकार अब इसे और व्यापक बनाकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सियासी विदाई से पहले बड़ा संदेश मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को सशक्त करेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा देगी।

द डेविल वियर्स प्राडा 2, मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे की जोड़ी ने 20 साल बाद की वापसी

हॉलीवुड फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' का फाइनल ट्रेलर रिलीज हो चुका है। दूसरे पार्ट में भी कई पुराने किरदारों नजर आ रहे हैं, जो पहली फिल्म का पार्ट थे। मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे 20 साल बाद इस फिल्म में साथ नजर आएंगी। जानिए, फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' के ट्रेलर से जुड़ी खास बातें। ट्रेलर में मिला कहानी का हिंट? मेरिल स्ट्रीप का किरदार इस बार भी नामी फैशन मैगजीन से जुड़ी हैं, लेकिन उनके किरदार को एक स्कैंडल का शिकार हो गया है। इस मुश्किल में ऐनी हैथवे का किरदार उनकी मदद के लिए आगे आता है। बता दें कि पहले पार्ट में एनी और मेरिल के किरदारों के बीच तीखी नोक-झाेंक दिखी थी, जो इस बार भी देखने को मिल रही है। फिल्म में नजर आए ये एक्टर्स फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे के अलावा एमिली ब्लंट, स्टेनली टुकी, ट्रेसी थॉमस और टिबोर फेल्डमैन भी वापसी कर रहे हैं। ये सभी एक्टर्स पहली पार्ट में भी थे। वहीं फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में कुछ नए एक्टर्स भी शामिल हुए हैं। इसमें केनेथ ब्रानघ, पैट्रिक ब्रामल, सिमोन एशले, लूसी लियू, बीजे नोवाक, जस्टिन थेरॉक्स, लेडी गागा और पॉलीन चालमेट के नाम शामिल हैं। सिमोन एशले के किरदार को मेरिल स्ट्रीप की अस्सिटेंट के तौर पर दिखाया गया है। कब रिलीज होगी यह फिल्म? इन दिनों मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे अपनी अपकमिंग फिल्म का प्रमोशन जमकर कर रहे हैं। यह फिल्म अगले महीने रिलीज होगी। मेकर्स ने ट्रेलर के ट्रेलर के साथ फिल्म की तारीख भी शेयर की है। यह फिल्म 1 मई  2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।  

चार दिनों के बाद मानगो वासियों को मिली पानी की किल्लत से राहत, क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत शुरू

 जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान उत्पन्न विवाद आखिरकार प्रशासन की सक्रियता से सुलझ गया. क्षतिग्रस्त जल कनेक्शनों की मरम्मत शुरू होने के बाद चार दिनों से पानी की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है. लापरवाही से टूटी पाइपलाइन, बढ़ा विवाद मानगो के शंकोसाई रोड नंबर 1 में पाइपलाइन बिछाने के दौरान दर्जनों घरों के पुराने जल कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए थे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद संवेदक और अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया और काम जारी रखा था, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया था. विरोध के बाद पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह देर रात मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया था. इस दौरान संवेदक के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई. विवाद बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया था. प्रशासन की पहल से शुरू हुई मरम्मत उपायुक्त के निर्देश पर बुधवार सुबह नगर निगम के अभियंता जलालुद्दीन प्लंबरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत शुरू कराई. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकरों के जरिए जलापूर्ति भी सुनिश्चित की गई. निगरानी में चल रहा काम, लोगों को मिली राहत वर्तमान में वार्ड पार्षद जितेंद्र साहू और रवि गोराई की देखरेख में मरम्मत कार्य जारी है. प्रशासन और पुलिस की निगरानी में काम सुचारू रूप से चल रहा है. विकास सिंह ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर आम जनता को परेशानी में डालने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी किसी भी मनमानी से सख्ती से निपटा जाएगा. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगरानी में काम सुचारू रूप से चल रहा है.

बिहार की रेल लाइफलाइन को मिली नई रफ्तार, मोकामा पुल और फ्लाईओवर से खत्म होगी ट्रेनों की लेटलतीफी

 पटना बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली लाइफलाइन यानी मोकामा के गंगा पुल बनकर तैयार है. दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार है और वर्तमान में इसे पटना-झाझा मेन रेल लाइन से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. इस पुल के शुरू होते ही न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि बरौनी और बेगूसराय की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा. फिनिशिंग स्टेज में प्रोजेक्ट, जल्द होगा ट्रायल दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है. अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जून तक इसे पूरी तरह चालू किया जा सके. राजेंद्र सेतु काफी पुराना हो चुका है, जिसके कारण इस पर ट्रेनों की गति धीमी रहती है. नया पुल अत्याधुनिक तकनीक से बनाया गया है, जो तेज रफ्तार और भारी ट्रेनों का भार आसानी से सह सकेगा. इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और सफर का समय कम होगा. फ्लाईओवर से नहीं रुकेगी ट्रेनें नए पुल की खासियत यह है कि इसके दोनों छोर पर रेल ओवर रेल (ROR) फ्लाईओवर बनाए गए हैं. इससे मेन लाइन की ट्रेनें बिना रुके गुजर सकेंगी और उत्तर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनें सीधे फ्लाईओवर के जरिए पुल पर चढ़ेंगी. इससे जाम और देरी की समस्या खत्म होगी. यह पुल भविष्य में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए भी पूरी तरह सक्षम होगा. इसके साथ ही पटना में पाटलिपुत्र कोच कॉम्पलेक्स का निर्माण भी जारी है, जहां अगले दो वर्षों में इन ट्रेनों की मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध होगी. पटना जंक्शन का होगा विस्तार रेलवे की नजर भविष्य के ट्रैफिक दबाव पर है. पटना जंक्शन के विस्तार के लिए हार्डिंग पार्क की जमीन पर फेज-टू का काम शुरू हो चुका है, जहां मेमू ट्रेनों के लिए अलग प्लेटफॉर्म और लिफ्ट जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही, डीडीयू से झाझा के बीच 400 किमी लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी मिल गई है. बख्तियारपुर से किउल खंड के बीच अतिरिक्त लाइनें बिछने से ट्रेनों की लेटलतीफी बीते दौर की बात हो जाएगी और बिहार का रेल नेटवर्क देश के सबसे आधुनिक नेटवर्क में शुमार होगा.

बलौदाबाजार : लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय सीमा में करें निराकरण-कलेक्टर

बलौदाबाजार : लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय सीमा में करें निराकरण-कलेक्टर जल संचयन हेतु समुदाय की सहभागिता पर जोर राजस्व शिविर में पटवारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश बलौदाबाजार कलेक्टर  कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को साप्ताहिक समय -सीमा की बैठक में  राज्य और केंद्र शासन की.विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भूमिगत जल के रिचार्ज हेतु सभी शासकीय भवनों  में सोखता गढ्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की संरचनाएँ निर्मित करने और जन भागीदारी से जल संचयन के कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया कलेक्टर ने  जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि नहरों के आसपास भी ऐसी संरचनाएं निर्मित करें जो पानी रोककर भूमिगत जल रिचार्ज में सहायक हों।उन्होंने खेतों के सबसे निचले क्षेत्र में भी जल संरक्षण की संरचना बनाने के निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा ने आंगनवाड़ी,शासकीय और निजी स्कूलों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोखता पिट निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जन जागरूकता हेतु अधिक से अधिक प्रचार प्रस्ताव के साथ  आम नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपील भी की है । जल संचयन की संरचनाओं के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण में बाद उसकी फोटो और अनिवार्य जियो टैगिंग के भी निर्देश उन्होंने दिए।  बैठक में उन्होंने लोक सेवा गारंटी के तहत विभिन्न प्रकरणों के समय सीमा में निराकरण और पोर्टल में तत्काल एंट्री के निर्देश भी दिए हैं,ऐसा  न करने पर संबंधित अधिकारी -कर्मचारी पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने राजस्व पखवाड़े में पटवारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश देते हुए मामलों का ऑन द स्पॉट निराकरण करने को कहा है। श्री शर्मा ने जनगणना के कार्यों को संवेदनशीलता और कर्मठता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा जनगणना सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासकीय ज़मीन पर अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भूराजस्व संहिता के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भूमिहीन नागरिकों को भी लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को पंचायत स्तर पर आबादी भूमि का चिन्हांकन कर भूमिहीनों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।

ड्रग सिंडिकेट, पाकिस्तान सीमा से जुड़ी तस्करी की कड़ियां और ट्राइसिटी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पंचकूला नशे के काले कारोबार का कोई एक चेहरा नहीं होता, यह बात पंचकूला पुलिस के एक बड़े खुलासे ने साबित कर दी है। एक 23 साल का उच्च शिक्षित बीसीए ग्रेजुएट, जो चंडीगढ़ में किराए के कमरे में रहकर भविष्य के सपने बुनने का दिखावा कर रहा था, असल में ट्राइसिटी का एक बड़ा 'ड्रग डीलर' निकला। पंचकूला पुलिस ने इस युवक को 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की 'ड्रग मनी' के साथ गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद हेरोइन की कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। शार्टकट से अमीर बनने की चाहत ने बनाया तस्कर डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे 'ऑपरेशन' की परतें खोली। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में एक अहम गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सेक्टर-20, कुंडी गांव के पास से मुख्य आरोपी लवजोत सिंह को दबोचा। लवजोत मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद का रहने वाला है। वह बीसीए पास है, लेकिन उसने शार्टकट से अमीर बनने के लिए नशे का खतरनाक रास्ता चुना। उसने चंडीगढ़ को अपना सेफ हाउस बनाया हुआ था, जहां से वह पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और ट्राइसिटी में नशे का जाल फैला रहा था। पाकिस्तान सीमा से जुड़े हैं तार, ट्राइसिटी था टारगेट इस मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि करोड़ों रुपये की यह मादक खेप सीधे पाकिस्तान की सीमा से तस्करी कर लाई गई थी। मुख्य आरोपी लवजोत यह माल सीमा पार से जुड़े तस्करों से लेकर आया था। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसका इरादा इस पूरी खेप को महज एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली (ट्राइसिटी) के बाजार में खपाने का था। पुलिस की मुस्तैदी और समय पर की गई इस कार्रवाई ने ट्राइसिटी के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त में आने से बचा लिया। साहिल से सतनाम और फिर मास्टरमाइंड लवजोत तक पहुंची पुलिस डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस सीधे मास्टरमाइंड लवजोत तक नहीं पहुंची, बल्कि यह कामयाबी एक के बाद एक जोड़े गए सुरागों का नतीजा है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां 3 अप्रैल को हुई एक अन्य गिरफ्तारी से जुड़ती हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने पहले गुप्त सूचना पर रायपुररानी के टाबर गांव से डेराबस्सी निवासी साहिल को 310 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जब साहिल से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने फुफेरे भाई (बुआ के लड़के) सतनाम सिंह का नाम बताया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाकर 5 अप्रैल को सतनाम सिंह को भी दबोच लिया। सतनाम ने पुलिस के सामने राज उगला कि उसका मुख्य सप्लायर लवजोत सिंह है। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस लवजोत तक पहुंची और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड पर आरोपी, खुल सकते हैं कई राज डीसीपी ने दावा किया कि हरियाणा प्रदेश में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। वहीं, पंचकूला जिला पुलिस के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी माना जा रहा है। पकड़े गए मुख्य आरोपी लवजोत सिंह के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 6 अप्रैल को अदालत में पेश कर पुलिस ने उसका चार दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य 'लोकल पेडलर्स' और पाकिस्तान से होने वाली सप्लाई चेन के कई और अहम राज बेनकाब होंगे।

जनता से अपील- घबराकर खरीदारी न करें और न ही ईंधन का अनावश्यक भंडारण करें: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 12 मार्च 2026 से अब तक पूरे प्रदेश में 23,250 छापेमारी/निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 27 मामले एलपीजी वितरकों और 211 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 249 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में आम जनता से अपील की गई है कि घबराकर ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी सरकार पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के 4,107 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक प्रदेश में 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। औद्योगिक और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की 70 प्रतिशत तक सशर्त आपूर्ति की अनुमति दी है। इसमें होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल जैसी श्रम-आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थिति की सतत निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय सहित सभी जिलों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को फील्ड में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

डबल अटैक से सतर्क रहें: बिहार के कई जिलों में तूफान, बारिश और ओलों की चेतावनी

पटना. बिहार में आज मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें 12 जिलों को ऑरेंज और 26 जिलों को यलो अलर्ट में रखा गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है। हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। यलो अलर्ट वाले जिलों में मौसम अपेक्षाकृत हल्का रहेगा, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है। कई जिलों में बारिश शुरू, जमुई में तेज बरसात राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। गोपालगंज, बेगूसराय, रक्सौल, सासाराम, लखीसराय, खगड़िया और पश्चिम चंपारण के बगहा व मंझौलिया में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जबकि जमुई में तेज बारिश हुई है। पटना में दिनभर बदलता रहेगा मौसम का मिजाज राजधानी पटना में सुबह बूंदाबांदी के बाद दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। बीच-बीच में बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। अगले 1-2 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने के संकेत हैं। तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। पटना में आज अधिकतम तापमान करीब 32°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हवा, नमी और यूवी इंडेक्स का असर पश्चिमी दिशा से 7.9 से 15 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। आर्द्रता करीब 55% है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि यूवी इंडेक्स 6.3 होने के कारण धूप में निकलते समय सावधानी जरूरी है। हवा की गुणवत्ता भी बनी चिंता पटना का AQI 135-144 के बीच दर्ज किया गया है, जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। PM 2.5 का स्तर अधिक होने से सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 7 दिनों में बढ़ेगी गर्मी की वापसी हालांकि फिलहाल राहत है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 36°C से 41°C तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।

आर्थिक संकट, ब्यावर के खनिज उद्योग में छाई खामोशी और 5000 मजदूरों का पलायन

ब्यावर  ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग की तपिश अब राजस्थान के 'मिनरल हब' कहे जाने वाले ब्यावर जिले की गलियों में महसूस होने लगी है। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव ने यहां के फलते-फूलते खनिज उद्योग की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ब्यावर की करीब 1100 फैक्ट्रियों में से 1000 इकाइयों पर ताले लटक गए हैं। मशीनों का शोर अब सन्नाटे में बदल चुका है और औद्योगिक क्षेत्रों में छाई यह खामोशी हजारों परिवारों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। ग्लोबल वॉर का 'लोकल' जख्म ब्यावर का मिनरल उद्योग मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मांग और सुगम सप्लाई चेन पर निर्भर है। ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग असुरक्षित हो गए हैं और लॉजिस्टिक्स खर्च आसमान छू रहा है। इसका सीधा असर डिमांड पर पड़ा है। निर्यात ठप होने और नई डिमांड न आने के कारण उद्यमियों ने उत्पादन बंद करना ही बेहतर समझा। सिर्फ ब्यावर ही नहीं, इसका असर गुजरात के मोरबी तक फैला है, जहां करीब 2300 से ज्यादा मिनरल ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो चुकी हैं। 'साहब, अब घर जाने के अलावा चारा नहीं' इस औद्योगिक संकट की सबसे करुण तस्वीर उन प्रवासी मजदूरों की है, जो बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से हजारों किलोमीटर दूर सुनहरे भविष्य की तलाश में यहां आए थे। आंकड़ों की मानें तो पिछले कुछ दिनों में 5000 से ज्यादा मजदूरों की नौकरी जा चुकी है। ब्यावर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर अब उन मजदूरों की भीड़ दिखने लगी है, जो अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर पलायन करने को मजबूर हैं। फैक्ट्री मालिक ने हाथ खड़े कर दिए हैं। काम नहीं है तो तनख्वाह कहां से मिलेगी? कमरे का किराया और खाने के लाले पड़ रहे हैं। 6 लाख लोगों की रोजी-रोटी दांव पर लघु उद्योग भारती के जानकारों का कहना है कि राजस्थान के करीब 14 जिलों में यह सेक्टर फैला है, जिससे 6 लाख लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं। हर फैक्ट्री औसतन 30 टन उत्पादन करती थी, जो अब शून्य पर पहुंच गया है। यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो ब्यावर का मिनरल मार्केट पूरी तरह तबाह हो सकता है। फिलहाल, उद्यमियों और मजदूरों की नजरें अंतरराष्ट्रीय हालातों के सुधरने पर टिकी हैं। पुलकित सक्सेना

संत रामपाल को हाईकोर्ट ने दी जमानत, साढ़े 11 साल बाद रिहा होंगे, भक्तों में उत्साह

चंडीगढ़ हरियाणा के हिसार के चर्चित सतलोक आश्रम प्रमुख संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को कोर्ट ने जमानत दे दी है. ऐसे में करीब 11 साल, 4 महीने और 20 दिन से वह हिसार की जेल में बंद है और अब जेल से बाहर आएगा।  जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट का जमानत आदेश संबंधित ट्रायल कोर्ट में पहुंचेगा. वहां बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदेश जेल प्रशासन तक आएंगे और फिर रामपाल को रिहा किया जाएगा. उधर, संत राम पाल को बेल मिलने की खबर पर भक्तों में खुशी की लहर है।  संत रामपाल को 19 नवंबर 2014 को बरवाला सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने उन्हें कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए. इसके बाद जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आश्रम पहुंची, तो समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस टकराव में 5 महिलाओं और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जिससे मामला बेहद संवेदनशील बन गया.  हालांकि, अन्य मामलों में कानूनी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।  रामपाल के वकील अर्जुन श्योराण ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ हिसार की स्पेशल कोर्ट में ट्रायल चल रहा था जो कि अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. इसके अलावा, उनके खिलाफ बाकी जितने भी मामले थे, उसमें वो या तो बरी हो चुके थे या जमानत मिल चुकी थी. अर्जुन ने बताया कि जमानत की शर्तों के मुताबिक, वो कोई इलीगल भीड़ जमा नहीं कर सकेंगे और हम पहले ही इसके बारे में कोर्ट को बता चुके है. लेकिन अपनी बात कहने या धर्म के प्रचार करने में कोई मनाही नहीं है. जैसे ही कोर्ट के आदेश की कॉपी और जमानत बॉन्ड भरेंगे, वो जेल से बाहर आएंगे।  क्या है पूरी कहानी साल 2006 से यह कहानी शुरू होती है. रोहतक के करौंथा आश्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक पर टिप्पणी के बाद आर्य समाज समर्थकों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इस विवाद में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ. हाईकोर्ट के बार-बार समन भेजने के बावजूद रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुए तो 2014 में उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया गया. इस पर हिसार के बरवाला आश्रम में नवंबर 2014 में गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच खूनी झड़प हुई, जिसके बाद उन पर हत्या और देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए. बाद में हिसार की अदालत ने अक्टूबर 2018 में हत्या के दो मामलों में उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी और अब 11 साल बाद जमानत दी गई है।