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कृषि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर रखी जाएगी नजर गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में सामाजिक और सेवा भारती संस्थाएं भी करें सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना बड़ी चुनौती थी, हम इसे 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, इसी उद्देश्य से उपार्जन केंद्रों पर गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के द्वारा भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हित से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराया जाए।  

बिहार में बहार, मुख्यमंत्री ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दी नौकरी की सौगात और सेवा का मंत्र

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में 4954 एएनएम (विमेन हेल्थ वर्कस) को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहे. यह पहल राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले बिहार के ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र को एक नई ऊर्जा से भर दिया है. पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में सीएम ने 4954 नवनियुक्त एएनएम (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) को नियुक्ति पत्र सौंपे. यह केवल सरकारी नौकरी का वितरण नहीं था, बल्कि सुदूर गांवों तक ‘इलाज और एहतियात’ का भरोसा पहुंचाने की एक मुहिम है. ‘ईमानदारी से करें सेवा’ पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से तब गूंज उठा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चयनित महिला अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाकर नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त एएनएम को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए एक मंत्र भी दिया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी एएनएम पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगी. इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि रिकॉर्ड समय में इन नियुक्तियों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता रही है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस मौके पर शिरकत की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार अब स्वास्थ्य और रोजगार को विकास के केंद्र बिंदु में रखकर काम कर रही है. ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती एक साथ 4954 एएनएम की तैनाती से बिहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और उपकेंद्रों की तस्वीर बदलने वाली है. इस नियुक्ति से विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार आएगा. टीकाकरण अभियान से लेकर प्रसव पूर्व देखभाल तक, अब सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी नर्सों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इससे न केवल बड़े अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होगा, बल्कि मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी. यह कदम बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है. नियुक्ति पत्र पाकर इन महिला स्वास्थ्य कर्मियों के चेहरे पर जो मुस्कान दिखी, वह राज्य के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश की गवाही दे रही है.

आधार फ्रॉड से बचना है तो आज ही बनाएं वर्चुअल आईडी, सुरक्षित रहेगा आपका बैंक खाता और निजी डेटा

क्या आपको भी डर है कि तमाम जगहों पर आधार नंबर शेयर करने की वजह से आपके साथ आधार से जुड़ा किसी तरह का फ्रॉड हो सकता है? दरअसल इस तरह की खबरे आए दिन आती रहती हैं, जहां लोगों के आधार नंबर का गलत फायदा उठाते हुए उनके बैंक अकाउंट खाली कर दिए जाते हैं। हालांकि आप इस तरह के खतरे को लगभग खत्म कर सकते हैं, अगर आप अपने आधार नंबर के लिए VID बना लें। VID यानी कि वर्चुअल आईडी एक 16 नंबर की पहचान होती है, जिसे आप आधार नंबर शेयर करने की जगह पर साझा कर सकते हैं। इससे आपका आधार नंबर लीक होने और उसका गलत इस्तेमाल होने की संभावना न के बराबर रह जाती है। गौर करने वाली बात है कि आधार के लिए VID को जेनरेट करना भी काफी आसान है और आप इसे अपने फोन पर भी कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह वर्चुअल आईडी काम कैसे करती है और आधार नंबर से यह कैसे और कितनी अलग है? क्या है VID? VID यानी कि वर्चुअल आईडी को आप आधार नंबर का एक डिजिटल सुरक्षा कवच मान सकते हैं। यह एक 16 नंबरों की अस्थायी संख्या होती है। इसका काम आपके असल आधार नंबर को सुरक्षित रखना होता है। इसे आप आधार वेरिफिकेशन के लिए जेनरेट कर सकते हैं और जितनी बार चाहें बदल सकते हैं। ऐसे में जिन जगहों पर आधार की जरूरत पड़ती है, वहां आपका आधार नंबर शेयर न होकर अलग-अलग 16 अंकों के अस्थायी नंबर शेयर होते हैं। इससे आपके साथ आधार के जरिए होने वाले किसी भी तरह के फ्रॉड का कोई चांस नहीं रहता। कैसे काम करता है VID? VID एक बार इस्तेमाल होने वाला मास्क नंबर होता है। इसका काम आपके असली आधार नंबर को छिपाकर, आधार से जुड़े आपके काम करवाना होता है। जब आप किसी संस्थान जैसे कि बैंक या सिम कार्ड स्टोर आदि को अपनी VID देते हैं, तो आपका आधार ऑथेंटिकेशन तो हो जाता है लेकिन संस्थान के पास आपका आधार नंबर नहीं पहुंचता। UIDAI का सर्वर आपके द्वारा शेयर की गई VID को आपके आधार नंबर से लिंक करके पहचानता है और एजेंसी को सिर्फ यह कन्फर्म करता है कि आपकी पहचान सही है। VID की खासियत क्या है? VID की सबसे बड़ी खासियत है कि यह अस्थायी होता है और आप जितने चाहें उतने VID जेनरेट कर सकते हैं। जैसे ही आप नया VID बनाएंगे, पुराना वाला अपने आप रद्द हो जाएगा। ऐसे में आपकी VID भले लीक हो जाए, लेकिन वह किसी काम की नहीं रहती। इसकी दूसरी खासियत है कि VID के जरिए वेरिफिकेशन करने पर सामने वाली संस्था को सिर्फ उतनी ही जानकारी मिलती है, जितनी सामने वाले के साथ शेयर करना जरूरी होती है। वहीं अगर आप आधार कार्ड को शेयर करते हैं, तो आपके कार्ड पर मौजूद सारी जानकारी सामने वाले के साथ शेयर होती है। कैसे जेनरेट करें VID?     VID जेनरेट करने के लिए आपको सबसे पहले https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाएं और अपने आधार नंबर की मदद से लॉग-इन करें।     इसके बाद Dashboard पर Generate Virtual ID पर क्लिक करें।     अब दो ऑप्शन में से Generate ID पर क्लिक करें     इसके बाद आपकी VID आपको दिखने लगेगी और साथ ही रजिस्टर्ड नंबर पर भी भेज दी जाएगी।

शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे लोग, महंगाई के कारण मेन्यू से हटे लाइव काउंटर

पटना    बिहार में शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण शादी-विवाह के आयोजन अब पहले से काफी महंगे हो गए हैं, इसका सीधा असर कैटरिंग, मेन्यू और पूरे आयोजन के खर्च पर दिख रहा है. लोग खर्च कम करने के लिए मेन्यू छोटा कर रहे हैं.  बिहार में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण कैटरिंग के दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक का उछाल आया है. अब लोग शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं ताकि किसी तरह व्यावसायिक सिलेंडरों का जुगाड़ हो सके. बढ़ती लागत के कारण अब शादियों का मेन्यू छोटा हो रहा है और ‘लाइव काउंटर’ बंद होने की कगार पर हैं. थाली की बढ़ी कीमत गैस की कमी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने प्रति प्लेट की दर 50 से 100 रुपये तक बढ़ा दी है. पहले जो शाकाहारी प्लेट 650 रुपये में मिल रही थी, अब उसकी कीमत 700 रुपये पार कर गई है. वहीं, मांसाहारी थाली 800 से बढ़कर 900 रुपये की हो गई है. पटना के पॉश इलाकों और बड़े होटलों में तो वेज थाली की दर 1000 से बढ़कर 1200 रुपये तक पहुंच गई है. इस खर्च को काबू करने के लिए अब लोग व्यंजनों की संख्या में कटौती कर रहे हैं. लाइव काउंटर और फंक्शन्स पर चली ‘कैंची’ गैस की खपत कम करने और लागत बचाने के लिए शादियों से डोसा, चाट, जलेबी और पाव-भाजी जैसे लाइव काउंटर हटाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, लोग अब हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे प्री-वेडिंग कार्यक्रमों को या तो रद्द कर रहे हैं या उन्हें बेहद सादगी से मना रहे हैं. इन कार्यक्रमों में अब व्यंजनों की लंबी फेहरिस्त की जगह ‘रेडिमेड नाश्ता’ परोसने की तैयारी है. शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसी पहुंच रहे लोग एलपीजी गैस वितरक संघ के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग शादी का कार्ड और आवेदन लेकर व्यावसायिक सिलेंडर के लिए गुहार लगा रहे हैं. तेल कंपनियों की ओर से शादियों के लिए अलग से सिलेंडर आवंटित करने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का अनुमान है कि 15 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच शादी के 28 मुहूर्त हैं, जिसमें केवल पटना जिले में ही डेढ़ लाख से ज्यादा सिलेंडरों की जरूरत होगी. यदि किल्लत बरकरार रही, तो शादियों का रंग और भी फीका पड़ सकता है.

बलौदाबाजार : ग्राम पंचायत तेलासी में पहुंचा हर घर नल से जल,प्रमाणीकरण के साथ संचालन व्यवस्था हस्तांतरित

बलौदाबाजार  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन,हर घर जल के अंतर्गत विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत तेलास में ग्राम के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। इसके साथ हर घर जल प्रमाणीकरण प्राप्त किया है। उपलब्धि के उपरांत जलापूर्ति योजना का विधिवत हस्तांतरण ग्राम पंचायत को कर दिया गया है। योजना के सफल क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम पंचायत स्तर पर पाइपलाइन विस्तार, घरेलू नल कनेक्शन एवं जल संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया।योजना के दीर्घकालिक संचालन एवं रख-रखाव को सुनिश्चित करने हेतु ग्राम पंचायत में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं।योजना के संचालन हेतु प्रति परिवार ₹80 प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया गया है।जल आपूर्ति के नियमित संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर पंप ऑपरेटर नियुक्त कोयन गया है। योजना के संचालन, रख-रखाव एवं निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गई है।जल वाहिनी टीम द्वारा समय-समय पर जल की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा रही है।

छोटे लोन से बड़ा बदलाव: कालीन बिजनेस ने बदली जिंदगी, हर महीने अच्छी कमाई

मोहनियां. दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो इंसान परिस्थितियां विकास में बाधक नहीं बन सकतीं। कभी महिलाओं को अबला माना जाता था। आज ये अपनी मेहनत से समाज को दिशा दे रही हैं। जो अन्य महिलाओं के लिए मिसाल है। गरीबी को मात देकर परिवार का संबल बन रही हैं। मोहनियां प्रखंड के बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव की सुमन देवी का परिवार कभी आर्थिक तंगी का शिकार था। आठ साल पहले पारिवारिक खर्च चलाना मुश्किल था। दोनों पैर से दिव्यांग पति मजदूरी करने में समर्थ नहीं थे। तब सुमन ने आत्मनिर्भर बनकर गरीबी को मात देने का संकल्प लिया। आज कालीन उद्योग से परिवार में समृद्धि आई है। अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दे रही हैं। इस कार्य में दिव्यांग पति का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह बना आधार बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव के ओम प्रकाश राम दिव्यांग हैं। दोनों पैर से लाचार होने के कारण वे कुछ करने में असमर्थ थे। दो बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था। इस विकट परिस्थिति में सुमन दीदी अबला जीवन से उबरकर सबला बनने की ठानी। अमरपुरा गांव में जीविका समूह चलता था। इन्होंने सीएम दीदी से संपर्क किया तो उन्होंने समूह से जुड़ने का फायदा बताया। 16 नवंबर 2017 को सुमन दीदी सहारा जीविका महिला ग्राम संगठन के शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। कहा जाता है बूंद बूंद से तालाब भरता है। इसी को चरितार्थ करते हुए ये सप्ताह में 10 रुपये बचत करने लगीं। समूह से जुड़ने के बाद 50 हजार रुपए का मिला ऋण समूह से जुड़ने के बाद सुमन दीदी ने 50 हजार रुपये का ऋण लिया। जिससे छोटी सी दुकान की। इसकी आमदनी से धीरे धीरे समूह को ऋण का पूरा पैसा लौटा दिया। इसके बाद इनका चयन सतत जीविकोपार्जन योजना (एसजेवाई) के लाभार्थी के रूप में हुई। इस योजना के तहत सुमन दीदी को 37 हजार रुपये मिले। जिससे दुकान का विस्तार किया। इसके बाद इनके हौसले को पंख लग गए। कालीन बुनाई का लिया निर्णय दुकान से अच्छी आमदनी होने के बाद सुमन दीदी ने कालीन बुनाई का निर्णय लिया। इनके पति ओम प्रकाश राम कालीन बुनाई करना जानते थे। इन्होंने इस उद्योग में भविष्य की तलाश की। पति पत्नी दोनों कालीन बुनाई करने लगे। आज इस उद्योग और दुकान से सुमन दीदी को 20 से 25 हजार रुपये महीने का लाभ हो रहा है। अन्य महिलाओं के लिए सुमन दीदी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। इनका कहना है कि जीविका ने जीवन को बदल दिया। अब ये आत्मनिर्भर बन गई हैं। पति दोनों पैर से दिव्यांग थे। परिवार में भोजन चलाना मुश्किल था। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत चयन नहीं हुआ होता तो दर दर की ठोकरें खानी पड़ती। आज परिवार खुशहाल है। वे इस उद्योग को बहुत आगे बढ़ाना चाहती हैं। जिससे अन्य महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। कालीन उद्योग में कैमूर जिला का नाम हो। दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी  सुमन दीदी ने दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी है। ये अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सतत जीविकोपार्जन योजना से इनके परिवार में समृद्धि आई है। – उत्कर्ष शुक्ला, जीविका प्रबंधक  

केकेआर बनाम एलएसजी, बारिश का साया और सुनील नरेन की वापसी पर नजर

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 15वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की भिड़ंत लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से होगी। KKR ने इस सीजन 3 मुकाबले खेले हैं। 2 में उसे हार का सामना करना पड़ा है और एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ था। वहीं, LSG ने 2 मैच खेले हैं। ऋषभ पंत की टीम को एक मैच में जीत और एक में हार मिली है। आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। KKR के खिलाफ LSG का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान LSG ने 4 मैच में जीत का स्वाद चखा है। वहीं, KKR की टीम सिर्फ 2 मैच ही अपने नाम कर पाई है। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मुकाबला हुआ था। उस मैच को LSG ने 4 रन से अपने नाम किया था। IPL 2024 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए थे और उसे KKR ने जीता था। ऐसी हो सकती है KKR की प्लेइंग इलेवन LSG के खिलाफ मुकाबले में सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती की वापसी हो सकती है। ये दोनों खिलाड़ी पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ पिछले मुकाबले में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। KKR के बल्लेबाजों से काफी उम्मीदें होंगी। ऐसे में रिंकू सिंह और अजिंक्य रहाणे बड़ी पारी खेलना चाहेंगे। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रामदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और ब्लेसिंग मुजरबानी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है LSG पिछले मुकाबले में मिली शानदार जीत के बाद LSG अपने प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेगी। ऋषभ पंत एक ताबड़तोड़ पारी खेलना चाहेंगे। वहीं, शानदार फॉर्म में चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से एक और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। निकोलस पूरन अपना खोया हुआ फॉर्म प्राप्त करना चाहेंगे। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), एडन मार्करम, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, एम सिद्धार्थ, आवेश खान, मोहम्मद शमी, दिग्वेश राठी और प्रिंस यादव। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर KKR: फिन एलन, मनीष पांडे, सौरभ दुबे, रोवमैन पॉवेल और तेजस्वी दहिया। LSG: आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्जके, शाहबाज अहमद, एनरिक नॉर्किया और हिम्मत सिंह। कैसा होगा पिच का मिजाज? ईडन गार्डन स्टेडियम में काली मिट्‌टी की पिच बनाई जाती है। ऐसे में यह बल्लेबाजों को काफी रास आती है। खेल की शुरुआत में यहां तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है। उसके बाद स्पिनर्स हावी होते हैं। इस पिच पर अगर बल्लेबाज की निगाह एक बार जम गई तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट्स लगते हैं। यहां की तेज आउटफील्ड भी बल्लेबाजों के पक्ष में जाती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। ऐसा रहेगा कोलकाता का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 9 अप्रैल को कोलकाता का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की 90 प्रतिशत संभावना है। ऐसे में बारिश मैच के दौरान खलल डाल सकती है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें रघुवंशी ने पिछले 10 मैचों में 39.57 की औसत और 146.56 की स्ट्राइक रेट से 277 रन बनाए हैं। रहाणे के बल्ले से पिछले 10 मैच में 143.08 की स्ट्राइक रेट से 269 रन निकले हैं। LSG के लिए मार्श ने पिछले 10 मैच में 41.1 की औसत से 411 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में वरुण ने पिछले 9 मैच में 9 विकेट चटकाए हैं। LSG के आवेश के नाम पिछले 9 मैच में 11 विकेट है। कब और कहां देखें मुकाबला? KKR और LSG के बीच यह मुकाबला 9 अप्रैल को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

स्कूल एडमिशन नियम बदले: पंजाब में 8वीं कक्षा के लिए अब बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और निजी स्कूल संचालकों के बीच नियमों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने साफ कर दिया है कि आठवीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों का दाखिला बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। दरअसल, बोर्ड से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूलों के संचालक इस नियम में ढील की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही शिक्षकों के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने की अनिवार्यता का भी विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्कूल प्रतिनिधियों ने चेयरमैन के साथ बैठक भी की, लेकिन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी स्कूलों को इनका पालन करना होगा। इसके चलते निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्कूल संगठनों का कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल बोर्ड से जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहीं ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत सरकारी स्कूलों में भी आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। अब इस मुद्दे को लेकर स्कूल संगठनों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्तर पर बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

कुदरत का तांडव, अप्रैल में जनवरी जैसी ठंड और चंडीगढ़ में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड

चंडीगढ़ उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अप्रैल के महीने में, जब सूरज की तपिश महसूस होनी चाहिए थी, तब जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड और बेमौसम बरसात ने दस्तक दी है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने भारी तबाही मचाई है। आलम यह है कि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। पंजाब कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। राज्य के करीब 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान मुक्तसर, फाजिल्का और बठिंडा जिलों में दर्ज किया गया है, जहां फसल कटाई के लिए तैयार थी। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पकी हुई फसल को खेतों में बिछा दिया है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। हरियाणा : 6 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूह, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि की संभावना है। हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के किसान पहले ही ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं, जहां गेहूं और सरसों की फसलों को व्यापक क्षति हुई है। किसान अब सरकार से विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़: 5 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल का यह दिन ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। पिछले 5 साल में 7-8 अप्रैल का दिन इतना ठंडा कभी दर्ज नहीं किया गया। सड़कों पर लोग एक बार फिर जैकेट और गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जो अप्रैल के महीने में एक दुर्लभ दृश्य है। हिमाचल: अटल टनल और रोहतांग में बर्फबारी पहाड़ों पर कुदरत का सफेद तांडव जारी है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे रोहतांग दर्रा, अटल टनल, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा बर्फबारी हुई है। शिमला के खड़ापत्थर और नारकंडा में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फबारी और गिरते तापमान ने सेब बागवानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यह समय सेब के पेड़ों में फ्लावरिंग (फूल आने) का है और अत्यधिक ठंड से फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। विशेषज्ञों की चेतावनी और राहत की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों तक उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 9 अप्रैल के बाद ही आंशिक सुधार की उम्मीद है। जलवायु विशेषज्ञों ने बेमौसम की इस मार को 'क्लाइमेट चेंज' के बढ़ते खतरों से जोड़कर देखा है। फिलहाल, प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

इंदौर में जल संकट: नए बोरिंग की अनुमति पर रोक, घोषित किया जल अभावग्रस्त

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में बढ़ती गर्मी के बीच जल संकट के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। तालाबों का जलस्तर घटने और भूजल तेजी से नीचे जाने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शहर में नए बोरिंग कराने पर रोक लगा दी है। शहर में गर्मी के चलते तालाबों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के क्षेत्रों के भूजल स्तर पर भी पड़ रहा है। कई बोरिंग में पानी कम हो चुका है, जिससे जल संकट की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने 30 जून 2026 तक शहर में नए बोरिंग कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर को घोषित किया गया जल अभावग्रस्त क्षेत्र इंदौर के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। यह फैसला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जलप्रदाय) नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में क्या कहा गया रिपोर्ट के अनुसार, शहर में भूजल स्रोतों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से गिर रहा है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और संशोधन अधिनियम 2002 के तहत पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत जिले में निजी और अशासकीय नलकूप खनन (बोरिंग) पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है।  अवैध बोरिंग पर सख्त कार्रवाई ऐसी बोरिंग मशीनें जो प्रतिबंध के बावजूद जिले में प्रवेश करेंगी या बोरिंग करने का प्रयास करेंगी, उन्हें जब्त किया जाएगा और संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपये का जुर्माना और दो साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा। यदि जल संकट और बढ़ता है, तो प्रशासन धारा-4 के तहत निजी बोरिंग का अधिग्रहण भी कर सकता है।