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पंजाब कैबिनेट मीटिंग 11 अप्रैल को: सत्कार एक्ट 2008 में बदलाव पर मंथन

चंडीगढ़. बेअदबी की घटनाओं को लेकर बने कानून को मूर्त रूप देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है। इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल शनिवार को कैबिनेट बैठक बुला ली है। यह बेहद संजीदा बिल हैं। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं। इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे। अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है। बीते साल विधेयक किया गया था पेश बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था। जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे। विधेयक राष्ट्रपति को भेजना जरूर नहीं बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह दावा कर चुके है कि यह स्टेट बिल है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। जबकि माहिरों का कहना है कि 2008 का कानून केवल रेगुलेटरी कानून है जबकि अगर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किए जाने पर सजा का प्रविधान दस साल या इससे ज्यादा किया जाता है तो यह बिल राष्ट्रपति के पास पारित होने के लिए भेजना पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि रेगुलेटरी एक्ट को पीनल एक्ट में बदला तो जा सकता है लेकिन तब यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आ जाएगा। फिर यह स्टेट एक्ट नहीं रहेगा बल्कि समवर्ती सूची में आ जाएगा। ऐसा नहीं है कि राज्य यह कानून बना नहीं सकता लेकिन अगर यह केंद्रीय कानून से टकराया तो केंद्रीय कानून ही माना जाएगा। 13 अप्रैल को विधानसभा में होगा पेश यही कारण हैं कि शिरोमणि अकाली दल अपने सरकार के दौरान 2016 में लाए गए बिल को मंजूरी दिलवाने की मांग कर रही हैं तो कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में लाए गए बिल को कानून बनाने की मांग कर रही है। बता दें कि 2016 के बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान किया गया था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं दी है। 11 अप्रैल को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में बिल के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलेगी। जिसे बाद में 13 अप्रैल को विधान सभा में पेश किया जाएगा।

खाली हो चुके स्कूलों में लौटी रौनक, एसडीएम के आदेश के बाद जनगणना ड्यूटी छोड़ क्लासरूम पहुंचे शिक्षक

  अंबाला स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई ठप नहीं होगी। जनगणना कार्य में जुटे शिक्षकों को वापस बुलाने का निर्णय लेते हुए विभाग ने अब केवल 50 प्रतिशत स्टाफ की ही ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। कई दिनों से जनगणना कार्य के चलते अधिकांश शिक्षक स्कूलों से नदारद थे। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक सत्र की महत्ता को देखते हुए विभाग पर लगातार दबाव बना हुआ था। अब नए आदेशों के बाद शिक्षकों ने स्कूलों में कार्यभार संभाल लिया है। इससे रुकी हुई कक्षाएं दोबारा शुरू हो गई हैं शिक्षकों की वापसी से पिछड़ चुके पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में अब विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। स्कूल खाली होने से जो अभिभावक परेशान थे, वे अब बच्चों को वापस भेजने के लिए उत्साहित हैं। खाली हो गए थे स्कूल जनगणना ड्यूटी के कारण जिले के लगभग 60 से अधिक स्कूल प्रभावित हो गए थे। इनमें से कुछ स्कूल पूरी तरह से शिक्षक के बिना रह गए थे। जिन प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक था, उसकी भी ड्यूटी लगा दी गई थी। इसके अलावा जहां 20 से 25 शिक्षक थे, उस स्कूल का पूरा स्टाफ भी जनगणना के कार्य में लगा दिया गया था। इस मामले पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ व अन्य यूनियनों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 50-50 प्रतिशत फॉमूर्ला लागू करने का आग्रह किया था। वर्जन बच्चों की शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। जनगणना कार्य भी अनिवार्य है इसलिए 50-50 प्रतिशत का फॉर्मूला निकाला गया है। – कनिका गोयल, एसडीएम, अंबाला  

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग: क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग- मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल ई-केवायसी, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से पारदर्शिता को मिली नई गति   रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 97% सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण        1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है। 11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित योजना         वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजना निर्माण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस (NMMS) प्रणाली के उपयोग से उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। क्यूआर कोड से आमजन को सीधी जानकारी       ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से नागरिक, कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एक सितंबर से अब तक लगभग 5 लाख से अधिक स्कैन दर्ज किए गए हैं। जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हर माह 7 तारीख को समाधान का मंच         प्रदेश में प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जमीनी समीक्षा की जाती है।

गुवाहाटी में ‘विराट’ धमाके की तैयारी! राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ किंग कोहली के दिलचस्प आंकड़े

गुवाहाटी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल 2026 का 16वां मुकाबला खेला जाएगा. गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच पर सभी की नजरें आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर टिकी होंगी और उनके बल्ले से फैंस को बड़ी पारी की उम्मीद होगी. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ विराट कोहली के आंकड़े कैसे हैं? उन्होंने कितने रन बनाए हैं… RR VS RCB के बीच होगी कांटे की टक्कर शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को मिलने वाला है. दोनों टीमें 10 अप्रैल को मैदान पर उतरने वाली हैं. ये मैच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा. आरआर और आरसीबी दोनों ही टीमें विजयरथ पर सवार हैं. अब देखने वाली बात होगी कि कौन जीतकर अपनी जीत की लय को बरकरार रखता है, तो वहीं किसे हार का सामना करना पड़ता है.      RR के खिलाफ विराट कोहली के आंकड़े रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 33 मुकाबले खेले, जिसकी 32 पारियों में उन्होंने 34.46 के औसत और 123.93 की स्ट्राइक रेट से 896 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाए. विराट राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सिर्फ एक बार ही डक पर आउट हुए हैं. उनका हाईएस्ट स्कोर 113* रनों का रहा है. विराट कोहली के IPL रिकॉर्ड आईपीएल में 3 बार ऑरेन्ज कैप जीत चुके विराट कोहली ने अब तक 269 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 133.20 की स्ट्राइक रेट और 39.81 के औसत से 8758 रन बनाए हैं. इस दौरान विराट ने 8 शतक और 65 अर्धशतक लगाए हैं. वहीं विराट के बल्ले से 297 छक्के और 778 चौके निकले हैं. ऐसी हैं दोनों टीमें राजस्थान रॉयल्स टीम: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, ब्रिजेश शर्मा, रवि सिंह, शुभम दुबे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युध्दवीर चरक, केना मफाका, विग्नेश पुथुर,अमन राव पेराला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम: फिलिप साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी, सुयश शर्मा, जैकब बेथेल, रसिख सलाम डार, कनिष्क चौहान, वेंकटेश अय्यर, जोश हेज़लवुड, मंगेश यादव, विहान मल्होत्रा, विक्की ओस्टवाल, जॉर्डन कॉक्स, स्वप्निल सिंह, सात्विक देसवाल

खनन पर सख्ती: रायपुर में 2 लाइमस्टोन खदानें सील, कई वाहन जब्त

आरंग. आरंग विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर हसौद में बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के नेतृत्व में टीम ने दो चूना पत्थर (क्रेशर) खदानों को सील करने के साथ-साथ अवैध परिवहन में लगे 7 हाइवा वाहनों को भी जब्त किया है। जांच के दौरान खदान संचालकों के पास आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं पाए गए, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए खदानों को सील कर दिया गया। जिन खदानों पर कार्रवाई हुई, उनमें सीजी एग्रो फार्म (विपिन अग्रवाल एवं के.सी. अग्रवाल), मंदिर हसौद और जय कुमार बजाज, मंदिर हसौद शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम ने क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन पर भी नकेल कसी। जांच में 7 हाइवा वाहन जब्त किए गए, जिनमें एक वाहन रेत से भरा हुआ और 6 वाहन गिट्टी (स्टोन) से भरे हुए पाए गए। बताया जा रहा है कि ये सभी वाहन बिना वैध दस्तावेज के खनिज का परिवहन कर रहे थे, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा था। विभाग ने सभी वाहनों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल के निर्देशानुसार अब पूरे राज्य में खदान संचालन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से करना अनिवार्य है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

पांकी के मुख्य बाजार में बड़ी वारदात, दुकान में सेंधमारी कर सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ किया साफ

  पलामू झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में स्थित घनश्याम ज्वेलर्स में बुधवार देर रात अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया. चोरों ने दुकान के पीछे के गेट से सेंधमारी कर अंदर प्रवेश किया और लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण पर हाथ साफ कर दिया. इस घटना के बाद पूरे बाजार में दहशत का माहौल बन गया है. लाखों के गहनों पर किया हाथ साफ जानकारी के अनुसार, चोरों ने दुकान में रखे कीमती आभूषणों को निशाना बनाया. सोने और चांदी के गहनों की चोरी से दुकानदार को भारी नुकसान हुआ है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, चोरी की रकम लाखों में बताई जा रही है. हालांकि, सटीक आंकलन दुकान मालिक द्वारा सूची तैयार करने के बाद ही हो पाएगा. सबूत मिटाने के लिए डीवीआर भी चोरी इस घटना की खास बात यह रही कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे. उन्होंने न केवल गहनों की चोरी की, बल्कि दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए. इससे साफ जाहिर होता है कि चोर सबूत मिटाने और पहचान छिपाने की मंशा से इस वारदात को अंजाम दे रहे थे. इससे पुलिस के लिए जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है. पुलिस जांच में जुटी, डॉग स्क्वायड की मदद इस घटना की सूचना मिलते ही पांकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली है, ताकि चोरों के सुराग तक पहुंचा जा सके. खोजी कुत्तों के जरिए आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है. पुलिस आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. सुबह दुकान खुलने पर सामने आया सच दुकान के मालिक घनश्याम सोनी ने बताया कि जब वे सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो पीछे के दरवाजे की हालत देखकर उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ. अंदर जाकर देखा तो गहने गायब थे. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. घटना की खबर फैलते ही बाजार के अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए. व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल मुख्य बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की चोरी की घटना से व्यवसायियों में डर का माहौल है. व्यापारियों का कहना है कि अगर मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों में भी चोरी हो रही है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है. लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है. सुरक्षा बढ़ाने की मांग स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इलाके में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और रात के समय पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके.

बड़ी खबर: प्रदेश बोर्ड में बदलाव, अब फेल और पास छात्र दे सकेंगे दूसरी परीक्षा, सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में बड़ा बदलाव किया है। एमपी बोर्ड के लाखों छात्रों के हित में इसे बड़ा कदम बताया जा रहा है। एमपी बोर्ड ने दशकों से चली आ रही पारंपरिक पूरक परीक्षा यानी सप्लीमेंट्री एग्जाम प्रणाली को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया है। इसके बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ फेल हुए छात्र ही नहीं, बल्कि वो छात्र भी पास हो सकेंगे, जो एक प्रकार से अपने रिजल्ट के पर्सेंटेज में सुधार करेंगे और जो अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है। खास बात ये है कि, छात्र किसी भी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। नए पैटर्न से छात्रों को अपने रिजल्ट को सुधारने का बेहतर मौका मिलेगा। परीक्षार्थी को 7 दिन में करना होगा आवेदन 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई तक आयोजित होगी। 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई के बीच होगी। छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के मात्र 7 दिन के भीतर अपना आवेदन पूरा करना होगा। ये आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल रहेगी। छात्र अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क पर जाकर निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करके आसानी से पूरा कर सकते हैं। 7 मई से शुरू होगी परीक्षा जो छात्र किसी भी विषय में फेल होंगे, उनके तो पास होने के लिए संबंदित विषय की परीक्षा देना जरूरी है। लेकिन, नई व्यवस्था के तहत जो छात्र परीक्षा में पास हैं पर अपनी पास होने के पर्सेंटेज से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें लगता है कि, वो और मेहनत कर अपने परिणाम का अंक प्रतिशत सुधार सकते हैं वो भी इच्छानुसार किसी भी विषय की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा को लेकर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। हायर सेकेंडरी (12वीं) की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 के बीच आयोजित होगी। जबकि, हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा 7 मई से 19 मई के बीच आयोजित होगी। इस तरह करें आवेदन द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल रखी गई है, ताकि परीक्षा देने वाले छात्रों को कोई परेशानी न हो। द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद सिर्फ 7 दिनों के भीतर अपना आवेदन करना होगा। ये आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल रहेगी, जिसे छात्र अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क पर जाकर निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करके आसानी से ऑनाइन जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए परीक्षार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में विकास को रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लुंड्रा में 280 करोड़+ परियोजनाओं की शुरुआत की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी और RRTS कॉरिडोर में तकनीकी टकराव, क्या एक ही पिलर पर चलेगी ट्रेन और गाड़ियां

फरीदाबाद  शहर की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं, ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी (बाटा रूट) और नमो भारत (RRTS) अब एक-दूसरे के सामने आ खड़ी हुई हैं। दोनों परियोजनाओं का रूट और अलाइनमेंट लगभग एक समान होने के कारण निर्माण से पहले ही तकनीकी टकराव की स्थिति बन गई है। इस चुनौती को सुलझाने के लिए फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) और RRTS के अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। हालांकि, इस कारण परियोजनाओं में देरी की आशंका भी जताई जा रही है। ये आ रही दिक्कत ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रॉजेक्ट के तहत बाटा चौक से एनआईटी होते हुए सैनिक कॉलोनी से फरीदाबाद गुरुग्राम रोड से कनेक्ट होगा। वहीं, गुरुग्राम से फरीदाबाद आने वाली नमो भारत ट्रेन का रूट भी इसी अलाइनमेंट से गुजर रहा है। आरआरटीएस कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी से मस्जिद चौक, हार्डवेयर चौक और बाटा चौक होते हुए ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाएगा। दोनों परियोजनाओं के पिलर और ढांचा लगभग एक ही स्थान पर प्रस्तावित होने के कारण तकनीकी अड़चन सामने आई है। ईस्ट-टू-वेस्ट प्रॉजेक्ट एक नजर में यह परियोजना पश्चिम में एनआईटी फरीदाबाद को पूर्व में ग्रेटर फरीदाबाद से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट से शहर के अंदर का जाम कम होगा और ग्रेटर फरीदाबाद की गुरुग्राम से बेहतर कनेक्टिविटी बेहतर होगी। प्रारंभ: ग्रेटर फरीदाबाद के बीटीपी श्रेत्र से। रूट: नैशनल हाइे को पार करते हुए बाटा चौक, फिर, हार्डवेयर चौक, प्याली चौक, सब्जी मंडी औ अनाज गौदाम होते हुए मस्जित चौक से सैनिक कॉलोनी तक। समाधान की तलाश: पैरलल अलाइनमेंट? तकनीकि दिक्कत को दूर करने के लिए होगी मंथन कंबाइंड अलाइनमेंट: हो सकता है कि ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड और नमो भारत का रूट एक साथ चलाया जाए। अलाइनमेंट री-डिजाइन: रूट में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है ताकि पिलर एक-दूसरे के काम में बाधा न डाले। संयुक्त पिलर तकनीक: क्या कुछ हिस्सों में एक ही पिलर पर ऊपर ट्रेन और नीचे सड़क संभव हैं? अधिकारी इस संभावना पर विचार कर सकते हैं। दोनों परियोजनाएं शहर के लिए बेहत जरूरी है। अधिकारियों का प्रयास है कि न्यूनतम बदलाव के साथ जल्द अंतिम अलाइनमेंट तय कर लिया जाए, ताकि फरीदाबाद को गुरुग्राम और नोएडा से जोड़ने की योजना समय पर साकार हो सके। देरी की आशंका से चिंता बढ़ी यदि अनाइनमेंट में बदलाव होता है तो नई ड्रॉइंग, डिजाइन और तकनीकी सर्वे की जरूरत पड़ेगी। इससे प्रॉजेक्ट की शुरुआत और समय सीमा प्रभावित हो सती है। पहले से ट्रैफिक के जाम से जूझ रहे शहरवासियों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। क्योंकि उन्हें इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के और इंतजार करना पड़ सकता है।

महिला क्रिकेटरों की मैच फीस हुई डबल, घरेलू खिलाड़ियों पर पैसों की बारिश कर तमीम इकबाल ने जीता दिल

 ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में सत्ता परिवर्तन होते ही वहां के खिलाड़ियों की तकदीर ने भी करवट लेनी शुरू कर दी है. तमी इकबाल के कमान संभालते ही वहां के घरेलू क्रिकेटरों पर पैसों की बारिश होती दिखी है. BCB के नए अध्यक्ष बने तमीम इकबाल ने बांग्लादेश की महिला और पुरुष दोनों ही क्रिकेटरों की सैलरी में इजाफा करने का फैसला किया है. खिलाड़ियों की सैलरी तो दोगुने से ज्यादा बढ़ी ही है. उसके अलावा T20 और वनडे के लिए उन्हें मिलने वाले मैच फीस में भी बढ़ोत्तरी की गई है. तमीम इकबाल ने BCB अध्यक्ष बनते ही लिया बड़ा फैसला बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर रहे तमीम इकबाल ने फिलहाल 3 महीने के लिए ही BCB की कमान संभाली है. लेकिन, उसकी परवाह ना करते हुए उन्होंने कार्यकाल संभालने के बाद अपनी दूसरी मीटिंग में ही घरेलू खिलाड़ियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कर उसे बढ़ाने का बड़ा फैसला किया. साल 2023 के बाद ये पहली बार है, जब बांग्लादेश के घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाई गई है. महिला क्रिकेटरों की मैच फीस हुई डबल तमीम इकबाल के फैसले के बाद सैलरी का जो नया स्ट्रक्चर होगा, उसके मुताबिक बांग्लादेश की महिला क्रिकेटरों की मैच फीस बढ़ाकर लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में सीधे डबल कर दी गई है. उन्हें अब हर T20 मैच के 10000 टका और एक वनडे खेलने के 15000 टका मिलेंगे. इससे पहले मैच फीस सिर्फ 5000 टका थी. लंबे फॉर्मेट यानी रेड बॉल क्रिकेट में यही मैच फीस 20000 टका है. कॉन्ट्रेक्टेड घरेलू महिला क्रिकेटरों की संख्या को बढ़ाकर 35 तक करने का फैसला किया गया है, जिनकी हर महीने की सैलरी में भी इजाफा किया गया. उनकी सैलरी अब 30000 से 40000 टका तक होगी. मेंस क्रिकेटरों की सैलरी हुई दोगुने से ज्यादा घरेलू मेंस क्रिकेटरों की सैलरी उनकी कैटेगरी के हिसाब से बढ़ाई गई है. बड़ी बात ये है कि हर कैटेगरी के क्रिकेटरों की सैलरी में दोगुने से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है. A कैटेगरी वाले क्रिकेटरों की सैलरी 28750 टका से बढ़ाकर 65000 टका कर दी गई है. B कैटेगरी वाले खिलाड़ियों की सैलरी 23000 टका से बढ़ाकर 50000 टका की गई है. वहीं C कैटेगरी वालों को भी 40000 टका तक अब सैलरी मिलेगी, जो कि पहले 17250 टका थी. बांग्लादेश के फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों की सैलरी में भी इजाफा किया गया है. उन्हें अब एक मैच खेलने के 70000 टका की जगह 100000 टका मिलेंगे. जनवरी से ही लागू मानी जाएगी सैलरी में बढ़ोत्तरी बांग्लादेशी खिलााड़ियों की सैलरी में बंपर इजाफे का फैसला करते हुए तमीम इकबाल ने कहा कि घरेलू क्रिकेटर जितनी मेहनत करते हैं, उसके मुकाबले उनकी सैलरी कम थी. इसलिए उसे बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि ये सैलरी भले ही अप्रैल में बढ़ाई गई है, लेकिन ये लागू इस साल जनवरी से ही माना जाएगा.