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जाम से मिलेगी मुक्ति, योगी सरकार ने जारी की नई ट्रैफिक गाइडलाइन और नियम तोड़ने पर ₹20,000 तक का जुर्माना

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खासतौर पर स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय लगने वाले जाम को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की गई है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने “सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम (CRTC)” के तहत 20 शहरों के 172 रास्तों के लिए नियम बनाए हैं। अब स्कूलों और आसपास के दफ्तरों की छुट्टी एक साथ नहीं होगी, बल्कि उनमें कम से कम 15 मिनट का अंतर रखा जाएगा। क्या हैं नए नियम? व्यस्त चौराहों और तिराहों के 100 मीटर के दायरे को खाली रखना होगा, इस क्षेत्र में सवारी बैठाने या उतारने की अनुमति नहीं होगी, पीक टाइम में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, रूट मार्शल की व्यवस्था की जाएगी, ट्रैफिक को तेज और सुचारु बनाने पर जोर दिया जाएगा। किन शहरों में लागू होंगे नियम? ये गाइडलाइन कुल 20 बड़े शहरों में लागू होंगी। जिनमें आगरा, आजमगढ़, अलीगढ़, अयोध्या, बांदा, बरेली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गोंडा, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी शामिल है।   लखनऊ के प्रमुख जाम वाले रूट लखनऊ में कई रास्तों को चिन्हित किया गया है, जैसे: जुनाबगंज से चारबाग, अयोध्या रोड से चारबाग, बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक, मड़ियांव से हजरतगंज, ट्रांसपोर्टनगर से कमता, अवध चौराहा से दुबग्गा। कितना लगेगा जुर्माना? नो एंट्री तोड़ने पर: ₹20,000 नो पार्किंग (पहली बार): ₹500, बाद में ₹2000 गलत दिशा में वाहन चलाने पर: ₹2000 जाम की स्थिति एक सर्वे के मुताबिक, लखनऊ के कुछ रास्तों पर पीक टाइम में यात्रा का समय 10 से 15 गुना तक बढ़ जाता है। खासकर दोपहर और शाम के समय जाम सबसे ज्यादा रहता है। वहीं, डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, स्कूल और दफ्तर एक साथ बंद होने से ही सबसे ज्यादा जाम लगता है। इसलिए छुट्टी का समय अलग-अलग करने का फैसला लिया गया है, जिससे ट्रैफिक कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।  

ईंधन संकट की मार अब निर्माण सामग्री पर, गुड़गांव में सीमेंट के दाम बढ़ने से बिगड़ा लोगों का बजट

गुरुग्राम  शहर में इन दिनों सीमेंट के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। घर बनाना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, केवल अप्रैल माह में ही सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी करीब 10 से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि आगे कीमतों को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि बाजार की स्थिति लगातार बदल रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण हैं। डीजल और अन्य ईंधनों के महंगे होने से सीमेंट की पैकेजिंग, ढुलाई (ट्रांसपोर्ट) और अन्य खर्चों में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। बढ़े हुए रेट पर आ रहा सीमेंट दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों की ओर से ही बढ़े हुए रेट पर सीमेंट सप्लाई किया जा रहा है, जिससे वे मजबूरी में महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। हर खेप पर बढ़े ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण खुदरा बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। घर बनवाने का बिगड़ा बजट     घर बनवा रहे लोगों ने बताया कि पहले जो बजट तय किया था, अब वह पूरी तरह बिगड़ चुका है।     सीमेंट के साथ-साथ अन्य निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ने से कुल लागत में भारी इजाफा हुआ है।     कई लोगों ने बढ़ती लागत के चलते अपने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया है या फिलहाल रोक दिया है। अभी और बढ़ सकती हैं कीमतें विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में निर्माण सामग्री के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए घर बनाना और ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

धमाकेदार होगी क्रिस हेम्सवर्थ की वापसी, शुरू हुई ‘एक्सट्रैक्शन 3’ की तैयारी, इदरीस एल्बा भी आएंगे नजर

 पॉपुलर एक्शन फ्रेंचाइजी ‘एक्सट्रैक्शन’ के फैंस के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि मूवी पर काम शुरू हो गया है। साथ ही इस बार मूवी की कास्ट में एक और बड़ा नाम शामिल होने वाला है। मार्वल स्टार क्रिस हेम्सवर्थ की पॉपुलर एक्शन फ्रेंचाइजी ‘एक्सट्रैक्शन’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फिल्म के तीसरे पार्ट की तैयारियां शुरू हो गई हैं, और अब फिल्म में एक और बड़ा हॉलीवुड एक्टर शामिल होने वाला है। जानिए क्या है फिल्म के रीसेंट अपडेट और तीसरे पार्ट में क्या कुछ खास होने वाला है। यह मार्वल एक्टर भी होंगे फिल्म का हिस्सा हॉलीवुड की पॉपुलर एक्शन फ्रेंचाइजी ‘एक्सट्रैक्शन’ के फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। तीसरी फिल्म ‘एक्सट्रैक्शन 3’ पर काम शुरू हो चुका है और एक बार फिर क्रिस हेम्सवर्थ अपने दमदार किरदार टायलर रेक के रूप में वापसी करने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म में इदरीस एल्बा भी नजर आएंगे, जो पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं। उनके साथ गोलशिफ्तेह फरहानी भी अपनी भूमिका दोहराती दिखेंगी। फिल्म को एक बार फिर डायरेक्टर सैम हार्ग्रेव ही डायरेक्ट करेंगे, जिन्होंने पहले दोनों पार्ट्स को भी संभाला था। ‘एक्सट्रैक्शन’ सीरीज की शुरुआत 2020 में हुई थी और इसके बाद 2023 में इसका दूसरा पार्ट आया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। यह पार्ट होगा और एक्शन पैक बताया जा रहा है कि तीसरा पार्ट पहले से भी ज्यादा बड़े स्केल और हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ आएगा। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह फिल्म 2027 के आसपास रिलीज हो सकती है। फिलहाल इतना तय है कि टायलर रेक की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, और आने वाला पार्ट एक बार फिर जबरदस्त एक्शन और थ्रिल से भरपूर होने वाला है।  

उत्तर बस्तर कांकेर : नगर पंचायत उप निर्वाचन पखांजूर : निर्वाचक नामावली तैयार करने कार्यक्रम जारी

उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा नगर पंचायत पखांजूर के उप निर्वाचन को सम्पन्न कराये जाने के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति 09 अप्रैल तक किया जाकर निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक प्रारूप तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर, तहसीलदार पखांजूर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पखांजूर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के विधानसभा की अद्यतन निर्वाचक नामावली प्राप्त करने के बाद विधानसभा की निर्वाचक  नामावली को वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार मार्किंग की जाएगी। वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में 10 अप्रैल तक शिफ्ट किया जाएगा तथा 11 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली के पीडीएफ तैयार करके जांच कर त्रुटि का सुधार किया जाएगा एवं चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा और जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा 13 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराया जाकर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां 13 अप्रैल से 20 अप्रैल के दोपहर 03 बजे तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल शुक्रवार निर्धारित की गई है।  रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त     कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार पखांजूर को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अपर कलेक्टर अंतागढ़ को अपील प्राधिकारी के कृत्यों के संपादन के लिए पदाभिहित अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग का नया आदेश: अम्बाला अस्पतालों में CT स्कैन और X-Ray के नियम बदले

अंबाला. अंबाला के नागरिक अस्पतालों में अब सीटी स्कैन और एक्स-रे करवाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नए आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब हर व्यक्ति सीधे अस्पताल आकर ये टेस्ट नहीं करवा सकेगा। दरअसल अब सीटी स्कैन और XRAY करवाने के लिए शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी कर दिया गया है। बता दें कि सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसे टेस्ट काफी महंगे होते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार की स्कीम के तहत अंबाला के नागरिक अस्पतालों में ये सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसी वजह से अस्पतालों में अक्सर भारी भीड़ देखने को मिलती थी।हालात ये हो जाते थे कि जिन मरीजों को इन टेस्ट की वास्तव में जरूरत होती थी, उन्हें भी कई बार इंतजार करना पड़ता था या टेस्ट नहीं हो पाता था। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता देने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। नए आदेशों के मुताबिक अब किसी भी मरीज को सीटी स्कैन या एक्स-रे करवाने के लिए अस्पताल में शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी होगा। यानी अब बिना डॉक्टर की निगरानी और एडमिशन के ये टेस्ट नहीं किए जाएंगे।

‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ फेम माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, मोटर न्यूरोन बीमारी से हार गए जिंदगी की जंग

गेम ऑफ थ्रोन्स फेम एक्टर माइकल पैट्रिक का निधन हो गया है. 8 अप्रैल 2026 को ए्क्टर ने 35 की उम्र में आखिरी सांस ली. माइकल मोटर न्यूरोन नाम की बीमारी (MND) से जूझ रहे थे. माइकल इस दुनिया में अब नहीं रहे इसकी जानकारी उनकी पत्नी नाओमी शीहान ने दी. वहीं एक्टर ने भी निधन से पहले एक फेसबुक पोस्ट में इस बीमारी से अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की थी. वो अपने आखिरी वक्त में व्हीलचेयर पर आ चुके थे. अलविदा 'GOT' स्टार माइकल खुशी-खुशी इस दुनिया को अलविदा कहना चाहते थे. इसलिए उन्होंने ट्रेकियोस्टोमी (Tracheostomy- गले में छेद करके सांस लेने की प्रक्रिया) कराने से भी इनकार कर दिया था. माइकल की पत्नी नाओमी ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उनके पति, जिन्हें वो प्यार से 'मिक' कहती थीं, नॉर्थ आयरलैंड के बेलफास्ट में एक हॉस्पिस केयर सेंटर में 10 दिनों तक एडमिट थे. लेकिन आखिरकार वो न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से अपनी जिंदगी की जंग हार गए. नाओमी ने लिखा- मिक को 10 दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी देखभाल एक शानदार टीम ने की. उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के बीच शांति से अंतिम सांस ली. हमारे दिल टूट गए हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. माइकल पैट्रिक एक एक्टर होने के साथ-साथ नाटककार भी थे. उन्होंने गेम ऑफ थ्रोन्स के सीजन 6 के एक एपिसोड में वाइल्डलिंग का किरदार निभाया था. उन्होंने अपनी MND की बीमारी को अपने फेमस नाटक माय राइट फुट के लिए प्रेरणा बनाया, जिसमें उन्होंने ये दिखाया कि वो उसी बीमारी का सामना कैसे कर रहे थे, जिससे उनके पिता की मृत्यु हुई थी. इलाज के लिए पब्लिक ने की थी मदद माइकल ने फरवरी में इंस्टाग्राम पर अपनी हेल्थ के बारे में लिखा था, जो बाद में उनका आखिरी संदेश साबित हुआ. वो बोले थे- मुझे MND हुए 3 साल हो गए हैं. अब भी हालात बहुत खराब हैं. 'हेल्थ अपडेट: मैं और नाओमी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक अस्पताल में रहे. डॉक्टरों से बात की और कई जांच करवाईं. हम ट्रेकियोस्टॉमी कराने के जोखिम और उसके असर के बारे में बात कर रहे थे. ऑपरेशन के बाद रोजमर्रा की जिंदगी कैसी होगी, इस पर भी चर्चा हुई. 'संक्षेप में, मैं ट्रेकियोस्टॉमी नहीं करवाऊंगा. मुझे बताया गया कि स्टाफ की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद घर लौटने में लगभग 6–12 महीने लग सकते हैं. इस कोशिश में मदद करने वाले सभी लोगों का बहुत धन्यवाद- सीनियर सोशल वर्कर्स से लेकर नेताओं और अस्पताल के मुख्य अधिकारी तक. सबने बहुत कोशिश की, लेकिन स्टाफ की कमी है.' माइकल के पास वक्त कम बचा था. इलाज के लिए उन्हें एक एप के जरिए पैसे भी जमा करने पड़े थे. उन्होंने बताया था कि- मेरे न्यूरोलॉजिस्ट ने हमें बताया कि मेरे पास शायद लगभग 1 साल का समय बचा है (हालांकि ये पक्का नहीं है और हमें अभी भी उम्मीद है कि दवाइयों के ट्रायल से थोड़ा और समय मिल सकता है). इसलिए मैं अपना इतना समय अस्पताल के बिस्तर पर बिताने का जोखिम नहीं लेना चाहता. 'गोफंडमी पर मिले सभी दान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. भले ही मैंने ट्रेकियोस्टॉमी नहीं करवाई, लेकिन ये पैसा मेरे जीवन के आखिरी चरण में विशेष देखभाल के लिए इस्तेमाल होगा. आपकी दरियादिली से मैं बहुत भावुक हूं. खैर, अभी भी जीने के लिए बहुत कुछ है और कई योजनाएं हैं. ये मेरा छोटा गॉडसन माइकल है, जो मुझसे अस्पताल में मिलने आया है.' दुनिया भर के कई फैंस उन्हें गेम ऑफ थ्रोन्स से याद करते हैं. वो सीजन 6 के द ब्रोकेन मैन एपिसोड में नजर आए थे, जहां उन्होंने एक वाइल्डलिंग दंगाई का किरदार निभाया था. ये एक छोटा रोल था, लेकिन इसके जरिए वो टेलीविजन इतिहास के सबसे बड़े शो में से एक से जुड़ गए. जो लोग उन्हें जानते थे- उनका कहना है कि उनकी असली ताकत सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, बल्कि लोगों के साथ उनका व्यवहार भी था. वो दयालु, मजाकिया और अपने काम की ओर पूरी तरह समर्पित थे. बीमार होने के बाद भी वो अपने क्रिएटिव काम और दोस्तों से जुड़े रहे.

रणबीर कपूर से पहले उनके परदादा भी बन चुके हैं ‘राम’, 92 साल पहले पृथ्वीराज कपूर की इस फिल्म ने रचा था इतिहास

 हर तरफ रणबीर कपूर की रामायण फिल्म के चर्चे हैं. साल 2026 के इतिहास में पहली बार इतनी महंगी फिल्म बनने जा रही है. फैंस बेसब्री से 2026 की दिवाली का इंतजार कर रहे हैं. फिल्म को लेकर उत्सुकता तो पिछले 2 सालों से चली आ रही है जब इस फिल्म को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई थी. हिंदू माइथोलॉजी में रामायण का अलग ही महत्व है और रामायण पर कई सारे टीवी सीरियल्स और फिल्में बन चुकी हैं. अब नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण फिल्म चर्चा में है. इस फिल्म में राम का रोल एक्टर रणबीर कपूर प्ले कर रहे हैं. हाल ही में फिल्म से उनका लुक आया है जो खूब चर्चा बंटोर रहा है. कुछ लोगों को रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में फिट नजर आ रहे हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस रोल में उन्हें उतना सटीक नहीं मान रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि अभी तो फिल्म का फर्स्ट लुक ही आया और किसी भी ओपनियन तक पहुंचने से पहले इसके टीजर और ट्रेलर को भी देख लेना चाहिए. फिलहाल अभी तो रणबीर कपूर की रामायण की रिलीज में वक्त है. इसी बीच बात करते हैं 9 दशक पहले आई उस फिल्म की जो रामायण पर बेस्ड पहली फिल्म मानी जाती है और इस फिल्म का नाम इतिहास में कई वजहों से दर्ज भी है. जब पृथ्वीराज कपूर बनें थे राम रणबीर कपूर फिल्म रामायण में भगवान राम का रोल प्ले करने जा रहे हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि उनसे 9 दशक पहले ही उनके परदादा ने भी भगवान राम का रोल प्ले किया था. पृथ्वीराज कपूर ने साल 1934 में आई फिल्म सीता में भगवान राम का रोल प्ले किया था. इस फिल्म में उनके छोटे भाई त्रिलोक कपूर भी थे. वे इस फिल्म में लव का रोल प्ले करते नजर आए थे. इत्तेफाक देखिए कि अब जब रणबीर कपूर रामायण फिल्म में भगवान राम का रोल करने जा रहे हैं तो उसके 9 दशक पहले ही कपूर खानदान के 2 एक्टर रामायण पर बनी फिल्म पर काम करते नजर आ चुके हैं. 92 साल पहले आई थी फिल्म सीता सीता फिल्म की बात करें तो ये एक बंगाली फिल्म थी जो साल 1934 में रिलीज की गई थी. फिल्म में सीता के रोल में दुर्गा घोटे नजर आई थीं. ये वो समय था जब वे इंडस्ट्री में नई-नई थीं और एक्ट्रेस के हाथ ये बड़ा लीड रोल लगा था. सीता फिल्म का निर्देशन ईस्ट इंडिया फिल्म कंपनी द्वारा किया गया था. जबकी फिल्म का निर्देशन देबाकी बोस ने किया था. फिल्म की खास बात ये भी थी कि ये उत्तर रामायण पर आधारित थी और भारत के अबतक के इतिहास की रामायण पर बनी पहली बड़ी फिल्म के तौर पर जानी जाती है. वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ‘सीता’ ने रचा था इतिहास सीता फिल्म की खास बात ये थी कि ये भारतीय इतिहास की उन कुछ फिल्मों में शुमार की जाती है जिसे इंटरनेशनल लेवल पर सबसे पहले लोकप्रियता मिली थी. फिल्म को तो वेनिस फिल्म फेस्टिवल में खास सम्मान मिला था और इस फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग वाली ये पहली भारतीय फिल्म भी मानी जाती है. फिल्म को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में ऑनरेरी डिप्लोमा का अवॉर्ड मिला था. दो पार्ट्स में रिलीज होगी रामायण फिल्म रामायण फिल्म की बात करें तो रणबीर कपूर की ये फिल्म 4000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही है और इसे दो पार्ट्स में रिलीज किया जाएगा. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 के मौके पर रिलीज किया जाएगा. जबकी फिल्म का दूसरा पार्ट साल 2027 में रिलीज के लिए तैयार है. फिल्म की कास्ट में कई सारे रोल्स फाइनल हो चुके हैं. फिल्म में सीता के रोल में सई पल्लवी हैं, कुंभकरण के रोल में विजय सेतुपति हैं वहीं राजा दशरथ के रोल में अरुण गोविल नजर आ रहे हैं. फिल्म में साउथ सुपरस्टार यश नेगेटिव रोल में होंगे और वे रावण के रोल में नजर आएंगे.  

गोल्फ का सबसे बड़ा महाकुंभ ‘द मास्टर्स’, 90वें संस्करण में दिखेगा परंपराओं और इतिहास का शानदार संगम

ऑगस्टा (अमेरिका) गोल्फ की दुनिया में ‘द मास्टर्स’ का स्थान चारों मेजर टूर्नामेंट में सबसे ऊपर माना जाता है। इस साल प्रतिष्ठित मेजर चैम्पियन​शिप का 90वां संस्करण खेला जा रहा है। ऑगस्टा नेशनल गोल्फ क्लब के हरे-भरे और शानदार मैदानों पर यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि परंपराओं और इतिहास का महाकुंभ है। मास्टर्स टूर्नामेंट की स्थापना वर्ष 1934 में गोल्फ के दिग्गज एमेच्योर चैम्पियन बॉबी जोन्स और निवेश बैंकर क्लिफर्ड रॉबर्ट्स ने की थी। मैदान के इतिहास (एक पूर्व नर्सरी) का सम्मान करते हुए, कोर्स के हर होल का नाम किसी न किसी पेड़ या झाड़ी के नाम पर रखा गया है। मास्टर्स की सबसे बड़ी पहचान ‘ग्रीन जैकेट’ की शुरुआत 1937 में हुई थी। शुरुआत में इसे क्लब के सदस्यों के लिए पेश किया गया था ताकि वे अलग दिख सकें, लेकिन बाद में इसे विजेताओं को दिया जाने लगा। क्लिफर्ड रॉबर्ट्स द्वारा 1940 के दशक में शुरू की गई एक परंपरा के तहत, मास्टर्स में कैडी (खिलाड़ी का बैग उठाने वाले) हमेशा सफेद जंपसूट (ओवरऑल) और हरी टोपी पहनते हैं। ड्वाइट आइजनहावर ऑगस्टा नेशनल के सदस्य बनने वाले एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। उनके लिए केबिन बनाया गया था, जिसकी डिजाइन में सीक्रेट सर्विस की भी भूमिका थी। टूर्नामेंट का सबसे कड़ा नियम यह है कि मैदान पर सेल फोन या मोबाइल उपकरणों पर प्रतिबंध है। यदि कोई फोन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाता है और उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाता है। मोबाइल न होने की भरपाई के लिए, पूरे कोर्स में पुराने जमाने के काले लैंडलाइन फोन लगाए गए हैं, जहां से मुफ्त कॉल कर सकते हैं। प्रवेश के लिए आवश्यक आधिकारिक टिकट को ‘बैज’ कहा जाता है। ये बैज इतने मूल्यवान होते हैं कि लोग इन्हें पीढ़ियों तक सहेज कर रखते हैं। बैज पाने का तरीका ‘मास्टर्स लॉटरी’ है। हर साल अनुमानित रूप से 20 लाख से अधिक लोग इसके लिए आवेदन करते हैं और जीतने की संभावना 1% से भी कम होती है। ट्रॉफी रूम में मास्टर्स चैम्पियन जीत की रात क्लब के सदस्यों के साथ डिनर करता है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मंगलवार को एक विशेष डिनर आयोजित किया जाता है। इसमें केवल मास्टर्स विजेताओं (वर्तमान में 35 जीवित हैं) को आमंत्रित किया जाता है। डिनर का मेन्यू पिछले साल का विजेता तय करता है। मास्टर्स जीतने वाले खिलाड़ी को इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए आजीवन निमंत्रण मिलता है। मास्टर्स में खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को उनके व्यक्तिगत उपयोग के लिए मर्सिडीज-बेंज कार दी जाती है। ऑटोग्राफ का भी खास नियम; कोर्स की सूखी जगह पर हरे रंग से पेंट यदि किसी फैन ने मास्टर्स के लोगो वाले झंडे पर ऑटोग्राफ मांगा है, तो एक दिलचस्प नियम लागू होता है। जिन खिलाड़ियों ने मास्टर्स जीता है, वे झंडे पर बने अमेरिका के नक्शे के अंदर हस्ताक्षर करते हैं, जबकि अन्य खिलाड़ियों को नक्शे के बाहर हस्ताक्षर करने होते हैं। मैदान को टीवी पर बिल्कुल परफेक्ट और हरा-भरा दिखाने के लिए कोर्स पर किसी भी सूखे या खाली स्थान को हरे रंग से पेंट कर दिया जाता है। विजेता ट्रॉफी चांदी के 900 टुकड़े जोड़कर बनाई है।

स्कूलों में डिजिटल निगरानी: मिशन समर्थ-4 से छात्रों की अटेंडेंस ऑनलाइन ट्रैक होगी

चंडीगढ़. पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की मनमर्जी नहीं चलेगी। स्कूल से लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों पर सख्त नजर रखने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को ‘मिशन समर्थ-4’ लॉन्च कर दिया। नई व्यवस्था के तहत अब हर छात्र की अटेंडेंस आनलाइन ट्रैक होगी और अनुपस्थिति पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि ‘मिशन का मकसद सिर्फ योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की पढ़ाई को लगातार बनाए रखना है। इसके तहत स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे हर बच्चे की रोजाना उपस्थिति का रिकार्ड सीधे सिस्टम में दर्ज होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आता है तो सबसे पहले स्कूल स्तर पर उसके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। यदि इसके बावजूद छात्र की उपस्थिति में सुधार नहीं होता और अनुपस्थिति पांच दिन तक पहुंच जाती है, तो मामला जिला स्तर पर मॉनिटर किया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर उच्च स्तर तक इसकी निगरानी की जाएगी। बच्चों को स्कूलों से जोड़ने की पहल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पहले कई बार ऐसा होता था कि बच्चे लंबे समय तक स्कूल से दूर रहते थे, लेकिन इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी। अब रियल टाइम डेटा के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं जो अलग-अलग कारणों से बीच-बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। नई ट्रैकिंग प्रणाली से ऐसे बच्चों की तुरंत पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने में मदद मिलेगी। बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी मंत्री ने बताया कि मिशन के तहत सरकार पहले ही बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर काम कर चुकी है। अब इसके चौथे चरण में फोकस इस बात पर है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। सरकार का मानना है कि सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या सुविधाएं बढ़ाने से शिक्षा में सुधार नहीं आता, जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल न आएं। इसी सोच के तहत अब अटेंडेंस को लेकर सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत सिस्टम लागू किया गया है। जानें, क्या बदलेगा इस सिस्टम से इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद स्कूलों में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि उनका बच्चा स्कूल नहीं पहुंच रहा। ‘मिशन के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब फोकस सिर्फ योजनाओं पर नहीं, बल्कि बच्चों की रोजाना मौजूदगी और वास्तविक पढ़ाई पर है। अगर यह सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट और अनियमित उपस्थिति की समस्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।