samacharsecretary.com

ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार का बल, ज्ञान संरक्षण को मिल रही नई दिशा

वैश्विक मंच तक पहुंचेगा भारतीय ज्ञान, कानपुर की प्राचीन पांडुलिपियां होंगी डिजिटल ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार का बल, ज्ञान संरक्षण को मिल रही नई दिशा मंदिरों, मठों और निजी संग्रहों में सुरक्षित पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण ज्ञान भारतम् मोबाइल एप से होगा सर्वे, जीपीएस आधारित डाटा संग्रह शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को मिलेगा वैश्विक स्तर पर अध्ययन का अवसर लखनऊ/कानपुर  उत्तर प्रदेश में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और उसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार ने मिशन मोड में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कानपुर नगर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों की तरह कानपुर में भी मंदिरों, मठों, आश्रमों, संस्कृत पाठशालाओं, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में सदियों पुरानी पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। इन पांडुलिपियों में धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, इतिहास और साहित्य से जुड़ा बहुमूल्य ज्ञान निहित है, जिसे अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। ज्ञान भारतम् ऐप से सर्वेक्षण कार्य इस अभियान के तहत ज्ञान भारतम् ऐप की मदद से सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। सर्वे टीम पांडुलिपियों की पहचान कर उनका जीपीएस लोकेशन, फोटोग्राफ, संख्या और वर्तमान स्थिति का विवरण ऐप में अपलोड करेगी। इसके बाद संस्कृति विभाग की विशेषज्ञ टीम इन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करेगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल केवल धरोहर संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर नई पीढ़ी और वैश्विक शोध समुदाय तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। डिजिटल रूप में उपलब्ध होने के बाद देश-विदेश के शोधकर्ता, विद्यार्थी और अध्येता इन पांडुलिपियों का अध्ययन कर सकेंगे। पांडुलिपियों का स्वामित्व मूल संग्रहकर्ताओं के पास बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व मूल संग्रहकर्ताओं के पास ही सुरक्षित रहेगा। प्रशासन और संस्कृति विभाग केवल उनके डिजिटलीकरण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे, जिससे धरोहर संरक्षित रहते हुए ज्ञान का व्यापक प्रसार संभव हो सके। योगी सरकार की यह पहल प्रदेश में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ ज्ञान आधारित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।  इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, पर्यटन अधिकारी अर्जिता ओझा, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, धर्मप्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश में 13.35 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य, निर्वाचन आयोग ने सात लाख नामों को सूची से हटाने की तैयारी की पूरी

लखनऊ प्रदेश में शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। करीब सात लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की उम्मीद है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में ज्यादा नाम काटे जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक,अंतिम मतदाता सूची में करीब 13.35 करोड़ लोगों के नाम होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सूची में महिलाओं के मुकाबले पुरुष अधिक संख्या में होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी करेंगे। बीती 6 जनवरी को 12.55 करोड़ मतदाताओं की मसौदा सूची जारी की गई थी। उसके बाद 6 मार्च तक लोगों से इस ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियां ली गईं। कुल 86.69 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के लिए फॉर्म-6 भरा। वहीं 3.18 लाख लोगों ने नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा है। मतदाता सूची में 1.04 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके नाम का मिलान माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी से न होने के कारण इन्हें नोटिस दिया गया था। वहीं 2.22 करोड़ लोग तार्किक विसंगति वाले थे। सूत्र बताते हैं कि नाम कटवाने व नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब सात लाख के नाम काटे जाने की उम्मीद है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची में 13.35 करोड़ लोगों के नाम हो सकते हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ वोटरों में से 6.88 करोड़ पुरुष व 5.67 करोड़ महिलाएं थीं। नाम जुड़वाने के लिए आए 86.69 लाख फॉर्म-6 में से 43.06 लाख पुरुषों के और 43.62 लाख महिलाओं के फॉर्म थे। वहीं, 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे गए हैं। इसमें से 1.46 लाख पुरुषों के और 1.31 लाख फॉर्म महिलाओं के आएं हैं। वहीं नोटिस पाने वाले जिन मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, उनमें भी महिलाओं व पुरुषों में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के नाम अधिक होने की उम्मीद है।  

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 785 अंक मजबूत, निफ्टी 24,000 के आंकड़े को पार किया

मुंबई  बिजनेस डेस्कः एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (10 अप्रैल) को मजबूती के साथ शुरुआत की। बैंकिंग और इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला, हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। 30 शेयरों वाला BSE Sensex बढ़त के साथ 77,198 अंक पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 76,631 अंक पर बंद हुआ था। खबर लिखे जाने के समय सेंसेक्स 785.40 अंक यानी 1.02% की तेजी के साथ 77,417.05 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 ने भी मजबूती दिखाई और 23,880 पर ओपन हुआ। पिछले सत्र में यह 23,775 पर बंद हुआ था। इस समय निफ्टी 241.35  अंक यानी 1% की बढ़त के साथ 24,017.45 पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल मार्केट का हाल एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 2.18% चढ़ा, जबकि जापान का Nikkei 225 1.78% और हांगकांग का Hang Seng Index 1.11% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 0.62%, Dow Jones Industrial Average 0.58% और Nasdaq Composite 0.83% ऊपर बंद हुए।हालांकि, निवेशकों की नजर अब भी अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे सीजफायर पर बनी हुई है, जिसे फिलहाल नाजुक माना जा रहा है।

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे आपदा प्रभावित जनपदों का जाना हाल, प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाने के दिए निर्देश किसानों के साथ खड़ी है योगी सरकार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद का दिया है भरोसा उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने फतेहपुर व आजमगढ़ में बैठक कर दिए निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को आपदा से सर्वाधिक प्रभावित बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव तथा लखनऊ जनपदों का हवाई सर्वेक्षण किया। योगी सरकार ने प्रदेश में इस सप्ताह हुई असामयिक वर्षा, तेज हवाओं और चक्रवात के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।  किसानों के लिए खड़ी है सरकार  उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया संकट की घड़ी में सरकार साथ खड़ी है। योगी सरकार पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता समेत हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से इन सभी जनपदों के प्रशासन को विस्तृत सर्वेक्षण करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आजमगढ़ व फतेहपुर में देखी जमीनी हकीकत  हवाई सर्वेक्षण के उपरांत आजमगढ़ तथा फतेहपुर जनपदों में स्थिति की जमीनी हकीकत परखने के लिए महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इन बैठकों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान फसल सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पूरी तत्परता के साथ आपदा प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर शासन को विस्तृत आख्या प्रेषित करें, ताकि प्रभावित अन्नदाताओं को अविलंब राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।

बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, फसलों के नुकसान की सूचना के लिए खुला कंट्रोल रूम और प्रशासन ने शुरू किया सर्वे

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान पूर्वी और पश्चिमी संभाग के 50 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। विक्षोभ के असर से हुई बारिश से बांदा, इटावा, बरेली, हरदोई जैसे जिलों में दिन व रात का पारा सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। बेमाैसम बारिश और तेज रफ्तार हवाओं से खेतों में कटने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। माैसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार से मौसम की यह आंख मिचौली थमने वाली है। अगले 15 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। इसके साथ ही अगले एक हफ्ते में प्रदेश भर के औसत तापमान में लगभग दस डिग्री तक की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया गया है। बृहस्पतिवार को 9.4 डिग्री की सर्वाधिक गिरावट के साथ बांदा में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं 11.5 डिग्री तापमान के साथ नजीबाबाद में सबसे ठंडी रात रही। वहीं 28 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ मुजफ्फरनगर व अयोध्या में सबसे ठंडा दिन रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार से प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा और तापमान में क्रमश: बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 15 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं बहराइच में 6 मिमी, कानपुर में 5.4 मिमी और लखनऊ में 4.5 मिमी बारिश हुई।   तीखी धूप में मरहम लगाती रहीं ठंडी हवाएं राजधानी में माैसम अब स्थिर होने वाला है। पिछले दो-तीन से सक्रिय विक्षोभ का असर कमजोर पड़ चुका है। शुक्रवार से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। अब धूप और गर्म हवाओं से गर्मी की वापसी होगी। बृहस्पतिवार सुबह तक आसमान में बादलों का डेरा रहा। दोपहर में आसमान खुलने पर तीखी धूप से सामना हुआ। हालांकि ठंडी हवाएं असर में थीं जिन्होंने धूप में मरहम का काम किया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार और बुधवार की आंधी-बारिश के असर से बृहस्पतिवार को भी माैसम आमतौर पर राहत भरा रहा। दिन का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री बढ़त के साथ 30.5 डिग्री दर्ज किया लेकिन यह सामान्य तापमान से लगभग 7 डिग्री कम था। बीती रात की बारिश सुबह में 4.5 मिमी दर्ज की गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा जिससे लखनऊ में अगले एक हफ्ते में तापमान में 5 से 7 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। शुक्रवार से रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। साथ ही 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी पछुआ हवाएं चलेंगी। इन हवाओं के असर में आने से गर्मी का अहसास और बढ़ जाएगा।  आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और गर्म ही रहने के आसार हैं। यदि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच पहुंच सकता है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री की बढ़त के साथ 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री की गिरावट के साथ 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बुधवार रात आंधी और बारिश के साथ कुछ जगहों पर हुई ओलावृष्टि से शहर के कई इलाकों में गेहूं और सब्जियों के साथ आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कई जगह खेतों में तैयार हो चुकी गेहूं की फसल गिर गई। कई जगहों पर गेहूं की फसल के जहां भीग जाने से उसके दाने काले पड़ने की भी संभावना बढ़ गई है। सरोजनीनगर के भटगांव पांडे निवासी किसान अभिलाष ने बताया कि आंधी और बारिश से गेहूं की फसल गिर गई। बाली टूटने से भी करीब 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। तहसील प्रशासन की टीम अभी तक सर्वे को नहीं पहुंची है। माल के केडोरा निवासी श्याम प्रकाश ने बताया कि उनकी दस बिस्वा गेहूं की फसल भीग कर गिर गई। बागवान जितेंद्र ने बताया कि आंधी पानी से आम के करीब 30 प्रतिशत टिकोरे झड़ गए। मुआवजे के सर्वे के लिए कोई टीम नहीं आई। एसडीएम ने लिया स्थिति का जायजा मोहनलालगंज। आंधी-बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए उप जिलाधिकारी पवन पटेल ने देवती, करोरा और केवली गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि सभी लेखपालों को अपने क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निगोहा, नगराम और गोसाईगंज क्षेत्र के कई गांवों का भी निरीक्षण किया। खुला कंट्रोल रूम, फसल को नुकसान तो यहां दें सूचना  कंट्रोल रूम एवं दैवी आपदा के सहायक अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देशन में कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। कोई भी किसान अपनी फसल नुकसान की जानकारी मोबाइल नंबर 9415002525 पर अथवा लखनऊ जिले के लिए टोल फ्री नंबर 1077 पर दे सकता है। सर्वे में जिस किसान की 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान मिलेगा उसे तुरंत मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।  

कृषि विभाग ने किसानों से की अपील, खलिहानों को आग से बचाने के लिए ज्वलनशील पदार्थों से करें परहेज

ज्वलनशील पदार्थों से करें खलिहानों का बचाव आगजनी की घटनाओं के पश्चात कृषि विभाग ने किसानों से की अपील बेमौसम बरसात पर भी किसानों को किया जा रहा जागरूक, दाने भीग गए हैं तो उनमें मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही करें भंडारित  लखनऊ प्रदेश के कुछ जनपदों में खेत-खलिहानों में आगजनी की घटनाओं पर कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय किसान बेमौसम बारिश से परेशान हैं। वहीं कुछ जनपदों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में किसानों के पास पहुंचकर उन्हें जागरूक करें कि वे खलिहानों का सिगरेट, बीड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से बचाव करें।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिनों निरंतर किसानों से संपर्क में रहें। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी हो, इसके लिए भी लगातार किसानों से संवाद स्थापित करें।  कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वर्तमान में सरसों, चना, मसूर, मटर जैसी फसलों की कटाई एवं मड़ाई पूर्ण करते हुए भण्डारण इत्यादि किया जा रहा है। सर्वाधिक क्षेत्र में उगाई गई गेहूं की फसल को कुछ दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा से क्षति की आशंका है। ऐसे में किसान इस समय फसलों की कटाई एवं मड़ाई के समय सावधानी बरतें।  विभाग ने किसानों से कहा कि खेतों में यदि खड़ी फसल है और भीग गई है तो एक या दो दिन सूखने का मौका दें। यदि फसल की कटाई हो गई है और लांक खेत में पड़ी है तो खेत में पानी न रुकने दें अथवा बोझा बांधकर खड़ा कर दें। यदि फसल कटकर खलिहान में पड़ी है और भीग गई है तो उसे खोलकर हवा व धूप लगने दें जिससे जल्द ही सूख जाए, तत्पश्चात मड़ाई करें। यदि दाने भीग गए हैं तो उसे मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही भंडारित करें। बीज उत्पादक कृषक हार्वेस्टर कंबाइन से कटाई कराते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। वर्तमान में नमी के दृष्टिगत भण्डारण के समय भण्डार स्थल अथवा बखारी, बोरा, दीवाल आदि को धूमरीकरण/फ्यूमिगेशन अवश्य कर लें, जिससे भण्डारगृह साफ सूखा एवं कीटमुक्त रहे। थोड़ी सी सावधानी व उचित प्रबंधन से वर्षा से होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में सामने आई हकीकत, 16 साल की निकली मोनालिसा और पति फरमान के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

बागपत कुंभ में वायरल हुई मोनालिसा की शादी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में लड़की नाबालिग पाई गई, जिसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।  कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। जांच के बाद मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।  आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनजाति आयोग की ओर से केरल और मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी को दिल्ली तलब किया है, ताकि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली जा सके और आगे की कार्रवाई तय की जा सके। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस शादी को लेकर कई सवाल उठे थे, जिसके बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी। जांच में उम्र संबंधी रिकॉर्ड सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि फरमान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के रहने वाले हैं। पिछले कुछ वर्ष पहले ही वह अपने परिवार को छोड़कर फिल्मों में काम करने का सपना लेकर मुंबई चले गए। यहीं पर उनकी मुलाकात मोनालिसा से हुई। इस जोड़े ने हाल ही में केरल में शादी की। जिसके बाद से ही ये मामला चर्चा में बना हुआ है। हालांकि फरमान के परिवार का कहना है कि वे इस शादी को नहीं मानते और न ही मोनालिसा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करते हैं।  

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य

पारदर्शिता का रोल मॉडल पेश किया उत्तर प्रदेश ने सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल से सर्वाधिक 3606 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी में अव्वल रहा नगर विकास विभाग  टॉप-10 की सूची में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर व असम भी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के सामने रोड मॉडल के तौर पर पेश किया है। किसानों से गन्ना, गेहूं-चावल व अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का मामला हो या सरकारी विभागों की विविध आवश्यकताओं से जुड़ी खरीद का, योगी सरकार ने पारदर्शिता के उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सरकारी महकमों ने अपनी अधिसंख्य खरीद जेम पोर्टल से सुनिश्चित कर यूपी को अन्य राज्यों से आगे लाकर खड़ा कर दिया है।   वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों के सामने मिसाल बना है। देश में शीर्ष स्थान पर काबिज उत्तर प्रदेश ने इस अवधि में जेम पोर्टल पर 22,337 करोड़ रुपये की खरीद की। प्रदेश की कुल खरीद में सर्वाधिक हिस्सेदारी नगर विकास विभाग की रही, जिसने 3606 करोड़ रुपये की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम पोर्टल क्रय नीति की सराहना करते हुए पारदर्शी खरीद में यूपी को रोल मॉडल राज्य घोषित किया है।  अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना उत्तर प्रदेश  वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल खरीद में यूपी अव्वल राज्य-कुल क्रय (करोड़ रुपये में)  उत्तर प्रदेश-22,337 गुजरात-14,009  महाराष्ट्र-6113  दिल्ली-4278  छत्तीसगढ़-3935  बिहार-3611  मध्य प्रदेश-2900  जम्मू-कश्मीर-2653  झारखंड-2647  असम-2494  वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर यूपी के शीर्ष 10 विभागों की खरीद  विभाग-कुल क्रय (करोड़ रुपये में) नगर विकास विभाग-3606 चिकित्सा शिक्षा-2973 चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग-2498 गृह विभाग-1852 ऊर्जा विभाग-1192 पशुपालन विभाग-1139 बेसिक शिक्षा विभाग-812 ग्रामीण विकास-755 माध्यमिक शिक्षा-560  महिला एवं बाल विकास विभाग-450  साल दर साल खरीदारों का बढ़ता विश्वास  महिला उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 467 करोड़  2021-22 में 734 करोड़  2022-23 में 1603 करोड़  2023-24 में 2583 करोड़  2024-25 में 3310 करोड़  2025-26 में 4755 करोड़  एससी/एसटी उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 54 करोड़  2021-22 में 119 करोड़  2022-23 में 261 करोड़  2023-24 में 438 करोड़  2024-25 में 507 करोड़  2025-26 में 752 करोड़  स्टार्ट अप द्वारा जेम से खरीद  2020-21 में 261 करोड़  2021-22 में 785 करोड़  2022-23 में 1108 करोड़  2023-24 में 2435 करोड़  2024-25 में 2139 करोड़  2025-26 में 3203 करोड़  लघु-मध्यम इकाइयों द्वारा जेम से खरीद 2020-21 में 3978 करोड़  2021-22 में 8643 करोड़  2022-23 में 13,376 करोड़  2023-24 में 18,230 करोड़  2024-25 में 21,275 करोड़  2025-26 में 27,235 करोड़  यूपी के विक्रेताओं का जेम से बढ़ता कारोबार  2020-21 में 5770 करोड़  2021-22 में 14,792 करोड़  2022-23 में 20,910 करोड़  2023-24 में 29,232 करोड़  2024-25 में 33,536 करोड़  2025-26 में 42,654 करोड़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में सभी विभागों को जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से सर्वाधिक खरीद कर अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। – कृष्ण मुरारी, IRSS, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जेम

हितग्राहियों के लिए बड़ा अपडेट: महतारी वंदन योजना में निःशुल्क ई-केवाईसी अभियान शुरू

सक्ती महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करते हुए सभी लाभार्थियों से समय पर इसे पूर्ण कराने की अपील की है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के लगातार मिलता रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के रायपुर संचालनालय के निर्देश पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर आसानी से ई-केवाईसी करवा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी पीडीएस दुकान या सीएससी केंद्र पर ई-केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई ऑपरेटर शुल्क मांगता है, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग में की जा सकती है। ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा या योजना से वंचित होने की स्थिति से बचा जा सके। यह अभियान न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि योजना के लाभ को सही और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में भी मददगार साबित होगा।

महतारी वंदना योजना में केवाईसी सर्वर बना परेशानी का कारण, घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटी महिलाएं

बिलासपुर सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदना योजना के तहत केवाईसी (KYC) प्रक्रिया इन दिनों ग्रामीण महिलाओं के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। सर्वर की लगातार खराबी और धीमी गति के चलते महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहने के बावजूद अपना काम नहीं करवा पा रहीं हैं। ग्राम पंचायत परसदा सहित आसपास के गांवों की सैकड़ों महिलाएं सुबह से ही, पंचायत भवन और लोक सेवा केंद्रों में केवाईसी कराने पहुंच रही हैं, लेकिन सर्वर डाउन रहने के कारण उनका काम नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ लंबा इंतजार करती रहीं, फिर भी शाम तक उनका नंबर नहीं आया और उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि वे रोजमर्रा के काम छोड़कर योजना का लाभ लेने के लिए आती हैं, लेकिन बार-बार सर्वर फेल होने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि कई दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उनका केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और केवाईसी प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।