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मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी

मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी – रबी फसल उपार्जन हेतु पंजीयन जारी, नेफेड खरीदेगा एमएसपी पर चना, मसूर और सरसों – किसानों को 20 अप्रैल तक करना होगा पंजीयन, समर्थन मूल्य पर होगी फसलों की खरीदी मोहला  प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान पीएमआशा योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत दलहनी एवं तिलहनी फसलों चनाए मसूर और सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 20 अप्रैल 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल  https://kisan.cg.nic.in/ पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसके लिए वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ ऋण पुस्तिका बी-1, पी-II आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति देना आवश्यक है।          राज्य शासन के निर्देशानुसार, जिन किसानों की गिरदावली या डीसीएस अपूर्ण है, उनके फसल और रकबे के सत्यापन हेतु पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र मान्य किया जाएगा। इसके आधार पर अधिसूचित सहकारी समितियां उपार्जन की प्रक्रिया पूरी करेंगी। जिले में उपार्जन कार्य के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नेफेड को केंद्रीय एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीदेगी।         सरकार द्वारा रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसमें चना 5875  रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल और सरसों 6500 रुपए प्रति क्विंटल शामिल हैं। उपार्जन के लिए जिले में विकासखंड मोहला की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गोटाटोला और विकासखंड चौकी की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आमाटोला को अधिकृत केंद्र बनाया गया है। किसानों से सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक उपज खरीदी जाएगी। योजना के तहत प्रति एकड़ चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल और सरसों 5 क्विंटल की सीमा तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।

लाडली बहना की 35वीं किस्त जल्द, eKYC अपडेट किया है? अप्रैल में 1500 रुपये मिलने की उम्मीद

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं को जल्द ही अप्रैल महीने की सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त के रूप में जल्द ही 1500 रुपये खाते में आने वाले हैं। इस योजना के तहत अब तक 34 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इन 34 किस्तों में पात्र महिलाओं के खाते में 54000 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। पिछले महीने ग्वालियर जिले के भितरवार से मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को जारी की थी। इस महीने भी 10 से 15 अप्रैल के बीच 1500 रुपये की सम्मान राशि जारी हो सकती है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक अपडेट नहीं आया है। इस साल के बजट में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। इस योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 23,883 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। समग्र पोर्टल पर करें लाडली बहना योजना का eKYC लाडली बहना योजना से बहुत सी लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं। पात्रता की वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। अगर आपने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराया है तो समग्र पोर्टल पर जाकर इस काम को तुरंत ही करा लें। लाडली बहना योजना का पैसा बस कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाएगा। अगर आपका ईकेवाईसी नहीं हुआ होगा तो 1500 रुपये की सम्मान राशि का पैसा अटक सकता है।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाने हैं. प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं. वित्त विभाग ने किस्त जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसी जिले से कार्यक्रम आयोजित कर राशि ट्रांसफर की जा सकती है।  60 साल की उम्र पूरी करने वाली महिलाओं को लेकर बदलाव अप्रैल माह में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी होगी, उनके नाम लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाए जा सकते हैं. ऐसी महिलाओं को फिर वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।  आधार लिंक और ई‑केवाईसी जरूरी योजना की 35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों के बैंक खाते का आधार से लिंक होना और डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है. साथ ही ई‑केवाईसी प्रक्रिया पूरी होना भी जरूरी है. इन्हीं आधारों पर पात्र महिलाओं को राशि भेजी जाती है।  अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में बताया था कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है. केवल 34वीं किस्त में ही 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं को करीब 1836 करोड़ रुपये दिए गए थे. नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की बढ़ोतरी के बाद महिलाओं को अब हर महीने 1500 रुपये मिल रहे हैं।  ‘मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं बहनें' : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. वे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार और स्व‑रोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं. सरकार आने वाले समय में लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी।  ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प के माध्यम से अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालकर भुगतान की स्थिति देख सकती हैं. ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। 

भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास: FY27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़कर 6.6%, मॉर्गन स्टेनली से विश्व बैंक तक

नई दिल्ली विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा जताया है। उसने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का विकास अनुमान 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। यह संशोधन ऐसे समय हुआ, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे मजबूत स्थान पर है। जहां पूरे क्षेत्र की विकास दर धीमी पड़ रही है, वहीं भारत इस क्षेत्र के लिए स्थिरता और वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है।  रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया की कुल विकास दर 2025 में 7 फीसदी से घटकर 2026 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता है, जिसने आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डाला है। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो इससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है और केंद्रीय बैंकों को सख्त नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता चिंता का विषय बनी हुई है। खासकर मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इससे आम लोगों की खर्च करने की क्षमता प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा, कच्चे माल की लागत बढ़ने और वैश्विक मांग कमजोर रहने के कारण निवेश की गति भी धीमी पड़ सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख बाजारों में धीमी आर्थिक वृद्धि का असर भारत के निर्यात पर पड़ सकता है। हालांकि, इन बाजारों तक बेहतर पहुंच के बावजूद कुल निर्यात प्रदर्शन पर दबाव रह सकता है। अन्य संस्थानों के अनुमानों से तुलना करें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने FY27 के लिए 6.9 प्रतिशत, OECD ने 6.1 प्रतिशत और मूडीज ने 6 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इस लिहाज से विश्व बैंक का अनुमान संतुलित माना जा रहा है। घरेलू मांग है भारत की ताकत विश्व बैंक के मुताबिक, भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में है। 2025-26 में देश की विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो इस वित्त वर्ष में घटकर 6.6 फीसदी हो सकती है। मजबूत घरेलू मांग भारत की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।  मॉर्गन स्टेनली का अनुमान वैश्विक संगठन मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी में वृद्धि के अनुमान को प्रतिशत 0.30 अंक घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले संगठन ने 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया था। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहेगी तथा गैस की उपलब्धता एक अतिरिक्त बाधा होगी। मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की बढ़ती कीमत और औद्योगिक आपूर्ति में कमी से उत्पादन के संसाधनों की लागत बढ़ रही हैं और चुनिंदा वस्तुओं के उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। रुपये की कमजोरी के बीच आयातित महंगाई बढ़ रही है। इसके अलावा, रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अनुमान लगाया है कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रतिकूल प्रभाव के कारण वित्त वर्ष 2026- 27 में भारत की वृद्धि धीमी होकर 6.5 प्रतिशत रह सकती है। मूडीज रेटिंग्स ने क्या कहा? बीते दिनों मूडीज रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण भारत की वृद्धि की रफ्तार घटेगी और इससे महंगाई का जोखिम भी बढ़ेगा।

नितिन नवीन का बड़ा बयान: एनडीए में कोई मतभेद नहीं, बिहार में सत्ता परिवर्तन तय, बीजेपी का भविष्य होगा स्पष्ट

पटना  बिहार की राजनीति में बदलाव का दौर है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (10 अप्रैल) को राज्यसभा की शपथ लेने जा रहे हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने NDA गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के अंदर कोई मतभेद नहीं है और सभी फैसले तय प्रक्रिया के अनुसार हो रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में सत्ता परिवर्तन कब होगा और भाजपा कब अपना मुख्यमंत्री बनाएगी. नितिन नवीन ने इस सवाल पर कहा कि हमारे गठबंधन में किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है. सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. तारीख की जानकारी जल्द दी जाएगी. उन्होंने इशारों में अगले मुख्यमंत्री के नाम का भी संकेत दे दिया।   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे।  इसके साथ ही लोकल से नेशनल नेता बन जाएंगे. ऐसे में अगले 48 घंटे में बिहार के सत्ता की दशा और दिशा दोनों ही तय हो जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है बिहार की राजनीति फिर एक बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पहली बार बीजेपी सूबे में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी।  नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की तरफ से पहली बार साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे बिहार की सत्ता को बीजेपी लीड करेगी. अब साफ है कि बिहार में बीजेपी बड़े भाई के रोल में तो जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में होगी?  नीतीश कुमार का राज्यसभा कार्यक्रम नितिन नवीन ने बताया कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद जो भी राजनीतिक प्रक्रिया होगी वह उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया. इसमें किसी तरह की असहजता या टकराव की स्थिति नहीं है.भाजपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि NDA में सभी दल गठबंधन धर्म का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं. भाजपा हमेशा सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखती रही है. यही वजह है कि आज भी NDA के सभी दलों का भरोसा भाजपा पर कायम है. गठबंधन की मजबूती ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।  सीएम फेस पर नितिन नवीन का संकेत मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर उठ रहे सवालों पर नितिन नवीन ने किसी नाम का सीधा दावा नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि सभी चीजें समय के अनुसार तय होंगी. जो भी निर्णय होगा वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय दिशा के अनुसार ही होगा. ऐसे में साफ संकेत मिलता है कि NDA में बदलाव बिना नीतीश कुमार की सहमति के नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, अगला चेहरा सम्राट चौधरी का हो सकता है और यह लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि, इसका आधिकारिक रूप से औपचारिक ऐलान बाकी है।  बिहार में अब नहीं होगा खेला, बीजेपी का सीएम बिहार में अब कोई सियासी खेला नहीं होगा. नीतीश कुमार की जगह बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू के दिग्गज नेता और बिहार सरकार में मंत्री व‍िजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में भाजपा बड़ी पार्टी है, लिहाजा सत्ता को लीड करने की जिम्मेदारी उन्हें ही लेना है. निर्णय उनका ही होगा, हम (जेडीयू) तो एनडीए के साथ हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वत: भंग हो जाएगी. ऐसे में नई सरकार का गठन किया जाएगा और शुभ मुहूर्त में अच्छा दिन देखकर यह काम होगा।    विजय कुमार चौधरी का यह बयान इस मायने में अहम है कि अभी तक यह किसी बड़े नेता ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि अगला सीएम किस दल का होगा. बीजेपी को अब अपना नया मुख्यमंत्री चुनना है. बिहार में नए सीएम की करें तो रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने सीएम के नाम पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, सभी को इसी बात का इंतजार है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कौन-कौन बनाए जाते है।  दिल्ली में 10 अप्रैल को बीजेपी नेताओं के होने वाली बैठक में बिहार के नए सीएम के नाम पर चर्चा हो सकती है.मुख्‍यमंत्री के नाम पर आम सहमत‍ि का प्रयास किया जाएगा. बिहार से इस बैठक में प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी, डिप्‍टी सीएम सम्राट चौधरी, व‍िजय कुमार सिन्‍हा समेत अन्‍य सीनियर लीडर शामिल होंगे. अब देखना है कि बीजेपी सत्ता का सिंहासन किसे सौंपती है?  बिहार की मौजूदा स्थिति भी बोले नितिन नितिन नवीन का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में सरकार गठन और नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं. बता दें कि नीतीश कुमार ने पहले ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. 10 अप्रैल के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. NDA नेताओं के बयान से साफ है कि गठबंधन में सब कुछ नियंत्रण में है. कोई बड़ा मतभेद नहीं है।  विजय चौधरी ने भी क्लियर मैसेज दिया बता दें कि इसी प्रकार की बात जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कही है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि बिहार में नई सरकार का नेतृत्व बीजेपी के पास होगा. विजय चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में बीजेपी बड़ी पार्टी है, इसलिए नेतृत्व उसी को करना है. उन्होंने कहा कि निर्णय भी बीजेपी ही लेगी और जेडीयू एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।  बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा? बहरहाल, नितिन नवीन के बयान के बाद अब सभी की नजरें अब 10 अप्रैल के घटनाक्रम पर हैं. नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेने के बाद पटना लौटेंगे. उसके बाद NDA की बैठक में अगले मुख्यमंत्री और सरकार के गठन पर फैसला होगा. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान से गठबंधन की एकता और मजबूती का संदेश गया है. बिहार की जनता नई सरकार और नए सीएम का इंतजार कर रही … Read more

पेट्रोल-डीजल की जगह इस फ्यूल पर आ रहे हैं लोग, अब देश में हर चौथी कार इस पर दौड़ रही है

 नई दिल्ली कार बाजार में गेम बदल चुका है. पहले पूछते थे “कितना देती है”, अब पूछते हैं “कितना बचाती है”. और इस सवाल का सीधा जवाब बनकर सामने आई है CNG. पेट्रोल अभी भी टॉप पर है, लेकिन CNG ने नीचे से तेज चढ़ाई की है. हालत ये है कि देश में बिकने वाली हर चौथी कार अब CNG पर दौड़ रही है. महंगे होते पेट्रोल-डीजल ने कार खरीदारी का गणित बदल दिया है. अब कार खरीदना सिर्फ शौक नहीं, पूरा हिसाब-किताब है. और इस हिसाब में CNG सबसे फिट बैठती नज़र आ रही है, कम से बीते फाइनेंशियल ईयर (FY2026) के बिक्री के आंकड़े तो यही कह रहे हैं।  फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अनुसार देश भर में वित्तीय वर्ष-26 में रिकॉर्डतोड़ वाहनों की बिक्री हुई है. पूरे साल का आंकड़ा 3 करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया है. इस दौरान देश भर में कुल 2,96,71,064 यूनिट वाहन बिके हैं. जिसमें 47,05,056 पैसेंजर व्हीकल शामिल हैं. इन पैसेंजर व्हीकल्स में तकरीबन 10.34 लाख CNG कारें थीं. यानी अब देश में बिकने वाली हर चार में से एक कार CNG पर चलती है. तीन साल पहले CNG की हिस्सेदारी जहां 12-13 प्रतिशत थी, वहीं अब यह करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  CNG का मार्केट शेयर फाइनेंशियल ईयर में भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में CNG की हिस्सेदारी बढ़कर 21.98 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल 19.60 प्रतिशत थी. वहीं डीजल की हिस्सेदारी 18.08 प्रतिशत रही और इलेक्ट्रिक वाहनों का कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़कर 4.25 प्रतिशत तक पहुंच गया है. पेट्रोल अब भी सबसे आगे है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी घटकर 47.48 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 50.82 फीसदी हुआ करती थी।  क्या है सीएनजी के रफ्तार की वजह… CNG की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण इसका लो रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत है. प्रति किलोमीटर CNG का खर्च पेट्रोल से लगभग 40-50 प्रतिशत तक कम होता है. हालांकि CNG वेरिएंट की कीमत पेट्रोल कार से करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये ज्यादा होती है, लेकिन जो लोग साल में 15,000 से 20,000 किलोमीटर तक गाड़ी चलाते हैं, वो नई कार खरीदने में खर्च किए एक्स्ट्रा पैसे 18 महीनों के भीतर निकाल लेते हैं।  पिछले कुछ सालों में सीएनजी सीएनजी पंपों की संख्या देश भर में तेजी से बढ़ी है. महानगरों से लेकर छोटे शहर और कस्बों में भी अब CNG आसानी से उपलब्ध है. देश भर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 600 से ज्यादा शहरों तक फैल चुका है, जो तीन साल पहले करीब 300 शहरों तक ही सीमित था. इससे लोगों के लिए CNG भरवाना आसान हो गया है और इसका इस्तेमाल बढ़ा है।  पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर भी साफ दिख रहा है. FADA के अनुसार 36.5 प्रतिशत डीलर्स का कहना है कि बढ़ते फ्यूल प्राइस ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं 56.9 प्रतिशत डीलर्स ने बताया कि CNG और EV में लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है. कार कंपनियों ने भी इस ट्रेंड को समझते हुए अपने CNG पोर्टफोलियो को बढ़ाया है।  CNG में है कई ऑप्शन देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी अपनी ज्यादातर कारों में फैक्ट्री-फिटेड CNG ऑप्शन दे रही है. दूसरी ओर हुंडई की कारों में भी सीएनजी ऑप्शन मिलता है, जिसमें ऑरा, आई और एक्स्टर जैसे मॉडल शामिल हैं. इसके अलावा अब तक सीएनजी से दूर रहने वाला टाटा मोटर्स ने सीएनजी सेगमेंट में कम्पटीशन को और बढ़ा दिया है. कंपनी ने हाल ही में दुनिया की पहली CNG ऑटोमेटिक कार (टिएगो और टिगोर) को भी लॉन्च किया है. इसके अलावा बेस्ट सेलिंग मॉडल नेक्सन, पंच, कर्व भी सीएनजी किट के साथ आ रहे हैं।  सीएनजी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कुछ वाहन निर्माता जो सीधे कंपनी फिटेड मॉडल नहीं पेश कर रहे हैं, वो भी डीलरशिप लेवल पर सीएनजी रेट्रो-फिटमेंट उपलब्ध करा रहे हैं. निसान, होंडा और रेनॉ इसमें प्रमुख है. अब तक हैचबैक और सेडान तक सीमित रहने वाला सीएनजी व्हीकल पोर्टफोलियो एसयूवी तक पहुंच गया है. इस समय बाजार में मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाईराइडर, टाटा नेक्सन, हुंडई एक्सटर और यहां तक की मारुति ब्रेजा भी सीएनजी के साथ आ रही है।  टाटा मोटर्स ने इस वित्तीय वर्ष में 1.72 लाख यूनिट से ज्यादा सीएनजी कारों की बिक्री की है. जो सालाना आधार पर 24% की बढ़त है. अब CNG कारें 5 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं. इससे खरीदारों के पास ज्यादा विकल्प आ गए हैं और CNG अब सिर्फ एंट्री लेवल नहीं, बल्कि प्रीमियम सेगमेंट तक पहुंच चुका है।  अब टू-व्हीलर में भी CNG  सीएनजी की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं, कारों के अलावा अब टू-व्हीलर भी सीएनजी गैस पर दौड़ने लगे हैं. हाल ही में बजाज ऑटो दुनिया की पहली सीएनजी बाइक Bajaj Freedom 125 लॉन्च की थी. जिसकी शुरुआती कीमत 95,000 रुपये (एक्स-शोरूम) है. इसमें सीएनजी और पेट्रोल दोनों का ऑप्शन मिलता है. इस बाइक में 2 किग्रा का सीएनजी टैंक और 2 लीटर का पेट्रोल टैंक दिया गया है।  कंपनी का दावा है कि, ये बाइक फुल टैंक (पेट्रोल+सीएनजी) में 330 किमी तक की ड्र्राइविंग रेंज देता है. माइलेज की बात करें तो ये बाइक 1 किग्रा सीएनजी में 102 किमी और एक लीटर पेट्रोल में 67 किमी का माइलेज देती है. दूसरी ओर टीवीएस ने भी बीते भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में Jupiter CNG से पर्दा उठाया था. फिलहाल कंपनी इस स्कूटर पर काम कर रही है और बहुत जल्द ही इसे भी बाजार में उतारा जाएगा।   

MP और राजस्थान के बीच नई रेल लाइन: मुगलिया हाट, दुराहा और श्यामपुर जैसे स्टेशनों पर पहली बार चलेगी ट्रेन

भोपाल  मध्यप्रदेश के रेल यात्रियों को 2026 के अंत तक एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसके पूरा होने पर प्रदेश के कई हिल और दूरदराज इलाकों में पहली बार ट्रेन पहुंचेगी और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।हाल ही में कोटा मंडल के अंतर्गत खिलचीपुर-राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया। यह ट्रायल इस रूट पर जल्द यात्री सेवा शुरू होने का संकेत माना जा रहा है। कितना काम हुआ, कितना बाकी करीब 276 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना में अब तक 187 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें शेष 89 किलोमीटर का कार्य मार्च 2026 तक वित्तीय वर्ष 2026-27 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के राजगढ़ और सीहोर जिले के कई स्टेशन पहली बार रेल नक्शे पर आएंगे। इनमें पिपलहेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, झारखेड़ा, मुगलियाहाट, आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोग अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर थे, लेकिन रेल सेवा शुरू होने के बाद भोपाल और राजस्थान के शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। दूरी 100 किमी घटेगी, समय में 2-3 घंटे की बचत नई रेल लाइन शुरू होने के बाद भोपाल-कोटा के बीच करीब 100 किलोमीटर दूरी कम होगी और यात्रियों का 2 से 3 घंटे समय बचेगा। राजगढ़ और सीहोर के कई इलाके पहाड़ी और ग्रामीण हैं, जहां रेल सुविधा नहीं थी। नई लाइन इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन यह रहेगा संभावित किराया स्लीपर कैटेगिरी का     मुगलिया हाट 100–120 रुपए     झारखेड़ा 120–140 रुपए     दुराहा 130–150 रुपए     श्यामपुर 150–170 रुपए     जमुनियागंज 190–210 रुपए     कुरावर 170–190 रुपए     नरसिंहगढ़ 210–240 रुपए     सोनकच्छ 240–270 रुपए     पिपलहेड़ा 280–320 रुपए     ब्यावरा 320–360 रुपए