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कहीं ढांचे तो कहीं कब्जे: नाले-नालियों की सफाई में आ रहीं कई अड़चनें

नरसिंहपुर बारिश से पहले नगरीय क्षेत्र में नाले-नालियों की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका का अमला सक्रिय हो गया है, लेकिन अतिक्रमण इस अभियान की सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहा है। शहर के कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जों के कारण सफाई कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। स्टेशनगंज क्षेत्र के कृष्ण वार्ड में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। यहां जगह-जगह नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई कर्मचारियों को कचरा निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं, जिससे नालियां पूरी तरह ढंक गई हैं। इसी तरह निरंजन वार्ड और कामत वार्ड में भी नाले-नालियों पर कब्जे के कारण सफाई कार्य प्रभावित रहा है।  स्थिति यह है कि नालियों में लंबे समय से जमा कचरा और मलबा अब सफाई के दौरान बाहर निकल रहा है, जिससे पूर्व में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कृष्णा वार्ड में नालियों के ऊपर अतिक्रमण की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। कई जगह नालियां पूरी तरह बंद हैं और लोगों ने उन पर स्थायी कब्जा कर लिया है। ऐसे में जब सफाई अमला मौके पर पहुंचता है, तो सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि सीमित संसाधनों में बेहतर तरीके से सफाई कैसे की जाए। कृष्णा वार्ड में नाले-नालियों के ऊपर अतिक्रमण है। वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकीर्ण वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकरी होने के कारण जलभराव की समस्या भी यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बनी रहती है। बारिश के दिनों में कमराय स्कूल से लगी सडक़ पर नालियों का गंदा पानी भर जाता है। यही पानी पास स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर तक पहुंचता है, जिससे हर साल नागरिकों के साथ-साथ कर्मचारी और छात्र-छात्राओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बारिश के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं। नगर प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी करना चाहिए जो जानबूझकर नाले-नालियों में कचरा डालकर पानी की निकासी बाधित करते हैं। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं अतिक्रमण हटे बिना सफाई मुश्किल कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जे पक्का फर्श, सीढिय़ां और चबूतरे बन रहे बाधा संकरी सडक़ों के कारण बढ़ता है जलभराव बारिश में स्कूल व शासकीय परिसरों तक पहुंचता गंदा पानी समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेंगी समस्याएं नाले-नालियों की सफाई के लिए निरंतर कार्य चल रहा है। जेसीबी मशीन के साथ ही कर्मचारियों की टीम लगी है। कई जगह अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जल्द ही कार्रवाई होगी।- इंजी. पुरुषोत्तम बाडबुद्धे, नगरपालिका नरसिंहपुर

Bank of Maharashtra लूट केस: यूपी STF का एक्शन, सरगना समेत तीन दबोचे

वाराणसी हजारीबाग (झारखंड) में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा से सोना और नगदी की लूट के मामले में यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात तीन डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। गत 24 अप्रैल को बैंक से चार किलो सोना और 4.22 लाख की नगदी दिनदहाड़े लूट ली गई थी। तीनों डकैतों की गिरफ्तारी सिंहपुर (सारनाथ) से हुई। कार्रवाई में झारखंड पुलिस भी शामिल थी। डकैतों के पास से लूट के 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नगदी, बिहार के नंबर की एसयूवी तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। वारदात में शामिल चार अन्य डकैतों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों में सरगना नवादा (बिहार) नरहट निवासी मो. अफजल, गोरखपुर के बनगाई (गुलहरिया) निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक तथा मऊ के सियहरीं बरजरा (दोहरीघाट) निवासी सौरभ यादव उर्फ सोनू हैं। बरामद एसयूवी अफजल की है। 24 अप्रैल को वारदात के बाद बदमाश झारखंड से बिहार होते हुए 27 अप्रैल को वाराणसी आ गए थे। यहां अलग-अलग होटलों में ठिकाना बदलते रहे। झारखंड पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी गिरफ्तारी के लिए लगी थी सर्विलांस एवं वारदात के समय की फुटेज एवं तस्वीरों के जरिए बदमाशों के वाराणसी में होने की पुष्टि हुई। इस आधार पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें सतर्क थीं। मुखबिर की सूचना के आधार पर सिंहपुर से तीनों को गिरफ्तार कर सारनाथ पुलिस को सौंपा गया। तीनों बदमाश दिल्ली भागने के फिराक में थे। झारखंड पुलिस की अर्जी पर कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। चार मई की शाम पांच बजे तक हजारीबाग की कोर्ट में तीनों को पेश करना होगा। ओडिशा में हुई डकैती देखने के बाद हजारीबाग की साजिश रची झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की बरही शाखा से 24 अप्रैल को सोना और नगदी की डकैती में गिरफ्तार बदमाशों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में डकैतों ने बताया कि बीते दिनों ओडिशा के किलंजर में बैंक आफ महाराष्ट्रा से ही आठ किलो सोना की लूट हुई थी। समाचार चैनलों पर इस वारदात की खबर को देखा। फिर उन्हें लगा कि जब किलंजर के ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में आठ किलो सोना हो सकता है तो हजारीबाग में और अधिक होगा। इसके बाद मो. अफजल पंकज के साथ रेकी करने लगा। फिर रमजान के समय गाजीपुर के सैदपुर भीतरी के शोएब एवं चुन्नू को भी बुलाया गया। अफजल की एसयूवी से सभी ने कई बार रेकी की। मो. अफजल रमजान माह के दौरान ही बैंक के अंदर गया। वहां स्टाफ एवं बैंक के अंदर की स्थिति का आकलन किया। डकैती को अंजाम देने के लिए बिहार के आरा निवासी संतोष ने बाइक उपलब्ध कराई। शोएब उर्फ टाइगर ने पिस्टल एवं कट्टा की व्यवस्था की। मो. अफजल ने संतोष के पास से दो पिस्टल ली और साजिश में संतोष को भी शामिल कर लिया। पहले 17 अप्रैल को ही वारदात को अंजाम देना था, लेकिन आने-जाने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर अफजल के घर पर पंकज एवं अन्य बदमाश रुक गए। मो. अफजल और पंकज 17 अप्रैल को अफजल की एसयूवी से नवादा, कोडरमा, तलैया होते हुए निकले। चौपारण की तरफ टोल से आगे अफजल और पंकज से संतोष, शोएब एवं सुहैल दो बाइक के साथ आकर मिले। तय किया कि फोन पर इनकी आपस में बहुत बात हो गई है। मास्क आदि भी नहीं लगाए हैं। इसलिए 24 अप्रैल को डकैती तय की गई। हत्या में जेल गया, फिर गिरोह बनाया मो. अफजल धनबाद में कोयले का काम करता था। व्यवसाय में रंजिश को लेकर 2008 में कोलकाता के व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें वह जेल गया। चार साल जेल में रहा। वहां उसका परिचय पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्वार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य बदमाशों से हुआ। जेल से छूटने के बाद इन सभी ने बैंकों की डकैती के लिए एक गिरोह बनाया, जिसका सरगना अफजल है। ये सभी लूटा गया सोना बेचकर रियल एस्टेट में निवेश करते हैं।

राजस्थान वेदर अपडेट: कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश का येलो अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ. तापमान में कमी की संभावना   विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.   इन जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.   कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.

उज्जैन में चमत्कारिक खोज! महाकाल मंदिर परिसर से निकला नया शिवलिंग, गुफानुमा संरचना भी मिली

उज्जैन उज्जैन में बाबा महाकाल के आंगन में एक बार फिर 'महादेव प्रकट हुए'। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में चल रही खुदाई के दौरान यहां एक प्राचीन शिवलिंग मिला। इसके साथ ही एक गुफानुमा संरचना भी निकली। मंदिर परिसर में पूर्व में भी प्राचीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। महाकालेश्वर मंदिर परिसर की इस खुदाई ने छह वर्ष बाद फिर उज्जैन की प्राचीन विरासत को जीवंत करने के संकेत दिए हैं। टनल और वेटिंग हॉल निर्माण के दौरान खुदाई में ये शिवलिंग और गुफानुमा संरचना मिलीं। इस प्राचीन वैभव ने न सिर्फ आस्था में बढ़ोत्तरी की, बल्कि क्षेत्र की गहरी पुरातात्विक परतों की ओर भी ध्यान खींचा है। करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा संभावना जताई जा रही है कि यह शिवलिंग और गुफा परमार कालीन हो सकते हैं। इन्हें करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर के प्रस्तावित गेट-4 के पास निर्माण कार्यों के लिए खुदाई का काम चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पोकलेन ऑपरेटर को खुदाई के दौरान शिवलिंग दिखा तो तुरंत खुदाई रोक दी गई। इसके बाद पुजारियों ने विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर शिवलिंग को सुरक्षित करवा दिया। शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है विशेषज्ञों के अनुसार, शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है। अब इस खोज का अहम पहलू इसकी प्राचीनता तय करना है। जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या राज्य पुरातत्व विभाग की टीम वैज्ञानिक परीक्षण करेगी। महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पूर्व में भी पुरानी प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में महाकाल मंदिर विस्तार के दौरान 25- 30 फीट गहराई में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। वर्तमान खोज उसी ऐतिहासिक श्रृंखला का विस्तार हो सकती है। प्रमुख बिंदु महाकालेश्वर मंदिर परिसर में चल रहा निर्माण कार्य खुदाई में निकला प्राचीन वैभव शिवलिंग और गुफा मिले बाबा महाकाल के आंगन में 'प्रकट हुए महादेव' खुदाई के दौरान मिले शिवलिंग की पुजारियों ने की पूजा-अर्चना गुफानुमा संरचना भी सहेजी

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: चंडीगढ़ में 2000 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक अस्पताल

चंडीगढ़. शहर में बढ़ती मरीजों की संख्या और अस्पतालों पर दबाव को कम करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 2,154 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। यह केंद्र ट्राइसिटी और आसपास के राज्यों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने सेक्टर-53 में 13.6 एकड़ भूमि पर बनने वाले क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासक ने मंजूरी प्रदान की है तथा केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया है। करीब 2,154 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में 1,704 करोड़ रुपये भवन निर्माण और संबंधित सुविधाओं पर तथा 450 करोड़ रुपये अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे। यह केंद्र 1000 बिस्तरों वाला होगा, जिसमें 500 बिस्तर महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तथा 500 बिस्तर उच्च स्तरीय विशिष्ट चिकित्सा और आपातकालीन उपचार के लिए निर्धारित होंगे। इस केंद्र में हृदय रोग, तंत्रिका रोग, पाचन तंत्र रोग, गुर्दा रोग सहित अनेक उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही यह संस्थान उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। वर्तमान में शहर के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई बार एक ही बिस्तर पर एक से अधिक मरीजों को रखना पड़ता है। ऐसे में यह नया चिकित्सा केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना न केवल चंडीगढ़ बल्कि मोहाली, पंचकूला तथा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराएगी। इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव में कमी आने की संभावना है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: 10 तारीख को प्रयास स्कूल प्रवेश परीक्षा, जगदलपुर तैयार

जगदलपुर. जगदलपुर में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है. प्रयास आवासीय विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. कक्षा 9वीं में दाखिले के लिए 10 मई को परीक्षा आयोजित होगी. यह योजना मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित है. विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है. साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्रों को आवासीय सुविधा और विशेष प्रशिक्षण का लाभ मिलता है. ग्रामीण और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है. प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में यह पहल अहम है. विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है. अभिभावकों और छात्रों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर: कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचे मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

 वृंदावन  वृंदावन में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का दक्षिणी भाग मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। इसका लोकार्पण करने की तैयारियां मंदिर में शुरू हो चुकी हैं। अब मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है। ठाकुर श्रीश्री वृंदावनचंद्र का ये मंदिर कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचा होगा। कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है, जबकि दुनिया के सबसे ऊंचे 70 मंजिला मंदिर की ऊंचाई 212 मीटर होगी। इसकी मुख्यमंत्री की आधारशिला रखी जानी है। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के दक्षिणी भाग मंदिर के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी मंदिर का लोकार्पण करने आते हैं तो वे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला भी रखेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वृंदावन के अक्षयपात्र स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लाक मंदिर जो बनकर लोकार्पण के लिए तैयार है। – फोटो: जागरण। मंदिर के साउथ ब्लॉक मंदिर के लोकार्पण की चल रहीं तैयारियां छटीकरा मार्ग स्थित अक्षयपात्र फाउंडेशन के 110 एकड़ परिसर में लगभग आठ एकड़ भूमि पर चंद्रोदय मंदिर स्थापित किया जा रहा है। जो 70 मंजिला एवं 212 मीटर ऊंचा मंदिर बनकर तैयार होगा। मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर भगवान श्रीराधाकृष्ण के विग्रह स्थापित होंगे। इस मंदिर के शिखर से पूरे ब्रजमंडल का दर्शन संभव हो सके, ये व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के आठ एकड़ परिसर में बरसाना, गोवर्धन, वृंदावन के प्रतिरूप बसाए जाएंगे, तो पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक, गोलोक वृंदावन मंदिर में ऊपर गैलरी में स्थापित किए जाएंगे। मंदिर में ऊपर पहुंचने के लिए आठ लिफ्टों का उपयोग होगा। साउथ ब्लॉक के लोकार्पण संग प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं मुख्य मंदिर का शिलान्यास इस्कान बेंगलुरू द्वारा बनाए जा रहे इस मंदिर की शिलान्यास के दौरान 2014 में अनुमानित लागत 400 करोड़ बताई गई थी। लेकिन, अब समय बीतने के साथ अनुमानित लागत करीब 1400 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। खजुराहो और आधुनिक शैली के मिले जुले शिल्प में बन रहे इस मंदिर के इंटीरियर के डिजाइन की जिम्मेदारी विदेशी शिल्पकारों को सौंपी गई है। चारों तरफ बहेगी यमुना की कृत्रिम धारा चंद्रोदय मंदिर के चारों ओर कृत्रिम यमुना की धारा बहेगी। इसके तट पर खड़े होकर श्रद्धालु यमुना पूजन कर सकेंगे। इतना ही नहीं मंदिर के चारों ओर ब्रज के 12 वन इस उद्देश्य से स्थापित किए जाएंगे ताकि देश दुनिया के भक्त एक ही परिसर में पूरे ब्रज का दर्शन कर सकें। पूरा मंदिर 511 पिलरों पर टिका होगा, ये पिलर नौ लाख टन का वजन सहन कर सकते हैं। जबकि पूरी इमारत का वजन पांच लाख टन होगा। मंदिर में एक हाईस्पीट लिफ्ट भी स्थापित की जाएगी। 11 मंजिला है चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लॉक मंदिर दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर के पहले भाग साउथ ब्लाक मंदिर के लोकार्पण की तैयारियां चल रही हैं। साउथ ब्लाक मंदिर की ऊंचाई 251 फीट है, जबकि ये 11 मंजिला इमारत है। मंदिर के दूसरे तल पर भगवान श्रीश्री वृंदावन चंद्र का मंदिर स्थापित है। मंदिर में नीचे विशालकाय हाल, प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। भोजनालय भी मंदिर के ऊपरी तल पर मौजूद है। पहले मंदिर निर्माण की समय सीमा 2018 रखी गई थी मंदिर का शिलान्यास 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा रखी गई थी। तब इस मंदिर के पूरा होने की समय सीमा 2018 रखी गई थी। लेकिन, समय पर काम पूरा न होने पर इसकी समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी गई। जबकि अब मुख्य मंदिर की आधारशिला संभवत: अगले महीने में रखी जाएगी तो इसे पूरा होने में आठ वर्ष की उम्मीद जताई जा रही है।  

यूपी वेदर अपडेट: राजधानी समेत कई जिलों में तूफान और बिजली गिरने का खतरा

लखनऊ  मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह 8.30 से 10.30 बजे के तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में मौसम का सबसे अधिक कहर बरपने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरआएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी हैं और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति की आशंका है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पेड़ गिरने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं。 दूसरे जिलों में मौसम की स्थिति रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन फसलों, बिजली लाइनों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। अन्य जिलों की चेतावनी जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, उन्नाव, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बरेली और पीलीभीत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि इन जिलों में प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा, फिर भी आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी है। नागरिकों के लिए अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन स्थलों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क करें।

नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 में श्री कल्याणी नृत्य कला समिति के 9 छात्रों ने जीते पुरस्कार, दीक्षा अस्थाना ने दी बधाई

भोपाल  2 अप्रैल को रविंद्र भवन के अंजलि सभागृह में राज्य सरकार की मिनिस्ट्री आफ कल्चर द्वारा हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक समिति के माध्यम से, नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य कला की स्पर्धा में श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति के कथक नृत्य में पारंगत 9 छात्रों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति की कत्थक शिक्षिका और संस्थापक श्रीमती दीक्षा अस्थाना ने सभी छात्रों को उनके इस प्रयास पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं तथा आशा व्यक्त की है भविष्य में और अधिक संख्या में यहां की छात्राएं ऐसी उपलब्धि प्राप्त करेंगी ।

चुनावी नतीजों से पहले पप्पू यादव का ऐलान: BJP जीती तो राजनीति से पीछे हटेंगे

पटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है और अब सभी को नतीजों का इंतजार है। लेकिन इससे पहले सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि अगर बंगाल चुनाव में BJP की जीत होती है, तो वह अपना संघर्ष छोड़ देंगे। पप्पू यादव का ऐलान सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल के उन अनुमानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिनमें बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे।' हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही अपना अटूट विश्वास भी प्रकट किया और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बंगाल की जनता ने बीजेपी का पूरी तरह सफाया कर दिया है। तेजस्वी यादव का ममता को समर्थन और बीजेपी पर प्रहार पप्पू यादव के अलावा बिहार के कई अन्य नेताओं णे भी बंगाल चुनाव ओर अपनी प्रकातिक्रिया दी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बंगाल चुनाव को लेकर दावा किया है कि इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत तय है। उन्होंने कहा कि जनता ममता बनर्जी को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और टीएमसी को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यहाँ तक कह दिया कि भाजपा की हार में ही देश की जीत है। दो चरणों में संपन्न हुआ मतदान, अब 4 मई का इंतजार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान दो चरणों में आयोजित किया गया है। पहले चरण की वोटिंग के बाद, दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।