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IPL 2026: लगातार जीत से मजबूत SRH, वापसी की राह पर KKR की चुनौती

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में रविवार को सीजन का 45वां मैच राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जाएगा। दोनों ही टीमें जीत के क्रम को जारी रखना चाहेंगी। एसआरएच को शुरुआती 4 मुकाबलों में सिर्फ 1 ही जीत नसीब हुई थी, लेकिन इसके बाद गेंदबाजी आक्रमण में किए गए सुधारों की बदौलत 'ऑरेंज आर्मी' ने लगातार पांच मुकाबले अपने नाम किए। अगर एसआरएच इस मैच को अपने नाम करती है, तो यह टीम 14 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच जाएगी। पैट कमिंस की वापसी ने टीम को मजबूती दी है। पिछले 2 मैच जीतकर आ रही केकेआर दूसरी ओर, केकेआर के लिए यह सीजन संघर्षपूर्ण रहा। इस टीम ने शुरुआती 6 में से 5 मुकाबले गंवा दिए, जबकि एक मैच बारिश के चलते बेनतीजा रहा। इसके बाद केकेआर लगातार दो मैच अपने नाम करते हुए पॉइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर पहुंची। एसआरएच के खिलाफ इस मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स के खेमे में मथीशा पथिराना अपना डेब्यू कर सकते हैं। श्रीलंका के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को उनके अनोखे गेंदबाजी एक्शन के लिए जाना जाता है। कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच अब तक कुल 31 आईपीएल मैच खेले गए हैं, जिसमें केकेआर ने 19 मुकाबले अपने नाम किए, जबकि एसआरएच को 11 मुकाबलों में जीत मिली। एक मैच टाई पर समाप्त हुआ था। मैच के लिए दोनों टीमें इस प्रकार हैं- कोलकाता नाइटराइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), फिन एलन, तेजस्वी दहिया (विकेटकीपर), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, सार्थक रंजन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), राहुल त्रिपाठी, दक्ष कामरा, कैमरून ग्रीन, सुनील नरेन, रचिन रवींद्र, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी, ब्लेसिंग मुजाराबानी, मथीशा पथिराना, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, स्मरण रविचंद्रन, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, नितीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), ईशान मलिंगा, जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल, सलिल अरोड़ा, प्रफुल हिंगे, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, जैक एडवर्ड्स, ब्रायडन कार्स, साकिब हुसैन, जीशान अंसारी, अनिकेत वर्मा, अमित कुमार, क्रेन्स फुलेट्रा।  

SBI से 40 लाख का घर लोन: आपकी इनकम कितनी होनी जरूरी, EMI का पूरा हिसाब

नई दिल्ली एक आम आदमी के लिए होम लोन सबसे अधिक रकम का और सबसे अधिक अवधि वाला लोन होता है। ऐसे में कभी भी जल्दबाजी में होम लोन नहीं लेना चाहिए। होम लोन लेने से पहले सभी बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही ब्याज दर और दूसरे चार्जेज की तुलना कर लें। जहां आपको सबसे सस्ता पड़ रहा हो, वहां से होम लोन लें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है, तो होम लोन लेने से पहले इसे जरूर ठीक कर लें। इससे आपको कर्ज पर कम ब्याज दर पाने में मदद मिलेगी। SBI की होम लोन पर ब्याज दरें देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई होम लोन पर 7.25 फीसदी से 8.45 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है। होम लोन मैक्सगेन (OD) में ब्याज दर 7.75 फीसदी से 8.95 फीसदी है। टॉप अप लोन पर 7.75 फीसदी से 10.50 फीसदी ब्याज दर मिल रही है। वहीं, योनो इंस्टा होम टॉप अप लोन पर बैंक 8.10 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है।   40 लाख के होम लोन पर कितना बनेगा ब्याज अगर आप एसबीआई से 40 लाख रुपये का होम लोन 7.25 फीसदी ब्याज दर पर 30 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 27,287 रुपये की बनेगी। यहां आप 30 साल में कुल ब्याज 58,23,338 रुपये चुकाएंगे। अगर आप यह लोन 25 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 28,912 रुपये की बनेगी। यहां आप कुल ब्याज 46,73,682 रुपये चुकाएंगे। अगर आप यह लोन 20 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 31,615 रुपये की बनेगी। इस लोन में आप कुल ब्याज 35,87,609 रुपये चुकाएंगे। अवधि (Tenure)    मासिक EMI    कुल ब्याज 30 साल    ₹27,287    ₹58,23,338 25 साल    ₹28,912    ₹46,73,682 20 साल    ₹31,615    ₹35,87,609 अवधि (Tenure)    ब्याज दर    न्यूनतम मंथली सैलरी 30 साल    7.25%    ₹54,574 25 साल    7.25%    ₹57,824 कितनी होनी चाहिए आपकी सैलरी? बैंक आपकी मंथली सैलरी के 50 फीसदी तक की रकम के बराबर ईएमआई वाला लोन आसानी से दे देते हैं। एसबीआई से 40 लाख रुपये का होम लोन 7.25 फीसदी ब्याज दर पर 30 साल के लिए लेने के लिए न्यूनतम मंथली सैलरी 54,574 रुपये होनी चाहिए। इसमें एक शर्त यह है कि आपके ऊपर पहले से कोई दूसरा लोन नहीं होना चाहिए। अगर आप यह लोन 25 साल के लिए लेते हैं, तो न्यूनतम मंथली सैलरी 57,824 रुपये होनी चाहिए।

आईपीएस अधिकारियों के थोकबंद तबादले, कई जिलों में एसपी की बदली जिम्मेदारी

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले करते हुए 23 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर पुलिस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश के भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच सहित 21 जिलों के एसपी को बदला गया है. इसके अलावा भोपाल देहात और इंदौर देहात के पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. उधर पुलिस ट्रेनिंग में नए-नए प्रयोगों के लिए चर्चा में रहने वाले एडीजी राजाबाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है. इसके अलावा कई रेंज के आईजी को भी बदल दिया गया है. इन जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले प्रदेश के 21 जिलों में नए पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं. इसमें भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच, पांढुर्णा, आगर मालवा, अनूपपुर, मऊगंज, डिंडौरी, मंडला, दतिया, सीहोर, सिंगरौली, दमोह, सिवनी जिले शामिल हैं. इसके अलावा भोपाल और इंदौर देहात के दो और पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. इस तरह कुल 23 एसपी को बदला गया है. यह पुलिस अधीक्षक बदले गए मनोज कुमार राय– पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. राहुल कुमार लोढ़ा – पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सिमाला प्रसाद – पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. असित यादव – पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) को उप पुलिस महानिदेशक (ग्वालियर रेंज, ग्वालियर) बनाया गया. विवेक सिंह – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (शहडोल रेंज, शहडोल) बनाया गया. शैलेन्द्र सिंह चौहान – पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, भोपाल) बनाया गया.   कुमार प्रतीक – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) को उप पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स, इन्दौर) बनाया गया.   शिव दयाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. मयंक अवस्थी – पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, इन्दौर) बनाया गया. अरविन्द तिवारी – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को सेनानी (34वीं वाहिनी, विसबल, धार) बनाया गया. सूरज कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) को पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) बनाया गया. यांगचेन डोलकर भुटिया – पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) बनाया गया. गुरूकरण सिंह – सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) को पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) बनाया गया. दीपक कुमार शुक्ला – पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) को सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) बनाया गया. अमन सिंह राठौड़ – पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) बनाया गया. अनुराग सुजानिया – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) बनाया गया. सचिन शर्मा – संयुक्त आवासीय आयुक्त (नई दिल्ली) को पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) बनाया गया. वाहनी सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) को पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इन्दौर) बनाया गया. विकास कुमार सहवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) बनाया गया. धर्मराज मीना – सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) बनाया गया. समीर सौरभ – पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेडियो, भोपाल) बनाया गया. रजत सकलेचा – पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) को पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) बनाया गया. अगम जैन – पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) बनाया गया. मनीष खत्री – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सुनील कुमार मेहता – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) बनाया गया. देवेन्द्र कुमार पाटीदार – पुलिस अधीक्षक (जिला-बुरहानपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) बनाया गया. रामशरण प्रजापति – पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सुन्दर सिंह कनेश – पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) को पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) बनाया गया. राजेश व्यास – पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) बनाया गया. विनोद कुमार सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) को सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) बनाया गया. पंकज कुमार पाण्डे – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) बनाया गया. प्रकाश चन्द्र परिहार – पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) बनाया गया. दिलीप कुमार सोनी – पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) को पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) बनाया गया. राजेन्द्र कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इंदौर) को पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) बनाया गया. विक्रांत मुराब – सहायक पुलिस महानिदेशक (अ.वि., पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) बनाया गया. सुरेन्द्र कुमार जैन – पुलिस अधीक्षक (पीटीएस, रीवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) बनाया गया. आशीष खरे – जोनल पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा, जबलपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) बनाया गया. अंकित जायसवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) को पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) बनाया गया. राजेश रघुवंशी – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) बनाया गया. मोती उर्र रहमान – पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) को सेनानी (9वीं वाहिनी, विसबल, रीवा) बनाया गया. श्रुतकीर्ति सोमवंशी – पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) को सेनानी (13वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर) बनाया गया. मयूर खण्डेलवाल – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) बनाया गया. सोनाक्षी सक्सेना – पुलिस उपायुक्त (आसूचना व सुरक्षा, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) बनाया गया. शियाज, के.एम. – सेनानी (हॉकफोर्स, बालाघाट) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) बनाया गया. आनंद कलादगी – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) बनाया गया. कृष्ण लालचंदानी – पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) बनाया गया. आयुष गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-जबलपुर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, भोपाल) बनाया गया. आदर्शकांत शुक्ला – प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एन्टी नक्सल आपरेशन, बालाघाट) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) बनाया गया. नरेन्द्र रावत – माननीय राज्यपाल के परिसहाय को पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) बनाया गया. अभिषेक रंजन – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-उज्जैन) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, इन्दौर) बनाया गया. राहुल देशमुख – सीएसपी (कोतवाली, उज्जैन) को माननीय राज्यपाल का परिसहाय बनाया गया. सीनियर पुलिस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी रवि कुमार गुप्ता – विशेष पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) को विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं निदेशक, पुलिस अकादमी, भौरी भोपाल) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. राजाबाबू सिंह – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) बनाया गया. डी.पी. गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक पुलिसिंग, आरटीआई, लोक सेवा गारंटी आदि) बनाया गया. सोलोमन यश कुमार मिंज – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को … Read more

IPL 2026: 160 का लक्ष्य हुआ आसान, CSK ने MI को चेपॉक में दी करारी शिकस्त

चेन्नई आईपीएल 2026 का 44वां मुकाबला शनिवार को चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला गया. इस मैच में सीएसके ने 8 विकेट से जीत हासिल की. ये मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया. जहां टॉस जीतकर मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. मुंबई की टीम केवल 159 रन ही बना सकी थी. जिसे चेन्नई ने 19वें ओवर में ही चेज कर लिया. गायकवाड़ ने ठोके नाबाद 67 रन 160 के जवाब में उतरी सीएसके के लिए पारी का आगाज संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ ने किया. सैमसन 11 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन गायकवाड़ टिके रहे. उर्विल के आउट होने के बाद गायकवाड़ ने कार्तिक शर्मा के साथ शानदार बल्लेबाजी की. और 19वें ओवर में ही ये मैच जीत लिया. कार्तिक शर्मा ने भी अपना पहला आईपीएल अर्धशतक लगाया. ऐसे रही मुंबई की बल्लेबाजी पहले बैटिंग करने उतरी मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दूसरे ही ओवर में विल जैक्स अपना विकेट गंवा बैठे. जैक्स के बल्ले से केवल 1 रन आया. इसके बाद रिकेल्टन ने अच्छी पारी खेली. लेकिन 7वें ओवर में उनका विकेट गिर गया. सूर्या ने इस मैच में12 गेंद में 21 रन बनाए. 11 ओवर में मुंबई का स्कोर 100 के पार गया. नमन धीर ने 37 गेंदों में 57 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके अलावा मुंबई का निचला क्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा. जिसकी बदौलत मुंबई की टीम केवल 159 रन ही बना सकी. सीएसके के लिए नूर अहमद ने 4 ओवर में केवल 26 रन देकर 2 विकेट झटके. मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): विल जैक्स, रेयान रिकेलटन, सूर्यकुमार यादव, नमन धीर, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, रॉबिन मिंज, ट्रेंट बोल्ट, कृष भगत, जसप्रीत बुमराह, एएम ग़ज़नफ़र. चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग इलेवन): संजू सैमसन, ऋतुराज गायकवाड़, उर्विल पटेल, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, जेमी ओवरटन, रामकृष्ण घोष, प्रशांत वीर, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी.

संजय शिरसाट का बड़ा संकेत: 2029 में BJP और शिवसेना अकेले लड़ सकते हैं चुनाव, सियासत में हलचल तेज

मुंबई महाराष्ट्र की सियासत में आगामी चुनावों को लेकर गठबंधन के भविष्य पर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के मंत्री संजय शिरसाट ने शनिवार को संकेत दिया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना 2029 का विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ सकते हैं। शिरसाट का यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के उस दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि बीजेपी अब अकेले चलने की तैयारी कर रही है। संजय शिरसाट ने ‘सामना’ के संपादकीय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल को अपना संगठन मजबूत करने और चुनाव की तैयारी करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन में होने का यह मतलब नहीं है कि पार्टियां भविष्य में अलग नहीं हो सकतीं। शिरसाट ने कहा कि अगर BJP 2029 का चुनाव अकेले लड़ने का फैसला करती है, तो वही विकल्प शिवसेना के पास भी रहेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अतीत में सीट बंटवारे को लेकर दोनों दल अलग हो चुके हैं और एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं। 'सामना' ने किया था दावा उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के रुख को दर्शाने वाले 'सामना' ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर भविष्य के चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, यह तर्क देते हुए कि पार्टी का विस्तार उस बिंदु तक हो गया है जहां सहयोगियों को साथ लेकर चलना मुश्किल हो गया है। इसने सुझाव दिया कि बीजेपी की राजनीतिक रणनीति तेजी से स्वतंत्र रूप से शक्ति को मजबूत करने पर केंद्रित हो रही है। गठबंधन की वर्तमान स्थिति का कड़ा मूल्यांकन करते हुए, संपादकीय में आरोप लगाया गया कि बीजेपी सही समय आने पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की एनसीपी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना दोनों को किनारे करने की फिराक में है।   आपको बता दें कि सत्तारूढ़ गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए, संपादकीय ने स्थिति को "गिरती राजनीतिक संस्कृति" का सूचक बताया, जिसमें आरोप लगाया गया कि नेता शासन के बजाय राजनीतिक पुनर्गठन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि किसानों, विकलांग व्यक्तियों और विधवाओं से संबंधित प्रमुख मुद्दे अनसुलझे बने हुए हैं।

विवेक विहार में आग के कहर ने ली 9 जानें, चार मंजिला इमारत में लगी आग

 नई दिल्ली  पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग? दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया। भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है। भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान। दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक: 1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष 2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष 3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष 4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष 5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष पहली मंजिल पर मृतक: 1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य: 1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष 2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष 3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया। चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग? अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है।  AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।  बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।  कूलिंग ऑपरेशन जारी दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो।  इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

अमेरिका की एक बड़ी कंपनी का अंत, रातोंरात बंद होगी – ट्रंप भी नहीं कर पाए कुछ

वाशिंगटन कम बजट में फ्लाइट की सुविधा देने वाली अमेरिका की एक एयरलाइन कंपनी बंद होने की कगार पर आ गई है. आर्थिक तंगी से जूझ रही अमेरिकी एयरलाइन Spirit, सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता न मिलने के बाद बंद होने के कगार पर पहुंच गई।  राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप भी इसे बचाने के प्रयास में विफल रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि उनकी सरकार ने बजट एयरलाइन को दिवालिया होने से बचाने के लिए टैक्‍सपेयर्स के पैसे से अधिग्रहण का 'अंतिम प्रस्ताव' दिया था, लेकिन समझौता नहीं हो पाने के कारण एयरलाइन के भविष्य को संदेह में डाल दिया है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कंपनी शटडाउन की तैयारियां की जा रही है. स्पिरिट एयरलाइंस या ट्रंप प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह दो साल में दूसरी बार है, जब एयरलाइन दिवालियापन की कार्यवाई में फंसी है, लेकिन इस बाद ऑपरेशन बंद होने जा रहा है. ट्रंप ने पिछले सप्‍ताह एयरलाइन को फाइनेंशियल मदद देने का विचार किया था, लेकिन अब इस कंपनी आर्थिक मदद नहीं मिली है।  17,000 से ज्‍यादा नौकरियों पर संकट स्पिरिट एयरलाइन के वकील मार्शल ह्यूब्नर ने कहा कि एयरलाइन बंद होने से लगभग 17,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं. इस कंपनी की स्थिति कोविड महामारी के बाद से ही खराब चल रही है. ऑपरेशनल कॉस्‍ट और कर्ज में भारी बढ़ोतरी के कारण कंपनी पर बोझ बढ़ता जा रहा है।  2020 से 2.5 अरब डॉलर से ज्‍यादा नुकसान  नवंबर 2024 में दिवालियापन से बचने के लिए चैप्टर 11 के तहत आवेदन करने तक, स्पिरिट को 2020 की शुरुआत से 2.5 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका था. कोर्ट के दस्‍तावेज के अनुसार, बजट एयरलाइन ने अगस्त 2025 में एक बार फिर दिवालियापन से सुरक्षा की मांग की, जब उसने बताया कि उस पर 8.1 बिलियन डॉलर का कर्ज और 8.6 बिलियन डॉलर की संपत्ति है।  लगातार बढ़ रहीं ईंधन की कीमतें इस एयरलाइंस की आर्थिक तंगी की समस्‍या ऐसे समय में और भी ज्‍यादा हो गई हैं, जब ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. कच्‍चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाने के बाद से लगातार ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है. ऐसे में एयरलाइंस कंपनियों को घाटा हो रहा है. कई एयरलाइंस कंपनियों ने तो सरकार से ईंधन की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए गुहार भी लगाई हैं। 

22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए

रायपुर   छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।                परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान  आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है। धान बनाम गेंदा- मुनाफे का बड़ा अंतर            आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। वे 10 क्विंटल धान का उत्पादन कर मुश्किल से 31 हजार रुपए की कुल आय प्राप्त कर पाते थे, जिसमें से लागत काटकर उनके हाथ मात्र 22 हजार रुपए का लाभ आता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय का ग्राफ अचानक बदल गया। तकनीकी सहयोग और बंपर उत्पादन           वर्ष 2025-26 के दौरान उद्यानिकी विभाग ने उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आनंदराम की मेहनत और विभागीय सहयोग का नतीजा यह रहा कि उन्होंने कुल उत्पादन लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल बेचकर   3 लाख रुपए से अधिक की कुल आमदनी हासिल की। धान की तुलना में बेहतर रिटर्न और कम समय में अधिक आय प्राप्त किया। क्षेत्र के किसानों के लिए बने रोल मॉडल           सिदार की इस सफलता ने पूरे रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों के प्रति अन्य किसानों का रुझान बढ़ा दिया है। अब क्षेत्र के कई किसान धान के स्थान पर फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आनंदराम सिदार का कहना है कि शुरुआत में जोखिम लग रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर की गई देखरेख ने मेरी तकदीर बदल दी। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ। विभाग की सक्रिय पहल        रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार का जीवन की दिशा ही बदल गई। उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से फूलों की खेती अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में उभर रही है। विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

तीन दिन बारिश का कहर: प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में चेतावनी जारी

नई दिल्ली प्री-मानसून (Pre-Monsoon) ने जब से देश में दस्तक दी है, असर दिखा रहा है। देश के कई राज्यों में बादल बरस रहे हैं और यह सिलसिला बना हुआ है। मानसून (Monsoon) के 2025 सीज़न में देशभर में शानदार बारिश हुई और कई राज्यों में तो पिछले कई सालों से ज़्यादा बारिश हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट्स ने पूर्वानुमान लगाया था कि 2026 में भी जोरदार बारिश होगी, लेकिन अल-नीनो के असर की भी संभावना बनी हुई है। इसी बीच अब देश में प्री-मानसून रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने कई राज्यों में 3, 4 और 5 मई को भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। उत्तरपश्चिम भारत उत्तरपश्चिम भारत में प्री-मानसून रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 3, 4 और 5 मई को राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई जगह भारी बारिश होगी। साथ ही कई जगह रिमझिम बारिश का भी अलर्ट है। इस दौरान तेज़ हवा चलने, धूल भरी आंधी चलने और बिजली गरजने का भी अलर्ट है। हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। दक्षिण भारत दक्षिण भारत में भी मौसम बदल गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 3, 4 और 5 मई को केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, माहे, यनम, कराईकल और रायलसीमा में जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान कई जगह 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, आंधी चलने और बिजली गरजने का भी अलर्ट है। पूर्वी और मध्य भारत पूर्वी और मध्य भारत में भी प्री-मानसून रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने 3, 4 और 5 मई को मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कई जगह भारी बारिश तो कई जगह हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज़ हवा चलने, धूल भरी आंधी चलने और बिजली गरजने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का भी अलर्ट है। हवा की रफ्तार 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। उत्तरीपूर्व भारत उत्तरीपूर्व भारत में भी मौसम बदल गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 3, 4 और 5 मई को असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में तेज़ बारिश होगी। इस दौरान कई जगह 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, धूल भरी आंधी चलने और बिजली गरजने का भी अलर्ट है।

मतगणना से पहले EVM कहाँ रहती हैं? जानिए स्ट्रॉन्ग रूम और उसके सख्त प्रोटोकॉल

नई दिल्ली बंगाल, तमिलनाडु सहित 5 राज्यों के चुनाव अब खत्म हो चुके हैं। चुनाव परिणाम सोमवार 04 मई 2026 को जारी किये जाएंगे। इसके बाद तय होगा कि कौन उस राज्य का अगला मुख्यमंत्री होगा। साथ ही चुनाव खत्म होते ही कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि वोटिंग मशीनें आखिर जाती कहां हैं और उन्हें सुरक्षित कैसे रखा जाता है? इसका जवाब है 'स्ट्रॉन्ग रूम'। यह एक ऐसा विशेष सुरक्षित स्थान होता है, जहां EVM और VVPAT मशीनों को मतगणना तक पूरी सुरक्षा में रखा जाता है। आमतौर पर स्ट्रॉन्ग रूम के लिए किसी सरकारी कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान या प्रशासनिक गोदाम को चुना जाता है। इन जगहों को पहले से तैयार किया जाता है, ताकि सुरक्षा और निगरानी में कोई कमी न रहे। वोटिंग के तुरंत बाद शुरू होती है प्रक्रिया मतदान समाप्त होते ही पोलिंग बूथ पर ही EVM और VVPAT मशीनों को सील कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें कड़ी पुलिस सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों को मौजूद रहने का मौका दिया जाता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। जब मशीनें स्ट्रॉन्ग रूम में रख दी जाती हैं, तो कमरे को आधिकारिक तौर पर सील कर दिया जाता है। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है, जिससे बाद में किसी तरह का विवाद न हो। सुरक्षा के कई स्तर स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा साधारण नहीं होती। इसके चारों तरफ मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा बनाया जाता है। इसमें पुलिस और अर्धसैनिक बल 24 घंटे तैनात रहते हैं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे लगाए जाते हैं, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग होती है। कई जगहों पर उम्मीदवारों को बाहर लगे स्क्रीन के जरिए लाइव निगरानी देखने की सुविधा भी दी जाती है। इससे भरोसा और पारदर्शिता दोनों बने रहते हैं। डबल लॉक और सील की खास व्यवस्था स्ट्रॉन्ग रूम के दरवाजे पर खास तरह की सील लगाई जाती है, जिस पर उम्मीदवारों के हस्ताक्षर होते हैं। इसका मतलब यह होता है कि अगर कोई छेड़छाड़ होगी, तो तुरंत पता चल जाएगा। इसके अलावा, 'डबल लॉक सिस्टम' भी होता है। यानी कमरे को खोलने के लिए दो अलग-अलग चाबियों की जरूरत होती है, जो अलग-अलग अधिकारियों के पास रहती हैं। इससे कोई एक व्यक्ति अकेले कमरे को नहीं खोल सकता। अंदर जाने की सख्त पाबंदी स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जाने की अनुमति बेहद सीमित होती है। केवल रिटर्निंग ऑफिसर (RO), जिला निर्वाचन अधिकारी और अधिकृत चुनाव कर्मी ही अंदर जा सकते हैं। आम जनता, मीडिया और यहां तक कि उम्मीदवार भी अंदर नहीं जा सकते। हालांकि उनके एजेंट बाहर से निगरानी कर सकते हैं। काउंटिंग वाले दिन क्या होता है? मतगणना के दिन सुबह करीब 7 बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाता है। इस दौरान RO, चुनाव पर्यवेक्षक और उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। सबसे पहले सील की जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बाद मशीनों को काउंटिंग हॉल तक ले जाया जाता है। इस पूरे रास्ते की भी वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। काउंटिंग हॉल में हर टेबल पर उम्मीदवार का एक एजेंट मौजूद रहता है, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।