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नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 में श्री कल्याणी नृत्य कला समिति के 9 छात्रों ने जीते पुरस्कार, दीक्षा अस्थाना ने दी बधाई

भोपाल  2 अप्रैल को रविंद्र भवन के अंजलि सभागृह में राज्य सरकार की मिनिस्ट्री आफ कल्चर द्वारा हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक समिति के माध्यम से, नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य कला की स्पर्धा में श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति के कथक नृत्य में पारंगत 9 छात्रों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति की कत्थक शिक्षिका और संस्थापक श्रीमती दीक्षा अस्थाना ने सभी छात्रों को उनके इस प्रयास पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं तथा आशा व्यक्त की है भविष्य में और अधिक संख्या में यहां की छात्राएं ऐसी उपलब्धि प्राप्त करेंगी ।

चुनावी नतीजों से पहले पप्पू यादव का ऐलान: BJP जीती तो राजनीति से पीछे हटेंगे

पटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है और अब सभी को नतीजों का इंतजार है। लेकिन इससे पहले सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि अगर बंगाल चुनाव में BJP की जीत होती है, तो वह अपना संघर्ष छोड़ देंगे। पप्पू यादव का ऐलान सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल के उन अनुमानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिनमें बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे।' हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही अपना अटूट विश्वास भी प्रकट किया और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बंगाल की जनता ने बीजेपी का पूरी तरह सफाया कर दिया है। तेजस्वी यादव का ममता को समर्थन और बीजेपी पर प्रहार पप्पू यादव के अलावा बिहार के कई अन्य नेताओं णे भी बंगाल चुनाव ओर अपनी प्रकातिक्रिया दी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बंगाल चुनाव को लेकर दावा किया है कि इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत तय है। उन्होंने कहा कि जनता ममता बनर्जी को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और टीएमसी को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यहाँ तक कह दिया कि भाजपा की हार में ही देश की जीत है। दो चरणों में संपन्न हुआ मतदान, अब 4 मई का इंतजार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान दो चरणों में आयोजित किया गया है। पहले चरण की वोटिंग के बाद, दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

देश के 4 सपूत शहीद: अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नारायणपुर पुलिस लाइन में किया गया। वीर सपूतों को जब अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल गमगीन हो उठा। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है। 

चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में तेज आंधी के साथ बरसे बदरा, पंजाब में मौसम का मिजाज हुआ बदल

पंचकूला  रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया।   धराशायी हुए पेड़, थमी शहर की रफ्तार तूफान का असर शहर के बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला। हवाओं का वेग इतना तेज था कि शहर के कई इलाकों में पुराने और भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। इसके चलते कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात यह हो गए कि…सड़कों पर सन्नाटा दिन के उजाले में घुप अंधेरा होने और लगातार बारिश से लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।बिजली गुल: पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण शहर के कई सेक्टरों में घंटों तक बिजली गुल रही।जलभराव की स्थिति: लगातार हुई तेज बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन मई को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में चार व पांच मई को आंधी वर्षा के साथ साथ ओलावृष्टि को लेकर मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जारी किए गए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा। इसके चलते पंजाब पंजाब व चंडीगढ़ में गरज चमक के साथ वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार तीन मई को अलग अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे व तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। जबकि चार व पांच मई को ज्यादातर जगहों पर 40 से पचास किलोमीटर प्रति घंटे, कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। ओलावृष्टि के दौरान घर से न निकलें बाहर विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी है। जिसमें गरज चमक, ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वह अपने कृषि कार्य फिलहाल स्थगित कर रखें और फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। गेहूं और अन्य खड़ी फसलों को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने को कहा गया है। इसके अलावा आंधी वर्षा की संभावना को देखते हुए सिंचाई व कीटनाशकों का छिड़काव न करने के लिए कहा है। दूसरी तरफ शनिवार को पंजाब के कई जिलों में मौसम गर्म रहा। जबकि कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने से गर्मी से थोड़ी राहत रही। लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज  विभाग के अनुसार बठिंडा में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.5 डिग्री, फरीदकोट में 39.0 डिग्री और लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में 37.1 डिग्री, पटियाला में 37.5 डिग्री और चंडीगढ़ में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।  

दोस्ती की फिर बहार: बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए वीजा सेवाएं बहाल कीं

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों पर असर पड़ा। राजनीतिक बदलाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण वीजा सेवाएं भी प्रभावित हुई थी। हालांकि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी सुधार देखने को मिल रहे है। इसी कड़ी में एक और बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों के बीच वीजा सेवाओं को फिर से पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए सभी श्रेणी के वीजा शुरू किए बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों में वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान ने हाल ही में भारत दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। वर्तमान में नई दिल्ली, कोलकाता, अगरतला, मुंबई और चेन्नई स्थित बांग्लादेश के सभी वीजा केंद्र पूरी तरह कार्यरत हैं। बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दिसंबर में सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थीं, लेकिन फरवरी में उन्हें फिर से शुरू कर दिया गया। अब ढाका चाहता है कि भारत भी जल्द इसी तरह की पूर्ण बहाली कर दे।   भारत भी वीजा सेवा सामान्य करने की योजना बना रहा भारत की ओर से वीजा सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य करने की योजना बनाई जा रही है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने फरवरी में ढाका का दौरा किया था, जहां वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। यह दौरा प्रधानमंत्री तारिके रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए हुआ था। नई सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों ने रिश्तों को फिर से संतुलित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे पहले अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के दौर में संबंधों में खटास आई थी, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद। व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को मिलेग बढ़ावा वीजा सेवाओं के सामान्य होने से व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में भारतीय वीजा सेवाएं बांग्लादेशी नागरिकों के लिए केवल 15 से 20 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं, जिसमें मेडिकल और पारिवारिक वीजा को प्राथमिकता दी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 2023 में जहां 21.2 लाख लोग भारत आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 4.7 लाख रह गई। पश्चिम बंगाल प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। हाल ही में भारत ने ऊर्जा संकट से जूझ रहे बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति भी की, जिससे दोनों देशों के सहयोग को नई मजबूती मिली है।

Thomas Cup: लक्ष्य सेन की गैरमौजूदगी पड़ी भारी, सेमीफाइनल में भारत बाहर

होर्सेंस (डेनमार्क)  भारत की खिताब जीतने की उम्मीदें थॉमस कप के सेमीफाइनल में फ्रांस से 0-3 से मिली हार से निराशा में बदल गई। भारतीय पुरुष टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। लक्ष्य सेन का नहीं खेलना भारत को भारी पड़ा और एच एस प्रणय भी आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत की तरह हार गए। प्रणय को दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव के हाथों 19-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा। थॉमस कप में भारत का दूसरा मेडल इस पूरी तरह से एकतरफा मुकाबले में भारत एक भी गेम जीतने में नाकाम रहा। थॉमस कप में यह भारत का दूसरा मेडल है। 2022 में टीम ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीता था। फ्रांस इस जीत के साथ डेनमार्क के 2016 में पहला खिताब जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया। फाइनल में फ्रांस का सामना टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम चीन से होगा। जिसने सेमीफाइनल में डेनमार्क को 3-0 से हराया। लक्ष्य सेन इंजरी की वजह से नहीं खेले आयुष शेट्टी को शुरुआती एकल में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव से और फिर दूसरे एकल में किदांबी श्रीकांत को दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स लैनियर से हार मिली। लक्ष्य सेन की दाहिनी कोहनी में सूजन थी जिसके बाद 20 साल के आयुष को शुरुआती एकल में उतारा गया। आयुष फ्रांस के पोपोव की रणनीति का मुकाबला करने में नाकाम रहे और 39 मिनट में 11-21, 9-21 से पराजित हो गए। श्रीकांत भी कमाल नहीं कर पाए इसके बाद सभी की नजरें श्रीकांत पर थीं कि वह मैच बराबर करें, लेकिन दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद भी 16-21, 18-21 से हार गए। फिर जिम्मेदारी एच एस प्रणय पर थी कि वह भारत की उम्मीदों को जीवंत रखें। 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने बेहतर चुनौती पेश की लेकिन वह दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव को नहीं हरा सके।

मिडिल ईस्ट में बढ़ेगी सैन्य ताकत! अमेरिका ने इज़रायल, कतर, कुवैत और UAE को दिया ₹81 हजार करोड़ का हथियार सौदा प्रस्ताव

वाशिंगटन अमेरिका ने इज़रायल, कतर, कुवैत और यूएई को 8.6 बिलियन डॉलर्स (करीब 81 हज़ार करोड़ रूपए) के हथियार बेचने का ऑफर दिया है। इन हथियारों में कई एडवांस वेपन्स, मिसाइलें, एयर एंड मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स शामिल हैं। ये हथियार इन देशों को दुश्मन के हमलों से बचाव और सटीक जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस की समीक्षा को दरकिनार करते हुए यह फैसला लिया है। क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार इन चारों देशों को हथियार बेचना मिडिल ईस्ट की क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी है। अमेरिका का मानना है कि इन देशों के हथियारों स्टॉक की भरपाई और रक्षा क्षमता मजबूत करना ज़रूरी है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। ट्रंप प्रशासन ने इसे आपातकालीन ज़रूरत बताया, क्योंकि सामान्य प्रक्रिया में कांग्रेस को 30 दिन का समय मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह डील अमेरिका की मिडिल ईस्ट (Middle East) नीति को दर्शाता है और अमेरिकी रणनीतिक हितों को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम है। आलोचना हुई शुरू हालांकि कुछ आलोचक अमेरिका के इस प्रस्ताव को महंगा और अनावश्यक बता रहे हैं, खासकर जब अमेरिका में घरेलू मुद्दे लंबित हैं। गौरतलब है कि ईरान के खिलाफ युद्ध से अमेरिका के हथियारों का स्टॉक काफी कम हो गया है।

IPL 2026: गुजरात को जीत की दरकार, पंजाब की नजर टॉप-4 पर

अहमदाबाद  आईपीएल 2026 (IPL 2026) के 46वें मैच में आज गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के बीच अब तक का रिकॉर्ड 3-3 की बराबरी पर है, जो इस मुकाबले को और भी रोमांचक बनाता है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात को जहां जीत की सख्त जरूरत है, वहीं श्रेयस अय्यर की पंजाब प्लेऑफ की दहलीज पार करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। राशिद खान और युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी आज हार-जीत का बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। दोनों टीमों के लिए जीत जरूरी (GT vs PBKS Preview) गुजरात टाइटंस (GT) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच होने वाली यह भिड़ंत मिड-सीजन की सबसे महत्वपूर्ण मैचों में से एक है। जहां पंजाब इस मैच को जीतकर प्लेऑफ की अपनी दावेदारी को और पुख्ता करना चाहेगी। वहीं गुजरात के लिए यह मुकाबला अपनी स्थिति सुधारने और टॉप-4 की रेस में बने रहने का सुनहरा मौका है।   रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद इतिहास गवाह है कि जब भी ये दो टीमें आमने-सामने होती हैं, मुकाबला कांटे का होता है। अब तक दोनों टीमों के बीच कुल 6 मैच खेले गए हैं, जिसमें दोनों ने 3-3 बार जीत दर्ज की है। इस बराबरी के आंकड़े से साफ है कि रविवार को भी किसी एक टीम को चुनना आसान नहीं होगा। मैच का सबसे रोमांचक मोड़ बीच के ओवरों में आएगा। गुजरात टाइटंस के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर राशिद खान हैं, जो रनों की गति पर लगाम लगाने में माहिर हैं। गुजरात के टॉप 3 बल्लेबाजों से होगी उम्मीदें वहीं, पंजाब किंग्स के पास इस सीजन में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे युजवेंद्र चहल हैं। इन दोनों जादुई स्पिनरों के बीच की जंग तय करेगी कि कौन सी टीम मैच के बीच के हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखती है। शुरुआती ओवरों में गुजरात की उम्मीदें उनके कप्तान शुभमन गिल पर टिकी होंगी। गिल का रिकॉर्ड अहमदाबाद के इस मैदान पर शानदार रहा है। दूसरी ओर पंजाब के पास अर्शदीप सिंह हैं, जो नई गेंद को स्विंग कराने और पावरप्ले में विकेट निकालने की काबिलियत रखते हैं। गिल को रोकने की जिम्मेदारी अर्शदीप के कंधों पर होगी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल रहती है। गेंद बल्ले पर अच्छे उछाल के साथ आती है, जिससे स्ट्रोक खेलना आसान होता है। हालांकि, तेज गेंदबाजों के लिए शुरुआत में थोड़ी मूवमेंट और स्पिनर्स के लिए ग्रिप मौजूद रहेगी।

हरियाणा CM का लुधियाना दौरा, नायब सैनी वर्करों से करेंगे विधानसभा चुनाव की योजना पर चर्चा

फिरोजपुर पंजाब में संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लुधियाना के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर को फिरोजपुर रोड स्थित शहंशाह पैलेस पहुंचेंगा।  पार्टी के आधार को मजबूत करने की कवायद सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में पार्टी के आधार को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सैनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं (वर्करों) से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का मंत्र देंगे। बैठक में जिला स्तर के बड़े नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फिरोजपुर रोड और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो। भाजपा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की हैं।  

संघर्षों से भरी रही Sanjay Dutt की जिंदगी, बेटी Trishala Dutt ने खोले राज

मुंबई संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त अक्सर अपनी बेबाक राय रखती हैं और आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद भी अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचकिचातीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में त्रिशाला ने बताया कि एक्टिंग करना उनका जुनून कभी नहीं था, फिर भी वो अपने पिता के साथ रहना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने एक्टिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया। 1988 में जन्मी त्रिशाला, संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी हैं। ऋचा का 1996 में निधन हो गया और त्रिशाला अमेरिका में अपने नाना-नानी के साथ पली-बढ़ीं। ‘मैं सिर्फ पापा के करीब रहना चाहती थी…’   इनसाइड थॉट्स आउट लाउड पॉडकास्ट के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बॉलीवुड का हिस्सा बनने की इच्छा के बारे में बात करते हुए बताया, "मैंने बचपन में इसके बारे में सोचा था। मैं ये नहीं सोच रही थी कि मुझे एक्ट्रेस बनना है और एक्टिंग करनी है क्योंकि अभिनय मेरा जुनून है। मैं तो बस अपने पिता के करीब रहना चाहती थी।"   संजय दत्त का क्या था रिएक्शन इसके आगे उन्होंने अपने पापा संजय दत्त के बारे में बात करते हुए कहा, “उन्होंने बहुत मुश्किल दौर देखे हैं। उन्होंने मुझसे पूछा, ‘क्या यही तुम्हारा जुनून है? क्या तुम्हें इसकी ओर खिंचाव महसूस होता है?’ और मैंने कहा, ‘मैं बस आपके साथ और समय बिताना चाहती हूं।’ और उन्होंने कहा, ‘चलो बात करते हैं कि तुम्हें किस चीज में रुचि है और तुम्हें उस रास्ते पर ले चलते हैं। सिर्फ इसलिए कि तुम फलां-फलां की बेटी हो, इसका मतलब यह नहीं है कि तुम एक फेमस एक्ट्रेस बन जाओगी और सारे ऑफर तुम्हारे पास आने लगेंगे।’” जानकारी के लिए बता दें कि संजय दत्त अभिनेता सुनील दत्त और नरगिस दत्त के बेटे हैं। उनकी पहली फिल्म रॉकी का निर्माण और निर्देशन उनके दिवंगत पिता ने किया था। हमेशा सब कुछ ठीक-ठाक होना जरूरी नहीं है इसी बातचीत में आगे उन्होंने थेरेपिस्ट बनने के अपने फैसले के बारे में भी खुलकर बात की और बताया, “मेरी जिंदगी में भी बाकी लोगों की तरह कई परेशानियां और मानसिक संघर्ष रहे हैं। मैंने थेरेपिस्ट बनने का फैसला इसलिए किया ताकि लोगों को यह बता सकूं कि संघर्ष करना स्वाभाविक है। हमेशा सब कुछ ठीक-ठाक होना जरूरी नहीं है, और इस सफर में आप अकेले नहीं हैं। साथ ही, बॉलीवुड फैमिली से होने के कारण मैंने इंडस्ट्री में किसी को भी मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करते नहीं देखा। मैं बस लोगों से जुड़ना चाहती थी, उन्हें यह बताना चाहती थी कि चाहे आप इंडस्ट्री में हों या न हों, सब कुछ हमेशा खुशियों से भरा नहीं होता। हम भी आप जैसे ही इंसान हैं।” इसके आगे उन्होंने मेन्टल हेल्थ के बारे में खुलकर बोलने के लिए दीपिका पादुकोण की तारीफ करते हुए कहा, “जब दीपिका पादुकोण ने इस बारे में बात की, तो मुझे लगता है कि उन्होंने डिप्रेशन के बारे में बात की थी। मुझे लगा कि उन्होंने बहुत बहादुरी दिखाई।” पेरेंट्स के साथ कभी नहीं रहीं त्रिशाला दत्त पिछले कुछ सालों में, त्रिशाला ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी खुलकर बात की है। उनका पालन-पोषण न्यूयॉर्क में उनके नाना-नानी ने किया और वो अपने पिता से दूर रहती हैं, और बहुत कम ही भारत आती हैं। कुछ साल पहले, एक इंस्टाग्राम यूजर ने उनसे पूछा, “अपने माता-पिता के बिना रहना कैसा लगता है?” उन्होंने जवाब दिया, “ठीक है, मुझे लगता है। मैं शुरू से ही उनके साथ नहीं रही थी, लेकिन मैं इतनी छोटी थी कि मुझे ज्यादा याद नहीं है, इसलिए मैं वास्तव में यह नहीं बता सकती कि उनके बिना रहना कैसा लगता है।” संजय दत्त की बेटी होने का एक्सपीरियंस एक और इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि संजय दत्त की बेटी होने का एक्सपीरियंस कैसा है, तो उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, मुझे ये नॉर्मल लगता है। वो किसी भी दूसरे पापा की तरह हैं। जब मैं उनके साथ होती हूं, तो ऐसा लगता है जैसे मैं अपने पपप के साथ हूं। और ये वैसा ही अनुभव है जैसा आप शायद अपने पिता के साथ होने पर महसूस करते हैं।” त्रिशाला दत्त, संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी, अभिनेत्री ऋचा शर्मा की बेटी हैं, 1996 में ब्रेन कैंसर के कारण जिनकी मौत हो गई थी। संजय ने 1998 में रिया पिल्लई से शादी की, जो 2008 में टूट गई। इसके बाद 2008 में ही उन्होंने मान्याता दत्त के साथ शादी की। इस कपल ने 2010 के जुड़वां बच्चे हुए, एक बेटा शाहरान और एक बेटी इकरा।