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रिंकू सिंह को अब तक नई जिम्मेदारी नहीं—क्या सरकार ले रही है “बदला”?

लखनऊ उत्तर प्रदेश के IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने यह इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था कि उनको लंबे समय से पोस्टिंग नहीं दी जा रही है. नहीं कोई काम दिया जा रहा है. वो उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध है. उनके पास न कोई काम और न ही गरिमापूर्ण कार्य आवंटन. अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है. इन सबके बाद अब IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा 20 अप्रैल को वापस ले लिया था. हालांकि, इस्तीफा वापस लेने के 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है. रिंकू सिंह राही ने कहा, मुझे सिर्फ काम चाहिए. सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा. सरकार ने रिंकू सिंह राही को राजस्व परिषद में अटैच किया है. परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार हैं. सोर्स के मुताबिक, पिछले दिनों अनिल कुमार ने रिंकू सिंह को कुछ विभागीय काम सौंपे थे. जिन्हें IAS अधिकारी ने पूरा भी कर दिया. वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं शाहजहांपुर में SDM रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन किया गया था. राही ने कहा वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं. इसे उन्होंने नैतिक निर्णय बताया था. 2009 में घोटाला उजागर करने पर राही को 7 गोलियां लगी थीं, फिर भी वे बच गए थे. शाहजहांपुर वकीलों के एक प्रदर्शन में उठक बैठक का उनका वीडियो वायरल हुआ था तब सरकार ने उनको अटैच कर दिया था. वकीलों के सामने की थी उठक-बैठक रिंकू सिंह शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे. वहां वकीलों से उनका विवाद हुआ था. जिसके बाद सार्वजनिक रूप से उन्होंने उठक-बैठक करके वकीलों से माफी मांगी थी. इसके बाद उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था. फिलहाल रिंकू सिंह ने गुपचुप तरीके से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें नई तैनाती दी जा सकती है.

‘बोरे बासी’ मुद्दे पर बयानबाजी तेज: गजेंद्र यादव ने भूपेश बघेल को घेरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बोरे बासी दिवस को लेकर सियासत तेज हो गई है। 1 मई को श्रमिक दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर बोरे बासी दिवस मनाया था, जिसको लेकर अब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उनपर हमला बोला है। उन्होंने इसे प्रोपेगेंडा बताया है। मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर क्या सवाल उठाए ? दरअसल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रवाना होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला। दुर्ग में भूपेश बघेल की ओर से मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर भूपेश बघेल ने प्रोपेगेंडा किया। पिंडदान और पितृ भोज में मिट्टी के बर्तन का उपयोग किया जाता है। भूपेश बघेल क्या कांग्रेस पार्टी का पिंडदान करने गए थे। आगे कहा कि कांग्रेस त्योहार मनाकर क्या साबित करना चाहती है। क्या छत्तीसगढ़ के लोग बासी ही खाएं ? 5 राज्यों के परिणाम को लेकर क्या कहा ? स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बंगाल समेत 5 राज्यों के परिणाम को लेकर कहा कि रिजल्ट बहुत बेहतरीन होगा और बंगाल में सुनामी के रूप में भाजपा की सरकार आएगी। वहीं उन्होंने आगे कहा कि पांच राज्यों में से तीन राज्यों में स्पष्ट भाजपा की सरकार बनेगी। मेधावी छात्रों को क्या सौगात दी ? इसी के साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मेधावी छात्रों को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि मेरिट लिस्ट में आने वाले 10वीं और 12वीं के बच्चों को सरकार एक साथ 1 लाख 50 हजार रुपए देगी, जिससे बच्चों को पढ़ाई में सुविधा होगी। बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल क्या बोले ? वहीं मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को 1 लाख 50 हजार देंगे। हम किसी की नकल नहीं करते हैं। पिछले सरकार में बच्चे एक बार ही हेलीकॉप्टर यात्रा पर घूमते थे, लेकिन 1 लाख 50 हजार रुपए में बच्चे अपने पूरे परिवार के साथ पैकेज घूमकर आ सकते हैं।

ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े नए छापों में 5.39 करोड़ रुपए की बरामदी की

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच तेज कर दी है और राज्य में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाते हुए लगभग 5.39 करोड़ रुपए की नकदी और कीमती सामान जब्त किया है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी। आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने 30 अप्रैल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में स्थित 13 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। इस तलाशी अभियान में शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों, व्यवसायियों और कॉरपोरेट संस्थाओं को निशाना बनाया गया, जिन पर घोटाले से जुड़े अपराध की आय को संभालने या छिपाने में संलिप्त होने का संदेह था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 53 लाख रुपए नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण और ईंटें बरामद कीं, जिनकी कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। ईडी आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) रायपुर द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अब तक की जांच से वरिष्ठ नौकरशाहों, शराब उत्पादकों, एफएल-10ए लाइसेंस धारकों और उनके सहयोगियों की मिलीभगत से एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का संकेत मिला है। कथित घोटाला छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन की वसूली से संबंधित है। ईओडब्ल्यू/एसीबी के आरोप पत्रों के अनुसार, इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल धनराशि लगभग 2,883 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। ईडी ने अब तक पीएमएलए की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं। इस जांच में शराब बनाने वालों, नकदी संभालने वालों, हवाला संचालकों, लाइसेंस धारकों और राजनीतिक मध्यस्थों की भूमिका सहित कई पहलुओं को शामिल किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि पीएमएलए के तहत अब तक छह अंतरिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 380 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की गई है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां, बैंक खाते, वाहन, आभूषण और आरोपी तथा उनकी कथित बेनामी संस्थाओं से जुड़े शेयर शामिल हैं। नई दिल्ली स्थित न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा इनमें से कई कुर्कियों की पुष्टि की जा चुकी है। ईडी ने रायपुर स्थित पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में 81 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ छह अभियोग भी दायर किए हैं। ये मामले फिलहाल विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायिक मंचों में चल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि हालिया तलाशी में और सबूत मिले हैं, और इन निष्कर्षों के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें और दस्तावेज जमा करना और अभियोग लगाना शामिल है। मामले में आगे की जांच जारी है।

बिहार पुलिस का बड़ा अभियान: सीवान से पटना तक एनकाउंटर की झड़ी, कई अपराधी ढेर

पटना बिहार में अपराधियों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन हो रहा है। मुख्यमंत्री की गद्दी संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने पहले ही कहा था कि वो अपराधियों का पिंडदान करेंगे। सीएम के इस कथन के बाद से ही राज्य में अपराधियों पर पुलिस कहर बनकर बरप रही है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज 18 दिन के सम्राट चौधरी के राज में मगध से अंग और सारण तक पांच एनकाउंटर अब तक हो चुके हैं। सबसे पहले बात करते हैं आज यानी रविवार को सीवान जिले में हुए ताजा एनकाउंटर की। सारण में दो एनकाउंटर सीवान के चर्चित हर्ष मर्डर केस में पुलिस ने  एनकाउंटर किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को मुठभेड़ में मार गिराया है। यहां भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहने वाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी। भांजे हर्ष की मौत हो गई थी और बहनोई का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इससे पहले इस हत्याकांड के एक दिन बाद यानी 30 अप्रैल की सुबह भी सीवान पुलिस ने इसी मर्डर केस से जुड़े एक अन्य आरोपी छोटू यादव का हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी। पुलिस की गोली से छोटू जख्मी हुआ था और उसे बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अंग के सुल्तानगंज में रामधनी यादव का एनकाउंटर इससे पहले सम्राट चौधरी की पुलिस ने बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति पर हुए हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता रामधनी यादव को 29 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में मारा गिराया था। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और दो निरीक्षक घायल हो गए थे। दरअसल 28 अप्रैल को तीन हथियारबंद अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में सभापति राजकुमार के कक्ष में गोलीबारी की थी। जिसमें सभापति और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई थी। राजकुमार को इलाज के लिए पटना के एक अस्पताल में भेज दिया गया था। यह जानकारी सामने आई थी कि सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी और उनके पति रामधनी यादव ने व्यक्तिगत रंजिश में सभापति राजकुमार पर हमला करवाया था। बाद में रामधनी यादव पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। ज्वेलरी लूटकांड के आरोपी का पटना में हाफ एनकाउंटर इससे पहले 22 अप्रैल को पटना पुलिस ने एक हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने रामकृष्णा नगर इलाके में एक ज्वेलरी लूट के आरोपी को उसी जगह पर गोली मारी थी जहां अपराधियों ने लूट के माल का बंटवारा किया था। दरअसल 19 अप्रैल को रामकृष्णा नगर में गहनों की लूटपाट हुई थी। इस लूटकांड में पुलिस ने दिलीप को पकड़ा था। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया था कि दिलीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। पुलिस जब उसे लेकर हथियार बरामदगी के लिए गई थी तब उसने पुलिस पर गोली चलाई थी। जिसके बाद मोर्चा संभालते हुए पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी थी। पुलिस ने बताया था कि इस लूटकांड में कुल 4 अपराधी शामिल थे। नवादा में 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर इससे पहले पुलिस ने 26 अप्रैल को नवादा जिले में एक हाफ एनकाउंटर किया था। यहां रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव में राइस मिल के पास पुलिस की गोली लगने से एक अपराधी घायल हो गया था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और 3 कारतूस बरामद किए थे। आरोपी की पहचान मूल रूप से बिहार के ही जमुई जिले के रहने वाले लछुआड़ गांव के मिटू यादव के तौर पर हुई थी। मिंटू पर आरोप था कि वो एक मेडिकल प्रैक्टिशनर अशोक कुमार की निर्मम हत्या में शामिल था। मिंटू के खिलाफ कई अन्य केस भी दूसरे थानों में केस दर्ज है। पुलिस ने उसे अंतरराज्यीय अपरााधी बताया था। मंटू पर 50 हजार रुपये का इनाम था।

कंट्रोल रूम में लगी आग ने जलाए अहम दस्तावेज, जांच में जुटी पुलिस

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के पुलिस महकमे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड रूम में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में पुलिस विभाग के कई महत्वपूर्ण और बरसों पुराने दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। रिकॉर्ड रूम से उठा धुआं और अफरा-तफरी रविवार की दोपहर जब पुलिस लाइन में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी रिकॉर्ड रूम से अचानक धुआं निकलता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस लाइन में मौजूद पुलिस बल ने बिना देर किए आग बुझाने के संसाधनों का उपयोग शुरू किया।  

लोक भवन में नियुक्ति पत्र वितरण: सीएम योगी के नेतृत्व में निष्पक्ष प्रक्रिया बनी भरोसे की पहचान

लखनऊ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुशी से दमक उठे। उन्होंने योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। पारदर्शिता और समयबद्धता से बढ़ा युवाओं का विश्वास कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) के पद पर चयनित औरैया के प्रतीक कुमार दीक्षित ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। प्रतीक ने यह भी कहा कि पहले प्रयोगशालाओं की संख्या कम थी, लेकिन योगी सरकार ने लैब बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित लखनऊ की साक्षी सिंह ने नियुक्ति पत्र पाकर कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही, जिसके कारण योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिला है। मुख्यमंत्री के संबोधन से उन्हें प्रेरणा मिली है और वे अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगी। रोजगार के अवसरों से मजबूत हो रहा प्रदेश दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित कानपुर नगर की सभ्या कटियार ने कहा कि योगी सरकार में युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विचारों से प्रेरित होकर वो अपने पद की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी।  कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित गाजीपुर के राकेश कुमार यादव ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर मुझे बहुत खुशी है। भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। जो योग्य अभ्यर्थी हैं सिर्फ वही चयनित हुए हैं। राकेश ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया मुकाम हासिल करके पूरे देश में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। महिलाओं और युवाओं को मिला सम्मान कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित मुरादाबाद की प्रियंका गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार में सभी वर्गों, खासकर महिलाओं को सम्मान मिल रहा है। पहले जहां जानकारी तक नहीं मिल पाती थी, वहीं अब सरकार स्वयं बुलाकर सम्मान दे रही है। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित बस्ती के ऋषभ प्रताप सिंह और सीतापुर की पूजा वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही और इससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने देश में एक नई पहचान बनाई है।

वजीरपुर में महिला और 4 बच्चों की मौत, पति पर हत्या का शक

गुरुग्राम हरियाणा के गुरुग्राम से एक हिला देनेवाली खबर सामने आई है। यहां के वजीरपुर इलाके में एक घर के अंदर से पांच शव मिले, जिनमें एक महिला और चार बच्चों के शव शामिल हैं। महिला के पति नाजिम की हालत गंभीर है। फिलहाल माना जा रहा है कि शख्स ने अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करके आत्महत्या करने की कोशिश की। शुरुआती जांच से पता चलता है कि उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी जान लेने की कोशिश करने से पहले अपनी पत्नी और बच्चों को ज़हर दिया था। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार रात करीब 8 बजे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और घर से मोबाइल फोन तथा अन्य सबूत ज़ब्त किए। अधिकारी फिलहाल पति के इस कदम के पीछे के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। देर रात पुलिस को मिली सूचना पुलिस के मुताबिक, उन्हें शनिवार रात 9.30 बजे से 10 बजे के बीच परिवार के पड़ोसियों ने हेल्पलाइन पर इस घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को घर के अंदर पांच लोग पड़े मिले। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और शवों को जांच के लिए गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने महिला के परिवार को सूचना दे दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। आगे की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम पुलिस को शख्स पर पत्नी और बच्चों की हत्या का शक पुलिस के मुताबिक, पिता पर अपनी पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे की हत्या करने का शक है। इसके बाद उसने अपनी कलाई काट ली और पुलिस को वह भी मौके पर खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मुरादाबाद का रहने वाला था परिवार पुलिस ने बताया कि मरने वाला परिवार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला था। नाजिम गुरुग्राम में सलून चलाता था। वह अपनी 30 वर्षीय पत्नी और चार बच्चों के साथ यहां वजीरपुर इलाके में रहता था।  

राजधानी को मिलेंगे नए मेट्रो कॉरिडोर, हजारों यात्रियों को होगा फायदा

नई दिल्ली राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के स्थापना दिवस के मौके पर रविवार को दिल्ली सरकार फेज-5B के तहत नई परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, फेज-4 के पूरा होते ही फेज-5 के काम में तेजी लाने की रणनीति बनाई जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। बताते चले इससे पहले केंद्र सरकार फेज- 5A के तहत तीन कॉरिडोर को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें एरोसिटी-एयरपोर्ट टर्मिनल-1, कालिंदी कुंज-बॉटनिकल गार्डन और आरके आश्रम-इंद्रलोक (सेंट्रल विस्टा) कॉरिडोर शामिल हैं। इन पर निर्माण प्रक्रिया जारी है। फेज-5B के तहत दिल्ली-एनसीआर में कुल 15 नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 दिल्ली में बनाए जा सकते हैं। इन कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 97 किमी होगी और इनमें 65 स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 4S,204.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता देते हुए 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि बाकी तीन कॉरिडोर बाद में बनाए जाएंगे। 97 किमी का होगा नेटवर्क     रविवार को डीएमआरसी के स्थापना दिवस के मौके पर होना है कार्यक्रम     इसके तहत 97 किमी के नेटवर्क में 65 स्टेशन है प्रस्तावित     15 नए कॉरिडोर है प्रस्तावित, इनमें 7 दिल्ली में बन सकते हैं     48,204.56 करोड़ आंकी जा रही है अनुमानित लागत इसकी कौन-कौन से रूट शामिल? प्रमुख प्रस्तावित कॉरिडोर में मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क (13.19 किमी), सेंट्रल विस्टा से वसंत कुंज (14.5 किमी), समयपुर बादली से नरेला स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स (11.6 किमी) और मायापुरी से कश्मीरी गेट (12 किमी) शामिल हैं। इसके अलावा सीजीओ कॉम्प्लेक्स से सूर्य विहार फरीदाबाद तक 18 किमी लंबा कॉरिडोर बनाने की योजना है।  

पलवल से कोसीकलां और मथुरा तक चलेंगी EMU ट्रेनें

फरीदाबाद  उत्तर रेलवे ने पलवल से कोसीकलां और मथुरा तक दो ईएमयू शटल ट्रेनों के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद फरीदाबाद-पलवल रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। ये दोनों ट्रेनें 5 मई से कोसीकलां और मथुरा तक चलना शुरू हो जाएंगी। अभी इसे अस्थाई तौर पर 31 जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक और यात्रियों की संख्या पर इसे स्थाई रूप से चलाया जा सकता है। इन ट्रेनों के शुरू होने से कोसी और मथुरा तक सफर करने वाले हजारों यात्रियों को सुविधा होगी। इनका किया गया विस्तार उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि ट्रेन नंबर 64016 और 64082 ईएमयू सेवाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है। ये दोनों ट्रेनें अभी शकूरबस्ती से पलवल और नई दिल्ली से पलवल के बीच चलती है। इन्हीं ट्रेनों को आगे कोसीकलां और मथुरा तक बढ़ाया गया है। अभी 64016 शकूरबस्ती पलवल शटल दोपहर करीब ढाई बजे शकूरबस्ती से चलती है और 4 बजकर 45 मिनट पर पलवल पहुंचकर खड़ी हो जाती है। यही ट्रेन 64019 पलवल शकूरबस्ती बनकर रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर चलती है और रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर शकूरबस्ती पहुंचती है। जबकि नई दिल्ली से चलकर पलवल जाने वाली 64082 शटल शाम छह बजे नई दिल्ली से चलती है और रात 7 बजकर 40 मिनट पर पलवल पहुंचकर खड़ी हो जाती है। यही ट्रेन 64051 पलवल गाजियाबाद बनकर रात 11 बजकर 5 मिनट पर चलती है और रात 1 बजकर 40 मिनट पर गाजियाबाद पहुंचती है। दैनिक यात्रियों के लिए ये जरूरत भी है और समय की मांग भी। इन ट्रेनों के चलने से हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी। उनका कहना है कि लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग की जा रही थी। इन ट्रेनों पर भीड़ का दबाव होगा कम रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उक्त ट्रेनों का विस्तार कोसीकलां और मथुरा तक होने से पीक आवर्स में अन्य ट्रेनों जैसे आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस और मथुरा शटल जैसी ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम होगा। क्यों कि अभी इंटरसिटी और मेवाड़ एक्सप्रेस में दैनिक यात्रियों की भीड़ बेकाबू रहती है। सबसे बुरा हाल 12963 मेवाड़ एक्सप्रेस का होता है। क्योंकि ये ट्रेन शाम छह बजकर 25 मिनट पर निजामुद्दीन से चलती है। इसका स्टापेज बल्लभगढ़ में दिया गया है। ये ट्रेन छह बजकर 46 मिनट पर बल्लभगढ़ पहुंचती है। इस समय घर जाने वाले दैनिक यात्रियों की भीड़ अधिक होती है। कोसीकलां के सैकड़ाें यात्री इस ट्रेन के रिजर्वेशन कोच तक में घुस जाते हैं।ऐसे में रिजर्वेशन के साथ सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। कई बार तो बल्लभगढ़ स्टेशन से चढ़ने वाले रिजर्वेशन वाले यात्री भीड़ के कारण ट्रेन में चढ़ तक नहीं पाते। 5 हजार से अधिक यात्रियों को होगा मिलेगा फायदा रेल अधिकारियों के मुताबिक उक्त दोनों शटल ट्रेनों का विस्तार होने से कोसीकलां और मथुरा तक सफर करने वाले पांच हजार से अधिक यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। क्याेंकि औसतन 12 कोच वाली ट्रेन में करीब 1300 यात्री एक साफ सफर कर सकते हैं। ऐसे में दोनों ट्रेनों के अप और डाउन में करीब 5200 यात्री सफर कर सकेंगे। इन दो ट्रेनों के चलने से पलवल से कोसीकलां और मथुरा स्टेशन के बीच के स्टेशनों के यात्रियों को आठ लोकल ट्रेनें मिल जाएगी। अभी तक केवल दो मथुरा शटल अप व डाउन, एक कोसीकलां शटल अप व डाउन और एक पलवल से आगरा मेमू ट्रेन चलती है।  

नहरों में पानी छोड़ने का आदेश, 39 बनाम 35 गांवों की जंग तेज

 करौली राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध का विवाद एक बार फिर ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है. करीब दो दशकों से सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़ने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बार इतना सख्त रुख अपनाया है कि प्रशासन से लेकर सरकार तक के हाथ-पांव फूल गए हैं. 1 मई की डेडलाइन और अधिकारियों की व्यक्तिगत पेशी की चेतावनी के बाद अब मैदान में खाकी और खादी दोनों की सक्रियता बढ़ गई है. हाईकोर्ट का आदेश, अधिकारियों की नींद उड़ी हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में आदेश दिया है कि हर हाल में निर्धारित समय सीमा के भीतर नहरों में पानी छोड़ा जाए. आदेश की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल चीफ इंजीनियर सुरेशचंद ने खुद मोर्चा संभाला है. नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए अभियंताओं की फौज उतार दी गई है. विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बार कोर्ट की अवमानना न हो और कमांड एरिया के किसानों तक पानी पहुंच सके. 39 गांव बनाम कमांड एरिया विवाद की असली वजह 'पहले हक' की लड़ाई है. बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले 39 गांवों के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन खोई है, इसलिए पानी पर पहला अधिकार उनका है. दूसरी ओर, कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान पिछले 20 साल से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं. 2005 के बाद से नहरी तंत्र ठप होने के कारण करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर होने की कगार पर है. सामाजिक और राजनीतिक पेच यह मुद्दा केवल सिंचाई का नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय अस्मिता का भी बन चुका है. गुर्जर और मीणा समुदायों के बीच पुराने सामाजिक तनाव और 2008-2013 के बीच हुए राजनीतिक निर्णयों ने आग में घी डालने का काम किया है. 39 गांवों की योजना को छोटा कर 13 गांवों तक समेटने के पुराने फैसलों ने असंतोष को और गहरा कर दिया है. प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती पांचना संघर्ष समिति जहां चंबल से पानी लाने और प्रभावित गांवों को प्राथमिकता देने पर अड़ी है, वहीं प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती के संकेत हैं.