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बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम, सुबह 11 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए आगामी 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है। शिक्षामित्रों को अप्रैल माह से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है और अब 5 मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसके औपचारिक शुभारंभ के साथ शिक्षामित्रों से संवाद भी करेंगे। सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है। योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मानदेय में वृद्धि और यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में होने वाला यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षामित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।

चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर

 रांची  चेंबर आफ कामर्स की पहल पर शनिवार को सुखदेवनगर थाने में पुलिस–व्यवसायी समिति की बैठक की गई। थाना क्षेत्र के व्यवसायियों एवं पुलिस प्रशासन के बीच विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपसी समन्वय बढ़ाने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर बात की गई। थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा ने थाना क्षेत्र में नशाखोरी पर नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें। बैठक में बढ़ती नशाखोरी, क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में सुखदेवनगर थाना में 1 पीसीआर एवं 4 टाइगर मोबाइल कार्यरत हैं। थाना स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है। चेंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि थाना में आम लोगों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए ताकि लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने में संकोच न करें। ला एंड आर्डर उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा समय-समय पर व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। सह सचिव नवजोत अलंग एवं सह सचिव रोहित पोद्दार ने थाना स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पुलिस एवं व्यापारियों के बीच मित्रवत वातावरण बनाने पर जोर दिया। सदस्य बिंदल वर्मा एवं शशांक भारद्वाज ने भी क्षेत्र की विधि-व्यवस्था में सुधार हेतु अपने विचार साझा किये। भविष्य में भी इस प्रकार की समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, सदस्य शशांक भारद्वाज, राजेश पोद्दार, रंजीत कुमार, बिंदुल वर्मा सहित क्षेत्र के कई व्यापारी शामिल थे।

यूपी मंत्री ओपी राजभर का अजीब बयान! महंगाई पर कही ऐसी बात कि छिड़ी नई बहस

लखनऊ यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा है कि बाइक हर गांव में आ गई। यहां तक कि लगभग हर गांव में 20 फीसदी तक फोर व्हीलर गाड़ियां तक आ गईं हैं। जबकि शहरों में 70 से 80 प्रतिशत चार पहिया वाहन हो गए हैं। ओपी राजभर का ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने महंगाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जो चौंकाने वाला है। मीडिया से बात करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि हर गांव में 25-50 मोटरसाइकिल आ गई। महंगाई बढ़ने से हर गांव में 20 परसेंट फोर व्हीलर गाड़ी आ गई। शहरों में 70 से 80 प्रतिशत फोर व्हीलर हो गए। वहीं, एक पत्रकार ने पूछा कि क्या महंगाई और अधिक हो जाए तो लोग हेलिकॉप्टर भी ले लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम यह थोड़ा कह रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि महंगाई है तो इतना तगड़ा मोटरसाइकिल क्यों खरीद रहे हैं?' ओपी राजभर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस का दाम बढ़ता है तो यहां भी बढ़ता है। ये कोई नई बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के रिजल्ट के बाद उम्मीद है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे? इस सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि वह वहां के कैबिनेट में नहीं हैं। जिससे उन्हें कोई जानकारी हो। जब तेल के रेट बढ़ेंगे तो वह सबको पता चल जाएगा। मोदी ने झालमुड़ी खरीदी तो पेट में दर्द होने लगा इससे पहले पंओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को विधान सभा में महिला आरक्षण के मसले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा था कि पहले तो प्रधानमंत्री के लिए कहते थे कि ये बेच दिया, वो बेच दिया। अभी जब उन्होंने दस रुपये की झालमुड़ी खरीदी तो इनके पेट में दर्द होने लगा है। राजभर ने कहा कि हमने देखा कि विपक्ष के साथी आरक्षण की तख्तियां लिए खड़े थे यानी ये बताना चाहते हैं कि ये आरक्षण चाहते हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि अगर आरक्षण चाहते हैं तो जब सरकार में थे तो क्यों नहीं पास किया था? मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात करते हैं। यह हमारे संविधान में नहीं है। गाजीपुर के मसले पर सपा के लोग बहुत हंगामा करते हैं। कहते हैं कि रेप हुआ। गलत बात है। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके बयान का विरोध किया। इस पर मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां इनके सजातीय लोग आरोपियों में शामिल थे, वहां सपा का प्रतिनिधिमंडल नहीं गया। ये महिलाओं के सशक्तीकरण का दावा करते हैं, लेकिन बसपा के समय में महिलाओं के नाम पर बने जिले कानपुर और हाथरस का नाम बदल दिया।

जबलपुर हादसा: दो दिन बाद खत्म हुआ सर्च ऑपरेशन, पिता-पुत्र के शव बरामद

जबलपुर  बरगी बांध में गुरुवार को डूबे क्रूज में सवार लापता पर्यटकों में से 48 घंटे बाद नौ वर्षीय मयूरन पिता परिमल और आर कामराज के शव आज रविवार की सुबह से शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में मिल गए हैं। हादसे के 48 घंटे बाद सर्च अभियान भी समाप्‍त हो गया। चार लोग लापता थे, एक एक तीन के शव मिल गए घटना के बाद से जबलपुर आयुध निर्माणी खमरिया निवासी आर कामराज, उनका भतीजा मयूरन (9) लापता थे। तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार को सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान चला रही है। विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाया गया शव दुर्घटना में मृत दो महिला पर्यटकों के शव को शनिवार को विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाए गए थे। आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कामरान अपनी पत्नी, बच्चों, तमिलनाडु से आए माता-पिता, भाई-भाभी एवं अन्य स्वजन के साथ घूमने पहुंचे थे। हादसे के दौरान 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन उसका छोटा बेटा श्रीतमिलवेंदन और भतीजा मयूरन सहित स्वयं आर कामराज डूब गए थे। रविवार की सुबह भतीजा मयूरन और आर कामराज के शव भी मिल गए।  

महादेव की भक्ति में निकले राइडर, देशभर के ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचेगा सफर

जमशेदपुर कहते हैं जब महादेव बुलाते हैं, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. इसी आस्था और हिम्मत के साथ जमशेदपुर के राहरगोड़ा निवासी युवा राइडर आशीष झा ने अपने साथी विष्णु शर्मा के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की 50 दिन की यात्रा शुरू की है. रविवार को जब वे जमशेदपुर से निकले, तो उनके चेहरे पर भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और भरोसा साफ दिख रहा था. राहरगोड़ा स्थित उनके आवास और रवानगी स्थल पर परिवार, दोस्त और शुभचिंतकों ने उन्हें माला पहनाकर और तिलक लगाकर शुभ यात्रा की शुभकामनाएं दी. 12 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी तय होने का अनुमान यह 50 दिन की यात्रा होगी, जिसमें लगभग 12 हजार किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की जाएगी. इस दौरान आशीष देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित शिवधामों में जाकर मत्था टेकेंगे. इस यात्रा में वे मुश्किल रास्तों से गुजरेंगे और साथ ही पूरे देश में सनातन संस्कृति और साहसिक जीवनशैली का संदेश भी देंगे. सनातन संस्कृति और पर्यटन का संदेश आशीष झा ने बताया कि इस यात्रा के जरिए वे भारत की अलग-अलग जगहों की भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक एकता को करीब से देखना चाहते हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक एडवेंचर ट्रिप नहीं है, बल्कि इसका मकसद युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक पर्यटन और साहसिक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है. उनके इस कदम की पूरे शहर में तारीफ हो रही है. खासकर राहरगोड़ा के लोग इसे गर्व की बात मान रहे हैं. राहरगोड़ा से केदारनाथ तक, कुछ इस तरह तय होगी 12 ज्योतिर्लिंगों की दूरी जमशेदपुर के राइडर आशीष झा और उनके साथी विष्णु शर्मा की 50 दिन की बाइक यात्रा किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है. इस यात्रा की शुरुआत झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक से होगी. इसके बाद वे उत्तर प्रदेश जाएंगे और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे. मध्य भारत की परिक्रमा: इसके बाद यह सफर मध्य प्रदेश के हृदय स्थल की ओर मुड़ेगा. शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर (उज्जैन) और नर्मदा किनारे बसे ओंकारेश्वर में मत्था टेकने के बाद महाराष्ट्र की ओर प्रस्थान करेंगे. महाराष्ट्र के तीन पड़ाव: पश्चिम भारत में प्रवेश करते ही सबसे पहले भीमाशंकर की पहाड़ियों को नापा जाएगा. जिसके बाद नासिक स्थित त्रयंबकेश्वर और फिर एलोरा के समीप घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की बारी आएगी. दक्षिण की ओर बढ़ते कदम: महाराष्ट्र की यह यात्रा सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं के बीच रोमांच से भरी होगी. महाराष्ट्र से आशीष दक्षिण भारत का रुख करेंगे. कृष्णा नदी के तट पर बसे मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) का दर्शन करने के बाद यह सफर देश के अंतिम छोर तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम पहुंचेगा. यहां समुद्र तट पर पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा पश्चिम की ओर मुड़ेगी. पश्चिम से हिमालय की ऊंचाई तक: गुजरात के समुद्र तट पर बसे प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ और द्वारका स्थित नागेश्वर का आशीर्वाद लेने के बाद आशीष सीधे हिमालय की वादियों की ओर करेंगे. इस 50 दिवसीय महायात्रा का समापन उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों में स्थित केदारनाथ के कपाट पर होगा. जहां जलाभिषेक के साथ इस संकल्प की पूर्णाहूति होगी.

दिल्ली पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य-ब्रजेश पाठक, यूपी कैबिनेट विस्तार जल्द संभव

  लखनऊ  उत्‍तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्‍तार जल्‍द ही हो सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद योगी आदित्‍यनाथ सरकार में कुछ नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, तीनों राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। इससे यूपी में बड़े बदलावों की चर्चा फिर तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई बदलावों पर मंत्रणा हो सकती है। चुनाव की तैयारी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ क्षेत्रीय संतुलन पर मंथन हो सकता है। खासतौर से पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने और क्षेत्रीय संतुलन पर चर्चा होगी। मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे पश्चिम बंगाल चुनाव निपटाने के बाद भाजपा का पूरा ध्‍यान अब उत्‍तर प्रदेश पर है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सके हें। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही पंकज चौधरी के नेतृत्‍व वाली यूपी बीजेपी संगठन में भी एक नई टीम देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं ने संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, उनको सरकार में जगह मिल सकती है। इसके अलावा संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्‍तर पर पकड़ बनाने और चुनावी मुद्दों को धार देने पर चर्चा होगी। अप्रैल में विनोद तावड़े ने सीएम योगी से की थी मुलाकात बीते अप्रैल में भाजपा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। माना गया कि तावड़े ने सीएम से प्रदेश भाजपा की नई टीम, निगम-आयोग में खाली पदों पर नियुक्ति के साथ मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा की। वह वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा से भी मिले थे। खराब कामकाज वाले मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है कई मंत्रियों के कामकाज से संगठन खुश नहीं है। माना जा रहा है कि जिनका काम खराब है, उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। कुछ को केंद्रीय संगठन और कुछ को प्रदेश संगठन में मौका मिल सकता है। वहीं, संगठन में जिन्हें एमएलसी या विधायक बनाया जा चुका है, उन्हें संगठन के काम से मुक्त किया जा सकता है।

मंडी में फंसा किसानों का अनाज: करनाल में बोरियों के ढेर से बढ़ी परेशानी

करनाल/चंडीगढ़. तरावड़ी अनाज मंडी में इन दिनों अव्यवस्था चरम पर है। एजेंसियों द्वारा उठान लिफ्टिंग नहीं किए जाने से मंडी में अनाज के ढेर लग गए हैं। इससे आढ़ती और किसान दोनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है उठान ठप होने के कारण किसानों को उनकी फसल की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रही है। मंडी में कई दिनों से अनाज की खरीद तो हो रही है, लेकिन उसका उठान नहीं हो रहा। इसके चलते मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है और नई फसल की आवक भी प्रभावित हो रही है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता ने प्रशासन और फूड एंड सप्लाई विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा जब एजेंसियों के पास अनाज रखने की पर्याप्त जगह ही नहीं थी, तो खरीद प्रक्रिया शुरू ही क्यों की गई। उन्होंने कहा उठान न होने से पूरा सिस्टम चरमरा गया है और इसका खामियाजा सीधे किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उठान की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि मंडी में व्यवस्था बहाल हो सके और किसानों को उनकी मेहनत का पैसा समय पर मिल सके। मंडी में लगातार बढ़ रहे अनाज के ढेर और किसानों की लंबी कतारें यह साफ संकेत दे रही हैं यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। किसान और आढ़ती अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनकी समस्या का समाधान होगा।

निशिकांत दुबे का बड़ा दावा: बंगाल में 1962 में पड़ी थी हिंदू विरोध की नींव

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दयनीय स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आज के पश्चिम बंगाल में 'हिंदू प्रताड़ित करो' और मुस्लिम तुष्टिकरण की नींव 3 मई 1962 को ही रखी गई। सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि 3 मई 1962 से 30 मई 1962 के बीच पश्चिम बंगाल के कई जिलों (मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और कूचबिहार) में हिंदू–मुस्लिम दंगे हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई लोग शरणार्थी बनने को मजबूर हुए। बीजेपी सांसद के निशाने पर कांग्रेस बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस का काला अध्याय'। बीजेपी नेता ने पोस्ट में आगे लिखा- '3 मई 1962 से लेकर 30 मई 1962 तक पूरा पश्चिम बंगाल हिंदू मुस्लिम दंगे में झुलसता रहा। हजारों हिंदू मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, कूचबिहार में मरते रहे, यही हाल पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश के हिंदुओं का हो रहा था। या तो हिंदू मारे गए या भागकर शरणार्थी बने जो ज्यादातर मतुआ यानि अनुसूचित जाति समुदाय के हैं जिन्हें हमारे मोदी सरकार ने नागरिकता दी।' पूर्व पीएम पंडित नेहरू को लेकर बड़ा आरोप निशिकांत दुबे ने आगे लिखा, 'नेहरू जी संसद में संसद के बाहर मुसलमानों का पक्ष लेते रहे। राजागोपालाचारी जी को लिखे पत्रों से कांग्रेस के वोट बैंक की राजनीति का पता चलता है। आज के पश्चिम बंगाल में हिंदू प्रताड़ित करो और मुस्लिम तुष्टिकरण की नींव 3 मई 1962 को ही रखी गई। #CongressDarkHistory'। बीजेपी सांसद ने अपनी पोस्ट के साथ कुछ डॉक्यूमेंट्स भी शेयर किए हैं। पंडित नेहरू के सी. राजगोपालाचारी को लिखे पत्र किए शेयर निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद के भीतर और बाहर मुसलमानों के पक्ष में रुख अपनाया था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति सी. राजगोपालाचारी को लिखे गए पत्रों का भी हवाला दिया। जवाहर लाल नेहरू की ओर से सी. राजगोपालाचारी को लिखे गए पत्रों को बीजेपी सांसद ने एक्स पर शेयर किया है।

री-अपीयर स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी: PSEB ने बढ़ाई तारीख, अब 8 मई तक फ्री आवेदन

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आठवीं परीक्षा फरवरी 2026 में जिन विद्यार्थियों के नतीजे री-अपीयर घोषित किए गए थे उन्हें बोर्ड द्वारा राहत दी गई है। इन विद्यार्थियों के लिए जून 2026 में फिर परीक्षा करवाने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में बोर्ड ने पत्र जारी कर री-अपीयर वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फॉर्म और फीस जमा करवाने का शेड्यूल जारी किया है। ये प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 8 मई 2026 तक विद्यार्थी बिना किसी लेट फीस के आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 15 मई तक 500 रूपए लेट फीस और 22 मई तक 1500 रूपए लेट फीस के साथ आवेदन किया जा सकता हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय तारीख के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति के टिप्स दिए भोपाल  पुलिस कर्मियों को बिना स्ट्रेस के आनंदपूर्वक अपनी सेवा देने के उद्देश्य से मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं की स्वयं से बात में विशेषज्ञों ने कई टिप्स दिए। निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति पर विशेष बल दिया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी जीवन एवं कार्य स्थल पर आनंद के महत्व को बताया गया। जीवन में आंतरिक आनंद के महत्व को बताया गया सभी ने जीवन के विभिन्न पहलुओं में उत्साह और ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विमर्श किया और कार्य स्थल पर टिप्स को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री मनोज श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा, आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव, मुकेश, अजीत एवं समन्वयक के रूप में आनंद विभाग के श्री मनु दीक्षित भी उपस्थित रहें।