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जनसेवा ही भाजपा की पहचान, कार्यकर्ता रहें हमेशा सक्रिय: किरण सिंह देव

जगदलपुर  भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को लगातार प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अन्तर्गत गुरुवार को ग्राम आसना में भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का आरंभ किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न विषयों पर संबोधन भी दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रशिक्षण वर्ग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा की पहचान उनके कर्मठ व समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रसेवा व जनसेवा में भाजपा कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाएं, इस हेतु कार्यकर्ताओं को निपुण, प्रवीण और प्रखर बनाने प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है, जो कि संगठन का नियमित कार्यक्रम है। देव ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांत, कार्य पद्धति से कार्यकर्ता पूर्णतः परिचित व प्रशिक्षित होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कार्य करता है, संगठन को सशक्त रुप देने सदैव समर्पित भाव रखता है।  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, अंतिम पंक्ति के गरीब परिवार कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके, इस भावना को साकार रुप देने भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंच कर कार्य करें। राष्ट्र सर्वप्रथम है और जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण वर्ग को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर व प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने भाजपा की कार्यपद्धति विषय पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया।  मीडिया प्रबंधन विषय पर भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने, हमारा इतिहास व विकास विषय पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर विषय पर कमलचंद्र भंजदेव ने, सोशल मीडिया के उपयोग पर दिनेश सुंदरानी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही व परिस बेसरा ने किया।प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, विधायक विनायक गोयल, डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, सुधीर पाण्डेय, महापौर संजय पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, फूलसिंह सेठिया,किरण सेन, खीतेश मौर्य, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, योगेश सिंह ठाकुर, अभिलाष यादव, विनय सोना, अजीज खान आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चुनावी माहौल में कांग्रेस कमजोर, युवा नेता समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थामा BJP का दामन

दतिया   मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस को यहां पर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के युवा नेता समेत 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दतिया में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। नरोत्तम मिश्रा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत गर्मा गई है और उपचुनाव की तारीखों के पहले ही दलबदल की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। कांग्रेस को बड़ा झटका दतिया में कांग्रेस के युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राजेन्द्र भारती ने कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और उन्हें प्रताड़ित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं पर झूठे केस भी दर्ज कराए, जिससे कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है और आगामी चुनाव में इसका परिणाम कांग्रेस को नजर आएगा। नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता युवा नेता राजबहादुर समेत 500 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। वहीं भाजपा की सदस्यता लेने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कहा कि वो और अन्य कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से प्रभावित होकर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया जिले के विकास के काफी काम किया है दतिया के विकास और अपने मान-सम्मान के लिए ही वो नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। दतिया सीट पर होना है उपचुनाव बता दें कि मध्यप्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया था। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग हुई। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की गई। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया गया। हालांकि दतिया सीट पर उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

‘बार्बी गर्ल’ फेम बैंड Aqua ने लिया लाइव परफॉर्मेंस से संन्यास, 30 साल बाद बड़ा फैसला

पॉपुलर सांग 'बार्बी गर्ल' को दुनिया भर के फैंस ने काफी प्यार दिया था। इसके साथ ही डेनमार्क के यूरोडांस समूह 'एक्वा' एक ब्रांड के तौर पर उभरा था। मगर अब लाइव बैंड के रूप में काम न करने का फैसला किया है। सोशल मीडिया के जरिए बैंड ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। खत्म होगा मशहूर 'एक्वा' बैंड? डेनमार्क स्थित यूरोडांस समूह 'एक्वा' ने लगभग तीस साल बाद बैंड की समाप्ति की जानकारी फैंस को दे दी है। 1997 में रिलीज हुए गाने 'बार्बी गर्ल' से सफलता पाने वाले यह बैंड दुनियाभर में मशहूर था। 18 मई को इस खबर को प्रशंसकों से साझा करते हुए कहा,'अलविदा कहने का यह सही समय है। जबकि संगीत ,कहानी और एक-दूसरे के प्रति हमारा प्यार बरकरार है। कई शानदार वर्षों के बाद हमने इसके लाइव बैंड के रूप में 'एक्वा' को समाप्त करने का फैसला लिया है।'   सफर के दौरान अनगिनत यादें 'एक्वा' बैंड के सदस्य निस्ट्रॉम, रेने डिफ और सोरेन रास्टेड ने अपनी पोस्ट में फैंस का शुक्रिया कहा। उन्होंने बैंड से जुड़ी यादें शेयर करते हुए कहा, ' हमने अनगिनत बार दुनिया की यात्रा की। इसके साथ ही ऐसी खूबसूरत यादें एकत्रित की हैं जो हमेशा हमारे साथ रहेंगी। हमने यह निर्णय अपनी रचनाओं को सुरक्षित करने के लिए किया है। फैंस को उनका प्यार बैंड को देने के लिए शुक्रिया।' 1990 से रखा था संगीत की दुनिया में कदम प्रसिद्ध पॉप बैंड 'एक्वा' ने 1990 में म्यूजिक की दुनिया में अपनी शुरुआत की थी। जिसके बाद उनका पहला एल्बम 'एक्वेरियम' के 'बार्बी गर्ल' गाने ने संगीत की दुनिया में तहलका मचा दिया था। जिसके बाद डॉक्टर जोन्स , टर्न बैक टाइम हिट सिंगल्स दिए। 

BJP का बड़ा राजनीतिक मिशन, दो-तिहाई बहुमत के लिए स्टालिन से संपर्क की अटकलें

चेन्नई तमिलनाडु की सत्ता से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) बाहर हो चुकी है और टीवीके प्रमुख थलपति विजय मुख्यमंत्री हैं. सत्ता के बदलने के साथ ही चेन्नई से लेकर दिल्ली तक की सियासत भी बदलती दिख रही है. डीएमके का साथ छोड़कर कांग्रेस ने विजय सरकार में शामिल हो गई है तो बीजेपी की कोशिश डीएमके के साथ हाथ मिलाने की है.  इस दिशा में सियासी एक्सरसाइज भी शुरू हो गई है।  दक्षिण के तमिलनाडु की सियासत बदलते ही कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर विजय के साथ हो गई. कांग्रेस के इस स्टैंड से एमके स्टालिन को गहरा झटका लगा है, जिसके बाद डीएमके ने विपक्षी इंडिया ब्लॉक से खुद को अलग कर लिया. अब मौके की नजाकत को देखते हुए बीजेपी ने डीएमके को एनडीए का हिस्सा बनाने की कवायद में जुट गई है।  सूत्रों के मुताबिक एनडीए की नजर डीएमके के 22 लोकसभा सांसदों और राज्यसभा के 8 सांसदों पर है. बताया जा रहा है कि मुद्दों के आधार पर डीएमके से बाहर से समर्थन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, क्योंकि एनडीए संसद में दो-तिहाई बहुमत की तलाश में है।  डीएमके को एनडीए में लाने का प्लान तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद ही  डीएमके ने कांग्रेस से रिश्ता तोड़ लिया है.  डीएमके ने बकायदा लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठने के लिए स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी लिखा है. हालांकि, सनातन धर्म के मुद्दे पर डीएमके के सियासी रुख को देखते हुए औपचारिक गठबंधन की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन डीएमके का समर्थन हासिल करने के लिए एक अलग प्लानिंग की जा रही है।  मोदी सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और बीआरएस की तरह ही डीएमके भी मुद्दों के आधार पर एनडीए को समर्थन दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक, डीएमके में टूट से कोई बड़ा फायदा नहीं होगा, इसलिए सभी 22 सांसदों का समर्थन ज्यादा अहम माना जा रहा है. अटल बिहारी वाजपेयी के समय डीएमके एनडीए का हिस्सा रह चुकी है।  दो-तिहाई बहुमत का नंबर जुटाने का दांव बीजेपी संसद में 'दो-तिहाई बहुमत' का जादुई आंकड़ा जुटाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और चौंकाने वाले मिशन पर काम कर रही है. इस मिशन के तह तमिलनाडु की सत्ता से बाहर होने वाली डीएमके को एनडीए के पाले में लाने की है. डीएमके के 22 लोकसभा सांसद और 8 राज्यसभा सांसद है, जिनका समर्थन अगर बीजेपी हासिल कर लेती है तो संसद में दो-तिहाई वाले बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच सकती है।  हाल ही में संसद में परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान यह साफ हो गया कि साधारण बहुमत होने के बावजूद भाजपा बड़े संवैधानिक बदलावों के लिए दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से थोड़ी दूर रह गई थी।  वन नेशन-वन इलेक्शन, परिसीमन और न्यायिक सुधार जैसे बड़े ऐतिहासिक फैसलों को बिना किसी संवैधानिक अड़चन के पास कराने के लिए सरकार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन चाहिए।  एनडीए बहुमत में है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत (360+ सीटें) से दूर है. ऐसे में सांसदों के साथ आने से दो-तिहाई का आंकड़ा बेहद आसान हो जाएगा. ऐसे में बीजेपी की कोशिश है कि डीएमके को किसी न किसी तरह साथ लाया जाए, उससे लिए सीधे हाथ मिलाने के बजाय पर्दे के पीछे से समर्थन हासिल करने की है। 

मेट्रो रेल के लिए बड़ा फैसला, प्रोजेक्ट की जद में आ रहीं शॉ मिल हटाने पर सहमति

 भोपाल  शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा। रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है। मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है। सुनसान गली में टिंबर की दुकानें पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा। आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी। -बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन रातीबड़ में जगह तय रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा। -दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश चंदेरी में 20 वर्षों से निवासरत परिवारों की समस्या का होगा त्वरित निराकरण-राज्यमंत्री गौर भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर से उनके निवास पर घुमंतू जनजाति वर्ग के अगरिया (लोहापीट/गाड़िया लोहार) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत समाज के लोगों को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री राजू राणा ने बताया कि घुमक्कड़ समाज के कई परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से चंदेरी के तमरपुरा क्षेत्र में निवासरत हैं। इन परिवारों के सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी आदि) भी चंदेरी के ही बने हुए हैं, लेकिन अब तक पट्टे नहीं मिले हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल अशोकनगर कलेक्टर को शीघ्र समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा और पट्टे वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

रायपुर आबकारी कार्यालय में वर्षों से जमे अधिकारियों पर चर्चा तेज, तबादला नीति पर घिरा विभाग

रायपुर छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रायपुर आबकारी कार्यालय में पदस्थ एडीओ जेबा खान और एडीओ हरिशंकर पैकरा लगभग तीन वर्षों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसे लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही स्थान पर प्रभाव न बढ़े। हालांकि आबकारी विभाग में कुछ अधिकारियों पर यह नीति प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी खुद को काफी प्रभावशाली बताते हैं और दावा करते हैं कि सरकार किसी की भी आए या जाए, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय चर्चाओं में यह मुद्दा लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों का प्रभाव पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी काफी मजबूत माना जाता था। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तबादला नीति का पालन कब होगा। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक होता है। इस मामले में आबकारी कमिश्नर एल्मा और एडिशनल कमिश्नर साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित अधिकारियों ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अब देखना होगा कि शासन और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लंबे समय से जमे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

रांची: तंबाकू निषेध पर सख्ती, पूरे राज्य में छापेमारी और जनजागरूकता अभियान शुरू

 रांची  राज्य में तंबाकू के विरुद्ध एक माह विशेष अभियान 26 मई से 26 जून तक चलाया जाएगा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर यह आयोजन होगा। इस दौरान न केवल तंबाकू तथा उससे जुड़े उत्पादों के उपयोग नहीं करने को लेकर जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही व्यापक छापेमारी भी चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के निदेशक शशि प्रकाश झा ने इसे लेकर सभी उपायुक्तों, सिविल सर्जनों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 'तंबाकू और निकोटीन की लत से लड़ने की अपील को सामने लाएं' थीम तय की गई है। इसी थीम के आधार पर राज्य के सभी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, छापेमारी अभियान और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित होंगी। 26 मई से 30 मई तक विशेष अभियान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू और निकोटिन की लत से दूर रखना है। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, पहले चरण में 26 मई से 30 मई तक चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे। साथ ही प्रचार-प्रसार की अन्य गतिविधियां होंगी। इस दौरान लोगों को कोटपा एक्ट और झारखंड तंबाकू संशोधन अधिनियम 2021 की जानकारी दी जाएगी। सरकारी भवनों में नो स्मोकिंग जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे और स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलेगा। 31 मई को मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, पुलिस थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह की विशेष जांच भी होगी। दो से छह जून तक जिला और प्रखंड स्तर पर तंबाकू नियंत्रण समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। 10 से 17 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों और वार्ड सदस्यों को अभियान से जोड़ा जाएगा। 18 से 26 जून तक तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री रोकने के लिए पीली रेखा का चिह्न अंकित किया जाएगा। इस बीच 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भी धूम्रपान और तंबाकू छोड़ने का संदेश दिया जाएगा।

बड़ाकरौंजा में 23 मई को लगेगा सुशासन तिहार जनशिविर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम बड़ाकरौंजा में 23 मई 2026 को शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस शिविर में बड़ाकरौंजा, नीमगांव, रातामाटी, पैकू, पीड़ी, बघिमा, गलौण्डा, टेकूल, तुरीलोदाम, झरगांव, गिरांग, घोलेंग, देवीडड़गांव, जशपुर एवं जुरगुम सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सुशासन तिहार के तहत नागरिकों से लिखित आवेदन प्राप्त कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा शिविरों को शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर रोहित व्यास ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है।

रायबरेली: एनटीपीसी परियोजना का विस्तार, 1550 से बढ़कर होगी और अधिक क्षमता

 रायबरेली  बिजली उत्पादन बढ़ेगा एनटीपीसी में नई यूनिट लगाने तैयारी जारी हो गई है 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है यहां पर 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाएगी उच्च स्तर पर इसके कवायद शुरू हो गई है। ऊंचाहार परियोजना में यह सबसे बड़ी यूनिट होगी इसके बनने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी । बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए तमाम प्रयास हो रहे हैं इसके लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। एनटीपीसी परियोजना की अभी 1550 मेगावाट क्षमता है। इसकी क्षमता में और वृद्धि की जाएगी। उच्च स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है यहां 800 मेगावाट की इकाई लगाई जाएगी नई इकाई लगाने के लिए परियोजना में पर्याप्त जगह है। नई यूनिट लगने के यहां पर सारे पैरामीटर भी दुरुस्त आए नई इकाई लगाने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी इसके लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी इन यूनिट के लगने से बिजली उत्पादन और बढ़ जाएगा लोगों को बेहतर बिजली मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। अभी 6 यूनिट कर रही हैं काम वर्तमान में एनटीपीसी परियोजना में 6 इकाइयां हैं इसमें यूनिट संख्या 1 से लेकर 5 तक प्रत्येक के उत्पादन क्षमता 210-210 मेगावाट है छठवीं यूनिट का उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट है। इस परियोजना से 1550 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। अब इसकी क्षमता में वृद्धि की तैयारी है। नौ राज्यों को मिलती है बिजली ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में विद्युत आपूर्ति उत्तरी ग्रिड के माध्यम से की जाती है। इस परियोजना में से 9 राज्यों दिल्ली हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को बिजली मिलती है। इन राज्यों में भी बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। क्षमता बढ़ाने से मांग को काम किया जा सकेगा। ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना के मानव संसाधन विभाग के अपर महाप्रबंधक पंकज कुमार का कहना है कि ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना की क्षमता बढ़ेगी अब जहां भी नहीं यूनिट लगती है। उसकी क्षमता 800 मेगावाट की होती है। यहां भी 800 मेगावाट की यूनिट लगेगी अभी कर योजना प्रारंभिक स्तर पर चल रहा है।