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विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने दिया सम्मान, सौंपे चेक और आवंटन पत्र

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को दिया आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान   सीएम ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी किया उद्घाटन  बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के हाथों से पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को मिला भूमिधरी अधिकार पत्र  सीएम योगी के हाथों पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र मिला। सीएम के हाथों पाकिस्तान से विस्थापित मोहन सिंह, मुख्तियार सिंह, अमरीक सिंह, मिल्खा सिंह, लखविंदर कौर को अधिकार पत्र मिला। भूतपूर्व सैनिक अनुपम कुमार, चांदी देवी के पुत्र जयदीप, जगमोहन सिंह, जयकृत सिंह, सुरेश कुमार को भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया।  इन्हें भी मिला केंद्र व प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ  👉 सिद्धांत त्यागी- एकीकृत बागवानी योजना- 24 लाख अनुदान राशि का चेक   👉 निर्मला देवी- स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज- 184 करोड़ का चेक   👉 ज्योति- पीएम जनमन योजना- 2 लाख रुपये अनुदान राशि व चाबी 👉 पुष्पा प्रजापति- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 हरीश कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 शहाना – मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)-चाबी 👉 संदीप कुमार- 4 लाख रुपये का अनुदान   👉 शबनम- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि- 50 हजार का चेक  👉 सृष्टि चौहान- हाईस्कूल में जनपद में सर्वाधिक अंक पाने वाली 21 हजार, टैबलेट व मेडल  👉 प्रवेश कुमार- नंद बाबा दुग्ध मिशन- 21.87 लाख का ऋण के स्वीकृति पत्र का चेक।

किसानों के लिए राहत की खबर, समितियों और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त भंडार

समितियों और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त भंडार, किसानों को निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कलेक्टर रोज कर रहे समीक्षा, 114 सहकारी समितियों सहित निजी दुकानों से हो रहा खाद का उठाव रायपुर खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।      उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।       कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत

रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किसानों को 69 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेगी सिंचाई की सुविधा रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा सुकमा जिले के विकासखण्ड सुकमा के अंतर्गत रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 16 लाख 6 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पहल सुकमा क्षेत्र में कृषि विकास को गति देने और स्थानीय किसानों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। योजना के मुख्य लाभ एवं क्रियान्वयन           इस योजना के प्रस्तावित कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर क्षेत्र के स्थानीय किसानों को 69 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। जल संसाधन विभाग द्वारा इस योजना के कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्वक संपन्न कराने के लिए मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग (जगदलपुर) को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।  योजना के पूर्ण होने के बाद, रूपांकित सिंचाई क्षमता में आ रही कमी पूरी होगी और पूरे क्षेत्र को पर्याप्त सिंचाई का लाभ मिलेगा।

प्रदूषण पर बड़ा एक्शन! सोनीपत की 422 फैक्ट्रियों में लगेंगे मॉनिटरिंग डिवाइस

सोनीपत. ड्रेन के जरिए यमुना नदी में जा रहे दूषित पानी को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने उन फैक्ट्रियों की पहचान की हैं, जो अपने शोधित न किए गए (अनट्रीटेड) दूषित पानी को सीधे ड्रेन में बहा रही हैं। इस क्रम में जिले की ऐसी 422 फैक्ट्रियों को चिह्नित है, जिनमें अब चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए निगरानी यंत्र (माॅनिटरिंग डिवाइस) अनिवार्य कर दिए गए हैं। प्रदूषित पानी ड्रेन में न गिरे यमुना में लगातार गिर रहे दूषित पानी के कारण नदी का जल स्तर और उसकी शुद्धता प्रभावित हो रही है। यमुना में जा रहे दूषित पानी को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कमर कस ली है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी बिना शोधित (ट्रीट) किए ड्रेन में नहीं गिरना चाहिए। इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने संयंत्रों पर ऑनलाइन रियल टाइम माॅनिटरिंग सिस्टम लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। निगरानी यंत्र लगाएंगी फैक्ट्रियां बोर्ड की इस कार्रवाई से उन उद्योगपतियों में हड़कंप है जो अब तक नियमों को ताक पर रखकर दूषित पानी को बिना शोधित किए पास कर रहे थे। यह दूषित पानी ड्रेन छह के माध्यम से ड्रेन आठ में मिलकर सीधे यमुना में गिर रहा था। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये फैक्ट्रियां समय सीमा के भीतर यंत्र लगाती हैं या नहीं। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि जो फैक्ट्रियां निगरानी यंत्र नहीं लगाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या होगा माॅनिटरिंग सिस्टम का काम? इन निगरानी यंत्रों के जरिए फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के मानकों की जानकारी सीधे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर उपलब्ध रहेंगी। यदि कोई फैक्ट्री मानक से अधिक प्रदूषित पानी छोड़ती हैं तो इसका तत्काल पता चल जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। गठित की जाएंगी विशेष निगरानी टीम सिर्फ मशीनों के भरोसे न रहकर, बोर्ड अब धरातल पर भी अपनी पकड़ मजबूत करेगा। इसके लिए अलग से विशेष टीमों का गठन किया जा रहा है। ये टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और यह जांचेंगी कि क्या फैक्ट्री संचालक वास्तव में मानकों का पालन कर रहे हैं या फिर मानिटरिंग सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन नहीं बनाया गया, तो इसके परिणाम घातक होंगे। दूषित पानी बर्दाश्त नहीं "दूषित पानी को बिना शोधित किए बाईपास करना अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में 422 फैक्ट्रियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें निगरानी यंत्र लगवाने के निर्देश दिए हैं। जो फैक्ट्री संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" – अजय मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत।

अमेरिका में होगी चंडीगढ़ की विरासत की नीलामी, हस्तक्षेप की मांग लेकर आगे आए लोग

चंडीगढ़. चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है। सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। दूतावासों को सतर्क करने की मांग अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी। जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

हमीरपुर सेतु हादसे की जांच के लिए दो हाईलेवल कमेटियां गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

हमीरपुर सेतु दुर्घटना की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई योगी सरकार ने पहुंचाई मृतकों के परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित हमीरपुर  बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (P-5 से P-6) गिरने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के तहत जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों ने घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच शुरू कर दी है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं, घटना से संबंधित सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। समिति के सदस्यों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा भी तकनीकी परीक्षण एवं विशेषज्ञ जांच हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की गहन समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर होगी कठोर कार्रवाई जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, साक्ष्यों एवं दोनों जांच समितियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली आख्या के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के लिए उत्तरदायी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। योगी सरकार ने दी परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद डीएम ने बताया कि दुर्घटना में मृत 6 श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य से संबंधित फर्म मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत भी प्रत्येक पात्र परिवार को 1.25 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है। दो पात्र परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता एवं पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित किया गया है। वहीं स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता को निराश्रित महिला पेंशन से आच्छादित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मृतक की बेटियों को दिया जाएगा लाभ डीएम ने बताया कि स्वर्गीय राजेश पाल की दो पुत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, स्वच्छ शौचालय योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि जनपद प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। सभी पात्र परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा तथा घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

सीएम योगी ने शाकम्भरी देवी दुर्घटना के घायलों और पीड़ित परिवारों को सहायता देने के निर्देश दिए

सीएम योगी ने दिए शाकम्भरी देवी खोल दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो मुख्यमंत्री ने मां शाकम्भरी देवी सिद्धपीठ खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना की समीक्षा की बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की सीएम योगी ने भूरा देव से मां शाकम्भरी देवी मंदिर तक एलिवेटेड ब्रिज एवं रोड का निर्माण कार्य शारदीय नवरात्रि तक पूर्ण करने का करें प्रयास: सीएम समयबद्धता एवं गुणवत्ता की जाए सुनिश्चित, बाबा भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर बनाई जाए पार्किंग व्यवस्था: मुख्यमंत्री पुल के निर्माण होने तक खोल में आवागमन हेतु किए जाएं वैकल्पिक उपाय, आपदा की स्थिति में समय से हो अलर्ट: मुख्यमंत्री सहारनपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सहारनपुर भ्रमण के दौरान बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर स्थलीय निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने मां शाकम्भरी देवी खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अचानक बाढ़ आने से हुई जनहानि एवं धनहानि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दुकानदारों के आर्थिक नुकसान का आकलन कराकर उन्हें नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो।  मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मुख्यमंत्री को पीपीटी के माध्यम से घटना की विस्तृत जानकारी दी। मुआवजे के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनहानि होने पर संबंधित परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पुलिस व्यवस्थाओं के दृष्टिगत पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा सीएम योगी को जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शारदीय नवरात्रि तक इसे पूर्ण करने का प्रयास किया जाए, अन्यथा दिसंबर माह तक प्रत्येक दशा में इसे अवश्य पूरा कर लिया जाए। निर्माण में समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। पुल निर्माणाधीन रहने तक आमजन की सुविधा के दृष्टिगत खोल के अंदर से आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए तथा खोल का चैनलाइजेशन किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए। खोल में जलभराव की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने के लिए खोल के दोनों तरफ बोल्डर का प्रयोग किया जाए। आपदा की स्थिति में समय से अलर्ट किया जाए तथा आपदा में हानि होने की स्थिति में इसकी सूचना शासन को यथाशीघ्र दी जाए, जिससे उच्च स्तर पर राहत कार्य समय रहते किए जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदा मनुष्य के नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन तकनीक का प्रयोग कर जनहानि तथा धनहानि को कम किया जा सकता है। बैठक में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एमएलसी श्रीचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक नरेश सैनी, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात मयंक पाठक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार में गूंजी शिकायत, मुंगेली में पंचायत सचिव की नियुक्ति पर उठे सवाल

मुंगेली. छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के तहत नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित शिविर में कई ऐसे शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर नगर पंचायत में ग्राम पंचायत सचिव के कथित समायोजन को लेकर जांच की मांग उठी है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के एक आदिवासी हितग्राही ने आवास स्वीकृत होने के बावजूद तीन माह तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने का आरोप लगाया है। वहीं बिजली बिल गड़बड़ी का एक पुराना मामला भी एक बार फिर प्रशासन के सामने पहुंच गया है। सचिव समायोजन पर सवाल, “बैकडोर एंट्री” की चर्चा तेज सुशासन तिहार शिविर में प्रांशु कुमार नामक युवक ने आवेदन देकर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव के नगर पंचायत जरहागांव में कर्मचारी के रूप में समायोजन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी होते हैं, जबकि नगर पंचायत नगरीय प्रशासन विभाग के अधीन संचालित होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर किस शासनादेश, नियम अथवा वैधानिक प्रक्रिया के तहत यह समायोजन किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब देशभर में सोशल मीडिया में बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों को लेकर लगातार बहस चल रही है, तब बिना किसी खुली भर्ती प्रक्रिया के किसी पद पर समायोजन की खबर युवाओं के बीच असंतोष पैदा कर रही है। क्षेत्र में इसे कथित पिछले दरवाजे से भर्ती के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो यह उन बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय होगा जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार कर रहे हैं। आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आवास स्वीकृत लेकिन तीन माह बाद भी कार्य शुरू नही – शिविर में एक और महत्वपूर्ण मामला नगर पंचायत जरहागांव निवासी रामकुमार ध्रुव ने उठाया। रामकुमार ध्रुव अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका आवास लगभग तीन माह पूर्व स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्य आदेश अथवा भवन अनुज्ञा नहीं दी गई है। रामकुमार ध्रुव का कहना है कि कभी जमीन संबंधी आपत्ति तो कभी अन्य कारण बताकर उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें योजना के वास्तविक लाभ से अब तक वंचित रखा गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य में आदिवासी वर्ग के उत्थान और कल्याण को लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। धरती आबा और जनमन जैसी योजनाओं का उद्देश्य भी इसी वर्ग को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है। ऐसे में एक आदिवासी हितग्राही को स्वीकृत आवास का लाभ नहीं मिल पाना कई सवाल खड़े कर रहा है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण हितग्राही की चिंता और बढ़ गई है। एक साल बाद भी नहीं सुलझा बिजली बिल विवाद? सुशासन तिहार शिविर में एक और महत्वपूर्ण शिकायत नगर पंचायत निवासी पूर्णिमा जायसवाल ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में गलत मीटर रीडिंग दर्ज किए जाने के कारण उनके नाम पर करीब 52 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग और कलेक्टर जनदर्शन में भी कई बार शिकायत की थी। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा त्रुटि स्वीकार किए जाने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लगातार बदलते बिल और रीडिंग की गड़बड़ी के कारण वे लंबे समय से परेशान हैं। अब उन्होंने सुशासन तिहार में एक बार फिर निष्पक्ष जांच और वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है। अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें नगर पंचायत जरहागांव में उठे इन मामलों ने स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित समायोजन की वैधता, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को लाभ मिलने में आ रही बाधाएं और बिजली बिल गड़बड़ी का लंबित विवाद अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। मामले में अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने कहा है कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।

गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी

सीएम योगी की दो-टूक, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं  मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/ लीजधारकों को वितरित किए भूमिधरी अधिकार पत्र मौलवी-मौलाना हमें न बताएं, गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है, गाय को पशु बोलने वाले मौलानाओं की बुद्धि पशु वालीः मुख्यमंत्री गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गाजियाबाद की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए दो-टूक कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई स्वीकार्य नहीं है। जो अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, वह गलती कर रहा है। कुछ मौलवी-मौलाना बयान दे रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो। हम उन्हें बता दें कि गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। माता-पुत्र के बीच कुछ भी घोषित करने की आवश्यकता नहीं। किसी पुत्र को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि मां का सम्मान करो। हम मां और गाय. दोनों के प्रति एक जैसा सम्मान का भाव रखते हैं। पशुवत तुम्हारी बुद्धि व सोच है, जो हमारी गोमाता को पशु बोलते हो। यह तुम्हारा दोगलापन है, जो गोकशी को प्रश्रय देते हो। सीएम ने कड़ी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर गोमाता का चित्र लगाकर बकरीद की बधाई देने वाले अपने चेलों को समझा लो कि गोमाता के साथ हिमाकत की तो ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। यूपी में गोहत्या का मतलब तो तुम जान ही रहे हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में कई परिवारों के जीवन में खुशियों की नई रोशनी फैलाई। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। बिजनौर ने इतिहास बनते और बिगड़ते भी देखा महात्मा विदुर की पावन धरती बिजनौर को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महाभारत की धरती है। महाभारत से हमें प्रेरणा मिलती है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जो स्वार्थ के लिए धर्म को नष्ट करता है, धर्म उसे भी नष्ट कर डालता है। यह उद्घोषणा दुनिया में अक्षरशः साबित हो रही है। यह भारत के इतिहास को बनाने वाली धरा है। इसने इतिहास को बनते और बिगड़ते भी देखा है। पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण किया सीएम योगी ने पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी विरासत को कुंवर सुशांत सिंह संभाल रहे हैं। पाकिस्तान से विस्थापित हजारों परिवारों, जिनकी पुश्तैनी संपत्ति पर पाकिस्तान की मजहबी कट्टरता ने 1946, 47 व 48 में जबरन कब्जा कर निर्दोष हिंदुओं व सिखों का कत्लेआम किया था। वर्ष-दशक बीतते गए,  आज चौथी पीढ़ी में यह अवसर आया है, जब हम विस्थापित परिवारों को जमीन पर मालिकाना हक दे रहे हैं। अभी 1645 विस्थापित परिवारों यानी 8-10 हजार लोगों को जमीन के कागज प्राप्त हो रहे हैं। जो शेष हैं, उनके लिए भी कार्यवाही चल रही है।  कोई आक्रांता हमें न बताए, गाय व गंगा हमारी मां हैं  सीएम योगी ने कहा कि गोमाता राष्ट्रमाता हैं। इसी तरह हमारी मां गंगा के बारे में परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। हम सब गंगा मां की आरती व पूजा करते हैं। अपने को गंगा पुत्र मानकर सम्मानित महसूस करते हैं। हमारे तीर्थ गंगा तट पर हैं, हमारे सभी संस्कार मां गंगा के तट पर संपन्न होते हैं। कोई आक्रांता हमें न बताए, हमारे संस्कार हैं कि हमने गाय व गंगा को माता माना है।  मजहबी निर्ममता के विरोध में नहीं निकलती मौलाना की आवाज सीएम ने कहा कि पाकिस्तान में मजहबी निर्ममता के शिकार बने विस्थापितों के बारे में मौलाना व मौलवी की कभी आवाज नहीं निकली। काश, वे बोलते कि इनकी संपत्ति को वहां कट्टरपंथियों ने हड़प लिया। वक्फ के नाम पर यहां हिंदूओं की जमीनों पर कब्जा है। ये लोग इन संपत्तियों को विस्थापितों को फ्री में देने की घोषणा करते तो हम मानते कि इनकी भी कुछ संवेदना है। मुंह में कुछ और पीछे कुछ, यही दोगला चरित्र होता है।  किसी मौलाना ने हिंदुओं के कत्लेआम पर मुंह नहीं खोला  सीएम योगी ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर एक भी मौलवी-मौलाना ने कुछ नहीं कहा। बांग्लादेश में हिंदू 22 फीसदी से घटकर 7 और पाकिस्तान में 14 से घटकर महज 2 प्रतिशत रह गया। मौलाना पाकिस्तान या बांग्लादेश की सरकारों की निंदा नहीं करते। ये मौलाना जुमे की नमाज में यही घोषणा कर देते कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और घटिया स्तर पर काम कर रहा है। भारत के बहादुर जवान दुश्मन के ठिकाने पर जाकर उन्हें सबक सिखाने का ठीक काम कर रहे हैं। लेकिन, किसी मौलवी-मौलाना ऐसा नहीं किया।  सरकार सजग थी, वरना पश्चिमी उप्र में हमारे त्योहार सपने हो गए थे सीएम ने बकरीद पर होने वाली हरकतों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गनीमत है कि सरकार ने पहले से ही कदम उठाए हैं, तब त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से हो पा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले रामनवमी, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा सपना हो गई थी। बेटी स्कूल नहीं जा पा रही थी, जबकि व्यापारी असुरक्षित था।  अहिंसा व करुणा मानवता के भूषण, किंतु खर-दूषण के सामने शस्त्र उठाना होगा सीएम ने कहा कि हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति है। पीएम मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों से बिना मत-मजहब देखे समान रूप से सभी को शासन की योजनाओं का लाभ दिया गया। ऐसे में देश भी अपेक्षा करता है कि उनकी संवेदना दिखाई दे, लेकिन यह गायब है। अहिंसा और करुणा मानवता के भूषण हैं, किंतु शस्त्र उठाना होगा यदि सामने खर-दूषण हैं। सीएम ने भगवान श्रीकृष्ण व श्रीराम का स्मरण कराते हुए कहा कि हम सज्जनों के लिए ही सज्जन बनें, दुर्जनों के लिए नहीं। श्रीराम का भी यही लक्ष्य था कि धरती को राक्षस विहीन कर देंगे। नागरिकों, गरीबों, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों से लड़ना होगा। देश के खिलाफ द्रोह करने वालों के खिलाफ कठोरता व निर्ममता से लड़ने को तैयार होना होगा।  कई-कई पीढ़ियां चली गईं, आखिर क्या कर रही थीं कांग्रेस व सपा  सीएम ने कहा कि पाकिस्तान से विस्थापित इन 1645 परिवारों … Read more

लमही में मुंशी प्रेमचंद संग्रहालय और फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम कार्य में आएगी तेजी

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेशभर के संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये जारी लमही में मुंशी प्रेमचंद संग्रहालय और फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम कार्य में आएगी तेजी संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय पहचान को नई ऊर्जा देने की दिशा में प्रयास जारी किसी भी परियोजना में लापरवाही पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर होगी कठोर कार्रवाई- मंत्री जयवीर सिंह लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी कर प्रदेश के सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर में संचालित महत्वपूर्ण संग्रहालय परियोजनाओं को गति देते हुए सरकार ने इनके विकास और क्यूरेशन कार्यों के लिए पहली किश्त जारी कर दी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल विकास परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित और आधुनिक रूप में पहुंचाना भी है। इसी उद्देश्य से सभी कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में अधोमानक सामग्री या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिरोजाबाद ग्लास म्यूजियम के लिए 4.40 करोड़ रुपये उन्होंने बताया कि साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की स्मृतियों को सहेजने के लिए वाराणसी के लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय के आंतरिक साज-सज्जा और क्यूरेशन कार्य के लिए 2.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं फिरोजाबाद में ग्लास म्यूजियम के क्यूरेशन कार्य के लिए 4.40 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। देवरिया में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राजकीय आस्थान पुरानी कचहरी परिसर में शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मृति स्थल विकास, क्यूरेशन और आंतरिक साज-सज्जा के लिए 30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह परियोजना क्षेत्र के ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी गौरव को नई पहचान देगी। राजधानी लखनऊ में भी राज्य संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। संग्रहालय की चिल्ड्रेन गैलरी, विभिन्न गतिविधियों, वर्कशॉप और लैंडस्केप विकास के लिए लगभग 1.98 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। झांसी के राजकीय संग्रहालय के विकास और सुदृढ़ीकरण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा कुशीनगर के राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इससे प्रदेश के बौद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही लखनऊ राज्य संग्रहालय परिसर में स्थित ओल्ड कोठी में कैफेटेरिया एवं कोठी के एक्सटेंशन भाग में नवनिर्मित लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 4.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा राज्य संग्रहालय लखनऊ भवन के बेसमेंट कक्षों के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिक स्टोरेज सिस्टम की स्थापना के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4.60 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। इस परियोजना का कार्य प्रगति पर है।  इसी प्रकार राज्य संग्रहालय लखनऊ परिसर में सीवर लाइन एवं रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट एवं नलकूप बोरिंग स्थापना संबंधी कार्य के लिए 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। राज्य संग्रहालय लखनऊ में विदेशी मूर्ति कला, वीथिका की मूर्तियों को स्थानातंरित कर संग्रहालय परिसर में दूसरी जगह प्रदर्शित किए जाने के लिए 1.59 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। इस परियोजना का कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।