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महापौर परिषद के सम्मेलन का ऋषिकेश में आगाज, अध्यक्षता करेंगी करनाल की मेयर रेणु बाला

करनाल. देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा ऋषिकेश में तीन जून से अखिल भारतीय महापौर परिषद के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शंखनाद होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए ऋषिकेश नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। ऋषिकेश के नटराज होटल में आयोजित होने वाले इस वैचारिक महाकुंभ की अध्यक्षता अखिल भारतीय महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल (हरियाणा) की महापौर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता करेंगी। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। तैयारियों में झलक रहा उत्साह मंगलवार को अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष रेणु बाला गुप्ता ने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि यह सम्मेलन देश के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा की उस वीर धरा और दानवीर कर्ण की नगरी करनाल से देवभूमि की इस पवित्र भूमि पर एक विजन लेकर आई हूँ। जिस तरह मां गंगा सबको जीवन देती हैं, उसी तरह हमारे समस्त नगर निगमों को भी जन-सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। महापौर ने बताया कि सम्मेलन के लिए देशभर के लगभग 60 शहरों के महापौर ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। करनाल की तर्ज पर अन्य शहरों में भी 'स्मार्ट सिटी' और 'स्वच्छता' के बेहतरीन मॉडल कैसे लागू हों जैसे बहुआयामी विषयों पर मेयर रेणु बाला गुप्ता विशेष रूप से अपने अनुभव साझा करेंगी। लोक-संस्कृति का दिखेगा रंग सम्मेलन के लिए ऋषिकेश नगर निगम द्वारा आयोजन स्थल और प्रमुख चौराहों को विशेष रूप से सजाया गया है। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में मुख्य रूप से तीन सत्र आयोजित होंगे, जिनमें स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नगर निकायों के सामने आने वाली वित्तीय चुनौतियों पर देश के शीर्ष प्रतिनिधि मंथन करेंगे। आयोजन से जुड़े विशेष आकर्षण के रूप में सभी अतिथि महापौर त्रिवेणी घाट पर होने वाली भव्य गंगा आरती में सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से मेहमानों का स्वागत किया जाएगा। सम्मेलन के समापन सत्र में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति विशेष रहेगी।

Kulhad Pizza Couple का नया वीडियो वायरल, गुरप्रीत कौर ने बयां की अपनी पीड़ा

जालंधर. जालंधर का चर्चित कुल्हड़ पिज्जा कपल एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में Gurpreet Kaur भावुक नजर आईं। वीडियो में उन्होंने ट्रोलर्स पर भड़कते हुए कहा कि एक घटना के बाद उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। वीडियो में रोते-बिलखते हुए गुरप्रीत कौर का कहना है कि वह लंबे समय तक चुप रहीं और उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब कुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन एक वीडियो के कारण लोगों ने उनके बारे में गलत धारणाएं बना लीं। बता दें कि गुरप्रीत ने हाल ही में अपने बेटे के साथ एक वीडियो साझा किया,  जिसमें वह उसे गुरबाणी और गुरसिखी से जुड़े शब्द सिखाती नजर आ रही थीं। गुरप्रीत का आरोप है कि बच्चे को भी ट्रोलर्स ने नहीं छोड़ा, यहां तक कि लड़कियां भी भद्दे Comments करने से पीछे नहीं हट रही।  गुरप्रीत ने कहा कि  बच्चे को लेकर की जा रही टिप्पणियों से उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा पहुंची है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा तोहफा! भारत vs अफगानिस्तान टेस्ट का पूरा मैच एक ही टिकट पर

चंडीगढ़/न्यू चंडीगढ़. भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक खेले जाने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) ने टिकटों की कीमतों की घोषणा कर दी है। यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला जाएगा। घोषित दरों के अनुसार दक्षिणी अपर टियर के सामान्य दर्शक टिकट की कीमत 250 रुपये रखी गई है। वहीं साउथ पवेलियन-ए के टिकट 2,000 रुपये और हरभजन सिंह पवेलियन-बी के टिकट 2,500 रुपये में उपलब्ध होंगे। कॉर्पोरेट बॉक्स के टिकट 4,000 रुपये से शुरू होंगे, जबकि प्रीमियम एसी लाउंज (लेवल-1) का टिकट 10,000 रुपये रखा गया है। इस श्रेणी के टिकट धारकों को मैच के दौरान भोजन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि एक बार खरीदा गया टिकट पूरे पांच दिनों के टेस्ट मैच के लिए मान्य रहेगा। दर्शकों को प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। टिकटों की आंशिक ऑनलाइन बिक्री भी शुरू हो चुकी है। इस बीच अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। दोनों टीमों के मंगलवार से स्टेडियम में अभ्यास सत्र शुरू करने की संभावना है। क्रिकेट प्रशंसकों में इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि मुल्लांपुर के इस विश्वस्तरीय स्टेडियम में पहली बार भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा।

किसानों को राहत! बलौदाबाजार की 39 सहकारी समितियों में POS मशीन से शुरू हुआ खाद वितरण

बलौदाबाजार/रायपुर. शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजना अंर्तगत जिले में 39 नवीन ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है। सभी नवीन 39 सहकारी समितियो को खाद के सुगमतापूर्ण वितरण हेतु पीओएस मशीन प्रदाय किया गया है। पीओएस मशीन उपलब्ध होते ही सभी नवीन समितियों में किसानों को  सुगम खाद-बीज़ का वितरण किया जा रहा है। नवीन गठित 39 सहकारी समितियों के 89 पंचायतों में 112 ग्रामो के 43639 किसानो को इससे लाभ हुआ है। किसानों को खेती किसानी के लिये सुगमता पूर्वक त्वरित एवं अपने गृह ग्राम के निकट ही खाद बीज एवं नगद ऋण प्राप्त हो रहा है  जिससे किसानो में ख़ुशी व्याप्त  है। 39 नवीन समितियों में अभी तक 112 ग्रामों के 43639 किसानों को खाद प्रदाय हेतु 1876 टन का खाद का भंडारण एवं 353 टन खाद का वितरण के साथ कुल 48 करोड 99 लाख का ऋण वितरण किसानो को किया जा चुका है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में जिले के किसानों को  आवश्यकता अनुसार सहकारी समितियों से खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। बंदूक से रोजगार तक का सफर मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई। अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है। बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

रक्षाबंधन पर बहनों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों में मिलेगा सफर का तोहफा : CM डॉ. यादव

रक्षाबंधन पर बहनें करेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन की बसों में सफर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन सेवा को चरणबद्ध रूप से किया जाएगा शुरू सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है राज्य परिवहन सेवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य परिवहन सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार न सिर्फ प्रदेश में बेहतर और आधुनिक सड़कों का तेजी से निर्माण कर रही है, बल्कि जल्द ही नागरिकों को राज्य परिवहन की विशेष सुविधा भी देने जा रही है। राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की ओर बढ़ रही है। इस बार रक्षाबंधन पर हमारी बहनें परिवहन विभाग की बसों में सफर करें, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी विधानसभा में मीडिया से चर्चा में दी। राज्य सरकार जन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के कारण शहरों के बीच दूरी अधिक है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा सभी समस्याओं को खत्म कर जनता का आवागमन सुगम बनाएगी। उम्मीद है कि राज्य के अंदरूनी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों के साथ मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास सुगम परिवहन सेवा के प्रभावी रूप में देखने को मिलेगा। प्रदेश में जन सुविधाओं के विस्तार और प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ कार्य कर रही है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति रायपुर जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो। कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए। बदलते बस्तर की नई पहचान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

जन्मदिन पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण कार्यों की सराहना की

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा रायगढ़ के सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचे वित्त मंत्री, कहा-गौवंश की सुरक्षा हमारी सांस्कृतिक व सामाजिक जिम्मेदारी रायपुर,  जन्मदिवस के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ स्थित ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचकर गौ-माता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया और गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। गौ-सेवा सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक               वित्त मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता की सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक है। अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ-माता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सुखद, संतोषजनक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गौशाला द्वारा किया जा रहा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। गौवंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेवाभावी कार्यकर्ताओं का जताया आभार            श्री चौधरी ने निस्वार्थ भाव से जुटे गौशाला के संचालकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और अटूट प्रयासों के कारण ही क्षेत्र में गौ-संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय और सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पंजाब की टैक्स वसूली में बड़ा उछाल, मई में GST कलेक्शन पहुंचा 2400 करोड़ के पार

 चंडीगढ  पंजाब ने जीएसटी संग्रह के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए मई 2026 में 14.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को बताया कि राज्य का सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर 2,400.52 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 2,094.81 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, एक वर्ष में जीएसटी संग्रह में 305.71 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चीमा ने कहा कि राज्य की यह उपलब्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कर अनुपालन में सुधार और कराधान विभाग की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जहां देशभर में सकल जीएसटी राजस्व वृद्धि करीब 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब ने 14.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य की नकद संग्रह वृद्धि 6.57 प्रतिशत रही, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में कहीं अधिक बढ़ोतरी हुई है, जो मजबूत राजस्व आधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत है। वित्त मंत्री ने बताया कि कर चोरी रोकने के लिए गठित स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने मई महीने में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 182.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 178.76 करोड़ रुपये की वसूली की। यह सफलता डेटा एनालिटिक्स, खुफिया सूचनाओं, सत्यापन अभियानों और फील्ड स्तर पर चलाए गए विशेष ऑपरेशनों के कारण मिली है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फर्जी बिलिंग और संगठित कर चोरी के नेटवर्क के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। 85 करोड़ के फर्जी बिलिंग रैकेट पकड़ा चीमा ने बताया कि कर चोरी के खिलाफ अभियान के दौरान विभाग ने 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना स्थित एक फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी लेन-देन के जरिए 15.56 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया था। जांच में सामने आया कि कर चोरी के लिए कागजों पर मौजूद फर्जी फर्मों, नकली बिलों, फर्जी डेबिट नोट और मनगढ़ंत परिवहन रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस धोखाधड़ी से जुड़े लाभार्थियों से करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जन्मदिवस पर किया सुंदरकांड पाठ, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जन्मदिवस पर किया सुंदरकांड पाठ, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना रायपुर,  वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने जन्मदिवस के अवसर पर रायगढ़ के महापल्ली में आयोजित रामचरितमानस सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जन्मदिवस के इस विशेष अवसर पर प्रभु श्रीराम एवं संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रदेश के विकास, जनकल्याण और सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।         चौधरी ने जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं देने वाले सभी नागरिकों, समर्थकों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी का स्नेह, प्रेम और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।