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8 जून 2026 का प्रीति योग, इन राशियों के लिए साबित होगा बेहद शुभ

 जब भी किसी ग्रह का गोचर या उससे योग बनता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. उन्हीं योगों में से एक है प्रीति योग. द्रिक पंचांग के अनुसार, 8 जून 2026 की सुबह बेहद शुभ और कल्याणकारी प्रीति योग बनने जा रहा है. वैदिक ज्योतिष में प्रीति योग को अत्यंत मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है. इस योग के प्रभाव से मानवीय संबंधों में मधुरता आती है और अटके हुए काम गति पकड़ते हैं. चूंकि प्रीति योग का सीधा संबंध प्रेम, मेलजोल और आर्थिक समृद्धि से है, इसलिए इस दिन ग्रहों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के जीवन में इसका गहरा और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. आइए जानते हैं कि 8 जून को बनने जा रहे प्रीति योग से किन राशियों को लाभ होगा. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए प्रीति योग करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि लेकर आ सकता है. ऑफिस या बिजनेस में आपके काम की सराहना होगी. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बेहतर होगा. अगर परिवार या मित्रों के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस योग के प्रभाव से दूर होगा और रिश्तों में प्रेम बढ़ेगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए प्रीति योग भाग्य में उन्नति और मानसिक शांति का कारक बनेगा. आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को कोई बड़ी सफलता हाथ लग सकती है. घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध और अधिक मजबूत होंगे. तुला राशि (Libra) चूंकि तुला राशि का स्वामी शुक्र है और प्रीति योग भी प्रेम व सद्भाव का प्रतीक है, इसलिए इस राशि पर इसका विशेष प्रभाव रहेगा. जो लोग सिंगल हैं, उनके जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है. विवाहित जातकों के बीच आपसी समझ और बढ़ेगी. बिजनेस में पार्टनरशिप के काम से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए यह योग लंबी दूरी की यात्राओं और आध्यात्मिक लाभ के योग बनाएगा. छात्रों को अपनी मेहनत के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में कोई नई जिम्मेदारी या प्रोजेक्ट मिल सकता है. अटके हुए सरकारी या कानूनी काम इस अवधि में पूरे हो सकते हैं.

कोचिंग सेंटर पर हमले के बाद बवाल, छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

पटना पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग और बवाल के बाद अब छात्र सड़क पर उतर गए हैं। बुधवार की सुबह सैकडों की संख्या में छात्र खान सर के घर के बाहर सड़क पर बैठ गए। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई। जो वीडियो सामने आया है उसमें कई छात्र-छात्राएं सड़क पर बैठी नजर आ रही हैं। छात्र-छात्राएं काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पूरा सड़क जाम हो गया था। इस प्रदर्शन के बीच खान सर अपने घर की बालकनी में खड़े नजर आए और प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से खास अपील करते नजर आए। खान सर ने कई बार हाथ जोड़कर अपील करते हुए नजर आए कि वो सभी (प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं) अपने घर चले जाएं। खान सर के कोचिंग सेंटर को फिलहाल अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, खान सर के इस खास अपील के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र वहां डटे हुए थे। खान सर ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा है कि पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस रात भर कोचिंग सेंटर के बाहर रही। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी प्रदर्शनकारी सड़क से हट जाएं और अपने घर चले जाएं। इससे सड़क जाम है और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इधर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। मीडिया से बातचीत में प्रदर्शनकारी एक छात्रा ने कहा कि हमें क्यों जाना चाहिए। जब हमारे टीचर पर ही हमला हो जा रहा है। हमलोगों की छुट्टी होने से पहले ही नोटिफिकेशन आ जाता है। आज नोटिफिकेशन आया नहीं। जब हमलोग यहां आए तो पता चला कि ऐसा हुआ है। एक अन्य छात्रा ने कहा कि हमलोग घर हीं जा सकते हैं। हमलोगों को जानना है कि आखिर खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला कैसे हो गया। अगर दूसरों को हमसे जलन है तो वो भी छात्रों को पढ़ाएं। सड़क पर बैठी एक छात्रा ने कहा कि खान सर पर गोली चली है। वो बच्चों के लिए इतना कुछ करते हैं। लेकिन जलन की वजह से उनसे दुश्मनी हो जाती है। अगर अच्छा करना है तो खुद भी बच्चों को अच्छे से पढ़ाइए। छात्रा ने कहा कि हम घर नहीं जाएंगे, क्यों गोली चली। हमलोगों की क्लास भी नहीं हो पाई। छात्राओं ने कहा कि हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। हम सभी खान सर के साथ हैं। हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन के बीच वहां मौजूद पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझा रही थी कि वो वहां से हट जाएं। लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला बता दें कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर मंगलवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।सूत्रों के अनुसार मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर की कोचिंग सेंटर के बाहर रात के समय कुछ युवक आए और सेंटर में तोड़फोड़ की तथा कई पोस्टर फाड़ दिए। विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल गार्ड को उपचार के लिए भेजा गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद कदमकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना में शामिल युवकों की पहचान की जा सके। साथ ही कोचिंग प्रबंधन और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर खान सर भी कोचिंग सेंटर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तोड़फोड़ की घटना में असामाजिक तत्वों के शामिल होने का अंदेशा जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुछ कोचिंग संचालकों का हाथ भी हो सकता है। खान सर ने कहा कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी है उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

मुकद्दस हज का रूहानी सफर, काबा शरीफ के साये में छलके आंसू और मिला सुकून

लखनऊ  ​विशेष रिपोर्ट मक्का मुअज्जमा: रात के करीब का वक्त है। आसमान ने काले रंग की मखमली चादर ओढ़ रखी है, लेकिन जमीन पर रोशनी का एक ऐसा समंदर है जो आंखों को चौंधिया नहीं रहा, बल्कि रूह को सुकून दे रहा है। मक्का की ठंडी हवाएं जब बदन को छूती हैं, तो ऐसा लगता है कि गुनाहों की तपिश धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। इस वक्त दुनिया के सबसे पाक और मुकद्दस मुकाम यानी मस्जिद-अल-हरम के बिल्कुल बीचों-बीच, अल्लाह के घर 'काबा शरीफ' के ठीक सामने खड़े होकर जब कोई अपनी नजरें उठाता है, तो लफ्ज कम पड़ जाते हैं और आंखें खुद-ब-खुद छलक उठती हैं। ​यह कोई आम रात नहीं है। यह हज का वो मुबारक हफ्ता है, जब दुनिया के कोने-कोने से, हर मुल्क, हर रंग और हर जुबान के लोग एक ही मकसद के लिए एक जगह जमा हुए हैं। उनके दिलों में एक ही तड़प है—अपने खालिक (बनाने वाले) के सामने सजदा करना और उसकी रहमतों को समेट लेना। ​1. काबा की दीवारें और दिल की धड़कनें ​वीडियो के शुरुआती दृश्यों में काबा शरीफ की वो गगनचुंबी, आलीशान और रूहानी इमारत नजर आती है, जिसे देखने की तमन्ना हर मुसलमान अपने बचपन से पालता है। काले और सुनहरे गिलाफ (किस्वा) से ढकी काबा की दीवारें रात की रोशनी में जगमगा रही हैं। गिलाफ पर सोने और चांदी के तारों से उकेरी गई कुरान की आयतें इस कदर नूरानी लग रही हैं कि देखने वाला बस देखता ही रह जाए। ​सफेद संगमरमर का वो फर्श (मताफ) जो दिन की चिलचिलाती धूप में भी कुदरती तौर पर ठंडा रहता है, उस पर बैठे और खड़े जायरीन (तीर्थयात्री) काबा को एकटक निहार रहे हैं। काबा के ठीक नीचे की सुनहरी ईंटों वाली दीवार और सफेद किनारा इस मुकद्दस इमारत की भव्यता में चार चांद लगा रहा है। यहाँ वक्त जैसे ठहर सा गया है। न कोई जल्दी में है, न किसी को दुनियावी सुख-सुविधाओं की फिक्र है। सब के सब बस इसी पल को अपने वजूद में उतार लेना चाहते हैं। ​2. 'लब्बैक' की गूंज और इंसानी समंदर ​काबा के चारों तरफ नजर दौड़ाएं तो इंसानी आस्था का एक ऐसा सैलाब नजर आता है जिसकी मिसाल दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। हजारों-लाखों लोग एक साथ सफे बांधे (लाइनों में) बैठे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यहाँ कोई वीआईपी नहीं है और न ही कोई आम। ​अमीर-गरीब का भेद मिटा: सफेद बिना सिला हुआ दो टुकड़ों का कपड़ा—जिसे 'इहराम' कहते हैं—पहने हुए लाखों मर्द एक जैसे नजर आ रहे हैं। इस लिबास ने राजा और रंक, मालिक और नौकर का फर्क हमेशा के लिए मिटा दिया है।​विविधता में एकता: कोई हिंदुस्तान से आया है, कोई पाकिस्तान से, कोई अफ्रीका के किसी सुदूर गांव से है तो कोई यूरोप की चमचमाती दुनिया छोड़कर यहाँ पहुंचा है। किसी के चेहरे पर लंबी दाढ़ी है, तो किसी का सिर पूरी तरह मुंडा हुआ है। किसी की त्वचा का रंग एकदम साफ है, तो कोई अश्वेत है। लेकिन जब जुबान खुलती है, तो सबकी एक ही आवाज होती है:​"लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैक ला शरीका लका लब्बैक…" > (हाजिर हूँ ऐ अल्लाह, मैं तेरे दरबार में हाजिर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाजिर हूँ…) ​3. हर चेहरे पर एक अलग दास्तान, हर आंख में आंसू ​अगर आप मस्जिद-अल-हरम के प्रांगण में बैठे लोगों के चेहरों को गौर से देखें—जैसा कि इस वीडियो में भी कैद हुआ है—तो आपको हर चेहरे पर इबादत का एक अलग ही नूर और सुकून दिखाई देगा। ​कुछ लोग फर्श पर घुटनों के बल बैठे अपने हाथों को दुआ के लिए आसमान की तरफ उठाए हुए हैं। उनकी उंगलियां कांप रही हैं और होंठ धीरे-धीरे हिल रहे हैं। वे अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं, अपने बच्चों के मुस्तकबिल (भविष्य) के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, और अपने वतन की अमन-चैन के लिए दुआएं कर रहे हैं। ​कुछ बुजुर्ग जायरीन ऐसे हैं जो शायद जिंदगी भर की जमा-पूंजी जोड़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके चेहरों की झुर्रियों में थकान नहीं, बल्कि एक अजीब सी संतुष्टि है कि 'या अल्लाह, मौत से पहले तूने मुझे अपने घर बुला ही लिया।' वहीं युवा जायरीन अपने मोबाइल कैमरों में इन पाक लम्हों को कैद कर रहे हैं ताकि जब वे वापस लौटें, तो अपने परिवार को इस रूहानी सफर का गवाह बना सकें। ​4. मुस्तैद सुरक्षाकर्मी और खादिम: खिदमत की मिसाल ​इस बेहद भावुक और आध्यात्मिक माहौल के बीच, सऊदी अरब के सुरक्षाकर्मी और मस्जिद के खादिम (वॉशर्स/सफाई कर्मचारी) बेहद खामोशी और मुस्तैदी से अपना फर्ज निभा रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डिजिटल कैमलाफ्लाज (सैन्य पोशाक) पहने सुरक्षाकर्मी बेहद अदब के साथ जायरीन को रास्ता दिखा रहे हैं, भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी हाजी को इबादत में कोई खलल न पड़े। ​दूसरी तरफ, हरे और नीले रंग की वर्दी पहने सफाईकर्मी लगातार मताफ की सफाई में लगे हैं ताकि अल्लाह के मेहमानों को सजदा करने में जरा सी भी असुविधा न हो। इन खादिमों के चेहरों पर भी एक अलग तरह का गर्व होता है, क्योंकि वे जानते हैं कि वे दुनिया के सबसे सम्मानित मेहमानों—यानी अल्लाह के मेहमानों—की सेवा कर रहे हैं। ​5. रात का जादुई नजारा और हरम के मीनार ​जैसे ही कैमरा ऊपर की तरफ घूमता है, मस्जिद-अल-हरम के विशाल और ऊंचे मीनार रात के अंधेरे आसमान को चीरते हुए नजर आते हैं। इन मीनारों पर लगी दूधिया और हरी रोशनियां पूरे परिसर को एक दिव्य रूप दे रही हैं। आसमान में बादलों के बीच से झांकता हुआ चांद भी जैसे इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए लालायित नजर आता है। पृष्ठभूमि में बनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतें और 'मक्का क्लॉक टॉवर' यह अहसास कराते हैं कि इतिहास और आधुनिकता का यह अद्भुत संगम सिर्फ और सिर्फ इसी पाक सरजमीं पर मुमकिन है। ​6. हज: सिर्फ एक सफर नहीं, रूह का शुद्धिकरण है ​इस्लाम में हज को पांच स्तंभों (Arkan-e-Islam) में से एक माना गया है, जो हर उस मुसलमान पर जिंदगी में एक बार फर्ज है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से इसके काबिल हो। लेकिन … Read more

सुबह-सुबह गरजे कई बुलडोजर, NCR की 10 हजार घरों वाली कॉलोनी पर बड़ा एक्शन

फरीदाबाद फरीदाबाद की सघन बस्ती नेहरू कॉलोनी में बड़ा बुलडोजर ऐक्शन बुधवार सुबह शुरू हो गया। नगर निगम ने दल-बल के साथ अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। 6 जेसीबी और एक बड़ी मशीन की मदद से मकानों को हटाया जा रहा है। उधर, प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास की मांग उठाते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों की ओर से अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि कुल कितने मकानों को तोड़ा जाएगा। चारों ओर से रास्ते बंद, लोगों की आवाजाही प्रभावित बुधवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने नेहरू कॉलोनी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया। मेट्रो रोड, सैनिक कॉलोनी, बिजली दफ्तर मार्ग, मुल्ला होटल क्षेत्र और तारण नंबर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। छह जेसीबी और बड़ी मशीन से हटाए जा रहे निर्माण नगर निगम की टीम ने भारी मशीनरी के साथ अभियान चलाया। मौके पर छह जेसीबी और एक बड़ी तोड़फोड़ मशीन लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। वर्षों से बसी कॉलोनी, हजारों परिवारों पर असर नेहरू कॉलोनी पुनर्वास विभाग की भूमि पर विकसित हुई बस्ती मानी जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां करीब दस हजार मकान बने हुए हैं और लगभग पांच लाख लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं। कॉलोनी में वर्षों से परिवार रह रहे हैं। पिछले वर्ष पुनर्वास विभाग की ओर से निवासियों को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि नोटिस के बाद आगे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। एक वर्ष बाद अब नगर निगम ने दोबारा अभियान शुरू किया है, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और निगम की दलील नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। अदालत ने सड़कों, सार्वजनिक भूमि और ग्रीन बेल्ट पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। निगम का यह भी कहना है कि क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि को खाली कराना आवश्यक है। इसी आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। पुनर्वास की मांग पर उठे सवाल प्रभावित लोगों का कहना है कि इससे पहले इलाके में बने धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई हो चुकी है और संबंधित भूमि को भी खाली कराया जा चुका है। उनका सवाल है कि अब आवासीय मकानों को तोड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था मिलने पर मकान खाली करने को तैयार हैं। मंगलवार को प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भी मिला था और पुनर्वास की मांग रखी थी। निवासियों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के अनुरूप विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

मनोज बाजपेयी ने एक्टिंग छोड़ने के संकेत दिए, बोले- पिछले 10 साल से मन में ख्याल आता है

मनोज बाजपेयी बॉलीवुड के टैलेंटेड और चहेते स्टार्स में से एक हैं. वो अपनी एक्टिंग से किसी भी किरदार में जान डालना जानते हैं. अब उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि वो पिछले 10 साल से एक्टिंग छोड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं और मजबूरी में काम नहीं करना चाहते हैं. एक्टर की इस बात से उनके कई चाहने वालों को झटका लगा है. एक्टिंग छोड़ेंगे मनोज बाजपेयी? मनोज बाजपेयी ने कहा कि उनके मन में कई बार एक्टिंग छोड़ने का ख्याल आता है. रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि यार आपको सच बताऊं, पिछले 10 साल से बीच-बीच में मन करता है कि मैं छोड़ दूं. लेकिन फिर कभी कोई रोल आ जाता है और मैं चला जाता हूं. मैं एक्टिंग को मजबूरी के तौर पर नहीं करना चाहता हूं कि मुझे घर पर दाल रोटी ले जानी है. मनोज बाजपेयी कहते हैं कि मुझे एक्टिंग करनी है. अगर कोई चरित्र है, उसको निभाने में बड़ा मजा आएगा. आजतक मेरा कॉर्मिशियल फिल्म करने का बड़ा मन कर रहा है. नॉनसेंस कॉमेडी करने का मन करता है. थोड़ा गानों पर नाचो. घर से कोई तैयारी करके नहीं आना है. सिर्फ फैमिली को गुडबाय बोलो और सेट पर अच्छा टाइम बिताओ. इसी पॉडकास्ट में मनोज बाजपेयी ने ये भी कहा कि उनके अंदर आज भी गली गुलियां, अलीगढ़ और भोंसले जैसी फिल्मों की कुछ डार्कनेस मौजूद है. वो कहते हैं कि कभी-कभी मानसिक तौर पर मुझे अपने अंदर अंधकार महसूस होता है. कभी-कभी मुझे ठीक से पता होता है कि यह कहां से आ रहा है. वो कहते हैं कि किरदार के कारण अकसर मूड स्विंग्स और इमोशनल थकावट महसूस होती है. इसलिए स्प्रिचुअलिटी उनके जीवन में अहम भूमिका निभाती है. मनोज बाजपेयी कहते हैं कि अब लगता है कि काश माता-पिता के साथ थोड़ा वक्त और मिल जाता है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो मेरी बॉडी के सेल हैं. वो अब पुराने हो रहे हैं. जब भी सीढ़ी-चढ़ो उतरो इसका एहसास होता है. उन्होंने कहा कि मृत्यु भी जिंदगी की हकीकत है. वो कहते हैं कि एक दिन जाना है आपको. इसमें सोचना क्या. वो तो जाना ही है और ये आपको इस हकीकत से वाकिफ होना चाहिए.

पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होते ही पंजाब में चेतावनी जारी, कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में बुधवार से चार दिन तक आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस दौरान दिन व रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। विभाग के अनुसार जून के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। दूसरे सप्ताह में गर्मी जोर पकड़ेगी। उधर मंगलवार को पंजाब में मौसम के तेवर गर्म रहे। जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, अभी भी केवल बठिंडा को छोड़कर सभी जिलों में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच ही दर्ज किया जा रहा है। बठिंडा में दिन का तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरलम पहुंचता है। इधर, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।

BCCI का बड़ा फैसला, पूर्व ऑलराउंडर साईराज बहुतुले संभालेंगे Team India के बॉलिंग कोच की कमान

 नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर साईराज बहुतुले को भारतीय पुरुष सीनियर टीम का नया स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम आने वाले महीनों में कई अहम अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने वाली है।  साईराज बहुतुले भारतीय क्रिकेट में एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्होंने भारत के लिए दो टेस्ट और आठ वनडे मुकाबले खेले थे. हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगभग दो दशक तक शानदार प्रदर्शन किया. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुतुले ने 6176 रन बनाए और 630 विकेट हासिल किए, जो उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल ऑलराउंडरों में शामिल करता है।  खिलाड़ी के रूप में सफल करियर के बाद बहुतुले ने कोचिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल जैसी घरेलू टीमों के हेड कोच के रूप में काम किया. इसके अलावा IPL में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन बॉलिंग कोच की भूमिका भी निभाई। भारतीय क्रिकेट के प्रतिभा विकास कार्यक्रम में भी उनका अहम योगदान रहा है. वह 2022 में ICC अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के बॉलिंग कोच थे. इसके बाद 2024 अंडर-19 विश्व कप में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे. उन्होंने इंडिया ए और भारतीय सीनियर टीम के साथ कई दौरों पर स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच के रूप में भी काम किया है।  साईराज बहुतुले 2021 से 2024 तक BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में कोचिंग सेटअप का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे. इस दौरान उन्होंने देश के कई युवा स्पिनरों के विकास में अहम भूमिका निभाई।  नियुक्ति के बाद बहुतुले ने कहा कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के स्पिन बॉलिंग कोच के रूप में चुना जाना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है. उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व खिलाड़ी के रूप में करना उनके जीवन का गर्व भरा पल था और अब कोच के रूप में दोबारा भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का अवसर उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने भरोसा जताया कि वह खिलाड़ियों के साथ मिलकर सभी प्रारूपों में टीम की सफलता के लिए काम करेंगे।  भारतीय टीम के पास इस समय कई प्रतिभाशाली स्पिनर मौजूद हैं और ऐसे में बहुतुले का अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है. BCCI को उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में भारतीय स्पिन आक्रमण आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा।  कौन हैं साईराज बहुतुले, इस ऐत‍िहास‍िक टेस्ट में खेले… सच‍िन से है कनेक्शन  53 साल के साईराज बहुतुले डोमेस्ट‍िक सर्किट में बहुत बड़ा नाम रहे हैं. हालांकि, इंटरनेशनल लेवल पर वो टीम इंडिया के लिए ज्यादा मैच नहीं खेल पाए. अपने जमाने के द‍िग्गज लेग स्प‍िनर साईराज ने टीम इंडिया के लिए महज 2 टेस्ट खेले, जहां उन्होंने 3 विकेट लिए और 39 रन बनाए. वहीं 8 वनडे में उनके नाम 2 विकेट ही रहे. साईराज का टेस्ट में डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ 2001 की ऐत‍िहास‍िक की टेस्ट सीरीज में चेन्नई में हुआ था।  वहीं साईराज ने 188 फर्स्ट क्लास मैचों में 630 विकेट लिए थे, इसके अलावा 143 ल‍िस्ट ए में उनके नाम 197 विकेट रहे. वह घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा मुंबई की टीम से खेले. इसके अलावा वह आंध्र प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, विदर्भ की टीम से भी खेले. काउंटी क्रिकेट में उन्होंने सरे की टीम का प्रत‍िन‍िध‍ित्व किया।  बहुतुले ने 1 जनवरी 2013 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. जून 2014 में, उन्हें केरल क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया. जुलाई 2015 में, उन्हें बंगाल क्रिकेट टीम के कोच की ज‍िम्मेदारी संभाली. इसके बाद फरवरी 2018 में उन्होंने IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए स्पिन गेंदबाजी कोच की ज‍िम्मेदारी ली. हाल में बीते आईपीएल में वो पंजाब किंग्स के स्प‍िन बॉल‍िंंग कोच थे।  1988 में जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने लॉर्ड हैरिस शील्ड इंटर-स्कूल गेम में शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए 664 रन की अटूट साझेदारी की थी, तब बहुतुले सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के गेंदबाजों में से एक थे। 

सरकार ने जारी किए 12 करोड़, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

बीजापुर. तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. जिले में संग्रहण सीजन 2026 के तहत 40 हजार से अधिक संग्राहकों ने तेन्दूपत्ता संग्रहित किया. इसके बदले करीब 36 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है. पहले चरण में 12 हजार से अधिक संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये ऑनलाइन भेजे गए हैं. मानसून से पहले भुगतान मिलने से खेती-किसानी की तैयारियों को बल मिलेगा. ग्रामीण परिवार इस राशि का उपयोग कृषि कार्यों और घरेलू जरूरतों में करते हैं. गुडमा, कुटरू, तोयनार और बरदेला समेत कई समितियों के संग्राहकों को भुगतान मिल चुका है. शेष समितियों में सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि का काम जारी है. सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया है. सीधे बैंक खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता भी बढ़ी है. तेन्दूपत्ता आज भी बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है. इस भुगतान से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है.

अंडर-18 एशिया कप 2026: भारत की रिकॉर्ड जीत, नूशिन नाज के 7 गोल से सिंगापुर पस्त

नई दिल्ली  भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने अंडर-18 एशिया कप 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए सिंगापुर को 25-0 के रिकॉर्ड अंतर से रौंद दिया। पूल-ए के इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरू से लेकर अंत तक मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा। इस ऐतिहासिक और धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने पूल-ए में अपने सभी मैच जीतकर अपराजित रहते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। यह अंडर-18 स्तर पर भारतीय टीम की अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक है। नम्मी गीताश्री ने दागे 5 गोल मैच में भारत की स्टार खिलाड़ी नम्मी गीताश्री ने अपने आक्रामक खेल से सिंगापुर के डिफेंस को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। गीताश्री ने मैच में अकेले ही 5 शानदार गोल दागे, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने विपक्षी टीम को संभलने का एक भी मौका नहीं दिया और मुकाबले के चारों क्वार्टर में लगातार अंतराल पर गोल दागकर सिंगापुर की टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। भारतीय खिलाड़ियों का जलवा इस ऐतिहासिक मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच गीताश्री के अलावा भारत की दो और फारवर्ड बल्लेबाजों ने सिंगापुर के डिफेंस की धज्जियां उड़ा दीं। स्टार खिलाड़ी नूशिन नाज ने मैच में सबसे ज्यादा 7 गोल (8वें, 13वें, 17वें, 18वें, 40वें, 52वें और 58वें मिनट में) दागकर विपक्षी टीम को पूरी तरह घुटनों पर ला दिया। वहीं, स्वीटी कुजूर ने भी उनका बखूबी साथ निभाते हुए मैच के दूसरे ही मिनट में भारत का खाता खोला और कुल 4 शानदार गोल (2रे, 24वें, 38वें और 45वें मिनट में) अपने नाम किए। इन दोनों की जुगलबंदी के आगे सिंगापुर की गोलकीपर असहाय नजर आईं। दीया की हैट्रिक के साथ इन खिलाड़ियों का कमाल भारतीय टीम के इस गोल उत्सव में युवा खिलाड़ी दीया ने भी अपनी चमक बिखेरी और 27वें, 32वें और 53वें मिनट में गोल दागकर अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की। टीम की इस सामूहिक आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैच में भारत की तरफ से कुल 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। प्रियंका मिंज (22वें), नैन्सी सरोहा (36वें), श्रुति कुमारी (40वें), रशमीन कौर (47वें), पुष्पा मांझी (47वें) और संदीप कुमारी (51वें मिनट) ने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए एक-एक गोल दागे, जिसकी बदौलत भारत ने 25-0 का यह अविश्वसनीय स्कोर बोर्ड पर टांग दिया। सेमी फाइनल के लिए तैयार टीम इंडिया इस विशाल जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और वे सेमीफाइनल के नॉकआउट मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ग्रुप स्टेज में अजेय रहने के बाद अब भारतीय टीम की नजरें इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर खिताब अपने नाम करने पर टिकी हैं। कोच ने टीम के इस प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि खिलाड़ी अपनी योजनाओं को मैदान पर बखूबी लागू कर रहे हैं, जो आगामी नॉकआउट मैचों के लिहाज से बेहद सकारात्मक संकेत है।  

नक्सल प्रभावित बस्तर में अब NIA स्पेशल कोर्ट, लंबित मामलों पर जल्द होगा फैसला

जगदलपुर. बस्तर संभाग में लंबे समय से लंबित एनआईए मामलों के निपटारे की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने जगदलपुर में एनआईए स्पेशल कोर्ट शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यह अदालत बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव के मामलों की सुनवाई करेगी. स्पेशल कोर्ट की जिम्मेदारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के 21 मामले विचाराधीन हैं जबकि 100 से अधिक मामले रिमांड स्तर पर हैं. अब इन मामलों की लगातार सुनवाई संभव हो सकेगी. झीरम घाटी हमला और भीमा मंडावी हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है. अब तक सुनवाई के लिए रायपुर और अन्य न्यायालयों पर निर्भरता रहती थी. स्थानीय स्तर पर कोर्ट शुरू होने से कानूनी प्रक्रिया को गति मिलेगी. अभियोजन और बचाव पक्ष के लिए भी अलग-अलग अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर दी गई है. जून और जुलाई में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है. इस फैसले को बस्तर में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.