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मूसलाधार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, सड़कें धंसी और बाजार डूबे

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी के बीच मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी सौ की रफ्तार से तूफान तो कभी मूसलाधार बारिश होने लग रही है। ऐसा ही नजारा आगरा में दिखाई दिया है। यहां बारिश ने जबरदस्त कोहराम मचाया है। सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क के बारिश में धंस जाने से इसमें 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फुट तक धंसी सड़क के गड्ढों में यह वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। नगर निगम सीएम ग्रिड (ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत शहर में पांच सड़कों को मॉडल रोड बनाने का काम हो रहा है। इनमें से एक बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई। सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। टोरंट की मरम्मत वैन, कचरा उठाने वाली गाड़ी भी फंसी। कई दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हुए। कीचड़ होने की वजह से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह देहली गेट से राजा मंडी स्टेशन की ओर चल रहे सीएम ग्रिड योजना के काम के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गई। उधर अमर होटल से विभव नगर रोड का भी कमो‌वेश यही हाल हो गया। यहां भी लोगों को परेशानी हुई। नगर निगम के दावों की खुली पोल मूसलाधार बारिश से नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आ गई, वहीं कई स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण नाले उफान पर आ गए और कई बस्तियों में पानी भर गया। घरों, गलियों और बाजारों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और गलियों में सिल्ट के ढेर लग गए। सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और रात करीब दो बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर जलभराव, कीचड़ और गंदगी का नजारा दिखाई दिया। पार्षद राकेश कन्नौजिया ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं सोहल्ला और आसपास की बस्तियों में घरों में पानी भर गया। उधर वार्ड संख्या तीन जगदीशपुरा में आंबेडकर वाटिका के पीछे नाला उफान पर आ गया। पार्षद प्रीति भारती का आरोप है कि लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में नाला सफाई के दावे हो रहे हैं मगर कुछ घंटों की बारिश ने ही सारी पोल खोल दी। इस बार भी ताजनगरी में जलभराव से बचाव के इंतजाम मुकम्मल नहीं हो पाए। सब कुछ वैसा ही नजर आया, जिसकी कल्पना से ही हर साल शहर के लोग डर जाते थे। फिर कह रहे हैं कि मानसून तो अभी आना बाकी है। बाजारों की बिगड़ी सूरत, 800 दुकानों में भरा पानी मूसलाधार बारिश ने शहर के प्रमुख बाजारों में भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे अधिक असर बिजलीघर चौराहा और आसपास के बाजारों में देखने को मिला, जहां जलभराव के कारण 800 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। राजामंडी बाजार भी रातभर पानी में डूबा रहा। मंगलवार सुबह दुकानदारों ने दुकानों में भरे पानी, कीचड़ और सिल्ट को देखकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों के अनुसार बिजलीघर, मंटोला, काजीपाड़ा और बालूगंज नालों के ओवरफ्लो होने से पानी बाजारों में भर गया। इससे बिजलीघर, शिवाजी मार्केट और छीपीटोला रोड स्थित दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उप नगर आयुक्त सरिता सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उधर राजामंडी बाजार में भी जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारी लिल्ली गोयल ने बताया कि सड़क, नाला निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस है। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने व्यापारियों को उचित मुआवजा देने और समाधान की मांग की है। टाइल्स की आवाज से जागे, घर गिरने से पहले भागे बारिश के बाद बालूगंज (रकाबगंज) क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब पौने तीन बजे एक के बाद एक चार मकान भरभराकर ढह गए। राहत की बात यह रही कि मकानों में टाइल्स टूटने और दीवारों से आवाज आने पर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे 23 लोगों की जान बच गई। हादसे में अतीश कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार एसएन में कराया गया। स्थानीय निवासी शिवम ने बताया कि तेज बारिश के दौरान उनके घर सहित विनोद कुमार, मुकेश सोनकर और अशोक के मकानों में पानी भरने लगा था। मकानों से असामान्य आवाजें आने लगीं और टाइल्स टूटने लगीं। खतरा भांपकर सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षण बाद चारों मकान ढह गए। महिलाएं व बच्चे दहशत में आ गए। सूचना पर थाना रकाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दो अन्य मकान भी एहतियातन खाली करा दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। दोपहर में नगर निगम ने जेसीबी लगाकर मलबा हटवाया और मार्ग को सुचारू कराया। हादसे में अतीश कुमार सोनकर पुत्र रामलाल, विनोद कुमार पुत्र किशोरी लाल, मुकेश सोनकर पुत्र किशोरीलाल और अशोक का मकान उजड़ गए। अपने भरे पूरे घर को मलबे में तब्दील देख घर की महिलाएं दहाड़ मार कर रो रही थी।

सीएम सैनी की मौजूदगी में डॉ. अर्चना गुप्ता ने संभाला हरियाणा भाजपा अध्यक्ष का पदभार

पंचकूला. भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता आज पंचकूला स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पंचकमल पहुंचीं, जहां उन्होंने भव्य समारोह के बीच अपने पद का औपचारिक कार्यभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में पहुंचे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं भाजपा हरियाणा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, प्रदेश सह प्रभारी सुरेन्द्र नागर, प्रदेश संगठन महामंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और रेखा शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। भाजपा हरियाणा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी मंच पर उपस्थित रहे। भाजपा नेतृत्व के अनुसार, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में संगठन की नई पारी की शुरुआत हो रही है, जिसे आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ संगठन को नई दिशा और गति मिलेगी। पंचकमल परिसर में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला और पूरे कार्यक्रम को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

बॉबी देओल की ‘बंदर’ रिलीज से पहले चर्चा में, एडवांस बुकिंग पर टिकी नजरें

बॉबी देओल की नई फिल्म बंदर का माहौल ट्रेलर आने के बाद से ही बनने लगा था. अब फिल्म की रिलीज, यानी 5 जून में बहुत दिन नहीं बचे हैं और एडवांस बुकिंग भी जल्द ही खुलने वाली है. अब सबसे बड़ा इंतजार इस बात का है कि बंदर की सोशल मीडिया वाली चर्चाएं, एडवांस बुकिंग के दमदार आंकड़ों में बदलेंगी या नहीं. क्योंकि लॉकडाउन के बाद से ही बॉबी देओल का करियर एक दमदार आर्क पर बढ़ता नजर आ रहा था, मगर इसमें एनिमल (2023) के बाद कुछ स्पीड ब्रेकर आ गए. एक पीछे छूट गए हीरो के शानदार कमबैक की कहानी, बॉबी के बड़े भाई सनी देओल ने तो गदर 2 के साथ बड़े ही शानदार तरीके से पूरी की है. लेकिन बॉबी के लिए बंदर की सक्सेस, उनके कमबैक आर्क का सबसे बड़ा धमाका बन सकती है. हालांकि, बंदर के इस खेल में एक बड़ा रिस्क भी छिपा है. बॉबी के फैंस को 'बंदर' से क्यों है बड़े खेल की उम्मीद? बॉबी देओल अब सिर्फ जनता में पॉपुलर हीरो नहीं हैं, वो अपने-आप में एक 'पॉप-कल्चर एलीमेंट' बन गए हैं. 90s के अंत और 2000s की शुरुआत में बॉबी एक स्टार थे— अपने नाम पर फिल्म चलाने वाले स्टार, जिनका करियर और फिल्में चमक-दमक से भरी थीं. स्टारडम की खासियत और बुराई, दोनों यही है कि स्टार के एक्टिंग टैलेंट पर बहुत ध्यान नहीं दिया जाता, मैटर करती है तो बस थिएटर्स में भीड़ खींचने की उसकी पावर. 2010 के आसपास उनका स्टारडम फीका पड़ने लगा तो सामने आने वाले प्रोजेक्ट्स की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों कमजोर हो गई. 2018 में रेस 3 से सलमान खान ने दोबारा उन्हें एक 'स्टार' की तरह पेश किया और बॉबी का नेचुरल ऑरा लोगों को फिर दिखने लगा. लेकिन अपने कमबैक के लिए बॉबी सिर्फ स्टार वाले भौकाल पर डिपेंड होकर नहीं आए थे, वो अपने एक्टिंग वाले हुनर को भी धार दे रहे थे, ये बात उन्होंने खुद मानी है. इसी का कमाल था कि प्रकाश झा ने उन्हें अपनी वेब सीरीज आश्रम में लिया और अतुल सभरवाल ने Class of 83 में उन्हें एक यंग पुलिस एनकाउंटर टीम के मेंटोर का रोल दिया. ये दोनों प्रोजेक्ट अगस्त 2020 में लोगों के सामने आए और बॉबी की एक्टिंग परफॉर्मेंस वाली साइड देखकर लोगों का मुंह खुला रह गया. आश्रम के चार सीजन्स, लव हॉस्टल, और एनिमल से बॉबी का भौकाल बढ़ता ही चला गया. दर्शकों की एक पूरी नई जेनरेशन ने 'लॉर्ड बॉबी' को डिस्कवर किया. लेकिन एनिमल के बाद बॉबी के भौकाल का असर खुलकर धमाके करने से थोड़ा चूक रहा है. उन्होंने साउथ में तमिल फिल्म कंगुवा, तेलुगु में डाकू महाराज और हरिहर वीर मल्लू जैसी फिल्में ट्राई कीं, लेकिन कुछ खास भला नहीं हुआ. आखिरकार आर्यन खान की वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड ने बॉबी की चमक थोड़ी बढ़ाई, लेकिन धीरे-धीरे वो मिडिल एज्ड सपोर्टिंग हीरो या विलेन के रोल में फंसते जा रहे हैं. क्यों धमाका कर सकती है 'बंदर'? लॉर्ड बॉबी को लगातार सेलिब्रेट करने वाली जनता को अब उनकी सोलो हिट का इंतजार है— एक ऐसी फिल्म जिसमें बॉबी लीड रोल में दिल जीत लें, सपोर्टिंग या नेगेटिव रोल में न हों. और बंदर का ट्रेलर दिखा चुका है कि इस फिल्म में वो बात है. इसके डायरेक्टर अनुराग कश्यप हैं, जिनके साथ काम करना भर ही एक एक्टर के दमदार होने की पहचान है. उनकी फिल्मों का संसार बहुत रियलिस्टिक होता है और बॉबी जैसे 'स्टार' एक्टर को अनुराग के सिनेमा-संसार में देखना ही ऑडियंस को एक एक्साइटिंग पॉइंट लग रहा है. ट्रेलर में ही बॉबी की परफॉर्मेंस दमदार नजर आ रही है. फिल्म को जनता का पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ मिल गया, तो कमाल होना तय है. मगर इस कमाल के रास्ते में एक रिस्क भी है. कैसे 'बंदर' के लिए स्पीड ब्रेकर बन सकता है अनुराग का नाम? अनुराग कश्यप, भारत के सबसे उम्दा फिल्ममेकर्स में से एक हैं, इस बात पर कभी किसी को कोई शक नहीं रहा. मगर गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद से ही जनता उनकी फिल्मों के लिए थिएटर में पहले जैसी एक्साइटमेंट नहीं दिखा रही. अनुराग की फिल्मों पर दर्शकों का रिस्पॉन्स अब कुछ ऐसा हो चुका है कि 'ओटीटी पर देखो और सोशल मीडिया पर तारीफों की झड़ी लगा दो', लेकिन टिकट खरीद कर थिएटर्स में देखने के नाम पर दर्शक पीछे सरक लेते हैं. अनुराग की डायरेक्ट की हुई पिछली कई फिल्मों के साथ यही हुआ है— मुक्काबाज, मनमर्जियां, दोबारा, केनेडी और निशानची के दोनों पार्ट्स इसका उदाहरण हैं. अनुराग की फिल्मों को मिलने वाला ये 'ओटीटी फ्रेंडली' रिस्पॉन्स ही बंदर के लिए सबसे बड़ी दिक्कत बन सकता है. हालांकि, बॉबी के लिए फैंस का प्यार दर्शकों को थिएटर तक खींचने का दम रखता है. शुक्रवार, 5 जून को बंदर रिलीज होगी और तभी पता चलेगा कि अनुराग और बॉबी का ये अनोखा कॉम्बो बॉक्स ऑफिस पर क्या खेल दिखाता है.

नमो घाट के पास मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, हटाए गए अवैध कब्जे

वाराणसी वाराणसी में नमो घाट के पास बनने वाले मॉडल स्टेशन के लिए देर रात कब्रिस्तान और अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) पर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया। मस्जिद के पास के कब्रिस्तान से जुड़ी भूमि से भी अवैध कब्जे हटा दिए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और रेलवे की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान कई थानों की पुलिस भारी संख्या में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया था। हालांकि किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है। उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजनाओं से संबंधित इस भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों में विवाद था। वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी "अजगैब मस्जिद" बुलडोजरों से ढहा दी गयी. 2024 में हुई पैमाइश में यह खुलासा हुआ कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नही हटाई गयी. अब प्रशासन ने कई बुलडोजर लेकर मस्जिद जमीदोज कर दी है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार रात संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी। नमो घाट के पास काशी स्टेशन पर होंगी कई सुविधाएं वाराणसी में नमो घाट के ठीक ऊपर स्थित काशी स्टेशन पर कई सुविधाएं विकसित होने जा रही हैं। यहां प्रस्तावित एयर कॉनकोर्स (गलियारा) दोनों भवनों को जोड़ेगा। लगभग 200 मीटर लम्बा और 100 मीटर लम्बा वातानुकूलित कॉनकोर्स न सिर्फ यात्रियों के लिए पैदल पारपथ (एफओबी) होगा, बल्कि इसमें बैठने की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल और लाउंज होंगे। खरीदारी के लिए फूड और मल्टीपरपज स्टॉल भी बनेंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। काशी स्टेशन का तकरीबन 350 करोड़ से मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। अपग्रेडेशन होने के बाद राजघाट साइड में काशी स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार हो जाएगा, जबकि वर्तमान प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री (द्वितीय प्रवेश द्वार) हो जाएगा। इसके अलावा टिकट घर, रिजर्वेशन काउंटर, पार्किंग, अत्याधुनिक टॉयलेट, वेटिंग हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भविष्य में काशी स्टेशन की यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। इसके तहत पटरियों और प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान प्लेटफॉर्मों की लम्बाई भी बढ़ेगी। फिलहाल काशी स्टेशन पर दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एयर कॉनकोर्स बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेने समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव बन रहा है। लखनऊ जंक्शन (चारबाग) के बाद उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) का यह दूसरा कॉनकोर्स होगा। यह भवनों की दूसरी मंजिल से जुड़ेगा। यह चौड़े पुल या छत की तरह प्लेटफॉर्म से काफी ऊंचाई पर स्थित होगा। उत्तर रेलवे के एडीआरएम बृजेश कुमार यादव के अनुसार काशी स्टेशन पर मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों और एयर कॉनकोर्स के निर्माण समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

गर्मियों में टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं एलोवेरा और मिल्क पाउडर फेस पैक

 तेज धूप और गर्म हवाओं का सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है. लंबे समय तक धूप में रहने से चेहरे पर टैनिंग, कालापन और रूखापन नजर आने लगता है. गर्मियों में लोग सनटैन से सबसे ज्यादा परेशान होते हैं और कुछ लोग तो इसे हटाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, मगर घर में मौजूद चीजों से आप आसानी से अपनी काली पड़ी स्किन को चमका सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप भी टैनिंग से परेशान हैं तो आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं, जो आपके काफी काम आ सकता है. मिल्क पाउडर और एलोवेरा का फेस पैक तेज धूप से काली पड़ी स्किन को साफ करने में काफी असरदार उपाय माना जाता है. एलोवेरा-मिल्क पाउडर फेस पैक के फायदे एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. वहीं मिल्क पाउडर में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन हटाकर चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है. इन दोनों का कॉम्बिनेशन सनटैन हटाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, इसलिए दादी-नानी के जमाने यह नुस्खा इस्तेमाल किया जा रहा है. फेस पैक बनाने का तरीका     1 बड़ा चम्मच मिल्क पाउडर     2 बड़े चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल     आधा चम्मच शहद     कुछ बूंदें गुलाब जल इन सभी चीजों को एक बाउल में अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. कैसे करें इस्तेमाल सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से साफ कर लें. अब तैयार फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं. करीब 15 से 20 मिनट तक इसे सूखने दें. इसके बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. हफ्ते में 2 से 3 बार इस पैक का इस्तेमाल करने से स्किन की टैनिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और चेहरा साफ, मुलायम और ग्लोइंग नजर आने लगता है. त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे     सनटैन और कालापन कम करने में मदद     स्किन को ठंडक और हाइड्रेशन     डेड स्किन हटाने में सहायक     चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद     स्किन को मुलायम और फ्रेश बनाएगी इन बातों का रखें ध्यान अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो इस फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. साथ ही धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें, ताकि आपकी स्किन को दोबारा नुकसान न पहुंचे.

15 दिन में शिकायत निस्तारण के निर्देश, सीएम योगी ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

 गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि मामलों का निस्तारण 15 दिन के अंदर करें। इसके साथ ही पीड़ित से फीडबैक भी लें। कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जमीन विवाद को लेकर आए फरियादियों को सुन दबंगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आए लोगों को आश्वासन दिया कि सभी का इलाज होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एस्टीमेट मंगवाएं ताकि धन उपलब्ध कराया जा सके। जनता दर्शन में सीएम ने 200 से अधिक लोगों की फरियाद सुनी और कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं, हर समस्या का समाधान होगा। बता दें कि सीएम योगी जब कभी गोरखपुर में होते हैं तो वह गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते और समाधान के निर्देश देते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने फरियादियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों के समाधान के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने कहा था कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सीएम योगी ने फरियाद लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाज के हर जरूरतमंद के लिए आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई, विवाह से लेकर निराश्रित, बुजुर्ग के पेंशन तक सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमाफिया की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करें और केस दर्ज कर जेल भेजें। इलाज के लिए मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में अधिकारियों से एस्टीमेट उपलब्ध कराने को कहा।

एंट्री टैक्स विवाद ने पकड़ा तूल, निहंग सिंहों ने हिमाचल में शुरू की अलग टैक्स वसूली

कीरतपुर साहिब/रूपनगर. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है। एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी। फैसला वापस लेने की रखी मांग इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निहंग सिंहों ने दी चेतावनी निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

इंडसइंड बैंक की मुश्किलें गहराईं! 2000 करोड़ की गड़बड़ी के बाद अब PMO-RBI में शिकायत

मुंबई  प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख बैंक इंडसइंड बैंक की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बैंक में करीब ₹2,000 करोड़ की डेरिवेटिव्स अकाउंटिंग गड़बड़ी सामने आने के बाद अब एक व्हिसलब्लोअर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कई अन्य नियामक एजेंसियों से मामले की जांच की मांग की है। मामले से जुड़े डॉक्यूमेंट्स के अनुसार शिकायत की प्रतियां गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) और अन्य एजेंसियों को भी भेजी गई हैं। इस खबर के बाद शुरुआती कारोबार में ही इंडसइंड बैंक के शेयर आज करीब 2.50 प्रतिशत से अधिक नीचे 888.80 रुपये पर आ गए। अंदरूनी कारोबार और गवर्नेंस में खामियों के आरोप इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक शिकायत में बैंक के पूर्व पूर्वी भारत जोनल हेड समीर अग्रवाल पर इनसाइडर ट्रेडिंग यानी गोपनीय जानकारी के आधार पर शेयर ट्रेडिंग का आरोप लगाया गया है। व्हिसलब्लोअर का दावा है कि समीर अग्रवाल ने बैंक की गोपनीय जानकारियों का इस्तेमाल करते हुए अपने परिवार और संबंधित संस्थाओं के जरिए शेयरों में कारोबार कराया। आरोप है कि सार्वजनिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने से पहले करीब ₹815 करोड़ के शेयर डील के जरिए लगभग ₹46 करोड़ का लाभ कमाया गया। माइक्रोफाइनेंस लोन और ऑडिट रिपोर्ट को लेकर भी सवाल शिकायत में केवल इनसाइडर ट्रेडिंग ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर, माइक्रोफाइनेंस लोन की एवरग्रीनिंग, ऑडिट निष्कर्षों को दबाने और कथित अनियमितताओं को छिपाने के प्रयास शामिल हैं। व्हिसलब्लोअर का आरोप है कि बैंक के कुछ सीनियर अफसरों और बोर्ड के सदस्यों ने इन मुद्दों को दबाने की कोशिश की। इंडसइंड बैंक ने आरोपों को किया खारिज बता दें इकनॉमिक टाइम्स द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में इंडसइंड बैंक ने इन आरोपों को खारिज किया है। बैंक ने कहा कि वह व्हिसलब्लोअर द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं करता। बैंक के अनुसार सभी शिकायतों की आंतरिक रूप से जांच की गई है और आवश्यक कार्रवाई नियामकीय नियमों तथा बैंक की नीतियों के अनुसार की गई है। बैंक ने यह भी कहा कि कुछ मामलों की जानकारी उसने स्वयं संबंधित अधिकारियों को दी थी। चूंकि मामला अभी समीक्षा के दायरे में है, इसलिए बैंक इस पर और टिप्पणी नहीं करेगा। बढ़ सकती है नियामकों की निगरानी विशेषज्ञों का मानना है कि ₹2,000 करोड़ की अकाउंटिंग गड़बड़ी के बाद सामने आई इस नई शिकायत से इंडसइंड बैंक पर नियामकीय निगरानी और बढ़ सकती है। अगर जांच एजेंसियां आरोपों में प्रथम दृष्टया सच्चाई पाती हैं, तो बैंक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच शुरू हो सकती है।

खाद की कालाबाजारी पर बिलासपुर प्रशासन सख्त, रेड में मिला भारी मात्रा में अवैध भंडारण

बिलासपुर. बिलासपुर जिले में खाद की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन का एक्शन जारी है. कार्रवाई के दौरान मल्हार और सेन्दरी में छापेमारी की. इस दौरान बड़ी मात्रा में छिपाकर रखा गया खाद्द जब्त किया गया. कार्रवाई के दौरान मल्हार स्थित अग्रवाल खाद भंडार से यूरिया, एनपीके और एसएसपी खाद बरामद की गई, जबकि सेन्दरी के बंसल फर्टिलाइजर में छिपाकर रखी गई खाद भी जब्त की गई. जांच में अवैध भंडारण पाए जाने पर संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद से खाद कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए शनिवार और रविवार को भी सहकारी समितियां खुली रखने का निर्णय लिया है. खरीफ सीजन के लिए जिले को 68,950 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य मिला है. अधिकारियों के अनुसार जिले में यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके और एसएसपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.

कॉपी में लिखी ऐसी अपील, पढ़कर सोच में पड़ गए परीक्षक

रुहेलखंड नंबर बढ़ाने के लिए कॉपी में तरह-तरह की गुजारिशें लिखी मिलने का मामला नया नहीं है। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा से लेकर यूनिवर्सिटी तक की परीक्षा में कई छात्र और छात्राओं की ऐसी अपीलें लिखी दिख जाती हैं। कई बार तो कॉपियों में रुपए रखे भी मिले हैं। ऐसी गुजारिशों को अक्सर परीक्षक मुस्कुराकर टाल जाते हैं लेकिन रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बीए थर्ड इयर की एक छात्रा ने अपनी कॉपी पर ऐसी बात लिख दी कि कॉपी जांचने वाले परीक्षक भी हैरान रह गए और थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ गए। छात्रा ने अपनी आंसर कॉपी में बेहद संवेदना भरे मैसेज लिखकर शिक्षक से अपील की। छात्रा ने लिखा कि प्लीज मुझे बेहतर नंबर दे दीजिए, नहीं तो घर वाले मेरी शादी करा देंगे। उसने कॉपी में यह भी लिखा कि मुझे मालूम है कि ये गलत है पर भविष्य का सवाल है। मैं अभी शादी नहीं करना चाहती। छात्रा ने यह भी लिखा कि उसे मालूम है कि यह गलत है लेकिन वह अभी शादी नहीं करना चाहती है और ऐसी स्थिति में वह अच्छे नंबर देने की गुजारिश कर रही है। छात्रा द्वारा कॉपी में लिखी गई पूरी बात बता दें कि इस समय रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कॉपियों के मूल्यांकन का काम चल रहा है। ऐसे में बीए तृतीय वर्ष का छात्रा की आदरणीय मैम, सर को संबोधित यह मैसेज ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आया। मुरादाबाद के एक केंद्र पर ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आए इस मैसेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने कहा कि घर वाले मेरी शादी कराना चाहते हैं। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। मैं अभी सिर्फ 21 साल की हूं। दो साल का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं हैं। किसी गर्वनमेंट यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए 60 प्रतिशत अंक चाहिए। इसे पूरा करने के लिए कम से कम 35 या 40 नंबर दे दीजिए, जिससे 60 प्रतिशत प्लस रिजल्ट बन जाए। कॉपी पर लिखे मैसेज में छात्रा ने 50 नंबर के पेपर में 40 नंबर की मांग की है। उसने यह भी लिखा कि ये गलत है मैं ये जानती हूं, पर प्लीज ज्यादा नंबर देकर मेरी मदद कीजिए।