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Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत, चार दिन बाद फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में आज से दो दिन ऑरेंज अलर्ट है। मंगलवार को मौसम शुष्क रहने से तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज और कल कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद पांच और छह जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सात जून से मौसम के फिर शुष्क होने की संभावना है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।  अमृतसर में 38.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.0 डिग्री, फरीदकोट में 38.5 डिग्री, गुरदासपुर में 36.5 डिग्री, फिरोजपुर में 38.2 डिग्री, होशियारपुर में 35.7 डिग्री और रूपनगर में 37.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

कानून व्यवस्था को लेकर ADGP कौस्तुभ शर्मा सख्त, पुलिस को दिए सतर्कता बढ़ाने के आदेश

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सुरक्षा प्रबंधों को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) कौस्तुभ शर्मा ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अंतर्गत आने वाले बडाली आला सिंह पुलिस थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के कामकाज, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता देखने को मिली। एडीजीपी कौस्तुभ शर्मा ने थाने के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से थाने में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय और सुचारु रूप से कार्य कर रहे हों। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर दिया जोर उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का हर समय सक्रिय रहना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी तंत्र में किसी प्रकार की तकनीकी कमी नहीं होनी चाहिए और नियमित रूप से इसकी जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान एडीजीपी ने क्षेत्र में पुलिस द्वारा स्थापित सुरक्षा नाकों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली और उन्हें पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। कौस्तुभ शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए क्षेत्र में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और खुफिया सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने की भी हिदायत दी। इस निरीक्षण के दौरान फतेहगढ़ साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, बसी पठाना के उप पुलिस अधीक्षक राजकुमार शर्मा तथा बडाली आला सिंह थाने के प्रभारी मनप्रीत सिंह देओल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एडीजीपी को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण उपायों और पुलिस से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने पर दिया जोर पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा पुलिस तंत्र की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है। एडीजीपी के दौरे के बाद स्थानीय पुलिस को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस लगातार राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए जा रहे निरीक्षणों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Mumbai Weather Alert: तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी, मॉनसून को लेकर आई बड़ी खबर

मुंबई  महाराष्ट्र में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में आंधी और तूफान की संभावनाएं जताई हैं। खास बात है कि मॉनसून की एंट्री का तारीख नजदीक आने के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने लगा है। कहा जा रहा है कि पुणे में पूरे सप्ताह बारिश की संभावनाएं जताई जा रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 4 जून को मॉनसून केरल में दस्तक दे सकता है। खबर है कि मुंबई और पुणे के साथ ठाणे और पालघर जिले में येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। यहां बारीश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र बेल्ट में प्री मॉनसून गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं। ऐसे में क्षेत्र में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। खास बात है कि महाराष्ट्र के कई जिले लंबे समय से उमस और गर्मी का सामना कर रहे थे। ऐसे में बारिश तापमान राहत दे सकती है। 4 जून तक मुंबई में बारिश खास बात है कि इस सप्ताह की शुरुआत से ही मुंबई में बारिश दर्ज की जा रही थी। अब संभावनाएं हैं कि 4 जून तक शहर में बारिश हो सकती है। वहीं, पुणे में कम से कम 6 जून तक हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल, शहर में 3 और 5 जून को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 4 जून को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस दौरान बारिश जारी रहने की संभावनाएं हैं। मौसम के जानकारों का कहना है कि अगले 5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान इनकी रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि इस दौरान आंधी-तूफान के साथ कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। खास बात है कि एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि बारिश के मौजूदा दौर का मॉनसून के आगमन से लेना देना नहीं है। महाराष्ट्र में मॉनसून क्षेत्रीय मौसम विभाग का कहना है कि प्री मॉनसून गतिविधियों के लिए पूरे महाराष्ट्र में स्थिति अनुकूल हैं। दोपहर और शाम के समय में बारिश की ज्यादा संभावनाएं हैं। 4 जून को आएगा मॉनसून मंगलवार को IMD ने बताया कि मॉनसून 4 जून के आसपास केरल पहुंच सकता है। आईएमडी ने अपने दैनिक पूर्वानुमान में कहा, 'दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप तथा केरल और तमिलनाडु के कुछ भागों में चार जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।' आईएमडी ने पहले अनुमान जताया था कि केरल में मानसून की दस्तक 26 मई के आसपास होगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। बाद में विभाग ने 29 मई को कहा कि मानसून अगले हफ्ते पहुंच सकता है।

सोनाली चिकन: ब्रायलर और देसी मुर्गे के बीच का नया हेल्दी विकल्प

 आज के समय में चिकन की काफी डिमांड है क्योंकि नॉनवेजिटेरियन लोगों के लिए वो एक प्रोटीन का अच्छा सोर्स है. मार्केट में चिकन की बढ़ती कीमतों और ब्रायलर चिकन के बारे में सोशल मीडिया पर आए दिन आ रही खबरों के कारण अक्सर लोग कुछ नए ऑपशंस की तलाश में रहते हैं. यदि आप नॉनवेज के शौकीन हैं तो बाजार में इन दिनों एक ऐसे चिकन की चर्चा है जिसका नाम सुनते ही लोग काफी शॉक होते हैं. हम बात कर रहे हैं 'सोनाली चिकन' की. इसके नाम के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है. यदि आप भी चिकन खाने के शौकीन हैं और हेल्थ के साथ समझौता किए बिना बजट में बेस्ट स्वाद चाहते हैं तो सोनाली चिकन आपके लिए सबसे सही चॉइस हो सकता है. इसका कारण है कि यह चिकन न केवल दिखने में बल्कि स्वाद में भी पूरी तरह देसी मुर्गे जैसा होता है लेकिन इसकी कीमत काफी कम होती है. तो आइए जानते हैं ये चिकन की कौन सी ब्रीड है और देसी चिकन की तुलना में कितनी फायदेमंद है. क्या है सोनाली चिकन ब्रीड? इस अनोखी ब्रीड के मुर्गों के पंख सुनहरे-पीले और चमकीले होते हैं जो देखने में बिल्कुल सोने की तरह चमकते हैं. इसी गोल्डन वाइब के कारण इसका नाम सोनाली रखा गया है. सोनाली चिकन कोई साधारण ब्रीड नहीं है बल्कि यह रोड आइलैंड रेड (RIR) और फायौमी (Fayoumi) मुर्गों का एक स्पेशल क्रॉस-ब्रीड है. इस ब्रीड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से नेचुरल और देसी चिकन की तरह फील देता है. जहां एक तरफ नॉर्मल ब्रायलर चिकन के पेट और स्किन के पास काफी ज्यादा फैट जमा होता है वहीं सोनाली चिकन में एब्डोमिनल फैट (पेट की चर्बी) न के बराबर होता है. फैट न होने के कारण इसके मांस को लीन और हाई-क्वालिटी का माना जाता है. कम फैट होने के कारण जिम जाने वाले और अपनी फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोग इसे काफी पसंद करते हैं. सोनाली चिकन के न्यूट्रिशन रोड आइलैंड रेड + फेयूमी के क्रॉस ब्रीड सोनाली चिकन की 100 ग्राम मात्रा में कपरीब 165-175 कैलोरीज होती हैं. इसके अलावा 20-23 ग्राम प्रोटीन, 7-9 ग्राम कुल फैट, सैचुरेट फैट-2-2.5 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल 70-80 मिग्रा, आयरन 1.2-1.5 मिग्रा, कैल्शियम 10-15 मिग्रा, विटामिन बी12- 0.3-0.5 मिग्रा होता है. सोनाली मुर्गी के अंडे में प्रति अंडा (50g) 70-75 कैलोरी, 6-7 ग्राम प्रोटीन, फैट 5 ग्राम होता है. यदि मुर्गी को कीड़े-मकोड़े खिलाए जाएं तो अंडों में प्रोटीन और बढ़ जाता है. 3 महीने में मांस के लिए और 4 महीने बाद अंडे देना शुरू करती है. क्या कहती है रिसर्च? पबमेड सेंट्रल (PMC) में पब्लिश्ड रिसर्च के अनुसार, सोनाली चिकन का मीट ब्रायलर के मुकाबले इंसानी शरीर के लिए ज्यादा बेहतर पाया गया है. रिसर्च में देखा गया कि सोनाली चिकन खाने से ब्लड में कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कंट्रोल रखने में काफी मदद मिलती है जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है और हार्ट की बीमारियों का जोखिम भी कम होता है. सोनाली चिकन में खतरनाक लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले फैक्टर्स बहुत कम होते हैं. डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि कम फैट और बेहतर लिपिड प्रोफाइल की वजह से यह चिकन दिल की बीमारियों और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ब्रायलर के मुकाबले एक सेफ चॉइस है. कैसे तैयार होती है ये ब्रीड? रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाली चिकन सिर्फ खाने वालों के लिए ही नहीं बल्कि इसे पालने वाले किसानों के लिए भी फायदे का सौदा साबित हो रहा है. यह ब्रीड भारत और बांग्लादेश के गर्म और ट्रॉपिकल क्लाइमेट में बहुत आसानी से सरवाइव कर लेती है. ब्रायलर मुर्गों की तुलना में इन्हें बहुत ज्यादा केयर, महंगी दवाओं या स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती. हालांकि, इनका ग्रोथ रेट ब्रायलर से थोड़ा धीमी होता है और इन्हें तैयार होने में करीब 60 दिन का समय लगता है. लेकिन मार्केट में इनकी अच्छी और स्टेबल कीमत मिलने के कारण किसानों का नेट प्रॉफिट मार्जिन काफी ज्यादा रहता है.

फसल पंजीयन की तारीख घोषित, किसान आईडी और खसरे की कॉपी के बिना नहीं होगा आवेदन

जांजगीर-चांपा. खरीफ वर्ष 2026 में कृषकों के प्रक्षेत्र पर उत्पादन कार्यक्रम के तहत फसल पंजीयन किया जाना है. बीज उत्पादन कार्यक्रम का आयोजन 10 जून से 24 जून तक जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले के सभी विकास खंडों में आयोजित की जाएगी. उप प्रबंधक व बीज प्रबंधक नम्रता तिवारी ने बताया कि बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत पंजीयन कार्य विकासखंड बम्हनीडीह में 10 जून को, अकलतरा विकासखंड में 11 जून को, पामगढ़ विकासखंड में 12 जून को, बलौदा विकासखंड में 15 व 16 जून को, नवागढ़ विकासखंड में 17 व 18 जून को प्रातः 10 बजे से सायं 05.30 बजे तक बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजन कर पंजीयन कार्य किया जाएगा. सक्ती जिले अंतर्गत विकासखंड सक्ती में 19 जून को, डभरा ब्लाक में 22 जून को जैजैपुर ब्लाक में 23 जून को एवं मालखरौदा में 24 जून को प्रातः 10 बजे से सायं 5.30 बजे तक बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजन कर पंजीयन कार्य किया जाएगा. कृषकों को पंजीयन हेतु किसान आईडी एग्रीटेक क्रमांक, पासपोर्ट साईज 1 नवीन कलर फोटो, बी-1 एवं खसरा की नकल संबंधित पटवारी से सत्यापित कराकर एवं आधार कार्ड, पैन कार्ड, चालू मोबाईल नम्बर तथा बैंक पास बुक की छायाप्रति पंजीयन के समय एक प्रति के साथ पंजीयन कार्यवाही कराना होगा.

गोवर्धन से गिरफ्तारी के बाद खुल रहे राज, ‘प्रवचनकर्ता’ पर दुष्कर्म और शोषण के आरोप

मथुरा IIT रुड़की से पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक मिश्रा ने नौकरी नहीं, बल्कि प्रवचन का रास्ता चुना. कुछ ही वर्षों में वह ऑनलाइन माध्यम से युवाओं के बीच पहचान बनाने लगा. लेकिन मथुरा के गोवर्धन से हुई उसकी गिरफ्तारी के बाद वही पहचान जांच के घेरे में है. पुलिस का आरोप है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर उसने युवतियों का विश्वास जीता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लिया. अब हर दिन सामने आ रहे नए तथ्य इस मामले को और गंभीर बनाते जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है. उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भगवद्गीता तथा आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन शुरू कर दिए. धीरे-धीरे उसकी पहचान एक ऐसे युवा प्रवचनकर्ता के रूप में बनने लगी जो आधुनिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान का मिश्रण पेश करता था. यहीं से उसकी पहुंच देश के अलग-अलग राज्यों तक बननी शुरू हुई. पहला कदम ऑनलाइन प्रवचन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का सबसे बड़ा हथियार उसका ऑनलाइन नेटवर्क था. वह इंटरनेट के माध्यम से युवाओं से जुड़ता था. धार्मिक चर्चा, आत्मिक शांति, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों पर बातचीत कर वह लोगों का विश्वास जीतता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं. कुछ बीटेक और एमटेक कर चुकी थीं तो कुछ उच्च शिक्षित परिवारों से थीं. पुलिस का मानना है कि आरोपी विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो जीवन में किसी भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक उलझन से गुजर रहे हों. पहले विश्वास कायम किया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें परिवार से दूर रहने तथा समूह के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था. गंधर्व विवाह का दावा और शारीरिक संबंधों के आरोप मामले में सबसे गंभीर आरोप एक पीड़िता के बयान के बाद सामने आए. पुलिस के अनुसार पीड़िता ने बताया कि अभिषेक मिश्रा कथित तौर पर यह कहकर युवतियों को भ्रमित करता था कि उनका गंधर्व विवाह हो चुका है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी आधार पर वह शारीरिक संबंध बनाता था. पीड़िता की शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ऐसी घटनाएं सिर्फ एक पीड़िता तक सीमित थीं या फिर अन्य युवतियां भी इसी तरह के दबाव और भ्रम का शिकार हुईं. पहले भी उठे थे सवाल, लेकिन नहीं खुल पाया था पूरा राज पूरे मामले का एक दिलचस्प और अहम पहलू यह भी है कि अभिषेक मिश्रा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था. उस दौरान काफी हंगामा हुआ था. हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवती के साथ आए लोग उसके परिजन ही थे. उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब अधिकारियों का मानना है कि उसी दौरान कई संकेत मिल गए थे कि वहां कुछ असामान्य गतिविधियां चल रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय वहां करीब दो दर्जन युवक-युवतियां मौजूद थीं. हालांकि समय के साथ अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर इतने लोग वहां क्यों पहुंचे और बाद में क्यों लौट गए. परिवारों से दूरी, भावनात्मक दबाव और पैसों की जांच मथुरा पुलिस अब सिर्फ दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है. जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उनके परिवारों के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे. आरोप है कि भावनात्मक दबाव बनाकर आर्थिक मदद लेने की कोशिश की जाती थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का आर्थिक शोषण हुआ था और यदि हुआ तो उसकी प्रकृति क्या थी. पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है. मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो बने जांच का अहम हिस्सा जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ चित्रों में आरोपी युवतियों के साथ आपत्तिजनक और अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. हालांकि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुलिस इन्हें केस के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर रही है. इसके अलावा जिन परिवारों के पास इस तरह की कोई अन्य सामग्री मौजूद है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है ताकि जांच को और मजबूत बनाया जा सके. मां भी छोड़ गई थी साथ  पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में अभिषेक की मां भी उसके साथ रहती थीं. लेकिन बाद में वह वहां से चली गईं. अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने वहां से दूरी बनाई. पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को बरामद किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें. इस प्रक्रिया में विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है.  स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने बयान दिए हैं कि आरोपी अपने समूह से बाहर भी स्थानीय युवतियों और परिवारों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था. यदि जांच में यह तथ्य पुष्ट होता है तो मामला और गंभीर हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है.

केवल ढिल्लों ने संभाला पंजाब BJP अध्यक्ष पद का कार्यभार, हरियाणा के मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रधान केवल ढिल्लों ने आज चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, हरियाणा के सीएम नायब सैनी, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वरिष्ठ नेता तरूण चुघ भी माैजूद रहे।    नियुक्त होते ही फिल्ड में हुए एक्टिव केवल सिंह ढिल्लों पंजाब बीजेपी के पहले जाट सिख प्रधान हैं। वह दो दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। लंबे समय तक वह कांग्रेस में रहे और विधायक भी रह चुके हैं। उद्योग जगत में भी उनकी पहचान रही है। पद संभालने के बाद से वह सक्रिय हो गए हैं। पहले चरण में उन्होंने बीजेपी नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मुलाकात की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठा दिया सवाल जैसे ही केवल ढिल्लों के नाम का ऐलान हुआ, उसके तुरंत बाद इस नियुक्ति पर उनके ही करीबी माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि “केवल ढिल्लों मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भाजपा अध्यक्ष के रूप में सही विकल्प नहीं हैं।” उन्होंने इस फैसले से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने ढिल्लों के नाम की कोई सिफारिश नहीं की थी। उनका मानना है कि जाखड़ को हटाकर ढिल्लों को लाना सही फैसला नहीं है और पार्टी को ऐसे नेता की जरूरत थी जो संगठन को आगे ले जा सके। वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में “नेतृत्व आउटसोर्स” करने को मजबूर है क्योंकि उसके पास अपने खेमे का कोई योग्य चेहरा नहीं है। लगातार दूसरी बार (पहले सुनील जाखड़ और अब ढिल्लों) किसी पूर्व कांग्रेसी को कमान दी गई है। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले उन्हें हारा हुआ नेता बताया, लेकिन बाद में कहा कि वह अभी उनका काम देखकर ही टिप्पणी करेंगे। पंजाब BJP ने यह फैसला क्यों लिया, 4 वजहें चुनाव से पहले सिख चेहरा जरूरी: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां सिख चेहरे की अगुआई जरूरी थी। पंजाब में सिख सेंटिमेंट्स बहुत ज्यादा रहते हैं। ऐसे में सिख चेहरे को प्रधान की कुर्सी सौंपने से भाजपा को उम्मीद है कि सिख उनके प्रति आकर्षित होंगे। अभी 2 हिंदू चेहरों के पास थी अगुआई: पंजाब में भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा थे। ऐसे में दोनों ही बड़े पदों पर हिंदू चेहरे थे। भाजपा नहीं चाहती थी कि पंजाब में चुनाव के दौरान भी उन पर सिर्फ हिंदुओं की पार्टी की ठपा लगा रहे। इस फैसले से ये मैसेज जाए कि भाजपा सिख चेहरों को आगे नहीं लाना चाहती। सुनील जाखड़ इस्तीफा दे चुके थे: प्रधान सुनील जाखड़ 2024 में ही पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस दौरान भाजपा 13 में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इसके बाद जाखड़ काफी टाइम तक एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूर रहे। मगर, कुछ समय से वह एग्रेसिव ढंग से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। फिर भी जातीय समीकरण साधने की चुनावी मजबूरी के चलते भाजपा को उन्हें हटाना पड़ा। कैप्टन अमरिंदर को भी खुश किया: पंजाब के 2 बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह की लगातार शिकायत थी कि भाजपा में आने के बाद उनसे पंजाब को लेकर कुछ नहीं पूछा जाता। अब भाजपा ने उनके ही करीबी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी है। ऐसे में अब कैप्टन भी चुनाव में खुलकर काम करते दिखाई दे सकते हैं।

IPL 2026 स्टार वैभव सूर्यवंशी की कमाई में उछाल, मैदान के बाहर भी छाए

नई दिल्ली इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 में अपने बल्ले से हाहाकार मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) अब मैदान के बाहर भी बड़ी कमाई की ओर बढ़ रहे हैं. महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बन चुके वैभव की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपनी एंडोर्समेंट फीस लगभग दोगुनी कर दी है और अब एक विज्ञापन डील के लिए 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की चार्ज कर रहे हैं. वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जिसने पूरे सीजन में क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया. उनके इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हे और मोस्ट वैल्युबल (MVP) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले वैभव फिलहाल 1.10 करोड़ रुपये के सालाना IPL कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. हालांकि IPL नियमों के चलते उनकी सैलरी में तत्काल बदलाव नहीं होगा और इसके लिए उन्हें अभी इंतजार करना पड़ सकता है. लेकिन ब्रांड मार्केट में उनकी कीमत तेजी से बढ़ चुकी है. मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2026 शुरू होने से पहले वैभव ने कुछ प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये प्रति डील के हिसाब से करार किए थे. इनमें कॉम्पलैन और रेड बुल जैसे बड़े नाम शामिल हैं. अब उनके शानदार सीजन के बाद कई अन्य कंपनियां भी उन्हें अपने ब्रांड से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं. कौन संभाल रहा है वैभव की ब्रांड्स डील बताया जा रहा है कि वैभव की ब्रांड एंडोर्समेंट डील्स फिलहाल उनके माता-पिता संभाल रहे हैं. वहीं उनकी IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स भी इस प्रोसेस में उनके परिवार की मदद कर रही है. क्रिकेट और विज्ञापन जगत के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में उनकी ब्रांड वैल्यू और तेजी से बढ़ सकती है. वैभव अभी अपने क्रिकेट करियर की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, लेकिन IPL 2026 में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है. कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ उनकी तुलना सच‍िन तेंदुलकर, व‍िराट कोहली, सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों से करने लगे हैं. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिभा के बावजूद वैभव के सामने अभी लंबा सफर है और उनके करियर को सही दिशा में आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी.

मुख्य सचिव से RPDA की अहम बैठक, वैट कटौती पर बनी सहमति की उम्मीद

 जयपुर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) की अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के साथ उनकी एक अहम बैठक हुई. एसोसिएशन ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया है. इस बैठक में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने से लेकर वैट कटौती जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के दौरान प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. तेल कंपनी से सीधे होगी पंप में आपूर्ति मुख्य सचिव ने सभी ऑयल कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी परिस्थिति में प्रदेश में संचालित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए. यदि किसी क्षेत्र में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर कर आपूर्ति को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि कंज्यूमर पंप अब सीधे ऑयल कंपनियों से ही ईंधन की आपूर्ति लेंगे. इसके लिए ऑयल कंपनियों को अपने स्तर पर ऐसे कंज्यूमर पंपों की एक सूची तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से पंप सीधे आपूर्ति ले रहे हैं. वहीं, नायरा कंपनी द्वारा प्रदेश में डीजल की आपूर्ति रोके जाने के मामले पर भी मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया और कंपनी को प्रदेश में शीघ्र ही डीजल आपूर्ति सुचारु करने के दिशा-निर्देश दिए. VAT कटौती पर क्या हुई बात इस वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित मुद्दा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का रहा. आरपीडीए ने इस मांग को पूरी मजबूती के साथ सरकार के समक्ष रखा. एसोसिएशन ने अपने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सरकार को यह भरोसा दिलाया कि वैट में कटौती करने से राज्य सरकार को राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि नहीं होगी. उनका मुख्य तर्क यह था कि राज्य में वैट अधिक होने के कारण जो बिक्री पड़ोसी राज्यों में जा रही है, वह वैट कम होने से रुक जाएगी और अंततः राज्य में ईंधन की बिक्री में भारी इजाफा होगा. इसके फलस्वरूप महंगाई की मार झेल रहे किसानों और आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी. इस विषय पर गहन विचार-विमर्श के बाद एसोसिएशन ने वैट कटौती को लेकर एक संयुक्त कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया ताकि समय रहते कोई ठोस निर्णय लिया जा सके. एसोसिएशन की इन तमाम दलीलों और सुझावों पर मुख्य सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि सरकार वैट कटौती के मुद्दे को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और वर्तमान में इस पर अध्ययन करवा रही है. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि राज्य में वैट कटौती को लेकर सरकार का रुख बेहद सकारात्मक है और शीघ्र ही इस दिशा में अग्रिम व उचित कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी आरपीडीए के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी, उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा और महासचिव शशांक कौरानी द्वारा जारी की गई.

11 जून से शुक्र का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, इन राशियों के लिए बनेगा शुभ समय

11 जून 2026 को शुक्र ग्रह का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश एक अत्यंत शुभ खगोलीय घटना है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है, और जब सुख-समृद्धि के कारक शुक्र इसमें प्रवेश करते हैं, तो यह अवधि भौतिक सुखों, प्रेम और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष रूप से फलदायी हो जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जून से 23 जून तक शुक्र पुष्य नक्षत्र में रहेंगे. इस दौरान किन राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा. शुक्र के पुष्य नक्षत्र गोचर का प्रभाव पुष्य नक्षत्र में शुक्र का होना विलासिता, सौंदर्य और धन के साधनों में वृद्धि करता है. यह समय नई खरीदारी, निवेश और संबंधों में मधुरता लाने के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. 1. वृषभ (Taurus) शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए पुष्य नक्षत्र में उनका गोचर आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा. इस दौरान आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी. यदि आप काफी समय से किसी महंगी वस्तु या संपत्ति खरीदने की सोच रहे थे, तो यह समय अनुकूल है. आत्मविश्वास में जबरदस्त उछाल आएगा. 2. कर्क (Cancer) चूंकि पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है और यह आपकी राशि के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए शुक्र का यहाँ आगमन आपको विशेष लाभ दिलाएगा. कार्यस्थल पर आपको पद-प्रतिष्ठा मिलेगी. वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी और पार्टनर के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी. 3. कन्या (Virgo) कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से बहुत शुभ है. शुक्र के प्रभाव से अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. जो लोग कला, मीडिया या ग्लैमर की दुनिया से जुड़े हैं, उन्हें बड़े अवसर मिल सकते हैं. आय के नए स्रोत विकसित होंगे. 4. वृश्चिक (Scorpio) शुक्र का गोचर आपके लिए सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत है. घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं. जो लोग नौकरी की तलाश में हैं या ट्रांसफर चाहते हैं, उन्हें इस अवधि में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. निवेश से जुड़े कार्यों में लाभ होगा. 5. मीन (Pisces) शुक्र उच्च के प्रभाव के साथ आपकी राशि के लिए लाभकारी रहेंगे. आपको समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. यदि कोई पुराना विवाद चल रहा था, तो वह इस दौरान समाप्त हो सकता है. यह समय रचनात्मक कार्यों के लिए बेहतरीन है. लाभ पाने के लिए विशेष उपाय – शुक्रवार के दिन सफेद मिठाई या मिश्री का भोग लक्ष्मी जी को लगाएं. – शुक्र के बीज मंत्र 'ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:' का 108 बार जाप करें. – इस अवधि में इत्र या सुगंधित वस्तुओं का प्रयोग करना आपके लिए भाग्यवर्धक रहेगा.