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जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद  महेश कश्यप, महापौर  संजय पांडे, कलेक्टर  आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।  उप मुख्यमंत्री  साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पातरा नाले में मिट्टी डंप होने पर जताई नाराजगी

भोपाल  आगामी मानसून को देखते हुए नरेला विधानसभा क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग रविवार सुबह स्वयं सड़कों पर उतरे और नरेला विधानसभा के प्रमुख नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान नगर निगम एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री  सारंग ने प्रभात चौराहा, महामाई की पुलिया, द्वारका नगर, भानपुर खंती सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति देखी और अधिकारियों को बरसात के पहले सफाई और मरम्मत करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नाले-नालियों की सफाई कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मंत्री  सारंग ने नगरनिगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सभी नाले-नालियों की पूरी तरह सफाई होना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री  सारंग ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए, आम नागरिकों को बाढ़ जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए पहले से ही पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जाए ताकि पानी की निकासी सुचारू बनी रहे। पातरा नाले का किया विशेष निरीक्षण दौरे के दौरान मंत्री  सारंग ने भोपाल शहर के सबसे बड़े पातरा नाले का भी निरीक्षण किया, जो नरेला विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरता है। मंत्री  सारंग ने कहा कि पातरा नाला पूरे भोपाल शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसकी सफाई समय पर नहीं हुई तो बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एनएचएआई के कार्य पर जताई नाराजगी भानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने देखा कि एनएचएआई द्वारा निर्माणाधीन 10 लेन प्रोजेक्ट के कार्य के चलते पातरा नाले में बड़ी मात्रा में मिट्टी डंप की गई है। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले में मिट्टी डंप होने से पानी का प्रवाह बाधित होगा और इसका असर पूरे भोपाल शहर पर पड़ेगा। बारिश के समय यह स्थिति बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।  तत्काल शुरू कराया मिट्टी हटाने का कार्य मंत्री  सारंग के निर्देश के बाद मौके पर ही पातरा नाले से डंप मिट्टी हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाले की गहराई और चौड़ाई को बनाए रखते हुए सफाई कार्य तेजी से पूरा किया जाए। बारिश शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। नालों पर अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने नालों पर हो रहे अतिक्रमण को भी गंभीर समस्या बताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जहां कहीं भी नालों पर अवैध कब्जे या निर्माण हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश के दौरान इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लिखित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बारिश से पहले पूरी हो सफाई मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून आने से पहले सभी सफाई कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ काम करते हुए सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी गंभीरता से कार्य किया जाएगा।  

जावंगा कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा

रायपुर बस्तर संभाग में कार्यों के निरीक्षण और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए निकले उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज तीसरे दिन दंतेवाड़ा जिले में कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा‌। उन्होंने गीदम के पास जावंगा शासकीय महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से इस सर्वसुविधायुक्त कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है।  उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाकर भवन का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भवन में जितनी जल्दी हो सके, कॉलेज प्रारंभ होना चाहिए। इससे दंतेवाड़ा के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का सर्वसुविधायुक्त कालेज मिलेगा।  साव ने ग्राम टेकनार में जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दो घरों में जाकर नल से जल की आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम पंचायत और जनभागीदारी के माध्यम से नल जल योजना के संचालन-संधारण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।  साव ने दंतेवाड़ा नगर पालिका में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन देखा। उन्होंने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) पहुंचकर स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा और उनके काम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसके सेग्रीगेशन के बारे में भी पूछा।  साव ने स्वच्छता दीदियों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। विधायक  चैतराम अटामी, कलेक्टर  देवेश ध्रुव और दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष मती पायल गुप्ता भी इस दौरान मौजूद थीं।

942 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी, 498 मेगावॉट से अधिक सौर क्षमता विकसित

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर नागरिकों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 33 हजार 121 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में कुल 498.03 मेगावॉट सौर क्षमता विकसित की जा चुकी है। साथ ही हितग्राहियों को अब तक 942.19 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि इस योजना से परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। पीएम सूर्य घर योजना मध्यप्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और आमजन को आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभियान के रूप में स्थापित हो रही है। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में उल्लेखनीय प्रगति पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है। यहां 54 हजार 773 संयंत्र स्थापित किए गए। इससे 56 हजार 247 परिवारों को लाभ मिला है। क्षेत्र में 202.07 मेगावॉट क्षमता विकसित हुई है और 389.31 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में अब तक 47 हजार 734 सौर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 50 हजार 323 परिवार लाभान्वित हुए हैं। कंपनी क्षेत्र में 185.09 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र स्थापित हुए हैं तथा 339.28 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की गई है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में 30 हजार 614 सौर संयंत्र स्थापित किए गए, जिनसे 30 हजार 899 परिवार लाभान्वित हुए हैं। कंपनी क्षेत्र में 110.87 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र स्थापित हुए हैं तथा 213.60 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की गई है। उपभोक्ताओं को मिल रहा सीधा लाभ योजना के तहत 1 किलोवॉट सौर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवॉट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है और वे स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। प्रदेश सरकार और विद्युत वितरण कंपनियां योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयासरत हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिकृत वेंडरों के माध्यम से ही सौर संयंत्र स्थापित कराएं तथा सब्सिडी प्राप्ति के लिए बैंक खाते, आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम एक समान रखें।  

टीटी नगर स्टेडियम से गूंजा फिट इंडिया का संदेश मंत्री सारंग ने किया साइकिल रैली का शुभारंभ

भोपाल      विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में रविवार सुबह फिटनेस और जागरूकता का उत्साह देखने को मिला। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने टीटी नगर स्टेडियम पहुंचकर “संडे ऑन साइकिल” अभियान का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस दौरान हजारों की संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों, सामाजिक संगठनों, स्कूली विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने साइकिल रैली में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य लोगों को फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। सुबह से ही टीटी नगर स्टेडियम परिसर में युवाओं और नागरिकों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। हाथों में फिट इंडिया और हेल्थ अवेयरनेस के संदेश लिए प्रतिभागियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में “फिट इंडिया मूवमेंट” को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। “संडे ऑन साइकिल” उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके माध्यम से नागरिकों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और व्यस्त जीवन में फिटनेस को दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद आवश्यक है और साइकिलिंग स्वास्थ्य के लिए सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यमों में से एक है। मंत्री  सारंग ने कहा कि साइकिल केवल फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी मजबूत संदेश देती है। इससे प्रदूषण कम होता है और व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल और स्क्रीन टाइम से बाहर निकलकर खेल, योग, साइकिलिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों से जुड़ें। उन्होंने बताया कि “संडे ऑन साइकिल” अभियान आज केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत के विजन को साकार करने के लिए यह पहल जनभागीदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों, फिटनेस क्लबों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर फिट इंडिया के संदेश को मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान पूरे टीटी नगर स्टेडियम क्षेत्र में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों ने साइकिल रैली निकालकर “फिट रहो, स्वस्थ रहो” और “फिट इंडिया” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। मंत्री  सारंग ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को खेल एवं फिटनेस से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस आयोजन ने राजधानी भोपाल में फिटनेस और जनजागरूकता का सकारात्मक संदेश देने के साथ युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।  

सिपाही भर्ती परीक्षा 2026: 1183 केंद्रों पर दो-दो पालियों में होगी परीक्षा

लखनऊ यूपी पुलिस में 32,679 हजार पदों पर सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी। प्रदेश में 1183 परीक्षा केंद्रों पर 28.86 लाख महिला व पुरुष अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय जांच होगी। अभ्यर्थियों को गेट पर प्रारंभिक, बायोमेट्रिक जांच व ई-केवाईसी के बाद अंदर जाने दिया जाएगा। नकलविहीन व शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कराए जा रहे हैं। सभी जिलों में परीक्षा के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की लाइव की जाएगी। इसे जिला व पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भर्ती परीक्षा के दौरान कहीं कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए खासकर एसटीएफ को सक्रिय किया गया। एसटीएफ साल्वर गिरोह पर कड़ी नजर रखने के साथ ही भर्ती परीक्षा के दौरान पहले गड़बड़ी कर चुके दागियों पर भी नजर रखेगी। भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अब तक 12 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। 10 जून को होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर सात जून को अपलोड किए जाएंगे। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के साथ ही गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र पर हर अभ्यर्थी के आधार सत्यापन व ई-केवाईसी और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग होगा। हर परीक्षा केंद्र पर एक पुलिस उपाधीक्षक बतौर पर्यवेक्षक मुस्तैद रहेगा। हर जिले के कंट्रोल रूम पर पुलिस उपाधीक्षक को प्रभारी बनाया गया है, जो परीक्षा केंद्र की लाइव फीड की निगरानी अपने देख-रेख में कराएंगे। भर्ती बोर्ड ने पहली बार सभी जिला कंट्रोल रूम प्रभारियों की बैठक कर उन्हें विस्तृत निर्देश दिए हैं। पहले हुई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की उपस्थिति को देखते हुए इस बार भी लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों के परीक्षा छोड़ने की आशंका है। खास-खास बातें – आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष 32,679 हजार पदों पर होगी भर्ती – सभी जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए – आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी परीक्षा – लगभग 28.86 लाख अभ्यर्थी लेंगे भाग – महिलाओं के लिए आरक्षित हैं 20 प्रतिशत पद यह भी निर्देश – महिला अभ्यर्थियों की जांच एनक्लोजर में केवल महिला पुलिसकर्मी ही करेंगी। – किसी भी अभ्यर्थी के धार्मिक चिह्न जैसे कलावा, धागा, मंगलसूत्र आदि को हटाना आवश्यकता नहीं। – अभ्यर्थी प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, नीले या काले पेन के अलावा कोई सामग्री साथ नहीं ले जा सकेंगे।

पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय और विकास संबंधी विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया।                  मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय, शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है।                 साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।              उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।

चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, समाज की एकता और संगठन शक्ति की सराहना

रायपुर संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत  तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  अजय चंद्राकर, विधायक  ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक  विनोद चंद्राकर,  लालबहादुर चंद्रवंशी,  पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

इंडिया गठबंधन बैठक से पहले ममता की दिल्ली में सियासी सक्रियता तेज

पश्चिम बंगाल बंगाल का चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का किला ध्वस्त हो चुका है। ममता ने न सिर्फ सत्ता गंवाई, बल्कि उनकी पार्टी, टीएमसी में भगदड़ मची हुई है। घर को बिखरता देख अब दीदी को इंडिया गठबंधन की याद सताने लगी हैं। वह दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने पहुंच रही हैं। बता दें कि एक वक्त था जब ममता ने इंडिया गठबंधन को दरकिनार किया था। लेकिन बदलते हालात में अपनी साख बचाने के लिए ममता बनर्जी अब फिर से इंडिया गठबंधन का सहारा लेती नजर आ सकती हैं। जानकारों के मुताबिक इस बैठक के जरिए ममता बनर्जी न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं, बल्कि अपनी पार्टी के अंदर भी अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती हैं अभिषेक पहले ही पहुंच चुके गौरतलब है कि विपक्ष की बैठक 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली है। इस बैठक में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के पहुंचने का अनुमान है। ममता बनर्जी के रविवार को दिल्ली पहुंचने और मंगलवार तक यहां रुकने का अनुमान है। वहीं, अभिषेक बनर्जी पहले ही राजधानी में पहुंच चुके हैं। ममता की दिल्ली यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब वह अपनी पार्टी के लिए रिकवरी का रास्ता तैयार कर रही हैं। बता दें कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने 15 साल पुरानी सत्ता गंवा दी है। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त देकर बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है। सोनिया से कर सकती हैं मुलाकात बताया जाता है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ को मजबूत बनाना चाहती हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से यह बात कही है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली यात्रा के दौरान ममता सोनिया गांधी से मुलाकात के मौके भी तलाशेंगी। हालांकि गांधी परिवार की तरफ से इसको लेकर पुष्टि नहीं की गई है। असल में पिछले कुछ वक्त में टीएमसी और कांग्रेस के बीच रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा दरार तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व के फैसले को लेकर आई थी। पुराने बयान भारी न पड़ जाएं बंगाल के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहाकि जब ममता जीत रही थीं तो वह जो भी मन में आता था कांग्रेस के लिए बोल देती थीं। उन्होंने राहुल गांधी की भी आलोचना की और कांग्रेस नेतृत्व से इंडिया गठबंधन का नेतृत्व छीनने की भी कोशिश की। अब उनका खराब समय आया है तो कांग्रेस उनका साथ तो नहीं छोड़ेगी, लेकिन हम करीबी दोस्तों की तरह भी नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव किए हैं। इस बदलाव में अभिषेक बनर्जी तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं। लेकिन दो अन्य संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव के रूप में राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोना सेन को भी जोड़ा गया है। माना जा रहा है कि यह कदम डिसीजन मेकिंग का दायरा बढ़ाने और अभिषेक बनर्जी को लेकर बढ़ती आलोचना को देखते हुए उठाया गया है। आठ जून को है बैठक बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आठ जून को होगी। इसमें नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, चुनाव से जुड़े मुद्दों तथा संसद के मानसून सत्र के लिए साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस की पहल पर हो रही इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश बताया जा रहा है। बैठक सोमवार आठ जून को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। आम आदमी पार्टी पहले ही इंडिया गठबंधन से दूरी बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल बैठक के एजेंडे और इसकी तैयारियों को लेकर विभिन्न विपक्षी नेताओं से लगातार संपर्क में है। विपक्षी दल जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और संसद से लेकर सड़क तक संयुक्त संघर्ष की रणनीति पर सहमति बनाने का प्रयास कर सकते हैं।

जहां-जहां कृष्ण लीलाएं हुईं, वहां-वहां भव्य कृष्ण तीर्थ बना रही सरकार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मद्भागवत कथा का पुण्य-प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। भागवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और पूरे संसार का कल्याण होता है। इस कथा का श्रवण मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और सबके जीवन में सद्भाव एवं आत्मिक शांति का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म के मर्म एवं नैतिकता का भान कराती है। यह मनुष्य को उसके कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान कृष्ण के आदर्शों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भागवत गीता कथा एक पवित्र माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में एक से सात जून तक हुई मद्भागवत कथा के समापन समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कथा समापन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन में नाना प्रकार के कष्ट थे, परंतु उन्होंने अपने कष्टों से इतर कुशासन (कंस) का अंत किया। वे सदैव धर्म मार्ग पर बने रहे। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं से कहा कि वे गीता के संदेश को अपने जीवन में भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कीं, वहां-वहां हमारी सरकार भव्य कृष्ण तीर्थ बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव और धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य कृष्ण तीर्थ बनाया जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक एवं इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क बनाई जायेगी। यहां धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए भी राशि और गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली राखी में भी हमारी सरकार लाड़ली बहनों को शगुन के रूप में राशि भेजेगी, बुजुर्गों से कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को हमारी सरकार तीर्थ यात्रा करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सात दिवसीय भागवत् कथा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतजनों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध मद्भागवत कथावाचक  राकेश शर्मा 'शास्त्री',  मनोहर चौधरी,  लीलाधर पटेल,  जगदीश पटेल,  सुदामा पटेल,  सोहन पटेल,  कान्हा पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कथा समापन पर आयोजन समिति द्वारा भण्डारा भी कराया गया।