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दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आग, कुछ दस्तावेज जलने की आशंका

नई दिल्ली  दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास रविवार सुबह एक 'स्कैनिंग रूम' में आग लग गई। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास दूसरी मंजिल पर बने 'स्कैनिंग रूम' में आग लगी थी। आग को लेकर दमकल विभाग ने क्या कहा दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना सुबह करीब 5:22 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। सुबह 6:05 बजे डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा ने 'स्टॉप मैसेज' जारी कर पुष्टि की कि आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, पता चला है कि इस आग की घटना में कुछ दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। ये दस्तावेज किस तरह के थे, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की गई थी जान दिल्ली के मालवीय नगर में भी बीते दिनों एक रेस्टोरेंट में आग लगी थी। इस घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। 15 से अधिक लोग घटना में घायल हुए थे, जिनमें से कई का अस्पताल में अभी इलाज जारी है। शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग: पुलिस सूत्र दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी, हालांकि जांच टीम को घटना के दौरान किसी भी एलपीजी सिलेंडर में धमाका होने का कोई सबूत नहीं मिला। दूसरी ओर इस अग्निकांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने शनिवार को रेस्टोरेंट के कुक को गिरफ्तार किया। मालवीय नगर अग्निकांड में जांच तेज दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुक केशव नेगी के रूप में हुई है, जो दिलशाद गार्डन का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि आग लगने में कुक की लापरवाही थी। जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन और इमारत के फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी गंभीर कमियां मिली थीं।  

पंजाब दौरे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी का हमला, कहा- व्यापारियों का भरोसा डगमगाया

लुधियाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को लुधियाना दौरे के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में अमरपुरा चौक के निकट आयोजित कीर्तन दरबार में मत्था टेकने पहुंचे थे। सैनी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकीं। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश की जनता विकास और तरक्की के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए पंजाब के लोगों का शोषण किया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और पार्टी को चुनावों में सीटें जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने पंजाब के लोगों को बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद वे वादे पूरे नहीं किए जा सके। उनके अनुसार, जनता को जिस बदलाव और बेहतर प्रशासन की उम्मीद थी, वह धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। इस दौरान नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत राज्य के लगभग 27 लाख लोग उपचार का लाभ ले चुके हैं। इसके अलावा पात्र परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा किसानों की 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। वैकल्पित ऊर्जा पर काम कर रह केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बने हालात का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार वैकल्पिक ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी दिशा में हरियाणा में जल्द 750 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनके साथ पारिवारिक संबंध जैसे आत्मीय रिश्ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नेता मिलकर पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को और मजबूत बनाने का काम करेंगे। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस दौरे में नायब सिंह सैनी ने जहां धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा व्यक्त की, वहीं पंजाब की राजनीति, कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर विपक्षी दलों तथा राज्य सरकार को घेरने का भी प्रयास किया।

रायसेन के एक इलाके में लगातार मौतों से सनसनी, 10 दिनों में तीन युवाओं की आत्महत्या

सलामतपुर/रायसेन. जिले के सलामतपुर थाना क्षेत्र में महज 10 दिनों के भीतर दो युवतियों और एक युवक द्वारा फांसी लगाकर जान देने की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। तीनों मृतकों की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने न केवल ग्रामीणों को हैरान कर दिया है, बल्कि पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ताजा मामला ग्राम जमुनिया का है, जहां शुक्रवार रात 21 वर्षीय रचना लोधी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि घटना के समय उसने अपने भाई को दुकान भेजा था। जब भाई वापस लौटा तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। अंदर झांककर देखने पर रचना फंदे पर लटकी हुई मिली। परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर दीवानगंज चौकी प्रभारी सुनील शर्मा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनास्थल से बाद में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पहले भी हो चुकी हैं दो घटनाएं इससे पहले 28 मई को सलामतपुर के गोसाईं मोहल्ले में 19 वर्षीय अभिषेक उर्फ भोला ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसकी बहन ने उसे कमरे में फंदे पर लटका देखा था। पुलिस को अब तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वहीं 31 मई को ग्राम सेमरा में 21 वर्षीय पूजा अहिरवार ने भी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के समय परिवार के सदस्य करीला धाम दर्शन के लिए गए हुए थे और युवती घर पर अकेली थी। इस मामले में भी कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस कर रही जांच तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जमुनिया वाली घटना में सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। – दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी, सलामतपुर

गरियाबंद के सुपेबेड़ा को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, तेल नदी पर बनेगा एनीकट; मुख्यमंत्री साय ने मंजूर की राशि

गरियाबंद. किडनी पीड़ितों की वजह से चर्चित सुपेबेड़ा को आखिरकार साफ पानी नसीब होगा। सुशासन की समीक्षा में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेल नदी पर एनीकेट निर्माण के लिए 7 करोड़ की न केवल मंजूरी दिया, बल्कि इसके पेपर वर्क भी बारिश से पहले तैयार करने के निर्देश दिए। दरअसल, 2024 में भाजपा सरकार ने जलजीवन मिशन के तहत सामूहिक जलप्रदाय योजना के लिए 8 करोड़ की मंजूरी दी। योजना के तहत तेल नदी से इंटेक वेल के जरिए पानी ले जाकर सुपबेड़ा में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पानी साफ कर उसे 9 गांव के 2074 परिवार को आयरन फ्लोराइड रहित साफ पानी उपलब्ध कराना है। यह योजना लगभग बन कर तैयार है, लेकिन इसमें सबसे बड़ा रोड़ा निरंतर जल सप्लाई की थी, क्योंकि योजना सर्फेस वाटर पर निर्भर थी। अक्टूबर माह के बाद नदी सूख जाती है, ऐसे में तेलनदी में 12 माह जल स्थिर रखने की बड़ी चुनौती थी। दो साल पहले इंटेक वेल के ठीक नीचे 2 करोड़ लागत से डायफ्रॉम वाल खड़ा किया गया, पर वह पहली बारिश में धराशाई हो गया। जलप्रदाय योजना के लिए सपोर्ट सिस्टम की जरूरत थी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एनीकेट मंजूरी के लिए सीएम साय के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं।

लाचेन में आग से तबाह हुआ प्रसिद्ध बौद्ध मठ, पवित्र अवशेष और ग्रंथ नष्ट

 सिक्किम सिक्किम के लाचेन में मौजूद ऐतिहासिक थंगू सेरतोक गुम्पा मठ में लगी भीषण आग से सब कुछ तबाह हो गया है। 5 जून की रात 11 बजे भड़की इस आग ने न सिर्फ इस दशकों पुराने मठ को, बल्कि पास के दो घरों को भी पल भर में राख कर दिया। इस हादसे से स्थानीय लोगों में भारी शोक की लहर है। लाचेन के पीपोन चो बांदु लाचेनपा के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि मठ के भीतर रखे किसी भी पवित्र सामान को बचाने का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में वर्षों पुराने पवित्र धार्मिक अवशेष, मूर्तियां, प्राचीन ग्रंथ, धर्मग्रंथ और अन्य मूल्यवान ऐतिहासिक सामग्रियां जलकर राख हो गईं। शॉर्ट सर्किट की वजह से हादसा शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस भयावह आग का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आधी रात के वक्त जब लोग सो रहे थे, तभी अचानक आग भड़क उठी और उसने पूरे मठ परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी के घायल होने की खबर है, लेकिन करोड़ों रुपये की अपूरणीय सांस्कृतिक क्षति हुई है। क्या है थंगू सेरतोक गुम्पा का महत्व? लगभग वर्ष 1965 में निर्मित, थंगू सेरतोक गुम्पा इस क्षेत्र के लोगों के लिए अगाध धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखता था। दशकों से यह मठ थंगू और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए पूजा-अर्चना और सामुदायिक बैठकों का एक मुख्य केंद्र था। स्थानीय समुदाय के लिए यह पवित्र स्थान उनकी समृद्ध विरासत का एक अहम हिस्सा था, जिसके नष्ट होने से लोग बेहद दुखी हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम और इनएक्सेसिबल होने के कारण दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकीं। इसके बावजूद, स्थानीय निवासियों ने भारी मुस्तैदी दिखाई और खुद ही मोर्चा संभालते हुए अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक यह पवित्र धरोहर मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी।  

BCCI की खास रणनीति में टेस्ट और वनडे पर पूरा फोकस

नई दिल्ली IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं मिली. गुजरात टाइटन्स (GT) के कप्तान ने हालिया आईपीएल सीजन में 732 रन बनाकर खुद को टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल किया था. ऐसे में माना जा रहा था कि उनकी टी20 टीम में वापसी तय है, लेकिन चयनकर्ताओं ने अलग रास्ता चुना. अब इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और चयन समिति ने शुभमन गिल के लिए एक लंबी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत उन्हें फिलहाल टी20 क्रिकेट से दूर रखकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर पूरा फोकस करने को कहा गया है. भारतीय टीम का शेड्यूल काफी टाइट शुभमन गिल इस समय भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं. अगले डेढ़ साल में भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत नौ अहम मैच खेलने हैं, जबकि वनडे विश्व कप 2027 से पहले टीम करीब 35 ओडीआई मुकाबले भी खेलेगी. ऐसे में चयनकर्ता नहीं चाहते कि गिल तीनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए शारीरिक और मानसिक थकान का शिकार हों. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि गिल का फिट और फ्रेश रहना भारत की भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद जरूरी है. सूत्र ने कहा, 'चयनकर्ता नहीं चाहते कि शुभमन गिल पर जरूरत से ज्यादा क्रिकेट का बोझ पड़े. उन्हें टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी करनी है. अगले दो वर्षों में भारत के सामने दो बड़े लक्ष्य हैं- डब्ल्यूटीसी फाइनल और 2027 का वनडे विश्व कप. इसलिए गिल की फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी जा रही है.' भारतीय टीम के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों में से कम से कम सात जीतने होंगे. यानी आने वाले महीनों में शुभमन गिल पर सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि कप्तान के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है. ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल रेड बॉल क्रिकेट पर रहे. बीसीसीआई की नजर सिर्फ WTC पर नहीं है. 2027 वनडे विश्व कप को भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा मिशन माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्हें भारत के भविष्य का चेहरा माना जाता है. यही वजह है कि बोर्ड उन्हें लंबे समय तक फिट रखने के लिए वर्कलोड मैनेजमेंट की रणनीति पर काम कर रहा है. चयनकर्ताओं का मानना है कि गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है. टी20 इंटरनेशनल टीम से बाहर रहने के बावजूद शुभमन गिल का टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार रहा है. आईपीएल 2025 में उन्होंने 650 रन बनाए थे, जबकि आईपीएल में 732 रन ठोककर अपनी क्लास साबित की. हालांकि, भारतीय टी20 टीम के लिए 2025 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था. उन्होंने 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि शुभमन गिल के लिए टी20 क्रिकेट के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. बीसीसीआई का मानना है कि 2028 टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक अभी काफी दूर हैं. ऐसे में फिलहाल उनकी प्राथमिकता टेस्ट और वनडे क्रिकेट है. सूत्र के अनुसार, 'दो साल बाद कौन खिलाड़ी किस फॉर्म और फिटनेस में होगा, यह अभी कोई नहीं जानता. इसलिए फिलहाल योजना 2027 वनडे विश्व कप तक की है. उसके बाद हालात के अनुसार फैसला लिया जाएगा.'

राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों की विशेष सोमनाथ यात्रा सफल, ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन से भाव-विभोर श्रद्धालु

जयपुर सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत राजस्थान से गए 1008 वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं ने शनिवार को श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य-भव्य दर्शन किए। सोमनाथ मंदिर दर्शन के दौरान श्रद्धालु संध्या आरती में सम्मिलित हुए तथा लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। लाइट एंड साउंड शो में सोमनाथ महादेव मंदिर की पौराणिक और ऐतिहासिक गाथा का वर्णन किया गया। शो में बताया गया कि भारत भूमि पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ प्रथम ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर पर आतताइयों ने बार-बार आक्रमण किया, लूटा और खंडित किया किन्तु धर्मरक्षकों द्वारा इस मंदिर का बार-बार पुन: निर्माण करवाया गया। यह भारतीय संस्कृति है जो अटल, अमिट और अद्वितीय है। सोमनाथ मंदिर देश की इसी आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। कई बार मंदिर को तोड़ने और लूटने के बाद भी शक्ति, स्‍वाभिमान के साथ यह मंदिर पुनः स्थापित हुआ। देश के स्वतंत्र होने पर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से इस मंदिर का पुनः निर्माण करवाया गया। आतताइयों की तलवार ओमकार को हरा नहीं सकी। आस्था, विश्वास जीत गया। अरब सागर की छाती पर भारत की धर्म ध्वजा गौरव, मान-सम्मान और स्वाभिमान से आज भी लहरा रही है। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पहल की है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना का महापर्व है। इसी सांस्कृतिक चेतना को गुंजायमान करते हुए राजस्थान के एक हजार आठ वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं के गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पर 6 जून को आगमन पर गुजरात सरकार द्वारा भव्य स्वागत किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को पुष्प-गुच्छ भेंट किए गए, स्वागत स्वरूप गुजराती लोक संस्कृति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वरिष्ठ नागरिकों में उत्साह और उमंग का संचार किया। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल से एसी बसों से गिर सोमनाथ स्थित थ्री स्टार होटल में ठहराया गया, जहाँ गुणवत्तापूर्ण रिफ्रेशमेंट, लंच और डिनर की समुचित व्यवस्था की गई। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से संचालित इस यात्रा में शनिवार और रविवार को गिर सोमनाथ में गोलकधाम, राम मंदिर, बाणगंगा, भालका तीर्थ के दर्शन करवाए गए। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गैलरी एवं हाट बाजार का भ्रमण भी करवाया गया। वरिष्ठ नागरिकों को सोमनाथ बीच दर्शन भी करवाए गए। आगे का कार्यक्रम यात्रा प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 5 जून को जयपुर से विशेष ट्रेन से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल तक और एसी बसों से सोमनाथ लाया गया। 6 और 7 जून को सोमनाथ में विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन के पश्चात रविवार रात्रि 10 बजे वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्री विशेष ट्रेन से द्वारका एवं नागेश्वर धाम के दर्शन हेतु रवाना होंगे। वहाँ से 9 जून को विशेष ट्रेन से जयपुर वापसी होगी। आशुतोष गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है अधिकाधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का लाभ दिया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक तीर्थाटन करवाने के राजस्थान सरकार के संकल्प को देवस्थान विभाग द्वारा पूरा किया जा रहा है। इसके लिए एसी ट्रेन, ठहरने, भोजन व परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है।

उच्च स्तरीय समिति ने कई जिलों से दस्तावेजों की विस्तृत मांग की

 रांची जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले में चल रही उच्च स्तरीय जांच समिति की जांच का दायरा अब बढ़ गया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव वरिष्ठ आइएएस अधिकारी डा. अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय जांच समिति के पास बोकारो व हजारीबाग के अलावा रांची, रामगढ़, देवघर व चाईबासा में भी अवैध निकासी मामले की जांच की जिम्मेदारी मिल गई है। अब जांच समिति ने इन चारों जिलों से भी जांच से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज की मांग की गई है। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों से वहां के संबंधित विभाग में स्वीकृत व कार्यरत बल, बजट एवं आवंटन संचिका, जिला बल पंजी, मास्टर रोल पंजी, वेतन ज्ञापन, विपत्र पंजी, स्थापना मद से संबंधित दस्तावेज, डीडीओ तथा लिपिकों का विवरण, भुगतान एवं बैंक खाता का विवरण सहित कई अन्य बिंदुओं की जानकारी मांगी है। अब समिति अवैध वेतन निकासी के सभी प्रमुख बिंदुओं का सूक्ष्य अध्ययन व समीक्षा करेगी, ताकि आरोपितों पर कार्रवाई हो सके, कमियों को दूर कर भविष्य में इस तरह की होने वाली घटना को रोका जा सके। किस जिलें में अवैध वेतन निकासी का क्या है मामला बोकारो : बोकारो जिले में वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में सबसे पहले अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था। एजी की रिपोर्ट में खुलासे के बाद वित्त विभाग के आदेश पर पूरे मामले की जांच के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज हुई और लेखा शाखा से मुख्य आरोपित कौशल पांडेय को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में मामला सीआइडी के पास आया और सीआइडी ने तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। इन तीन आरोपितों में लेखा शाखा का एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व काजल मंडल शामिल हैं। बोकारो में अब तक की जांच में करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला उजागर हो चुका है। हजारीबाग : हजारीबाग में भी वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में पहले हजारीबाग पुलिस ने मुख्य आरोपित सिपाही शंभू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में इस केस में शंभू कुमार सिंह की पत्नी काजल कुमारी, उसके सहयोगी सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, रजनीश कुमार सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी, सहयोगी धीरेंद्र कुमार सिंह, व रिश्तेदार सौरभ कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। चाईबासा : चाईबासा के एसपी कार्यालय के लेखा से अवैध वेतन निकासी मामले में चाईबासा मुफ्फसिल थाने की पुलिस ने मुख्य आरोपित देवनारायण मुर्मू के अलावा सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चाईबासा में करीब तीन करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। रांची : रांची के कोतवाली थाने में पशुपालन विभाग में 2.93 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला दर्ज हुआ था। इसमें इंस्टीच्यूट आफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मचारी मुनिंद्र कुमार व संजीव कुमार पर हेराफेरी का आरोप लगा था। पुलिस ने मुनिंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, दूसरा आरोपित फरार है। रामगढ़ : रामगढ़ के जिला पशुपालन कार्यालय में अवैध वेतन निकासी मामले में करीब 34.25 लाख रुपये की अवैध व फर्जी निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले की भी जांच जारी है। देवघर : देवघर के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 99 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले का खुलासा हुआ है। देवघर डीसी की जांच में खुलासे के बाद इस मामले में मुख्य आरोपित स्वास्थ्य विभाग की पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी को फर्जी तरीके से रुपये निकालकर गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। रिमांड पर पूछताछ के बाद CID ने शेष 7 आरोपितों को भी भेजा जेल 72 घंटे तक पूछताछ के बाद सीआइडी ने बोकारो व चाईबासा के भी सभी सातों आरोपितों को शनिवार को जेल भेज दिया। जिन्हें जेल भेजा गया है, उनमें बोकारो केस में एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व सिपाही काजल मंडल तथा चाईबासा केस में सिपाही देवनारायण मुर्मू, सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी शामिल हैं। सभी आरोपितों से पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर सीआइडी की एसआइटी अब आगे की पूछताछ करेगी।

विकास के एजेंडे के साथ नीति आयोग की बैठक में पहुंचेंगे CM मान, पंजाब की उपलब्धियों का करेंगे प्रस्तुतीकरण

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान 11 जून को होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पंजाब सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री मान बैठक के दौरान शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को प्रमुखता से उठाएंगे। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों का रुख किया है। बैठक में स्कूल आफ एक्सीलेंस की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूलों के विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता का भी उल्लेख किया जाएगा। नहरी पानी प्रयोजना का भी होगा जिक्र राज्य सरकार इन पहलुओं को शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत करने की तैयारी में है। कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करेंगे। सरकार का कहना है कि वर्षों से बंद या उपेक्षित पड़ी कई नहरों और जल वितरण प्रणालियों को दोबारा चालू किया गया है। इसके चलते खेती के लिए नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ी है और किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रगति हुई है। पंजाब सरकार इस पहल को जल संरक्षण और कृषि सुधारों से जोड़कर राष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी कर रही है। सेहत योजना सरकार की उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री मान हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करेंगे। इसके अलावा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए अन्य सुधारों की जानकारी भी बैठक में दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख कर सकते हैं। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को भी पंजाब सरकार की उपलब्धियों के रूप में रखा जाएगा। प्राथमिकताएं राष्ट्रीय स्तर पर होगी प्रस्तुत  गौरतलब है कि नीति आयोग की यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच विकास संबंधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बैठक में राज्यों के साथ पहले हुए विचार-विमर्श की समीक्षा किए जाने के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए नियमों को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री मान के लिए यह मंच पंजाब में किए गए कार्यों और सरकार की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर होगा।

वीडियो बनाने का विरोध पड़ा भारी, युवक का अपहरण कर वसूली; जबलपुर में सनसनीखेज वारदात

जबलपुर. खितौला थाना क्षेत्र में दोस्त की बहन का वीडियो बनाने का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोपियों ने युवक का अपहरण कर अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। चाकू की नोक पर उससे नकदी छीन ली और रिहाई के बदले फिरौती भी मांगी। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपीों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार नया मोहल्ला निवासी रंगरेज तीन जून की रात खितौला बस स्टैंड पर अपनी लोडिंग ऑटो खड़ी करने गया था। वहां उसका दोस्त अमन कोरी अपनी बहन के साथ मौजूद था। इसी दौरान विक्की उर्फ विकास कोल, ओम कोल और आशु कुमार पहुंचे और अमन की बहन का वीडियो बनाने लगे। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और आरोपी वहां से चले गए। अपहरण कर सुनसान जगहों पर की पिटाई कुछ देर बाद आरोपी अपने अन्य साथियों अजीत कोल, दीपक कोल और संजू कोल के साथ लौटे। सभी ने मिलकर रंगरेज के साथ मारपीट की और जबरन बाइक पर बैठाकर ले गए। वहां पिटाई की गई। आरोप है कि विक्की ने चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट का वीडियो भी बनाया। आरोपियों ने रंगरेज की जेब से 2600 रुपये छीन लिए। छह आरोपी गिरफ्तार शिकायत के बाद खितौला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजीत कोल, दीपक कोल, विक्की उर्फ विकास कोल, ओम कोल, आशु कुमार और संजू कोल को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपीों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में रखा गया है।