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खुफिया विवाद से हड़कंप: अमेरिकी वार्ताकारों पर निगरानी के आरोप, इज़रायल पर सवाल

नई दिल्ली  मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच नई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इजरायली खुफिया एजेंसियां ईरान के साथ शांति समझौते के लिए प्रयासरत अमेरिकी वार्ताकारों पर जासूसी कर रही हैं। इस घटना ने अमेरिकी खुफिया अधिकारियों में इजरायल की जासूसी गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। मीडिया रिपोर्ट र्ट के अनुसार, हालिया अमेरिकी खुफिया आकलनों में इस बात पर चिंता जताई गई है कि जब तेहरान के साथ बातचीत रुकी हुई है, तब इजरायल ने वाशिंगटन की बातचीत की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इजरायली खुफिया सेवाओं ने वार्ता में शामिल वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी है। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य वार्ताकार स्टीव विटकॉफ, पेंटागन के नीति प्रमुख एलब्रिज कोल्बी और वरिष्ठ रक्षा अधिकारी माइकल डिमिनो शामिल हैं। खुफिया इकाइयों ने यह चिंता जताई है कि इजरायली एजेंसियां वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते को हासिल करने के उद्देश्य से विटकॉफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत को मॉनिटर करने का प्रयास कर रही थीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ घनिष्ठ सैन्य सहयोग जारी रखे हुए हैं, लेकिन साथ ही अमेरिका तेहरान के साथ दीर्घकालिक समझौता करने के कूटनीतिक प्रयास भी कर रहा है। क्रिटिकल स्तर पर पहुंचा खतरे का स्तर अमेरिका और इजरायल ऐतिहासिक रूप से यह स्वीकार करते रहे हैं कि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ खुफिया अभियान चलाते हैं, लेकिन कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की हालिया गतिविधियों ने एक स्वीकार्य सीमा को पार कर लिया है। डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी और अन्य सैन्य खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए एक अलग खुफिया आकलन में हाल के हफ्तों में इजरायल द्वारा उत्पन्न काउंटर-इंटेलिजेंस खतरे को हाई से बढ़ाकर क्रिटिकल कर दिया गया है। इस रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य कर्मियों और सरकारी अधिकारियों पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के इजरायली प्रयासों को रेखांकित किया गया है। जासूसी के लिए फोन टैपिंग रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के अंत से इजरायली खुफिया गतिविधियों के संदिग्ध मामलों में वृद्धि हुई है, जब गाजा में सैन्य अभियानों के संचालन को लेकर वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच तनाव पैदा हुआ था। 2025 में भी यह चिंताएं जारी रहीं, जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान के संबंध में सैन्य और कूटनीतिक विकल्पों पर विचार किया। इन घटनाओं में यह आरोप भी शामिल है कि इजरायल में तैनात अमेरिकी रक्षा कर्मियों ने पाया कि उनके मोबाइल फोन में संचार को इंटरसेप्ट करने में सक्षम सॉफ्टवेयर गुप्त रूप से इंस्टॉल किया गया था। रिपोर्ट में 2021 की पिछले मामलों का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कथित तौर पर इजरायली सैन्य खुफिया अधिकारियों को DIA मुख्यालय में लिसनिंग डिवाइस लगाने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। एक अन्य मामले में इजरायल की शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के सदस्यों द्वारा अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के वाहन के अंदर लिसनिंग डिवाइस लगाने के कथित प्रयास का जिक्र है। ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के अलग-अलग लक्ष्य ये चिंताएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब ईरान को लेकर वाशिंगटन और तेल अवीव के सामरिक उद्देश्यों में स्पष्ट मतभेद दिखाई दे रहे हैं। हालांकि दोनों देश शुरुआत में इस संघर्ष के दौरान एकजुट नजर आ रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ा, उनकी रणनीतिक प्राथमिकताएं अलग होने लगीं रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन का ध्यान मुख्य रूप से ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने पर था ताकि बातचीत के जरिए रियायतें हासिल की जा सकें। इसके विपरीत, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के उद्देश्य कहीं अधिक व्यापक थे, जिनमें तेहरान की क्षमताओं को और अधिक नष्ट करना और ईरानी नेतृत्व को पूरी तरह कमजोर करना शामिल था। इन खुलासों से दोनों सहयोगियों के बीच भविष्य के सैन्य समन्वय में गंभीर जटिलताएं आ सकती हैं। जानकारों का मानना है कि यदि पेंटागन इजरायली समकक्षों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का फैसला करता है, तो इसका सीधा असर दोनों देशों के सैन्य संबंधों पर पड़ेगा।

लोकतंत्र में अधिकार या अजीब नाम? अनिल विज ने CJP पर किया तीखा वार

चंडीगढ़ हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर तीखा बयान दिया है. उन्होंने इस पार्टी के पदाधिकारियों को नसीहत दी है कि लोकतंत्र में सबको संघर्ष करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें अपना यह नाम बदल लेना चाहिए. विज के मुताबिक, 'कॉकरोच एक बेहद गंदा कीड़ा होता है, जिसे देखते ही छोटा बच्चा भी चप्पल से कुचल देता है'. इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा सत्र के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा है. दरअसल, अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट लिखा. जब मीडिया ने उनसे इस पोस्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने अपने शब्दों को दोबारा दोहराया. विज ने साफ कहा कि प्रजातंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की आजादी मिली हुई है. इस हक का इस्तेमाल जरूर होना चाहिए, मगर 'कॉकरोच' जैसे अजीब नाम के साथ राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं है. 'बहस से भागती है कांग्रेस पार्टी' इसके बाद अनिल विज ने हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उन आरोपों का भी करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने विधानसभा का सत्र न बुलाने की बात कही थी. विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब भी सदन की कार्यवाही शुरू होती है, कांग्रेस के नेता उसमें गंभीरता से हिस्सा नहीं लेते. जैसे ही सरकार के मंत्री या मुख्यमंत्री उनके सवालों का जवाब देना शुरू करते हैं, कांग्रेस वाले बीच में ही सदन छोड़कर बाहर चले जाते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहा है. उनके पास जनता के जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस बात नहीं होती. कांग्रेस के नेताओं को सिर्फ अखबारों की हेडलाइंस में बने रहने का शौक है. वे बस यही चाहते हैं कि उनका नाम मीडिया में चमकता रहे, भले ही खबर उनके पक्ष में हो या विरोध में. वहीं, दीपेंद्र सिंह हुड्डा की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर भी मंत्री ने खुलकर बात रखी. उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी को भी जानबूझकर निशाना नहीं बना रही है. राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है. अंत में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष के इसी खराब बर्ताव की वजह से हरियाणा की जनता बार-बार हमारी पार्टी को ही चुनकर सत्ता में लाती है.

गाड़ी छोड़ने की कीमत मांगना पड़ा भारी, CBI ने ASI को रिश्वत लेते दबोचा

चंडीगढ़. सी.बी.आई. ने सैक्टर-39 पुलिस थाना में तैनात ए.एस.आई. हितेश कुमार यादव को 40,000 रुपए रिश्वत लेते पुलिस स्टेशन के अंदर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ए.एस.आई. के पिता अशोक कुमार भी चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं। आरोपी ए.एस.आई. एक्सिडैंट केस में गाड़ी न छोड़ने की धमकी दे रहा था। सैक्टर-41 निवासी अमरजीत ने सी.बी.आई. को बताया था कि उसकी गाड़ी सड़क हादसे में पुलिस ने जब्त कर ली थी। शिकायतकर्त्ता ने गाड़ी को जिला अदालत से सुपरदारी पर छोड़ने के आदेश हासिल कर लिए थे। इसके बावजूद जांच अधिकारी ए.एस.आई. हितेश गाड़ी रिलीज नहीं कर रहा था। आरोपी ए.एस.आई. ने शिकायतकर्त्ता से गाड़ी रिलीज करवाने के लिए 50,000 रुपए रिश्वत मांगी। फिर 40,000 लेने के लिए तैयार हो गया। उधर, शिकायतकर्त्ता ने सी.बी.आई. को सूचना दी। ए.एस.आई. हितेश ने शिकायतकर्त्ता को 40 हजार रुपए लेकर पुलिस थाना बुलाया। सी.बी.आई. ने ए.एस.आई. को पकड़ने के लिए पुलिस स्टेशन में ट्रैप लगा दिया। जैसे ही शिकायतकर्त्ता ने ए.एस.आई. हितेश को 40,000 दिए, सी.बी.आई. ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सी.बी.आई. ने सैक्टर-27 स्थित घर पर छापेमारी की, जहां नकदी और कागजात बरामद हुए। सी.बी.आई. ने आरोपी ए.एस.आई. हितेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

डेब्यूटेंट मानव सुथार का कमाल, अफगानिस्तान के 3 बड़े विकेट झटके

  मुल्‍लांपुर मुल्‍लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में भारत और अफगानिस्‍तान के बीच खेले जा रहे इकलौते टेस्‍ट के दूसरे दिन का खेल समाप्‍त हो गया है। यह दिन भी पूरी तरह भारत के नाम रहा। पहले भारतीय बल्‍लेबाजों ने गदर काटा, फिर डेब्यूटेंट मानव सुथार ने गेंद से अफगान टीम के होश उड़ा दिए। दिन का खेल समाप्‍त होने तक अफगानिस्‍तान ने पहली पारी में 5 विकेट खोकर 113 रन बनाए। अफगानिस्‍तान टीम अभी भी 451 रन पीछे है। शतक से चूके पंत पहले दिन का खेल खत्‍म होने तक भारतीय टीम का स्‍कोर 368/3 था। शुभमन गिल (103) शतक और ऋषभ पंत (50) फिफ्टी लगाकर नाबाद थे। दूसरे दिन गिल के रूप में पहला विकेट गिरा। भारतीय कप्‍तान ने 117 गेंदों पर 126 रन की पारी खेली। ध्रुव जुरेल (19) सस्‍ते में आउट हुए। पंत शतक से चूक गए और 81 रन बना पाए। सिराज की तूफानी बल्‍लेबाजी डेब्‍यू मैच खेल रहे मानव सुथार ने 41 गेंदों पर 28 और मोहम्‍मद सिराज ने 12 गेंदों पर 22 रन की पारी खेली। वॉशिंगटन सुंदर (52) अर्धशतक लगाकर नाबाद रहे। अफगानिस्‍तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी ने 6 विकेट चटकाए। भारतीय टीम ने पारी 564/8 पर घोषित कर दी। सुथार ने चटकाए 3 विकेट पहली पारी में बल्‍लेबाजी करने उतरी अफगानिस्‍तान की कमर मानव सुथार ने तोड़ दी और 3 विकेट चटकाए। वहीं प्रसिद्ध कृष्‍णा को भी 2 सफलताएं मिलीं। अपने कोटे के पहले और पारी के 5वें ओवर में सुथार ने अब्‍दुल मलिक (16) को सिराज के हाथों कैच आउट कराया। इसके अलावा सुथार ने रहमानुल्लाह गुरबाज (12) और अफसर जजई (3) को अपने जाल में फंसाया। कृष्‍णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17) को बोल्‍ड और कप्‍तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20) को LBW आउट किया। दूसरे दिन स्‍टंप तक रहमत शाह 81 गेंदों पर 43 रन बनाकर नाबाद हैं।  

भोपाल में सड़क हादसे के बाद हंगामा, कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, लोगों ने गाड़ी पलटी

भोपाल. शहर के कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित हमीदिया अस्पताल परिसर में रविवार को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर सवार एक बुजुर्ग महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से मौके पर मौजूद प्रत्यक्ष दर्शियों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया। कार चालक की लापरवाही और तेज स्पीड से नाराज भीड़ ने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। गुस्से में लोगों ने कार में जमकर तोड़फोड़ की, उसके शीशे तोड़ दिए और अंत में पूरी कार को सड़क पर पलट दिया। नशे में भोपाल की सड़कों पर दौड़ाई कार, कई लोगों को रौंदा ज्ञात होकि एक पखवाड़ा पहले तेज रफ्तार बेकाबू कार ने शहर में जमकर उत्पात मचाया. कार चला रहे युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे. बताया जा रहा है कि बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने सड़क पर कई वाहनों, लोगों  और ठेलों को टक्कर मार दी. करीब 10 से 12 किलोमीटर तक कार का आतंक जारी रहा, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार रात 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच हुई. जानकारी के अनुसार सर्व दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित अन्य युवक बैरागढ़ इलाके में एक जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. पार्टी के दौरान उन्होंने शराब पी और उसके बाद एक कार में सवार होकर निकल पड़े. शुरुआत में आदित्य नाम का एक युवक कार चला रहा था. बाद में स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्व दुबे को सौंप दी. सर्व दुबे ने कार को तेजी से आगे बढ़ाया. रास्ते में वह लगातार आगे बढ़ता रहा और ठेलों, मोटरसाइकिलों तथा कई पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी. कीर्ति मेडिकल के आस-पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनल इलाके तक, तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. आरोपी युवकों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर भी हमला किया. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक कार चलाते हुए हंगामा कर रहे हैं, वे तुरंत हरकत में आ गई.  तीन थानों के पुलिस कर्मियों ने वाहन का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद मीनल के पास सभी को पकड़ लिया. 

भारत के साथ रिश्तों पर नरम पड़ा नेपाल, सौहार्दपूर्ण समाधान की वकालत

नई दिल्ली सीमा विवाद को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की टिप्पणी के बाद अब नेपाल नरम पड़ता दिख रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की ताकत का लोहा मानते हुए कहा कि भारत एक बड़ी तकनीकी और आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए ही सीमा विवाद का हल चाहता है। भारत दौरे पर आए खनाल ने कहा, जब हम सीमा की ओर देखते हैं तो भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर नजर आता है। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर खुद को साबित किया है और अर्थव्यवस्था के मामले में मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि नेपाल की नई सरकार भारत को किसी भी मायने में विरोधी के तौर पर नहीं देखती है। भारत से चाहते हैं अच्छे संबंध खनाल ने कहा कि हम अब अतीत के मामलों के साथ बंधे नहीं रहना चाहते हैं बल्कि भारत के साथ परस्पर लाभकारी संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम भारत के साथ सीमा मुद्दे को 'खुले मन' से और द्विपक्षीय ढांचे के आधार पर हल करना चाहते है। हम 21वीं सदी की भू-राजनीति के विकृत, अति संवेदनशील नजरिए से भारत को नहीं देखते। बता दें कि खनाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच एक दिन पहले ही बातचीत हुई है। खनाल भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। खनाल ने कहा कि जब हम खुले मन से साथ बैठेंगे तो सब साफ हो जाएगा और कोई भी मुद्दा इतना जटिल नहींहै कि जिसका हल ना निकल सके। उन्होंने कहा कि आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सारी बातचीत होगी तो हल भी निकल आएगा। लिपुलेख को लेकर विवाद जयशंकर के साथ बैठक के दौरान खनाल ने कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार नयी दिल्ली के साथ ठोस और सार्थ रूप से जुड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था, 'भारत और नेपाल के बीच एक विशेष संबंध है, जो सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर आधारित है।' बालेंद्र शाह ने 31 मई को कहा था कि भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर चर्चा के अलावा, काठमांडू चीन और ब्रिटेन के साथ भी संपर्क में है। मामला लिपुलेख का है। नेपाल इस इलाके पर दावा करता है और अपने मैप में भी दिखा चुका है। वहीं आजादी से पहले के समझौते के मुताबिक ही भारत का इस क्षेत्र पर कब्जा है। मानसरोवर-कैलास यात्रा के लिए भी लिपुलेख बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने हालांकि नेपाल के साथ अपने सीमा विवाद को सुलझाने में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे के सभी पहलुओं से निपटने के लिए एक स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है : अरुण साव

जगदलपुर/रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

भारतीय-अमेरिकी टेक लीडर श्रीराम कृष्णन व्हाइट हाउस से अलग होंगे

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन में सबसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी सलाहकार श्रीराम कृष्णन इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने पिछले 18 महीनों में प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कृष्णन ने कहा कि अमेरिका के सामने एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करने के लिए लौटने से पहले वे कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने लिखा कि मैं इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ दूंगा। ब्रेक के बाद, मैं एआई के मामले में अमेरिका के सामने मौजूद कुछ बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए काम करूंगा। कृष्णन ने अपनी सरकारी सेवा को जीवन भर का सौभाग्य बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करना सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा, "उनकी लीडरशिप के बिना, हम एआई की दौड़ में इतने आगे नहीं होते। उन्होंने व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की जीत के लिए उनकी लगातार वकालत बहुत अहम रही है और आगे भी रहेगी।" ट्रंप प्रशासन में निभाई अहम भूमिका कृष्णन ने उन कई पहलों का भी जिक्र किया जिन्हें विकसित करने में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मदद की। इनमें प्रशासन के अमेरिकन एआई एक्शन प्लान का खाका तैयार करना और उसे जारी करना, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एआई एक्सेलरेशन साझेदारियों को आगे बढ़ाना, और नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में योगदान देना शामिल है। उन्होंने एआई समिट और कूटनीतिक मुलाकातों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी एआई हितों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में अपने सहयोगियों के साथ अमेरिकी एआई स्टैक की वकालत करना, जैसे फ्रांस और भारत में एआई समिट, यूनाईटेड किंगडम, मध्य पूर्व और अन्य जगहों की राजकीय यात्राएं हो। भविष्य को देखते हुए, कृष्णन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से विकास नीति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी चुनौतियां पेश करता है। उन्होंने कहा, "पिछले 18 महीनों में मुझे अमेरिका और हमारे सहयोगियों के सामने मौजूद एआई से जुड़े इस अहम मोड़ को बहुत करीब से देखने का मौका मिला है। चाहे वह ऊर्जा हो, डेटा सेंटर हों या अमेरिकियों के लिए एआई के फायदों का अनुभव करने का स्पष्ट रास्ता हो, कई मुश्किल मुद्दे हैं जिनसे हमें मिलकर निपटना होगा।" उन्होंने बताया कि वे अब ऐसे संस्थान बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहे हैं जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए उन चुनौतियों से निपटने में मदद करें। डेविड सैक्स ने की कृष्णन के काम की तारीफ इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, डेविड सैक्स ने प्रशासन के एआई एजेंडा में कृष्णन के योगदान की तारीफ़ की और संकेत दिया कि यह भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर सरकार के बाहर से भी सलाह देना जारी रखेंगे। सैक्स ने लिखा, "प्रशासन में मेरे कार्यकाल के दौरान पिछले 18 महीनों में आपके साथ इतनी करीब से काम करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात रही है। एआई में गहरी तकनीकी समझ, नीतिगत मामलों की सटीक परख, बेहतरीन रणनीतिक सोच और सच्चे कूटनीतिक कौशल का दुर्लभ मेल आपकी क्षमताएं सचमुच अनोखी हैं।" सैक्स ने आगे कहा कि कृष्णन ने प्रशासन के एआई एक्शन प्लान को मिलकर तैयार किया, एआई को तेज़ी से आगे बढ़ाने वाली साझेदारियों को बढ़ावा देने में मदद की, नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क में योगदान दिया और अंतरराष्ट्रीय एआई समिट और राजकीय यात्राओं में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व किया। सैक्स ने कहा, "यह प्रशासन के लिए एक बड़ा नुकसान होगा, लेकिन मुझे खुशी है कि हम आपके साथ बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करना जारी रखेंगे।" सिलिकॉन वैली और वाशिंगटन के बीच अहम कड़ी यह विदाई कृष्णन के लिए एक अहम अध्याय का अंत है, जो ट्रंप के व्हाइट हाउस के भीतर एआई नीति पर सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक बनकर उभरे और सिलिकॉन वैली तथा वाशिंगटन के टेक्नोलॉजी एजेंडा के बीच एक अहम कड़ी बने। एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव के तौर पर, कृष्णन ने पहले माइक्रोसॉफ्ट, एक्स, मेटा और स्नैप जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में सीनियर प्रोडक्ट और लीडरशिप भूमिकाएं निभाई हैं। वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक जाने-माने इन्वेस्टर और कमेंटेटर भी रहे हैं। एआई ट्रंप प्रशासन की टेक्नोलॉजी और आर्थिक रणनीति का एक मुख्य आधार बन गया है। अधिकारियों का तर्क है कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की लीडरशिप बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी इनोवेशन के लिए बहुत जरूरी है। कृष्णन का काम उन्हें इन कोशिशों के केंद्र में ले आया था, क्योंकि वाशिंगटन ग्लोबल एआई पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आकार देने की कोशिश कर रहा था।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विस्तार पर संकट, कैबिनेट मंजूरी के इंतजार में रुकी योजना

रांची  झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल वित्तीय संकट में फंस गई है। राज्य में 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (एसओई) खोलने की तैयारी पूरी होने के बावजूद करीब 400 करोड़ रुपये की जरूरत के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी 2026 में ही इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब तक इसे कैबिनेट की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू होने की संभावना नहीं है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों में 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस के लिए विद्यालयों का चयन कर लिया है। इन स्कूलों को सीबीएसइ पैटर्न पर विकसित किया जाना है। हालांकि योजना को धरातल पर उतारने के लिए अभी कैबिनेट की मंजूरी, वित्तीय स्वीकृति, सीबीएसई संबद्धता, भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा शिक्षकों की व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव को कैबिनेट तक पहुंचने में अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति मिलने और निर्माण व अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा। यही वजह है कि अगले शैक्षणिक सत्र से इन विद्यालयों का संचालन संभव नहीं दिख रहा है। रांची में खुलेंगे सबसे ज्यादा 10 नए एसओई 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में रांची जिले को सबसे अधिक 10 विद्यालय मिले हैं। वर्तमान में जिले में पांच एसओई संचालित हैं। इसके अलावा धनबाद, गिरिडीह और पलामू में आठ-आठ, गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम में सात-सात, बोकारो, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम में छह-छह तथा देवघर में पांच नए विद्यालय प्रस्तावित हैं। एक स्कूल पर तीन से पांच करोड़ रुपये खर्च का अनुमान शिक्षा विभाग के अनुमान के अनुसार एक सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस को विकसित करने में औसतन तीन से पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें भवन उन्नयन, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। 100 नए विद्यालयों पर कुल खर्च करीब 400 करोड़ रुपये आंका गया है। 80 से बढ़कर 180 होगी एसओई की संख्या राज्य में वर्तमान में 80 एसओई संचालित हैं, जिन्हें सीबीएसइ बोर्ड से संबद्धता प्राप्त है। इनके बेहतर शैक्षणिक परिणामों को देखते हुए सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 180 करने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि वित्तीय स्वीकृति मिलने तक 100 नए विद्यालयों का सपना कागजों से जमीन पर उतरने का इंतजार करता रहेगा।  

पुलिस से बचने के लिए कपड़े की दुकान में छिपा नेता, तलाशी के बाद गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता की गिरफ्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस से बचने के लिए टीएमसी नेता एक कपड़े की दुकान के स्टोररूम में साड़ियों के ढेर के नीचे छिप गया था, लेकिन वह पुलिस की नजरों से नहीं बच सका. पुलिस ने साड़ियों के बंडल हटाकर नेता को खोज निकाला और गिरफ्तार कर लिया. यह घटना हावड़ा के उदयनारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर इलाके की बताई जा रही है. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान ब्रह्मानंद चक्रवर्ती के रूप में हुई है, जो तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता बताए जाते हैं. स्थानीय लोगों ने उन पर सरकारी आवास योजना के फंड में कथित तौर पर 'कट मनी' लेने और जबरन वसूली जैसे आरोप लगाए थे. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ब्रह्मानंद की तलाश में पहुंची थी. ब्रह्मानंद चक्रवर्ती गिरफ्तारी से बचने के लिए एक कपड़े की दुकान के भीतर साड़ियों के बड़े ढेर के नीचे छिप गए. पुलिस ने जब तलाशी अभियान चलाया तो उन्हें संदेह हुआ और साड़ियों का ढेर हटाया गया. ब्रह्मानंद चक्रवर्ती साड़ियों के ढेर के नीचे छिपे मिले. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक, ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा से जुड़े आरोप भी हैं. पुलिस को इस मामले में भी ब्रह्मानंद चक्रवर्ती की तलाश कर रही थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर ब्रह्मानंद चक्रवर्ती के खिलाफ कट मनी लेने के आरोपों की जांच जारी है. उनके खिलाफ 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा के मामले से जुड़े सभी आरोपों की पड़ताल भी की जा रही है.