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एक टिकट और बदल गई जिंदगी! UAE लॉटरी में करोड़ों जीतकर चर्चा में आया सिक्योरिटी गार्ड

दुबई  अबू धाबी के रुवैस इंडस्ट्रियल एरिया में ईद-उल-अजहा की छुट्टी वाली रात 26 साल का नेपाली युवक तैयब खान अपनी नाइट शिफ्ट में तैनात थे. गेट पर आने-जाने वालों की जांच करना और सुरक्षा व्यवस्था संभालना उनकी रोजमर्रा की जिम्मेदारी थी. चार साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में नेपाल से UAE पहुंचे तैयब को अंदाजा भी नहीं था कि एक ईमेल उनकी जिंदगी बदल देगा।  ड्यूटी के दौरान उनके फोन पर एक ईमेल आया. पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई छोटा-मोटा इनाम मिला होगा, लेकिन जैसे ही उन्होंने मेल खोला, उनके होश उड़ गए. गल्फ न्यूज के मुताबिक, UAE Lottery के Lucky Day ड्रा में उनके ग्रुप ने Dh30 मिलियन (करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक) का ग्रैंड जैकपॉट जीत लिया था।  दोस्तों के साथ खरीदा था टिकट तैयब यह रकम अकेले नहीं जीते. उन्होंने अपने चार नेपाली दोस्तों के साथ मिलकर 2024 से नियमित रूप से लॉटरी टिकट खरीदना शुरू किया था. पांचों दोस्तों ने अपने ग्रुप का नाम 'Future Millionaires' रखा था. हर हफ्ते सभी Dh50-50 (करीब 1,100 रुपये) जमा करते और एक टिकट खरीदते थे।  उनकी यह छोटी-सी कोशिश आखिरकार रंग लाई और पांचों दोस्त रातोंरात करोड़पति बन गए. Dh30 मिलियन की रकम पांचों में बराबर बंटी, जिससे तैयब के हिस्से में करीब Dh6 मिलियन (करीब 14-15 करोड़ रुपये) आए।  अब क्या करेंगे तैयब? लॉटरी जीतने के बाद तैयब ने कहा कि वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे हैं. उनका पहला लक्ष्य नेपाल में अपने परिवार के लिए एक बड़ा घर बनवाना है. इसके अलावा वह लंबे समय से खरीदना चाह रहे महिंद्रा थार और एक रोलेक्स घड़ी भी लेना चाहते हैं.तैयब ने यह भी बताया कि वह दुबई में रियल एस्टेट में निवेश करने और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं।  आखिर क्या है UAE Lottery? तैयब जिस लॉटरी के जरिए करोड़पति बने, वह UAE की आधिकारिक और लाइसेंस प्राप्त राष्ट्रीय लॉटरी है. इसके सबसे लोकप्रिय गेम Lucky Day में एक एंट्री की कीमत Dh50 होती है. खिलाड़ी कुछ नंबर चुनते हैं और तय तारीख पर ड्रा निकाला जाता है. सभी नंबर मैच होने पर करोड़ों रुपये का जैकपॉट मिलता है।  वर्तमान में Lucky Day का ग्रैंड प्राइज Dh30 मिलियन है. यानी 70 करोड़ रुपये. इसके अलावा छोटे और मध्यम स्तर के कई इनाम भी दिए जाते हैं. UAE में यह लॉटरी सरकारी नियमन के तहत संचालित होती है और हजारों प्रवासी कर्मचारी इसमें भाग लेते हैं।  मेहनत, दोस्ती और किस्मत की कहानी तैयब खान की कहानी सिर्फ एक लॉटरी जीतने की नहीं है. यह उन लाखों प्रवासी कामगारों की कहानी भी है, जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए घर से हजारों किलोमीटर दूर काम करते हैं. चार साल की मेहनत, दोस्तों का साथ और एक छोटे से सपने ने उनकी जिंदगी बदल दी।  तैयब की जीत यह भी दिखाती है कि कभी-कभी साधारण जिंदगी जीने वाले लोगों की किस्मत भी अचानक ऐसा मोड़ ले सकती है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की होती। 

नेपाली नौकर निकले मास्टरमाइंड! 12 करोड़ की ज्वेलरी चोरी कर भाग रहे थे दंपती और साली, ऐसे पकड़े गए

 रामपुर रामपुर और तेलंगाना पुलिस के ऑपरेशन में ऐसे पति-पत्नी और साली को अरेस्ट किया गया है, जो तेलंगाना से चोरी कर नेपाल भाग रहे थे. ये चोरी कोई मामूली नहीं थी. जिस घर में तीनों नौकर बनकर पहुंचे थे, वहां से करीब 7 किलो सोना, एक किलो चांदी और कैश पर हाथ साफ किया था. टोटल चोरी करीब 12 करोड़ की थी. फिलहाल तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है।  दरअसल, तेलंगाना के साइबराबाद कमिश्नरेट के गाचीबाउली इलाके में एक संपन्न परिवार रहता था. घर बड़ा था, जिंदगी व्यवस्थित थी और जरूरत थी कुछ मदद की. इसी जरूरत ने घर में एंट्री कराई- नेपाल से आए कमल, उसकी पत्नी विमला और उसकी साली कल्पना की।  शुरुआत बिल्कुल सामान्य थी. काम हुआ, व्यवहार अच्छा रहा और धीरे-धीरे ये तीनों घर के 'अंदर' आ गए- सिर्फ दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि भरोसे के भीतर भी. घर के लोग शायद यह सोच भी नहीं सकते थे कि जिस परिवार पर वे आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं, वही एक दिन उनके लिए सबसे बड़ा झटका बन जाएगा।  कहते हैं कि बड़े घरों में सबसे बड़ी सुरक्षा दीवारें नहीं, भरोसा होता है. और इसी भरोसे को धीरे-धीरे मजबूत किया गया. कमल, विमला और कल्पना ने खुद को सिर्फ काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रखा. वे घर की दिनचर्या, लोगों की आदतें, आने-जाने का समय- सब समझने लगे. और जब किसी घर की हर कमजोरी सामने हो, तो वार करना आसान हो जाता है।  फिर आया वो दिन, जो इस पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट बना. घर के मालिक परिवार समेत बाहर गए हुए थे. घर खाली था, लेकिन अंदर तीन लोग मौजूद थे- जिन्हें अब सिर्फ काम नहीं करना था, बल्कि खेल खेलना था।  आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर इन तीनों ने घर के अंदर रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. और जो माल लेकर ये निकले, वह मामूली नहीं था- 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और नकदी- कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपये. एक झटके में घर की दुनिया बदल गई, और एक घर के अंदर का भरोसा पूरी तरह टूट गया।  नेपाल की तरफ भाग रहे थे आरोपी चोरी के बाद ये तीनों अचानक गायब हो गए. कोई शोर नहीं, कोई संकेत नहीं. बस एक खाली घर और एक बड़ा सवाल- इतना बड़ा माल गया कहां? तेलंगाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई. लेकिन यह केस इतना आसान नहीं था. क्योंकि चोरी के आरोपी थे, जो रोज उसी घर में खाना बनाते, सफाई करते और लोगों के बीच रहते थे।  जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ी और सुराग रामपुर तक पहुंचे. तेलंगाना पुलिस ने यूपी के रामपुर पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा. दो राज्यों की पुलिस एक साथ आई, इनपुट शेयर हुए, चेकिंग शुरू हुई और निगाहें उन लोगों पर टिक गईं, जो नेपाल की तरफ निकलने की कोशिश में थे।  रामपुर में चेकिंग के दौरान पुलिस को सफलता मिली. पुलिस टीम ने तीनों- कमल, विमला और कल्पना को दबोच लिया. उनके पास से जो बरामद हुआ, उसने पूरे केस को और बड़ा बना दिया- करीब 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और लगभग 25 हजार रुपये नकद. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा माल उसी घर से चोरी किया गया था, जहां वे नौकरी करते थे।  रामपुर पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि यह एक संयुक्त ऑपरेशन था, जिसमें तेलंगाना पुलिस और रामपुर पुलिस ने मिलकर काम किया. उनके अनुसार, गाचीबाउली में दर्ज केस के आधार पर लगातार इनपुट शेयर किए जा रहे थे. चेकिंग के दौरान ही यह सफलता मिली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि अभी इनके अन्य साथियों की भी जांच की जा रही है और नेपाल पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा, ताकि इनके आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी सामने आ सके। 

PAK सेना का सीमा पार हमला, अफगानिस्तान में 11 मासूम बच्चों सहित 13 की जान गई

काबुल  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर गहरा गया है. बीती रात पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया. पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में स्थित आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की है।  इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं. अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, पाकिस्तानी हमलावर सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन किया।  जबीउल्लाह ने आगे बताया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांतों- कुनार, खोस्त और पक्तिका में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. इन इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के घरों पर अंधाधुंध बमबारी की गई, जिससे कई घर पूरी तरह तबाह हो गए।  हमले में बच्चों-महिलाओं समेत 13 की मौत इस हमले में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. बमबारी में कुल 13 लोग मारे गए हैं, जिन्हें अफगान प्रशासन ने शहीद घोषित किया है. मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या मासूम बच्चों की है. इस हमले में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा हमले में 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।  घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कइयों की हालत नाजुक बनी हुई है. सोशल मीडिया पर इस हमले के बाद की कुछ दर्दनाक तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें पीड़ित बच्चों की स्थिति देखी जा सकती है।  अफगानिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति इस हमले के बाद अफगान सरकार का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने बयान में इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा, 'हम इस अमानवीय अपराध और हमले की कड़े से कड़े शब्दों में पुरजोर निंदा करते हैं.' अफगानिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और आम नागरिकों के खिलाफ एक क्रूर अपराध बताया है।  अफगानिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट हामिद करजई ने इस हमले की निंदा की है. उन्होंने शहीदों के परिवारों के साथ गहरा दुख और एकजुटता दिखाते हुए, एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान इस इलाके में अपनी गलत नीतियों और दुश्मनी भरी कार्रवाइयों के नतीजों से जूझ रहा है. उसे ये समझना चाहिए कि वो उन नीतियों पर कायम रहकर और उन्हें आगे बढ़ाकर अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा।  करजई के मुताबिक पाकिस्तान की भलाई अफगानिस्तान के प्रति युद्ध और तबाही की अपनी नीति को छोड़ने और इसके बजाय अच्छे पड़ोसी और सभ्य रिश्ते चुनने में है। 

सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड

सिंहस्थ : 2028 के लिए 17 नए विकास कार्यों को मिली मंजूरी सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड उज्जैन सहित ओंकारेश्वर, देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन में जारी हैं गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक सम्पन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए। बेहतर प्रबंधन के लिए स्टाफिंग और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ हो। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्रालय में संपन्न बैठक में उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, श्रम मंत्री गौतम टेटवाल तथा पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति     उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।     तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।     तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।     देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।     उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।     उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।     लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।     महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।     कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य। ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के लिए जारी विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी। ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास के आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ के बाद भी घाटों का दीर्घकालिक उपयोग हो सकेगा। पुलिस-प्रशासन-नगर निगम बेहतर समन्वय के लिए अभी से अभ्यास करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा। इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए। अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर … Read more

जंग के माहौल का बाजार पर नहीं पड़ा असर, हरे निशान में खुला सेंसेक्स-निफ्टी, निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले

मुंबई  अमेरिका-ईरान के बीच हुए ताजा हमलों के बीच जहां दुनियाभर के अन्‍य प्रमुख बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई, वहीं भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में  खुले. मार्केट खुलते ही BSE सेंसेक्‍स में 416 अंक से ज्‍यादा का उछाल दिखा, जबकि निफ्टी 50 में भी करीब 100 अंकों का उछाल देखने को मिला. सेंसेक्‍स 74,300 के पार ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी 23,300 के पार कारोबोर करता दिखा।  करेंसी मार्केट में उथल-पुथल के बीच भारतीय रुपये में आज गिरावट देखी जा रही है. बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 95.56 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  घरेलू शेयर बाजार की अच्‍छी शुरुआत भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रुख देखा गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 85.40 अंक की बढ़त के साथ 23,327.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाजार से पैसा निकालना बदस्तूर जारी है. एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (ऑफलोड किए) थे।  रुपये में क्‍यों दिखी गिरावट?  मिडिल ईस्ट में युद्ध के ताजा घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसे टूटकर 95.56 के स्तर पर आ गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में रुपये में शुरुआती गिरावट के बाद और कमजोरी आई. इससे पहले मंगलवार को रुपये में थोड़ी मजबूती देखी गई थी, जब यह 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।  विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, इस भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय मुद्रा पर चौतरफा दबाव बना दिया है. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि बुधवार को बाजार खुलते ही 'डॉलर-रुपया' (USD/INR) की जोड़ी में भारी कमजोरी देखी गई. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराने के लिए ईरान जिम्मेदार है और अमेरिका इस हमले का 'करारा जवाब' देगा।  कच्चे तेल में उबाल से रुपये पर बढ़ा दबाव वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' (Brent Crude) वायदा बाजार में 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.12 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा था. बाजार विश्लेषकों और ट्रेडर्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट में नए सिरे से शुरू हुए तनाव की वजह से भारतीय रुपया गंभीर दबाव में है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा (कच्चा तेल और गैस) जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर देश के व्यापार घाटे (Trade Deficit) को बढ़ा देती है. इसी वजह से घरेलू मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है।  अमेरिका और ईरान के बीच हिंसक जवाबी कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर आत्मघाती ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस सैन्य टकराव के चलते वैश्विक बाजार सहमे हुए हैं। 

श्रीलंका ने आखिरी पलों में किया सरेंडर, भारत ने 10 गेंदों में छीनी जीत, दांबुला में दिखा दमदार खेल

 दांबुला दांबुला में मंगलवार (9 जून) को खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत A ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए श्रीलंका A को 8 रन से हरा दिया. एक समय मैच पूरी तरह मेजबान टीम की गिरफ्त में दिखाई दे रहा था, लेकिन आखिरी 10 गेंदों में चार विकेट गिरने से मुकाबला पलट गया और तिलक वर्मा की अगुआई वाली भारतीय टीम ने जीत के साथ अभियान का आगाज किया।  मैच में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की थी. हालांकि युवा बल्लेबाज अपनी पहली लिस्ट-A पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना सके और 14 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने अपनी छोटी पारी में तीन आकर्षक चौके लगाए, लेकिन मोहम्मद शिराज की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर शॉट खेलने की कोशिश में कप्तान सहान अराचिगे को कैच थमा बैठे।  भारत A की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने सिर्फ 16 रन पर वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह के विकेट गंवा दिए. इसके बाद प्रियांश आर्य ने 32 रन की तेज पारी खेली, लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रनआउट हो गए।  69 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 150 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।  ऋतुराज ने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए 112 गेंदों पर 101 रन बनाए. यह उनके लिस्ट-A करियर का 21वां शतक रहा. उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और बाद में रनगति बढ़ाते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया. दूसरी ओर तिलक वर्मा ने 97 गेंदों पर 60 रन बनाए. दोनों बल्लेबाजों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी की।  पारी के अंत में आयुष बदोनी और सूर्यांश शेडगे ने तेजी दिखाई. बदोनी ने 18 गेंदों पर 24 रन बनाए, जबकि शेडगे 14 गेंदों पर 26 रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों के बीच 46 रन की तेज साझेदारी ने भारत A को 50 ओवर में 277/6 तक पहुंचा दिया।  श्रीलंका का दमदार रनचेज, लेकिन फ‍िर हालत खराब  लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका A ने दमदार शुरुआत की. वापसी कर रहे न‍िरोशन डिकवेला (47) और अविष्का फर्नांडो (45) ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़कर भारत पर दबाव बनाया. हालांकि दोनों बल्लेबाज आयुष बदोनी की स्पिन के खिलाफ बड़े शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए।  इसके बाद सदीरा समरविक्रमा ने 46 रन बनाए, जबकि कप्तान सहान अराचिगे ने 72 गेंदों पर 74 रन की बेहतरीन पारी खेली. अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले सहान ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था।  श्रीलंका को अंतिम 10 गेंदों में सिर्फ 9 रन चाहिए थे और उसके हाथ में तीन विकेट थे. तभी तेज गेंदबाज अंशुल कांबोज ने सटीक यॉर्कर पर सहान को बोल्ड कर भारत को मैच में वापस ला दिया. इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दबाव में लगातार गलतियां कीं।  अंतिम ओवर में भारत ने तीन विकेट झटककर मुकाबला पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया. यह ओवर अरशद खान ने फेंका, 2 व‍िकेट उनको मिले, वहीं एक व‍िकेट रनआउट हुआ. श्रीलंका A की पूरी टीम 48.5 ओवर में 269 रन पर सिमट गई और भारत A ने 8 रन से रोमांचक जीत दर्ज कर ली।  गेंदबाजी में आयुष बदोनी (2/46) और अनुकुल रॉय (2/49) ने अहम भूमिका निभाई. दोनों स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा. भारत A अब 11 जून को इसी मैदान पर अफगानिस्तान A के खिलाफ अपना अगला मुकाबला खेलेगा। 

दिल्ली-मेरठ नमो भारत की बढ़ी रफ्तार, 24 घंटे में 1.25 लाख यात्रियों के साथ बना नया कीर्तिमान

 नई दिल्ली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर ने सबसे ज्यादा यात्रियों का नया रिकॉर्ड बनाया है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने मंगलवार को जानकारी दी कि नमो भारत ट्रेन से 8 जून को एक दिन में करीब 1,25,500 यात्रियों ने सफर किया।    यह आंकड़ा अब तक का सबसे ज्यादा है. आम दिनों में औसतन एक लाख यात्री नमो भारत ट्रेन से सफर करते हैं. NCRTC के मुताबिक, सोमवार को यात्री संख्या में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली।  क्यों बढ़ रहे हैं यात्री? NCRTC ने बताया कि कई कारणों से लोग नमो भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं. दरअसल, नमो भारत के जरिए मेरठ से दिल्ली की यात्रा का समय काफी कम हो गया है. सड़क के ट्रैफिक जाम से बचना आसान हो गया है. वहीं,  गर्मी के प्रकोप (40 डिग्री से ऊपर तापमान) के बीच पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनें ठंडक और आरामदायक साबित हो रही हैं. दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले यात्री अब नमो भारत का इस्तेमाल कर रहे हैं।  किस स्टेशन पर सबसे ज्यादा भीड़ रही? दिल्ली में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार स्टेशन सबसे ज्यादा व्यस्त रहे. वहीं, उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद और बेगमपुल स्टेशन भी काफी भीड़ वाले रहे. इन पांचों स्टेशनों पर कुल यात्रियों में से 40 प्रतिशत से ज्यादा सवारियां होती हैं।  खास बात यह है कि यह स्टेशन मेट्रो, रेलवे, इंटर-स्टेट बस टर्मिनल और शहर की बस सर्विस से कनेक्ट हैं. इससे यात्रियों को आसानी होती है. मेरठ में लोकल मेट्रो सेवाएं भी नमो भारत के ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर चल रही हैं. इससे शहर के अंदर भी सफर आसान हो गया है।  यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए NCRTC ने हाल ही में पीक ऑवर्स में 18 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं. ये अतिरिक्त ट्रिप्स सुबह और शाम के पीक समय में सराय काले खां से मेरठ साउथ के बीच चलाई जा रही हैं।  NCRTC ने कहा कि नमो भारत अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के रोजाना के सफर का महत्वपूर्ण साधन बनती जा रही है. इससे समय की बचत, भरोसेमंद सेवा और आरामदायक यात्रा की वजह से लोग सड़क के बजाय इस ट्रेन को चुन रहे हैं. पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनें गर्मी से राहत दे रही हैं और लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचा रही हैं. नमो भारत रैपिड रेल अब NCR क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मजबूत विकल्प साबित हो रही है। 

आयुर्वेद और योग को घर-घर पहुंचाने का आह्वान, आयुष मंत्री परमार बोले- स्वस्थ समाज का यही आधार

"आयुर्वेद और योग को जन-जन तक पहुँचाकर स्वस्थ समाज का निर्माण करें": आयुष मंत्री परमार मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की साधारण सभा की बैठक हुई भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की साधारण सभा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्री परमार ने महाविद्यालय के विकास, आयुर्वेद के संवर्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। आयुष मंत्री परमार ने आगामी सिंहस्थ महापर्व की दृष्टि से शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। मंत्री परमार ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद, योग और जीवनशैली आधारित स्वास्थ्य पद्धतियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर का उपयोग आयुर्वेद और योग के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनजागरूकता के लिए किया जाना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है और इसे गाँव-गाँव तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संस्थान से योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक योग गतिविधियाँ संचालित करने तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। मंत्री परमार ने आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इसे भारतीय रसोई (किचन) से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय भोजन परंपरा स्वयं में आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित रही है तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले मसाले, औषधीय पौधे एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य संरक्षण के प्रभावी माध्यम हैं। आयुर्वेद को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए इसकी उपयोगिता को प्रत्येक घर तक पहुँचाना आवश्यक है। बैठक में पिछले वर्ष की कार्यकारिणी सभा के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिसर में 500 बिस्तरों वाले आयुर्वेद चिकित्सालय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिसर में नवीन ऑडिटोरियम निर्माण किए जाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में अतिथि गृह तथा छात्रावास अधीक्षकों के आवास निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में उज्जैन (उत्तर) विधायक अनिल जैन कालूहेडा, उप सचिव आयुष श्रीमती रंजना देवड़ा, आयुष संचालनालय की प्रतिनिधि डॉ. वंदना बोराना, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. जे.पी. चौरसिया, नीमा जिलाध्यक्ष डॉ अनिल सराफ, पूर्व छात्र डॉ ईश्वर सिंह सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी, साधारण सभा के सदस्यगण एवं महाविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का संचालन डॉ अजयकीर्ति जैन और आभार प्रदर्शन प्रो. नृपेन्द्र मिश्रा ने किया।  

मंत्री परमार का निर्देश: विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों और आधुनिक कौशल के अनुरूप करें तैयार

विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में कार्य करें : मंत्री परमार उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की सामान्य परिषद की बैठक हुई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की सामान्य परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने संस्थान के शैक्षणिक, शोध, छात्र कल्याण एवं अधोसंरचनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री परमार ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने जापान सहित भारत के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों वाले देशों की भाषाओं के प्रशिक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे विदेशों में प्रभावी संवाद स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने संस्थान को इस दिशा में नवाचारपूर्ण पहल करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के लिए स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्याप्त शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया तथा कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त परिसर भी उतना ही आवश्यक है। मंत्री परमार ने संस्थान परिसर में वृहद स्तर पर नीम, बरगद, पीपल, जामुन एवं आम जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों के रोपण के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान के हरित वसुंधरा क्लब द्वारा लुप्तप्राय वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण एवं रोपण के संकल्प की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को अनुकरणीय बताया। मंत्री परमार ने संस्थान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत शोधपत्रों के संकलन एवं संस्थान के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का विमोचन भी किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक में संस्थान के वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार 503 रुपये को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही संस्थान के प्रत्येक संकाय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संचालक पदक प्रदान किए जाने तथा सामान्य परिषद के अध्यक्ष के नाम से विशेष पदक स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया। परिषद ने प्रत्येक संकाय के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के शैक्षणिक शुल्क में राहत प्रदान करने के प्रस्ताव को भी सहर्ष स्वीकृति दी। बैठक में उच्च स्तरीय शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फोरियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोप (FTIR) उपकरण के क्रय के लिये 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। साथ ही विभिन्न स्तरों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को भी परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया। बैठक में संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल द्वारा सामान्य परिषद को अवगत कराया गया कि वर्ष 2026 में भारतीय वाणिज्य परिषद का राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल में संस्थान द्वारा सेज विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर परिषद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपनी सहमति प्रदान की। बैठक में विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा अनिल पाठक, डॉ दिवा मिश्रा, माधव विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश व्यास, सीए संजय श्रीवास्तव, डॉ. शैलजा दुबे, डॉ. महिपाल सिंह यादव, डॉ. ज्योति सक्सेना, डॉ. रामकृष्ण श्रीवास्तव, डॉ. सभाकांत द्विवेदी, डॉ. स्वामी स्वरूप श्रीवास्तव, डॉ. अमित जैन, डॉ. निधि चौहान, डॉ. रचना सिंह ठाकुर एवं डॉ. अमित मांडले सहित सामान्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।  

भारत-जर्मनी रिश्तों को मिला नया विस्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं सहयोग की संभावनाएं

भारत, जर्मन संबंधों को मिला है नया आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जर्मनी के काउंसलेट जनरल हालियर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जर्मनी के काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हालियर का पुष्प-गुच्छ और विश्व धरोहर स्मारक सांची की फ्रेम युक्त तस्वीर भेंट कर स्वागत किया।हालियर ने भोपाल की सुंदरता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी जर्मनी की यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी जर्मनी यात्रा सुखद रही थी। भारत और जर्मनी के प्राचीन काल से संबंध हैं जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब नया आयाम मिल रहा है। उद्योग और व्यवसाय जगत में दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं। ये संबंध अब अधिक प्रगाढ़ हो रहे हैं। उद्योग और व्यवसाय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त रूप से ठोस कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन विद्वान मैक्समूलर ने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी और अन्य भाषाओं में अनुवाद किया था। वे संस्कृत के भी विद्वान थे और स्वामी विवेकानंद की नैसर्गिक प्रतिभा के कायल थे। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो, इस दृष्टि से नवम्बर 2024 में म्यूनिख जर्मनी में इण्टरैक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया था। मध्यप्रदेश जर्मनी के साथ दोतरफा सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जर्मन प्रतिष्ठानों द्वारा निवेश के साथ ही जर्मन भाषा के प्रशिक्षण के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में जर्मन भाषा के शिक्षण की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश की दृष्टि से जर्मन के औद्योगिक संस्थानों का मध्यप्रदेश में स्वागत है। गत 2 वर्ष में निवेश के कई प्रस्तावों को क्रियान्वित किया गया है। उन्होंने अब फिर से वह समय आया है जब विश्व की प्रमुख भाषाओं का अध्ययन किसी भी देश में किया जा सकता है। मध्यप्रदेश में जर्मन के शिक्षण- प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं अनेक उच्च शिक्षा संस्थाओं में की गई हैं। हमारे युवा भी भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाएं सीखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन कॉउंसलेट द्वारा पुन: जर्मनी आने के आमंत्रण पर कहा कि वे एक बार नहीं इससे अधिक बार जर्मनी आएंगे। निश्चित ही दोतरफा सहयोग का यह क्रम जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में जर्मनी के साथ साझेदारी को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर स्थित इंडो-जर्मन टूल रूम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के सफल औद्योगिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। बैठक में जर्मन ड्यूल एजुकेशन मॉडल के माध्यम से युवाओं के कौशल उन्नयन, मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और जर्मनी के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए नए अवसर विकसित करने के विषय में भी सार्थक चर्चा हुई। जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और जल गंगा संवर्धन अभियान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश आना अच्छा लगता है। वे यहां आकर प्रसन्न हैं। इंदौर और भोपाल में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भेंट की है। हालियर ने जानकारी दी कि इसी वर्ष जनवरी माह में अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी से जर्मन के फेडरल चान्सलर फ्रेडरिक मर्ज ने भेंट की है। मर्ज की भारत यात्रा का उद्देश्य भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को सशक्त करना था। भारत की संस्कृति से जर्मन चांसलर प्रभावित हुए थे और उन्होंने अंतराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने जर्मनी की ओर से विशेष स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। हालियर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उन्हें दिए गए सम्मान और आत्मीयता के लिए आभार माना। इस अवसर पर जर्मन काउंसलेट सेंटर इंडिया के पदाधिकारी अविनाश कश्यप ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग पूर्ण सहयोग के लिए तत्पर रहता है। हाल ही में नागदा में जर्मन सहयोग से संचालित संस्थान की समस्या का अविलंब समाधान किया गया है। उद्योग संचालन में आने वाली किसी भी कठिनाई को मध्यप्रदेश शासन की ओर से तत्काल दूर किया जाता है। इस अवसर पर एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड में प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित थे।