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आचार्य चाणक्य ने बताए ऐसे लोगों से शादी करने के नुकसान, जरूर जानें पहले।

शादी हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा और जरूरी फैसला होती है. अगर लाइफपार्टनर सही और अच्छा हो, तो आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाती है, लेकिन अगर एक गलत इंसान जिंदगी में कदम रख दे, तो पूरी जिंदगी बर्बाद होने का खतरा रहता है. आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले अपनी नीतियों में शादी को लेकर कुछ बेहद ही जरूरी और साथ ही कड़वी बातें बताई थीं, जो आज के समय में भी हमें एक सही रास्ता दिखाने का काम कर रही हैं. अपनी नीतियों में उन्होंने बहुत ही साफ-साफ यह चेताया था कि कुछ खास तरह के लोगों से आपको कभी भी शादी करने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए. अगर आप इन लोगों से शादी कर लेते हैं, तो आपकी जिंदगी बर्बाद होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है. अगर आप भी शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, तो चाणक्य की इन बातों को एक बार जरूर समझ लें. बाहरी खूबसूरती के चक्कर में न फंसें आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको कभी भी सिर्फ चेहरा देखकर या बाहरी सुंदरता पर मरकर शादी का फैसला नहीं लेना चाहिए. कई बार लोग सुंदर चेहरा देखकर शादी के लिए बिना सोचे ही हां कर देते हैं, लेकिन बाद में उनका यही फैसला जीवनभर पछतावे की वजह बनता है. चाणक्य के अनुसार, किसी भी इंसान की असली सुंदरता उसके मन और उसकी सोच में होती है. अगर किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और संस्कार अच्छे नहीं हैं, तो उसकी बाहरी खूबसूरती बहुत जल्दी फीकी लगने लगती है. इसलिए, चेहरे की चमक के पीछे भागने के बजाय इंसान के दिल और सोच को परखना ज्यादा जरूरी है. 30 साल के होने से पहले जान लें आचार्य चाणक्य की ये 7 बातें, वरना बाद में हाथ लगेगा सिर्फ पछतावा गुस्से वाले और कड़वा बोलने वाले लोगों से अक्सर हमने अपने बड़ों से यह सुना ही है कि मीठी बोली से दुश्मन को भी अपना दोस्त बनाया जा सकता है, लेकिन जो इंसान हमेशा गुस्से में रहता है और हर छोटी बात पर कड़वे शब्दों का इस्तेमाल करता है, वह घर की शांति को पूरी तरह खत्म कर देता है. आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसे इंसान से शादी करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए क्योंकि जिसका खुद के गुस्से पर कंट्रोल न हो, वह कभी भी आपकी परवाह नहीं करेगा. कड़वी जुबान वाले लोग न सिर्फ आपका दिल दुखाएंगे, बल्कि समाज में आपके परिवार की इज्जत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. लालची और पैसों के पीछे भागने वाले आचार्य चाणक्य के अनुसार शादी का जो रिश्ता होता है वह पूरी तरह से भरोसे और प्यार की बुनियाद पर टिका हुआ होता है. यह कभी भी धन-दौलत पर टिका हुआ नहीं रहता है. आचार्य चाणक्य ने इस बात को लेकर आगाह करते हुए बताया है कि जो लोग बेहद लालची होते हैं या सिर्फ पैसों को देखकर रिश्ता जोड़ते हैं, वे कभी भी आपके बुरे वक्त में आपका साथ नहीं निभाएंगे. इस तरह के लोगों के लिए रिश्ते से ज्यादा आपकी जेब और हैसियत मायने रखती हैं. अगर कल को आपकी जिंदगी में पैसों से जुड़ी दिक्कतें आई, तो ये लोग सबसे पहले आपका साथ छोड़ सकते हैं. इसलिए, पैसों के लालची इंसान से दूरी बनाकर रखना ही आपके लिए समझदारी है. जो दूसरों का आदर-सम्मान न करना जानते हों एक अच्छे जीवनसाथी या लाइफपार्टनर की पहचान इस बात से भी होती है कि वह आपके साथ ही नहीं बल्कि दूसरों के साथ भी कैसा बर्ताव करता है. चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता, बड़ों या समाज के अन्य लोगों का सम्मान नहीं करता, वह कभी आपको भी सच्चा सम्मान नहीं दे पाएगा. शादी के बंधन में सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि दो परिवार भी आपस में जुड़ते हैं. अगर सामने वाले में अपनों के प्रति आदर का भाव नहीं है, तो वह आपके परिवार को कभी अपना नहीं मान पाएगा और घर में हमेशा कलह बनी रहेगी. धर्म और अच्छे कर्मों से दूर रहने वाले यहां पर धर्म का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ से नहीं है, बल्कि इसका संबंध सही और गलत की समझ से है. जो इंसान अच्छे कर्मों में विश्वास नहीं रखता, हमेशा झूठ कहता है या फिर दूसरों को धोखा देने में माहिर होता है, वह कभी एक भरोसेमंद लाइफपार्टनर नहीं बन सकता. आचार्य चाणक्य के अनुसार, ऐसे लोगों के साथ जिंदगी बिताना किसी नरक से कम नहीं होता क्योंकि उनकी गलत आदतें एक न एक दिन आपको भी बड़ी मुसीबत में डाल सकती हैं. इसलिए शादी से पहले इंसान के चाल-चलन और उसकी आदतों को अच्छी तरह से जान लेना आपके लिए बहुत ही जरूरी हो जाता है.

मोबाइल नंबर बिना WhatsApp इस्तेमाल होगा आसान, नए फीचर की करेगी सरकार समीक्षा।

अगर आप जल्द ही अपना मोबाइल नंबर बताए बिना सिर्फ यूजरनेम के जरिए WhatsApp इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. WhatsApp जल्द ही ऐसा बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे लोग फोन नंबर शेयर किए बिना एक-दूसरे से जुड़सकेंगे. हालांकि इस नए फीचर ने भारत सरकार का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार इस फीचर की गहराई से समीक्षा करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के नए रास्ते न खुल जाएं. अगर जांच में कोई गंभीर खामी सामने आती है, तो Meta से जवाब भी मांगा जा सकता है. WhatsApp का नया यूजरनेम फीचर क्या है? व्हाट्सऐप एक नया यूजरनेम सिस्टम ला रहा है, जिसके बाद यूजर्स अपनी पहचान के लिए मोबाइल नंबर की जगह एक यूनिक यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसका मकसद लोगों की प्राइवेसी बढ़ाना है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के साथ बातचीत करनी होती है. कंपनी के अनुसार, यूजरनेम बनाना पूरी तरह वैकल्पिक होगा. यूजर चाहें तो बाद में अपना यूजरनेम बदल भी सकेंगे या हटा भी सकेंगे. शुरुआत में यह सुविधा धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाई जाएगी. सरकार क्यों कर रही है इस फीचर की समीक्षा? भारत में पिछले कुछ वर्षों में WhatsApp के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर स्कैम के मामलों में तेजी आई है. ऐसे में सरकार यह समझना चाहती है कि मोबाइल नंबर छिपने के बाद कहीं अपराधियों के लिए फर्जी पहचान बनाना और आसान तो नहीं हो जाएगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि WhatsApp ने फर्जी अकाउंट, पहचान की नकल (Impersonation) और साइबर अपराध रोकने के लिए कितनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है. यदि समीक्षा के दौरान कोई गंभीर कमी मिलती है, तो Meta को नोटिस जारी किया जा सकता है. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? WhatsApp के अनुसार, यूजरनेम 3 से 35 कैरेक्टर तक का हो सकेगा. कुछ बड़े सार्वजनिक व्यक्तियों और मशहूर हस्तियों के नाम सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि कोई दूसरा उनका गलत इस्तेमाल न कर सके. इसके अलावा कंपनी एक वैकल्पिक “यूजरनेम की” भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. यह एक छोटा न्यूमेरिक कोड होगा, जिसे यूजर अपने भरोसेमंद लोगों के साथ साझा कर सकेंगे. इसका उद्देश्य फर्जी अकाउंट और नाम की नकल करने वालों से अतिरिक्त सुरक्षा देना है. Meta यह भी कहता है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और निजी संदेश सुरक्षित रहेंगे. चिंता किस बात की है? डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर जहां प्राइवेसी बढ़ाएगा, वहीं साइबर अपराधियों को भी नया मौका दे सकता है. यदि कोई ठग किसी मशहूर व्यक्ति, बैंक, कंपनी या सरकारी संस्था से मिलता-जुलता यूजरनेम बना ले, तो लोगों को धोखा देना आसान हो सकता है. कुछ विशेषज्ञों ने Telegram का उदाहरण भी दिया है, जहां यूजरनेम आधारित सिस्टम का फायदा उठाकर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए और लोगों से ठगी की गई. उनका मानना है कि भारत जैसे बड़े WhatsApp बाजार में मजबूत एंटी-फ्रॉड सिस्टम बेहद जरूरी होंगे. आम यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? अगर यह फीचर सुरक्षित तरीके से लागू होता है, तो यूजर्स को कई फायदे मिल सकते हैं. ग्रुप चैट, बिजनेस बातचीत और नए लोगों से संपर्क करते समय मोबाइल नंबर छिपा रहेगा, जिससे प्राइवेसी बेहतर होगी. लेकिन यूजर्स को भी सतर्क रहने की जरूरत होगी. किसी अनजान यूजरनेम से आए मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी होगा. संदिग्ध अकाउंट मिलने पर तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है.  

Patna News: अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, DM ने खाली कराई जमीन; अब विकसित होंगे पार्क और खेल मैदान

 पटना डीएम कुंदन कुमार ने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई आदेश दिए। एक ओर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही पर कार्रवाई की व्यवस्था की तो दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए खाली स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वहां ग्रीन पार्क, रिक्रिएशन जोन या बैडमिंटन कोर्ट बनाने का निर्देश दिया। डीएम मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा, एडीएम सिटी संजय कुमार, एडीएम आरके दिवाकर, एडीएम चित्रगुप्त कुमार, नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक व अन्य अधिकारियों के साथ अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की और एक से 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जोनवाइज हॉटस्पॉट चिह्नित कर स्थायी समाधान पर जोर: डीएम ने एडीएम सिटी को निर्देश दिया कि नगर निगम व अन्य निकायों के टाउन प्लानर की मदद से शहरी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर जोनवाइज अतिक्रमण हॉटस्पॉट (अतिक्रमण के संवेदनशील क्षेत्रों) को चिह्नित कर कार्य योजना बनाकर अतिक्रमण का स्थायी समाधान किया जाए। इसके लिए खाली हुए क्षेत्र में सुंदरीकरण व विकास के कार्य किए जाएं। वहां जन सुविधाओं जैसे ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, रिक्रिएशन जोन अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। दोबारा अतिक्रमण रोका जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारी उस स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश स्थायी रूप से रोकें। दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जल्द शुरू होंगे 32 वेंडिंग जोन: नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित है। डीएम ने सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर इन वेंडिंग जोन में आसपास के अव्यवस्थित वेंडिंग शांप व वेंडर्स को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। एक से 31 जुलाई तक अभियान के लिए नौ टीमों का गठन किया गया है। यह मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी के साथ नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ व दानापुर में चलेगा। इसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हैं। इन क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर: डीएम ने कहा कि नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गांधी मैदान, सगुना मोड़, दानापुर रेलवे स्टेशन रोड शहर की लाइफलाइन है। जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई हो। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का असर दिखना चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जागे। अधिकारियों को सभी अस्पतालों समेत हर क्षेत्र की मुख्य सड़कों व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का आदेश दिया। वसूला 55 हजार जुर्माना डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर  राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कई प्रकार की सामग्रियां जब्त करने के साथ स्थायी-अस्थायी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। साथ ही 55,500 रुपये जुर्माना वसूला गया। अब तक इस अभियान के तहत कुल 16 लाख 84 हजार 850 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। नूतन राजधानी अंचल में आर ब्लाक से स्टेशन गोलंबर से वीणा सिनेमा हाल तक, बांकीपुर अंचल में नाला रोड, आर्य कुमार रोड एवं भिखना पहाड़ी क्षेत्र में, कंकड़बाग अंचल में मलाही पकड़ी से 90 फीट मोड़ तक तथा नगर परिषद खगौल में दानापुर रेलवे स्टेशन से विजय सिंह यादव पथ तक अतिक्रमण हटाया गया। पटना सिटी अंचल में नाला पर से गुरूगोबिंद सिंह लिंक पथ होते हुए भगत सिंह चौक तक, पाटलिपुत्र अंचल में रेल पुलिस केंद्र चीना कोठी से बुद्ध मार्ग तक, अजीमाबाद अंचल में डंका इमली से ज्युडिशियल एकेडमी होते हुए अशोक राज पथ एवं महावीर घाट तक अभियान चलाया गया। नगर परिषद दानापुर निजामत में टी प्वाइंट गोला रोड से गोला रोड मेन तक तथा नगर परिषद फुलवारीशरीफ में थाना गोलंबर से खगौल रोड बीएमपी-16 तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

Bilawal Bhutto का बड़ा बयान, सिंधु के पानी को लेकर भारत को दी न्यूक्लियर धमकी; बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद सिंधु जल संधि (इंडस वॉटर्स ट्रीटी) को लेकर भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है. पाकिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बिलावल ने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को रोकने की कोशिश की गई तो इसे सिर्फ पर्यावरण या कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि देश के अस्तित्व पर हमला माना जाएग।  बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु सिद्धांत (न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन) में कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की गई हैं, जिनमें देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा मानी जाती है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को रोकना "न्यूक्लियर आर्मागेडन" जैसी स्थिति बनाता है, तो इसका जवाब भी उसी गंभीरता से दिया जाएगा।  जरदारी ने आरोप लगाया कि भारत पानी को दबाव बनाने के हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है. बिलावल ने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है. इसलिए पाकिस्तान अपने पानी, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा हर हाल में करेगा।  बिलावल भुट्टो जरदारी ने आगे और क्या कहा? बिलावल ने कहा, "हम शांति चाहते हैं, लेकिन सम्मान के साथ. हम बातचीत चाहते हैं, लेकिन कानून के दायरे में. हम साथ रहना चाहते हैं, लेकिन किसी के सामने झुककर नहीं." उन्होंने दावा किया कि अगर कोई यह सोचता है कि पाकिस्तान अपने पानी के अधिकार छोड़ देगा, तो वह पाकिस्तान की जनता को नहीं जानता।  पहलगाम हमले के बाद भारत ने लिया था एक्शन भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित (अबेयंस) कर दिया था. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है. पाकिस्तान की करीब 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है, इसलिए इस संधि को वहां बेहद अहम माना जाता है।  यह पहली बार नहीं है जब बिलावल ने इस मुद्दे पर धमकियों भरा बयान दिया है. 2025 में भी उन्होंने कहा था कि "या तो सिंधु में हमारा पानी बहेगा या उनका खून." अब एक बार फिर उन्होंने परमाणु सिद्धांत का हवाला देकर संकेत दिया है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है। 

दिल्ली में चार साल में बनेंगे 32 हजार चार्जिंग पॉइंट, नई ईवी पॉलिसी लागू।

नई दिल्ली  ईवी पॉलिसी 2.0 के आने के बाद सरकार का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर 31.83 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। इसमें 77.17 फीसदी टूव्हीलर शामिल होंगी। इस अनुमानित संख्या के आधार पर सरकार ने अगले चार साल में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना तैयार कर ली है। नई ईवी पॉलिसी 2.0 के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान (15 जून 2026 तक) में कुल 9.89 लाख रजिस्टर्ड ई-गाड़ियां हैं। नई ईवी पॉलिसी में परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले सालों में हर साल औसतन 7-8 लाख ई-गाड़ियां रजिस्टर्ड होंगी। इन चार सालों में 24.57 लाख ई-टूव्हीलर, 1.88 लाख फोरव्हीलर, 2.50 लाख ई-रिक्शा, 22,887 ई-ऑटो के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के कामर्शियल या गुड्स व्हीकल रजिस्टर्ड होंगे। ईवी पॉलिसी 2.0 में हर साल 6-7 लाख गाड़ियां बढ़ेंगी     परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग इंफ्रा की योजना भी पॉलिसी में तैयार की गई है।     चार साल में 32 हजार चार्जिंग पॉइंट तैयार होंगे, जिसमें 8913 अभी मौजूद हैं।     अगले चार साल में एक हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करके कुल 23 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे।     बैटरी स्वैपिंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे। ईवी पॉलिसी के अनुसार, कुल मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से 9.57 लाख गाड़ियों को पब्लिक चार्जिंग इंफ्रा की जरूरत पड़ेगी।     कुल मौजूद ई-टूव्हीलर में से 25 फीसदी को पब्लिक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी।     इसी तरह 25 फीसदी निजी ई-कार के लिए चार्जिंग पॉइंट की जरूरत होगी।     6-7 लाख गाड़ियां हर साल बढ़ेंगी ईवी पॉलिसी 2.0 में     32 हजार से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने की प्लानिंग कर रही सरकार अगले चार साल में     सीएम ने कहा, पुरानी ईवी पॉलिसी की कमियों को दूर कर बनाया गया 2030 का रोडमैप     2030 तक दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ई-मोबिलिटी की दिशा में ले जाने की प्लानिंग कितनी खूबसूरत हैं रवीना टंडन की 21 साल की बेटी राशा, देखिए वीडिय नई ईवी पॉलिसी जुलाई से होगी लागू नई ईवी पॉलिसी-2026 एक जुलाई से लागू हो जाएगी। सीएम आतिशी मार्लेना ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि 2030 तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ले जाना है। इसलिए नई नीति में ई-गाड़ी की खरीद के साथ बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग पॉइंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है। ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में अहम भूमिका निभाई     सीएम के मुताबिक, 2020 में लागू की गई पुरानी ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि केवल प्रोत्साहन देकर ईवी की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं।     इसी को ध्यान में रखते हुए नई ईवी पॉलिसी-2026 तैयार की गई है, जिसमें चार्जिंग इन्फ्रा के विस्तार, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप शामिल है।     नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी जारी रहेगी।     पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराने पर 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही एक अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक रजिस्टर्ड होंगे।     थ्री व्हीलर के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।     पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर 25 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक प्रोत्साहन मिलेगा जनवरी 2027 से ई-ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। पहली बार माल ढोने वाली गाड़ियों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। एन-1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। शुरुआती एक हजार एन-2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय में विशेष छूट मिलेगी। सरकार ने स्कूल ट्रांसपोर्ट को भी नीति का हिस्सा बनाया है। 2030 तक स्कूल बसों के बेड़े को 30 फीसदी इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।  

अंबाला में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा, CM नायब सैनी ने 337 करोड़ की 7 परियोजनाएं दीं

अंबाला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ़ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता को 337 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कुल 7 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ किया और साथ ही 'डॉक्टर्स डे' के अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मयोगियों को बधाई दी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर पूरे हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। यह केवल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध हरियाणा के निर्माण का हमारा संकल्प है। हमारी सरकार तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण के कार्यों को दोगुनी गति से आगे बढ़ा रही है। 114 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सेवाएं और 325 अमृत सरोवर समर्पित मुख्यमंत्री ने बताया कि नारायणगढ़ से शुरू की गई इन परियोजनाओं में 114 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 7 स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 223 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 325 अमृत सरोवर भी प्रदेश की जनता को समर्पित किए गए हैं। नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल अब हुआ 100 बेड का क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री ने नागरिक अस्पताल में लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से बने नए 50 बेड के ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस नए ब्लॉक के शुरू होने से नारायणगढ़ का नागरिक अस्पताल अब 100 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक हस्पताल बन गया है। इसके साथ ही अस्पताल में एक ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भी शुभारंभ किया गया। आज की परियोजनाओं को मिलाकर अकेले नारायणगढ़ क्षेत्र के विकास पर अब तक ₹858 करोड़ खर्च किए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में नारायणगढ़ के लिए कुल 74 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 61 पूरी हो चुकी हैं और 5 पर काम तेजी से जारी है। इस वित्त वर्ष के बजट में नारायणगढ़ में एक नए राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के निर्माण का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में बनने वाले 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) में अंबाला और नारायणगढ़ को भी शामिल किया गया है, जिसके लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।- सीएम नायब सैनी, हरियाणा कैंसर पीड़ितों को बड़ी राहत सीएम ने याद दिलाया कि गत 11 फरवरी को प्रदेश के 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटरों की शुरुआत की गई थी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बड़ी राहत मिल रही है। नारायणगढ़ में कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए पांच करोड़ की राशि अलग से देने का एलान किया। नारायणगढ़ और शहजादपुर दोनों स्थानों पर आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा।

एचवीएसी और सुपर लग्जरी बसों में बिना टिकट सफर पर होगी विभागीय कार्रवाई।

चंडीगढ़  हरियाणा रोडवेज की एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) तथा सुपर लग्जरी एसी बसों में रोडवेज कर्मचारी और अधिकारी मुफ्त यात्रा नहीं कर सकेंगे। इन बसों में बगैर टिकट यात्रा करते पाए जाने वाले परिवहन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निदेशालय ने बिना टिकट यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती के निर्देश जारी किए हैं। उप परिवहन नियंत्रक (यातायात) अरविंद शर्मा द्वारा सभी महाप्रबंधकों को भेजे पत्र में कहा गया है कि मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ अधिकारी और कर्मचारी एचवीएसी और सुपर लक्जरी बसों में बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इससे पहले 30 जून 2024 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे कि हरियाणा रोडवेज का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना टिकट एचवीएसी बसों में यात्रा नहीं करेगा। इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। रियायती और निशुल्क यात्रा के लिए निर्धारित श्रेणियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति, यहां तक कि हरियाणा रोडवेज के अधिकारी और कर्मचारी भी, इन बसों में मुफ्त यात्रा के पात्र नहीं होंगे। सभी को निर्धारित किराया देकर टिकट लेना अनिवार्य है।

पंजाब के टीचर्स के लिए बड़ी खबर, राज्य सम्मान के लिए 10 जुलाई तक करें अप्लाई

चंडीगढ़. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार देश में शिक्षकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने स्कूल शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को दिशा देने में अटूट समर्पण का प्रदर्शन किया है। पंजाब के इच्छुक शिक्षक इस पुरस्कार के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इस पुरस्कार के लिए सभी नियमित शिक्षक, स्कूल प्रमुख और प्रभारी आवेदन करने के पात्र हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद जिला चयन समिति उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करेगी। फिर राज्य चयन समिति शॉर्टलिस्ट किए गए योग्य शिक्षकों की दोबारा जांच करेगी और 31 जुलाई तक स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी को राज्य की ओर से 6 नामांकन भेजेगी। इसके बाद राष्ट्रीय ज्यूरी राज्य से भेजे गए उम्मीदवारों में से अंतिम विजेताओं का चयन करेगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी के समक्ष अपने कार्य, उपलब्धियों और शिक्षण के नवाचारी तरीकों की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रस्तुति में यह बताया जाएगा कि उन्होंने विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने में क्या योगदान दिया है। अंत में व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक का चयन 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए किया जाएगा।

रांची में ओला-उबर-रैपिडो सेवाएं प्रभावित, हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी आज।

रांची  ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल आज भी जारी है। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का दावा है कि ओला, उबर और रैपिडो प्रबंधन के साथ हुई बातचीत में किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर सहमति बनी है, लेकिन बढ़ा हुआ किराया लागू करने के लिए कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में आवश्यक अपडेट करना होगा, जिसमें कुछ समय लग सकता है। यूनियन नेताओं के अनुसार, चारपहिया टैक्सी सेवाओं के किराए को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, जबकि चारपहिया कैब चालकों की मांगों से संबंधित मामला कंपनियों के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय तक पहुंच गया है। कंपनियों की ओर से बताया गया है कि इस विषय पर पैनल स्तर पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं कंपनी ने कहा तीन दिनों में एक भी बुकिंग नहीं हो पाई है। यह चिंता का विषय है। करीब 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल टैक्सी यूनियन का दावा है कि रांची और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल हैं। हड़ताल के कारण शहर में ऑनलाइन कैब सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन के अनुसार, कई चालकों को पिछले तीन दिनों से कोई बुकिंग नहीं मिली है। इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आज रांची प्रेस क्लब में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में कैब चालकों के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख इलाकों में दिखा हड़ताल का असर एयरपोर्ट, रांची रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, कांके, अरगोड़ा चौक, कांटाटोली, बरियातू, नामकुम रेलवे स्टेशन, हरमू रोड और रातू रोड सहित कई इलाकों में चालक अपनी गाड़ियों के साथ सांकेतिक प्रदर्शन करते नजर आए। कई स्थानों पर टैक्सियां सड़क किनारे खड़ी कर आंदोलन को समर्थन दिया गया। यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी हड़ताल का सबसे अधिक असर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और कांटाटोली बस स्टैंड के आसपास देखने को मिला। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के मौसम में अचानक कैब सेवाएं ठप होने से लोगों को बैटरी रिक्शा, आटो और टैंपो का सहारा लेना पड़ा है। वहीं इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने जल्द समाधान निकालकर सामान्य कैब सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

सीमा के गांवों में बिजली संकट होगा खत्म, छत्तीसगढ़ से शुरू होगी बिजली आपूर्ति

बीजापुर-सुकमा. सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है। पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है। नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।