samacharsecretary.com

CM डॉ. मोहन यादव बोले- आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही बाबा खाटू श्याम का त्याग, वीरता-विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाटू श्याम मंदिर तलून बड़वानी के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही है। भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाई है, उनके मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है, समाज तभी आगे बढ़ता है जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। बड़वानी जिले के तलून में बनने वाला खाटू श्याम मंदिर इस गौरवशाली विरासत को मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलून में खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बाबा खाटू श्याम ने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए त्याग किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का अवसर केवल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। बाबा खाटू श्याम की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के दु:ख हरने वाले देवता माने जाते हैं। बाबा खाटू श्याम को बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। महाभारत में उन्होंने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया था। उनका यह अद्वितीय त्याग भारतीय संस्कृति में वीरता, विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मां नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद महंत शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर बनाने का विचार आया और शहर के भक्तों के सहयोग से मंदिर का सपना साकार हुआ। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। यह मंदिर भी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा खाटू श्याम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य तथा प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में सांसद गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंत पटेल, महंत महामण्डलेश्वर हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, अध्यक्ष खाटू श्याम मंदिर बड़वानी शशि गिरि जी महाराज तथा अन्य संतगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

Ketan Agrawal Murder Case: 27 गुण मिलाकर हुई थी सिया-केतन की शादी, अब जांच में आया चौंकाने वाला मोड़

 पुणे  पुणे केतन अग्रवाल मर्डर मामला एक मिस्ट्री बनता जा रहा है. राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह ही इसमें भी एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सिया गोयल के सोनम रघुवंशी से भी ज्यादा शातिर होने की आशंका हो रही है. पुणे पुलिस के सामने चुनौती बनते जा रहे इस मामले में डर भी सता रहा है, यही वजह है कि पुलिस अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।  जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केतन अग्रवाल मर्डर केस पूरी तरह परिस्थितिजन्य सबूतों (circumstantial evidence) पर टिका हुआ है. इतने दिन की जांच के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सीधा सुराग नहीं लगा है जिससे केतन की हत्या के आरोपी का साफ-साफ पता चल सके. लिहाजा पुलिस हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर देख रही है और साबित करने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने ही हत्या की है और इसमें कोई शक नहीं बचता।  बता दें कि पुणे ग्रामीण पुलिस इस मामले में बेहद सावधानी से चार्जशीट तैयार कर रही है. पुलिस नहीं चाहती कि सोनम रघुवंशी मामले की तरह कोई कानूनी या प्रक्रिया संबंधी गलती हो, जिससे आरोपी को राहत मिल जाए और पीड़ित की न्याय की आवाज दब जाए।  यही वजह है कि पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराना चाहती है. हालांकि भारत में पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट सीधे कोर्ट में सबूत के तौर पर मान्य नहीं होती. लेकिन पुलिस का मानना है कि इससे कई नए सुराग मिल सकते हैं और असल सबूतों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है।  पुलिस मानती है कि पूछताछ के दौरान संभव है कि सिया अनजाने में कोई ऐसा क्लू बता दे जो आगे की जांच को बढ़ा दे और आरोपी तक पहुंचा दे. पुलिस यह देखना चाहती है कि क्या उसने पहले लोहागढ़ किले की ऊंचाई गूगल पर सर्च की थी, या फोन में कोई ऐसी डिजिटल गतिविधि की थी जिसके बारे में पुलिस को अभी पता नहीं है, तो पुलिस बाद में उस डिजिटल सबूत जैसे ब्राउज़र हिस्ट्री, लोकेशन डेटा या डिलीटेड सर्च को कानूनी तरीके से जुटा सकती है. ऐसे डिजिटल सबूत कोर्ट में मान्य भी हो सकते हैं।  फिलहान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है. ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसने सिया और चेतन को केतन को पहाड़ी से धक्का देते देखा हो. इसके अलावा घटना का कोई CCTV फुटेज भी नहीं मिला है. लिहाजा यह मामला जटिल हो गया है।  जो CCTV फुटेज मिला है, उसमें सिर्फ सह-आरोपी चेतन चौधरी घटनास्थल के पास हूडी पहने नजर आता है. लेकिन सिर्फ इससे हत्या साबित नहीं होती।  27 गुण मिलने पर तय हुई थी सिया और केतन की शादी गोयल और अग्रवाल परिवार  ने इस रिश्ते को 'परफेक्ट मैच' माना था. कुंडली मिलाई गई, 27 गुण मिले, परिवार के ज्योतिषी ने इसे सफल और आदर्श विवाह बताया और फिर पूरे रीति-रिवाज के साथ सगाई भी हो गई. लेकिन कुछ ही महीनों बाद वही रिश्ता अब देश के सबसे चर्चित हत्या मामलों में बदल चुका है और घर-घर इसी की चर्चा हो रही है।  परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2026 में केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता आगे बढ़ाने से पहले दोनों परिवारों ने पारंपरिक तरीके से कुंडली मिलवाई थी. इसके लिए परिवार के ज्योतिषी को बुलाया गया था. बताया गया कि दोनों की कुंडलियों में 36 में से 27 गुण मिले थे, जिसे विवाह के लिए अच्छा माना गया. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, केतन का 'देव गण' और सिया का 'मनुष्य गण' बताया गया था. परिवार के ज्योतिषी ने इसे अनुकूल संबंध बताते हुए कहा था कि यह विवाह सफल हो सकता है. इसी के बाद दोनों परिवारों ने रिश्ते को अंतिम रूप दिया।   रिश्ते की शुरुआत, फिर बदला माहौल पुलिस जांच के अनुसार, फरवरी में पुणे के एक होटल में दोनों की सगाई हुई. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए और नवंबर 2026 में विवाह की योजना बनाई गई. इसी बीच पुलिस सूत्रों का दावा है कि सगाई के बाद करीब दो महीने तक सिया ने नए रिश्ते को अपनाने की कोशिश की. हालांकि बाद में चेतन चौधरी फिर से उसकी जिंदगी में आया और यहीं से परिस्थितियां बदलने लगीं. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरानहत्या की साजिश बनी. हालांकि अभी इन सभी आरोपों की पुष्टि  होना बाकी है।  सिया के भाई साहिल गोयल ने क्या बताया सिया के भाई साहिल गोयल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे इस बात की जानकारी थी कि सिया और चेतन एक-दूसरे को जानते थे और दोस्त थे. हालांकि उसके अनुसार, सगाई के बाद सिया बार-बार यही कहती थी कि अब उसका चेतन से कोई संपर्क नहीं है.  जांच के दौरान केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने शादी तय होने के बाद कई बार सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी.  पुलिस की जांच के अनुसार, केतन ने परिवार से पूछा था कि क्या सिया के बारे में पूरी तरह जानकारी लेने के बाद ही रिश्ता तय किया गया है. उसने यह भी बताया था कि कई बार जब वह सिया को फोन करता था तो उसका फोन व्यस्त मिलता था. बातचीत के दौरान सिया अक्सर चेतन चौधरी का नाम भी लेती थी, जिससे उसके मन में संदेह पैदा हुआ. हालांकि परिवार ने उसे समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं।  क्राइम सीन भी किया रीक्रिएट पुलिस ने घटना को समझने के लिए डमी (नकली शरीर) से क्राइम सीन रीक्रिएट भी किया, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसकी कानूनी अहमियत बहुत कम है. डमी कैसे गिरेगी, यह उसके वजन, एंगल और स्पीड पर निर्भर करता है. इससे यह साबित नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को धक्का दिया गया था या वह खुद फिसल गया।  इसलिए अभियोजन पक्ष अब मोटिव (हत्या की वजह) और डिजिटल सबूतों पर ज्यादा भरोसा कर रहा है. पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन … Read more

क्रिकेट के ‘घर’ में पुजारा का सम्मान, भारत के दिग्गज बल्लेबाज बने MCC के लाइफ मेंबर

नई दिल्ली  भारत के टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन और योगदान से विशेष पहचान बनाई हो।  इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए पुजारा ने कहा, 'एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. यह मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है. हर क्रिकेटर लॉर्ड्स में खेलने का सपना देखता है, क्योंकि इसे क्रिकेट का घर कहा जाता है. ऐसे प्रतिष्ठित क्लब का आजीवन सदस्य बनना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि जब वर्षों की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को इस तरह की पहचान मिलती है, तो वह एहसास बेहद खास होता है. पुजारा ने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी क्रिकेट के प्रति अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।  अपने शांत स्वभाव, धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और भारत के लिए कई यादगार टेस्ट पारियां खेलने वाले पुजारा ने लंबे समय तक टीम इंडिया की बल्लेबाजी की रीढ़ की भूमिका निभाई. अब एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता उनके शानदार करियर में एक और प्रतिष्ठित उपलब्धि बन गई है।  चेतेश्वर पुजारा का अंतरराष्ट्रीय करियर  अंतरराष्ट्रीय डेब्यू: 2010 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट) आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच: 2023 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल) अंतरराष्ट्रीय करियर: 2010 से 2023 कुल टेस्ट मैच: 103 कुल रन: 7195 टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक और 35 अर्धशतक सर्वोच्च टेस्ट स्कोर: 206* रन वनडे मैच: 5  कुल रन: 51 2018-19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 521 रन बनाकर भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के हीरो रहे। 

जयपुर सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, ग्राहकों को मिली राहत।

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी खूबसूरत ज्वेलरी के लिए देश-विदेश में खास पहचान बनाए हुए है. अगर आप शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं या फिर सोने-चांदी में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा भाव जान लेना जरूरी है. आइए जानते हैं 1 जुलाई 2026 को जयपुर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है या तेजी? जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार 1 जुलाई 2026 को सोने के दाम में करीब 220 रुपये प्रति ग्राम की कमी आई है. वहीं चांदी भी 2.5 रुपये प्रति ग्राम सस्ती हुई है. लगातार दो दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे खरीदारी करने वालों और कारोबारियों की नजर भाव पर बनी हुई है. मंगलवार यानी 30 जून को जयपुर में सोने का भाव 14,520 रुपये प्रति ग्राम था, जो बुधवार को घटकर 14,300 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया. इसी तरह चांदी का भाव 231 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 228.5 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया. दोनों कीमती धातुओं में आई इस गिरावट का असर आभूषणों के दाम पर भी देखने को मिला. 22 कैरेट गोल्ड में बड़ी गिरावट 22 कैरेट सोने का भाव 13,510 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 13,260 रुपये प्रति ग्राम हो गया. यानी इसमें 250 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट दर्ज की गई. वहीं 18 कैरेट सोना 11,330 रुपये से घटकर 11,060 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया. 14 कैरेट सोने का भाव भी 9,000 रुपये से घटकर 8,870 रुपये प्रति ग्राम रह गया. इससे साफ है कि सभी प्रमुख श्रेणियों के सोने में गिरावट दर्ज की गई है. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने के आभूषणों की वापसी (रिटर्न) पर 500 रुपये प्रति ग्राम की कटौती लागू रहेगी. यह नियम पहले की तरह जारी रहेगा। 1 जुलाई 2026 के जयपुर सर्राफा बाजार के प्रमुख भाव इस प्रकार है…     गोल्ड- 14,300 रुपये प्रति ग्राम     सिल्वर- 228.5 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में 14 से लेकर 22 कैरेट गोल्ट के दाम     22 कैरेट गोल्ड- 13,260 रुपये प्रति ग्राम     18 कैरेट गोल्ड- 11,060 रुपये प्रति ग्राम     14 कैरेट गोल्ड- 8,870 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में आज का चांदी का भाव     1 ग्राम चांदी: ₹231     1 किलो चांदी: ₹2,60,000 मार्केट के एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट से ग्राहकों को कुछ राहत मिली है.

भागलपुर के 384 गांवों के विकास को लेकर 20 वर्षीय महायोजना तैयार होगी।

पटना  राज्य सरकार ने भागलपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के साथ आसपास के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित करना है। पहले आयोजना का क्षेत्रफल था 218.28 वर्ग किमी अब 359 वर्ग किमी नगर विकास विभाग के अनुसार पहले अधिसूचित भागलपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 218.28 वर्ग किलोमीटर था। विस्तार के बाद इसमें 140.72 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जोड़ दिया गया है। अब कुल आयोजना क्षेत्र 359 वर्ग किलोमीटर का हो गया है। महायोजना के तहत आवास, सड़क, जल निकासी, पेयजल, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने और शहर के संतुलित विस्तार में मदद मिलेगी। सबसे अधिक गांव नाथनगर प्रखंड के, कुल 384 गांवों का होगा विकास विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भागलपुर नगर निगम के अलावा नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर भी शामिल हैं। इसके साथ दो सेंसस टाउन तथा कुल 384 राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे। इनमें सबसे अधिक 144 गांव नाथनगर प्रखंड के हैं। इसके अलावा जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। सरकार ने आयोजना क्षेत्र की नई सीमाएं भी निर्धारित कर दी हैं। साथ ही नक्शा, शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा आबादी का विवरण भी स्वीकृत कर दिया है। एक नजर में     कुल आयोजना क्षेत्र: 359 वर्ग किमी     पहले का क्षेत्रफल: 218.28 वर्ग किमी     नया जोड़ा गया क्षेत्र: 140.72 वर्ग किमी     शहरी निकाय: 3 (भागलपुर नगर निगम, सबौर व हबीबपुर नगर पंचायत)     सेंसस टाउन: 2     राजस्व गांव: 384     महायोजना की अवधि: अगले 20 वर्ष या विस्तारित अवधि     उद्देश्य: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का समेकित एवं सुनियोजित शहरी विकास।  

अरुण साव ने जारी किए ₹104.54 करोड़, महापौर-अध्यक्ष और पार्षद निधि से होंगे शहरी विकास कार्य

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश रायपुर  राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं।  विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

हरियाणा के IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार, नकली दवा रैकेट में रिश्वत लेने का आरोप

चंडीगढ़. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के आईपीएस (IPS) अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह गिरफ्तारी नकली दवा बनाने वाले एक बड़े रैकेट की जांच से जुड़े तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी मामले में की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कथित अपराध के समय आईपीएस दीपक गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) में रीजनल डायरेक्टर (क्षेत्रीय निदेशक) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने इस मोटी रिश्वत के बदले जांच एजेंसी (CBI) के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा किया था। उन्होंने पुडुचेरी के एक व्यवसायी को भरोसा दिलाया था कि वह इस प्रभाव के जरिए नकली दवा रैकेट की CBI जांच का रुख उसके पक्ष में मोड़ देंगे। जांच एजेंसी इस मामले में रिश्वत के पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। कोर्ट में पेशी के बाद आगे की रिमांड और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

500 वाहनों पर ट्रांसपोर्ट विभाग की कार्रवाई, अमृतसर के ट्रांसपोर्टरों में मचा हाहाकार

अमृतसर. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए सैक्रेटरी आर.टी.ए. दफ्तर की तरफ से जिले के 500 से ज्यादा वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है जिससे ट्रांसपोर्टरों में हाहाकार मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से सख्त आदेश दिए गए हैं कि जो ट्रांसपोर्टर विभाग की तरफ से लगाए गए जुर्माने व टैक्स को समय पर अदा नहीं करते हैं उनको ब्लैकलिस्ट किया जाए जिसके बाद सैक्रेटरी आर.टी.ए. की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई न सिर्फ जिला अमृतसर बल्कि अन्य जिलों में भी की गई है ताकि सरकारी रैवेन्यू को नुकसान से बचाया जा सके। 90 दिन बाद वाहन ब्लैकलिस्ट  अधिकारियों ने बताया कि जब किसी वाहन का चालान किया जाता है और वाहन का मालिक यदि 90 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरता है और 90 दिन पार हो जाते हैं तो संबंधित वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद जब तक जुर्माना अदा करके विभाग की तरफ से एन.ओ.सी. नहीं दी जाती तब तक संबंधित वाहन को किसी भी प्रकार का परमिट, आर.सी., रिन्यू आदि किसी भी प्रकार की सेवा नहीं दी जाती है। ट्रांसपोर्टर ने किया हंगामा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को भारी भरकम जुर्माने किए जा रहे हैं जिसके रोष स्वरूप एक ट्रांसपोर्टर बख्शीश सिंह की तरफ से आर.टी.ए. दफ्तर पर आकर हंगामा किया गया। ट्रांसपोर्टर का आरोप था कि उसके वाहन को विभाग की तरफ से ब्लैकलिस्ट किया गया है जबकि उसने सभी जुर्माने अदा कर रखे हैं। दूसरी तरफ सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने बताया कि संबंधित ट्रांसपोर्टर के गुजरात में चालान हुए हैं जिसके चलते ट्रासंपोर्टर के वाहन को ब्लैकलिस्ट वाली लिस्ट से रिमूव नहीं किया जा सकता है। गुप्ता ने कहा कि जिस वाहन का तय समय अवधि में जुर्माना अदा कर दिया जाता है उसको ब्लैकलिस्ट वाले पोर्टल से रिमूव कर दिया जाता है। वीडियो कोच बसों व स्कूल वैन्स पर पैनी नजर ट्रांसपोर्ट विभाग की अमृतसर से दिल्ली, अमृतसर से जम्मू-कटड़ा, अमृतसर से राजस्थान व अन्य रूटों पर चलने वाली वीडियो कोच बसों पर भी पैनी नजर है। सैक्रेटरी आर.टी.ए. सहित ए.डी.टी.ओ. व अन्य अधिकारियों की तरफ से नाकाबंदी करके वीडियो कोच बसों की चैकिंग की जा रही है और चोर रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। जो बसें अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं उनके परमिट भी चैक किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ से स्कूलों में जून महीनों की हुई छुटि्टयों के दौरान विभाग की तरफ से स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे कि सेफ स्कूल वैन पॉलिसी के नियमानुसार स्कूल वैन्स व बसों को तैयार किया जाए जिसके तहत आने वाले दिनों में स्कूल वैन्स की चैकिंग अभियान शुरू किया जाएगा और उन स्कूल वैन्स को बंद किया जाएगा जो सेफ स्कूल वैन्स के नियमों का पालन नहीं करती हैं। ई-सेवा पोर्टल भी खराब  पिछले एक सप्ताह से जिला प्रबंधकीय दफ्तर स्थित सदर सेवा केन्द्र व अन्य सेवा केन्द्रों में ई-सेवा पोर्टल खराब चल रहा है और सर्वर डाऊन होने के कारण ट्रांसपोर्ट विभाग सहित अन्य सभी विभागों के काम नहीं हो रहे हैं। पता चला है कि सरकार की तरफ से एक नया पोर्टल भी लांच किया जा रहा है। फिलहाल लोगों को इन दिनों काफी परेशानी हो रही है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जुर्मानों से बचें ट्रांसपोर्टर  जिला अमृतसर के सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं और जुर्मानों से बचें। जिन वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है उसका जुर्माना अदा होने के बाद ही विभागीय सुविधाएं मिलेंगी।

नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, कोंडागांव में तहसीलदार के रीडर को ACB ने रंगे हाथों दबोचा

कोंडागांव. फरसगांव तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि नामांतरण के बदले 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 35 हजार रुपये दे चुका था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते आरोपी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल तेज हो गए हैं। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

भोपाल से आदेश जारी, कर्मचारियों और अधिकारियों का 5% DA बढ़ा; जुलाई 2025 से मिलेगा एरियर

भोपाल  लगातार बढ़ती महंगाई से अन्य लोगों के साथ ही सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी परेशान हैं। ऐसे समय में नगर निगम भोपाल ने अपने अमले को खासी राहत दी है। निगम ने अपने हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू की जाएंगी। इस सबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर देने की बात कही गई है। जिनका निधन हो चुका है उनके परिजनों को एरियर दिया जाएगा। इससे पहले राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों के डीए में वृद्धि कर चुकी है। मध्यप्रदेश में डीए फिर बढ़ाया गया है। अब भोपाल नगर निगम के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य शासन ने बड़ी राहत दी है। सातवें वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। डीए में पांच फीसदी बढ़ोत्तरी से कर्मचारियों को खासा लाभ होगा। भोपाल नगर निगम के इस निर्णय के बाद अब कर्मचारियों को 252 प्रतिशत के स्थान पर 257 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की यह बढ़ी हुई दरें एक जुलाई से प्रभावशील मानी जाएंगी। यह राशि मई 2026 से अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के नियमित वेतन के साथ जोड़कर दी जाएगी। महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा। जो कर्मचारी एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नामांकित परिजनों को एरियर की पूरी राशि का भुगतान होगा। सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी। दिवंगत कर्मचारियों के नामांकित आश्रितों एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। प्रमुख बिंदु 5 प्रतिशत बढ़ा डीए 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हुआ 1 जुलाई 2025 से लागू होगा एरियर पांच किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 तक मिलेगा सेवानिवृत्तों को एकमुश्त एरियर दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को देंगे राशि