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पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की एयरस्ट्राइक, ISIS के ठिकानों को बनाया निशाना, तनाव बढ़ा

काबुल  पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण अब हालात काफी तनावपूर्ण हैं. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन ISIS-K के ठिकानों पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. तालिबान के मुताबिक,  इन ठिकानों से अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी. यह दावा पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।  तालिबान का कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई है. अफगानिस्तान के न्यूज चैनल 'टोलो न्यूज' ने भी इस दावे की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के ड्रोन विमानों ने सीधे उन ठिकानों को हिट किया जहां ISIS-K के आतंकी छिपे थे. खैबर पख्तूनख्वा के सरान इलाके में तो एक स्कूल को मलबे में तब्दील कर दिया गया, क्योंकि आतंकी उसे अपना गुप्त ठिकाना बनाकर रह रहे थे. तालिबान ने साफ किया कि इस हमले में कई आतंकी ढेर हुए हैं, जबकि किसी भी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।  पाकिस्तान के हमले का करारा पलटवार तालिबान का यह बड़ा एक्शन रविवार को पाकिस्तान द्वारा की गई बमबारी का नतीजा माना जा रहा है. दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की उस कार्रवाई में कम से कम 28 बेकसूर लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. वहीं, अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मरने वाले नागरिकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. तालिबान के इस ताजा एक्शन को उसी पाकिस्तानी हमले का सीधा और करारा जवाब माना जा रहा है।  सोमवार को भारत ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हमलों की निंदा की. भारत का कहना है कि किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ती है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पड़ोसियों पर ऐसे हमले करता रहा है।  फिलहाल, पाकिस्तान हमेशा की तरह आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि तालिबान का कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की खुद की पैदा की हुई अंदरूनी समस्या है. अब इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जंग का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। 

पेट्रोल-डीजल बचाने की नसीहत भूल गए BJP नेता? दौरे में वाहनों के लंबे काफिले ने खींचा ध्यान

भोपाल  पश्चिम एशिया में संकट के बीच पीएम मोदी ने आम लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी। पीएम मोदी की अपील का असर नेताओं पर भी पड़ा था। लेकिन लगता है कि बीजेपी के नेता अपने ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को भूल गए हैं। बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर एक बार फिर से वाहनों का काफिला दिखाई देने लगा है। हाल ही में सीएम डॉ मोहन यादव बैतूल जिले के दौरा पर थे। सीएम डॉ मोहन यादव के काफिले में कई वाहन दिखाई दिए। सीएम का काफिला पहले की तरह दिखाई दिया। जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि लगता है बीजेपी के नेता ही पीएम मोदी की अपील को भूल गए हैं। सिंधिया के दौरे पर दिखा काफिला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिनों के गुना जिले के दौरे पर थे। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। सिंधिया के साथ अन्य विधायक भी अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूद थे। शिवराज के दौरे में भी दिखे थे काफिले वहीं, हाल ही में सीहोर जिले के भैरूंदा दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए थे। शिवराज सिंह चौहान लंबे काफिले के साथ सड़क पर नजर आए थे। जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि आम जनता ने पीएम मोदी की अपील पर अमल किया लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता पीएम की अपील को भूल गए हैं। पीएम मोदी ने जताया था आभार बता दें पीएम मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात का प्रसारण हुआ था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपनी पुरानी अपील का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने सहयोग के लिए जनता का आभार जताया था।     पीएम मोदी की अपील को भूल गए बीजेपी नेता     पीएम ने की थी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील     फिर सड़कों पर दिखने लगे बड़े-बड़े काफिले     बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर दिखा काफिला काफिलों में वाहनों की संख्या घटाई गई थी बता दें कि पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर में नेताओं ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी अपने काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या घटा दी थी।

Kylian Mbappé ने रचा इतिहास, मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी; गोल्डन बूट जीतने के सबसे बड़े दावेदार बने

पेरिस  फीफा विश्व कप 2026 में अगर किसी खिलाड़ी ने अब तक सबसे बड़ा मंच अपने नाम किया है, तो वह हैं फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे. स्वीडन के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में एम्बाप्पे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने न सिर्फ फ्रांस को 3-0 की आसान जीत दिलाई, बल्कि उन्हें कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी मालिक बना दिया।  27 साल के एम्बाप्पे ने मैच में दो गोल दागे. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर फ्रांस ने प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना पराग्वे से होगा. लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एम्बाप्पे का रिकॉर्डतोड़ शो रहा।  मेसी की बराबरी, लेकिन गोल्डन बूट की रेस में आगे स्वीडन के खिलाफ दूसरे हाफ में अपना दूसरा गोल करते ही एम्बाप्पे. ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 6 कर ली. इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली, जिनके नाम भी 6 गोल हैं।  हालांकि गोल्डन बूट की दौड़ में एम्बाप्पे फिलहाल मेसी से आगे हैं. वजह है कि उनके नाम 6 गोलों के अलावा 2 असिस्ट भी हैं. यानी अगर दोनों खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं, तो अतिरिक्त असिस्ट एम्बाप्पे को बढ़त दिलाते हैं।  वर्ल्ड कप नॉकआउट का नया 'किंग' बने ए्म्बाप्पे इस मुकाबले ने एम्बाप्पे को एक और ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचा दिया. उन्होंने विश्व कप नॉकआउट चरण में अपने गोलों की संख्या 10 कर ली, जो अब तक किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा है।  मैच का पहला गोल उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम (45वें मिनट) में शानदार व्यक्तिगत कौशल दिखाते हुए किया. स्वीडन के डिफेंडर को छकाने के बाद उन्होंने गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं छोड़ा. यह उनका नॉकआउट चरण में 9वां गोल था, जिससे उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ियों लियोनिडास और रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।  इसके बाद 74वें मिनट में माइकल ओलीसे के शानदार पास पर उन्होंने दूसरा गोल दागकर यह रिकॉर्ड और मजबूत कर दिया।  मेसी से अब सिर्फ एक गोल पीछे एम्बाप्पे का यह विश्व कप करियर भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. अब उनके नाम 18 विश्व कप मैचों में 18 गोल हो चुके हैं. वह विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में मेसी से सिर्फ एक गोल पीछे हैं. मेसी के नाम फिलहाल 19 गोल दर्ज हैं।  कोच के लिए खास जश्न मैच का सबसे भावुक पल तब आया जब पहला गोल करने के तुरंत बाद एम्बाप्पे सीधे अपने कोच दिदिएर डेसचैम्प्स के पास पहुंचे और उन्हें गले लगाया. यह डेसचैम्प्स का वापसी मैच था. वह ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में अपनी मां के निधन के कारण टीम के साथ नहीं थे. ऐसे में एम्बाप्पे ने अपना गोल अपने कोच को समर्पित कर दिया।  84वें मिनट में एम्बाप्पे को आराम देने के लिए मैदान से बाहर बुला लिया गया, लेकिन तब तक वह मैच और रिकॉर्ड बुक- दोनों पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुके थे।  अब गोल्डन बूट की जंग और भी दिलचस्प हो गई है. एक तरफ मेसी हैं, दूसरी तरफ एम्बाप्पे. दोनों के 6-6 गोल हैं, लेकिन फिलहाल बढ़त फ्रांस के सुपरस्टार के पास है. अगर यही फॉर्म जारी रही, तो विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट और कई नए रिकॉर्ड एम्बाप्पे के नाम हो सकते हैं। 

हरियाणा के सभी सरकारी विभागों के लिए नया आदेश, वेबसाइट पर अनिवार्य होगी जानकारी सार्वजनिक करना

चंडीगढ़. हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-4 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी विभागों पर कानून के तहत निर्धारित सूचनाओं को स्वत: सार्वजनिक करने का वैधानिक दायित्व है। आयोग ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग आरटीआई आवेदन देने की आवश्यकता को न्यूनतम करना है। मामले में क्षितिज दत्ता ने आयोग से अनुरोध किया था कि उनकी शिकायत को द्वितीय अपील के रूप में माना जाए, क्योंकि उनका मुख्य विवाद सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने से संबंधित था। आयोग ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए आयोग सचिवालय को शिकायत को द्वितीय अपील में परिवर्तित कर उचित अपील संख्या आवंटित करने के निर्देश दिए। प्रकटीकरण से संबंधित मांगी गई सूचनाएं राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने अपने आदेश में कहा कि आरटीआई आवेदन में मुख्य रूप से धारा-4 के तहत अनिवार्य स्वत: प्रकटीकरण से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं। आयोग ने कहा कि धारा-4 प्रत्येक लोक प्राधिकरण पर यह वैधानिक दायित्व डालती है कि वह अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखे और निर्धारित श्रेणियों की सूचनाओं का सक्रिय रूप से प्रसार करे, ताकि नागरिकों को व्यक्तिगत आरटीआई आवेदन दाखिल करने की आवश्यकता न पड़े। आदेश में कहा गया कि धारा-4 के पीछे विधायी मंशा अधिकतम प्रकटीकरण और औपचारिक सूचना मांगने की प्रक्रिया का न्यूनतम उपयोग सुनिश्चित करना है। सूचना अधिकारियों को किया गया ट्रांसफर सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से कहा गया कि मांगी गई सूचना जीएसटी, वैट, आबकारी, प्रवर्तन, विधिक, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, लेखा और प्रशासन समेत कई शाखाओं से संबंधित है तथा उसकी शाखा से जुड़ी जानकारी नौ जून, 2026 के पत्र के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि आयोग ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरटीआई आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित शाखाओं अथवा नामित लोक सूचना अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया था। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'नामित लोक सूचना अधिकारी केवल इस आधार पर अपनी वैधानिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता कि सूचना विभिन्न शाखाओं से संबंधित है। उसका दायित्व है कि वह संबंधित अभिरक्षकों अथवा नामित लोक सूचना अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर सूचना मांगने वाले को समेकित उत्तर उपलब्ध कराए।' भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना आवश्यक आयोग ने कहा कि जिन सूचनाओं के सार्वजनिक होने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है, उनका व्यापक स्तर पर स्वत: प्रसार करना लोक प्राधिकरणों की जिम्मेदारी है। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया, जिनमें केंद्रीय और राज्य सूचना आयोगों को धारा-4 के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत निगरानी करने और आवश्यक सिफारिशें जारी करने के लिए कहा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के सभी विभाग आरटीआई अधिनियम की धारा-4 को उसकी अक्षरश: भावना के अनुरूप लागू करने के लिए बाध्य हैं और उन्हें सर्वोच्च न्यायालय तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इसके साथ ही, आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि धारा-4 के तहत स्वत: सार्वजनिक की जाने वाली सभी सूचनाएं विभागीय वेबसाइटों पर उपलब्ध हों तथा उनका नियमित अद्यतन और रखरखाव किया जाता रहे।

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं रायपुर राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

दिल दहला देने वाली घटना: पंजाब में महिला ने 3 बच्चों के साथ लगाई नहर में छलांग, खुद बच निकली

रूपनगर. मां की ममता की कहानियां अक्सर बच्चों की हिफाजत से जुड़ी होती हैं, लेकिन मोहाली की इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। गांव मटौर में एक महिला ने सोमवार को अपने तीन बच्चों को धक्का देकर नहर में फेंक दिया। इसके बाद खुद भी आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी। बाद में तैर कर खुद किनारे पर आ गई। घटना में दो बच्चों के शव मोरिंडा शहर के आगे भाखड़ा नहर से बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। वहीं, नहर के पास से पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वह डूबी नहीं और तैर कर किनारे पर आ गई थी। बताया जा रहा है कि महिला शकुंतला उर्फ सुमन मोहाली के मटौर की रहने वाली है। आत्महत्या करने के लिए भाखड़ा नहर के पास आई महिला सोमवार को वह आत्महत्या करने के लिए ही मोहाली से रोपड़ में भ्योरा हाईवे पुल के नीचे भाखड़ा नहर के पास आई थी। उसने यहां अपने तीनों बच्चों 10 वर्षीय तपश, सात वर्षीय तनवी और चार वर्षीय नितिन को नहर में फेंके दिया। मृतक बच्चों के दादा रामबाबू ने बहू शकुंतला पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार सामान्य नहीं था और वह कई बार बच्चों को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करती थी। स्वजन के मुताबिक, परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था और घर में लगातार तनाव का माहौल बना रहता था। घर पर नहीं थे बहू और बच्चे उन्होंने कहा कि बहू के साथ काफी समय से झगड़े भी होते थे। पता नहीं था कि वह बच्चों को मार ही देगी। वहीं, उन्होंने पुलिस को बताया है कि जब वह शाम को काम से लौटे तो बहू और बच्चे घर पर नहीं थे। जब उन्हें खोजा गया तो उनका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शकुंतला के मोबाइल की लोकेशन से उसका पता निकाला। उसकी लोकेशन रोपड़ में दिखी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नहर के किनारे से ही शकुंतला को गिरफ्तार कर लिया। महिला ने तब सारी घटना के बारे बताया। वहीं डीएसपी सिटी-1 गुरचरण सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। आरोपित महिला से पूछताछ जा रही है।

छत्तीसगढ़ में तेज होगी मानसून की रफ्तार, कई जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी

जगदलपुर. बस्तर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद शाम को फिर कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अभी तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं हो सकी है। इसी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम बनने पर भारी वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी। हल्की और मध्यम बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिल रही है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि गतिविधियां भी अब मानसून की रफ्तार पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट; BSP प्रत्याशी पर दिए बयान से जुड़ा मामला

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए। स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब जीतू पटवारी लगातार मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है। जानें क्या है पूरा मामला यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।  यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। अदालत में पेश नहीं हो रहे थे जीतू पटवारी देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। 27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि "वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं" तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

अमेरिका में खतरनाक हीटवेव का कहर, 115 डिग्री ‘फीलिंग’ तापमान ने बढ़ाई 6 करोड़ लोगों की परेशानी

वाशिंगटन  अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी।  अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए हीट अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा. लेकिन असली चिंता तापमान नहीं, बल्कि हीट इंडेक्स को लेकर है. ज्यादा नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को गर्मी 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी।  अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी चेतावनी में कहा है कि देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में खतरनाक और कई जगह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने वाली है. एजेंसी के मुताबिक, यह हीटवेव 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड तक जारी रह सकती है।  दिन तो दिन, रात में भी नहीं मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन ही नहीं, रातों में भी राहत नहीं मिलेंगी. कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इसका मतलब है कि लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा।  NWS के मुताबिक, हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें एक्चुअल तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी को भी शामिल किया जाता है. इसलिए कई बार थर्मामीटर पर तापमान कम दिखाई देता है, लेकिन शरीर को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि इस बार हीट इंडेक्स 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट तक रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में यह 115 डिग्री तक पहुंच सकता है।  हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, एयर कंडीशनर या ठंडी जगहों पर रहें और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।  दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका का पूर्वी हिस्सा आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में मौसम बिल्कुल उल्टा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है. हालांकि देश के बड़े हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही खतरनाक हीटवेव बनी हुई है, जिसने करोड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है और आने वाले कई दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। 

अपेक्स बैंक में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ, प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने किया उद्घाटन

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया  भोपाल  आज अपेक्स बैंक मुख्यालय के टी.टी.नगर स्थित प्रांगण में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने भारत सरकार के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई 2021 को भारत सरकार में पहली बार सहकारिता मंत्रालय की पृथक स्थापना की गई थी एवं इसी दिन देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को सहकारिता मंत्री की जवाबदारी भी सौंप गई थी तथा 11 जून 2024 को अमित शाह ने दूसरी बार देश के केंद्रीय सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था ।  इसी तारतम्य में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने यह अपेक्षा की थी कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जावे।  मध्य प्रदेश में सहकारिता आंदोलन के व्यापक प्रचार प्रसार युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने नई सहकारी समितियां के गठन तथा सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु सात दिवसीय व्यापी थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है, आज इसी कड़ी में प्रथम दिवस अपेक्स बैंक में सहकारी ध्वज का ध्वजारोहण, उसके पश्चात वृक्षारोपण के पश्चात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने "सहकारिता की शपथ" दिलाई एवं सामूहिक रूप से सहकारी गीत के गायन का आयोजन हुआ।  यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और इसी कड़ी में दिनांक  14 अप्रैल 2026 से प्रदेश में किसानों को सदस्य बनने के उद्देश्य से शुरू हुआ महासदस्यता अभियान जो 30 जून तक चलेगा, इसमें अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने और सदस्य बनाने की पहल की जाना अत्यंत आवश्यक है, तभी उन्हें कृषि व सहकारिता से संबंधी शासन की जनहित हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा।  उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात लगभग दो माह के भीतर मैंने महा सदस्यता अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की दिशा में एवं उनसे सीधा संवाद स्थापित करने के प्रयास के उद्देश्य से प्रदेश के सभी संभागों का द्वौरा किया है एवं मेरी अपेक्षा है कि अपेक्स बैंक में बैठने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी एक-एक संभाग का एक सप्ताह का प्रवास कार्यक्रम बनाएं और उस संभाग के जिलों में भ्रमण कर संवाद की इस श्रृंखला को और गति प्रदान करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस महा अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। आरंभ में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज  गुप्ता ने आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।  आभार प्रदर्शन अरुण मिश्रा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अपेक्स बैंक ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन आशीष राजोरिया प्रबंधक ने किया।  कार्यक्रम में विशेष कर्तव्य व्यस्त अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे, उपमहा प्रबंधक के.टी. सज्जन, प्रबंधकगण विवेक मलिक करुण यादव समीर सक्सेना के साथ अपेक्स बैंक के सभी अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित हुए ।