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Twisha Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ की बढ़ीं मुश्किलें, CBI की कार्रवाई के बीच जेल से बाहर आना मुश्किल

भोपाल  नोएडा की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को जेल में रहते करीब 30 दिन हो गए हैं। उनकी न्यायिक हिरासत फिर से बढ़ गई है। कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की रिमांड 14 जुलाई तक बढ़ा दी। दोनों आरोपियों के जेल से बाहर आने में सीबीआई आड़े आ रही है। आरोपी गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 30 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश आरती आदित्य बांदिल की अदालत में सीबीआइ ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। हालांकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के पास हिरासत बढ़ाने का कोई नया आधार नहीं है लेकिन अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की। सीबीआइ ने अदालत में सुनवाई के दौरान जांच आगे बढ़ने की बात बताई। कोर्ट में उसकी ओर से दो आवेदन भी पेश किए गए। पहले आवेदन में समर्थ सिंह के जब्त लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई जबकि दूसरे में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी। सीबीआई के इन दोनों आवेदनों पर कोर्ट 3 जुलाई को सुनवाई करेगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। यदि आरोपी पक्ष को ऐसी अनुमति चाहिए तो उसे लिखित आवेदन देना होगा। दरअसल तमाम कवायदों के बाद भी सीबीआई की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसी पर तय समय सीमा में चार्जशीट पेश करने का भी दबाव है। वकील ने बताया केस का सबसे संदिग्ध पहलू, दिल्ली AIIMS पर भी शक भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। मंगलवार को कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ा दी है। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 2 जून से भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई अपनी पड़ताल में जुटी हुई है। इस बीच पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव का अहम बयान सामने आया है। उनका कहना है कि फिलहाल इस केस में हम सीबीआई पर बहुत निर्भर हैं। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्विशा शर्मा डेथ केस के सबसे संदिग्ध पहलू की भी जानकारी दी। उनके अनुसार लिगेचर बेल्ट पर की गई लापरवाही बड़ी खामी है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि उन्हें पहले से शक था कि दिल्ली AIIMS टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा। उन्होंने दूसरी पोस्टमार्टम के नतीजों को केस के लिए अहम बताया। समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के संबंध में पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "CBI ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्ज़ी दी थी और इसे 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम CBI पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। उन्होंने दो और अर्ज़ियां दायर करने की बात कही है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार एक मामला वॉइस स्पेक्ट्रोग्राफी टेस्ट से जुड़ा है। सीबीआई के अधिकारी, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह का यह टेस्ट करना चाहते हैं। इसके लिए संदिग्धों की असली आवाज़ से मिली हुई रिकॉर्डिंग का मिलान करना होगा, इसलिए उन्हें वॉइस सैंपल की ज़रूरत है। दूसरा मुद्दा एक लैपटॉप का है जिसे वे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। शुरू से ही शक था कि AIIMS दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा दिल्ली एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बोले- जहां तक दूसरे पोस्टमार्टम का सवाल है, मुझे शुरू से ही शक था कि AIIMS नई दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देना चाहेगा। हमने शुरुआती पोस्टमार्टम में कुछ कमियां बताई थीं, इसलिए हो सकता है कि वे FSL और विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हों। केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा- शुरू से ही मेरा यह मानना ​​रहा है कि इस मामले का सबसे संदिग्ध पहलू समय पर लिगेचर बेल्ट को ज़ब्त न कर पाना और उसे पहले पोस्टमार्टम के लिए उपलब्ध न करा पाना था। ट्विशा के परिवार के लिए दूसरे पोस्टमार्टम के नतीजे जानना बहुत ज़रूरी है। असल में उन्हें यह जानने का पूरा अधिकार भी है। फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी है लैपटॉप: ट्विशा पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय और शुभांग दीक्षित ने बताया, सीबीआइ समर्थ का लैपटॉप पहले ही जब्त कर चुकी है, लेकिन वह लॉक है। डिजिटल सबूत और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए उसका पासवर्ड जरूरी है। सीबीआइ ने समर्थ के लैपटॉप के पासवर्ड और मां-बेटे के वॉयस सैंपल की मांग की। जेल में बीते एक माह बता दें कि भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून को न्यायिक हिरासत में भोपाल की केंद्रीय जेल में भेजा गया था। वे तभी से यहीं हैं। इस प्रकार ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह करीब एक महीने से जेल में ही बंद हैं।

प्रतिमा बागरी को लेकर नया विवाद, आदेश के बाद मंत्री और विधायकी पर उठे सवाल; दिया बड़ा संदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश की एक महिला मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट के एक आदेश के कारण वे बुरी तरह घिर गई हैं। यहां तक कि मंत्रिमंडल से बाहर होने का खतरा भी मंडराने लगा है। प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी फर्जी जाति प्रमाण पत्र में घिरीं हैं। उन्हें राज्यस्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने तलब किया है। प्रतिमा बागरी को उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें उनकी अनुसूचित जाति प्रमाणित हो सके। ऐसा नहीं करने पर उनका मंत्रीपद भी जा सकता है। पद पर खतरा मंडराने के बीच मंत्री प्रतिमा बागरी भोपाल में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने नदी बचाने का संदेश दिया। एससी कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने छानबीन समिति को संबंधित पक्षों को बुलाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करने के आदेश दिए थे। समिति को यह तय करने को कहा गया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं। हाईकोर्ट ने समिति द्वारा जांच पूरी करने और इसके बाद उचित आदेश पारित करने के लिए समय सीमा भी तय की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि 30 जून 2026 तक समिति द्वारा निर्णय नहीं लेने पर याचिका को पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जा सकेगा। गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने याचिका में प्रतिमा बागरी पर गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बागरी ने अनुचित तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर रैगांव सीट से चुनाव लडा। याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि संबंधित इलाके में बागरी जाति, अनुसूचित जाति यानि एससी की सूची में शामिल नहीं है। उनका यह भी कहना है कि प्रतिमा बागरी राजपूत जाति से संबंधित हैं। उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो अनूसचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों से घिरीं नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें मंगलवार को उस समय बढ़ गई जब उन्हें राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने 6 जुलाई को तलब किया। उन्हें उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो। दस्तावेज न देने पर मंत्रीमंडल से उनकी छुट्टी हो सकती है। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होते ही मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। जाति प्रमाणपत्र पर घिरीं मंत्री प्रतिमा बागरी ने नदी बचाने का संदेश दिया है। मंगलवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने एक्स हेंडल पर लिखा— भोपाल स्थित होटल मैरियट में आयोजित नमामि गंगे मिशन अंतर्गत “डीपीआर तैयार करने एवं बेतवा नदी पुनर्जीवन विषयक क्षमता संवर्धन कार्यशाला” को संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यशाला में बेतवा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं दीर्घकालिक जल संवर्धन की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। हमारी नदियाँ केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी एवं प्रभावी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा। जल है तो कल है — नदी बचेगी, तभी प्रकृति और भविष्य सुरक्षित रहेगा।

यमुना नगर के कलेसर पार्क में तेंदुओं को मिलेगा खाना-पानी, वन विभाग की नई योजना शुरू

यमुना नगर. वन महोत्सव के दौरान तीन राज्यों की सीमा से सटे कलेसर नेशनल पार्क में इस बार केवल पौधे नहीं लगाए जाएंगे। जंगल को और बेहतर बनाने के लिए घास के खुले मैदान (ग्रासलैंड), ग्रीन कारिडोर और स्थायी जल स्रोत भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य तेंदुओं और दूसरे वन्यजीवों को जंगल में ही भोजन और पानी उपलब्ध कराना, उनका प्राकृतिक आवास मजबूत करना। साथ ही उन्हें आबादी की ओर आने से रोकना है। 25 हजार एकड़ के राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव विहार कलेसर में 50 तेंदुओं की मौजूदगी मानी जा रही है। उनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए वन्य प्राणी विभाग ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से पांच से सात हेक्टेयर क्षेत्र में घास के मैदान विकसित करने की योजना बनाई है। इन मैदानों में हिरण, जंगली सूअर, खरगोश और सांभर जैसे शाकाहारी वन्यजीव बढ़ेंगे, जो तेंदुओं का प्राकृतिक शिकार हैं। इससे तेंदुओं को भोजन के लिए जंगल छोड़कर गांवों या आबादी की ओर जाने की जरूरत कम पड़ेगी। जंगल में ही तेंदुओं को पर्याप्त शिकार मिलेगा वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर ज्योति कुमार ने बताया कि घास के मैदान बनने से शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी। इससे तेंदुओं को जंगल में ही पर्याप्त शिकार मिलेगा। उनके गांवों की ओर आने की घटनाएं कम होंगी। एमएलएन कालेज के जूलाजी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डा. राजीव कलसी ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का अभियान नहीं है। यह जंगल का प्राकृतिक संतुलन मजबूत करने का भी मौका है। कलेसर में घास के मैदान विकसित होने से तेंदुओं और दूसरे वन्यजीवों के संरक्षण को लंबे समय तक फायदा मिलेगा। कलेसर नेशनल पार्क उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क,राजाजी नेशनल पार्क की मोहांड रेंज सहारनपुर उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के सिम्बलबाड़ा वन्यजीव अभयारण्य से ग्रीन कारिडोर के जरिए जुड़ा है। वन विभाग इन रास्तों से अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती करेगा। गांवों के पास सोलर फेंसिंग और मवेशियों के लिए मजबूत बाड़ लगाने की भी योजना है। जंगल में स्थायी जल स्रोत भी बनाएंगे, ताकि गर्मी और सूखे के समय वन्यजीवों को पानी के लिए जंगल से बाहर न जाना पड़े।

फिरौती-फायरिंग के आरोपी बिल्ला का बटाला में एनकाउंटर, पुलिस की गोली लगने से घायल

बटाला. बटाला शहर में पिछले कुछ समय से हुई विभिन्न फिरौती और फायरिंग की घटनाओं में वांछित पांचवें आरोपी मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़ (28), पुत्र वसन सिंह, निवासी काहनूवान रोड बतला, को पुलिस आरोपी को उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए अलीवाल क्षेत्र में नहर किनारे लेकर गई थी। बरामदगी के दौरान आरोपी ने मोके पर छुपा कर रखी पिस्टल से अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए बटाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़ बटाला और आसपास के इलाकों में हुई कई फिरौती और फायरिंग की वारदातों में वांछित था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फैशन लंदन गारमेंट्स, एक कार डीलर से संबंधित प्रतिष्ठान तथा राइफल रेस्टोरेंट सहित कई स्थानों पर फायरिंग कर दहशत का माहौल बनाया था। उस पर कथित रूप से फिरौती मांगने के भी आरोप हैं। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही एसपी (पीबीआई) रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी ललित कुमार, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह तथा थाना घनिए के बांगर के एसएचओ लखबीर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं तथा मामले की आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़ के खिलाफ पहले से भी 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उसके खिलाफ करीब आठ आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें फायरिंग, धमकी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस उसके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। फिरौती और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। फिलहाल घायल आरोपी पुलिस निगरानी में उपचाराधीन है और उससे पूछताछ जारी है। मामले में आगे और तथ्य सामने आने पर पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।

बस्तर के कई गांवों में धर्मांतरण को लेकर बवाल, हालात संभालने पहुंची भारी पुलिस फोर्स

नारायणपुर. भरंडा के बाद अब ओरछा क्षेत्र के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच मतभेद खुलकर टकराव में बदल गया। आरोप है कि दो परिवारों का सामान घर से बाहर निकालकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया। स्थिति बिगड़ते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर समाधान तलाश रहा है। ग्रामीण पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक भागीदारी को अनिवार्य बता रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवार धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अनुष्ठानों से दूरी की बात कह रहे हैं। भरंडा के बाद यह दूसरा मामला प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। वनांचल के अन्य गांवों में भी ऐसे विवाद उभरने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, सामाजिक समरसता का भी बन गया है। प्रशासन के सामने स्थायी समाधान और संवाद कायम रखने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

महाकाल की नगरी में PepsiCo की बड़ी एंट्री, ₹1200 करोड़ के प्लांट से चमकेगी MP के आलू किसानों की किस्मत

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उद्योगिक विकास में एक बड़ा नाम मंगलवार को जुड़ गया. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ इसकी शुरुआत की. मुख्यमंत्री सारंगपुर से कार्यक्रम से जुड़े, जबकि उज्जैन स्थित प्लांट परिसर में फीता काटकर संयंत्र का शुभारंभ किया गया. दरअसल, पेप्सिको फ्लेवर कंसंट्रेट प्लांट इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ से अधिक की लागत से शुरुआत की गई है, जो कि देश में दूसरा और दुनिया में 9वां प्लांट है।  इस प्लांट के आने के बाद अब और भी उद्योग मध्य प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ सकते हैं. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और खास बात यह है आलू उगाने वाले किसानों को बड़ा फायदा होगा. इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मंत्री प्रह्लाद पटेल और मौके पर कंपनी के सीईओ यूजीन विलियम, सीईओ इंटरनेशनल ब्रेवरेज, सीईओ जागृत कोटेचा भारत व उज्जैन के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।  10 जिलों से 40 हजार टन आलू खरीदा जा रहा कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया, ''हम फिलहाल मध्य प्रदेश के 10 जिलों से 40 हजार टन आलू हर साल खरीद रहे हैं. हमारा लक्ष्य है 10 जिलों से नहीं 32 जिलों से हम आलू खरीदे. इस प्लांट के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा. यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. जहां रोबोट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है. इसकी शुरुआत महाकाल की नगरी में होना हमारे लिए सौभाग्य है और गर्व का क्षण है. कंपनी के मुख्य ब्रांड में पेप्सिको, माउंटेन ड्यू, ट्रॉपिकाना, लेज़, कुरकुरे, क्वेकर, गेटोरेड हैं, जिनके फ्लैवर कंसंट्रेट का उत्पादन इस प्लांट में होगा. जिसके बाद यहां से VBL कंपनी से हमारा टाइअप है वहां से बॉटलिंग पैकेज रहेगा और फिर पूरे भारत में सप्लाई किया जाएगा।  22 एकड़ में फैला है प्लांट MPIDC के निर्देशक राजेश राठौर ने ETV भारत से कहा, ''विक्रम उद्योगपुरी के लिए बड़े गर्व का विषय है. यहां कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशन में हर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 1266 करोड़ का ये निवेश है. लगभग 800 लोगों को इससे रोजगार मिलने की संभावना है. साथ ही ब्रांड वैल्यू की वजह से और भी उद्योग यहां निवेश कर सकते हैं।  ग्लोबल निवेश का हब बन रहा मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर शुभकामनाएं दी. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ''ये दिन मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्‍वपूर्ण है. उज्‍जैन जो पहले धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध था अब औद्योगिक विस्तार की नई इबारत भी लिख रहा है. हमारे लिए यह अत्यंत गौरव शाली क्षण है. मध्य प्रदेश शासन के निरंतर प्रयासों से आज मध्य प्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है. औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे।  उन्होंने आगे कहा कि, ''सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्‍जैन विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में शीर्ष पर गिनी जाती थी. हमारा लक्ष्य है कि यह नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्‍त करें. आस्‍था के साथ उज्‍जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें. उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है। 

एमपी में मानसून का असर तेज, 7 जिलों में हैवी रेन अलर्ट; 2-4 दिन में पूरे प्रदेश में पहुंचेगा मानसून

​भोपाल  ​मध्य प्रदेश में जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण औसत से काफी कम पानी बरसा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में दीर्घावधि औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि जून के आखिरी दिन मानसून ने जोरदार वापसी की है. जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने राज्य के सभी 55 जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें बालाघाट और डिंडौरी समेत 7 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा।  ​7 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट ​मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है. इसके चलते जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में अलर्ट पर रखा गया है. बालाघाट और डिंडौरी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और झंझावात के साथ अति भारी बारिश की चेतावनी है. यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित प्रदेश के बाकी सभी जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।  ​जून महीने में पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सूखा ​इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद असमान रही. पूरे जून महीने में राज्य में कुल 88.2 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 131.1 मिमी होना चाहिए था. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ​पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में सबसे अधिक सूखे जैसे हालात रहे. यहां दीर्घावधि औसत से -59 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई. रीवा, सीधी, सतना और शहडोल संभागों में जून के दौरान सूखे जैसे हालात रहे. इसके अलावा ​पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर रही, जहा औसत से केवल -7 प्रतिशत कम बारिश हुई है।  ​आंधी-बारिश से गिरा पारा, कई जिलों में जलभराव और हादसे ​मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया. वहीं आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, इस दौरान बिजली गिरने से हरदा और खरगोन में 3 लोगों की मृत्यु हो गई।  यह है ​मानसून की मौजूदा स्थिति ​30 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और भागों को कवर कर लिया है. इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''अगले 2 से 4 दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 

Punjab Weather: पठानकोट में 5 घंटे की बारिश से जलभराव, चंडीगढ़ भी भीगा; 2-3 दिन में मानसून की एंट्री

चंडीगढ़  पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर और मोहाली में बारिश हुई। इसके साथ ही चंडीगढ़ में बूंदाबांदी हुई। पठानकोट में बारिश के कारण स्कूल खुलने के पहले दिन ही कई बच्चे सुबह से नहीं पहुंच पाए। जबकि मोहाली और जांलधर में ठंडी हवांए चली।पठानकोट में करीब 5 घंटे हुए बारिश के बाद शहर में सड़कों पर करीब 3 से 4 फीट तक जगह-जगह पानी भर गया। इसक अलावा खड्डी नाला उफान पर आ गया, जिससे पानी पुल के ऊपर से जाने लगा। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है। 2-3 दिन में मानसून आने की संभावना है। चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में 12 बजे तक बारिश का अलर्ट है। पठानकोट में 5 घंटे की मूसलाधार बारिश से थमा जनजीवन मानसून की पहली जोरदार दस्तक ने पठानकोट शहर को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है। आज तड़के सुबह 2 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक लगातार 5 घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाला 'खड्डी नाला' उफान पर है। मनवाल, सिउंटी सहित जिले के 100 से अधिक गांवों को शहर से जोड़ने वाले रास्तों से गुजरते खड्डी नाला ने रास्ते बंद कर दिए। जिसके चलते लोग समय पर कामों पर नहीं पहुंच पाए। वहीं, शहर में पढ़ने वाले स्कूलों तक नहीं पहुंच पाए। शहर के गांधी चौक, अंदरूण बाजार में बरसात का पानी लोगों की दुकानों में घुसने से भारी नुक्सान हुआ है। लोगों ने बरसात से पहले शहर की निकासी के प्रबंध दरुस्त ना करने पर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई है। पहले ही दिन स्कूल बंद जैसे हालात गर्मियों की छुट्टियों के बाद आज स्कूल खुलने का पहला दिन था। बच्चे नए उत्साह के साथ स्कूलों के लिए तैयार हुए थे, लेकिन इस मूसलाधार बारिश ने उनके उत्साह पर पानी फेर दिया। सुबह के समय सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा होने के कारण अधिकांश स्कूली बसें अपने गंतव्य (स्कूलों और बच्चों के घरों) तक नहीं पहुंच पाईं। जलभराव के चलते शहर के लगभग सभी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी नामात्र दर्ज की गई। कई अभिभावकों को जलभराव के कारण रास्ते से ही बच्चों को लेकर घर लौटना पड़ा। पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य चौकों तक भारी जलभराव बारिश का सबसे भयानक रूप शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों में देखने को मिला। शहर के मुख्य मार्गों समेत कई प्रमुख कॉलोनियां पानी में डूब गईं। बाउलियां रोड और गांधी चौक: यहां सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से गाड़ियां आधी डूब गईं। वडैहरा मोहल्ला और टीचर कॉलोनी: इन क्षेत्रों में जल निकासी ठप होने से पानी गलियों को पार कर लोगों के घरों के कमरों तक पहुंच गया। पॉश एरिया प्रताप नगर: शहर के इस पॉश इलाके में भी प्रशासनिक नाकामी साफ दिखी, जहां सड़कों पर नाले का गंदा पानी तैरता नजर आया। वहीं औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद पंजाब का औसत तापमान अब भी सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। मंगलवार को फरीदकोट राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 30 जून को हिमाचल तक पहुंचा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है। 2-3 दिनों में पंजाब-चंडीगढ़ तक पहुंचेगा: अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन एवं दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 2 से 4 जुलाई तथा 6 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि रायपुर,  जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 2 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे आई.टी.आई. ग्राउंड, बम्हनीडीह में आयोजित किया जाएगा। समारोह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना तथा सभी नवनिर्वाचित पार्षद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े तथा जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थित रहेंगे।

सोनम रघुवंशी की जमानत पर नया मोड़, मेघालय हाईकोर्ट ने किया फैसला स्पष्ट; राजा रघुवंशी का परिवार करेगा चुनौती

 इंदौर मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।  विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला।  दरअसल, मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना।  मेघालय हाईकोर्ट ने साफ की तस्वीर मेघालय हाई कोर्ट ने  ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सोनम रघुवंशी को ज़मानत दी गई थी. सोनम पर 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल-जज बेंच ने राज्य सरकार की आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया. सरकार ने 27 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी।  जस्टिस डिएंगडोह ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार जिस तरह से तैयार किए गए थे, उससे पता चलता है कि उसमें "न्यायिक सोच का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया".  कोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि ऐसी तैयारी बिना किसी सोच-विचार के की गई थी और कहीं भी कोई खास आरोप या जानकारी नहीं मिलती. पुलिस स्पष्ट भी नहीं कर सकी कि आखिर सोनम रघुवंशी के खिलाफ असल में क्या आरोप हैं? कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज की कोर्ट ने कहा कि अगर गिरफ्तारी के आधार की जानकारी इस तरह दी जाती है तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की ओर से न्यायिक सोच के पूरी तरह से इस्तेमाल न किए जाने को दिखाता है. कोर्ट ने राज्य की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसके पास ज़मानत रद्द करने के लिए अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करने का कोई आधार नहीं है।  क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था।  किसे हई थी सजा? इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है।