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मध्य प्रदेश में कांग्रेस का मिशन 2028! 70 कमजोर सीटों की पहचान, भाजपा की 35 सीटों पर खास नजर

 भोपाल  मध्य प्रदेश में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए अब लगभग दो वर्ष ही बचे हैं। ऐसे में पिछले चुनाव में करारी हार झेल चुकी कांग्रेस ने उन सीटों पर अभी से जोर लगाना शुरू कर दिया है, जिन पर वह कभी नहीं जीती या एक-दो बार ही जीती है। ऐसी 70 सीटों की पहचान की गई है। पार्टी सबसे पहले इन विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर मतदाता सूची का सत्यापन करेगी। इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी के दौरे के बाद पार्टी इन सीटों पर फोकस करेगी। मतदाताओं के नाम, फोन नंबर सहित उनकी जानकारी संकलित की जाएगी, जिससे उनसे संपर्क किया जा सके। बता दें कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कुल 230 सीटों में से 66 ही कांग्रेस को मिली थीं। कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती हैं ये विधानसभा सीटें भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट पर 1980 से भाजपा का कब्जा है। यहां पहले बाबूलाल गौर और पिछले दो बार से उनकी बहू कृष्णा गौर विधायक हैं। सागर की रहली विधानसभा सीट से भाजपा के गोपाल भार्गव 1985 से लगातार जीत रहे हैं। इंदौर-2 विधानसभा सीट 1993 से भाजपा के पास है। घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे पार्टी कार्यकर्ता महामंत्री एवं संगठन प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस, डॉ. संजय कामले ने कहा कि पार्टी ने ऐसी 70 विधानसभा सीटें चिह्नित की हैं, जिनमें प्रदर्शन कमजोर रहा है। पार्टी इन सीटों पर कभी नहीं जीती या अभी तक में एक-दो बार ही जीती हैं। इन सीटों पर सबसे पहले मतदाता सूची के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जाएगा जो लगभग छह माह चलेगा। भाजपा के लिए 35 सीटों पर चुनौती भाजपा ने भी जनसंघ के समय से नहीं जीती या बहुत कम बार जीती 35 सीटों की पहचान की है। इन सीटों की जिम्मेदारी बड़े नेताओं को दी जाएगी। चार-चार गांवों का क्लस्टर गठित कर एक प्रभारी बनाया जाएगा जो कमजोरियों की पहचान कर दूर करने का प्रयास करेगा। दरअसल, भाजपा ने वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में खुद को मजबूत बनाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग रणनीति बनाई है। पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करना है। इसके लिए "पन्ना प्रमुखों" को सक्रिय कर घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अल्पसंख्यक और जातिगत समीकरण को देखते हुए इन सीटों पर प्रभावी जाति समूहों एससी-एसटी व अन्य को साधने के लिए नजदीकी विधायकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। मंत्रियों की तैनाती भी इन "कठिन" सीटों पर की गई है। संगठन के दिग्गज मंत्रियों और कोर ग्रुप के सदस्यों को प्रभारी बनाया गया है ताकि वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा जीत सकें। सीटें जो भाजपा के लिए हैं चुनौती गुना जिले की राघौगढ़ विधानसभा सीट पर 1977 से कांग्रेस का कब्जा है। सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट से भाजपा सिर्फ दो बार जीत पाई है। भोपाल की उत्तर विधानसभा सीट वर्ष 1998 से कांग्रेस के पास है। कसरावद भीकनगांव में 2013 से लगातार कांग्रेस जीती है। बड़वानी के राजपुर से बाला बच्चन भी लगातार तीन बार से जीते हैं।  

छात्रों की पढ़ाई होगी आसान, ‘ई-ज्ञानसेतु’ YouTube चैनल पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण वीडियो कंटेंट; 9 सितंबर को शुभारंभ

ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल पर विद्यार्थियों को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-वीडियो कंटेंट मंत्री परमार 9 सितंबर को करेंगे ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल का शुभारंभ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों से तैयार कराया गया है कंटेंट भोपाल  मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ई-वीडियो कंटेंट अब 9 सितंबर 2026 से e-GyanSetu YouTube Channel पर उपलब्ध होंगे। ई- वीडियो कंटेंट के प्रकाशन का उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा 9 सितंबर को शाम 5 बजे शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण Google Meet एवं e-GyanSetu YouTube Channel के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री परमार के मार्गदर्शन में प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 2,305 वीडियो शूट किए जा चुके हैं, जिनमें से 954 वीडियो का एडिटिंग कार्य पूर्ण हो चुका है । ई-वीडियो कंटेंट को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए ग्राफिक्स एवं डिजिटल विजुअल्स का उपयोग किया गया है। वीडियो की शैक्षणिक एवं विषयगत गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ये वीडियो प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। वीडियो की प्रमाणिकता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार ई-कंटेंट का विषयवस्तु, पाठ्यक्रमानुरूपता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के आधार पर Validation Board द्वारा परीक्षण एवं सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद ही वीडियो को विद्यार्थियों के लिए e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। ई-कंटेंट निर्माण में प्रदेश की भाषाई विविधता का भी ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बघेली, बुंदेली, मराठी तथा संस्कृत सहित क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार किए गए हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक डिजिटल अध्ययन सामग्री पहुँचाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री परमार के समक्ष तैयार ई-कंटेंट वीडियो प्रदर्शित किए गए थे। बैठक में हुई चर्चा के दौरान मंत्री द्वारा वीडियो को शीघ्र e-GyanSetu YouTube Channel पर अपलोड एवं प्रकाशित किए जाने के निर्देश दिए गए। e-GyanSetu पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से अध्ययन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को विषयवस्तु को दोहराने, कठिन टॉपिक्स को पुनः समझने तथा अपनी सीखने की गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। ई-कंटेंट निर्माण, एडिटिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। सत्यापन पूर्ण होने वाले वीडियो को चरणबद्ध रूप से e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को और व्यापक बनाने में सहायता मिलेगी।