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रेलवे की सफाई व्यवस्था पर अब यात्रियों की नजर, ट्रेन में होगी औचक जांच; सीधे लिया जाएगा फीडबैक

 अंबाला  ट्रेन में कंबल-तकिया साफ मिला या नहीं, टॉयलेट की हालत कैसी थी और डिब्बे में सफाई हुई या नहीं अब रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था का फीडबैक सीधे यात्री देंगे। ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत रेलवे ने ट्रेनों में सफाई व्यवस्था की औचक जांच से लेकर यात्रियों की प्रतिक्रिया लेने तक की पूरी व्यवस्था तैयार की है। देश में रोजाना दो करोड़ से अधिक यात्रियों के रेल से सफर करने के बीच रेलवे का जोर अब सफाई को सिर्फ कर्मचारी की जिम्मेदारी रखने के बजाय यात्री को भी अभियान का हिस्सा बनाने पर है चलती ट्रेनों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (ओबीएचएस) के पर्यवेक्षक और संबंधित ठेकेदार शौचालय, यात्री डिब्बों, लिनेन और पेंट्री कार की औचक जांच करेंगे। एसी कोच में यात्रियों को दिए जाने वाले चादर, कंबल और तकिये की सफाई पर भी नजर रहेगी। यात्रियों से सफाई व्यवस्था और उपलब्ध कराए गए लिनेन को लेकर फीडबैक लिया जाएगा रेलवे ने अभियान को ट्रेनों और स्टेशनों तक सीमित न रखकर स्वच्छता शपथ को जनभागीदारी का आधार बनाने की तैयारी की है। दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर शपथ दिलाई जाएगी। शपथ में हर व्यक्ति ‘न गंदगी करूंगा, न करने दूंगा’ के संकल्प के साथ स्वच्छता की शुरुआत खुद से, परिवार, मोहल्ले, गांव-शहर और कार्यस्थल से करने का वचन लेगा। अफसरों की भी तय होगी जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड से लेकर जोन, मंडल और स्टेशन स्तर तक अधिकारियों की भूमिका तय की गई है। डीआरएम स्तर पर अभियान की निगरानी, ट्रैक-यार्ड की सफाई, स्टेशन प्रबंधन और ट्रेनों में ओबीएचएस व्यवस्था की जांच के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। एक अक्टूबर को बड़े स्तर पर श्रमदान और दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के कार्यक्रम होंगे। यानी इस बार रेलवे की स्वच्छता मुहिम में झाड़ू भी चलेगी, शपथ भी होगी और यात्री की जुबान से सफाई की असली रिपोर्ट भी सामने आएगी। हर व्यक्ति 100 लोगों को जोड़ेगा स्वच्छता शपथ में प्रत्येक व्यक्ति से साल में 100 घंटे यानी हर सप्ताह कम से कम दो घंटे स्वच्छता के लिए देने का संकल्प कराया जाएगा। शपथ लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति 100 अन्य लोगों को स्वच्छता से जोड़ने और उन्हें भी शपथ दिलाने का प्रयास करेगा। स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली से ‘मेरी सीट, मेरा डिब्बा’ थीम पर लगातार स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। यात्रियों को पंपलेट बांटे जाएंगे और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी स्वच्छता शपथ एवं जागरूकता संदेश दिखाए जाएंगे। यानी प्लेटफार्म से ट्रेन की सीट तक यात्री को यह याद दिलाया जाएगा कि सफाई केवल रेलवे की नहीं, उसकी भी जिम्मेदारी है

₹100 की रिश्वत लेते पकड़े गए थे रेलवे क्लर्क, 31 साल बाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला; अब 1 साल की जेल

 रांची झारखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 1995 के एक पुराने रिश्वतखोरी मामले में बड़ा निर्णय सुनाते हुए हटिया रेलवे स्टेशन के पूर्व पार्सल क्लर्क काली शंकर धोबी की दोषसिद्धि को सही ठहराया है। अदालत ने आरोपी की 75 वर्ष की अवस्था, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और 31 वर्षों तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया का संज्ञान लेते हुए उनकी कारावास की अवधि को घटा दिया है। अब आरोपी को एक वर्ष की जेल की सजा भुगतनी होगी। क्या था पूरा मामला? घटना 27 अप्रैल 1995 की है, जब आरोपी काली शंकर धोबी हटिया रेलवे स्टेशन पर बतौर पार्सल क्लर्क कार्यरत थे। शिकायतकर्ता निर्मल कुमार बेगानी को अपनी मोटरसाइकिल बिहार के समस्तीपुर भेजनी थी, जिसके एवज में आरोपी ने उनसे ₹100 की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से की। जांच के बाद CBI ने जाल बिछाकर आरोपी क्लर्क को ₹100 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। निचली अदालत से हाई कोर्ट तक का सफर CBI कोर्ट का फैसला (2004): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चले इस मुकदमे में वर्ष 2004 में निचली अदालत ने आरोपी को दोषी माना था। तब उन्हें धारा 7 के तहत 1 वर्ष और धारा 13(2) के तहत 1.5 वर्ष की सजा तथा कुल ₹10,000 जुर्माने का आदेश सुनाया गया था। 22 साल हाई कोर्ट में सुनवाई: ट्रायल कोर्ट के फैसले को आरोपी ने झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ के समक्ष दो दशकों से अधिक समय तक इस अपील पर सुनवाई चली। सजा में राहत अदालत ने अपराध में दोषसिद्धि को कायम रखा, लेकिन आरोपी की ढलती उम्र और बीमारियों को देखते हुए धारा 7 के तहत सजा 6 महीने और धारा 13(2) के तहत सजा 1 वर्ष कर दी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी, जिससे उन्हें कुल 1 साल जेल में व्यतीत करने होंगे। सरेंडर का आदेश कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका रद करते हुए उन्हें अगले 2 महीनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

‘घांची-तेली समाज के PM मोदी का जन्मदिन मनाएंगे’, आशीर्वाद का दीया जलाने पर राजभर का बयान

घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा  लखनऊ  प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए। राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया। सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे। उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है। वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी। गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति। मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है। भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं। पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में ठोके 40 रन, भारत ने जापान को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन का आखिरी क्वार्टर फाइनल मैच आज इंडिया और जापान के बीच खेला गया। इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बड़ी जीत जापान के खिलाफ दर्ज की और सेमीफाइनल में शान से एंट्री कर ली। सिर्फ 57 रन पर जापान की टीम ढेर हो गई थी। भारत ने 5 ओवर में 58 रनों के लक्ष्य को 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में 40 रन बनाकर मैच को पावरप्ले में ही खत्म कर दिया। हालांकि, प्लेयर ऑफ द मैच श्री चरणी को मिला, जिन्होंने 4 विकेट निकाले। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस मैच में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। जापान की महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में मेजबान टीम ने सिर्फ 24 रन बना सकी, लेकिन कोई विकेट उन्होंने नहीं गंवाया था। हालांकि, पूरी टीम बाद में 57 रन पर ढेर हो गई। भारत ने जल्दी इस मैच को खत्म किया और सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। बांग्लादेश से अब भारत को 20 सितंबर को भिड़ना है, जबकि 22 को फिर मेडल मैच खेले जाएंगे। ये टीमें पहुंची हैं सेमीफाइनल में बांग्लादेश और चीन के बीच पहला क्वार्टर फाइनल शेड्यूल था, जो बारिश और गीले मैदान के कारण आयोजित नहीं हुआ। ऐसे में सीडिंग के आधार पर बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली, जबकि पाकिस्तान ने करीबी मैच में थाइलैंड को हराकर टॉप 4 का टिकट कटा लिया है। वहीं, आज सुबह श्रीलंका ने मलेशिया को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अब भारत ने जापान को रौंदकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान की टक्कर श्रीलंका से होगी और दूसरे सेमीफाइनल में भारत के सामने बांग्लादेश की टीम होगी। भारत पहुंचा सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। क्वार्टर फाइनल मैच में भारत ने जापान को 8 विकेट से हराया। भारत के सामने 58 रनों का लक्ष्य था, जिसे शेफाली वर्मा की तूफानी 40 रनों की पारी के दम पर भारत ने 5 ओवर में हासिल कर लिया। जापान की महिला क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ इस क्वार्टर फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। पावरप्ले में 24 रन बनाए थे और कोई विकेट नहीं गंवाया था। हालांकि, 20वें ओवर तक टीम 57 रन ही बना सकी और सभी विकेट खो दिए। भारत के लिए 4 विकेट श्री चरणी ने लिए और 2 विकेट श्रेयंका पाटिल ने अपने नाम किए। सबसे ज्यादा स्कोर जापान के लिए ओपनर आयका काटो स्टैफर्ड ने बनाया। वे 25 रन बनाकर आउट हुईं। टीम इंडिया की प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा जापान की महिला टीम की प्लेइंग XI: हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (विकेट कीपर), माई यानागिडा (कप्तान), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, आयुमी फ़ुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन और नोनोहा यासुमोटो

मंगल का नीच गोचर आज से, 12 नवंबर तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति और ऊर्जा, साहस व पराक्रम के कारक मंगल ग्रह का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रहों की चाल बदलते ही सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को शाम 04:44 बजे मंगल ग्रह अपनी नीच राशि यानी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. कर्क राशि में मंगल को कमजोर (नीच का) माना जाता है, हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इसके परिणाम पूरी तरह नकारात्मक ही होंगे. यह गोचर 12 नवंबर 2026 तक रहेगा. इस दौरान कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में जबरदस्त लाभ के योग बनेंगे. आइए विस्तार से जानते हैं कि मंगल का यह नीच गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर कैसा प्रभाव डालेगा. मंगल गोचर का मुख्य प्रभाव और क्या करें-क्या न करें? गुस्से पर नियंत्रण रखें: चूंकि मंगल उग्रता और एक्शन के प्रतीक हैं, इसलिए कर्क राशि में जाकर इनके प्रभाव से लोगों में जल्दबाजी या आक्रामक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. ऐसे में अपने गुस्से और वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी है. आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें: इस अवधि में बड़े निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें या पूरी गणना कर लें. रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी: हालांकि यह गोचर कुछ मामलों में देरी ला सकता है, लेकिन यह आपके लंबे समय से अटके हुए साहसिक कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा भी देगा. 12 राशियों पर मंगल गोचर का विस्तृत राशिफल: मेष राशि: संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. पारिवारिक जीवन में संबंधों के बीच तनाव उत्पन्न हो सकता है. माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता बनी रह सकती है. वृषभ राशि: छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. कार्यक्षेत्र में कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा, जिसके बाद ही आपको सफलता और तरक्की के योग मिलेंगे. मिथुन राशि: महत्वपूर्ण कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. कोई भी गलत फैसला आपको आर्थिक नुकसान दे सकता है, इसलिए वाहन चलाते समय और हर कदम पर सतर्क रहें. कर्क राशि: चूंकि मंगल इसी राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए सेहत और रिश्तों के मामले में बाधाएं आ सकती हैं. गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें. घर की मरम्मत या नई खरीदारी पर धन खर्च हो सकता है, लेकिन साथ ही आर्थिक लाभ के भी योग हैं. सिंह राशि: नजदीकी मित्रों और संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. खर्चों की अधिकता से बजट बिगड़ सकता है. पारिवारिक अशांति से बचने का प्रयास करें और यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से सावधान रहें. कन्या राशि: इस राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर बेहद शुभ परिणाम लेकर आ रहा है. आपके रुके हुए सारे काम तेजी से पूरे होंगे. करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, मान-सम्मान में वृद्धि होगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे. तुला राशि: आर्थिक दृष्टि से लाभ तो मिलेगा, लेकिन साथ ही खर्चों का ग्राफ भी काफी ऊंचा रहेगा. मन में थोड़ी अशांति बनी रह सकती है. निवास स्थान या कार्यस्थल में परिवर्तन की संभावना बन रही है. वृश्चिक राशि: पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है. महत्वपूर्ण कार्यों में अड़चनें आने से मानसिक तनाव हो सकता है. सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें. धनु राशि: स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आपको घेर सकती हैं. परिवार में किसी सदस्य की सर्जरी या स्वास्थ्य दुर्घटना की स्थिति बन सकती है. विरोधी वर्ग आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे, हालांकि कुछ गुप्त लाभ भी मिल सकते हैं. मकर राशि: नए लोगों से मेल-जोल बढ़ेगा और नए व्यावसायिक संपर्क बनेंगे. नया कार्य शुरू करने या पूंजी निवेश करने के लिए समय अच्छा है, हालांकि किसी भी तरह की नई साझेदारी या कानूनी विवाद में बेहद सतर्क रहें. कुंभ राशि: संघर्ष के बाद अंततः आपको सफलता हासिल होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या से राहत मिल सकती है. कुछ पुराने कर्जों या देनदारियों का निपटारा संभव है. घर या कार्यक्षेत्र में बदलाव आ सकता है. मीन राशि: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और तरक्की के योग बनेंगे. आय के नए स्रोत हाथ लग सकते हैं. पुराने किए गए अच्छे कार्यों के लिए आपको सम्मान मिल सकता है. हालांकि, कार्यस्थल पर जल्दबाजी या गुस्से में कोई गलत निर्णय लेने से बचें, अन्यथा हानि उठानी पड़ सकती है.

पंजाब के कर्मचारियों की मांगों पर CM मान आज करेंगे बैठक, बकाया DA को लेकर होगी बातचीत

चंडीगढ़ पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों के संदर्भ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बैठक होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने  पत्र जारी कर कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है।  बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। पत्र के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें गुरनाम सिंह विर्क, भजन सिंह गिल, सुखचैन सिंह खैरा, रणजीत सिंह रणवा, तरसेम सिंह भट्ठल, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धनवंत भट्ठल, साहिल शर्मा और कुलविंदर सिंह ढिल्लों को बुलाया गया है।  कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित 18 प्रतिशत डीए, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 27 अगस्त को कर्मचारियों ने डीए बकाये को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की थी।  

हूतियों से अमेरिका की कथित सीक्रेट डील, यमन में बढ़त ने सऊदी अरब को डाला मुश्किल में

दुबई  यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जूझ रहे सऊदी अरब के सामने अब नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. सऊदी अरब के सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका और ईरान समर्थित हूतियों के बीच सीधे संपर्क की खबर सामने आई है. दोनों पक्षों के बीच ओमान में बातचीत हुई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और हूतियों के बीच कोई औपचारिक डील हुई है या नहीं।  मामला इसलिए अहम है क्योंकि हूतियों ने पिछले हफ्ते यमन के लाल सागर वाले इलाके में तेजी से बढ़त बनाई और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया. यह रास्ता सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है. इसी दौरान हूती ड्रोन और मिसाइल सऊदी शहरों और तेल से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि मक्का में भी हूती ड्रोन को लेकर अलर्ट जारी हुआ।  अमेरिका-हूती के बीच ओमान में बातचीत रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच पिछले वीकेंड ओमान की राजधानी मस्कट में मुलाकात हुई. यह बैठक ओमान की मध्यस्थता में हुई बताई गई है।  हूती प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद अब्दुलसलाम और अब्देलमलिक अल-अजीरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे. रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया कि वे अमेरिकी जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे और 2025 में हुए सीजफायर का पालन करेंगे।  बताया गया है कि हूतियों ने इजरायली जहाजों को निशाना बनाने की बात कही, लेकिन सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी जारी रखी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है।  क्या अमेरिका ने हूतियों से डील कर ली? अभी तक अमेरिका या हूतियों की तरफ से किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की समझ बनने के संकेत जरूर मिले हैं।  पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी ने इसे एक तरह की अनौपचारिक समझ बताया है. उनके मुताबिक, हूती अमेरिकी प्रशासन को यह भरोसा दे सकते हैं कि लाल सागर में अमेरिकी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को रहेगा।  अमेरिका के लिए भी यह समझ अहम हो सकती है. ईरान के साथ जंग में उलझे अमेरिका के पास हूतियों के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पहले जैसी क्षमता नहीं है. ऐसे में लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बनी रहे और अमेरिकी जहाज सुरक्षित रहें, तो वॉशिंगटन के लिए हूतियों से सीधी जंग से बचना अहम हो सकता है।  सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा दबाव सऊदी अरब पर पड़ता दिख रहा है. सऊदी समर्थित यमनी लड़ाके हूतियों को रोकने में अब तक कामयाब नहीं हुए हैं. सऊदी अरब के कई हवाई हमले भी हूतियों की पकड़ को निर्णायक रूप से खत्म नहीं कर पाए।  दूसरी तरफ पाकिस्तान और तुर्की ने भी यमन में सीधे लड़ाकू अभियान चलाने से इनकार किया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने भी हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की सऊदी मांग को स्वीकार नहीं किया है. यहां तक कि रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सऊदी ने खुफिया मदद के लिए इजरायल से भी संपर्क किया है।  ऐसे में अगर अमेरिका और हूतियों के बीच किसी तरह की समझ बनती है और हूती अमेरिकी या दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को छोड़कर सऊदी जहाजों को निशाना बनाते रहते हैं, तो सऊदी अरब पर दबाव और बढ़ सकता है।  यानी फिलहाल यह औपचारिक डील है या सिर्फ एक अनौपचारिक समझ, यह साफ नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि हूतियों के खिलाफ जंग में सऊदी अरब को अपने सबसे बड़े सहयोगियों से अपेक्षित सैन्य मदद नहीं मिल रही है और उसे बढ़ते खतरे का सामना ज्यादा अकेले करना पड़ सकता है। 

1857 के क्रांतिकारियों की धरती मंगाली, 500 बलिदानों की यादें; फिर भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार

हिसार हिसार से करीब 15 किलोमीटर दूर नलवा विधानसभा क्षेत्र में बसा मंगाली केवल आबादी के लिहाज से बड़ा गांव नहीं है, बल्कि इसकी मिट्टी में इतिहास की कई परतें दफन हैं वर्ष 1488 में अस्तित्व में आए इस गांव का इतिहास 1857 की क्रांति से भी जुड़ा है। आज भी गांव में उस दौर की वीरगाथाएं और बलिदानियों की यादें लोगों के बीच जीवंत है। समय के साथ गांव का विस्तार हुआ और यह मंगाली आकलान, मंगाली झारा, मंगाली सुरतिया, मंगाली मोहब्बत और ढाणी जाटान नाम से पांच पंचायतों में बंट गया। पांचों पंचायतों की आबादी 20 हजार से अधिक है। दूसरी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है मनके का व्यापार। मंगाली की बसावट को लेकर ग्रामीणों में प्रचलित मान्यता के अनुसार गांव का नाम एक परिवार के चार बेटों के नाम पर पड़ा। शुरुआत में चार पंचायतें बनीं और बाद में ढाणी जाटान को वर्ष 1986 में अलग पंचायत का दर्जा मिला। मंगाली की चार पुरानी पंचायतों को अस्तित्व में आए सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। गांव के विस्तार के साथ आबादी बढ़ती गई, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का ढांचा उस गति से विकसित नहीं हो पाया। तीन दशक पहले बिछी पानी की लाइन, समस्या आज भी बरकरार गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले गांव में पानी की लाइन बिछाई गई थी और जलघर भी बनाए गए, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ती गई। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में पर्याप्त और नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत महसूस होती है। गंदे पानी की निकासी नहीं, तालाब में पसरी गंदगी मंगाली में दूसरी बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी की है। गांव से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है। गांव के तालाब भी गंदगी से अछूते नहीं हैं। तालाबों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। मुख्य सड़क की बदहाली भी बनी परेशानी गांव की मुख्य सड़क की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। मंगाली की पांच पंचायतों में बड़ी आबादी होने के कारण यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क की हालत बेहतर नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सड़क, पेयजल और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए। मंगाली की फुटबाल की अलग पहचान मंगाली आकलान में गांव की खास पहचान फुटबाल से भी है। यहां के करीब 35 खिलाड़ी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। गांव में शहीदी स्मारक भी प्रमुख पहचान है। 1857 में हिसार जेल पर बोला था धावा मंगाली के इतिहास में वर्ष 1857 का दौर विशेष महत्व रखता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय गांव के क्रांतिकारियों ने हिसार जेल पर धावा बोला था। इस संघर्ष में 12 अंग्रेज अधिकारी के मारे गए थे। इसके बाद अंग्रेजों ने गांव पर हमला किया। दमन से बचने के लिए 30 से अधिक देशभक्तों ने मंगाली मोहब्बत में बने एक कुएं में छलांग लगा दी थी। यह कुआं आज भी मंगाली मोहब्बत में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सामने मौजूद है। वहीं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम पर मंगाली आकलान में शहीद स्मारक भी बनाया गया है। स्वतंत्रता संग्राम में गांव के करीब 500 लोगों की कुर्बानी का उल्लेख भी ग्रामीण करते हैं। यही कारण है कि मंगाली की पहचान आज भी एक ऐतिहासिक गांव के रूप में बनी हुई है। ढाणी जाटान में सरकारी जमीन का अभाव वर्ष 1986 में पंचायत बनी ढाणी जाटान में करीब 300 मकान और लगभग 1700 की आबादी है। पूनम देवी सरपंच हैं। पंचायत के सामने सबसे बड़ी समस्या सरकारी भूमि की कमी है। गांव के पास उपलब्ध करीब एक किला सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य सरकारी भवन बन चुके हैं। ऐसे में भविष्य में अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर मंगाली की पांच पंचायतों में ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और करीब 10 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। इसके अलावा दो वाटर वर्क्स, लाइब्रेरी, एक गोशाला और पुलिस चौकी भी गांव की प्रमुख सुविधाओं में शामिल है।  

बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत, बाढ़ पीड़ितों से मिले CM

 पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पटना हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। दीप जलाने के साथ सेवा अभियान का संदेश मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प की यात्रा है। जन्मदिन के अवसर पर सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को लोगों तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना मजबूत करने पर जोर दिया गया। बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ स्थित बिंद टोली में बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन की व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड बांटे मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा बाढ़ के दौरान मृत व्यक्ति के आश्रित को सहायता राशि का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। गंगा पथ से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक कार्यक्रम जेपी गंगा पथ के बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं और गंगा आरती भी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. आरएन सिंह, डॉ. शांति राय, डॉ. विजय प्रकाश और डॉ. जेके सिंह को अंगवस्त्र एवं हरित पौधा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।  

70 करोड़ के नकली सिक्कों का नेटवर्क! मशीन-डाई के सप्लायरों तक पहुंचेगी पुलिस की जांच

लखनऊ यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है। पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी। मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी। पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी। मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।