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बीजेपी फिलहाल नहीं करेगी अध्यक्ष का खुलासा, क्या VP चुनाव बना देरी की वजह?

नई दिल्ली नए बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की चर्चा लंबे समय से चल रही है। वहीं पार्टी का संविधान कहता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है जब कम से कम 50 फीसदी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठन के चुनाव पूरे हो जाते हैं। बीच में ही उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद पार्टी का पूरा फोकस अब शिफ्ट हो गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही अब बीजेपी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी। कब है उपराष्ट्रपति का चुनाव? पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मॉनसून सेशन शुरू होते ही अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वह पदमुक्त होना चाहते हैं। वहीं चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान भी कर दिया है। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे और इसी दिन शाम तक परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा। यह भी तय माना जा रहा है कि विपक्ष इंडिया गठबंधन का कोई साझा उम्मीदवार उतार सकता है। 21 अगस्त नामांकन दाखिल करने का आखिरी तारीख है। ऐसे में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के पास उम्मीदवार घोषित करने के लिए पर्याप्त समय है। नंबरगेम की बात करें तो लोकसभा और राज्यसभा में कुल 782 सांसद हैं। एनडीए के पास लोकसभा में 293 तो इंडिया गठबंधन के पास 232 सांसद हैं। वहीं राज्यसभा में एनडीए के पास 133 और इंडिया गठबंधन के पास 107 सांसद हैं। ऐसे में सदन में एनडीए का पलड़ा भारी है। बीजेपी चीफ के चुनाव में देरी के पीछे कारण मौजूदा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद ही खत्म हो रहा था हालांकि उनकी सफलताओं को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया। अब माना जा रहा है कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान के लिए उपराष्ट्रपति चुनाव पूरे होने का इंतजार कर रही है। बिहार चुनाव से पहले बीजेपी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कर देना है। फिलहाल बीजेपी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए फ्लोर मैनेजमेंट में लगी हुई है। इस बार के चुनाव में लोकसभा में एनडीए के बहुमत का आंकड़ा कम हो गया था और राज्यसभा में । ऐसे में यह फाइट आसान नहीं माना जा सकती। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा में पांच और लोकसभा में एक सीट रिक्त है, जिससे निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 782 है और जीतने वाले उम्मीदवार को 391 मतों की आवश्यकता होगी, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें। लोकसभा की 543 सीट में से एक सीट, पश्चिम बंगाल में बशीरहाट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच सीट खाली हैं। राज्यसभा में पांच खाली सीट में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है। लोकसभा में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 542 सदस्यों में से 293 का समर्थन प्राप्त है। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा (प्रभावी सदस्य संख्या 240) में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, बशर्ते कि मनोनीत सदस्य राजग उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करें। सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।

हाथियों से बचाव के लिए तकनीक का सहारा, MP सरकार ने लॉन्च किया ‘गजरक्षक’ ऐप

उमरिया जंगली हाथियों से जंगलों के नजदीकी गांवों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश वन विभाग ने गजरक्षक एप तैयार कराया है। इसे लांच कर दिया गया है। एप बताएगा कि हाथियों की लोकेशन कहां है। इससे मानव-हाथी द्वंद्व टाला जा सकेगा। बाघ दिवस (29 जुलाई) पर जारी एप को ग्रामीणों के साथ ही विभागीय अमले के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराया जा रहा है। एप से आम लोगों को भी हर पल हाथियों की लाइव लोकेशन के साथ ही नोटिफिकेशन मिलेंगे। इससे उस क्षेत्र के लोग सतर्क हो सकेंगे। बता दें कि नवंबर 2024 में मप्र में पहली बार दो जंगली हाथियों को रेडियो कालर पहनाई गई थी। ये हाथी दल में शामिल रहते हैं। वन विभाग का दल इनकी लाइव लोकेशन भेजेगा। ग्रामीणों पर हमले की हो चुकी हैं घटनाएं यह भी बता दें कि पिछले कुछ दिनों में गांवों और ग्रामीणों पर हमले की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। हाथियों के हमले में कई लोग जान गंवा चुके हैं। इससे लोगों में हाथियों के प्रति गुस्सा है। अक्टूबर 2024 में उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों के अंदर दस हाथियों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था। तब इस घटना को मानव-हाथी द्वंद्व का परिणाम कहा गया था। बाद में जांच में पता चला था कि हाथियों की मौत विषाक्त कोदो खाने से हुई थी। यही कारण है कि वन विभाग चाहता है कि द्वंद्व न हो। ग्रामीण और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। इसके लिए अब एप का सहारा लिया जा रहा है। सात साल पहले झारखंड और छग से आया था 60 हाथियों का दल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अगस्त 2018 में झारखंड और छत्तीसगढ़ से आया 60 हाथियों का दल अब यहीं का हो गया है। दल के यहीं बसने से उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के जंगली क्षेत्र से लगे गांवों में आए दिन इनकी दहशत की खबरें आती रहती हैं। खासकर कच्चे घरों में रहने वाले ग्रामीणों को हर समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जब हाथी घर के पास पहुंच जाते हैं तब इनकी मौजूदगी पता चलती है। हाथी दल अनाज खाने के साथ ही घरों को तोड़कर भी चले जाते हैं। अब एप में आए नोटिफिकेशन के मिलते ही खतरे का आकलन हो सकेगा और बचाव के उपाय किए जा सकेंगे। इससे मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति से बचा जा सकेगा। मप्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) सुभरंजन सेन का कहना है कि गजरक्षक एप न सिर्फ उन क्षेत्रों में रहने वालों की सुरक्षा के लिए है जहां जंगली हाथियों का ज्यादा प्रभाव है, बल्कि हाथी-मानव द्वंद्व में कमी लाने और हाथी-मानव सुरक्षा के लिए भी है। अब तक हुए यह प्रयास सोलर पावर फेंसिंग, सेंसर अलार्म, हाथी मित्र दलों का गठन, वॉट्सएप ग्रुप बनाकर मॉनीटरिंग, जागरूकता के लिए स्थानीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएं की जा चुकी हैं।

कुंभ को देखते हुए उज्जैन के 5 स्टेशनों में बड़े बदलाव, कलेक्टर ने दिए निर्देश

उज्जैन  सिंहस्थ 2028 महाकुंभ के आयोजन को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उज्जैन सहित आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और रेलवे स्टेशन से मेला क्षेत्र तक आवागमन को सुगम बनाना रहा। निरीक्षण की शुरुआत उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन से की गई। इसके बाद कलेक्टर ने निरीक्षण यान के माध्यम से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश सहित अन्य स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने सभी स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों के लिए आगमन और निर्गमन के मार्ग अलग-अलग रखने और स्टेशनों से सीधे मेला क्षेत्र तक आवागमन के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। निरीक्षण के दौरान चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार करने तथा चिंतामण से शनि मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाने पर चर्चा हुई। पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड का निर्माण किया जाएगा। वहीं, वर्तमान में निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। पंवासा फ्लैग स्टेशन को एनएचएआई मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड बनवाई जाएगी। प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार भी किया जाएगा। नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का विस्तार करने के साथ यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दोनों ओर एप्रोच रोड और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड के निर्माण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, ईई पीडब्ल्यूडी गौतम अहिरवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) पीयूष पांडे, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक आलोक चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल रहे। सिंहस्थ कुम्भ को लेकर कलेक्टर सिंह के साथ जिला पंचायत सीईओ जयती सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर रोशन सिंह सभी अधिकारियों के साथ उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण यान से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश एवं अन्य स्टेशनों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने संभावना को देखते हुए सभी स्टेशन पर यात्रियों की क्षमता वाले होल्डिंग एरिया बनाने, यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग को अलग-अलग रखने तथा स्टेशन से सीधे मेला क्षेत्र तक सुगम अवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के कलेक्टर में ये निर्देश भी दिए     चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार किए जाने साथ ही, चिंतामण से शनि मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर एक नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाने।     पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड।     निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास का निर्माण किया जाने।     पंवासा फ्लैग स्टेशन को NHAI मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड का निर्माण।     प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार किए जाने हैं।     नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफार्म का विस्तार किए जाने हैं।     यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग अलग-अलग करने तथा दोनों ओर एप्रोच रोड और एक ROB भी बनाए जाने और मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा की गई।  

विश्व U17 में भारतीय पहलवान बना गोल्ड की रेस का दावेदार

नईदिल्ली  भारत के युवा पहलवानों ने अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। लैकी (110 किग्रा फ्रीस्टाइल) ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली और अब वे वर्ल्ड चैंपियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। लैकी ने जापान, जॉर्जिया और ईरान के रेसलर को दी शिकस्त लैकी ने अपने अभियान की शुरुआत जापान के हान्टो हयाशी को तकनीकी श्रेष्ठता से हराकर की, जिसके बाद उन्होंने जॉर्जिया के मुर्तज बागदावद्जे को 8-0 से मात देकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में उनका सामना कुश्ती के दिग्गज देश ईरान के अमीरहुसैन एम. नागदालीपुर से हुआ, जहां लैकी ने एक बार फिर शानदार तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। अब फाइनल में लैकी का मुकाबला UWW (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) के बैनर तले खेल रहे मैगोमेद्रसुल ओमारोव से होगा। यह मुकाबला उनके करियर का सबसे बड़ा पल साबित हो सकता है। गौरव के पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका एक अन्य भारतीय पहलवान गौरव पूनिया ने भी शानदार शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीतकर अपनी ताकत का परिचय दिया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के आर्सेनी किकिनियो से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अमेरिकी पहलवान के फाइनल में पहुंचने के कारण, गौरव पूनिया को रेपेचेज राउंड में दोबारा मौका मिला है। अगर वे अब अपने दो मुकाबले जीतते हैं, तो ब्रॉन्ज मेडल उनके नाम हो सकता है। शिवम और जयवीर की चुनौती खत्म 48 किग्रा वर्ग में भारत के शिवम ने भी अच्छी लड़ाई लड़ी, लेकिन वह कजाकिस्तान के सबिरजान राखातोव से 6-7 से बेहद करीबी मुकाबले में हार गए। बदकिस्मती से, राखातोव बाद में हार गए, जिससे शिवम के लिए रेपेचेज़ का दरवाज़ा भी बंद हो गया। 55 किग्रा वर्ग में जयवीर सिंह ने अपने पहले मैच में स्थानीय खिलाड़ी इयोनिस केसिडिस को तकनीकी श्रेष्ठता से हराया। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में उन्हें अमेरिका के ग्रेटन एफ. बर्नेट के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। चूंकि बर्नेट सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गए, इसलिए जयवीर के लिए भी पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं।

शिकोहपुर लैंड डील केस में वाड्रा पर बढ़े दबाव, ED का दावा— ‘क्राइमिंग से हुई संपत्ति की खरीद’

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने वाड्रा का ये नोटिस शिकोहापुर जमीन मामले को लेकर दिया है. ईडी ने इस मामले कोर्ट को बताया था कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइड कंपनी ने उच्च अधिकारियों के दबाव में व्यावसायिक आवास विकास के लिए लाइसेंस हासिल किया.  ईडी ने कोर्ट के सामने तर्क दिया कि लाइसेंस की फाइलों को जल्दबाजी में संसाधित किया गया और वित्तीय क्षमता की जांच नहीं की गई. लाइसेंस अनुचित प्रभाव और पूर्व-आवश्यकताओं को दरकिनार करके प्राप्त किया गया. ED ने वाणिज्यिक लाइसेंस जारी करने के लिए ज़िम्मेदार सरकारी अधिकारियों के बयान भी पेश किए.कंपनी ने चार स्तर पर पैसे लिए.  रॉबर्ट वाड्रा पर ED के गंभीर आरोप राउज एवेन्यू कोर्ट में जांच एजेंसी ED ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में जांच एजेंसी के पास रॉबर्ट वाड्रा को लेकर अहम सबूत हैं और यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक मजबूत उदाहरण है, जहां अपराध की आय से अचल संपत्तियां खरीदी गईं. सबूत स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि अपराध की आय को प्राप्त किया गया, परत-दर-परत छुपाया गया और उसका फायदा उठाया गया. कोर्ट में वकील ने दलील देते हुए कहा कि यह अदालत इस मामले की सुनवाई करने के लिए सक्षम है क्योंकि अपराध की कुछ गतिविधियां दिल्ली में भी हुई थीं. यह मामला वर्ष 2008 में के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर गांव में जमीन खरीद से जुड़ा है, जिसे राॅबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को दाखिल अपनी शिकायत में वाड्रा, उनकी कंपनी स्काइलाइट हास्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, सत्यानंद याजी, केवल सिंह वीरक समेत 11 व्यक्तियों और संस्थाओं को आरोपित बनाया है। प्रारंभिक प्राथमिकी गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की थी, जिसमें जमीन की धोखाधड़ी से खरीद और अवैध लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप है। ईडी ने 37.64 करोड़ रुपये की 43 अचल संपत्तियों को 16 जुलाई को अस्थायी रूप से जब्त किया था। 2008 की जमीन डील पर मनी लॉन्ड्रिंग केस ED ने 17 जुलाई 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में कुल 11 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, उनके सहयोगी सत्यानंद याजी, केवल सिंह विरक और उनकी कंपनी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं. मामला गुरुग्राम के सेक्टर 83, गांव शिकोहपुर की 3.53 एकड़ ज़मीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जो साल 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने खरीदी थी. आरोप है कि इस डील में झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और पर्सनल इनफ्लुएंस से कमर्शियल लाइसेंस भी लिया गया. 28 अगस्त को अगली सुनवाई तय इस मामले में पहले ही FIR नंबर 288, दिनांक 01.09.2018 को गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की थी. अब ED ने जांच के बाद 16 जुलाई 2025 को 43 प्रॉपर्टीज (37.64 करोड़ रुपये की) अटैच की हैं और फिर चार्जशीट फाइल की गई है. फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट अब 28 अगस्त को इस मामले में सुनवाई करेगा. ED ने कोर्ट में कहा कि जांच में पता चला है कि वाड्रा की कंपनी को 42.62 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है, जो दिल्ली में स्तरीकृत थे, जिसके कारण इस न्यायालय का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया. आपको बता दें कि इस इस मामले की सुनवाई 31 जुलाई को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में संक्षिप्त रूप से हुई. मामले की सुनवाई के दौरान, ईडी ने एक बड़ा दावा किया है कि स्काईलाइट ने शीर्ष स्तर के दबाव का उपयोग करके वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस प्राप्त किया.   

सूरजपुर जिले को पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए 26.03 करोड़ की मिली स्वीकृति

रायपुर, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आधारभूत संरचना के विकास को नया आयाम मिलने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत् प्रयासों से लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 26 करोड़ 03 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। प्रमुख स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर जिले के सिलफिली एन.एच. 43 से महेशपुर-लटोरी रोड तक 5.80 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण निर्माण कार्य शामिल है, जिसकी लागत 1269.90 लाख रूपये है। इसी प्रकार भवरखोह से गंगापुर-कुम्पी तक 5.10 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है जिसकी लागत 729.51 लाख रूपए और विकासखंड ओडगी के मुख्य मार्ग चोंगा से भोडवानीपारा-मौहारीपारा तक कुल 4.20 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य के लिए 604.03 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।   इन कार्यों के स्वीकृत होने पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, व्यापार और कृषि से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास के हर वादे को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इन परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

अस्पतालों और मरीजों को नहीं बांटी गई खराब कैल्शियम गोलियां: अधिकारिक बयान

अस्पतालों और मरीजों को नहीं बांटी गई खराब कैल्शियम गोलियां: अधिकारिक बयान प्रारंभिक जांच में ही पकड़ी गई खराबी, तुरंत बैच पर लगाई रोक रायपुर गुणवत्ताहीन कैल्शियम की गोलियों का वितरण किसी भी मरीज या अस्पताल को नहीं किया गया है। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स की खराबी वेयरहाऊस के कर्मियों ने प्रारंभिक जांच में ही पकड़ ली थी। कर्मियों ने इन टैबलेट्स के स्ट्रिप्स से बाहर निकालने पर ही टूटने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग और मुख्यालय को दी थी। इसी सूचना पर इन टैबलेट्स के बैच को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था और सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। स्ट्रिप्स से निकालते ही टूटने वाली कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स को किसी भी मरीज को नहीं दिया गया है नही इन टैबलेट्स को किसी अस्पताल में भेजा गया है।  सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार कैल्शियम विटामिन डी 3 की 500 मिली ग्राम की टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई थी। कुल 65 बॉक्सों में 65 सौ यूनिट की यह खेफ कोरबा वेयरहाऊस को प्राप्त हुई थी। टेबलेट्स के प्राप्त होते ही वेयरहाऊस में ही कर्मियों द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया था कि टेबलेटस स्ट्रिप्स से बाहर निकालते ही टूट रही हैं। कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग को दी और इन गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरे बैच को ब्लॉक किया गया। सीजीएमएससी ने बताया कि इस खेप का अभी तक कोई मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नहीं किया गया है। सीजीएमएससी की नीति के अनुसार कोई भी दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी में शामिल की जाती है नही किसी संस्था को वितरित की जाती है। ऐसे में गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स को न किसी मरीज को दिया गया है न ही किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड को उपस्थित होकर सैंपल प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदायकर्ता संस्था को खराब बैच वाली दवाओं को बदलकर नई दवाएं देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सप्लायर द्वारा टेंडर शर्तों के अनुसार उचित कार्यवाही नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी सीजीएमएससी ने दी हैं। सीजीएमएससी ने छत्तीसगढ़ वासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत है। दवा की सप्लाई होती ही सबसे पहले वेयर हाऊस में ही हर एक बैच का निरीक्षण-परीक्षण होता है। सभी दवाओं का परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैबों में कराया जाता है। सीजीएमएससी ने यह भी बताया कि जनता को केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराई जाती हैं। गुणवत्ताहीन पाए जाने पर दोषपूर्ण बैच को तुरंत रोककर इसका वितरण प्रतिबंधित किया जाता है। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी से कार्रवाई की जाती है।

अपने ब्यूटी रूटीन में जरूर शामिल करें ये ऑइल

इन दिनों ऑइल ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सबसे पॉप्युलर इंग्रेडिएंट बना हुआ है। फेशियल मॉइस्चराइजर से लेकर हेयर ट्रीटमेंट तक ऑइल ही पसंद किया जा रहा है। लेकिन कई लोग डरते हैं की कहीं ऑइल यूज करने से, खासकर गर्मी या बारिश में गरीजी और ग्रूपी स्किन ना हो जाए। नोट करें कि किसी भी क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट को यूज करने से ऑइल बेस्ड प्रोडक्ट ज्यादा फायदेमंद होता है। ये वजन में भी बेहद लाईट होता है। खासकर प्लांट बेस्ड ऑइल आपके स्किन टेक्स्चर के लिए बेहद स्मूद और सूदिंग होते हैं। ये नैचरल ग्लो भी देते हैं। मेकअप रिमूवर के तौर पर ऑइल से बेहतर कुछ नहीं होता। आजकल तो मार्केट में ऑइल बेस्ड शैम्पू भी मिलने लगे हैं जो बालों को ज्यादा ड्राय नहीं होने देते। इसके अतिरिक्तआ कई तरह से ब्यूटी ऑइल यूज किए जा सकते हैं…. अपने डेली फेस मॉइस्चराइजर की जगह ऑइल यूज करें। ये चेहरे की ड्राइनेस दूर करने के साथ ही मॉइस्चर को बनाए रखता है। इसके अलावा आप इसे मसाज ऑइल की तरह भी यूज कर सकते हैं। लेमन यूकेलिप्टस या पिंक ग्रेप फ्रूट वाले ऑइल यूज करें। एक्स्ट्रा रिलैक्सेशन के लिए इसे टेन्स मसल पर ज्यादा यूज करें। इन दिनों ऑलिव ऑइल के साथ लाईट वेट फार्मूला वाले फेशियल क्लेंजर मिलते हैं। ये आपके पोर्स भी बंद नहीं करते और मेकअप भी (वॉटरप्रूफ भी) आसानी से पूरी तरह से साफ करते हैं। इसे पूरे चेहरे पर लगाएं। अच्छे से मसाज करके पानी से धो लें। लाईट वेट बॉडी ऑइल्स यूज करें। आर्गन, सोयाबीन और मोरिंगा ऑइल के ब्लेंड वाला बॉडी ऑइल यूज करें। इसमें वॉयलेट, सैंडलवुड और वैनिला एक्सट्रैक्ट भी होता है। ऑइल बेस्ड एसपीएफ स्प्रे यूज किए जा सकते हैं जो बेहतरीन सनस्क्रीन साबित होते हैं। ये आपकी स्किन और बाल को यूवी डैमेज से बचाते हैं। साथ ही ड्राय स्किन पूरी तरह मॉइस्चराइज रखते हैं। क्लैरिन्स का सनस्क्रीन स्प्रे इन दिनों पसंद किया जा रहा है। फेस-क्लेंजिंग ऑइल की ही तरह ऑइल बेस्ड शैम्पू भी मिलते हैं। ये बालों की गंदगी साफ करने के अलावा बाल सॉफ्ट बनाए रखते हैं, इन्हें वॉल्यूम देते हैं और मॉइस्चर भी बनाए रखते हैं। अद्भुत नतीजे के लिए एक टी-स्पून शैम्पू को थोड़े से पानी में मिक्स करके झाग बनाकर शैम्पू करें। डैम्प और ड्राय हेयर के लिए थोड़ा-सा नॉन-स्टिकी हेयर ऑइल ऑइल मसाज करें। इससे बाल डी-फ्रिज होते हैं, डीटैंगल होते हैं और स्प्लिट एंड्स से बचते हैं। यूवी रेज और हीट डैमेज से भी बचाव हो जाता है। इस तरह के लिप-ऑइल बेहद खूबसूरत लगते हैं. नैचरल ग्लोइंग लिप्स और लव-एट-फर्स्ट-स्वाइप के लिए ये ऑइल जरूर यूज करें। लाईट वेट ऑइल-बेस्ड कंसिस्टेंसी के कारण ये लगाने में बेहद आसान भी होते हैं।  

3-4 अगस्त को एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज धूप खिली। लोगों को लंबे समय से जारी वर्षा से कुछ राहत मिली है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, लेकिन मौसम विभाग की माने तो 3 और 4 अगस्त को मध्यप्रदेश में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून द्रोणिका फिलहाल एमपी के सीधी जिले से होकर गुजर रही है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश(Heavy Rain Alert) हो सकती है। लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गिर सकती हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में सीधी, नरसिंहपुर और मलाजखंड में एक से दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपर है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर थमा रहा। ग्वालियर, गुना, श्योपुर, दमोह, मंडला और उमरिया में हल्की बारिश हुई। भिंड के बाढ़ग्रस्त गांव से बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू बारिश के कारण भिंड जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सिंध और चंबल नदियां खतरे के निशान से 6 से 7 मीटर ऊपर बही। जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त मुसावली गांव से एक बीमार बुजुर्ग की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया। बचाव कार्य के दौरान भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य कर रही हैं। 3 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ग्वालियर, दतिया और मुरैना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट(Heavy Rain Alert) है जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बाकी बचे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर: मानसून के 2 माह में बारिश 32% कम मानसून के दो माह (जून-जुलाई) में इंदौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में शुरू के दो सप्ताह में लोकल सिस्टम सरि य नहीं होने से बादल कम बरसे। जिले में दो माह में 11 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 16 इंच था। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में बारिश का औसत 38 इंच है, लेकिन दो माह में औसत की 29% बारिश ही हुई। अब दो माह में 62% पानी बरसने पर ही औसत पूरा होगा। मौसम विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, अगस्त में बारिश के साथ दिन-रात के तापमान में जुलाई की अपेक्षा कमी रहेगी। ग्वालियरः बारिश में 18 लोगों की मौत, 800 कच्चे व पुराने घर गिरे ग्वालियर मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जनजीवन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, वहीं 30 पशुओं की भी मौत हुई और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीन शेड उड़ गया। इसकी चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान ढह जाने से हुई है। पिछले सप्ताह कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।

सपना चौधरी की तस्वीरों से मिले संकेत, जल्द आएगा नया गाना या फिल्म?

मुंबई, हरियाणवी डांसर और अभिनेत्री सपना चौधरी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने फैन्स से जुड़ी रहती हैं। वह अपनी जिंदगी के हर अहम पल फैन्स संग साझा करती हैं। शनिवार को भी अभिनेत्री ने कुछ ऐसा ही किया। कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें उनका अंदाज खास था। सपना चौधरी ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में वह ग्रामीण परिवेश में खुले मैदानों में चुलबुले अंदाज में कभी ट्रैक्टर में बैठकर मस्ती कर रही हैं, तो कभी पेड़ों के पीछे छिपती दिखाई दे रही हैं। अभिनेत्री की तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त हैं। तस्वीरों को पोस्ट करते हुए सपना ने कैप्शन में लिखा, “खुद में खोने दे मुर्शद अब तमाशा होने दे…!” सपना का यह खास अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है। कई यूजर्स उन्हें फायर, हार्ट और स्माइली इमोजी से कमेंट कर रहे हैं। अभिनेत्री सपना चौधरी इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें साझा करती रहती हैं। इसी कड़ी में, मई में उन्होंने एक फोटोशूट करवाया था, जिसमें वह देसी लुक में नजर आ रही थीं। सपना ने ब्राउन सूट पहना हुआ था और इस लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने बालों की चोटी बनाई थी और बड़े ईयरिंग पहने हुए थे। इस फोटोशूट के साथ सपना ने कैप्शन में लिखा था, “मुझमें कोई कमी नहीं, मैं देसी हूं।” लोग अभिनेत्री को उनके देसी अंदाज के लिए पसंद करते हैं। सपना का मानना है कि आप जैसे हैं, वैसे ही सबसे खास हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो सपना ने अपने करियर की शुरुआत हरियाणा के एक ऑर्केस्ट्रा टीम के साथ की थी। टीम के बाकी रागनी कलाकारों के साथ वह हरियाणा और आस-पास के राज्यों में प्रोग्राम करती थीं। सपना को पहली बार रागनी के स्टे ज से इतर एक म्यू जिक वीडियो ने मशहूर बनाया। मोर म्यूजिक कंपनी के साथ उनका हरियाणवी गाना ‘सॉलिड बॉडी रै’ रिलीज हुआ। ये वीडियो हिट रहा और सपना सुपरहिट हो गईं। सपना ने साल 2017 में ‘बिग बॉस 11’ में हिस्सा  लिया। इसके बाद दुनियाभर में उनकी चर्चा होने लगी। वह टीवी शो ‘लाडो- वीरपुर की मर्दानी’ में भी नजर आई थीं। उसी साल उन्हें  ‘भांगओवर’ फिल्मव में आइटम डांस नंबर करने का मौका मिला। इसके बाद 2018 में वह अभय देओल की फिल्मव ‘नानू की जानू’ में भी आइटम सॉन्ग में नजर आई थीं, इसी के साथ ही अभिनेत्री पुलकित सम्राट की फिल्मे ‘वीरे की वेडिंग’ के गाने ‘हट जा ताऊ’ में भी परफॉर्म करती हुई दिखीं।