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मंत्री डॉ. शाह ने कहा- अधिकारी शासकीय योजनाओं को संवेदनशीलता से ग्राम स्तर पर लागू करें

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि अधिकारी शासकीय योजनाओं को संवेदनशीलता से ग्राम स्तर पर लागू करें। ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर रात्रि विश्राम भी करें, जिससे जनजातीय समुदाय की वास्तविक समस्याओं को समझ सकें। मंत्री डॉ. शाह मंगलवार को केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राज्य के जनजातीय कार्य विभाग के समन्वय से जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में ‘आदि कर्मयोगी अभियान : रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अभियान के तहत 22 से 28 जुलाई 2025 तक सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होटल रेजन्टा पैलेस आईएसबीटी कैम्पस में किया जायेगा। प्रशिक्षण में उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश से 24 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अभियान में 12 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 50 जिलों में प्रति जिला 07-07 मास्टर ट्रेनर्स अर्थात कुल 350 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर्स विकासखण्ड स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे, जो आगे ग्राम स्तर के कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग सहित स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये सभी विभाग आपसी समन्वय से इस अभियान को ग्राम स्तर तक पहुंचाएंगे। ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को उनके कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को स्वार्थ रहित, पूर्ण निष्ठा एवं संवेदनशीलता से निभाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। शुभारंभ सत्र में केन्द्रीय सचिव जनजातीय कार्य मंत्रालय श्री विभु नायर, उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री वेकेंटेश्वरालू एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रमुख सचिव श्री सोनमोनी बोराह वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री अजीत श्रीवास्तव, उप सचिव श्री जफर मलिक एवं आयुक्त सह संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य ने भी संबोधित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन की टीम द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष पद्मश्री श्री गिरीश प्रभुणे हैं। श्री प्रभुणे ने फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी एवं बताया कि जनजातीय समुदायों के पास पारंपरिक ज्ञान एवं कौशल की समृद्ध विरासत है, जो उन्हें स्वाभाविक रूप से 'कर्मयोगी' बनाती है। वे अपने कर्म के माध्यम से अपने अस्तित्व और संस्कृति का संरक्षण कर रहे हैं।  

महिला क्रिकेट में भारत की दो रानियाँ! स्‍मृति मंधाना टॉप पर, दीप्ति शर्मा ने मचाया धमाल

दुबई इंग्लैंड के विरुद्ध मौजूदा वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत की दीप्ति शर्मा बल्लेबाजों में 10 स्थानों की छलांग लगाकर 23वें स्थान पर पहुंच गई हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने मंगलवार को जारी नवीनतम आइसीसी रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। सीरीज के शुरुआती दो मैचों में शानदार प्रदर्शन से इंग्लैंड और भारत के खिलाडि़यों को इस रैंकिंग में फायदा हुआ है। दीप्ति ने शुरुआती वनडे में नाबाद 62 रन की पारी के साथ टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी। उन्होंने इसके बाद दूसरे वनडे में भी नाबाद 30 रन का योगदान दिया। हरमनप्रीत को हुआ तगड़ा नुकसान सोफिया डंकले को 24 स्थानों का फायदा हुआ। वह बल्लेबाजों की सूची में 52वें पायदान पहुंच गईं। मंधाना पहले दो मैचों में 28 और 42 के स्कोर के साथ रैंकिंग में शीर्ष पर बनी हुई हैं और उन्होंने अपनी 727 की रेटिंग भी बरकरार रखी है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 17 और सात के स्कोर के बाद पांच स्थान फिसलकर 21वें स्थान पर आ गई हैं। एक्‍लेस्‍टोन नंबर-1 पर बरकरार गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज सोफी एक्लेस्टोन अपनी स्थिति और मजबूत करने में सफल रही। मौजूदा सीरीज में चार विकेट चटकाने वाली इस अनुभवी खिलाड़ी की रेटिंग 747 से बढ़कर 776 हो गई है। गेंदबाजों की रैंकिंग में उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की एशले गार्डनर (724) और मेगन शुट्ट (696) दूसरे और तीसरे पायदान पर है।। दीप्ति चौथे स्थान पर बनी हुई हैं।  

साध्वी ने किया आस्था से विश्वासघात? राम मंदिर फंड में 90 लाख की हेराफेरी का आरोप

छिंदवाड़ा 90 लाख की ठगी की आरोपी साध्वी रीना रघुवंशी (Sadhvi Reena Raghuvanshi) को चौरई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रीना पर कनकबिहारी बाबा के खाते से फर्जी तरीके से रकम उड़ाने का केस दर्ज हुआ था। उसे नर्मदापुरम से सोमवार रात गिरफ्तार किया गया है। सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर को रघुवंशी समाज के लोग थाने में पहुंचे। मामला चौरई के कनकधाम नोनी बर्रा का है। साध्वी ने फर्जीवाड़ा कर बिना सूचना के पैसे निकले थे। यह राशि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाई गई थी।   पुलिस को लगातार चमका दिया, कानून का सहारा भी लिया     रीना रघुवंशी ने चालाकी से गुरु महंत कनक बिहारी दास के बैंक अकाउंट से अपना मोबाइल नंबर जुड़वा लिया था। इसी खाते में राम मंदिर के लिए आया चंदा जमा था। रीना ने अपने भाई हर्ष के साथ मिलकर पैसे हड़प लिए।     जब पोल और खुली और मामला पुलिस में गया तो अग्रिम जमानत याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि वह 90 लाख रुपए लौटा देगी। इस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत दे दी।     बाद में राशि नहीं लौटाई और फरार हो गई। पुलिस ने फिर शिकंजा कसने की कोशिश की, तो फिर अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई। इस बार हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया।     इसके बाद से पुलिस को तलाश थी। अभी रीना रघुवंशी नर्मदापुरम जिले के चांदपुर गांव के भैरवनाथ मंदिर से छिपी हुई थी। पुलिस ने वहीं से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर रघुवंशी समाज के लोग जमा हो गए। गिरफ्तारी में समाज ने निभाई अहम भूमिका रीना रघुवंशी और उनके भाई की गिरफ्तारी में रघुवंशी समाज ने अहम भूमिका निभाई। समाज के लोगों ने न केवल दोनों की लोकेशन की जानकारी पुलिस को दी, बल्कि एक लाख रुपए का इनाम भी रखा।

चारधाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रिकॉर्ड 39 लाख तीर्थयात्री पहुंचे दर्शन को

देहरादून उत्तराखंड में चारधाम यात्रा जारी है। इस बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा में अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उत्तराखंड सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा, "चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए 2 लाख, 16 हजार, 960 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 49 लाख, 41 हजार, 527 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराए हैं।" उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि अब तक यमुनोत्री धाम में 5 लाख, 73 हजार, 812, गंगोत्री धाम में 6 लाख, 47 हजार, 571, केदारनाथ धाम में 13 लाख, 91 हजार, 348, बदरीनाथ धाम में 11 लाख, 63 हजार, 867, और हेमकुंड साहिब में 2 लाख, 16 हजार, 305 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कुल मिलाकर, सभी धामों में 39 लाख, 92 हजार, 903 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, "इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना है, जिससे उत्तराखंड का नाम इतिहास में दर्ज हो।" पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से इसे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों से जोड़ा जा सकेगा। इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए आसानी से हरिद्वार पहुंच सकेंगे। मंत्री ने बताया कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, और यहां हवाई अड्डा बनने से तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। इसके लिए दो स्थानों को चिन्हित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।

सियासी सरगर्मी तेज: हरिवंश ने राष्ट्रपति से की भेंट, धनखड़ के इस्तीफे पर अटकलें तेज

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। बीते दिन ही धनखड़ ने राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र भेजकर पद से इस्तीफे की बात कही थी। उन्होंने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। उनके इस्तीफे के बाद मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन उपसभापति हरिवंश ने किया।  राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐस समय हो रही है, जब सोमवार शाम को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति भवन ने एक्स पर बैठक की एक तस्वीर भी साझा की। जिसमें लिखा गया है, राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।   बता दें कि सोमवार को जगदीप धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन अचानक इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद हरिवंश ने मंगलवार को राज्यसभा में सुबह के सत्र की कार्यवाही की अध्यक्षता की। हालांकि की राज्यसभा की कार्यवाही को कुछ समय बाद कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।  सभापति का पद स्वत: रिक्त हुआ उपराष्ट्रपति के पद छोड़ने के साथ ही राज्यसभा के सभापति पद भी स्वत: रिक्त हो गया। उपराष्ट्रपति उच्च सदन के पदेन सभापति होते हैं। ऐसे में अब जब इस्तीफा मंजूर हो गया है तो मानसून सत्र में राज्यसभा की पूरी कार्यवाही उपसभापति हरिवंश चलाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति की ओर से अधिकृत सदस्य को भी यह जिम्मेदारी दी सकती है।  सोमवार को पूरे दिन राज्यसभा में सक्रिय थे धनखड़ इससे पहले सोमवार को धनखड़ पूरे दिन राज्यसभा में सक्रिय थे। सुबह उन्होंने विपक्ष को संसद को संवाद एवं चर्चा का सकारात्मक मंच बनाने की नसीहत दी और दोपहर बाद जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार करते हुए पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट किया। जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ पेश महाभियोग के नोटिस में एक सांसद के दोहरे दस्तखत पर जांच बैठाने की भी घोषणा की थी। पिछले सप्ताह भी बिगड़ी थी धनखड़ की तबियत उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा था कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और  चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए यह निर्णय ले रहे हैं। हालांकि वे हाल के महीनों में राज्यसभा में काफी सक्रिय और ऊर्जावान नजर आए, लेकिन उनकी तबीयत लगातार ठीक नहीं चल रही थी। मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी से बाहर की यात्राओं से परहेज की सलाह दी थी। इके बाद जून में उत्तराखंड के नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान वे मंच पर बेहोश हो गए थे। अधिकारियों ने बताया था कि उस दिन बहुत गर्मी थी और कार्यक्रम स्थल बेहद घुटन भरा था। इस महीने की शुरुआत में केरल यात्रा के दौरान भी उनकी तबीयत गड़बड़ा गई थी और उन्हें उनकी पत्नी सुदेश और एक सहयोगी ने सहारा दिया था।  वहीं, 17 जुलाई को दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना द्वारा विकसित वटिका के दौरे के समय भी धनखड़ अस्वस्थ महसूस करने लगे और कुछ देर के लिए उन्हें बैठकर आराम करना पड़ा था। उनकी पत्नी ने उन्हें पानी पिलाया था। जिसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था। 

‘सभी के लिए अनिवार्य हेल्थ चेकअप हो कानूनी अधिकार’ – राघव चड्ढा की संसद में मांग

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार से मांग की है कि प्रत्येक नागरिक को हर साल स्वास्थ्य जांच का कानूनी अधिकार दिया जाए। राज्यसभा के मानसून सत्र में राघव चड्ढा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद देश में हार्ट अटैक और अन्य बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैंने संसद में यह मांग रखी कि हर नागरिक को हर साल हेल्थ चेकअप कराने का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए।'' ''कोविड के बाद दिल की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बहुत बढ़ गई हैं। अगर बीमारियों का समय रहते पता चल जाए, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।'' उन्होंने कहा कि कई विकसित देश अपने नागरिकों को हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप की सुविधा देते हैं, जिसका खर्च सरकार उठाती है। फिर भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? राघव चड्ढा ने कहा, ''इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ अमीरों के लिए नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों को नियमित जांच की सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वे गरीब हों या अमीर।'' उन्होंने एक नारा दिया—''जांच है तो जान है।'' उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब हाल ही में कई युवा और स्वस्थ दिखने वाले लोगों में भी अचानक दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियां देखी गई हैं। हर साल होने वाली 70 प्रतिशत से ज्यादा मौतें दिल से जुड़ी बीमारी, कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी आदि जैसी गैर-संचारी बीमारियों के कारण होती हैं। अगर इन बीमारियों की नियमित जांच हो, तो देश की स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। सरकार ने इस साल की शुरुआत में एक राष्ट्रव्यापी एनसीडी जांच अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के साथ-साथ ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों के उपचार के लिए 30 साल और उससे ज्यादा की उम्र के सभी लोगों की जांच करना है। यह जांच अभियान आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया गया और इसने अपने 89.7 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा भी किया।

नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस सेवाओं का होगा विस्तार

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास भोपाल  प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

जनता का पैसा हंगामे की भेंट चढ़ा रहे विपक्षी: किरेन रिजिजू

नई दिल्ली  संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर "टैक्स का पैसा बर्बाद करने" और मौजूदा सत्र के दौरान जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि बैठक में ये तय किया गया कि सबसे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा होगी। इसके लिए समय भी तय किया गया है। एक साथ सारे मुद्दे पर चर्चा संभव कैसे है? फिर भी, सहयोग करने के बजाय, वे तख्तियां लेकर आए और सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला। ये हर समय नियम के विरुद्ध तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते हैं, यह निंदनीय है। जबकि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में यह तय हुआ था कि पोस्टर, बैनर लेकर सदन में नहीं आएंगे। उन्होंने आगे कहा, "पोस्टर-बैनर लेकर सदन को बाधित करना आपत्तिजनक है, वह (विपक्ष) चर्चा की मांग कर रहे हैं और हम इसके लिए तैयार हैं। फिर वह सदन क्यों नहीं चलने दे रहे? यह दोहरा मापदंड गलत है। अगर आप चर्चा चाहते हैं, तो ये हंगामा नहीं करें। सरकार ने बार-बार कहा है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन ये हंगामा क्यों कर रहे हैं, इसकी कौन जिम्मेदारी लेगा। देश की टैक्स मनी को आप हंगामा करके बर्बाद कर रहे हैं। इसका जवाब देना पड़ेगा। आप लोग सदन का समय बर्बाद कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और उनके कुछ साथी दो दिन से हंगामा कर रहे हैं। मैं इसका खंडन करना चाहता हूं।" संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष की ओर से बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), पहलगाम हमले और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा की मांग की गई और जमकर नारेबाजी हुई। जिसके बाद हंगामे की वजह से सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।

खेलों को बढ़ावा: ओलंपिक में गोल्ड लाने पर अब दिल्ली देगी 7 करोड़ और नौकरी

नई दिल्ली  दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान किया है। जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी है कि ओलंपिक में जीतने वाले विजेताओं को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड को बढ़ा दिया गया है।  प्रेस वार्ता में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाल खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को पांच करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आगे कहा कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप बी की नौकरी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें पहले दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने विभागीय विषयों की समीक्षा की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पंचायती राज, पीएम पोषण शक्ति अभियान आदि के अंतर्गत जारी कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें एवं कार्यों की सूक्ष्मता से मॉनीटरिंग की जाये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।