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IIT खड़गपुर में फिर हादसा: छात्र की मौत ने उठाए सुरक्षा और मानसिक दबाव पर सवाल

खड़गपुर/भोपाल  टेक्नीकल एजुकेशन के मामले में देशभर में अगल पहचान रखने वाले आईआईटी खड़गपुर में संदिग्ध हालात में हो रही छात्रों की मौत से हड़कंप है. 4 दिन पहले एक छात्र की मौत का मामला गर्म था कि यहां पढ़ने वाले एक और छात्र की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक छात्र चंद्रदीप पवार मध्य प्रदेश का रहने वाला था और वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का छात्र था. चंद्रदीप पवार की मौत सोमवार रात को हुई. प्रबंधन ने श्वास नली में टेबलेट फंसना बताया सूत्रों के अनुसार आईआईटी खड़गपुर के छात्र चंद्रदीप पवार छात्र ने  रात डिनर किया. इसके बाद तबियत बिगड़ गई. अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस और आईआईटी अधिकारियों का कहना है "खाना खाते समय दवा उसके श्वास नली में फंसने से मौत हो गई." छात्र ने  रात करीब 11:30 बजे आईआईटी खड़गपुर के पास बीसी रॉय अस्पताल में दम तोड़ा. डिनर के बाद मेडिसिन ली और दम तोड़ दिया बताया जाता है कि खाना खाने के बाद छात्र चंद्रदीप पवार अस्पताल ले जाने के बाद सीपीआर शुरू किया गया. इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई. मंगलवार को मेदिनीपुर मेडिकल में पोस्टमार्टम किया जाएगा. खड़गपुर आईआईटी प्रबंधन और पुलिस के अनुसार चंद्रदीप आईआईटी खड़गपुर के नेहरू हॉल (कमरा डी-408) में रहता था. खाना खाने के बाद बुखार और सर्दी की दवा लेते समय एक गोली उसकी श्वास नली में फंस गई. दवा गले में अटकने से चंद्रदीप को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. परिवार को आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने सूचित कर दिया है. स्टूडेंट्स की टास्क फोर्स गठित करने का फैसला गौरतलब है कि इससे पहले इसी सप्ताह आईआईटी खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष के छात्र रितम मंडल की अप्रत्याशित रूप से मृत्यु हो गई थी. उसका शव उसके कमरे में मिला था. इस घटना के मात्र 4 दिन के भीतर एक छात्र की मौत से हड़कंप और दहशत है. आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन के अधिकारी स्तब्ध हैं. 7 माह के अंदर 5 छात्रों की मौत बताया जाता है इस वर्ष के पहले 7 महीनों में आईआईटी खड़गपुर परिसर में 5 छात्रों की मौत हो चुकी है. हालांकि इससे पहले हुई 4 छात्रों की मौत में सामने आया था कि उन्होंने खुद जान दी है. लेकिन सारे मामले संदिग्ध हैं. वहीं, आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने प्रत्येक छात्रावास में एक छात्र टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी छात्र की मौत पर रिपोर्ट आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती का कहना है "इन मौतों के कारणों की तह में जाने के लिए 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. ये टीम विभिन्न कारणों के गहराई तक जाकर जांच करेंगी. पुलिस भी मामलों की जांच कर रही है." गौरतलब है कि पिछले दिनों आईआईटी खड़गपुर में इंजीनियरिंग छात्र को लेकर हाल में ही में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था "ऐसी घटनाओं ने हमारी मौजूदा शिक्षा व्‍यवस्‍था पर भी सवाल खड़ा कर दिया है." सुप्रीम कोर्ट ने संस्थान से रिपोर्ट भी मांगी थी. 

इंग्लैंड की टेस्ट टीम घोषित, लंबे इंतजार के बाद इस गेंदबाज की धमाकेदार वापसी

मैनचेस्टर  इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है. इस मैच में इंग्लैंड ने एकमात्र बदलाव किया है. लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह टीम में शामिल किया गया है. बता दें कि बशीर को लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी. तीसरे टेस्ट के तुरंत बाद उनकी सर्जरी भी हुई. उनकी जगह अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन को टीम में लिया गया, जो आखिरी बार 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में खेले थे. दिलचस्प रूप से उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू 2016 में भारत के खिलाफ चेन्नई में किया था. ऐसा रहा है डॉसन का करियर डॉसन अब तक 3 टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 7 विकेट लिए हैं और 84 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 66 नाबाद रहा है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की प्रेस रिलीज़ में कहा गया, 'भारत के खिलाफ एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की पुरुष टीम में एक बदलाव किया गया है. हैम्पशायर के स्पिनर लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह शामिल किया गया है. यह डॉसन का जुलाई 2017 के बाद पहला टेस्ट होगा.' लियाम डॉसन पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर की टी20 लीगों में खेले हैं, लेकिन उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 212 मैचों में 10,731 रन बनाए हैं और 371 विकेट चटकाए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रुक ने डॉसन की वापसी पर कहा, हां बिल्कुल, वो चालाक और अनुभवी खिलाड़ी हैं. उन्होंने हर जगह खेला है, हर टीम के खिलाफ खेला है. उम्मीद है कि इस हफ्ते वो शानदार प्रदर्शन करेंगे. डॉसन की मौजूदगी से इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी क्रम को मजबूती मिली है और इंग्लैंड 2-1 की बढ़त के साथ सीरीज़ को मैनचेस्टर में ही खत्म करने की कोशिश करेगा.  इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन (मैनचेस्टर टेस्ट): ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जैमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर.

शतरंज का महाकुंभ लौट आया भारत: 23 साल बाद होगी विश्व कप की मेजबानी

नई दिल्ली  भारत में शतरंज विश्वकप होगा. शीर्ष स्टार खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे. 23 साल बाद फिर से भारत में विश्वकप होगा. शतरंज की सर्वोच्च संस्था फिडे ने घोषणा की.  30 अक्टूबर से 27 नवंबर तक भारत टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा.  आयोजन स्थल की जल्द घोषणा की जाएगी. शीर्ष खिलाड़ी डी.गुकेश, आर प्रग्गनानंदा, अर्जुन एरिगेसी समेत 206 खिलाड़ी शतरंज विश्वकप में हिस्सा लेंगे.  नॉकआउट प्रारूप में सभी मुकाबले खेले जाएंगे. प्रत्येक राउंड तीन दिन तक चलेगा. 2002 में अंतिम बार भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी. विश्वनाथन आनंद ने 2002 में विश्वकप जीता था. शतरंज की वैश्विक संस्था फिडे (FIDE) ने 21 जुलाई को इस बात की पुष्टि की कि 2025 का वर्ल्ड कप भारत में आयोजित होगा। इस टूर्नामेंट में 206 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जो वर्ल्ड कप खिताब के साथ-साथ 2026 फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने के लिए मुकाबला करेंगे। आखिरी बार 2002 में हुआ था आयोजन भारत ने इससे पहले 2002 में हैदराबाद में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी, जिसमें भारत के दिग्गज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने खिताब अपने नाम किया था। अब 23 साल बाद यह टूर्नामेंट फिर से भारतीय धरती पर आयोजित हो रहा है। वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन नॉकआउट फॉर्मेट में किया जाएगा, जिसमें हर राउंड में हारने वाला खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। फिडे के मुताबिक, शीर्ष तीन खिलाड़ी सीधे 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाएंगे, जो भविष्य के वर्ल्ड चैंपियन के लिए चयन प्रक्रिया का हिस्सा होता है। स्टार खिलाड़ी होंगे आकर्षण का केंद्र इस मेगा इवेंट में भारत के कई शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, वर्ल्ड कप 2023 के उपविजेता आर. प्रज्ञानानंद, दुनिया के टॉप-5 खिलाड़ियों में शुमार अर्जुन एरिगैसी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को भारतीय दर्शकों के लिए और भी रोमांचक बना देगी। फिडे के सीईओ एमिल सुतोव्स्की ने वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हम भारत में वर्ल्ड कप 2025 के आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भारत वह देश है जहां शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है।

मुंबई ब्लास्ट के दोषियों की रिहाई के खिलाफ केंद्र सुप्रीम कोर्ट में, अगली सुनवाई 24 को

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस आतंकी हमले में 180 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इन हमलों में कई ट्रेनों को निशाना बनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप भारी जनहानि हुई। मामले की जांच के बाद 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन हाल ही में बंबई उच्च न्यायालय ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को "न्याय के हित में अनुचित" बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। सरकार का तर्क है कि इस मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं और हाईकोर्ट का फैसला पीड़ितों के साथ न्याय करने में विफल रहा है। पूरा मामला समझिए मुंबई उच्च न्यायालय ने 11 जुलाई 2006 को मुंबई में कई ट्रेन में किए गए सात बम धमाकों के मामले में सोमवार को सभी 12 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है तथा यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने यह अपराध किया है। यह फैसला शहर के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क को हिला देने वाले आतंकवादी हमले के 19 साल बाद आया है। इस हमले में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे। अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के लिए अत्यंत शर्मिंदगी की बात है, जिसने इस मामले की जांच की थी। एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) के सदस्य थे और उन्होंने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तानी सदस्यों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। उच्च न्यायालय ने आरोपियों के सभी इकबालिया बयानों को ‘नकल’ करने का संकेत देते हुए अस्वीकार्य घोषित कर दिया। अदालत ने इकबालिया बयान की विश्वसनीयता को और अधिक कम करते हुए कहा कि अभियुक्तों ने सफलतापूर्वक यह स्थापित कर दिया है कि इन इकबालिया बयानों के लिए उन पर अत्याचार किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण सिंडिकेट (मकोका) के प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होंगे और इसके लिए मंजूरी ‘बिना सोचे-समझे यांत्रिक तरीके से’ दी गई थी। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की विशेष पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपराध में प्रयुक्त बमों के प्रकार को रिकार्ड में लाने में भी असफल रहा है तथा जिन साक्ष्यों पर उसने भरोसा किया वे आरोपियों को दोषी ठहराने में विफल रहे हैं। उच्च न्यायालय ने 671 पन्नों के अपने निर्णय में कहा, ‘‘किसी अपराध के वास्तविक अपराधी को सजा देना, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने, कानून के राज को बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा व संरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस और आवश्यक कदम है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘लेकिन किसी मामले को हल करने का झूठा दिखावा करना- यह दिखाना कि आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाया गया है केवल एक भ्रमपूर्ण समाधान की भावना पैदा करता है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘ऐसा भ्रामक निष्कर्ष न केवल जनता के विश्वास को कमजोर करता है, बल्कि समाज को झूठी तसल्ली देता है, जबकि वास्तव में असली खतरा अब भी आज़ाद घूम रहा होता है। मूल रूप से, यही इस मामले की सच्चाई को दर्शाता है।’’ उच्च न्यायालय ने 12 व्यक्तियों की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा कि गवाहों के बयान और आरोपियों के पास से कथित तौर पर की गई बरामदगी का कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है। इनमें से पांच आरोपियों को विशेष अदालत ने सजा-ए-मौत और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पश्चिमी लाइन पर विभिन्न स्थानों पर मुंबई की लोकल ट्रेन में 11 जुलाई, 2006 को सात विस्फोट हुए थे, जिनमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे और कई अन्य लोग घायल हुए थे। विशेष अदालत ने जिन दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी, उनमें कमाल अंसारी (अब मृत), मोहम्मद फैसल अताउर रहमान शेख, एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, नवीद हुसैन खान और आसिफ खान शामिल थे। विशेष अदालत ने उन्हें बम रखने और कई अन्य आरोपों में दोषी पाया था। इसने तनवीर अहमद मोहम्मद इब्राहिम अंसारी, मोहम्मद मजीद मोहम्मद शफी, शेख मोहम्मद अली आलम शेख, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मुजम्मिल अताउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख और ज़मीर अहमद लतीउर रहमान शेख को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। एक आरोपी, वाहिद शेख को 2015 में निचली अदालत ने बरी कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने यह अपराध किया है, इसलिए उनकी दोषसिद्धि रद्द की जाती है।’’ पीठ ने 2015 में विशेष अदालत द्वारा पांच लोगों को मृत्युदंड और शेष सात आरोपियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा की पुष्टि करने से इनकार कर दिया और उन्हें बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें जेल से तुरंत रिहा कर दिया जाए। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य, गवाहों के बयान और आरोपियों के पास से कथित तौर पर की गई बरामदगी का कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है और इसलिये इसे दोषसिद्धि के लिये निर्णायक प्रमाण नहीं कहा जा सकता। इस मामले में 2015 में एक विशेष अदालत ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें से पांच को मृत्युदंड और शेष सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अपील की सुनवाई लंबित रहने के दौरान एक दोषी की मृत्यु हो गई थी।

मसाज के नाम पर जाल: अश्लील वीडियो बनाकर एक लाख वसूले

ग्वालियर ग्वालियर के पिंटो पार्क, राम बिहार में रहने वाला एक युवक हजीरा चौराहे पर मेडिकल स्टोर से मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां वह एक अजनबी से टकराया। अजनबी ने उस युवक से पूछा कि क्या उसे मसाज करानी है? इस सवाल ने युवक की जिंदगी का रंग ही बदल दिया। यहां से शुरु हुई फरेब की ठोस जंजीर, जिसके पहले कदम में युवक उसे स्पा लेकर पहुंचा। पहले कपड़े उतरे फिर मसाज टेबल पर साजिश रची गई। इसके बाद वीडियो बना और एक लाख ठग लिए गए। क्या है पूरा मामला, यहां समझिए ग्वालियर में एक युवक का न्यूड वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और उससे एक लाख रुपए ऐंठ लिए गए। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस अकाउंट में पैसे भेजे गए हैं, वह किसी सतपाल सिंह का है। अब पुलिस सतपाल सिंह को तलाश कर रही है। मेडिकल से सीधे स्पा पहुंच गया पीड़ित पिंटो पार्क रामबिहार निवासी युवक हजीरा चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां उसे 25 साल का युवक मिला। उसने अपना नाम शिवा शिवहरे बताया और पूछा कि तुमको मसाज करानी है, जिस पर युवक ने हां कर दिया। शिवा उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर उपनगर ग्वालियर स्थित गोसपुरा में एक घर में ले गया। घर ले जाकर शिवा ने युवक के कपड़े उतारे और अपने भी कपड़े उतार दिए। इसके बाद वह मसाज करने लगा। दो युवकों की एंट्री और बदल गया सब तभी कमरे में दो युवक आते हैं और उसका वीडियो बना लेते हैं। उसे न्यूड वीडियो दिखाकर धमकाते हैं। कहते हैं कि उनको रुपए नहीं मिले तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर उसे बदनाम कर देंगे। ब्लैकमेल करने वाले युवकों ने पीड़ित का मोबाइल छीनकर उसके फोन-पे अकाउंट से दो बार में 90 हजार एवं 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उसे धमकाकर छोड़ दिया। युवक ने भाई को दी जानकारी घबराए हुए युवक ने डरते हुए अपने भाई को यह बात बताई, जिसके बाद वह थाना पहुंचे और मामले की शिकायत की। बदमाशों ने पीड़ित के फोन-पे से एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता लगा जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर हुए थे वह किसी सतपाल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। अब पुलिस इस सतपाल की भी तलाश कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी एएसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि एक युवक द्वारा खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर से कार्रवाई कर एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शराब घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी में निवेश, चैतन्य बघेल पर ED की बड़ी कार्रवाई का दावा

रायपुर  छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल को लेकर ईडी ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि चैतन्य ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक आय का प्रबंधन किया। साथ ही अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास के लिए 16.7 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया। चैतन्य राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे हैं। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को उनके 38वें जन्मदिन पर भिलाई के मानसरोवर कॉलोनी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। चैतन्य को उसी दिन रायपुर की एक अदालत ने 5 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। मंगलवार को उन्हें उसी अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है। एजेंसी ने एक बयान में दावा किया कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपए की आपराधिक आय प्राप्त हुई थी। उन्होंने उस रकम का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास में किया था। ईडी के बयान में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक आय का इस्तेमाल चैतन्य बघेल की परियोजना के ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंक खातों के माध्यम से किया गया था। एजेंसी ने कहा कि जूनियर बघेल ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों नामक एक स्थानीय व्यवसायी के साथ सांठगांठ की। फिर उसकी कंपनियों का उपयोग करके एक योजना तैयार की। इसके तहत उन्होंने ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपए प्राप्त किए। ईडी ने कहा कि बैंकिंग ट्रेल से पता चलता है कि संबंधित लेनदेन के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से रकम प्राप्त किया। एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक की आय का प्रबंधन किया। ईडी के बयान में कहा गया है कि चैतन्य छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को घोटाले से मिले रकम को हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर (रायपुर के मेयर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई) और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त रकम को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इसकी जांच की जा रही है। ईडी ने कहा है कि कथित घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। इससे शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में 2100 करोड़ रुपए से अधिक रकम गए। ईडी के अनुसार यह घोटाला 2019 और 2022 के बीच रचा गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। ईडी ने इस मामले में जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने पिछले साल 17 जनवरी को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 70 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया था।

बिली जीन किंग कप फाइनल्स 16 सितंबर से

नई दिल्ली डिफेंडिंग चैंपियन इटली और मेज़बान चीन के बीच मुकाबले के साथ बिली जीन किंग कप फाइनल्स की शुरुआत 16 सितंबर से शेनझेन में होगी। इस बात की जानकारी टूर्नामेंट आयोजकों ने सोमवार को दी। इटली की टीम में विश्व नंबर 9 जैस्मिन पाओलिनी शामिल हैं, जबकि चीन की अगुवाई ओलंपिक चैंपियन झेंग किनवेन करेंगी। आमतौर पर यह टूर्नामेंट नवंबर में होता है, लेकिन इस बार इसे डब्ल्यूटीए टूर के एशियाई स्विंग के साथ तालमेल बैठाने के लिए सितंबर में आयोजित किया जा रहा है। स्पेन और यूक्रेन के बीच दूसरा क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर को खेला जाएगा, जिसमें विश्व नंबर 10 पाउला बडोसा एक्शन में नजर आएंगी। इसके बाद 18 सितंबर को अमेरिका का मुकाबला कज़ाखस्तान से और ब्रिटेन का सामना जापान से होगा। सेमीफाइनल मुकाबले 19 और 20 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 21 सितंबर को होगा।  

जगदलपुर रेलमार्ग पर बड़ा बदलाव, 10 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में बस्तर को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली करीब 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। ये ट्रेनें 23 जुलाई से लेकर 26-27 जुलाई तक जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। या ये कहें कि ये सभी ट्रेनें जगदलपुर के लिए रद्द कर दी गईं हैं। दरअसल, करीब 20 दिन पहले मल्लीगुड़ा और जड़ती स्टेशन के बीच लैंड स्लाइड हुआ था। मार्ग तो क्लियर कर दिया गया है, लेकिन फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कुछ जगह अब भी काम जारी रखा है। इसलिए हिराखंड, समलेश्वरी, किरंदुल-विशाखापट्टनम समेत अन्य ट्रेनों को अब 26-27 जुलाई तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इससे पहले 11 से लेकर 20 जुलाई तक ट्रेनें नहीं आई। अब तारीख बढ़ा दी गई है। ये ट्रेनें हुई शॉर्ट टर्मिनेट 1. दिनांक 23.07.2025 से 24.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम – किरंदुल नाइट एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 2. ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल – विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 3. दिनांक 23.07.2025 से 26.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 4. ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल – विशाखापट्टनम पैसेंजर 23.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 5. ट्रेन संख्या 18005 23.07.2025 से 25.07.2025 तक हावड़ा से छूटने वाली हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 6. ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 25.07.2025 से 27.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 7. ट्रेन संख्या 18107 23.07.2025 से 25.07.2025 तक राउरकेला से छूटने वाली राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 8. ट्रेन संख्या 18108 जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 9.दिनांक 23.07.2025 से 25.07.2025 तक भुवनेश्वर से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 10. ट्रेन संख्या 18448 जगदलपुर – भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक कोरापुट से रवाना होगी।  

तेज गेंदबाजी का नया सितारा अंशुल कंबोज: अश्विन ने की बुमराह-जहीर से तुलना

नई दिल्ली पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने अंशुल कंबोज की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें जहीर खान और जसप्रीत बुमराह जैसा तेज गेंदबाज करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह न केवल अपने क्षेत्र का कुशल खिलाड़ी है बल्कि अपनी रणनीति की भी अच्छी समझ रखता है। ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी के अलावा तेज गेंदबाज आकाश दीप और अर्शदीप सिंह की जोड़ी के चोटिल होने के बाद कंबोज को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए पिछले सप्ताह भारतीय टीम में शामिल किया गया था। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर कहा, ‘‘अंशुल की सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है। मैंने कई तेज गेंदबाजों को देखा है, अगर आप उनसे उनकी रणनीति के बारे में पूछते हैं, तो वे बस यही कहते हैं कि वे खुद को अभिव्यक्त करना चाहते हैं और खेल का आनंद लेना चाहते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अंशुल अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है और यह भी जानता है कि मैदान पर उस पर कैसे अमल करना है। अधिकतर तेज गेंदबाजों में यह गुण नहीं होता है। जहीर खान भी ऐसे तेज गेंदबाज थे जो अपनी रणनीति को समझते थे और उस पर अच्छी तरह से अमल करते थे। वह अद्भुत खिलाड़ी थे।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में, जस्सी (बुमराह) एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो रणनीति को अच्छी तरह से समझते हैं और उसे बखूबी अंजाम देते हैं। अंशुल भी इसी तरह का खिलाड़ी है। मैं कौशल की तुलना नहीं कर रहा हूं क्योंकि कौशल एक बहुत ही अलग चीज़ है। मैंने उसे आईपीएल में खेलते हुए देखा है। उसकी लेंथ बहुत अच्छी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह और सिराज के साथ अगर आप अंशुल कंबोज को अंतिम एकादश में शामिल करते हैं तो यह मजबूत गेंदबाजी आक्रमण होगा।’’ भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट की श्रृंखला का चौथा टेस्ट बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होगा। भारतीय टीम सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। सीरीज जीत की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया मैनचेस्टर में हर हाल में जीत चाहेगी जहां उसने आज तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है।  

हाईवे जाम कर रील शूटिंग पर HC सख्त, पूछा – अब तक वाहनों की जब्ती क्यों नहीं?

बिलासपुर  बिलासपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर रसूख का प्रदर्शन करते हुए रील बनाकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले युवकों पर पुलिस द्वारा केवल जुर्माना कर मामले को शांत करने की कोशिश पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट(Chhattisgarh High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब अन्य मामलों में गाड़ियां जब्त की जाती हैं, तो इस मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया? साथ ही पूछा कि मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं?। क्या है मामला घटना बिलासपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे 130 की है, जहां रायपुर रोड स्थित टोयोटा शोरूम से दो फार्च्यूनर लेने के बाद वेदांत शर्मा और उसके साथियों ने आधा दर्जन से अधिक महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ हाईवे पर रुककर ड्रोन कैमरे और पेशेवर फोटोग्राफरों की मदद से रील शूट की। रील शूट के दौरान पूरी सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आलोचना शुरू हुई और संबंधित अकाउंट्स डिलीट कर दिए गए। कोर्ट की नाराजगी मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लंच से पहले कोज लिस्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रसूखदार लोगों के लिए अलग और आम लोगों के लिए अलग मापदंड नहीं हो सकते। अदालत ने पूछा क्या सिर्फ जुर्माना कर देने से कानून का पालन हो जाता है? पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि गाड़ियां जब्त क्यों नहीं की गईं और अन्य धाराएं क्यों नहीं जोड़ी गईं। राज्य सरकार से अगली सुनवाई तक पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल वीडियो वायरल होने के बाद जनदबाव और मीडिया की खबरों के चलते पुलिस ने सात गाड़ियों पर महज 2000 हजार का का चालान किया और कुल 14,000 हजार रुपये की जुर्माना वसूली की। एक अन्य वाहन पर भी बाद में चालान किया गया, लेकिन बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज नहीं किया गया था, न ही कोई गिरफ्तारी या गाड़ी जब्ती हुई थी। यह भी देखा गया कि कई गाड़ियों के नंबर अधूरे थे और आरोपी युवकों के नाम-पते या फोटो भी सार्वजनिक नहीं किए गए, जैसा आम मामलों में किया जाता है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में भी केवल जुर्माना वसूली की जानकारी दी गई, जिससे जनता में और नाराजगी बढ़ गई। न्यायालय की सख्ती के बाद सकरी पुलिस ने वेदांत शर्मा एवं अन्य युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 285 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। संबंधित वाहनों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।