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चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

छेड़छाड़ का मामला: हाईकोर्ट का सख्त रुख, शिक्षक की सजा बरकरार

बिलासपुर अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा (13 साल) के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. आरोपी शिक्षक को 5 साल कैद और 2000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. बता दें कि मुंगेली जिला निवासी अपीलकर्ता अमित सिंह शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद में कार्यरत था. स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मां ने 25 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया. जिसमें बताया गया, कि शिक्षक उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया है. पुलिस ने रिपोर्ट पर पीड़िता के अनुसूचित जाति/जनजाति का होने के कारण, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया गया. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. न्यायालय ने दोष सिद्ब होने पर आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के अंतर्गत दोषी करार दिया गया और उसे 5 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में अपील की. जिसमें कहा गया कि आरोपी ने 25 अगस्त को स्कूल में नहीं होने और अकास्मिक अवकाश में होने की बात कही गई. न्यायालय ने उक्त दस्तावेज में सिर्फ स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर होने के कारण साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया था. इसके अलावा अपीलकर्ता ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों भी छात्रा से छेड़छाड़ किया था. जस्टिस संजय के अग्रवाल ने अपीलकर्ता और शासन के पक्ष को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय की एक प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने कहा है. जहां अपीलकर्ता अपनी जेल की सजा काट रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 दिन की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं। अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।  

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा: जानिए 8वें वेतन आयोग की तिथि और सैलरी बढ़ोतरी का स्केल

नई दिल्ली  देशभर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स आगामी 8वें वेतन आयोग से जुड़े खबरों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इससे वेतन और पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। एम्बिट कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, नए सैलरी स्ट्रक्चर से कुल पारिश्रमिक में 30-34% की वृद्धि हो सकती है, जिसका असर देश भर के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों पर पड़ेगा। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह संशोधन 2026 या वित्तीय वर्ष 2027 तक लागू हो सकता है, और इससे सरकारी खजाने पर 1.8 लाख करोड़ रुपये का भारी बोझ पड़ सकता है। क्या है डिटेल वर्तमान वेतन और पेंशन संरचना सातवें वेतन आयोग पर आधारित है, जो जनवरी 2016 में लागू हुआ था। जीवन-यापन की लागत, मुद्रास्फीति और आर्थिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में संशोधन के लिए आमतौर पर हर दस साल में एक नया आयोग गठित किया जाता है। उम्मीद है कि आठवें वेतन आयोग द्वारा भी यह परंपरा जारी रहेगी और रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान की पेशकश की जाएगी। वेतन बढ़ोतरी को गति देने वाला फिटमेंट फैक्टर अपेक्षित संशोधन के मुख्य कंपोनेंट में से एक फिटमेंट फैक्टर है—एक गुणक जिसका उपयोग नए बेसिक सैलरी को तय करने के लिए किया जाता है। एम्बिट कैपिटल का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। इसका अर्थ है कि वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन बढ़कर 32,940 रुपये (1.83 पर) या 44,280 रुपये (2.46 पर) हो सकता है। उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये का मौजूदा आधार वेतन, फिटमेंट फैक्टर के निचले सिरे पर 91,500 रुपये और ऊपरी सिरे पर 1.23 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। संशोधित ढांचे से महंगाई भत्ते को मुद्रास्फीति के साथ और अधिक सटीक रूप से संरेखित करने और पेंशन भुगतान को तदनुसार अद्यतन करने की भी उम्मीद है। उपभोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन आयोग आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन से उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच, बेहतर आवास और मनोरंजन पर अधिक खर्च हो सकता है। इतने बड़े कर्मचारी आधार पर वेतन वृद्धि का व्यापक प्रभाव खुदरा, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।  

21 जुलाई को जनता के लिए दिल्ली के कुछ प्रमुख पोस्ट ऑफिस रहेंगे बंद

नई दिल्ली  अगर आप 21 जुलाई को दिल्ली में पोस्ट ऑफिस से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो आपको एक दिन रुकना पड़ सकता है। डाक विभाग (India Post) ने 19 जुलाई को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है कि दिल्ली के कुछ प्रमुख पोस्ट ऑफिस 21 जुलाई (रविवार) को जनता के लिए बंद रहेंगे। इस दिन इन शाखाओं में कोई भी सार्वजनिक लेन-देन नहीं होगा, क्योंकि यहां के कंप्यूटर सिस्टम को नए सॉफ्टवेयर वर्जन APT 2.0 में अपग्रेड किया जा रहा है। क्यों बंद रहेंगे पोस्ट ऑफिस? डाक विभाग के मुताबिक, यह तकनीकी अपग्रेड डिजिटल सेवाओं को और अधिक बेहतर, तेज और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नए APT 2.0 प्लेटफॉर्म की मदद से ग्राहकों को सुविधाजनक और आधुनिक सेवाएं मिल सकेंगी। इस दौरान डेटा माइग्रेशन, सिस्टम टेस्टिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं की जाएंगी, जिस कारण 21 जुलाई को एक दिन के लिए इन पोस्ट ऑफिस को ऑफलाइन रखा जाएगा। कहां-कहां रहेगा असर? यहां देखें बंद रहने वाले पोस्ट ऑफिस की सूची डाक विभाग ने बताया कि जिन पोस्ट ऑफिस में यह सिस्टम अपग्रेड होगा और जो 21 जुलाई को बंद रहेंगे, वे हैं:- अलीगंज, अमर कॉलोनी, एंड्रयूजगंज, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, दरगाह शरीफ, डिफेंस कॉलोनी, साकेत जिला अदालत परिसर, ईस्ट ऑफ कैलाश, गौतम नगर, गोल्फ लिंक, गुलमोहर पार्क, हरी नगर आश्रम, हजरत निजामुद्दीन, जंगपुरा, कस्तूरबा नगर, कृष्णा मार्केट, लोधी रोड, लाजपत नगर, मालवीय नगर, नेहरू नगर, पंचशील एनक्लेव, सादीक नगर, साकेत, साउथ मालवीय नगर, श्रीनिवासपुरी और जीवन नगर।  

उद्धव ठाकरे का आरोप: सरकार ने हमले के बाद भी सुरक्षा से ज़्यादा राजनीति को तवज्जो दी

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सुरक्षा की विफलता पर सवाल उठाए और सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय राजनीति और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। 'सामना' को दिए एक साक्षात्कार में ठाकरे ने कहा, "पहलगाम हमला चौंकाने और आक्रोशित करने वाला था। हमें बताया गया था कि कश्मीर में सामान्य स्थिति लौट आई है। फिर यह हमला कैसे हुआ?" धारा 370 को निरस्त करने का समर्थन करने वाले ठाकरे ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद कश्मीर में जमीनी हालात अभी भी अस्थिर हैं। उन्होंने कहा, "पर्यटन फिर से शुरू हो गया है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी की गई है। आप किसी पूर्व अशांत क्षेत्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जैसे सब कुछ 'ठीक' हो और अपनी सुरक्षा कम कर दें।" हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "छब्बीस महिलाओं ने अपना सिंदूर खो दिया। हमारी माताओं और बहनों की इज्जत को तार-तार करने के लिए कौन जिम्मेदार है?" उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में इतनी अंदर तक कैसे घुसपैठ करने में कामयाब रहे। उन्होंने "हमले के तीन महीने बाद भी, आतंकवादियों का पता नहीं चल पाया है। पहले उनकी तस्वीरें जारी की गईं, फिर उन्हें खारिज कर दिया गया। वे आए, हमला किया और गायब हो गए। वे कहां गए?" ठाकरे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए दावे को लेकर भी सरकार को घेरा। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने संभावित भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। इस पर ठाकरे ने पूछा, "ट्रंप 27 बार कह चुके हैं कि उन्होंने युद्ध रोका। हमारे '56 इंच के सीने' वाले प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं?" हमले के बाद शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' अभियान पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि सेना के पराक्रम का राजनीतिकरण किया गया। हमारी सेना सीमा पार कर गई, लेकिन उन्हें वापस क्यों बुलाया गया? सरकार को पीछे हटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? यह अभी भी एक रहस्य है।" उन्होंने भाजपा की आंतरिक आयु नीति पर भी कटाक्ष किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को 75 साल की उम्र में पद छोड़ने के लिए मजबूर किया था। क्या पीएम मोदी अपने ही बनाए नियमों का पालन करेंगे?" ठाकरे ने भाजपा पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग अब संविधान का सम्मान करने को भी तैयार नहीं हैं।

भारत बनाम इंग्लैंड चौथा टेस्ट: टीम इंडिया मैनचेस्टर में, अब आर-पार की जंग

मैनचेस्टर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की 5 मैचों की श्रृंखला के चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया रविवार को मैनचेस्टर पहुंची। यह टेस्ट मैच बुधवार 23 जुलाई से ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाएगा। जिन खिलाड़ियों के यहां पहुँचने की सूचना मिली, उनमें टीम के कप्तान शुभमन गिल, उप-कप्तान ऋषभ पंत और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल शामिल थे।  बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन, दाएं हाथ के बल्लेबाज करुण नायर, अनकैप्ड खिलाड़ी अभिमन्यु ईश्वरन और ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी जैसे अन्य खिलाड़ी भी मैनचेस्टर पहुंचते ही सुर्खियों में आ गए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कुछ अन्य खिलाड़ियों की तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिनमें ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के साथ विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल शामिल थे। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप और अर्शदीप के साथ-साथ बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव भी नजर आए। 193 रनों का पीछा करते हुए पुछल्ले बल्लेबाजों और रवींद्र जडेजा के संघर्षपूर्ण प्रयास के बावजूद लॉर्ड्स में तीसरा टेस्ट सिर्फ 22 रन से हारने के बाद भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे है और चौथे टेस्ट में जीत दर्ज करना चाहेगी। भारत की टीम :  शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रित बुमरा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव।   

ट्रेन का सफर बना जंग का मैदान: सीट विवाद में महिला घायल

बिलासपुर ट्रेन में सीट को लेकर दो महिलाओं में विवाद के बाद एक महिला ने दूसरी का सिर फोड़ दिया. जिसके बाद महिला को गंभीर हालत में बिलासपुर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक रायगढ़-बिलासपुर लोकल ट्रेन (गाड़ी संख्या 68737) में सीट को लेकर दो महिला यात्रियों के बीच हुई मारपीट की घटना सामने आई है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) बिलासपुर ने रेल मदद शिकायत (संदर्भ संख्या 2025071906865) के आधार पर त्वरित कार्रवाई की. शिकायतकर्ता युवरानी सिंह ठाकुर (42 वर्ष), पति विजय ठाकुर, निवासी चांपा रेलवे स्टेशन, गणेश होटल के पास, ने बताया कि उनकी सहयात्री अनन्या गुरु (30 वर्ष), पिता सुधांशु गुरु, निवासी रायगढ़, के साथ सीट पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया. यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगमन पर GRP और RPF ने शिकायत का संज्ञान लिया. युवरानी सिंह ठाकुर के चेहरे और सिर पर चोट के निशान पाए गए, जिसके बाद GRP ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा. दोनो पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बरखेड़ा स्थित पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ा स्थित पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। हाल ही में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से घायल हुई छात्रा संजना गिरी से वे उनके घर जाकर मिलीं और स्वास्थ्य की जानकारी ली। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर समय रहते हमें छत की जर्जर हालत की जानकारी दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था। सरकार के पास बजट की कमी नहीं है, लेकिन समस्या से अवगत कराना आवश्यक है। यह दुर्घटना स्पष्ट रूप से प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है। घटना में घायल हुई 10वीं की छात्रा संजना गिरी ने बताया कि हादसे में सिर पर चोट लगने से टांके आए हैं। राज्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्ची का सिटी स्कैन कराया जाए और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही डॉक्टर को निर्देशित किया जाए कि बारिश के मौसम में टांकों की नियमित जांच की जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने यह भी कहा कि छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएं। यदि बच्ची को चलने में परेशानी हो रही है, तो तीन पहिया वाहन की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को आवेदन दिलवाया जाए और आवश्यक आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर श्री सुरेंद्र घोटे, पार्षद श्री नीरज सिंह, श्री बी. शक्तिराव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

तीन साल तक मासूम से हैवानियत, 54 साल का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

खैरागढ़ नाबालिग के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़िता को चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर अपने घर ले जाता था और फिर उसके साथ घिनौनी करतूत करता था. 19 जुलाई को पीड़िता की बड़ी बहन ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने बताया कि आरोपी, जिसे गांव में सभी ‘साहेब’ के नाम से जानते हैं, उसकी अबोध नाबालिग बहन के साथ बीते करीब 3 वर्षों से यौन शोषण करता आ रहा है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 4 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर करता था घिनौना कृत्य जानकारी के अनुसार, आरोपी पुनित दास उर्फ ‘साहेब’ (54), जो ग्राम करमतरा का निवासी है और खेती किसानी का कार्य करता है. वह रोजाना स्कूल से लौटती बालिका को चॉकलेट, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री का लालच देकर अपने घर ले जाता था और वहां दुष्कर्म करता था. यह सिलसिला करीब तीन वर्षों से जारी था. प्राथमिकी दर्ज होते ही थाना जालबांधा में अपराध क्रमांक 362/25 के तहत धारा 64, 64(2)(m), 65(2) भा.दं.सं. एवं POCSO Act की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई. जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस (सीजी टीम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और प्रथम सूचना दर्ज होने के चार घंटे के भीतर आरोपी को उसके गांव से गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, घटना के सामने आने के बाद ग्राम करमतरा में आक्रोश फैल गया है. ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था, लेकिन उसकी धार्मिक छवि के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया. अब जब पूरा मामला सामने आ चुका है, तो गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सभी शालाओं में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं, जिनमें बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में निडर होकर परिजनों से बात कर सकें.