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राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।  

राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।  

एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: कोटा एयरपोर्ट के लिए 385 करोड़ का अगला कदम

कोटा कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया में निरंतर प्रगति हो रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने गुरुवार को 384.79 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया है, जिसके अंतर्गत नए टर्मिनल भवन, एटीसी टॉवर, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और सिटी साइड डेवलपमेंट जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं। टेंडर के लिए निविदाएं 15 सितंबर 2025 तक आमंत्रित की जाएंगी। निर्माण कार्यों के लिए 18 माह की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इससे पूर्व फरवरी में AAI ने कोटा एयरपोर्ट के पहले चरण के तहत एयर साइड निर्माण कार्यों जैसे रनवे, टैक्सी वे, एप्रन आदि के लिए 467.67 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में अंतिम चरण में है। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक कोटा एयरपोर्ट के लिए कुल 850 करोड़ से अधिक के कार्य टेंडर प्रक्रिया में आ चुके हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से अनुसार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूर्ण कर यहां से नियमित विमान सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। लोकसभा कैंप कार्यालय और उड्डयन मंत्रालय की ओर से लगातार प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है।  

यात्रियों को राहत: भोपाल-सागर मार्ग पर रफ्तार और सुविधा दोनों मिलेगी

भोपाल/सागर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है। मोरीकोड़ी-विदिशा बायपास तक काम पूरा रायसेन जिले के मोरीकोड़ी से विदिशा तक 20.5 किलोमीटर के खंड में फोरलेन सड़क का निर्माण 85 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक 95 प्रतिशत से अधिक कार्य कर लिया गया है। ज्यादातर कार्य विदिशा बायपास से मिर्जापुर तक बाकी है। इस हिस्से में अभी पांच से छह महीने का वक्त लगेगा। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक के हिस्से में अधिकतम तीन से चार महीने में आवागमन शुरू हो जाएगा। करीब 320 करोड़ से स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर न केवल विदिशा से रायसेन की बल्कि भोपाल की दूरी भी सांची व सलामतपुर से होकर जाने की तुलना में 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही

भोपाल  पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही है। आपातकाल में उन्नत चिकित्सा सेवा मुहैया कराने में बहुमूल्य समय की बचत कर जीवन संरक्षण किया जा रहा है। सिंगरौली जिले के श्री लाल कृष्ण वैश्य (31 वर्ष) को गंभीर अवस्था में जबलपुर से इंदौर स्थित आयुष्मान भारत से सम्बद्ध अस्पताल में एयर एम्बुलेंस सेवा से सफलतापूर्वक एयर लिफ्ट किया गया। श्री लाल कृष्ण सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे, जिससे उनके पूरे शरीर का पक्षाघात (पैरालिसिस) हो गया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण सड़क या रेल मार्ग से परिवहन जोखिमपूर्ण था। इस स्थिति में एयर एम्बुलेंस सेवा ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प था, जिसने समय रहते उन्हें उन्नत उपचार के लिए इंदौर पहुँचाया और उनकी जान बचाई जा सकी। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है, अन्य नागरिकों के लिए भी निर्धारित परिस्थितियों में सुलभ दरों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को राज्य के भीतर या बाहर शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान कार्डधारकों को राज्य में निःशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुबंधित दरों पर सशुल्क परिवहन सुविधा दी जाती है। सड़क, औद्योगिक दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित सभी नागरिकों को राज्य के भीतर या बाहर निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा मिलती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा, भोपाल, तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

यात्रियों को बड़ी राहत: भोपाल से सागर तक बिना रुकावट चलेगा सफर

विदिशा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।

सर्वश्रेष्ठ फलदायी दिन: हरियाली अमावस्या पर त्रिगुणित शुभ योगों का दुर्लभ मेल

हरियाली अमावस्या 24 जुलाई गुरुवार को पूर्ण भक्तिभाव के साथ मनाई जाएगी। हरियाली अमावस्या की शुरुआत 24 जुलाई रात दो बजकर 28 मिनिट से होगी, इसका समापन 25 जुलाई को रात 12 बजकर 40 मिनट पर होगा। इस वर्ष हरियाली अमावस्या पर पुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि व अमृत योग बन रहा है। इस दिन से मंदिरों में श्रावण मास के उत्सव शुरू हो जाता है। अमावस्या को पितरों की शांति के लिए तर्पण करने से शांति मिलती है. हरियाली अमावस्या को सनातन धर्म सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में हरे परिधानों से अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालु सामार्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करेगा। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए विशेष विधि-विधान किए जाते हैं। मान्यता है कि पितृकार्य और शिवपूजन दोनों करने से न केवल पितरों का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।अमावस्या को पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर ही बाल्टी या टब में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान कर सकते हैं।   हरियाली अमावस्या पर बनेंगे तीन शुभ योग अमावस्या के दिन काफी शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस दिन तीन शुभ योगों का निर्माण होने वाला है। हरियाली अमावस्या पर गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे। उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा. इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। इसलिए इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।     ब्रह्म मुहूर्त- सुबह सवां चार बजे से चर बजकर 57 मिनट तक     अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक     अमृत काल- दोपहर दो बजकर 26 मिनट से तीन बजकर 58 मिनट तक     सर्वार्थ सिद्ध योग- पूरे दिन रहेगा     गुरु पुष्य योग- शाम चार बजकर 43 मिनट से आरंभ होगा और अगले दिन सुबह पांच बजर 39 बजे तक रहेगा। हरियाली अमवास्या का महत्व सावन मास में चारों तरफ हरियाली होती है। बारिश की वजह से मौसम सुहावना होता है और पेड़-पौधों में अलग चमक दिखाई देती है। इस हरे-भरे वातावरण के चलते सावन अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली अमावस्या के मौके पर पितर पूजा और नवग्रह शांति पूजा कराने का भी महत्व है। इसके साथ ही शिव पूजन का बड़ा महत्व माना जाता है। इसके साथ ही पौधे लगाने का महत्व है। इस दिन आम, आंवला, नीम, बरगद, पीपल आदि के पौधे लगाने का बड़ा महत्व है।

भारत-ईएफटीए FTA लागू होने को तैयार, गोयल बोले- ऐतिहासिक अवसर

नई दिल्ली  भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है, जबकि स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है। गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा।" यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। समूह ने 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है – समझौते के कार्यान्वयन के बाद 10 वर्षों के भीतर 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तथा अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर- जिससे भारत में 1 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित किसी भी व्यापार समझौते में सहमत अपनी तरह की पहली प्रतिज्ञा है। यह प्रतिबद्धता इस समझौते का मुख्य तत्व है, जिसे पूरा होने में लगभग 16 वर्ष लगे, जिसके बदले में भारत ने EFTA देशों से आने वाले कई उत्पादों के लिए अपने बाजार खोल दिए। इस समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार स्विट्जरलैंड है। शेष तीन देशों के साथ भारत का व्यापार कम है। इस समझौते में भारत अपनी टैरिफ लाइनों या उत्पाद श्रेणियों का 82.7 प्रतिशत हिस्सा देने की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है। घरेलू ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट और घड़ियां, कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि भारत व्यापार समझौते के तहत इन वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा। सेवा क्षेत्र में, वाणिज्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि भारत ने ईएफटीए को 105 उप-क्षेत्रों की पेशकश की है, जैसे लेखांकन, व्यावसायिक सेवाएं, कंप्यूटर सेवाएं, वितरण और स्वास्थ्य। दूसरी ओर, देश ने स्विट्जरलैंड से 128 उप-क्षेत्रों में, नॉर्वे से 114, लिकटेंस्टीन से 107 और आइसलैंड से 110 उप-क्षेत्रों में प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं। जिन क्षेत्रों में भारतीय सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, उनमें कानूनी, दृश्य-श्रव्य, अनुसंधान एवं विकास, कंप्यूटर, लेखांकन और लेखा परीक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, यह समझौता घरेलू निर्यातकों को यूरोपीय संघ (ईयू) के बाज़ारों में एकीकृत होने का अवसर प्रदान करेगा। स्विट्ज़रलैंड के वैश्विक सेवा निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय संघ को होता है। भारतीय कंपनियाँ यूरोपीय संघ तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए स्विट्ज़रलैंड को एक आधार के रूप में देख सकती हैं। 2024-25 में भारत-ईएफटीए द्विपक्षीय व्यापार 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

हिमाचल में मानसून का तांडव! भारी बारिश से जनजीवन ठप, चेतावनी जारी

हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश इन दिनों मौसम के भीषण प्रकोप से जूझ रहा है। एक ओर पहाड़ों पर बर्फबारी ने सर्द हवाओं की दस्तक दी है, तो दूसरी ओर बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खासकर लाहौल-स्पीति जिले में जुलाई के महीने में ही तीसरी बार हिमपात देखने को मिला है। शुक्रवार को शिंकुला, बारालाचा और तंगलंगला दर्रों पर ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया। लगातार हो रही बारिश से बिगड़े हालात प्रदेश के कई जिलों — शिमला, मंडी, सिरमौर, कांगड़ा, कुल्लू और सोलन — में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों, पुलों और पेयजल योजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग 250 सड़कें बंद हैं, जिनमें अकेले मंडी जिले में 182 सड़कें बाधित हैं। इसके अलावा सिरमौर में 26, कुल्लू में 23, कांगड़ा में 10, सोलन में 6, ऊना में 3 और चंबा में 2 सड़कें बंद पड़ी हैं। जल जीवन मिशन पर भी असर भारी वर्षा और लैंडस्लाइड के कारण 137 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। मंडी जिले में 113 और कांगड़ा में 18 स्कीमें प्रभावित हैं, जिससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग का अलर्ट: भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने आगामी 21, 22 और 23 जुलाई के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, शिमला, सोलन, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। इस दौरान अचानक बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। हालांकि 19 और 20 जुलाई को राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम थोड़ा साफ रहने की संभावना है, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।   अब तक 112 लोगों की जान जा चुकी है 20 जून से अब तक, यानी मानसून की शुरुआत से लेकर 17 जुलाई तक, प्रदेश में 112 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 67 लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं में हुई है, जबकि 45 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। अब तक का नुकसान 1200 करोड़ से अधिक राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, अब तक बारिश और इससे जुड़े हादसों से 1221 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इसमें: लोक निर्माण विभाग को 546 करोड़ जलशक्ति विभाग को 434 करोड़ कृषि और बागवानी को लगभग 40 करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, पहाड़ी क्षेत्रों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हंगामेदार होगा मानसून सत्र! विश्लेषकों ने बताया किन मुद्दों पर गरजेंगे नेता

नई दिल्ली  संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है और 21 अगस्त तक दोनों सदनों की कुल 21 बैठकें होंगी। सरकार की तरफ से इस सत्र में कई विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें से कुछ मुद्दे ऐसे है जिस पर हंगामा हो सकता है। इसमें पहलगाम से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक कई मुद्दे शामिल है।    संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। पहले यह सत्र 12 अगस्त तक चलने वाला था, अब इसे बढ़ा दिया है। इस सत्र में कई मुद्दों पर हंगामा हो सकता है। इसमें भारत-पाकिस्तान संघर्ष से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण और डोनाल्ड ट्रंप के भारत से जुड़े मुद्दों पर लगातार दिए जा रहे बयानों से लेकर पहलगाम में सुरक्षा तक के मुद्दे पर सियासी तीर चल सकते हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, सुनील शुक्ल, अवधेश कुमार, विजय त्रिवेदी और बिलाल सब्जवारी मौजूद रहे। विजय त्रिवेदी: बिल पास कराना इस सत्र का मुद्दा नहीं है। अहम ये है कि जो मामले इस दौरान उठाए जाएंगे। चाहे ट्रंप का ही मुद्दा ही क्यों न हो। ट्रंप जो कहते रहे हैं उस पर चर्चा जरूर होगी। हमारी डिप्लोमेसी में जो बदलाव आया है उसे देखने की जरूरत है। संसद का सत्र होगा तो पहलगाम पर चर्चा पर होगी, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होगी। ये भी पूछा जाएगा कि पहलगाम के आतंकी कहां हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर का बटन अचानक क्यों दबाया गया इस पर सवाल पूछे जाएंगे।    अवधेश कुमार:  नेता प्रतिपक्ष ने 2024 के चुनाव बाद से जिस तरह का रुख दिखाया है मैं उसमें कोई बदलाव नहीं देखता हूं। देश में बाहर की राजनीति में और अंदर की राजनीति में सीमाएं टूट चुकी हैं।  अगर ट्रंप की बात आएगी तो जी-7 के बाद की बात भी आएगी। चुनाव आयोग की बात आएगी उसका भी जवाब कई बार दिया जा चुका है। क्या यह तथ्य नहीं कि वहां से लोग पकड़े गए हैं। बिहार चुनाव से पहले यह सत्र हो रहा है तो उसका असर इसमें जरूर दिखेगा। चीजों पर तथ्यात्मक बहस हो मैं यह जरूर चाहूंगा।  सुनील शुक्ल:  जो संघर्ष विराम हुआ उसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यों की? उसके बाद क्यों संघर्ष विराम की घोषणा हुई? बिहार में जो मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण हो रहा वो मुद्दा भी उठेगा। बिहार बंद के दौरान भी ये दिखाई दिया। इस सत्र में विपक्ष के पास बहुत से मुद्दे हैं। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष इन मुद्दों को अच्छे से उठा पाएगा।  बिलाल सब्जवारी: ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला सत्र होने जा रहा है। सेना की सफलता से लेकर अल्पकालिक कूटनीतिक विफलता तक पर बात होगी। कुल मिलाकर संसद सत्र के दौरान राजनीति दोनों तरफ से होगी। टकराव दोनों तरफ से होगा। नैरेटिव भी दोनों तरफ से गढ़े जाएंगे, लेकिन अंत में बिल भी पास हो जाएंगे।  विनोद अग्निहोत्री:  सोमवार से शुरू हो रहा सत्र बहुत तूफानी और हंगामेदार होगा। किसी भी बिल को पास कराने में सरकार को दिक्कत नहीं होगी। वहीं, विपक्ष के पास भी बहुत से मुद्दे हैं। विपक्ष अगर हंगामा करने की जगह नियम के तहत अपनी बात रखेगा तो ज्यादा बेहतर होगा। विपक्ष के सामने चुनौती अपने को एकजुट रखने की भी है। विपक्ष के सामने चुनौती होगी कि वो कैसे सरकार विरोधी दलों को मुद्दों पर एकजुट रखे।