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पूर्व विधायक हनुमान बेनीवाल समेत दो अन्य को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस, 11 जुलाई तक मांगा जवाब

जयपुर राजधानी जयपुर में सांसद हनुमान बेनीवाल, उनके भाई व पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल तथा पूर्व विधायक पुखराज गर्ग को सरकारी आवास खाली नहीं करने के मामले में बेदखली नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस सम्पदा अधिकारी और एडीएम (ज्यूडिशियल) की ओर से जारी किया गया है, जिसमें तीनों को 11 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा गया है। जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी विभाग ने ज्योति नगर और जालूपुरा क्षेत्र के सरकारी आवासों को लेकर परिवाद दर्ज कराया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इन नेताओं को विधायक न रहते हुए भी अब तक आवास खाली न करने पर पहले भी नोटिस भेजे जा चुके हैं लेकिन इनकी तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिला था। इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई बीती देर रात हुई, जब हनुमान बेनीवाल के जालूपुरा स्थित सरकारी आवास पर बेदखली नोटिस चस्पा किया गया। ये नोटिस सरकार की ओर से यह संकेत स्पष्ट है कि अब बिना अधिकृत हक के सरकारी संपत्तियों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि संबंधित जनप्रतिनिधि 11 जुलाई तक क्या जवाब देते हैं और स्वेच्छा से आवास खाली करते हैं या प्रशासन को अगली कार्रवाई करनी पड़ेगी।

मॉल, कारखानों, बाजार में रात में काम कर सकेंगी महिलाएं, सरकार ने दी सशर्त मंजूरी; सुरक्षा की व्यवस्था नियोक्ता को करनी होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में महिलाएं आगामी दिनों में शॉपिंग मॉल, बाजार और कारखानों में नाइट शिफ्ट कर सकेंगी। सरकार जल्द ही सशर्त मंजूरी दे सकती है। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्थान के मालिक की होगी। सरकार के इस फैसले से महिला कर्मचारियों की आर्थिक प्रगति होगी। साथ ही कारोबारियों और उद्योगपतियों को अपने यूनिट्स का कारोबार बढ़ने के लिए मदद मिल सकती है। शॉप में 10 से ज्यादा महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए। मॉल, बाजार और कारखानों में महिलाएं रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी. राज्य सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है. राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. हालांकि नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति शर्तों के साथ दी जाएगी. नाइट शिफ्ट में महिलाएं रात 9 से सुबह 7 बजे तक शॉप, शोरूम में काम कर सकेंगी. हालांकि काम करने के लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी होगी और सुरक्षा का जिम्मा फर्म का होगा. शॉप में 10 या ज्यादा महिलाएं होनी चाहिए नियुक्त दुकान और स्थापना अधिनियम, 1958 में किए गए संशोधन के आधार पर श्रम विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक महिलाएं काम कर सकेंगी। जहां महिलाएं रात में काम करेंगी, उस शॉप या शोरूम में कम से कम 10 या अधिक महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए। कारखानों में एक-तिहाई कर्मचारी होना अनिवार्य कारखानों के मामले में भी इसी तरह की व्यवस्था रहेगी। कारखाना अधिनियम की शक्तियों का उपयोग करते हुए 26 जून 2016 के नियमों को समाप्त कर यह तय किया है कि महिलाएं चाहें तो रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम कर सकती हैं। कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में महिलाओं के रात्रि शिफ्ट में काम करने के दौरान सुपरवाइजर, शिफ्ट इन-चार्ज, फोरमैन या अन्य सुपरवाइजर कर्मचारियों में कम से कम एक तिहाई महिला कर्मचारी होना चाहिए। फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा- सुरक्षा जरूरी फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स भोपाल के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने सरकार के फैसले को लेकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अगर वे रात में ड्यूटी करेंगी, तो उनके अनुसार पूरी व्यवस्था होना चाहिए। यदि रात में उन्हें छोड़ा जाना है, तो उन्हें घर तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। इससे कारखानों, प्रोडक्शन यूनिट्स और दुकानों के संचालकों को तो लाभ होगा ही, साथ ही महिलाओं और उनके परिवारों को भी आर्थिक व सामाजिक संबल मिलेगा। नाइट शिफ्ट के पहले यह करनी होगी व्यवस्था     महिलाओं के रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक काम की अनुमति राज्य शासन ने शर्तों के साथ दी है. शॉप-शोरूम संचालक को कई व्यवस्थाएं करनी होंगी.     नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति लेनी जरूरी होगी.     किसी भी महिला को मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया जा सकेगा.     महिला कर्मचारियों को रात में उनके घर से लाने-ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करनी होगी.     जहां भी महिलाएं रात में काम करेंगी, वहां टायलेट, और विश्राम के अलग-अलग से कक्ष की सुविधा उपलब्ध करानी होगी.     कार्य स्थल और आसपास के स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था हो और सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए.     नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी कि कार्यस्थल पर इस तरह का माहौल होना चाहिए ताकि महिला को काम करने में असहजता महसूस न हो.     कार्यस्थल पर प्रवेश और बाहर निकलने के स्थान पर सुरक्षा गार्ड्स मौजूद होने चाहिए.     कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा. 10 से ज्यादा महिला होना अनिवार्य जिस कार्य स्थल पर महिला नाइट शिफ्ट में काम करेंगी, वहां नाइट शिफ्ट में 10 या उससे अधिक महिलाएं नियुक्ति होनी चाहिए. कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में महिलाओं की नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान सुपरवाइजर, शिफ्ट इन चार्ज, फोरमैन और अन्य सुपरवाइजर कर्मचारियों में कम से कम एक तिहाई महिलाएं होनी चाहिए.     लाड़ली बहना की तरह स्कूली छात्रों के खातों में आएंगे पैसे, मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे 235 करोड़     मोहन यादव करेंगे कर्मचारियों का 9 सालों का सपना पूरा, रिजर्वेशन पर होगा बड़ा फैसला राज्य सरकार ने कारखाना अधिनियम की शक्तियों का उपयोग करते हुए 26 जून 2016 को इस नियम को खत्म कर दिया था कि महिलाएं चाहें तो रात 8 से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम कर सकती हैं. 

पाकिस्तान: अल्पसंख्यक लड़कियों के जबरन विवाह और जबरन धर्मान्तरण, अपहरण, तस्करी, यूके की संसद में पाकिस्तान बेनकाब

लंदन  पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ धार्मिक उत्पीड़न का दौर जारी है। इस भयावह स्थिति को ब्रिटेन की संसद में आयोजित एक सत्र में उजागर किया गया। ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप ऑन फ्रीडम ऑफ रिलीजन ऑर बिलीफ की ओर से यह सेशन बुलाया गया था। इसमें सांसदों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान हिंदुओं, ईसाइयों, शियाओं और अहमदियों के खिलाफ अत्याचारों को व्यवस्थित और राज्य प्रायोजित बताया गया। सबूतों से पता चला कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं, बल्कि पाकिस्तानी राज्य और सैन्य तंत्र के समर्थन से सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हैं। सिंध प्रांत में हिंदू और ईसाई समुदायों की नाबालिग लड़कियों का अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन हो रहा है। इस गंभीर समस्या पर सत्र में विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। अनुमान है कि हर साल 500 से 1,000 लड़कियों का अपहरण किया जाता है। ये अक्सर राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मौलवियों की ओर से संचालित धार्मिक स्थलों के जरिए तस्करी की जाती हैं। इसके अलावा, हिंदू मंदिरों और धर्मशालाओं पर हमले सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मिटाने की कोशिश का हिस्सा हैं। साल 2023 में कश्मीर में एक मंदिर पर रॉकेट हमला इसका उदाहरण है। पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग शिया और अहमदी समुदायों के खिलाफ जबरन गायब करने, सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक अधिकारों से वंचित करने की घटनाएं भी सामने आईं। सत्र में सिंध फ्रीडम मूवमेंट के अध्यक्ष सोहैल अबरो और दूसरे समुदायों के प्रतिनिधियों ने आवाज उठाई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग की। इसके अलावा, ब्रिटिश सांसदों फ्लेर एंडरसन और डेविड स्मिथ ने विस्तृत आंकड़े और प्रत्यक्षदर्शी डिटेल पेश किए। सत्र के अंत में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन अत्याचारों की स्वतंत्र जांच, जबरन धर्म परिवर्तन और धार्मिक संस्थानों पर हमलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की भी चर्चा हुई।

मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा राज्यसभा का 268वां सेशन, 21 अगस्त तक चलेगा

नई दिल्ली  मॉनसून सत्र 2025 के लिए राज्यसभा का 268वां सत्र सोमवार 21 जुलाई से शुरू होगा. आधिकारिक संसदीय बुलेटिन ने इस बात की पुष्टि की है. बता दें, सदस्यों को सम्मन विशेष रूप से सदस्य पोर्टल के माध्यम से जारी किए गए तथा सभी को मानसून सत्र के आगामी कार्यक्रम और कार्य दिवसों के बारे में सूचित किया गया. जानकारी के मुताबिक सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें सदन 12 अगस्त को स्थगित होगा तथा स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 18 अगस्त को पुनः बैठक होगी. बैठकों का समय प्रत्येक कार्य दिवस पर प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक तथा अपराह्न 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक निर्धारित किया गया है. राज्यसभा के मॉनसून सत्र 2025 में प्रमुख विधायी चर्चाएं और बहसें शामिल होने की उम्मीद है. संसद सदस्यों को सलाह दी गई कि वे सत्र के संबंध में अद्यतन जानकारी, परिपत्रों और अतिरिक्त निर्देशों के लिए नियमित रूप से सदस्य पोर्टल देखते रहें. इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इससे पहले संसद का मॉनसून सत्र21 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक प्रस्तावित था. वहीं, अब स्वतंत्रता दिवस के बाद भी सत्र जारी रहेगा. बता दें, स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण 13 और 14 अगस्त को संसद की बैठक नहीं होगी. आगामी मानसून सत्र 2025 ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला संसद सत्र होगा, जिसे भारत ने 7 मई को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. संसद का बजट सत्र इस साल 31 जनवरी को शुरू हुआ था. बजट सत्र 2025 में वक्फ संशोधन विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए. सत्र के दूसरे हिस्से में दोनों सदनों की 17 बैठकें हुईं. पूरे बजट सत्र के दौरान कुल 26 बैठकें हुईं. वही, केंद्र की मोदी सरकार ने मॉनसून सत्र 2025 से पहले 19 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है. 

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन देगा एक साल में एक लाख 25 हजार नौकरी, युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में मौका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के युवाओं को देश-विदेश में रोजगार दिलाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के गठन को हरी झंडी दे दी गई. इस मिशन के जरिए प्रदेश सरकार साल भर में एक लाख युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में रोजगार दिलाने और 25 से 30 हजार युवाओं को विदेशों में नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. कैबिनेट बैठक के बाद श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि अब तक प्रदेश को विदेशों में नौकरी दिलाने के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन अब इस मिशन के तहत सरकार खुद रिक्रूटिंग एजेंट (RA) का लाइसेंस प्राप्त करेगी, जिससे विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह राज्य सरकार के नियंत्रण में होगी.  अब सरकार खुद दिलाएगी विदेश में नौकरी एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि विदेशों में उत्तर प्रदेश के नर्सिंग, पैरामेडिकल, ड्राइविंग, घरेलू कार्य और कुशल श्रम के क्षेत्र में युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. रोजगार मिशन राज्य सरकार को इन क्षेत्रों में सीधा नियोजन करने का अधिकार देगा. अब किसी तीसरी एजेंसी के जरिए नहीं, बल्कि सरकार ही युवाओं को विदेशों में काम दिलाएगी. मिशन की मुख्य विशेषताएं यह होंगी – देश और विदेश में रोजगार की मांग का सर्वे किया जाएगा.  – कंपनियों से सीधा संपर्क किया जाएगा.  – स्किल गैप पहचानकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयाेजित होगा.  – भाषा और प्री-डिपार्चर का प्रशिक्षण दिया जाएगा.  – करियर काउंसलिंग और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा होगी.  – नियुक्ति के बाद सहयोग और निगरानी भी की जाएगी.  उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह मिशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सोच को आगे बढ़ाएगा जिसमें हर युवा को हुनर के आधार पर काम देने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा  कि 'हर हाथ को काम, हर हुनर को सम्मान' अब केवल नारा नहीं, धरातल पर उतरती योजना है. महिला सशक्तिकरण को मिली नई रफ्तार कैबिनेट बैठक में महिला श्रमिकों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया. अब महिलाएं कुछ शर्तों के साथ उन 29 खतरनाक श्रेणियों के कारखानों में भी काम कर सकेंगी, जहां पहले उनका काम करना प्रतिबंधित था. श्रम मंत्री ने बताया कि पहले ही 12 और फिर हाल में 4 श्रेणियों में उन्हें अनुमति मिल चुकी थी, अब ये दायरा सभी 29 पर लागू होगा. मंत्री राजभर ने कहा, अब वक्त है कि हमारी बहनें भी उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दौड़ में भागीदार बनें. आउटसोर्स कर्मचार‍ियों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) के गठन को मंजूरी दे दी। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार का यह कदम ऐतिहासिक है। अब हर महीने की पांच तारीख तक इन कार्मिकों को वेतन (मानदेय) मिला करेगा। भर्तियों में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग व पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ अनिवार्य रूप से मिलेगा। परित्यक्ता, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्तावित निगम का गठन कंपनी एक्ट के तहत किया जाएगा। मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में निगम के गठन संबंधी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निदेशक मंडल होगा। एक महानिदेशक की भी नियुक्ति की जाएगी। निगम के गठन के बाद आउटसोर्स कार्मिकों का न्यूनतम मानदेय 16 से 18 हजार रुपये महीने हो सकता है। पूर्व में निगम के गठन से संबंधित बैठकों में न्यूनतम मानदेय पर भी चर्चा हुई लेकिन अब निगम के गठन के बाद मानदेय राशि पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सीएम योगी ने अधि‍कार‍ियों को द‍िये न‍िर्देश आउटसोर्सिंग से भर्ती कर्मचारियों के सामाजिक व आर्थिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया है। मंडल व जिला स्तर पर भी समितियों का गठन होगा। एजेंसियों का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। इस समय कार्यरत कार्मिकों की सेवाएं बाधित नहीं होगी और सीएम के निर्देशानुसार उन्हें नए चयन में वरीयता दी जाएगी। ईपीएफ, ईएसआइ तथा बैंकों से प्राप्त होने वाले समस्त लाभ के साथ ही इन कर्मचारियों के बैंक खाते में प्रत्येक माह की पांच तारीख तक उनकी पारिश्रमिक उपलब्ध होगी। निगम को रेगुलेटर (नियामक) की भूमिका में रखा जाएगा जो एजेंसियों की कार्यप्रणाली की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग, डिबार, अर्थदंड लगाने के साथ ही वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि नियमित पदों के विरुद्ध कोई भी आउटसोर्सिंग सेवा नहीं ली जाए। चयन के बाद कोई भी कार्मिक तब तक सेवा से मुक्त न किया जाए, जब तक संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी की संस्तुति इसके लिए न हो। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) एसपी गोयल, सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव अमित घोष के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कैबिनेट में अन्य फैसले भी  कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले नए ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है. करीब 49.96 किलोमीटर लंबा छह लेन का यह एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. इसका निर्माण ईपीसी मॉडल पर होगा, जिस पर राज्य सरकार करीब ₹4775 करोड़ खर्च करेगी. परियोजना के फायदे: – लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर जैसे शहरों के बीच यात्रा होगी और तेज – राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक का दबाव होगा कम – लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ – यूपी के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मिलेगा नया विस्तार

शरद पवार ने बताया- किसी की विचारधारा पसंद नहीं आने पर उसे नक्सली कहने का चलन बढ़ा

मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि अगर किसी का काम या विचारधारा पसंद नहीं आए तो उसे नक्सल करार देने का चलन बढ़ गया है। पवार ने शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनीषा कायंदे की टिप्पणी पर यह बात कही। बता दें मनीषा कायंदे ने बुधवार को विधान परिषद में दावा किया था कि अर्बन नक्सलियों ने वारी वार्षिक तीर्थयात्रा में घुसपैठ की है और वे वारकरियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पवार ने कहा कि मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जिन दो संगठनों के नाम मीडिया के जरिए सामने आए हैं, उनमें से एक है लोकायत। मैंने लोकायत का काम देखा है। पवार ने कहा कि इस संगठन का दृष्टिकोण आधुनिक है और पिछले कई सालों से रूढ़िवादिता के खिलाफ काम कर रहा है। वे नक्सली नहीं हैं। अगर किसी का काम या विचारधारा स्वीकार नहीं है तो उसे नक्सली करार देने का चलन बढ़ रहा है। एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि पुणे में एल्गार परिषद और कोरेगांव भीमा में जाति हिंसा के बाद माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। उन्होंने दावा किया कि यहां भी यही हो सकता है आज, राज्य सरकार उन विचारधाराओं के लिए लोगों को नक्सली करार दे रही है, जो उसे स्वीकार नहीं। पवार ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा 5 जुलाई यानी शनिवार को आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में हिस्सा लेगी जिसमें तीन नीति के मुद्दे पर जीत का जश्न मनाया जाएगा।  

भारत की दमदार शुरुआत बेकार, लंच तक 5 विकेट खोकर 249 रन बनाये, स्मिथ ने ठोका शतक

नई दिल्ली  टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच एजबेस्टन में खेला जा रहा है। भारतीय टीम ने शुभमन गिल के दोहरे शतक (269) की बदौलत पहली पारी में 587 रन बनाए हैं। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने तीसरे दिन लंच तक 5 विकेट खोकर 249 रन बना लिए हैं। जेमी स्मिथ ने 80 गेंदों में शतक पूरा किया है, जबकि ब्रूक भी सेंचुरी के करीब हैं। तीसरे दिन के पहले सेशन में इंग्लैंड ने जो रूट और बेन स्टोक्स का विकेट गंवाया। लेकिन उसके बाद जैमी स्मिथ और हैरी ब्रूक ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और तेजी से रन बटोरे। आकाशदीप ने दो और सिराज ने तीन विकेट चटकाए हैं। इंग्लैंड 338 रन से पीछे जेमी स्मिथ ने 47वें ओवर की तीसरी गेंद पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। जेमी का दूसरा टेस्ट शतक है। जेमी स्मिथ ने अपनी 102 रनों की पारी में 82 गेंदों में 14 चौके और तीन छक्के लगाए। लंच तक इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 249 रन बना लिये है और जेमी स्मिथ (नाबाद 102) तथा हैरी ब्रूक (नाबाद 91) क्रीज पर मौजूद है। इंग्लैंड हालांकि अभी भी भारत के पहली पारी में बनाये गए स्कोर से 338 रन पीछे है। तीसरे दिन पहले सेशन में इंग्लैंड ने बनाए 172 रन इंग्लैंड ने तीसरे दिन के पहले सेशन में 27 ओवर में दो विकेट खोकर 172 रन बनाए। इस दौरान हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ के बीच छठे विकेट के लिए 165 रन की साझेदारी हुई है। स्मिथ शतक लगा चुके हैं। 

निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और इंदिरा गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 1970 के दशक में प्रस्तावित लड़ाकू विमान सौदे में राजीव गांधी ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। दुबे ने 2013 की विकीलीक्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि स्वीडिश राजनयिक ने अमेरिकी सरकार को सूचित किया था कि साब-स्कैनिया कंपनी भारत को विगेन लड़ाकू विमान बेचना चाहती थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पायलट बेटे राजीव गांधी मध्यस्थ थे। इसके साथ ही, दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया। निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह खुलासा 2013 में हुआ, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी। उन्होंने सवाल उठाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने इन आरोपों के सामने आने पर अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। दुबे ने कहा, 'यह तब सामने आया जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। इसके बावजूद तत्कालीन भारतीय सरकार ने अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया?' भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे लगातार कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार व राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले, 1 जुलाई को उन्होंने दावा किया था कि गांधी परिवार के नेतृत्व में भारत को सोवियत संघ को 'बेच' दिया गया था। उन्होंने सीआईए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता एचकेएल भगत के नेतृत्व में 150 से अधिक कांग्रेस सांसदों को सोवियत संघ ने वित्तीय मदद दी थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व अमेरिकी राजदूत मोयनिहान ने अपनी किताब में उल्लेख किया है कि उन्होंने इंदिरा गांधी को पैसे दिए थे।

Iran के Oil की Shipping पड़ गई भारी, America ने लगाया Indian Citizen पर लगाया Ban

 वाशिंगटन अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल छह कंपनियों और कई जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें भारत और पाकिस्तान की एक-एक फर्म भी शामिल है। यह कार्रवाई अमेरिका की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय और ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने दी। पाकिस्तान के लाहौर में स्थित एलायंस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली में स्थित भारत की साई साबुरी कंसल्टिंग सर्विसेज पर ईरानी तेल व्यापार में उनकी कथित भूमिका के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। OFAC के अनुसार, ये कंपनियां ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को गुप्त रूप से भेजने में शामिल एक नेटवर्क का हिस्सा थीं, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करता है। प्रतिबंधों का कारण और असर ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "अधिकतम दबाव" नीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक कम करना और उसके परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और क्षेत्रीय प्रभाव को सीमित करना है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने कहा, "हम ईरान के राजस्व स्रोतों को निशाना बनाना जारी रखेंगे और उसके ऐसे वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को बाधित करेंगे, जो उसकी अस्थिर करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।" पाकिस्तान की एलायंस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड पहले भी अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के लिए ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ईरान और पनामा आधारित कंपनियों और उनके संचालित जहाजों को भी निशाना बनाया गया है। साई साबुरी कंसल्टिंग सर्विसेज पर दो एलपीजी टैंकरों, बैटेलूर और नील के कॉमर्शियल मैनेजर के रूप में काम करने का आरोप है, जो ईरानी तेल के परिवहन में शामिल थे। एक अरब डॉलर के तेल व्यापार पर लगा दिए नए प्रतिबंध  अमेरिका ने ईरान के करीब एक अरब डॉलर के तेल व्यापार पर एक बार फिर प्रतिबंध लगाए हैं। ईरान के तेल व्यापार को हिजबुल्लाह से मिलने वाली आर्थिक मदद पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिका ने ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी दी। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने बताया कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील पर बातचीत करने से पहले तेल व्यापार के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका जानता है कि ईरान को तेल व्यापार करने के लिए हिजबुल्लाह पैसा देता है, लेकिन हिजबुल्ला ईरान से तेल लेकर उसे ईराक का तेल बताकर आगे सप्लाई करता है। हिजबुल्लाह की वित्तीय संस्था ऐसे कमाती मुनाफा ट्रेजरी सचिव ने बताया कि अमेरिका को हिजबुल्लाह के कंट्रोल वाली वित्तीय संस्था अल-क़र्द अल-हसन के बारे में पता चला है, जिसके अधिकारियों ने लाखों डॉलर के लेन-देन किया है, जिससे हिजबुल्लाह का फायदा हो रहा है। यह संस्था ईराक के बिजनेसमैन सलीम अहमद सईद की कंपनियां के मुनाफा कमा रही है। हिजबुल्लाह की यह संस्था सलीम की कंपनियों को फंडिंग करती है। सलीम की कंपनियां साल 2020 से ईरान से तेल खरीद रही है और उसे ईराक के तेल में मिलाकर अरबों डॉलर का मुनाफा कमा रहा है। ईरान से कच्चे तेल की इस खरीद फरोख्त का सीधा फायदा हिजबुल्लाह को हो रहा है, लेकिन अमेरिका ऐसा होने नहीं देगा। प्रतिबंधों से ईरान को होगा यह नुकसान ट्रेजरी सचिव ने कहा कि अमेरिका ईरान के रेवेन्यू सोर्स को टारगेट करता रहेगा, ताकि ईरान के रेवेन्यू में कटौती हो और देश में क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा मिले। ऑयल सपलाई करने वाले कई जहाज भी प्रतिबंधित किए हैं, जो सीक्रेट तरीके से ईरान के स्मगल ऑयल को तस्करों तक तेल पहुंचाते हैं। इसलिए अमेरिका ने 16 वित्तीय संस्थाओं और समुद्री जहाजों पर कार्रवाई की है, जो, अवैध तरीके से ईरान के तेल की तस्करी में शामिल थे। क्योंकि इन संस्थाओं को तेल बेचकर मिलने वाला पैसा आतंकवादी संगठनों हिजबुल्लाह, हमास और हूती विद्रोहियों को समर्थन में देता है। इसलिए तेल व्यापार पर प्रतिबंध लगाकर इस आय को रोकने की कोशिश की गई है। बता दें कि ईरान के तेल व्यापार पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता रहा है और समय के साथ प्रतिबंध कड़े भी किए हैं। साल 2018 में ईरान जब परमाणु समझौते (JCPOA) से बाहर हुआ तो अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार पर प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना, उस पर न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत करने के लिए दबाव डालना था। ईरान का 'शैडो फ्लीट' और तेल व्यापार अमेरिका का दावा है कि ईरान अपने तेल निर्यात को बनाए रखने के लिए "शैडो फ्लीट" या "डार्क फ्लीट" का उपयोग करता है, जो गुप्त रूप से तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को ट्रांसफर करता है। ये जहाज अक्सर बंदरगाहों की क्षेत्रीय सीमाओं के बाहर जहाज-से-जहाज ट्रांसफर के जरिए तेल की उत्पत्ति को छिपाते हैं। इस तरह का व्यापार मुख्य रूप से चीन जैसे देशों को टारगेट करता है, जो ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है। वैसे ये यह पहली बार नहीं है जब भारतीय कंपनियों पर ईरानी तेल व्यापार के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस साल फरवरी में, चार अन्य भारतीय कंपनियों पर भी इसी तरह के आरोपों में प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके अलावा, अक्टूबर 2024 में, भारत की गब्बारो शिप सर्विसेज और दिसंबर 2024 में दो अन्य भारतीय शिपिंग कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से लागू हैं, लेकिन 2018 में ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान परमाणु समझौते से हटने के बाद इनमें और तेजी आई। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को रोकना और क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को उसके समर्थन को कम करना है। हाल के महीनों में, इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमलों के बाद ये प्रतिबंध और सख्त हो गए हैं।

मैट रेनशॉ और जेसन सांघा करेंगे ऑस्ट्रेलिया-ए की कप्तानी, श्रीलंका-ए के खिलाफ होगी सीरीज

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया की एकदिवसीय टीम की नई संरचना की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, अनुभवी बल्लेबाज मैट रेनशॉ को ऑस्ट्रेलिया-ए की 50 ओवरों की टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रतिभाशाली बल्लेबाज जेसन सांघा को श्रीलंका-ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबलों के लिए कप्तानी सौंपी गई है। श्रीलंका-ए की टीम तीन एकदिवसीय और दो चार दिवसीय मैचों की श्रृंखला के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। यह मुकाबले डार्विन के मारारा ओवल में 5 जुलाई से शुरू होंगे। चार दिवसीय मुकाबले क्रमशः 13 और 20 जुलाई से खेले जाएंगे। हालांकि, अनुभवी नाथन मैकस्वीनी टीम का हिस्सा हैं और वे ऑस्ट्रेलिया-ए के नियमित कप्तान रहे हैं, फिर भी चयनकर्ताओं ने इस बार नेतृत्व की जिम्मेदारी रेनशॉ और सांघा को सौंपने का फैसला किया है। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा कि यह फैसला युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व का अनुभव देने की रणनीति के तहत लिया गया है। बेली ने एक बयान में कहा, नाथन मैकस्वीनी स्वाभाविक लीडर हैं, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-ए, साउथ ऑस्ट्रेलिया और प्रधानमंत्री एकादश के लिए शानदार कप्तानी की है। लेकिन हम चाहते हैं कि रेनशॉ और सांघा को भी नेतृत्व का अनुभव मिले। 29 वर्षीय रेनशॉ ने अब तक केवल दो बार पेशेवर क्रिकेट में कप्तानी की है — वह भी 2022 में इंग्लैंड में समरसेट की ओर से। दूसरी ओर, 25 वर्षीय सांघा के पास अधिक कप्तानी अनुभव है। उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के लिए शील्ड मैच और सिडनी थंडर के लिए बीबीएल में नेतृत्व किया है। इसके अलावा, उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की थी। रेनशॉ को अब तक टेस्ट विशेषज्ञ माना जाता था, लेकिन हाल के घरेलू एकदिवसीय प्रदर्शन से वह लिमिटेड ओवर टीम में जगह बनाने के दावेदार बन गए हैं। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में छह शतक लगाए हैं, जिनमें से चार नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए आए हैं। उनका नंबर-4 पर औसत 45.07 और स्ट्राइक रेट 97.50 है। पिछले 10 लिस्ट ए मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 112.69 रहा है। ऑस्ट्रेलिया को अगले दो वर्षों में 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के तहत नई ओडीआई टीम तैयार करनी है, खासकर स्टीव स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल के संन्यास के बाद। रेनशॉ की 360-डिग्री बल्लेबाजी शैली और बाएं हाथ के विकल्प के रूप में मौजूदगी उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। वहीं, सांघा ने हाल ही में शील्ड सीज़न में 704 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल हैं। उन्होंने फाइनल में 126* रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। हालांकि वह नंबर-3 पर औसतन 36.78 रन ही बनाते हैं, लेकिन नंबर-4 पर उनका औसत 45.25 है। इस सीरीज़ में कई अन्य खिलाड़ी भी चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे, जिनमें मैकस्वीनी, दो टेस्ट खेल चुके कर्टिस पैटरसन, और अनुभवी जैक वेदराल्ड शामिल हैं। युवा खिलाड़ियों में विक्टोरिया के कैंपबेल केलीवे (22) और ओलिवर पीक (18) भी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। इस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया-ए के कोच की भूमिका में पूर्व कप्तान टिम पेन नजर आएंगे। ऑस्ट्रेलिया-ए एकदिवसीय टीम: सैम इलियट, मैट गिल्क्स, ब्रायस जैक्सन, जैंडेन जेह, कैंपबेल केलीवे, नाथन मैकस्वीनी, ओली पीक, जोश फिलिप, जैक निस्बेट, मैट रेनशॉ (कप्तान), जेसन सांघा, लियाम स्कॉट, बिली स्टैनलेक, हेनरी थॉर्नटन। श्रीलंका-ए एकदिवसीय टीम: कमील मिशारा, लाहिरु उदारा (कप्तान), लसित क्रूसपुले, पसिंदु सूरियाबंदरा, नुवानिदु फर्नांडो, पवन रत्नायके, सहान अराच्चिगे, सोनल दिनुषा, चामिंदु विक्रमसिंघे, शिरान फर्नांडो, इसिथा विजेसुंदर, प्रमोद मदुशन, मोहम्मद शिराज, दुशन हेमंथा, वनुजा सहान।