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NDA ने ऑपरेशन सिंदूर-महादेव को बताया अहम कदम, पीएम मोदी को किया गया सम्मानित

नईदिल्ली  भाजपा नीत राजग संसदीय दल (NDA Parliamentary Party Meeting) की बैठक संसद भवन में शुरू हो गई है. इस बैठक का आयोजन संसद भवन के ऑडिटोरियम में हो रहा है. पीएम मोदी जब इस बैठक में शामिल होने पहुंचे तो एनडीए सांसदों ने 'हर हर महादेव' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए पीएम मोदी को एनडीए सांसदों द्वारा सम्मानित किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माला पहनाकर पीएम मोदी का स्वागत किया. एनडीए संसदीय दल की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता पर प्रस्ताव पारित हुआ. एनडीए की महिला सांसद अग्रिम पंक्ति में बैठीं. पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई. नए सांसदों का प्रधानमंत्री से परिचय कराया गया. एनडीए संसदीय दल की बैठक से जुड़े अपडेट पढ़ें… – एनडीए संसदीय दल की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया अमेरिका द्वारा पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित करना, तथा पहलगाम हमले की निंदा करते हुए ब्रिक्स समिट में जॉइंट डिक्लेरेशन जारी होना, पाकिस्तान द्वारा अपनी धरती पर फैलाए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीतिक रुख की जीत को दर्शाता है.  – प्रस्ताव में कहा गया कि एनडीए संसदीय दल इस कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदर्शित असाधारण नेतृत्व की सराहना करता है. उनके अटूट संकल्प, दूरदर्शी और दृढ़ नेतृत्व ने न केवल राष्ट्र को उद्देश्यपूर्ण दिशा दी है, बल्कि सभी भारतीयों के हृदय में एकता और गौरव की नई भावना भी जगाई है. – एनडीए संसदीय दल की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया, 'हमारे सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और अटूट प्रतिबद्धता को एनडीए संसदीय दल सलाम करता है, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया. उनका साहस हमारे राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है. हम पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.' राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों की यह बैठक काफी समय के बाद हो रही है और संसद के चालू सत्र में चल रहे गतिरोध के बीच पहली बैठक है. पीएम मोदी के अपने संबोधन में तिरंगा यात्रा और विपक्ष के खिलाफ रणनीति पर भी चर्चा कर सकते हैं. एनडीए की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो रही है. भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को अपने उम्मीदवार की घोषणा 21 अगस्त तक करनी होगी, जो नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है और संसद का मानसून सत्र भी इसी दिन समाप्त हो रहा है. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल हैं, और इसकी वर्तमान संख्या 782 है. यदि विपक्ष अपना उम्मीदवार घोषित करता है, तो 9 सितंबर को चुनाव होना तय है. यह बैठक संसद के एक ऐसे सत्र (मानसून सेशन) के मध्य में हो रही है, जिसमें पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिवसीय चर्चा के अलावा अब तक कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है. विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है.

मंत्री रामविचार नेताम ने कोसागांव आश्रम शाला को 100 सीट करने की घोषणा

 रायपुर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत बालक आश्रम कोसागांव का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विशेष रूप से आश्रम में स्थापित ‘कल्पना कक्ष’ में बच्चों से मिले। कल्पना कक्ष में कंप्यूटर सामग्री के साथ विविध विषयों के पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से कम्प्यूटर अनुभव और प्रतिलिपि लेखन के विषय में चर्चा किए तथा बच्चों को चॉकलेट का वितरण किया।  मंत्री नेताम ने विश्राम कक्ष की स्वच्छता, खिड़कियों में मच्छरदानी, गद्दे, तकिये की स्वच्छता, शौचालय और उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के संबंध में निर्देश आश्रम अधीक्षकों को निर्देश दिए। निरीक्षण पश्चात स्थानीय ग्रामीण और आश्रम शाला के बच्चों के साथ सामूहिक चर्चा किया। बच्चों से सामान्य ज्ञान की बातें पूछकर शिक्षकों के द्वारा कराये जा रहे शिक्षकीय कार्य का आंकलन किया गया। शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि बच्चे राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान, महानायक, महापुरुषों जैसे राष्ट्रीय महत्व के सामान्य ज्ञान से परिचित रहे। उन्होंने बच्चों को संगीत की सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने अपने कोण्डागांव प्रवास के दौरान कोसागांव के ग्रामीणों से भी चर्चा की। इस दौरान आश्रम के सीट वृद्धि के संबंध में ग्रामीणों के द्वारा माँग किए जाने पर मंत्री नेताम ने आश्रम शाला के 50 सीट को बढ़ाकर 100 सीट करने की घोषणा की।

प्रशासनिक हलकों में हलचल, देर रात राज्य शासन ने किए तबादले

भोपाल   राज्य शासन ने सोमवार देर रात प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का तबादला किया है। इस आदेश के तहत उमरिया जिले में दो अहम प्रशासनिक नियुक्तियां की गई हैं। जिले में लंबे समय से खाली चल रहे अपर कलेक्टर के पद पर अब 2014 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी प्रमोद कुमार सेन गुप्ता को नियुक्त किया गया है। प्रमोद सेन गुप्ता की नियुक्ति को जिले के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीते दो महीनों से अपर कलेक्टर का पद रिक्त होने के कारण कई अहम फैसलों में विलंब हो रहा था। अब उनके कार्यभार ग्रहण करने से जिले में नीति निर्धारण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इधर, मानपुर के एसडीएम टीआर नाग का तबादला अनूपपुर जिले में कर दिया गया है। टीआर नाग का कार्यकाल मानपुर में काफी सक्रिय और उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने स्थानीय विवादों के समाधान, राजस्व मामलों की सुनवाई और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों में प्रभावी कार्य किया। उनके स्थानांतरण के बाद मानपुर में एसडीएम का पद रिक्त हो गया है, जिस पर शीघ्र नई नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। प्रदेशभर में इस तबादला सूची को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। माना जा रहा है कि यह बदलाव आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और सुशासन की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। शासन द्वारा संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बनाया जा सके। उमरिया जिले के प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को उम्मीद है कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी।  

अधिकारियों को दिए निर्देश – समय-सीमा में पूर्ण करें सड़क का निर्माण, राहगीरों को न हो कोई परेशानी

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज गौरेला जाते समय निर्माणाधीन रतनपुर से पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क के निर्माण में गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क का काम हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि राहगीरों को कोई परेशानी न हो।  उप मुख्यमंत्री साव ने औचक निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की परेशानी है, तो समय पर वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को अवगत कराएं। सड़क निर्माण की प्रगति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। साव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को भी परखा और गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका अधिकारियों को विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चरण में कार्यों की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें, ताकि लोगों को आवागमन के लिए टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिले। साव ने निर्माणाधीन सड़क में जरूरत के मुताबिक संकेतक बोर्ड लगाने के साथ ही पुल निर्माण का भी काम निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

रायपुर में विकास कार्यों की समीक्षा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजनाओं की प्रगति पर जताई चिंता-संतोष

रायपुर : उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा रायपुर में विकास कार्यों की समीक्षा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजनाओं की प्रगति पर जताई चिंता-संतोष सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गन्ना के पैदावार को तीन हजार हेक्टेयर तक जरूरी उपाय करने तथा जनसहभागिता से कुपोषण की रोकथाम हेतु पुख्ता करने के साथ-साथ मादक पदार्थों के रोकथाम हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर   उपमुख्यमंत्री एवं बालोद जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज सयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को प्रत्येक दृष्टि से उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में अपनी अमूल्य सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। शर्मा ने कहा कि प्रत्येक शासकीय सेवक को शासकीय सेवा में चयनित होने के पश्चात् जनसेवा करने का भी पुनीत अवसर प्राप्त होता है। इसलिए हम सभी शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत एवं लगन से आम जनता के हित में निरंतर कार्य करने का प्रयास करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गन्ना की खेती एवं उसके उपयोग को किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा उनके जीवन स्तर में बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए इस बार गन्ने फसल की बुवाई को वृद्धि कर तीन हजार हेक्टेयर तक अनिवार्य रूप से इसके लिए शक्कर कारखाना करकाभाट के प्रबंध निदेशक एवं कृषि विभाग के उपसंचालक को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने इसके लिए क्षेत्र के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन के लिए पे्ररित करने के भी निर्देश दिए। बैठकमें शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। शर्मा ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए इन बच्चो के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोद लेने वाले व्यक्तियों से सहयोग राशि एकत्र करने का भी सुझाव दिया। इस कार्य में उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं अन्य लोगों से मदद लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में शर्मा ने जिले में जुआ, सट्टा पर रोक लगाने तथा शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध बिक्री की रोकथाम हेतु की जा रही उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु दवा विक्रताओं एवं कुरियर संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इनके द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री करते पाए जाने पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने नशापान के अलावा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में शर्मा ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे बेहतर कार्यों की भी भूरी-भूरी सराहना की।     बैठक में सभी विभाग प्रमुखों के द्वारा पावर प्वाईंट प्र्रेंजेेटेशन के माध्यम से अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी गई। शर्मा ने जिले में राजस्व प्रकरणों की निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों की निराकरण हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाकर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए सेना भर्ती एवं अग्निवीर भर्ती परीक्षा में शामिल होेने वाले युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस योजना के अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा जल जीवन मिशन के कार्य को करते वक्त क्षतिग्रस्त हुए सीसी रोड आदि का शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में शर्मा ने शिक्षा, क्रेडा, जल संसाधन, परिवहन, आदिवासी विकास, खाद्य, वन आदि अन्य सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि आम जनता को इसका समुचित लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों के द्वारा पिछले बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार : अरुण साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में कुल 4 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें गौरेला में 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार और पेण्ड्रा में 2 करोड़ 36 लाख 64 हजार रुपए लागत के विकास और निर्माण कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने गौरेला नगर पालिका कार्यालय व बस स्टैंड तथा पेण्ड्रा असेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पूरा कर रही है। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव भी इन कार्यक्रमों में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि राज्य के नगरीय निकायों का तेजी से विकास हो रहा है। जनआकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला और पेण्ड्रा को नगर पालिका तथा मरवाही को नगर पंचायत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नगरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए शहर विकास योजना (City Development Plan) बनाकर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए बिना किसी भेदभाव के सभी निकायों को पर्याप्त राशि दी जा रही है। उन्होंने गौरेला एवं पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में विकास कार्यों के लिए 3-3 करोड़ रुपए तथा मरवाही नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।  श्री साव ने बताया कि गौरेला में स्टेडियम और स्वीमिंग पूल के लिए प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा गया है। पेण्ड्रा में नालंदा परिसर के लिए 4 करोड़ 41 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं, जिसके निर्माण के लिए निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है। इसके निर्माण से जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण ज्ञानार्जन मिलेगा। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया।       विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव ने भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने लोकार्पण एवं विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरेला नगर पालिका के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेण्ड्रा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राकेश जालान और मरवाही नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती मधु बाबा गुप्ता ने भी सभा को संबोधित किया और अपने-अपने निकायों में अधोसंरचना, मूलभूत कार्यों, सौंदर्यीकरण सहित विकास कार्यों की जरूरत के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री साव को अवगत कराया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत और वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया गुना में वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

गुना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान विधायक पन्‍नालाल शाक्‍य, जिला पंचायत अध्‍यक्ष अरविन्‍द सिंह धाकड़, पूर्व मंत्री महेन्‍द्र सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक राजेन्‍द्र सिंह सलूजा, संभाग आयुक्‍त ग्‍वालियर मनोज खत्री, आईजी अरविन्‍द सक्‍सेना सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री तोमर का दावा: जनजातीय अंचलों में पहुंची रौशनी, 12 हजार घरों में जली उम्मीद

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा "प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान" (प्रधानमंत्री जनमन योजना) में कंपनी कार्यक्षेत्र के 10 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में अब तक बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति परिवारों के 12 हजार से अधिक घरों को रोशन किया है। कंपनी कार्यक्षेत्र के इन दस जिलों में ग्वालियर,  विदिशा,  अशोकनगर,  श्योपुर,  दतिया, गुना, शिवपुरी, रायसेन, मुरैना एवं भिण्ड शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा "प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान" (प्रधानमंत्री जनमन योजना) में अब शेष लगभग 02 हजार पात्र जनजातीय हितग्राहियों के घरों को जल्दी ही विद्युतीकृत कर रोशन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में जनमन योजना शामिल है। जिस पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है। योजना में जनजातीय बहुल गावों के बैगा, भारिया तथा सहरिया जनजाति के अविद्युतिकृत  घरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है जिसमें कंपनी के अंतर्गत ग्वालियर में 210, विदिशा में 3697, मुरैना में 62, अशोकनगर में 738, श्योपुर में 752, दतिया में 431, गुना में 2213, शिवपुरी में 3640, रायसेन में 252 एवं भिण्ड में 43 घरों में बिजली पहुंचाई गई है। पीएमजनमन योजना में कंपनी कार्यक्षेत्र के 10 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों के (बैगा, भारिया, सहरिया) पात्र परिवारों के घरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। इस योजना से एक ओर जहाँ जनजातीय परिवारों के बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ ही घरेलू कामकाज और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं वहीं दूसरी ओर पीने के पानी, सड़क बत्ती और मूलभूत सुविधाएं मिलने से उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार दिखाई दे रहा है।  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की विभाग प्रमुखों के साथ तैयारियों की बैठक

भोपाल प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण तरीके से मनाने के लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाने के लिए जरूरी तैयारियों पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य समारोह लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ध्वजारोहण करेंगे। राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण किया जायेगा। संस्कृति, जनसम्पर्क एवं लोक निर्माण विभाग समारोह की आवश्यक तैयारियां करेंगे। कार्यक्रम की व्यवस्था समारोह की पूर्ण व्यवस्था संभागायुक्त भोपाल एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जायेगी। गणमान्य नागरिकों के लिए आमंत्रण पत्र छपवाने एवं वितरण का कार्य संभागायुक्त, भोपाल दवारा सम्पादित किया जायेगा। दूरदर्शन एवं आकाशवाणी द्वारा समारोह के प्रसारण की व्यवस्था, दिल्ली से राष्ट्रीय प्रसारण कराने की व्यवस्था जनसम्पर्क विभाग द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल पर आवश्यकतानुसार साफ-सफाई, पीने का पानी, पानी के निकास, बेरीकेटिंग, प्रसाधन आदि की जिम्मेदारी नगर निगम, भोपाल की होगी। सभी सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर 14 एवं 15 अगस्त 2025 को रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। आमंत्रित आतिथि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों एवं प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को कार्यक्रम में सम्मान पूर्वक आमंत्रित किया जायेगा। वृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिला कलेक्टर अथवा उनके नामित प्रतिनिधि द्वारा घर जाकर शाल, श्रीफल से सम्मानित किया जायेगा। शासकीय भवनों में ध्वजारोहण व राष्ट्र गान का आयोजन सभी शासकीय भवनों पर विभाग प्रमुख / कार्यालय प्रमुख दवारा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण व राष्ट्र गान का आयोजन किया जायेगा। जिला स्तर पर विधान सभा अध्यक्ष/मंत्रीगण एवं कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा, जिसकी जिलेवार सूची सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी की जायेगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया, श्रीमति रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव, शिवशेखर शुक्ला, संभाग कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर उपस्थित थें। अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।  

जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के बीच हुआ द्विपक्षीय एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सोमवार को दो अलग-अलग विषयों से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एक संक्षिप्त कार्यक्रम में हुए इन एमओयूस को हस्ताक्षरित कर संबंधित पक्षों द्वारा आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पक्षों को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे। पहला त्रिपक्षीय एमओयू राज्य आनंद संस्थान, भोपाल, दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट एवं मप्र जन अभियान परिषद, भोपाल के मध्य हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य तीनों संस्थानों द्वारा आपसी प्रशिक्षण के जरिए प्रदेश में आनंद ग्रामों के विकास तथा सतत् विकास के लक्ष्य पर आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन की साझा पहल करना है। दूसरा द्विपक्षीय एमओयू म.प्र. जनअभियान परिषद, भोपाल और नर्मदा समग्र, भोपाल के बीच हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश में नदी संरक्षण से जुड़े विविध आयामों पर नागरिकों की मनःस्थिति और वर्तमान परिस्थिति बदलने के लिए साझा प्रयास करना है। म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव आनंद विभाग श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ श्री आशीष कुमार गुप्ता, जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़, दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संगठन सचिव श्री अभय महाजन, संस्थान के कोषाध्यक्ष सह सचिव श्री बसंत पंडित, नर्मदा समग्र न्यास, भोपाल के अध्यक्ष श्री राजेश दवे, सचिव श्री करण सिंह कौशिक एवं मुख्य कार्यकारी श्री कार्तिक सप्रे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। एमओयू की पृष्ठभूमि म.प्र. जन अभियान परिषद अपने लक्षित उद्देश्यों के अनुरूप स्वैच्छिकता, सामूहिकता एवं स्वावलंबन के माध्यम से शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में आमजनों की सह‌भागिता सुनिश्चित कर लोगों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयत्नशील है। इसके लिए परिषद निरन्तर विशेषज्ञता वाले शासकीय विभागों और संगठनों के साथ एमओयू करके सभी पक्षों की सहमति, सहयोग और समन्वय से कार्यक्रमों और आयोजनों की रूपरेखा तैयार करती है। परिषद के साथ सोमवार को हुए पहले त्रिपक्षीय एमओयू का उद्देश्य यह है कि तीनों संस्थान एक-दूसरे की विशिष्टताओं और विशेषज्ञताओं का लाभ लेकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान करें। दूसरे द्विपक्षीय एमओयू का उद्देश्य अविरल, निर्मल और कल-कल करती मां नर्मदा नदी के साथ-साथ इसकी सहायक नदियों को भी पुनर्जीवन प्रदान करने में आपसी सहयोग और समन्वय से विशेष रणनीति बनाकर इसे नदी संरक्षण की दिशा में तेजी से लागू करना है।