samacharsecretary.com

27 मई से बन रहा व्यातिपात योग, ज्योतिष में बताया गया संवेदनशील काल

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके संयोग का मानवीय जीवन पर गहरा असर पड़ता है. मई के महीने में एक ऐसा ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है, जिसे व्यातिपात योग कहा जाता है. 27 मई को सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण इस योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य और चंद्रमा एक-दूसरे के ठीक आमने-सामने यानी 180 डिग्री की स्थिति पर आते हैं, तब इस ऊर्जावान और तनावपूर्ण योग का निर्माण होता है. इस दौरान कॉस्मिक एनर्जी का स्तर बहुत हाई होता है, जिसका सीधा असर सभी राशियों पर पड़ता है. इस साल यह योग 27 मई को सुबह 3 बजे से शुरू होकर 30 मई तक रहेगा. ज्योतिषियों के मुताबिक, इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए. क्या होता है व्यातिपात योग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा के एक-दूसरे के विपरीत होने पर व्यातिपात योग बनता है. इस समय ब्रह्मांड में ऊर्जा का प्रवाह काफी बदल जाता है, जिससे मानसिक तनाव और कार्यों में देरी की स्थिति बन सकती है. इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों या तय कार्यक्रमों में रुकावटें आ सकती हैं. इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद अलर्ट: 1. वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है. व्यातिपात योग के दौरान आपको आर्थिक फैसलों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी. पैसों के लेन-देन या किसी भी बड़े निवेश से बचें. इस अवधि में धैर्य बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा उपाय है. 2. सिंह राशि (Leo): सिंह राशि वाले जातकों को इस दौरान कार्यक्षेत्र में बहुत संभलकर रहने की सलाह दी जाती है. ऑफिस में सहयोगियों या सीनियर्स के साथ वैचारिक मतभेद या विवाद होने की आशंका है. कोई भी आर्थिक फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार जरूर कर लें. 3. कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि के जातकों के लिए वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा. इस अवधि में आपके द्वारा कही गई किसी सामान्य बात का भी बतंगड़ बन सकता है.  किसी भी परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया (Reaction) देने से बचें. 

जामिया नगर हिंसा केस में बड़ा फैसला, जांच पर उठे सवाल के बाद 12 लोग आरोपमुक्त

नई दिल्ली  दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में स्थित एक विशेष अदालत ने 2007 के जामिया नगर दंगा मामले में 12 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने आरोपों पर सुनाएगए अपने फैसले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर संदेह पैदा होता है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने 95 पन्नों के आदेश में कहा कि मामले में पहचान परेड (TIP) नहीं कराई गई, जबकि ऐसे मामलों में यह एक बेहद अहम प्रक्रिया होती है। अदालत के अनुसार, इसके बिना केवल पुलिस गवाहों के आधार पर आरोपियों की पहचान को पूरी तरह विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। जांच पर अदालत की टिप्पणी अदालत ने कहा कि जिन 12 आरोपियों को बरी किया गया, उनकी गिरफ्तारी घटना के अगले दिन अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों से दिखाई गई थी। जज ने कहा कि रिकॉर्ड से यह जाहिर होता है कि गिरफ्तारी और पहचान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने इस पर भी गौर किया कि जांच में किसी स्वतंत्र सार्वजनिक गवाह को शामिल नहीं किया गया। फैसले में कहा गया कि सार्वजनिक गवाहों की गैर-मौजूदगी और पहचान परेड न होने से अभियोजन का मामला कमजोर पड़ता है। हालांकि, अदालत ने 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार, ये आरोपी कथित रूप से भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे और उन पर दंगा, आगजनी, डकैती और हत्या की कोशिश जैसे आरोप हैं। जामिया नगर पुलिस चौकी पर हुआ था हमला लंबी चली कानूनी प्रक्रिया मामला 22 सितंबर, 2007 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब 1,500 लोगों की भीड़ ने जामिया नगर पुलिस चौकी पर हमला किया था। आरोप था कि स्थानीय बाजार को हटाने की कार्रवाई के विरोध में हिंसा हुई, जिसमे आगजनी, पुलिसकर्मियों पर हमला और सरकारी सपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। करीब 20 साल पुराने इस मामले में पाच आरोपियों की मौत हो चुकी है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई है। वहीं एक आरोपी अब भी फरार घोषित है।  

NEET 2026: छात्रों के लिए फ्री बस सेवा और जलपान की व्यवस्था करेगी बिहार सरकार

पटना नीट परीक्षार्थियों को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खास गिफ्ट दिया है। परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए सरकारी बसों में छात्र,छात्राओं को किराया नहीं लगेगा। इसके अलावे परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जलपान की व्यवस्था के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी है। उन्होंने बच्चों को उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। 21 जून को देश भर में नीट की परीक्षा फिर से होने वाली है। इससे पहले 3 मई 2026 को हुई परीक्षा पेपर लीक एवं अन्य गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दिया गया था। शनिवार को सीएम ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके बताया कि NEET परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में आवागमन निःशुल्क रहेगा। साथ ही, जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिरों एवं गैर-सरकारी संगठनों से आग्रह है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों हेतु पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें। परीक्षार्थियों की परेशान को कम करने के लिए बिहार सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। सरकार के इस कदम से नीट के छात्र, छत्राओं को काफी राहत मिलेगी। देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली नीट परीक्षा 21 जून को होने वाली है। एनटीए द्वारा 14 जून को एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन या फीस देने की जरूरत नहीं है। परीक्षार्थी एनटीए नीट के आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी साइट पर मिलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर नीट परीक्षा की नयी तारीख की जानकारी दी। उन्होंने इस बार कदाचार मुक्त फुल प्रूफ व्यवस्था का आश्वसन दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की जांच सीबीआई से कराई जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह दी। माना जा रहा है अगले साल से नीट परीक्षा कंप्यूटर के माध्यम से ऑन लाइन कराई जाएगी। NEET Exam 2026 के पेपर लीक के आरोप में अबतक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पेपर लीक के तार बिहार के नालंदा एवं अन्य जिलों से जुड़ गए हैं। सीबीआई बारीकि से मामले की छानबीन कर रही है। 2024 में भी नीट पेपर लीक हुआ था।

गुरु-शिष्य परंपरा योजना से पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा, हरियाणा सरकार देगी छात्रवृत्ति

फरीदाबाद. गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु, संगतकार और शिष्यों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ पाने के लिए लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं और शिष्यों की जानकारी कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को भेजी जाए। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा प्रदेश में लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। क्या होगी छात्रवृत्ति की राशि? गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु को प्रति माह 7500 रुपये, प्रति संगतकार को प्रति माह 3750 रुपये और प्रत्येक शिष्य को प्रति माह 1500 रुपये की राशि छात्रवृत्ति के तौर पर प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए गुरुओं तथा शिष्यों के नामों की सूची कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा को भेजी जाए, ताकि भारत सरकार की इस नीति के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। इस योजना के बारे में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सेक्टर-सात, एससीओ नंबर-29, दूसरा तल स्थित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की छापेमारी, सोसाइटी सचिव गिरफ्त में

चंडीगढ़. कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी के सचिव अजय सहगल को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट(ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की जांच अब सिर्फ एक बिल्डर या प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रही बल्कि गमाड़ा , टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और रियल एस्टेट मंजूरी प्रक्रिया के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। ईडी ने शुक्रवार शाम अजय सहगल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। एजेंसी का आरोप है कि किसानों और जमीन मालिकों के फर्जी सहमति पत्र तैयार कर करीब 30.5 एकड़ जमीन का सीएलयू हासिल किया गया। जांच में सामने आया है कि 15 जमीन मालिकों के नाम पर नकली हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सनटेक सिटी जैसे बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली और बाद में करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने आंखें कैसे मूंदे रखीं। एजेंसी को शक है कि मंजूरियों के दौरान कई स्तरों पर मिलीभगत हुई और कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर अवैध लाभ लेकर नियमों को नजरअंदाज किया। इसी कारण अब गमाड़ा और टाउन प्लानिंग विभाग के कुछ अफसर भी एजेंसी के रडार पर आ गए हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस में दर्ज एफआईआर से हुई थी। किसानों ने शिकायत दी थी कि उनकी जानकारी के बिना उनकी जमीनों के सहमति पत्र तैयार किए गए और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के जरिए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई। मामला सामने आने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की। 7 मई को ईडी ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी और एबीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एक परिसर की बालकनी से 21 लाख रुपये नकद नीचे सड़क पर फेंक दिए गए थे। नीचे लगी नेट से टकराकर नोट सड़क पर बिखर गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने पूरी रकम कब्जे में ले ली। इस घटना ने जांच को और चर्चित बना दिया। जांच एजेंसी के अनुसार अजय सहगल ने विवादित सीएलयू के आधार पर केवल सनटेक सिटी ही नहीं, बल्कि ‘ला कैनेला’ नामक मल्टीस्टोरी रिहायशी प्रोजेक्ट और ‘डिस्ट्रिक्ट-7’ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए। जांच में यह भी सामने आया है कि कई यूनिटों की बिक्री रेरा से मंजूरी और पंजीकरण मिलने से पहले ही शुरू कर दी गई थी, जो नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। ईडी को यह भी जानकारी मिली है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित प्लॉट अब तक जीएमाडा को ट्रांसफर नहीं किए गए। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जिन अनियमितताओं का उल्लेख हुआ था, उसके बावजूद केवल आंशिक सीएलयू रद्द किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। एजेंसी यह जांच रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में परियोजना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बजाय सीमित कार्रवाई की गई। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों तक लाभ पहुंचाया गया। ईडी अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी निवेश और मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कई और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले ने पंजाब के रियल एस्टेट सेक्टर में भी हलचल पैदा कर दी है। बिल्डर लॉबी में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि अगर जांच और गहराई तक गई तो कई पुराने प्रोजेक्ट और मंजूरियां भी जांच के दायरे में आ सकती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश रायपुर अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।         आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छता से हुई शुरुआत             कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन              इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी। सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण             वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता             जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से   अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।            कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

रेलवे मेंटेनेंस का असर, गोंदिया यार्ड में काम के चलते 6 लोकल ट्रेनें बंद

राजनांदगांव. दो दिनों से आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेनों के नहीं चलने के कारण यात्रियों की परेशानियां बढ़ रहीं। विशेष रूप से दैनिक यात्री काफी अधिक परेशान हो रहे हैं। गोंदिया रेलवे स्टेशन में मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है। ज्ञात हो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत आने वाले गोंदिया यार्ड में अधोसंरचना के मद्देनजर निर्माण कार्य किए। मेंटेनेंस कार्य के चलते 21 एवं 22 मई को विशेष ट्रैफिक एवं इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया गया। इस कार्य के कारण आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेन में रद्द रहीं, जिससे यात्रियों की दो दिनों से परेशानियां बढ़ी रहीं। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोनों दिनों में कुल 08 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया। इसमें इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्विच नवीनीकरण एवं पॉइंट सेटिंग सहित आवश्यक कार्य हेतु 06 घंटे का ब्लॉक रखा गया। इसके उपरांत सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा वायरिंग डिस्कनेक्शन, परीक्षण एवं संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए 02 घंटे का ब्लॉक लिया। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा ओएचई परीक्षण हेतु अतिरिक्त 30 मिनट का ब्लॉक लिया। निर्माण कार्य के चलते गाड़ी संख्या 68817 गोंदिया- गढ़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68818 गढ़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68861गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा- गोंदिया मेमू पैसेंजर, 22 एवं 23 मई को 68721 रद्द है। गाड़ी संख्या रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया-दुर्ग मेमू पैसेंजर, 22 मई को रद्द रही। दो दिनों से लोकल ट्रेनों के नहीं चलने से यात्री परेशान रहे।

सहकार से समृद्धि की नई राह, नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता             कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।           यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे। केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा            बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर               डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।             विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे। व्यवसायिक विस्तार पर मंथन                कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।             कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, डीजीएम ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित, एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

UP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें और छठवें वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफे के आदेश जारी कर दिए हैं। पांचवें वेतमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत और छठवें वेतनमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है। वित्त विभाग के मुताबिक इन सभी कर्मचारियों को मई के वेतन में बढ़े डीए का लाभ मिलेगा। आदेश के मुताबिक छठे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत और राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों का डीए पांच प्रतिशत वृद्धि के साथ 257 से बढ़कर 262 प्रतिशत और पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत वेतन संरचना में काम कर रहे कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत वृद्धि के साथ 474 से बढ़कर 483 प्रतिशत हो गया है। डीए का लाभ एक जनवरी से दिया जाएगा। एक जनवरी से 30 अप्रैल तक की देय अवशेष राशि (एरियर) अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं उनकी अवशेष धनराशि उनके पीपीएफ में जमा कराई जाएगी या एनएससी के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार भी पेंशन में देगी 14 फीसदी धनराशि राष्ट्रीय पेंशन योजना वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को देय अवशेष राशि में से 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि उनके टियर-एक पेंशन खाते में जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से भी पेंशन खाते में अवशेष धनराशि की 14 प्रतिशत के बराबर धनराशि जमा की जाएगी। बची हुई 90 प्रतिशत राशि कार्मिकों के पीपीएफ में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी के माध्यम से दी जाएगी। इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ बढ़े हुए डीए का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत उन पदधारकों को मिलेगा जिनके वेतनमान जनवरी 2016 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं। और वे पांचवें और छठवें वेतनमान में कार्यरत हैं। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तारीख से पहले समाप्त हो गई हैं या फिर जो छह महीने के अंदर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) की पूरी धनराशि का भुगतान नगद किया जाएगा। बता दें कि अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को बढ़ी दर से महंगाई राहत का लाभ देने के लिए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेशों के मुताबिक भुगतान किए जाने का आदेश भी वित्त विभाग ने जारी किया है।

गर्मी में टिफिन पैकिंग गाइड: खाने को जल्दी खराब होने से बचाने के आसान तरीके

मई में भारत का तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है. बाहर हो या घर के अंदर सभी जगह किसी जलती भट्टी की तरह लग रही हैं. ऐसी सड़ी गर्मी में खाने-पीने की चीजों को खराब होने से बचाना सबसे बड़ा चैलेंज बन जाता है. खासकर जब बात स्कूल या ऑफिस के टिफिन की हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी खाने को जल्दी खराब कर सकती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस की वजह से खाने में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे वो जल्दी ही सड़ने लगता है. यहां तक की कई बार तो उसमें बदबू आने लगती है. अगर गलती से किसी भी बच्चे या बड़े ने ये खाना खा लिया तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार सुबह बनाया गया खाना दोपहर तक ही खराब होने लगता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से पैक न किया गया हो. ऐसे में जरूरी है कि लंच बॉक्स पैक करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए. कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रख सकती हैं और उसे खराब होने से भी बचा सकती हैं. अच्छी क्वालिटी के डिब्बे का करें इस्तेमाल: गर्मियों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के मजबूत लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. इंसुलेटेड या एयरटाइट कंटेनर खाने को ज्यादा देर तक ताजा रखने में मदद करते हैं. इससे बाहर की गर्म हवा और नमी खाने तक जल्दी नहीं पहुंचती. गर्म खाना तुरंत पैक न करें: बहुत से लोग खाना बनते ही टिफिन में पैक कर देते हैं, लेकिन ये आदत सही नहीं मानी जाती है. गर्म खाना बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बनती है, जिससे नमी बढ़ती है और खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए खाना थोड़ा ठंडा होने के बाद ही पैक करें. कटे हुए फल ले जाने से बचें: अगर आप टिफिन में फल रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि उन्हें पूरा ही रखें. कटे हुए फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और लंबे समय तक बाहर रहने पर उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. केला, संतरा या सेब जैसे फल पूरे रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बचा हुआ खाना पैक करने में सावधानी रखें: रात का बचा हुआ खाना अगले दिन टिफिन में रखना सही नहीं होता, खासकर अगर वो जल्दी खराब होने वाली चीज हो. ज्यादा देर रखा खाना इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कोशिश करें कि हमेशा ताजा बना खाना ही पैक करें. खाने को दोबारा गर्म करना हो सकता है फायदेमंद: अगर ऑफिस या स्कूल में माइक्रोवेव है, तो खाना खाने से पहले उसे हल्का गर्म जरूर कर लें. इससे खाने में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होने में मदद मिलती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम होता है. गीले और सूखे खाने को अलग रखें: रोटी, सलाद और सूखी सब्जी जैसी चीजों को हमेशा ग्रेवी वाले खाने से अलग पैक करें. इससे खाना गीला नहीं होता और लंबे समय तक स्वाद भी बना रहता है.