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संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने दिया करारा जवाब, CJP प्रोटेस्ट को लेकर विवाद

नई दिल्ली भारत ने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत जीना रोमेरो के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें उन्होंने कहा था कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय पर चर्चा करने के कारण बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि ये आरोप गुमनाम और असत्यापित जानकारियों पर आधारित हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति के 81वें सत्र के दौरान अनुज स्वरूप ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को ये स्वतंत्रताएं प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "भारत ने शांतिपूर्ण सभा और संगठन की स्वतंत्रता पर विशेष दूत की रिपोर्ट पर ध्यान दिया है। भारत में संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हर नागरिक को इन स्वतंत्रताओं के साथ-साथ बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है। इनकी सुरक्षा एक स्वतंत्र न्यायपालिका, एक स्वतंत्र प्रेस और एक सशक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की जाती है।" भारत ने यूएन की दूत के दावे पर सवाले उठाए रोमेरो की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत के युवाओं के बारे में किए गए दावों के आधार पर सवाल उठाए। आपको बता दें कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ युवाओं का बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मनमानी रिपोर्टिंग आपको बता दें कि जीना रोमेरो का दावा है कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय पर चर्चा करने के लिए बदले की कार्रवाई या सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसके समर्थन में केवल फुटनोट में कुछ गुमनाम जानकारियों का हवाला दिया है। भारत ने इसके जवाब में कहा कि इस तरह की मनमानी रिपोर्टिंग ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाओं की विश्वसनीयता कम हो गई है। उन्होंने रोमेरो की रिपोर्ट को बिना किसी आधार वाली सुनी-सुनाई बातें करार दिया। किस देश में ऐसे आंदोलन की इजाजत? स्वरूप ने कहा, "विडंबना यह है कि इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय युवाओं ने एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन शुरू किया। किस दमनकारी देश में युवाओं का कोई ऐसा व्यंग्यात्मक समूह सरकार से सवाल पूछ सकता है, राजधानी तक मार्च कर सकता है और फिर देश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर बातचीत कर सकता है?" उन्होंने जुलाई के विरोध-प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय मंत्रियों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया। UN के मानवाधिकार आयुक्त के बयान का जिक्र उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर तुर्क के पिछले महीने दिए गए एक बयान का हवाला देते हुए कहा, "मानवाधिकार उच्चायुक्त ने पिछले महीने मानवाधिकार परिषद में कहा था कि भारत में युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलनों के संदर्भ में युवा नेताओं के साथ बातचीत करना कहीं अधिक प्रभावी होता है। शायद यह बात उनके ध्यान से छूट गई होगी।" स्वरूप ने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ सकारात्मक बातचीत की है और परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "अध्यक्ष महोदय एक ऐसी प्रतिनिधि जो 1.4 अरब लोगों के बारे में कोई सामान्य राय बनाने के लिए गुमनाम जानकारियों पर निर्भर रहती है वह अपने ही जनादेश के साथ अन्याय कर रही है। हम इस विशेष प्रतिवेदक से आग्रह करते हैं कि किसी की आलोचना करने से पहले वे तथ्यों की जांच कर लें और अपनी रिपोर्ट में पूरी गंभीरता तथा निष्पक्षता लाएं।"

जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी जरूरी : CM यादव

जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिलाएं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 2-2 लाख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के खिलाड़ियों को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें। शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी डीपीओ ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा। ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक रघुवीर सिंह को शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो शिकायतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है और प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना तथा उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और प्रत्येक शिकायत का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए। जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह समिति जिले के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। जनप्रतिनिधि जिले की आवश्यकताओं, समस्याओं, संभावनाओं और विकास से संबंधित अपने सुझाव समिति के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का एक आदर्श मॉडल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विकास कार्यों की समीक्षा करें, स्थानीय समस्याओं एवं कठिनाइयों को समझें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को दें प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले ही प्राप्त कर ली जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ होने के साथ ही प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लास विनिर्माण इकाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं। ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली से औद्योगिक उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे नवाचार करने वाले उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा किसानों के उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके। दुग्ध उत्पादन, पशुपालन एवं सहकारिता को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करते हुए किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से जोड़ने से दूध का संग्रहण एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे छोटे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन ग्राम की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वृंदावन ग्राम के माध्यम से गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर गांवों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत गोशाला में 500 गायों के रखरखाव की … Read more

5 वनडे में 2 कप्तान! बुमराह पर BCCI का क्या फैसला, टीम इंडिया में हुए बड़े बदलाव

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंटोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के वनडे और टेस्ट स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है. वनडे सीरीज के लिए दो अलग-अलग टीमें चुनी गई हैं. पहले तीन मुकाबलों में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे, जबकि आखिरी दो वनडे में श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे।  सवाल यह है कि आख‍िर BCCI ने ऐसा क्यों किया? तो इसके पीछे टेस्ट सीरीज की तैयारी और सीनियर खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट अहम वजह है. भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं. वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होगी, जबकि टेस्ट सीरीज का आगाज 19 नवंबर से होगा. ऐसे में वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के दौरान कुछ सीनियर खिलाड़ियों का ध्यान टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर रहेगा।  शुभमन गिल और केएल राहुल तीसरे वनडे के बाद रेड-बॉल क्रिकेट पर फोकस करेंगे. इसी वजह से आखिरी दो वनडे के लिए अलग स्क्वॉड चुना गया है. गिल की गैरमौजूदगी में श्रेयस अय्यर कप्तान होंगे, जबकि ईशान किशन को उपकप्तान बनाया गया है।  आकाश दीप की टेस्ट टीम में वापसी टेस्ट स्क्वॉड में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को जगह मिली है. आकाश दीप लोअर बैक में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरने के बाद लौटे हैं. उन्होंने पिछली बार 2025 में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका शानदार था।  अंशुल कंबोज ने भी इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू किया था. दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड A के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले तीन मल्टी-डे मैचों के लिए इंडिया A टीम का हिस्सा भी हैं. गुरनूर बरार को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है।  ऋषभ पंत को टेस्ट टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा. वह बाईं पसली की चोट से उबर रहे हैं।  बुमराह सिर्फ टेस्ट सीरीज में खेलेंगे जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में खेलेंगे. टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स उनका वर्कलोड मैनेज करना चाहते हैं. अगले साल की शुरुआत में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं।  बुमराह घुटने की चोट के कारण अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ भारत की पिछली टेस्ट सीरीज से बाहर रहे थे. इसके बाद उन्होंने T20 फॉर्मेट से वापसी की और जापान में एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने. वह जल्द ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिपोर्ट करेंगे, जहां उनका फोकस टेस्ट क्रिकेट के लिए वर्कलोड बढ़ाने पर रहेगा।  तिलक वर्मा की वनडे टीम में वापसी, कुमार कुशाग्र को पहली बार मौका तिलक वर्मा की वनडे टीम में वापसी हुई है. उन्होंने पिछली बार दिसंबर 2025 में 50 ओवर का क्रिकेट खेला था. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है. वह आखिरी दो वनडे के स्क्वॉड का हिस्सा हैं. अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को वनडे टीम में नहीं चुना गया है।  कब से शुरू होगा न्यूजीलैंड दौरा? भारत के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से पांच मैचों की T20 सीरीज के साथ होगी. पहला और दूसरा T20 क्रमशः 22 और 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा. तीसरा T20 27 अक्टूबर को वेलिंगटन, चौथा 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां 1 नवंबर को हैमिल्टन में होगा।  पांच मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होगी. पहला मुकाबला ऑकलैंड, दूसरा 7 नवंबर को वेलिंगटन और तीसरा 10 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. आखिरी दो वनडे 13 और 15 नवंबर को माउंट मॉन्गानुई में होंगे. 2टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 19 नवंबर से वेलिंगटन और दूसरा 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।  बुमराह सिर्फ टेस्ट सीरीज खेलेंगे जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ टेस्ट सीरीज का हिस्सा होंगे. टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उनका वर्कलोड मैनेज कर रहे हैं. अगले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को घर में पांच टेस्ट मैच खेलने हैं।  न्यूजीलैंड दौरे का T20 शेड्यूल     – पहला T20: 22 अक्टूबर 2026, क्राइस्टचर्च      – दूसरा T20: 24 अक्टूबर 2026, क्राइस्टचर्च      – तीसरा T20: 27 अक्टूबर 2026, वेलिंगटन     – चौथा T20: 30 अक्टूबर 2026, ऑकलैंड     – पांचवां T20: 1 नवंबर 2026, हैमिल्टन  न्यूजीलैंड दौरे का वनडे शेड्यूल     – पहला वनडे: 4 नवंबर 2026, ऑकलैंड      – दूसरा वनडे: 7 नवंबर 2026, वेलिंगटन      – तीसरा वनडे: 10 नवंबर 2026, हैमिल्टन      – चौथा वनडे: 13 नवंबर 2026, माउंट मॉन्गानुई      – पांचवां वनडे: 15 नवंबर 2026, माउंट मॉन्गानुई  न्यूजीलैंड दौरे का टेस्ट शेड्यूल     – पहला टेस्ट: 19 नवंबर 2026, वेलिंगटन,     – दूसरा टेस्ट: 27 नवंबर 2026, क्राइस्टचर्च   पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा* और कुलदीप यादव. आखिरी दो वनडे के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव.   टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज. *फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन.

टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर की जगह क्रुणाल पंड्या को मिली कप्तानी

 नई दिल्ली न्ग कॉन्ग क्रिकेट स‍िक्सेस 2026 टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ है. क्रुणाल पंड्या को टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार टीम से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह कुलवंत खेजरोलिया को भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है।  पहले भुवनेश्वर कुमार को इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी करनी थी, लेकिन अब क्रुणाल पंड्या को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. कुलवंत खेजरोलिया की एंट्री से टीम के गेंदबाजी विभाग में भी बदलाव हुआ है।  दरअसल, भुवनेश्वर कुमार अब टीम इंड‍िया की नेशनल टी20 टीम का ह‍िस्सा हैं, ज‍िसे 22 अकटूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी हैं. वहीं भुवी शन‍िवार (17 अक्टूबर) को होने वाले वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ आख‍िरी टी20 के लिए भी टीम का हिस्सा हैं।  हॉन्ग कॉन्ग क्रिकेट स‍िक्सेस में टीम इंडिया का स्क्वॉड: क्रुणाल पंड्या (कप्तान), कुलवंत खेजरोलिया, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा, राहुल त्रिपाठी, टी नटराजन IPL में खेलने वाले खिलाड़ियों से सजी टीम भारतीय टीम में ज्यादातर ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो इस साल IPL में खेले थे. कप्तान क्रुणाल पंड्या के अलावा शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा और राहुल त्रिपाठी को भी टीम में जगह मिली है. तेज गेंदबाज टी. नटराजन और कुलवंत खेजरोलिया भी इस सात सदस्यीय स्क्वॉड का हिस्सा हैं।  कब से है हॉन्ग कॉन्ग स‍िक्सेस का आयोजन?  हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस का आयोजन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक हॉन्ग कॉन्ग के टिन क्वांग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में किया जाएगा.  कुल 12 टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी. भारत और पाकिस्तान को ग्रुप-सी में रखा गया है. इस ग्रुप की तीसरी टीम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है. पाकिस्तान अपने अभियान की शुरुआत 30 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार सुबह 8:05 बजे यूएई के खिलाफ करेगा. इसके बाद भारतीय समयानुसार सुबह 11:45 बजे उसका सामना भारत से होगा. भारतीय टीम 31 अक्टूबर को सुबह 8:05 बजे यूएई के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. ग्रुप चरण में हर टीम को अपने ग्रुप की बाकी दोनों टीमों से मुकाबला करना है. इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर टीमें कप, प्लेट और बाउल वर्गों में आगे बढ़ेंगी। 

जेलेंस्की की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अजीब घटना, बदबू से रिपोर्टर्स का बुरा हाल

कीव  यूरोपीय काउंसिल के प्रेस ब्रीफिंग रूम में माहौल तब अचानक असहज हो गया, जब यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की की कवरेज के लिए डटे पत्रकारों का सामना  एक अजीब दुर्गंध से हो गया। यहां जेलेंस्की का इंतजार कर रहे रिपोर्टर्स को एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. बताया जा रहा है कि पत्रकार 'फेटिड फार्टर' यानी बहुत ज्यादा बदबूदार गैस छोड़ने वाले एक रहस्यमयी शख्स से बेहद परेशान रहे।  इस बदबू के कारण रिपोर्टर्स को काफी परेशानी उठानी पड़ी. यह कोई पहली बार नहीं था, बल्कि इससे पहले भी एक डिप्लोमैटिक ब्रीफिंग के दौरान तेज बदबू के चलते कई पत्रकारों को जगह छोड़कर बाहर भागना पड़ा था।  देर रात काम कर रहे पत्रकार केवल कॉफी के सहारे टिके रहे और उन्हें डर था कि कहीं वे किसी अहम ब्रीफिंग को मिस न कर दें. इस थकान और प्रेशर के बीच बदबू ने स्थिति को और खराब कर दिया है।  डीजल सौदे पर भड़के जेलेंस्की इस बीच, वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौते की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस सौदे से रूस को पैसा मिलेगा, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति पुतिन जंग जारी रखने के लिए कर सकते हैं. जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया और यूरोप से यूक्रेन को ज्यादा आर्थिक और सैन्य मदद देने की अपील की।  वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस से डीजल खरीदने का समझौता वैश्विक बाजार पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए संकट के असर की भरपाई नहीं कर पाएगा. लेकिन इससे रूस को अतिरिक्त पैसा जरूर मिलेगा। 

मैगी खाने के बाद परिवार के 5 लोगों की मौत? ग्रेटर नोएडा में मचा हड़कंप

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मरने वालों में माता-पिता और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. यह मामला ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र का है. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है।  शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार की मौत किसी चीज को खाने की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि परिवार ने आखिरी बार चाय पी थी और मैगी खाई थी. इसके बाद परिवार के पांचों लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. हालांकि, अभी तक मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।  मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है. पुलिस ने पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।  फूड पॉइजनिंग की आशंका परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है. शुरुआती जानकारी में कुछ खाने के बाद मौत होने की बात सामने आई है. हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है. परिवार ने आखिरी बार चाय और मैगी खाई थी, लेकिन इन चीजों की वजह से ही मौत हुई है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।  पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

दिल्ली से मुंबई जा रही बस खाई में गिरी, कराड़िया के पास दर्दनाक हादसे में 8 की मौत

 कोटा राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. सवारियों से भरी एक बस अचानक बेकाबू होकर खाई में गिर गई. इस घटना में 8 लोगों के मौत की जानकारी सामने आई है।  जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने हादसे में 8 लोगों की मौत की पुष्टि की है. बस में भोपाल के 21 लोग सवार थे, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे. वे भोपाल से खाटूश्यामजी दर्शन करने जा रहे थे।  इस बीच, घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया और कोटा रेंज आईजी हरेंद्र महावर एमबीएस अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। 

खाद्य प्रसंस्करण और सोया उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश खाद्य प्रसंस्करण और सोया उद्योग के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में आयोजित दो दिवसीय 9वें अंतर्राष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में हुए शामिल उत्कृष्ट सोया कंपनियों एवं उनके प्रतिनिधियों को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, खनन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के विस्तार के लिए निवेशकों के साथ लगातार संवाद एवं कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश को देश की फूड बास्केट के रूप में पहचान प्राप्त है। सोयाबीन उत्पादन में भी प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। मालवा सोयाबीन की राजधानी है। देश में सोयाबीन के कुल उत्पादन का 45 फीसदी उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। सोयाबीन क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, उद्यमियों और किसानों का इंदौर में एकत्रित होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय 9वें अंतर्राष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोयाबीन की मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रोसेसिंग, उपभोक्ता बिक्री और रिफाइंड ऑयल के विपणन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कंपनियों के लगभग 15 उद्योगपतियों और उनके प्रतिनिधियों को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। सोपा के चेयरमैन गोयनका ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष मना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। सोयाबीन क्षेत्र में कार्य करने वाले उद्यमियों एवं संस्थानों को सम्मानित करना उनके उत्कृष्ट योगदान का अभिनंदन है। प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और अल नीनो के प्रभाव जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के किसानों ने सोयाबीन उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। प्रदेश में चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार लाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सस्ती बिजली, भूमि और जल की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विशेषताओं और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए हैं। इन आयोजनों से स्थानीय संसाधनों, औद्योगिक संभावनाओं और रोजगार सृजन को नई दिशा मिली है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावों को धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए जबलपुर, भोपाल और इंदौर क्षेत्र को मिलाकर नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने के साथ ही कृषि उपज के मूल्य संवर्धन, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सुशासन पूर्ण होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। मध्यप्रदेश भी अपनी संभावनाओं और संसाधनों के आधार पर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, औद्योगिक निवेश बढ़ाने तथा प्रदेश की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास कर रही है। सोयाबीन और खाद्य तेल उद्योग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोयाबीन केवल एक कृषि उपज नहीं, बल्कि किसानों की आय, खाद्य तेल उद्योग और प्रोटीन आधारित पोषण व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सोया उद्योग में आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रसंस्करण, गुणवत्ता, उत्पाद विविधीकरण और बाजार विस्तार पर ध्यान देकर भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय आयोजन कृषि वैज्ञानिकों, किसानों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के बीच संवाद एवं सहयोग को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में सोपा चेयरमैन नरेश गोयनका ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश को सोयाबीन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज के मूल्य में अंतर की राशि उपलब्ध कराने की पहल किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के विकास और किसानों के हितों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सोया उद्योग के विकास के लिए सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से भविष्य में भी नए अवसर सृजित होंगे। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का मुख्य विषय “आत्मनिर्भर भारत – पॉवरिंग द ऑयल एंड प्रोटीन विजन” है। कार्यक्रम में देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधि, नीति निर्माता, कृषि वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारतीय खाद्य तेल एवं सोयाबीन क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करना, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, डिप्टी चेयरमैन गिरीश मतलानी, डेविश जैन, कृष्णवीर, विजय पाल सहित सोयाबीन उद्योग, कृषि और व्यापार जगत से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से 7 जिलों का होगा विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तीन मेट्रोपोलिटन रीजन को जोड़ेगा एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से 7 जिलों में होगा तेजी से विकास मध्यप्रदेश में बनेगा देश का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल बेल्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव का महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज सहित जबलपुर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के साथ प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा है। मध्यप्रदेश के औद्योगिक इतिहास में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। यह कॉरिडोर राज्य के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कॉरिडोर केवल एक इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि इसकी परीधि में आने वाले 7 जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज विकास की बयार लेकर आएगा। इस कॉरिडोर से इन क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आएगा। उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक, टेक्नोलॉजी और सेवाओं का एक इंटीग्रेटेड नेटवर्क एवं चेन तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 600 किलोमीटर लम्बाई वाला यह इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भविष्य में प्रदेश के तीन मेट्रोपोलिटन रीजन इंदौर, भोपाल और जबलपुर को सीधे जोड़ेगा। इससे मध्यप्रदेश में भारत का सबसे बड़ा इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल बेल्ट तैयार करने का हमारा संकल्प पूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कारिडोर निर्माण की सौगात के लिए महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज सहित जबलपुर के उद्योगपतियों एवं विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि गुप्ता इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस नए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 3 से 6 महीने में भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद 6 से 12 महीने में उद्योग क्षेत्रों और जरूरी इन्फ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम शुरु हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च 2028 के अंत तक 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि विकसित करने, 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश जुटाने और 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए राज्य सरकार अपने पूर्ण स्वामित्व में एक विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) कंपनी स्थापित करने जा रही है, इसमें प्रारंभिक रूप से 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस नए कॉरिडोर से पूरे महाकौशल क्षेत्र विशेषकर जबलपुर को विशेष लाभ मिलेगा। प्रदेश की संस्कारधानी (जबलपुर), प्रशासनिक राजधानी (भोपाल) और औद्योगिक राजधानी (इंदौर) से एकल कॉरिडोर से हमेशा के लिए जुड़ जाएगी। जबलपुर क्षेत्र को भविष्य में इंडस्ट्रियल हब के साथ-साथ इंजीनियरिंग, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस एंसिलरी, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केन्द्र बनाया जाएगा। इसी के साथ नरसिंहपुर और रायसेन जिले को कृषि प्रसंस्करण और फूड पार्क सेक्टर में विकास का लाभ मिलेगा। भोपाल क्षेत्र को टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, नॉलेज सर्विसेज और साझा व्यावसायिक अवसंरचना का केन्द्र बनाया जाएगा। सीहोर-देवास क्षेत्र को फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और इंदौर क्षेत्र को आईटी एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स सहित अन्य निवेश क्षेत्रों में विकास की सौगातें मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के पूर्ण होने पर निवेशकों को बिजली, पानी, सड़क सहित सभी प्रकार की सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। मध्यप्रदेश भारत का सबसे फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा उद्योगपतियों को यश प्रदान करता है, ताकि वे अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमता से युवाओं को रोजगार से जोड़ सकें और जरूरतमंदों का घर भी चल पाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी सेक्टरों में हर छोटे और बड़े व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित कर रही है। नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से अवसरों को पाने की दूरी भी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास की परियोजना है। इसके लिए सरकार जल्द से जल्द सभी प्रकार के प्रबंध करने जा रही हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने महाकौशल क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जबलपुरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे महाकौशल सहित जबलपुर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लोक निर्माण के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के चार संभागों के मुख्यालय के रूप में जबलपुर को तकनीकी विश्वविद्यालय की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पास प्रदेश के विकास का विज़न है। कार्यक्रम में महाकौशल क्षेत्र के 11 जिलों से आए उद्योगपतियों, व्यवसायियों और व्यापारियों ने इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट को कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन कर हृदय से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के महासचिव अखिल मिश्रा, संयोजन मंत्री समीर पॉल सहित महाकौशल वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन, जबलपुर के लघु उद्योग संघ, महाकौशल ऑटो डीलर एसोसिएशन, ऑटोमोबाइल, रेडीमेड गारमेन्ट्स, होटल इंडस्ट्री, प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग, फूड एण्ड डेयरी इंडस्ट्री सहित विभिन्न व्यवसायों के उद्योगपति एवं व्यापारीगण उपस्थित थे।  

पंजाब उपभोक्ता आयोग का फैसला, LIC को कारोबारी के परिजनों को देने होंगे ₹26.50 लाख

चंडीगढ़  मोगा में जुलाई 2020 में एक कारोबारी की हत्या के बाद अतिरिक्त दुर्घटना बीमा राशि देने से इन्कार करना भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) को भारी पड़ गया।पंजाब राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एलआइसी को चार बीमा पालिसियों के तहत 26.50 लाख रुपये का दोहरा दुर्घटना लाभ देने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल हत्या को सुनियोजित अपराध बताकर अतिरिक्त दुर्घटना बीमा लाभ देने से इन्कार नहीं किया जा सकता। आयोग ने परिवार को 50 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने के भी निर्देश दिए हैं। पहले कर दी थी शिकायत खारिज आयोग के न्यायिक सदस्य एचपीएस महल और सदस्य किरण सिब्बल की पीठ ने कारोबारी की पत्नी, नाबालिग बेटे और मां की अपील पर यह फैसला सुनाया। इससे पहले मोगा जिला उपभोक्ता आयोग ने 29 नवंबर 2022 को परिवार की शिकायत खारिज कर दी थी। राज्य आयोग ने 13 अक्टूबर को सुनाए फैसले में जिला आयोग का आदेश रद करते हुए एलआइसी की सेवा में कमी मानी। 2020 में हुई थी कारोबारी की हत्या कारोबारी तजिंदर सिंह कंबो की 14 जुलाई 2020 को उनकी दुकान पर अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। उनकी पत्नी रिपनदीप कौर कंबो चारों बीमा पालिसियों में नामित थीं।इन पालिसियों के तहत पांच लाख, 10 लाख, 1.60 लाख और 10 लाख रुपये की बीमा राशि निर्धारित थी। एलआइसी ने कारोबारी की मृत्यु के बाद मूल बीमा राशि का भुगतान कर दिया, लेकिन अतिरिक्त दुर्घटना लाभ देने से इन्कार कर दिया। एलआइसी ने 30 अप्रैल 2021 को जारी अस्वीकृति पत्र में हत्या को सुनियोजित बताते हुए इंटरनेट मीडिया पर कथित हमलावर की एक पोस्ट और पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट का हवाला दिया था। निगम का कहना था कि हत्या गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह उर्फ सुखा गिल लम्मे से जुड़ी थी और इसका उद्देश्य क्षेत्र में आतंक पैदा करना था। आयोग ने लगाई बीमा कंपनी को फटकार परिवार ने आयोग में दलील दी कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे साबित हो कि मृतक का गैंगस्टरों की गतिविधियों से संबंध था या उसने हमले को उकसाया था। आयोग ने भी पाया कि कथित विवाद की पुष्टि प्राथमिकी या मोगा के डीएसपी सिटी की रिपोर्ट से नहीं होती। रिकार्ड में मृतक को पहले धमकी दिए जाने या आरोपितों के साथ उसकी किसी बातचीत का प्रमाण भी नहीं मिला। आयोग ने कहा कि हमलावरों का हत्या करने का इरादा और यह सवाल कि उससे हुई मृत्यु बीमा पालिसी के तहत दुर्घटनावश हुई मृत्यु की श्रेणी में आती है या नहीं, दोनों अलग-अलग विषय हैं। किसी आपराधिक घटना का पहले से नियोजित होना अपने आप में अतिरिक्त दुर्घटना लाभ खारिज करने का आधार नहीं बन सकता। फैसले में एलआइसी के 15 अक्टूबर 2007 के परिपत्र का भी उल्लेख किया गया। इसके अनुसार, यदि पुलिस रिकार्ड से यह संकेत नहीं मिलता कि हत्या मृतक द्वारा स्वयं उकसाई गई थी या दावेदार की उसमें कोई भूमिका थी, तो दुर्घटना लाभ का दावा रोका नहीं जाना चाहिए। अब मिलेगा दोहरा दुर्घटना लाभ और ब्याज आयोग ने कहा कि एलआइसी यह साबित नहीं कर सकी कि कारोबारी की मृत्यु पालिसी के दायरे से बाहर थी। निगम ने लाभ देने से इन्कार करने के समर्थन में कोई ऐसा अपवाद संबंधी प्रविधान भी प्रस्तुत नहीं किया, जो इस मामले में लागू होता। आयोग ने चारों पालिसियों के तहत दोहरा दुर्घटना लाभ देने के साथ 30 अप्रैल 2021 से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है।इसके अलावा 50 हजार रुपये की संयुक्त मुआवजा राशि और मुकदमे का खर्च भी देना होगा। यह राशि कारोबारी की पत्नी, नाबालिग बेटे और मां को बराबर हिस्सों में दी जाएगी। आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। परिवार ने कुल 26.60 लाख रुपये का दावा किया था, हालांकि आयोग ने अंतिम देय राशि का अलग से निर्धारण नहीं किया।