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खंडवा के डायल-112 हीरोज रास्ता भटके 80 वर्षीय बुजुर्ग को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल खंडवा जिले के थाना हरसूद क्षेत्र में डायल- 112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से रास्ता भटक गए 80 वर्षीय बुजुर्ग को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई सहायता से बुजुर्ग सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सके। 23 जून 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हरसूद क्षेत्र अंतर्गत चौपाटी के पास स्थित यात्री प्रतीक्षालय में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति मिले हैं, जो अपने घर का रास्ता भटक गए हैं। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही हरसूद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षक शंकर कसदे एवं पायलट सैय्यद अली ने मौके पर पहुँचकर बुजुर्ग व्यक्ति को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि बुजुर्ग व्यक्ति ठीक से देख नहीं सकते थे तथा अपने भाई के घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ता भटक गए थे। बुजुर्ग ने अपने भाई के निवास संबंधी जानकारी डायल-112 टीम को दी।इसके उपरांत डायल-112 जवानों ने बुजुर्ग को डायल 112 वाहन में बैठाकर बताए गए पते के अनुसार नंदगांव पहुँचाया, जहाँ उनके भाई से संपर्क स्थापित कर आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत उन्हें सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपने परिजन को सकुशल पाकर सभी ने डायल-112 पुलिस जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।

बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया सीएम योगी ने

बेंगलुरु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के लिए सेफ्टी, स्टेबिलिटी व स्पीड का थ्री-एस मॉडल बन चुका है। उद्योग के लिए ये तीनों आयाम सबसे महत्वपूर्ण हैं। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, बेमिसाल कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन और संस्थाओं का बेहतर नेटवर्क नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। स्किल्ड टैलेंट, टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली पॉलिसी, कुल मिलाकर एक संपूर्ण इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम आज नए भारत के नए यूपी में मौजूद है। मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026”  के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरा दिन सभी इन्वेस्टर्स और अलग-अलग सेक्टर के इंडस्ट्री लीडर्स के साथ संवाद करने का अवसर मिला। हमने देखा कि कैसे बेंगलुरु एक गार्डन सिटी से विकसित होकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बना। बेंगलुरु की ग्रोथ स्टोरी आपने देखी-सुनी है। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की जो कहानी आप यहां सुन रहे हैं, उसे आप उत्तर प्रदेश में जाकर स्वयं महसूस करेंगे, मैं आपको इसके लिए आमंत्रित करने आया हूं। पीएम मोदी के नेतृत्व में बने विकास के नए प्रतिमान सीएम ने कहा कि हमें गर्व है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। और, पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को इस ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनने का सौभाग्य मिला है। पहले यूपी की छवि बहुत अच्छी नहीं थी। बिगड़ी कानून व्यवस्था, पॉलिसी पैरालिसिस, गवर्नेंस का अभाव और 'बीमारू राज्य' की पहचान थी हमारी। पलायन नियति बन चुका था। कृषि व एमएसएमई से लोगों का नाता टूट चुका था। यूपी में वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा है। बेहतर लॉ एंड ऑर्डर, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के 60% एक्सप्रेसवे, 16,000 किमी रेल नेटवर्क और 4 लाख किमी सड़क नेटवर्क यूपी के पास है। वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल,  सात शहरों में मेट्रो, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन, 5 अंतरराष्ट्रीय व 11 घरेलू एयरपोर्ट के रूप में बेमिसाल कनेक्टिविटी यूपी की पहचान है। 5 नए एयरपोर्ट पर सरकार काम कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गत 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं। स्थिरता व सुरक्षा से बने टॉप-3 अर्थव्यवस्था सीएम ने कहा कि स्थिरता व सुरक्षा का परिणाम है कि यूपी अब बीमारू राज्य से निकलकर देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले 6 साल से हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। 9 साल में अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई। हमारे पास 36 सेक्टरल पॉलिसीज के साथ 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 स्थानों पर इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। बीडा के रूप में सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल सिटी विकसित हो रहा है। निवेशकों को मिलेगा स्किल्ड मैनपावर निवेशकों को स्किल्ड मैनपावर के प्रति आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी हर साल 2 लाख स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ) ग्रेजुएट्स तैयार करता है। 2 आईआईटी, एक आईआईएम, तीन स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा का बड़ा नेटवर्क युवाओं को हर क्षेत्र में दक्ष बना रहा है। हम उद्योग की जरूरत के अनुसार इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में स्किल्ड मैनपावर तैयार कर रहे हैं। कृषि व उद्योग क्षेत्र में जबरदस्त सफलता कृषि व एमएसएमई क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 साल में हमारी कृषि ग्रोथ रेट 8% से बढ़कर 18% हुई। पांच कृषि विश्वविद्यालयों व 89  किसान विकास केंद्रों के माध्यम से किसानों को ट्रेनिंग व मार्केट से जोड़ा गया है। यूपी के पास देश में सर्वाधिक 86% सिंचित कृषि भूमि है। राज्य में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, जिन्हें ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना से जबरदस्त प्रोत्साहन मिला है। इस योजना के माध्यम से हर जिले का एक विशिष्ट उत्पाद ब्रांड बना है। पिछले 9 साल में 18,000 से अधिक बड़े औद्योगिक संस्थान यूपी में स्थापित किए गए। 9 साल पहले राज्य में मात्र 14,000 बड़े कारखाने थे, जिनकी संख्या आज 33,000 से अधिक हो चुकी है। निवेशकों को मिलेगी सुरक्षा, सुविधा व नीतिगत स्थिरता मुख्यमंत्री ने बिजनेस लीडर्स को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, सिंगल विंडो सुविधा और नीतिगत स्थिरता देगी। यूपी के बारे में आपने जो संभावनाएं सुनी हैं, उन्हें आप अपने निवेश से स्वयं महसूस करेंगे। मुझे विश्वास है कि आप सब यूपी की ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनकर विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने रोडशो में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स व सीईओज का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्योग) आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार, यीडा के सीईओ आर.के. सिंह तथा उद्योग जगत के लीडर्स व सीईओज उपस्थित थे।

एमपी ट्रांसको के एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों की सुरक्षा के लिए हाई-परफॉर्मेंस एचडी सीसीटीवी कैमरे लगे : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर सहित राज्य के अपने एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों की सुरक्षा सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हाई-परफॉर्मेंस एचडी सीसीटीवी कैमरों की स्थापना शुरू कर दी है। लगभग 8.15 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना विद्युत ग्रिड को चोरी, अनाधिकृत प्रवेश और संभावित नुकसान से सुरक्षित रखने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के 417 सबस्टेशनों पर कैमरे चरणबद्ध तरीके से लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की स्थापना से सबस्टेशनों की सुरक्षा एवं गश्त में मानव संसाधन के साथ तकनीक के उपयोग से सुरक्षा की दोहरी परत सुनिश्चित की जा सकेगी। टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा कवच ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह पहल एमपी ट्रांसको द्वारा एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइनों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक के उपयोग के बाद उठाया गया एक और तकनीकी कदम है, जो कंपनी के टेक्नोलॉजी-आधारित सुरक्षा समाधान की दिशा में बढ़ते प्रयासों को दर्शाता है। कैमरे लगाने का निर्णय पूर्व में ट्रांसफॉर्मरों से कॉपर न्यूट्रल स्ट्रिप की बढ़ती चोरी की घटनाओं के मद्देनजर लिया गया था। ये कॉपर स्ट्रिप ट्रांसफॉर्मर का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग हैं, जिनके हटाए जाने से व्यापक क्षति और विद्युत आपूर्ति में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है। चोर इन कॉपर स्ट्रिप्स को निशाना बना रहे थे, जिनका उनके लिए भले ही सीमित मूल्य हो, लेकिन ट्रांसफॉर्मरों के लिए यह अत्यंत आवश्यक हैं। इन स्ट्रिप्स को हटाने से न केवल चोरों के जीवन को खतरा होता है, बल्कि ट्रांसफॉर्मर फेल होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को तीन से चार माह तक बिजली आपूर्ति से वंचित होना पड़ सकता है। कॉपर स्ट्रिप की चोरी से विद्युत आपूर्ति में हो सकता है लंबा व्यवधान कॉपर स्ट्रिप चोरी के कारण यदि ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होता है, तो कंपनी को आर्थिक क्षति के साथ-साथ महत्वपूर्ण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था दो से तीन माह तक प्रभावित हो सकती है। ट्रांसफॉर्मर प्रायः ऑर्डर पर निर्मित होते हैं, इसलिए उन्हें बदलने में कई महीने लग जाते हैं। स्थापित एचडी कैमरे सबस्टेशनों को 360 डिग्री कवरेज प्रदान कर रहे हैं तथा इनमें नाइट विजन, मोशन डिटेक्शन और हाई-रिजॉल्यूशन रिकॉर्डिंग जैसी आधुनिक तकनीकें भी उपलब्ध हैं। इससे रात के समय या दूरस्थ क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। लाइव फीड अधिकारियों के मोबाइल पर इन कैमरों की लाइव फीड संबंधित सबस्टेशन प्रभारियों को उनके मोबाइल उपकरणों पर उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के एकीकरण के माध्यम से जबलपुर स्थित शक्तिभवन मुख्यालय के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से प्रदेश के सभी 417 सबस्टेशनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का कार्य प्रगति पर है। इस तकनीकी व्यवस्था से न केवल सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि किसी भी तकनीकी गड़बड़ी, अनाधिकृत प्रवेश या आपात स्थिति की त्वरित जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। अब मुख्यालय से एक क्लिक पर किसी भी सबस्टेशन की निगरानी की जा सकती है, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो गई है। एमपी ट्रांसको का उद्देश्य अपनी आधारभूत संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रदेश के उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखना है, ताकि कॉपर चोरी जैसी घटनाओं से होने वाली वित्तीय एवं ऑपरेशनल चुनौतियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।  

ग्राम पंचायत की विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण के संकल्प को दोहराया जाएगा

भोपाल  प्रदेश में जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ऐतिहासिक "जल गंगा संवर्धन अभियान-2026" का 25 जून से 30 जून 2026 की अवधि में प्रदेश में समारोहपूर्वक समापन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में वर्ष प्रतिपदा (19 मार्च 2026) को प्रारंभ हुए इस अभियान के तहत प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। इस व्यापक जन-आंदोलन के दौरान ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3.62 लाख से अधिक कार्यों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। इसके अंतर्गत खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर, चेकडेम, जलाशयों के जीर्णोद्धार, नालों की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी पुनर्जीवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण कर प्रदेश को जल संसाधनों से समृद्ध बनाया गया है। अभियान की उपलब्धियों को जन-सामान्य के समक्ष लाने और जन-सहभागिता का सम्मान करने के उद्देश्य से 25 से 30 जून के बीच राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजनों के दौरान विशेष ग्राम सभाएं बुलाई जाएंगी, जिनमें निष्पादित कार्यों, उपलब्धियों और लाभान्वित परिवारों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने के साथ जल संरचनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। सभाओं में मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी संदेश का वाचन कर जल संरक्षण के संकल्प को दोहराया जाएगा। साथ ही, जनप्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का लोकार्पण कराया जाएगा और खेत तालाब जैसी व्यक्तिगत संरचनाएं संबंधित हितग्राहियों को औपचारिक रूप से हस्तांतरित की जाएंगी। इस अवसर पर जन-सहभागिता, श्रमदान और नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, जलदूतों, पंचायत प्रतिनिधियों और शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा तथा सामुदायिक जल संरचनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को इनके रख-रखाव एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग की शपथ दिलाई जाएगी। समापन कार्यक्रमों में न केवल पिछले कार्यों की समीक्षा की जाएगी, बल्कि आगामी प्राथमिकताओं और भावी योजनाओं पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके तहत 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाले "विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)" (VB – GRAM G) के विभिन्न आयामों और लाभों के संबंध में बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, आगामी मानसून ऋतु में व्यापक पौध-रोपण के लिए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता सुनिश्चित करने तथा पूर्व में किए गए पौध-रोपण की समीक्षा की जाएगी, और किसानों के साथ खरीफ-2026 की तैयारियों तथा भावी कृषि कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा होगी। शासन के निर्देशानुसार इन कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला व जनपद पंचायत प्रतिनिधियों तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सख्ती का असर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है। सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा। खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है। सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी। निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा। करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

पीडब्लूडी सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में ठेकेदारों को निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक या डायवर्टेड मार्ग बनाकर काम करने के दिए निर्देश दिए, ताकि बरसात में लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के काम में तेजी लाते हुए सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले दो बड़े पुलों के काम भी जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री अभिजीत कुमार तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने बैठक में बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापटनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग के काम अगले वर्ष मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। भारतमाला परियोजना के तहत ही निर्माणाधीन रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरीडोर का काम भी तेज गति से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले भारतमाला परियोजना की सड़कों का पूरा लाभ उठाने राज्य की सड़कों को इनसे जोड़ने टू-लेन और फोर-लेन सड़कों के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए, जिससे इन इकोनॉमिक कॉरीडोर्स का पूरा लाभ राज्य को मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इन सड़क खंडों के चालू हो जाने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। माल और यात्री परिवहन की दृष्टि से ये सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में एनएचएआई द्वारा रायपुर के तेलीबांधा चौक, उद्योग भवन चौक और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की स्वीकृति की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी यथासमय उच्च कार्यालयों को देने के निर्देश दिए, जिससे कि इनके जल्द निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर की जा सके। उन्होंने विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के अपने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान ब्लैक-स्पॉट्स को खत्म करने के साथ ही सड़क सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानकों के अनुरूप ही सड़कों पर गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड में जाकर कार्यों के बारिकी से निरीक्षण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. माझी सहित पांचों राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के कार्यपालन अभिंयता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से राज्य की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समायवधि में अच्छा काम होना चाहिए।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन, ‘परमवीर गैलरी’ का भी हुआ अनावरण

रायपुर   सैनिक स्कूल अंबिकापुर में नव-निर्मित अत्याधुनिक पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सरगुजा अजीत वसंत विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने उद्घाटन पट्टिका का अनावरण कर नव-निर्मित पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट विद्यालय एवं कैडेट्स को समर्पित किया। समारोह का शुभारंभ परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने देश के वीर सैनिकों के सम्मान में स्थापित ‘परमवीर गैलरी’ का भी लोकार्पण किया। इस गैलरी में परमवीर चक्र विजेताओं के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा की प्रेरक गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है, जो विद्यार्थियों और कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करेगी। अपने संबोधन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अधोसंरचना विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भविष्य के खिलाड़ियों और नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान नव-निर्मित बैडमिंटन कोर्ट पर प्रदर्शनी मैचों का आयोजन भी किया गया, जिसमें कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को प्रभावित किया। विद्यालय की प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, खेल गतिविधियों तथा विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण से कैडेट्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम में विद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। समारोह का समापन अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। नव-निर्मित खेल सुविधा और परमवीर गैलरी का लोकार्पण सैनिक स्कूल अंबिकापुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।

जीसीसी, टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र के दिग्गजों ने योगी सरकार की नीतियों पर जताया भरोसा

बेंगलुरु/लखनऊ  देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है। बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया। जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल  भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया। देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है। प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। खेल मंत्रीसारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।  

एमडी ड्रग निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़

भोपाल  मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरूद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंदसौर पुलिस ने सिंथेटिक ड्रग्स के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित एमडी (MD) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 13 किलो 850 ग्राम एमडी (MD) ड्रग, 09 किलो 109 ग्राम रासायनिक पदार्थ (केमिकल)एवंड्रग निर्माण में प्रयुक्त उपकरण जब्‍त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक मंदसौर  विनोद कुमार मीना के निर्देशनथाना नई आबादी पुलिस की विशेष टीम ने ग्राम बाजखेड़ी स्थित एक खेत पर बने पक्के मकान पर दबिश देकर अवैध ड्रग निर्माण फैक्‍ट्री का खुलासा किया। प्रारंभिक पूछताछ में प्राप्त तथ्यों के आधार पर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण, परिवहन एवं तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा इस अवैध कारोबार से जुड़े संपूर्ण नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।