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मोबाइल नोटिफिकेशन बना जाल, यमुनानगर में ASI के खाते से लाखों रुपये गायब

यमुना नगर. रेलवे पुलिस के एएसआइ साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आया। जिस पर क्लिक किया तो मोबाइल बंद हो गया। उस समय अधिक ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक इसी तरह से मोबाइल बंद होता रहा। बाद में खाता चेक किया तो उसमें से यूपीआइ के माध्यम से 3.27 लाख रुपये साफ हो चुके थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उनकी पत्नी के बयान पर मामला दर्ज किया है। नरेंद्रनगर निवासी आशा रानी ने बताया कि उसका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। पति रेलवे पुलिस में एएसआइ हैं। इस समय उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है। बैंक खाते को गूगल पे से पति ने अपने मोबाइल में लिंक किया हुआ है। 27 जून को पति ड्यूटी से छुट्टी पर यमुनानगर आए हुए थे। बच्चों का दाखिला चेक करने के लिए पति ने गूगल पे पर बैलेंस चेक किया तो खाते में कुल चार हजार रुपये ही थे। यह देखकर हैरान रह गए। जिस पर तुरंत बैंक में गए। वहां जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि किसी ने धोखे से यूपीआइ के माध्यम से अलग-अलग कर खाते से तीन लाख 27 हजार 999 रुपये निकाल लिए। वहीं एक अन्य मामले में प्रतापनगर निवासी युवती को निवेश के नाम पर ठग लिया गया। टेलीग्राम आइडी पर आए मैसेज से वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई। उसे निवेश कर लाभ कमाने का झांसा दिया गया। उसने अलग-अलग कर एक लाख 71 हजार रुपये निवेश किए। शुरूआत में उसकी आइडी पर लाभ दिखता रहा। बाद में आइडी ब्लाक हो गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

रेड लाइट तोड़ते ट्रक ने ली नाबालिग की जान, चंडीगढ़ में बड़ा सड़क हादसा

चंडीगढ़. हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 वर्षीय सुशांत की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह अपने पिता के साथ हल्लोमाजरा स्थित एक दुकान से सामान लेकर साइकिल पर घर लौट रहा था। पिता बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि सुशांत साइकिल से उनके साथ-साथ चल रहा था। इसी दौरान रेड लाइट जंप कर आए तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक सुशांत के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल किशोर ने अपने पिता के सामने ही दम तोड़ दिया। बेटे की आंखों के सामने हुई इस दर्दनाक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुआ। आरोप है कि चालक ने रेड लाइट की अनदेखी करते हुए तेज गति से ट्रक निकालने की कोशिश की, जिससे साइकिल सवार सुशांत उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर तलाश शुरू की और कुछ ही समय बाद आरोपी ट्रक चालक को डेराबस्सी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व मौत का कारण बनने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। ट्रक ने की रेड लाइट जंप स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर अक्सर भारी वाहन ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए रेड लाइट जंप करते हैं। लोगों ने इस चौराहे पर सख्त निगरानी और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

घर में भगवान गणेश की फोटो रखने की सही दिशा और वास्तु के महत्वपूर्ण नियम

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभता का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि नए घर में प्रवेश हो, ऑफिस की शुरुआत हो या किसी शुभ काम की शुरुआत, सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. लेकिन कई लोग घर में गणेश जी की फोटो या मूर्ति तो लगा लेते हैं, मगर यह नहीं जानते कि उसे किस दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही दिशा में रखी गई भगवान गणेश की तस्वीर घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है. आइए जानते हैं कि गणेश जी की फोटो किस दिशा में लगाना चाहिए. साथ ही फोटो लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.   इस दिशा में लगाएं भगवान गणेश की फोटो वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान गणेश की फोटो या मूर्ति उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. कहा जाता है कि यहां गणेश जी की तस्वीर लगाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का माहौल बना रहता है. अगर घर में पूजा का कमरा है, तो वहीं गणेश जी की तस्वीर रखना सबसे अच्छा माना जाता है.  मुख्य द्वार पर गणेश जी की फोटो कैसे लगाएं? कई लोग घर के मुख्य दरवाजे पर गणेश जी की तस्वीर लगाते हैं. वास्तु के अनुसार, अगर आप मुख्य द्वार पर गणेश जी की फोटो (Ganesh Ji Photo Direction) लगा रहे हैं, तो दरवाजे के अंदर की ओर तस्वीर लगाना बेहतर माना जाता है.  कुछ मान्यताओं के अनुसार, अगर दरवाजे के एक तरफ गणेश जी की तस्वीर लगाई जाए, तो दूसरी तरफ भी उसी स्थान पर एक और तस्वीर लगाई जाती है. ऐसा इसलिए माना जाता है ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बना रहे.  किस दिशा में नहीं लगानी चाहिए गणेश जी की तस्वीर वास्तु मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की तस्वीर को दक्षिण दिशा में लगाने से बचना चाहिए. इसके अलावा, सीढ़ियों के नीचे, बाथरूम के पास या ऐसी जगह जहां साफ-सफाई न रहती हो, वहां भी गणेश जी की फोटो या मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. इन स्थानों पर भगवान की तस्वीर रखना शुभ नहीं माना जाता.  कैसी होनी चाहिए गणेश जी की तस्वीर? अगर आप घर के लिए गणेश जी की फोटो चुन रहे हैं, तो बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर (Ganesh Ji Photo Direction) को शुभ माना जाता है. वहीं, ऑफिस के लिए खड़े हुए गणेश जी की तस्वीर भी अच्छी मानी जाती है, क्योंकि यह सक्रियता और प्रगति का प्रतीक मानी जाती है. इसके अलावा, ऐसी तस्वीर चुनें जिसमें भगवान गणेश का चेहरा शांत और प्रसन्न दिखाई दे. टूटी, फटी या धुंधली तस्वीर का उपयोग करने से बचें.  एक साथ कितनी तस्वीरें रखना सही है? वास्तु मान्यताओं के अनुसार, एक ही स्थान पर बहुत अधिक गणेश जी की मूर्तियां या तस्वीरें रखने (Ganesh Ji Photo Direction) से बचना चाहिए. बेहतर है कि एक या दो तस्वीरें ही रखें और उनकी नियमित रूप से साफ-सफाई और पूजा करें. 

पुलिस ने कोचिंग संस्थानों का किया निरीक्षण, फायर सेफ्टी समेत सुरक्षा इंतजामों की परखी हकीकत

राजनांदगांव. शहर के कोचिंग संस्थानों में पुलिस की टीम ने दबिश देकर फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा मानकों की बारिकी से जांच की। इस दौरान कोचिंग संस्थानों के संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए। दरअसल, पुलिस टीम द्वारा 29 जून को पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में राजनांदगांव शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पावर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना कोतवालीतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने कोचिंग संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों आपातकालीन निकास, काली खिड़कि विद्युत वायरिंग, विद्युत सुरक्षा उपकरणों, सीढ़ियों एवं विकास मार्गों सहित अन्य सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया। ज्ञात हो हाल ही में नगर सेना की टीम ने भी शहर के निजी कोचिंग सेंटरों में दबिश देकर जांच पड़ताल की थी। के साथ ही प्रशासन भी लखनऊ की घटना के बाद से ही कोचिंग सेंटरों को लेकर सतर्क हो गया है। किसी भी प्रकार के हादसे से बचने के लिए निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की जा रही है। हालांकि शहर में इस जां पड़ताल के दौरान किसी भी कोचिंग सेंटर को सौल नहीं किया गया है के निर्देश जारी किए गए है।

मानसून पड़ा कमजोर! जून में सामान्य से 42% कम बारिश, एल-नीनो ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली  प्रशांत महासागर में सक्रिय एल-नीनो का असर भारत में इस साल साफ-साफ देखने को मिल रहा है। साल 1927 से 2026 तक यह तीसरा ऐसा मौका है, जब जून का महीना सबेस सूखा साबित होने जा रहा है। महीने के अंत होने में कुछ घंटे शेष है और देश भर में 42% बारिश की कमी देखने को मिल रही है। दरअसल, जून में अब तक देश भर में औसतन केवल 92.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 157.7 मिमी होना चाहिए था। अगर आज यानी मंगलवार को जून महीने के आखिरी दिन अच्छी बारिश होती है तो कुल मिलाकर लगभग 100 मिमी बारिश होने की संभावना है। पिछले 100 सालों में कब-कब सूखा रहा जून का महीना? जून का महीना पिछले 100 सालों में तीन बार सूखा रहा है। मौसम इतिहास में जून महीने में इससे कम बारिश पिछले 100 सालों में सिर्फ 2009 (87.5 मिमी) और 2014 (92.1 मिमी) दर्ज की गई थी। यह दोनों साल 20 वर्षों के भीतर के ही हैं। राहत की बात यह है कि जून में जहां देश के अधिकांश हिस्सों, विशेष रूप से मध्य भारत में जहां अब तक मानसून की सबसे अधिक कमी रही है, वहां अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, जुलाई के पहले हफ्ते से मध्य भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून रफ्तार पकड़ेगा और अच्छी बारिश होगी। बारिश की भारी कमी बता दें कि जून के महीने में मध्य भारत में अब तक भारी वर्षा हुई है, लेकिन यह 54% तक कम है। इसके बाद पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में 41%, उत्तर-पश्चिमी भारत में 30% और दक्षिणी भारत में 28% की कमी देखी गई है। देश के चारों तरफ इतनी भारी मात्रा में बारिश की कमी शायद इस बात का संकेत है कि एल-नीनो का प्रभाव भारत के मानसून पर पड़ना शुरू हो गया है। क्या अल नीनो लाएगा सूखा, महंगाई और पानी का संकट?  जून में  देश में जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उससे 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 16 राज्यों में मानसून की रफ्तार थम गई है।  सवाल है कि क्या इस साल मानसून कमजोर पड़ रहा है? क्या अल नीनो इसकी वजह है? अगर बारिश कम हुई तो क्या होगा, क्या महंगाई बढ़ेगी? क्या फसलें प्रभावित होंगी और आखिर वैज्ञानिक क्यों कह रहे हैं कि आने वाले महीने बेहद अहम हैं? आखिर मानसून क्यों थम गया?  इस समय मानसून तेलंगाना के भद्राचलम इलाके के आसपास अटका हुआ है. मानसूनी हवाएं आगे बढ़ने की बजाय कमजोर पड़ गई हैं. 15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल गायब दिखाई दिए. IMD के मुताबिक 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य रूप से 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन हुई केवल 19.2 मिलीमीटर यानी बारिश में 64 प्रतिशत की कमी. इसी वजह से मौसम वैज्ञानिक लगातार एक शब्द दोहरा रहे हैं- अल नीनो।  क्या है अल नीनो? भारत में बारिश कम हो रही है, लेकिन इसकी कहानी हजारों किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर से शुरू होती है. सामान्य परिस्थितियों में, पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली ट्रेड विंड्स गर्म समुद्री पानी को एशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती हैं. यही गर्म पानी बादलों को जन्म देता है और यही सिस्टम भारतीय मानसून को ऊर्जा देता है, लेकिन जब ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं तो समुद्र का संतुलन बिगड़ जाता है और गर्म पानी वापस मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की ओर फैलने लगता है. समुद्र का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इसी स्थिति को वैज्ञानिक अल नीनो कहते हैं।  अल नीनो सिर्फ समुद्र का तापमान नहीं बढ़ाता. ये पूरी पृथ्वी के मौसम तंत्र को प्रभावित करता है. समुद्र गर्म होता है, उसके ऊपर की हवा गर्म होती है. बादलों का पैटर्न बदलता है. हवाओं की दिशा बदलती है और मानसून कमजोर पड़ सकता है. IMD के मुताबिक, अल नीनो के वर्षों में भारत में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका बढ़ जाती है।  एल-नीनो का प्रभाव अमेरिकी एजेंसी इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट एंड सोसाइटी के अनुसार, प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती गर्मी से एल-नीनो मध्यम तीव्रता के करीब पहुंच चुका है और आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने की आशंका है। एल-नीनो प्रशांत महासागर के पानी का गर्म कर देते है, जिसे वैश्विक मौसम प्रभावित होता है। यह हवाओं का रुख बदलकर भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसी के कारण 4 जून को केरलम पहुंचे मानसून की रफ्तार अभी तक सुस्त है और जून में देश की दैनिक वर्षा महज एक ही दिन सामान्य से अधिक रही है।  

नशे के खिलाफ एक्शन मोड में CM भगवंत मान, DC-SSP को दिए सख्त निर्देश और चेतावनी

बठिंडा पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बीते सोमवार डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए। विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है, जिससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस गति को बनाए रखते हुए नशों के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सके। बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों की सप्लाई लाइन पहले ही तोड़ी जा चुकी है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस अभियान की गति को बनाए रखना होगा और समय की मांग है कि इसे तब तक और तेज किया जाए, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा, “जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है। जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीसीज़ और एसएसपीज़ को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी नशे की बिक्री न हो और प्रत्येक नशा पीड़ित व्यक्ति को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके।  

mAadhaar App कल से करेगा काम बंद, UIDAI के नए ऐप पर ऐसे करें आसान शिफ्ट

 नई दिल्ली अगर आपके फोन में mAadhaar ऐप है, तो यह खबर आपके काम की है. सरकार ने ऐलान किया है कि 30 जून से mAadhaar ऐप बंद कर दिया जाएगा. इसकी जगह अब नया Aadhaar App इस्तेमाल करना होगा. UIDAI ने लोगों से कहा है कि वे जल्द से जल्द नया ऐप डाउनलोड कर लें।  UIDAI ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर बताया है कि mAadhaar ऐप को रिटायर किया जा रहा है. यानी अब इसमें नए अपडेट नहीं मिलेंगे और आगे चलकर इसकी सेवाएं भी बंद हो जाएंगी. इसलिए यूजर्स को नए Aadhaar App पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।  नया Aadhaar ऐप पहले वाले ऐप से काफी अलग है. इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आपको हर जगह आधार कार्ड की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी. जरूरत पड़ने पर आप ऐप से QR Code के जरिए अपनी पहचान दिखा सकेंगे।  इस नए ऐप में फेस ऑथेन्टिकेशन सिस्टम भी दिया गया है. यानी कई जगह आपकी पहचान सिर्फ चेहरे से हो सकेगी. इसके अलावा आप अपने आधार का बायोमेट्रिक लॉक भी ऐप से ऑन या ऑफ कर सकते हैं. इससे आधार से जुड़े फ्रॉड का खतरा कम हो सकता है।  नया Aadhaar App इंस्टॉल करने के लिए हम नीचे एंड्रॉयड और आईफोन लिंक दे रहे हैं. आप अपने फोन के हिसाब से लिंक पर क्लिक करके अपने फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं।   यहां से एंड्रॉयड के लिए आधार ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.  यहां से आईफोन के लिए नया आधार ऐप डाउनलोड कर सकते हैं UIDAI का कहना है कि नया ऐप आपकी प्राइवेसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है. अगर किसी जगह सिर्फ नाम और उम्र की जरूरत है, तो आपको पूरा आधार नंबर या पूरी जानकारी शेयर नहीं करनी पड़ेगी. आप जरूरत के हिसाब से ही जानकारी साझा कर सकेंगे।  अगर आप नया ऐप डाउनलोड करना चाहते हैं, तो एंड्रॉयड यूजर गूगल प्ले स्टोर और आईफोन यूजर ऐपल ऐप स्टोर पर जाकर Aadhaar App सर्च करें. यहां आपको ऐप के नाम और लोगो के साथ ऐप का पब्लिशर भी चेक करना है, क्योंकि आधार के नाम पर कई फर्जी ऐप्स भी उपलब्ध हैं जो आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं।  ऐप के नाम के नीचे पब्लिशर्स या डेवेलपर्स सेक्शन में UIDAI होना जरूरी है. दूसरे किसी आधार ऐप को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि ये मैलवेयर भी हो सकते हैं।  ऐप इंस्टॉल करने के बाद आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें. OTP और Face Authentication के बाद आपका अकाउंट तैयार हो जाएगा।  सरकार चाहती है कि आने वाले समय में आधार से जुड़े ज्यादातर काम इसी नए ऐप से किए जाएं. इसलिए अगर आप मोबाइल में आधार रखते हैं या अक्सर आधार का इस्तेमाल करते हैं, तो जितनी जल्दी हो सके mAadhaar की जगह नया Aadhaar App डाउनलोड कर लेना बेहतर होगा। 

हरियाणा के अंबाला में बड़ा हादसा, 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 3 वर्षीय बच्चा

अंबाला. गांव शाहपुर के पास गांव धन्यौडा में एक साढ़े तीन साल का निर्भय खेलते हुए 220 गहरे बोरवेल में गिर गया। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। इसके बाद सेना ने बच्चे को निकालने का मोर्चा संभाल लिया। जानकारी अनुसार, गांव धन्यौडा में साढ़े तीन साल का निर्भय अपने चाचा के साथ खेत में गया था। खेत में धान लगाई जा रही है। इस कारण चाचा का काम में ध्यान होने से बच्चे से भटक गया। इतने में बच्चा खेलते हुए 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। बोरवेल खराब होने के कारण बंद था, जो ढका हुआ नहीं था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा, मशीन मंगवाई गई। बच्चे को निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची।

नया घर बनाते समय इन 5 वास्तु नियमों का रखें ध्यान, मिलेगा सुख-शांति और आराम

नया घर बनाना हर किसी का सपना होता है. लोग चाहते हैं कि उनका घर देखने में सुंदर हो और परिवार के लिए आरामदायक भी हो, इसलिए घर बनवाने से पहले लोग डिजाइन, बजट, कमरों की जगह और दूसरी कई जरूरी चीजों की प्लानिंग करते हैं. इसके साथ ही बहुत से लोग वास्तु से जुड़ी बातों का भी ध्यान रखते हैं. उनका मानना है कि अगर घर सही तरीके से बनाया जाए, तो रहने में आसानी होती है और मन भी अच्छा रहता है. अगर आप भी नया घर बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले इन 5 बातों के बारे में जरूर जान लें. 1. प्लॉट खरीदते समय दिशा देख लें वास्तु के अनुसार, घर बनाने से पहले प्लॉट की दिशा देखना जरूरी माना जाता है. कई लोग उत्तर और पूर्व दिशा वाले प्लॉट को अच्छा मानते हैं. वहीं, दक्षिण दिशा वाले प्लॉट को लेने से बचने की सलाह दी जाती है. 2. मुख्य दरवाजा सही जगह बनवाएं घर का मुख्य दरवाजा ऐसी जगह होना चाहिए, जहां से घर में आने-जाने में आसानी रहे. वास्तु के अनुसार, उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में मुख्य दरवाजा बनाना सही माना जाता है. वहीं, दक्षिण और पश्चिम के बीच वाले हिस्से में मुख्य दरवाजा बनाने से बचने की सलाह दी जाती है. 3. टॉयलेट कहां बन रहा है, इस पर भी ध्यान दें घर बनाते समय टॉयलेट की जगह पहले से तय कर लें. वास्तु के अनुसार, मुख्य दरवाजे के ठीक सामने टॉयलेट नहीं होना चाहिए. इसके अलावा, घर के बीच वाले हिस्से और उत्तर-पूर्व दिशा में भी टॉयलेट बनाने से बचने की सलाह दी जाती है. पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को इसके लिए बेहतर माना जाता है. 4. सीढ़ियां और नौकर का कमरा सही जगह बनाएं अगर घर में नौकर का कमरा बना रहे हैं, तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं बनाना चाहिए. साथ ही, घर के बिल्कुल बीच में सीढ़ियां बनाने से भी बचने की सलाह दी जाती है. इसके लिए दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा को सही माना जाता है. 5. लिफ्ट लगाने से पहले जगह सोच ले अगर आपके घर में लिफ्ट लगने वाली है, तो उसकी जगह भी पहले तय कर लें. वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में लिफ्ट लगाने से बचना चाहिए. इसकी जगह उत्तर-पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है. आखिर लोग वास्तु की बातें क्यों मानते हैं? वास्तु शास्त्र भारत की पुरानी परंपरा का हिस्सा है. बहुत से लोग मानते हैं कि इससे घर में अच्छा माहौल बना रहता है, हालांकि ऐसा साबित करने वाला कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं है, इसलिए घर बनाते समय सिर्फ वास्तु ही नहीं बल्कि घर की मजबूती, अच्छी हवा, धूप और सेफ्टी का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए.

PGI चंडीगढ़ में पानी की बोतलों पर MRP से ज्यादा कीमत, अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आया

चंडीगढ़. पीजीआई की न्यू ओपीडी और कार्डियक सेंटर में बनी कैंटीन में ठेकेदारों की ओर से पानी की बोतलों पर एमआरपी बढ़ाकर लोगों से लूट का खेल चल रहा है। मरीजों व तीमारदारों पहले की इलाज के चलते पैसों की किल्लत झेल रहे होते हैं, लेकिन मजबूरी का फायदा उठा कर कैंटीन संचालक उनकी जेब पर सेंधमारी कर रहे है। न्यू ओपीडी और कार्डियक सेंटर में बनी कैंटीन में 20 रुपये की पानी की बोतल पर 30 रुपये वसूले जा रहे हैं। पूरे शहर में पानी की बोतल 20 रुपये में उपलब्ध है और ऑनलाइन 15 रुपये में उपलब्ध है। इस प्रकार के कई मामलों की शिकायतें पीजीआई प्रशासन के पास पहुंच चुकी है, लेकिन कैंटीन संचालकों पर किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हर दिन पीजीआई में इलाज के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से 12 से 15 हजार मरीज आते हैं। मरीजों के साथ ही तीमारदारों की संख्या भी इतनी ही है। यानी हर दिन अस्पताल में 28 से 30 हजार लोग आ रहे हैं। ऐसे में कैंटीन संचालकों की ओर से हजारों लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोगों को आस पास खाने पीने का सामान कहा मिलेगा इसकी जानकारी नहीं होती है, इसका फायदा उठाकर ही कैंटीन संचालक लोगों की जेब पर डाका डाल रहे है। ओवरचार्जिंग के बहुत सारे वीडियो इंटरनेट पर भी वायरल हो चुके है। प्रिंट रेट पर पानी बेचा जा रहा- वीडियो बनाने वाले लोग फ्री बहुत है। 20 रुपये प्रिंट रेट वाली बोतल के 20 और 30 रुपए वाली प्रिंट वाली बोतल के 30 रुपये लिए जा रहे है। पीजीआइ के टेंडर के मुताबिक प्रिंट रेट पर पानी बेचा जा रहा है। -पवन छाबड़ा, कैंटीन संचालक, कार्डियक सेंटर, पीजीआई प्रीमियम पानी है – 20 रुपये में बिकने वाला पानी सामान्य पानी है, जो हर जगह 20 का ही मिलता है। इसके साथ जो पानी की बोतल 30 रुपये की बेची जा रही है। वही प्रीमियम पानी है। -धीरज धवन, कैंटीन संचालक, न्यू ओपीडी, पीजीआई ब्रांच को कार्रवाई के दिए निर्देश- मामला संज्ञान में आ गया है। संबंधित ब्रांच को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए है। नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पंकज राय, डिप्टी डायरेक्टर, पीजीआई विक्रेता के खिलाफ की जा सकती है कार्रवाई – उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप भारद्वाज बताते हैं कि किसी भी उत्पाद की मूल एमआरपी या लेबल में बदलाव कर अधिक कीमत वसूलना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में खरीद का बिल सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। हर उपभोक्ता को खरीदारी के समय बिल अवश्य लेना चाहिए और उस पर दर्ज कीमत का मिलान उत्पाद पर अंकित एमआरपी से करना चाहिए। यदि अधिक कीमत वसूली गई है तो बिल और उत्पाद की फोटो सुरक्षित रखकर उपभोक्ता आयोग या संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।