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डोनाल्ड ट्रंप की ताकत बढ़ी! सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने दिए व्यापक अधिकार

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी ताकत दी है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मानें तो अब वह किसी भी एजेंसी चीफ को कभी भी बटा सकते हैं. जी हां, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति की शक्तियों का दायरा काफी बढ़ा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्वतंत्र फेडरल एजेंसियो के प्रमुखों को हटाए जाने के फैसले को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में  कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब स्वतंत्र संघीय एजेंसियों के प्रमुखों को अपनी इच्छा से पद से हटा सकते हैं. हालांकि, इस फैसले में फेडरल रिजर्व यानी अमेरिकी केंद्रीय बैंक को इससे अलग रखा गया है।  सुप्रीम कोर्ट ने क्या अपवाद रखा? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों अपने फैसले में यह भी कहा कि फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक (Lisa Cook) फिलहाल अपने पद पर बनी रहेंगी. वह ट्रंप प्रशासन की ओर से उन्हें हटाने की कोशिश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर मॉर्गेज फ्रॉड के आरोप लगाए हैं. हालांकि, कुक ने इन आरोपों से इनकार किया है।  अब ट्रंप को वजह बताने की जरूरत नहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, फेडरल रिजर्व को छोड़कर बाकी स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने के लिए अब राष्ट्रपति को किसी खास वजह अथवा कारण की जरूरत नहीं होगी. इससे पहले संघीय कानूनों के तहत ऐसे अधिकारियों को हटाने के लिए ठोस कारण बताना जरूरी था. यानी देश के सेंट्रल बैंक को छोड़कर कोर्ट ने माना कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से एजंसियों के प्रमुखों को हटा सकते हैं।  सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 91 साल पुराना फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 91 साल पुराने अपने ही ऐतिहासिक फैसले Humphrey’s Executor v. United States को भी पलट दिया. उस फैसले में राष्ट्रपति के अधिकार सीमित किए गए थे ताकि स्वतंत्र एजेंसियां राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम कर सकें. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कोर्ट के 6 कंजर्वेटिव जजों के बहुमत से आया, जिसे ट्रंप प्रशासन की शक्तियों में बड़ी बढ़ोतरी के तौर पर देखा जा रहा है. इस बेंच में 9 जज शामिल थे।  चीफ जस्टिस ने क्या कहा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को अधिकारियों को हटाने से रोकने वाली व्यवस्था संविधान में तय शक्तियों के बंटवारे के खिलाफ है. जजों ने फेडरल ट्रेड कमीशन की पूर्व सदस्य रेबेका स्लॉटर के मामले में फैसला सुनाया, जिन्हें ट्रंप ने बिना किसी कारण के निकाल दिया था, जबकि फेडरल कानून के एक नियम के अनुसार कारण बताना जरूरी है।  इस फैसले का लॉजिक दूसरी एजेंसियों पर भी लागू होता है, जिनमें नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड, मेरिट सिस्टम्स प्रोटेक्शन बोर्ड और कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमीशन शामिल हैं, जहां ट्रंप ने बोर्ड के सदस्यों को भी निकाल दिया है. इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप काफी खुश हैं।  डोनाल्ड ट्रंप हुए खुश डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्रुथ सोशल पोस्ट में इस फैसले पर अपनी खुशी और सहमति जताई. उन्होंने लिखा, ‘यह बहुत सम्मान की बात है कि मौजूदा प्रेसिडेंट होने के नाते यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व फैसला मिला, जो प्रेसिडेंशियल शक्तियों के संबंध में अब तक दिए गए सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है। 

मोहर्रम पर लुधियाना में DJ और डांस का VIDEO चर्चा में, शाही इमाम बोले- शोक के दिन जश्न शर्मनाक

लुधियाना लुधियाना में मोहर्रम के दिन मुस्लिम युवकों ने एक कार्यक्रम करवाया। जिसमें डीजे पर मियां-मियां भाई बज रहा था और मुस्लिम युवक हाथों में तलवारें, लाठियां, डंडे लेकर हंसते हुए डांस करते रहे। वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान उर रहमानी ने दी सफाई।  शाही इमाम ने कहा कि मोहर्रम पर इस तरह का हुड़दंग व बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। शाही इमाम ने देशभर के मुस्लिम नेताओं व उलेमाओं से अपील की है कि जहां-जहां मोहर्रम पर इस तरह की घटनाएं हुई, वहां पर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए ताकि भविष्य में ऐसा न हो। शाही इमाम यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए यह शर्म की बात है। शोक वाले दिन पर जश्न मनाया जा रहा है। शराब पी रहे हैं, सरे आम लाठियां डंडे व तलवारें लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर मुस्लिमों को क्या जवाब देंगे? शाही इमाम ने वीडियो जारी कर कही ये अहम बातें…     व्यवस्था और जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते उलेमा: शाही इमाम ने देश के सभी तबकों के उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम का दिन निकल चुका है और सबने अपने-अपने तरीके से शहीदों को याद किया। लेकिन अब मोहर्रम मनाने वालों पर किसी की निगरानी या कंट्रोल नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि बहुत सी चीजें शरियत में लिखित रूप में नहीं होतीं। जैसे अगर कोई जलसा होता है, तो यह शरियत में नहीं लिखा कि गेट पर कौन खड़ा होगा या मेहमानों को कौन रिसीव करेगा—यह एक प्रशासनिक व्यवस्था होती है जो हमें खुद बनानी पड़ती है।" उन्होंने सवाल उठाया कि उलेमा और जिम्मेदार लोग अपनी इस जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं?     शराब के ठेकों पर भीड़ शर्मनाक: शाही इमाम ने लुधियाना की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि मोहर्रम के मौके पर बहुत से लोग बेतरतीब तरीके से लाठी, डंडे और तलवारें लेकर सड़कों पर निकले। डीजे लगाकर गाने बजाए जा रहे थे, औरतें बेपर्दा गुजर रही थीं और सबसे ज्यादा शर्म की बात यह थी कि शराब के ठेकों पर ऐसे हुड़दंगियों की भीड़ लगी हुई थी।     गैर-मुस्लिमों को क्या मुंह दिखाएंगे?: उन्होंने भावुक होकर कहा, "आप अंदाजा लगाएं, जब गैर-मुस्लिम लोग हमसे पूछते हैं कि आज मोहर्रम का कौन सा दिन है, तो हम उन्हें क्या बताएं? क्या हम उन्हें यह बताएं कि आज हमारे धर्म में शहादत का दिन है, आज के दिन पैगंबर के बड़े घराने ने मानवता के लिए कुर्बानी दी थी? एक तरफ यह इज्जत और शालीनता का दिन है, और दूसरी तरफ सड़कों पर यह तमाशा हो रहा है!"     गलत काम करने वाले का हाथ पहले हम पकड़ेंगे: शाही इमाम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि हम मुसलमान हैं। अगर कोई मुसलमान गलत काम करेगा, तो उसका हाथ सबसे पहले हम ही पकड़ेंगे, कोई और नहीं पकड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मोहर्रम के नाम पर पीपीणियां बजाईं, लाठियां भांजीं, नाचे-गाए और शराब पीकर मर्यादा तार-तार की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।     आयोजकों और हुड़दंगियों पर होगी FIR: उन्होंने देश भर के मुसलमानों से अपील की कि जिन भी कमेटियों या लोगों ने इन कार्यक्रमों के लिए सरकारी परमिशन ली थी, और वहां मर्यादा का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दें ताकि मुकदमा दर्ज हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "कान खोलकर सुन लें, अब ऐसी बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के जरिए ऐसी गुंडागर्दी और बदमाशी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।"     जो अहले-बैत को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसा?: शाही इमाम ने अंत में धर्म की बुनियादी बात याद दिलाते हुए कहा कि जो इंसान अहले-बैत का सम्मान नहीं करता, जो कर्बला की शहादत और उसके संदेश को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसे हो सकता है? मोहर्रम शोक का दिन है, इसमें जश्न मनाना पूरी तरह से इस्लामियत के खिलाफ है। शाही इमाम को क्यों आया गुस्सा दरअसल, पूरा विवाद लुधियाना के दाना मंडी में मोहर्रम के दिन आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिस पर लोगों ने सवाल खड़े करने शुरू किए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ मुस्लिम युवा हाथों में डंडे और नंगी तलवारें लहरा रहे हैं। पृष्ठभूमि में लाउडस्पीकर पर 'मियां भाई' जैसे फिल्मी और रैप गाने बज रहे हैं, जिस पर यह युवक शोक मनाने के बजाय थिरक रहे हैं और हुल्लड़बाजी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में पटाखे चलाने, गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से दौड़ाने और जिस्म पर तेल डालकर अजीब हरकतें करने के मामले भी सामने आए। इस वीडियो के शाही इमाम के पास पहुंचने के बाद आम मुस्लिम समाज और शिया समुदाय ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। पंजाब के शिया संप्रदाय से भी अपील की गई है कि अजादारी की एक अपनी तहजीब और मुकाम है, इस तरह का हुड़दंग अजादारी और इस्लाम दोनों का अपमान है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में धर्मांतरित परिवारों का विरोध, गांव छोड़ने का दबाव; सामान बाहर फेंका

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भरण्डा के बाद खड़का गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद शुरू हो गया है. धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. आदिवासी सामाज के लोगों ने धर्मांतरित परिवारों के घरों से सामानों को बाहर निकाल दिया है. इसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. दरअसल, पूरा मामला खड़का गांव का है. जहां आदिवासी समुदाय और धर्मांतरित परिवारों के बीच भारी विवाद की स्थिति बनी हुई है. ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवारों पर गांव छोड़ने का दबाव बनाते हुए उनके घरों से सामान बाहर निकाल दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि धर्मांतरित परिवार गांव के सामाजिक कार्यक्रमों में अन्य ग्रामीणों की तरह चंदा दें और आदिवासी देवी-देवताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को मानें. वहीं प्रभावित परिवारों का कहना है कि वह साल में केवल एक बार ही चंदा देंगे, लेकिन आदिवासी धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करेंगे. इसको लेकर तनाव बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई भी अपिहार्य घटना न हो. मामले में प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि हाल ही में भरण्डा गांव में आदिवासी ग्रामीणों ने 26 धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने के लिए कहा था. उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि ईसाई धर्म अपना चुके लोग पुरानी संस्कृति में लौटें या फिर गांव छोड़ दें.

यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में खींचतान? राजेंद्र गौतम ने सीट बंटवारे पर सपा के सामने रखी बड़ी मांग

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायंस में सीट शेयरिंग को लेकर अभी से खींचतान शुरू हो गई है. यूपी चुनाव में संभावित गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस ने खुद को सपा से बड़ी पार्टी बताते हुए ज्यादा सीटों की डिमांड की है. नवनियुक्त कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम ने  कहा कि यूपी में सीटों में बराबर की हिस्सेदारी होनी चाहिए. कांग्रेस बड़ा भाई है. राजेंद्र गौतम ने यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन से जुड़े सवाल पर ये बातें कहीं।  राजेंद्र गौतम ने कांग्रेस को बताया बड़ा भाई समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग के सवाल पर कांग्रेस के राजेंद्र गौतम ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है. कांग्रेस के नेतृत्व में आजादी मिली और देश का निर्माण हुआ. बीजेपी का मुकाबला करने की हिम्मत क्षेत्रीय पार्टियों में नहीं. इस सच को स्वीकार करना होगा. बीजेपी ने क्षेत्रीय पार्टियों के सांसदों और विधायकों को तोड़ा. कांग्रेस ही बीजेपी को हरा सकती है. कांग्रेस तो बड़ा भाई है ही, क्योंकि हम राष्ट्रीय पार्टी हैं. यूपी में हम बराबर के साझेदार हैं, भाई-भाई हैं. हिस्सेदारी और सम्मान बराबर का होनी चाहिए।  बीएसपी को गठबंधन के लिए भेजा सिग्नल मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ संविधान बचाने वालों को एकजुट होना चाहिए. जो देश को बचाना चाहते है उन्हें एकजुट होना चाहिए. मेरा स्पष्ट मानना है कि बीजेपी के खिलाफ संविधान में विश्वास करने वाले को एक साथ होना चाहिए. कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करेंगे. हम हर तरह के लोगों से मिलेंगे।  सीएम योगी को बताया डरा हुआ सीएम उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बौखलाहट में नजर आ रहे हैं. कहा कि बीजेपी भगवान श्रीराम के चंदा चोरों को बचा रही है. चंदा चोरी से बीजेपी की मंशा सामने आई है. बीजेपी का बस चले तो भविष्य में चुनाव न कराएं. न्यायपालिका डरी हुई है और चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है।  आरोप लगाया कि सीएम योगी ने पुलिस को हत्यारा बना दिया है, गरीबों के घर बुलडोजर चल रहा है. योगी डरे हुए हैं और उनकी सत्ता जाने वाली है. चंदा चोर को बचाने की कोशिश है. कांग्रेस नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा और जीता जाएगा।  राजेंद्र गौतम ने कहा कि यूपी चुनाव में जिस भी पार्टी के साथ गठबंधन होगा उससे बात करके ही घोषणापत्र तैयार किया जाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि एक जुलाई से यूपी का दौरा शुरू करेंगे। 

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, 50 जिलों में अलर्ट जारी; खरगोन में गाज गिरने से 2 की मौत, बैतूल में मिले 2 शव

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले। छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया। इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है। पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश     कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।     ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

‘शराब छोड़ो, वरना खंभे से बंधोगे’… बालाघाट में पत्नी ने शराबी पति को बांधकर मुंह पर चिपकाया टेप

बालाघाट  बालाघाट के बुढ़ी क्षेत्र में महिलाएं पिछले करीब 80 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चल रही शराब दुकान के कारण परिवारों में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।  45 साल से संचालित हो रही है शराब दुकान स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ी क्षेत्र में यह शराब दुकान पिछले करीब 45 वर्षों से संचालित हो रही है। वार्ड की महिलाओं ने इसे हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है और वे लगातार धरना दे रही हैं। धरने के दौरान संजू चौधरी नाम का एक व्यक्ति अत्यधिक शराब पीकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। संजू चौधरी आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाओं में शामिल एक महिला का पति है। महिलाओं से की अभद्रता आरोप है कि संजू चौधरी ने नशे की हालत में आंदोलनकारी महिलाओं के बीच पहुंचकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की। अपने पति की हरकत देखकर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। उसने अन्य महिलाओं की मदद से संजू चौधरी को बीच सड़क पर बिजली के खंभे से बांध दिया। मुंह पर चिपकाई सेलोटेप महिलाओं ने गाली-गलौज और हंगामा रोकने के लिए संजू चौधरी के मुंह पर सेलोटेप भी चिपका दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझाइश दी और काफी मशक्कत के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद मामला शांत कराया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो शराबी पति को खंभे से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग महिला के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। महिलाओं ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी आंदोलनकारी महिला मंजीता सोनवाने और अन्य वार्डवासियों का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन 45 साल पुरानी शराब दुकान को वहां से नहीं हटाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक, प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली जोधपुर हाउस में यमुना जल समझौते को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्थान को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता है, और यह समझौता प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. उन्होंने कहा कि 29 जून का दिन राजस्थान के लिए ऐतिहासिक है, और प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया.  "कांग्रेस ने नहीं किया समाधान"  मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की पानी की पीड़ा को समझते हुए इसे प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि इस समझौते से राजस्थान की प्यासी धरती को पानी मिलेगा.  सीएम भजनलाल ने गृह मंत्री का जताया आभार  भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी.  "राजस्थान कर रहा विकास" मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और प्रदेश विकास योजनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में अनेक विकास कार्य हुए हैं, और डबल इंजन की सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरी है.  उन्होंने कांग्रेस पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने कभी जनता के हित में काम नहीं किया. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में रिफाइनरी परियोजना का उद्घाटन करेंगे. 

डॉक्टरों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर, बिहार के 15 हजार स्वास्थ्य संस्थानों में होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

पटना  बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी संभालने के बाद निशांत कुमार फुल ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। वो ताबड़तोड़ अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही पर ऐक्शन ले रहे हैं तो वहीं वो बड़े-बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अब निशांत कुमार ने ऐलान किया है कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के पीछे सरकार की यह मंशा है कि वो डॉक्टरों पर निगरानी रख सकें कि अस्पताल में वो किस तरह से अपना काम कर रहे हैं।निशांत कुमार ने यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल और सभी सीएचसी को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में डेवलप किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम जो दवा दे रहे हैं वो जनता तक पहुंचे। हम इस बात को लेकर प्रयासरत हैं कि दवा सही मात्रा में और सही ढंग से जनता तक पहुंच सके। हमारी सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों या अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी की। इसके लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और हम इन सभी में अब कैमरा लगवा रहे हैं। हम एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं कि कोई भी डॉक्टर अस्पताल में आता है, जाता है तो उसके बीच में वो क्या करता है उसका रिकॉर्ड हम रख सकें। मान लीजिए अगर कोई डॉक्टर 9 बजे आया और 1 बजे गया तो इस बीच में उसने ओपीडी किया या आईपीडी किया याा फिर उसने सर्जरी की या क्या कुछ किया उन सभी चीजों का रिकॉर्ड हमारे पास रहेगा। सभी जगहों पर हम कैमरा लगा रहे हैं ताकि हम कैमरे से ही निगरानी कर सकें। मैं खुद इसको मॉनीटरिंग करूंगा।’ निशांत कुमार ने बताया है कि बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-थ्री और पांच लेवल-टू ट्रामा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। PMCH के प्राचार्य पर हुआ था ऐक्शन बता दें कि इससे पहले पटना स्थित PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जब दौरा किया था तब लापरवाही के आरोप में प्राचार्य पर ऐक्शन भी लिया गया था। बिहार सरकार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पीएमसीएच के पूर्व निर्धारित निरीक्षण के बाद की गई थी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया था कि प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना नहीं दी थी और न ही अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया। नरेंद्र सिंह को अब बेतिया में प्रोफेसर के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, पटना चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. गीता सिन्हा को अगले आदेश तक पीएमसीएच की प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी अचानक हुए महंगे, कीमतों में ₹8500 तक की तेज बढ़ोतरी

नई दिल्ली  सोने और चांदी में लगातार तीन हफ्तों से जारी गिरावट के बाद मंगलवार, 30 जून को अचानक उछाल (gold silver price) आया। दोपहर दो बजे के आसपास गोल्ड-सिल्वर में तेजी आई, जो वैश्विक बाजार कॉमेक्स और भारतीय घरेलू बाजार MCX पर भी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 2.60 डॉलर उछलकर 4040 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया। जबकि चांदी में 1.52 फीसदी की तेजी आई और कीमत 60 डॉलर के करीब पहुंच गई। MCX पर कहां पहुंचे गोल्ड-सिल्वर के दाम? वहीं एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1952 रुपए उछलकर 1,42,402 रुपए के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया। इस दौरान सोना 1,42,384 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,42,402 रुपए (gold rate today) पर क्लोज हुआ था। चांदी की बात करें जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में 8500 रुपए का जोरदार उछाल आया। खबर लिखे जाने तक चांदी 2.05 फीसदी यानी 4493 रुपए उछलकर 2,23,899 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर ट्रेड कर रही थी। इस दौरान इसका हाई लेवल 2,27,980 रुपए और लो लेवल 2,17,333 रुपए (silver price today) रहा। पिछले दिन यह 2,19,406 रुपए पर क्लोज हुई थी। यानी पिछले क्लोज और आज के हाई लेवल की तुलना करें चांदी में 8,574 रुपए महंगी हो गई।

36 लाख लोगों के खाते में पहुंचेगी राहत, पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए जारी किए ₹1583 करोड़

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, अनाथ एवं आश्रित बच्चों तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1,583 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। सरकार का कहना है कि इस राशि के माध्यम से लाखों पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें दैनिक जीवन की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सके। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सोमवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के तहत कुल 6,131.91 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट का उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। हर व्यक्ति तक पहुंचे आर्थिक सहायता उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से पंजाब के लगभग 36 लाख लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी देरी के आर्थिक सहायता पहुंचे और किसी भी लाभार्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक जारी की गई कुल राशि में से 1,048 करोड़ रुपये से अधिक बुजुर्ग पेंशन के रूप में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। 535 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी जारी इसके अलावा विधवाओं, बेसहारा महिलाओं, अनाथ एवं आश्रित बच्चों तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 535 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार के लिए सामाजिक सुरक्षा केवल बजटीय प्रावधान नहीं, बल्कि जरूरतमंद वर्गों के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विभाग ने लाभ वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारु बनाया है, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक बिना किसी देरी के सहायता पहुंच सके।