samacharsecretary.com

मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 13 बैगा बच्चों की शिक्षा में हुई वापसी- डॉ वर्णिका शर्मा रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संवेदनशील प्रयासों और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा समुदाय के 13 बच्चों को न केवल बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में कबीरधाम जिले के भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव तथा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित पशुपालन फार्मों में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया था। 8 से 15 वर्ष आयु के 13 बैगा आदिवासी बच्चों को कथित रूप से परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर ले जाया गया था और उनसे मवेशी चराने सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे थे। बच्चों से सुबह से देर रात तक काम लिया जाता था तथा उन्हें उचित मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। मामले की जानकारी मिलने पर कवर्धा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्डलाइन तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के संयुक्त अभियान के माध्यम से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 2 मानव तस्करों एवं 6 नियोक्ताओं सहित कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि कोई भी बच्चा दोबारा शोषण का शिकार न हो। आयोग के निर्देशों के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला द्वारा 10 जून 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी 13 बैगा बच्चों का विद्यालयों में पुनः प्रवेश करा दिया गया है। साथ ही उन्हें शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे का बचपन, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उसका संवैधानिक अधिकार है। बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। इन बच्चों की स्कूल वापसी केवल प्रवेश की औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सपनों, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की पुनर्स्थापना है।

मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान: शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम से सजा प्रेरक आयोजन

मेधावी प्रतिभाओं का अभिनंदन : शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम का बना प्रेरक आयोजन भोपाल  प्रतिभा जब सम्मान पाती है तो वह केवल व्यक्ति का उत्साह नहीं बढ़ाती, बल्कि समाज के भविष्य को दिशा देती है। इसी भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शहर के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उत्सव बन गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व कमिश्नर शहडोल संभाग डॉ.राजीव शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि संस्थान के डायरेक्टर श्री मनीष सिन्हा, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी, संयुक्त सचिव अजय सिंह तथा मीडिया टुडे के डायरेक्टर अनुज यादव उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा को केवल अंक प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का विचारक, नीति निर्माता और समाज का नेतृत्वकर्ता होगा। इसलिए युवाओं में ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी उतना ही आवश्यक है। डॉ.जोशी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश प्रेस क्लब द्वारा समाजहित, जनजागरण, शिक्षा प्रोत्साहन एवं सकारात्मक सामाजिक चेतना के लिए देशभर में संचालित विविध अभियानों और आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का दायित्व भी निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अध्ययन के साथ मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति रही। मधुर सैन्य धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय भाव से ओतप्रोत कर दिया और उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा अतिथियों में उत्साह का संचार किया। इस अवसर पर महर्षि संस्थान द्वारा ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (भावातीत ध्यान) की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक शांति, एकाग्रता और आंतरिक चेतना का विकास आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। संस्थान के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के महत्व से भी अवगत कराया। अजय सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग और परिवार व शिक्षकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने की इस अभिनव पहल के लिए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान की सराहना की तथा इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम का संचालन महर्षि संस्थान के  उद्घोषक प्रियम पटेरिया ने किया। अंत में राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक चिंतन की भूमिका को रेखांकित करते हुए समारोह का समापन हुआ। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जब प्रतिभा को सम्मान, शिक्षा को मूल्य और युवाओं को सही दिशा मिलती है, तब एक सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार होती है।

राजनांदगांव में 76 करोड़ का GST घोटाला! फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर रायपुर राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

सायबर अपराध में “सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की जरूरत, हर नागरिक बने डिजिटली जागरूक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायबर अपराध में "सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव सायबर सुरक्षा के 3 सूत्र अपनाएं- जागरूकता, सावधानी और सहभागिता सायबर धोखाधड़ी होने पर अविलंब 1930 पर करें शिकायत  अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी भी किसी से साझा न करें  संकटमोचक हनुमान जी की भूमिका में हमेशा रहती है मध्यप्रदेश पुलिस कोई अनजान लिंक मिले, कोई डराये धमकाए तो रुको, सोचो और फिर एक्शन लो सायबर जागरूकता पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए बुकलेट्स तथा अभियान का वीडियो किया लाँच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक 2.0 का किया शुभारंभ 24 जून से 8 जुलाई तक चलेगा यह राज्य व्यापी जागरूकता अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है , जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। सावधानी ही सुरक्षा है और जानकारी ही बचाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की जनता को सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र 'जागरूकता, सावधानी और सहभागिता' के बारे में बताकर कहा कि जो लोग सायबर सुरक्षा की जानकारी रखते हैं, वे दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान’ के तहत "सेफ क्लिक 2.0'' के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांव में एक साथ चलेगा। इस अभियान के तहत सायबर ठगी और अन्य अपराधों से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार की गई सायबर जागरूकता बुकलेट्स तथा अभियान के ऑफिशियल वीडियो का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सायबर जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। समापन पर प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में विभिन्न सायबर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। अब अभियान का विस्तार पंचायतों, स्कूलों, बैंकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1700 सेवाएं एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सायबर खतरे अदृश्य रूप में हमारे जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों के प्रति प्रदेशवासियों को जागरुक करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस का "सेफ क्लिक 2.0'' सायबर जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अभियान से प्रदेश के सभी नागरिक जागरूक होंगे। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधी एक प्रकार से डिजिटल दौर के राक्षस हैं, जो दबे पाँव लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक, डेटा ब्रीजिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, रेनसमवेयर अटैक जैसे अनेक प्रकार के सायबर अपराध संचालित हैं। लेकिन सायबर अपराधों के मामले में सावधानी ही बचाव है। मध्यप्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार सायबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस बधाई की पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष अपने सायबर जागरुकता अभियान के माध्यम से लगभग 33 लाख से अधिक नागरिकों को सतर्क किया था। इस वर्ष 15 दिन तक चलने वाले "सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में हर दिन अलग थीम रखी गई है। इस दौरान लोगों को बैंकिंग, महिला सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के बारे में बताया। यह अभियान बैंकों, बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए लोकरंजन के रुचिकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। सायबर सुरक्षा को जागरूकता, सावधानी और सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बनाया जाएगा। सायबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। यह नंबर सायबर अपराध के मामले में सबसे पहले पीड़ितों की ढ़ाल बनता है। लालच और जल्दबाजी कर सकती है आर्थिक नुकसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि अगर आपको कोई अनजान लिंक मिले या डराने धमकाने की कॉल आए तो "रुको, सोचो और फिर एक्शन लो''। लालच और जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पुलिस के अभियान को जन जागरुकता अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम सभी सहभागी बनें। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को भारत सरकार ने लागू किया है। प्रदेश में कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। यह एक प्रशंसनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि "सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में बैकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों सबको जोड़ा गया है। अभियान को शुरू करने का यही सही समय है, क्योंकि हमारी युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में प्रवेश ले रही है। जागरुकता ही सायबर क्राइम से बचने का है सुरक्षा कवच : डीजीपी मकवाना पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से … Read more

7.5 तीव्रता के भूकंप ने वेनेजुएला को हिलाया, इमारतें ढहीं और इंटरनेट ठप; हजारों मौतों का डर

काराकास वेनेजुएला में आए लगातार दो जोरदार भूकंपों ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है. राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में इमारतों के ढहने की खबरें सामने आई हैं, जबकि हजारों लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. USGS यानी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है।  वेनेजुएला में पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन इलाके के पश्चिम में था। भूकंप की गहराई करीब 22 किलोमीटर दर्ज की गई. इसके कुछ ही वक्त बाद एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।  अमेजन शहर तक भूकंप का असर एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. यहां तक कि करीब 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जैसे शहरों में भी इमारतों को खाली कराना पड़ा. बुधवार देर रात, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं।  भूकंप के तीन घंटे के अंदर देश को संबोधित न करने और उस दौरान सरकार की ओर से किसी के घायल होने या मारे जाने की कोई रिपोर्ट न दिए जाने पर राजनेताओं और वेनेज़ुएला के लोगों ने रोड्रिग्ज की आलोचना की।  वेनेजुएला में जबरदस्त भूकंप के बाद अफरा-तफरी और भारी तबाही जैसे हालात वेनेजुएला की राजधानी में आए भूकंप के बाद तबाही जैसे हालात हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में वेनेजुएला के उत्तरी तट पर एक के बाद एक आए जबरदस्त भूकंप के कारण डरे हुए लोग और गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं।  वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने की हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने डॉक्टरों और नर्सों से कहा है कि वे भूकंप में घायल हुए लोगों के इलाज में मदद के लिए स्थानीय अस्पतालों और इमरजेंसी रूम में रिपोर्ट करें।  वेनेज़ुएला के अख़बार 'एल नैशनल' के मुताबिक, देश को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, "मैं डॉक्टरों, नर्सों और सभी हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील करती हूं, जिससे हम उन लोगों का इलाज कर सकें, जिन्हें अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थ सेंटरों के इमरजेंसी रूम में लाया जा रहा है।  रोड्रिगेज ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारी इस संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं और देश के सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में सबसे पहले मदद भेजी जा रही है।   अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने वेनेज़ुएला के प्रति संवेदना जताई अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट भी उन विदेशी अधिकारियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाई है।  उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है. इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी समुदायों के लिए हिम्मत, सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।   वेनेजुएला में भूकंप के बाद इमरजेंसी का ऐलान  वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जबरदस्त भूकंपों के बाद इमरजेंसी का ऐलान किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के बाद अपनी में रोड्रिगेज ने मौतों की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि कितने लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही, उन्होंने खोज और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है।    भूकंप के बाद पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर पड़ा असर वॉचडॉग 'NetBlocks' के मुताबिक, भूकंप से बिजली और टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती भी हुई है या नहीं।  कनेक्टिविटी में रुकावट की वजह से आने वाले कुछ घंटों में हॉटस्पॉट से मिलने वाली जानकारी और वीडियो की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है. मेक्सिको ने वेनेज़ुएला के साथ जताई एकजुटता  मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने वेनेज़ुएला में भूकंप आने के बाद वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई है. इसके साथ ही मेक्सिकों ने भूकंप से हुए नुकसान खेद प्रकट की है।  पल भर में बदल गई तीव्रता US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने शुरू में कहा कि पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसे बाद में बदलकर 7.2 कर दिया गया. इसका केंद्र कैरेबियन तट पर बसे मोरोन इलाके के पश्चिम में था, जो काराकस से करीब 168 किलोमीटर पश्चिम में है. भूकंप की गहराई 22 किलोमीटर थी।  USGS ने ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता के और भी बड़े भूकंप की जानकारी दी. दूसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था।  दंग रह गए लोग वेनेजुएला में आए ये भूकंप एक सदी से भी ज्यादा वक्त में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से थे. राजधानी काराकस में लोग हिलती हुई इमारतों से बाहर निकल आए. कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि पूरी की पूरी दीवारें गिर गई थीं और सड़क से ही घर का फर्नीचर दिखाई दे रहा था. राजधानी के दो इलाकों में धूल के गुबार भी देखे गए, जहां आमतौर पर रेस्तरां और अन्य कारोबारों में काफी चहल-पहल रहती है।     

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, पसंदीदा सीट चुनने की सुविधा और तेज होगी टिकट बुकिंग

भोपाल  ट्रेन टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट हैंग होना, सीट उपलब्धता देखने में देरी और तत्काल टिकट के समय सर्वर पर बढ़ते दबाव जैसी परेशानियां अब जल्द ही बीते दिनों की बात हो सकती हैं। रेलवे अपने करीब चार दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को आधुनिक क्लाउड आधारित तकनीक से बदलने जा रहा है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग की रफ्तार पांच गुना तक बढ़ जाएगी और यात्रियों को बस और एयरलाइन की तर्ज पर अपनी पसंद की सीट चुनने की सुविधा भी मिलेगी। वर्तमान पीआरएस वर्ष 1986 से काम कर रहा है। इसी नेटवर्क के जरिए रेलवे आरक्षण काउंटर, आइआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुकिंग की जाती है। मध्यप्रदेश सहित देश में होने वाली करीब 88 प्रतिशत ऑनलाइन टिकट बुकिंग इसी सिस्टम से संचालित होती है। बढ़ती यात्री संख्या और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए रेलवे ने इसे अपग्रेड करने का फैसला लिया है। कई गुना हो जाएगी क्षमता रेलवे सूत्रों के अनुसार अभी सिस्टम एक मिनट में करीब 32 हजार टिकट बुक करने में सक्षम है। नया क्लाउड आधारित सिस्टम यह क्षमता बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट तक पहुंचा देगा। वहीं सीट उपलब्धता जांचने की क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख रिक्वेस्ट प्रति मिनट हो जाएगी। इसका सीधा फायदा त्योहारों, गर्मी की छुट्टियों और अन्य व्यस्त सीजन में मिलेगा, जब टिकटों की मांग अचानक बढ़ जाती है। बहुभाषी इंटरफेस से बुकिंग आसान नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यात्रियों को सीट चयन का विकल्प देना होगी। बस और फ्लाइट बुकिंग की तरह यात्री कोच में उपलब्ध सीटों में से अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। परिवार या समूह में यात्रा करने वाले लोग एक साथ बैठने के लिए सीटें चुन पाएंगे। दिव्यांगजन और मरीजों के लिए भी विशेष सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। साथ ही बहुभाषी इंटरफेस के कारण टिकट बुकिंग और आसान हो जाएगी। रेल वन ऐप निभाएगा मुख्य भूमिका नई व्यवस्था में रेलवन ऐप मुख्य प्लेटफॉर्म की भूमिका निभाएगा। एआइ आधारित यह ऐप वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का भी अनुमान बताएगा। रेलवे का दावा है नई तकनीक से टिकट बुकिंग प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी, जिससे यात्रियों का सफर और आसान होगा।

बेंगलुरु रोड शो में चमका यूपी मॉडल, उद्योग जगत ने योगी सरकार की नीतियों को सराहा

बेंगलुरु/लखनऊ  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए उभरता हुआ राज्य बताया है। कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने योगी सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सुशासन के क्षेत्र में तेज प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश भारत की विकास गाथा का केंद्र : अमित शेट्टी एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास गाथाओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा राज्य नहीं, बल्कि व्यापकता, महत्वाकांक्षा, प्रतिभा, उद्यमशीलता और नए भारत की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक विस्तार के अगले चरण में आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि निवेश कहां आएगा, रोजगार कहां सृजित होंगे और भविष्य के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कहां विकसित होंगे।  अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं है। यह नए कॉरिडोर, नए शहरों और नए उद्यम केंद्रों तक विस्तार कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश की अगली बड़ी मंजिल बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ तेजी से निवेश के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही एनसीआर के भीतर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और बिजनेस हब बन चुके हैं। मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, दिल्ली की निकटता और जेवर एयरपोर्ट इस क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बना रहे हैं। अमित शेट्टी ने लखनऊ को लेकर कहा कि यह शहर अब केवल अपनी संस्कृति और प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संगठित रिटेल, बढ़ती सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस ने लखनऊ को नई पहचान दी है। योगी सरकार ने बनाया निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल : तेजस्विनी राजवाड़े आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद गंतव्य बन गया है। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि निवेश मित्र, सेक्टर-विशिष्ट नीतियां और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक स्तर का निवेश इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क और कनेक्टिविटी में किए गए निवेश भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी और प्रतिभाशाली मानव संसाधन है। राज्य में युवाओं, इंजीनियर्स और स्नातकों की विशाल संख्या इसे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता देती है। तेजस्विनी ने कहा कि आईबीएम के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि उत्तर प्रदेश केवल तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीकों को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा, विकास और सुशासन पर दिया गया जोर निवेशकों के बीच भरोसे और विश्वास की मजबूत नींव बना रहा है।  तेजस्विनी राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में लखनऊ में एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईबीएम ने लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह लैब जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी और अगली पीढ़ी के एआई समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योगी सरकार की नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मकः गौरव हाजरा कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के लिए तेजी से प्रतिस्पर्धी केंद्र बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कॉग्निजेंट ने 2015 में अपने संचालन की शुरुआत की थी। आज केवल नोएडा में कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लगभग 10,000 कर्मचारी हैं। गौरव हाजरा ने कहा कि योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश मित्र जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेश प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। गौरव हाजरा ने जीसीसी नीति की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट और बड़े निवेशकों के लिए लचीली संरचना जैसी नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए बेहद आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने लखनऊ में एआई सिटी और एआई प्रज्ञा जैसी पहलों को समयानुकूल बताते हुए कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एआई आधारित अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

दिल्ली-एनसीआर को बड़ी सौगात, ₹7000 करोड़ की टनल परियोजना से IGI पहुंचना होगा आसान

 गुरुग्राम   देश की राजधानी होने के चलते दिल्‍ली का महत्‍व काफ बढ़ जाता है. यहां विभिन्‍न प्रांतों के लोग हजारों-लाखों की तादाद में रहते हैं. कोई रोजगार के तलाश में तो कोई हायर एजुकेशन के सिलसिले में दिल्‍ली और आसपास के शहरों में रहते हैं. ऐसे में दिल्‍ली-एनसीआर में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को दुरुस्‍त करना जरूरी है, ताकि लाखों लोग रोजाना आरामदायक तरीके से सफर कर सकें. इसी को ध्‍यान में रखते हुए सरकार एक बड़े प्रोजेक्‍ट पर काम कर रही है. इस रोड-टनल प्रोजेक्‍ट के पूरा होने से दिल्‍ली-गुरुग्राम एक्‍सप्रेसवे और द्वारका एक्‍सप्रेसवे तक जाना और आना काफी आसान हो जाएगा. इसके अलावा साउथ से लेकर वेस्‍ट और ईस्‍ट दिल्‍ली तक की यात्रा भी बिना जाम के पूरा किया जा सकेगा। दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के बीच यातायात को तेज, सुगम और सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में केंद्र सरकार जल्द एक बड़ा फैसला ले सकती है. केंद्र सरकार की केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) बहुप्रतीक्षित करीब 7,000 करोड़ रुपये की उस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे सकती है, जिसके तहत वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज से जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक टनल और उससे जुड़े संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे. इस परियोजना में टनल के अलावा फ्लाईओवर, एलिवेटेड यू-टर्न और अप्रोच रोड्स भी शामिल होंगे, जिससे आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3, गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी।  करीब पांच साल से अधिक समय से विचाराधीन इस परियोजना को अब निर्णायक चरण में माना जा रहा है. 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC), जो निजी निवेश वाली परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति है, इस प्रोजेक्ट की सिफारिश कर चुकी है. अब इसे जल्द ही अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है।  राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने PPPAC को दी अपनी प्रस्तुति में बताया है कि नेल्सन मंडेला मार्ग से शिव मूर्ति इंटरचेंज तक 6 लेन की टनल बनाई जाएगी. यह टनल पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच तेज कनेक्टिविटी का नया गलियारा बनेगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूनिफाइड एक्सेस रोड-II (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाला ट्रैफिक सीधे वसंत कुंज और दक्षिण दिल्ली से जुड़ सकेगा. साथ ही गुरुग्राम और आईजीआई एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।  NHAI ने इस परियोजना के महत्‍व को बताते हुए ट्रैफिक का विस्तृत अनुमान भी पेश किया है. उसके अनुसार, इस कॉरिडोर पर फिलहाल करीब 38,015 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) प्रतिदिन का दबाव है, जो वर्ष 2053 तक बढ़कर लगभग 1.3 लाख PCU प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. ऐसे में भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना सिर्फ वर्तमान समस्या का समाधान नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी भी है।  टनल परियोजना सिर्फ भूमिगत संपर्क तक सीमित नहीं होगी. NHAI ने बताया है कि नेल्सन मंडेला मार्ग की ओर टनल के निकास बिंदु से आगे एक छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर भी प्रस्तावित है. यह कॉरिडोर महिपालपुर-छतरपुर चौराहे के पास डीडीए कार्यालय के नजदीक से ऊपर गुजरेगा और फिर वसंत कुंज के बी और सी ब्लॉक (बी-10 मार्केट) के चौराहे को पार करते हुए एम्बियंस मॉल के पास समाप्त होगा. इससे वसंत कुंज, छतरपुर और आसपास के इलाकों से एयरपोर्ट, द्वारका और गुरुग्राम की ओर जाने वाले ट्रैफिक को नया, तेज मार्ग मिलेगा।  इस परियोजना के साथ दिल्ली की एक और बड़ी सड़क कड़ी को जोड़ने की तैयारी चल रही है. अधिकारियों के अनुसार, AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना भी अंतिम रूप में है. यह कॉरिडोर उस स्थान से शुरू होगा जहां बारापुला एलिवेटेड रोड समाप्त होती है. यदि यह योजना भी समय पर मंजूर होती है, तो गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्रियों को AIIMS, सराय काले खां और पूर्वी दिल्ली तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक के एलाइनमेंट को जल्द अंतिम रूप देकर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।  परियोजना में ट्रैफिक के विभिन्न दिशाओं से आने-जाने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त संरचनाएं भी शामिल की गई हैं. इसके तहत छतरपुर से महिपालपुर की ओर आने वाले ट्रैफिक के लिए मौजूदा दो लेन के एलिवेटेड हिस्से के समानांतर दो लेन का नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इसके अलावा टनल से बाहर निकलकर छतरपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी प्रस्तावित है. इससे अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक का दबाव बांटा जा सकेगा और चौराहों पर रुकावट कम होगी. यह प्रोजेक्‍ट हर दिशा से आने वाले ट्रैफिक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. इसका उद्देश्य आने वाले कई दशकों तक इस पूरे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है. AIIMS लिंक समेत प्रस्तावित सड़क नेटवर्क टनल परियोजना के पूरा होने तक तैयार होने की उम्‍मीद है।   

बस्तर में विकास और विश्वास की नई इबारत, अमित शाह से मिले CM विष्णुदेव साय

बस्तर में विकास और जनविश्वास का मजबूत हो रहा है आधार: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर /नई दिल्ली  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सेवा केंद्रों एवं जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शासकीय सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं। साय ने कहा कि बस्तर आज विकास और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास एवं जनकल्याण के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

राजगढ़ की बेटी राधा ने रचा इतिहास, 5 असफलताओं के बाद MPPSC क्लियर कर बनी अफसर

राजगढ़ जब हौसले मजबूत हों और आंखों में कुछ कर गुजरने का ख्वाब हो, तो गरीबी और विपरीत परिस्थितियां भी रास्ता छोड़ देती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की रहने वाली राधा चंद्रवंशी की। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के घोषित हुए नतीजों में ब्यावरा के छोटे से गांव कचनारिया की बेटी राधा ने कामयाबी का ऐसा परचम लहराया है, जिसने पूरे जिले का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। गरीब किसान की लाडली राधा चंद्रवंशी ने MPPSC में 50वीं रैंक हासिल की है और वो खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनी हैं। आसानी से नहीं मिली सफलता राधा की यह सफलता आसानी से नहीं मिली। इसके पीछे आंसुओं, त्याग और अंतहीन रातों की मेहनत छुपी है। साल 2019 से पीएससी की तैयारी कर रही राधा ने पांच बार राज्य सेवा परीक्षा दी। कई बार प्री नहीं निकला, तो तीन बार मुख्य परीक्षा (मेंस) की दहलीज पर पहुंचकर सपना टूट गया, लेकिन राधा ने हार नहीं मानी। करीब 17 साल बाद जब एफएसओ की भर्ती निकली, तो उन्होंने हिंदी माध्यम से केवल छह महीने में दिन-रात एक करके पूरा सिलेबस खत्म किया और पहले ही प्रयास में अफसर बनकर दिखाया। साधारण किसान की बेटी बनी अफसर राधा चंद्रवंशी के पिता कालूराम चंद्रवंशी एक साधारण किसान हैं। उन्होंने तंगहाली के बावजूद अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। गांव के सरकारी स्कूल और ब्यावरा की कन्या शाला से 12वीं करने के बाद राधा पढ़ाई के लिए इंदौर गईं। आज वह अपने पूरे परिवार में न सिर्फ एकमात्र उच्च शिक्षा हासिल करने वाली बेटी हैं, बल्कि सीधे क्लास-2 अधिकारी बन चुकी हैं। जब परिणाम आया तो पिता की पथराई आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और पूरे गांव ने मिठाइयां बांटकर अपनी इस बेटी का स्वागत किया। 'मेहनत में ईमानदारी रखो, कामयाबी जरूर कदम चूमेगी' राधा ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के विश्वास और अपनी निरंतरता को दिया है। वह कहती हैं, हालात चाहे कितने भी बुरे हों, अगर आपका लक्ष्य साफ है और आप ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं, तो सफलता मिलकर ही रहेगी। असफलताओं से घबराने की बजाय सिलेबस के अनुसार लगातार रिवीजन करते रहना चाहिए। अब राधा का अगला सपना यूपीएससी पास कर देश की सेवा करना है। 5 बार की असफलता के बाद कामयाबी मिलने की राधा चंद्रवंशी की ये कहानी उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है जो असफलता मिलने पर निराश हो जाते हैं।