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आगरा कोचिंग सेंटर में बेसमेंट की एमसीबी से धुआं, छात्र सुरक्षित बाहर निकाले गए, प्रशासन सतर्क

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र की एक चार मंजिला इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर छात्र और युवा थे। इस हादसे ने प्रदेश भर में लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए एसआईटी बनाई है जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है। इस बीच मंगलवार को आगरा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक बिल्डिंग के बेसमेंट में लगी एमसीबी से धुआं उठने की खबर आई। इस बिल्डिंग में एक प्रतिष्ठित कोचिंग भी चलती है। धुआं उठने की सूचना मिलते ही दहशत के मारे विद्यार्थी कोचिंग से बाहर भाग निकल गए। कोचिंग में नीट और जेईई दोनों की तैयारी कराई जाती है। जिस वक्त एमसीबी से धुआं उठा उस वक्त अच्छी-खासी संख्या में छात्र-छात्राएं वहां मौजूद थे। मिली जानकारी के अनुसार यह कोचिंग तुलसी टॉकीज के पास जिस बिल्डिंग में स्थित है उसके बेसमेंट में एमसीबी लगी है। मंगलवार की सुबह लगभग 10:30 बजे एमसीबी से अचानक धुंआ उठने लगा। धुआं उठने की सूचना पर छात्र-छात्राएं बाहर ओर दौड़े। कोचिंग के स्टॉफ ने भी आनन फानन में छात्रों को फायर सेफ्टी के तहत बनाए गए निकास द्वार से बाहर निकाला। वहीं इस कोचिंग के स्टॉफ ने फायर सुरक्षा के उपकरणों से एमसीबी में उठे धुएं को शांत किया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। सूचना पर विद्युत विभाग की टीम भी आ गई और क्षेत्र की पावर सप्लाई को बंद कर दिया गया। जांच के बाद लगभग एक घंटे के बाद विद्युत आपूर्ति को शुरू किया गया। धुआं उठते ही बजा सायरन बिल्डिंग के बेसमेंट में एमसीबी से धुआं उठते ही सायरन बज गया। सायरन की आवाज सुनते ही छात्र कोचिंग से बाहर निकलने लगे। पता चला कि एमसीबी बॉक्स में आग लगी थी जिससे धुआं उठा था। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। कोचिंग सेंटरों पर लगे ताले उधर, लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेश भर में पुलिस और अग्निशमन विभाग अलर्ट पर है। आगरा में भी जांच-पड़ताल के चलते कई कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके हुए हैं। पुलिस ने कोचिंग सेंटर हब भगवान टॉकीज के आसपास चेकिंग अभियान चलाया। इस बीच आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने पैनिक क्रिएट करने वाले लोगों को सख्त हिदायत भी दी है। पुलिस ने कहा है कि छात्रों के जीवन से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। कोचिंग सेंटर नियम और शर्तों के हिसाब से ही संचालित होंगे। नियमों को तोड़ने या लापरवाही की छूट किसी को नहीं दी जाएगी।

अमेरिका-भारत समझौते के खिलाफ किसानों का ऐलान, पंजाब में कल फूंके जाएंगे मोदी-ट्रंप के पुतले

चंडीगढ़  किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।  इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।

मनीष तिवारी की कांग्रेस नेतृत्व पर नाराजगी, कहा- पंजाब पर चर्चा से रखा गया दूर

अमृतसर  पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर खत्म हो गया है। कांग्रेस हाईकमान अब किसी भी समय नेतृत्व परिवर्तन पर अपना फैसला सुना सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं।  वहीं मनीष तिवारी ने बयान जारी करते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस में परिवर्तन के लिए हाईकमान ने पंजाब के 60-70 नेताओं को दिल्ली बुलाकर उनकी राय ली है जबकि मुझे नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा है कि वो भी पंजाब की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हैं और सांसद हैं। मनीष तिवारी ने तो यहां तक कह दिया कि पंजाब में इस समय नेतृत्व परिवर्तन का सही वक्त नहीं है। उनका कहना है कि किसी भी प्रधान को रिजल्ट देने के लिए कम से कम 24 महीने का वक्त चाहिए जबकि पंजाब में चुनाव के लिए सिर्फ छह से सात महीने का वक्त बचा है। दिल्ली में पंजाब के 60-70 नेताओं से ली फीडबैक पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन पर नेताओं व कार्यकर्ताओं की फीडबैक लेने के लिए हाईकमान ने तीन ऑब्जर्वर नियुक्त किए थे जिन्होंने दिल्ली में पंजाब के पंजाब के 60 से 70 सीनियर नेताओं से बैठक की और पूरे मामले का फीड बैक लिया। कमेटी में शामिल अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव ने पंजाब के नेताओं से मिली फीडबैक की रिपोर्ट तैयार करके पार्टी हाईकमान को सौंप दी है। उधर, राहुल गांधी व सोनियां गांधी ने भी प्रधान पद के पांच प्रमुख दोवेदारों के साथ वन टू वन मीटिंग की। बताया जा रहा है कि आज हाईकमान पंजाब नेतृत्व पर अहम फैसला ले सकता है। राहुल गांधी व सोनिया गांधी ने की दावेदारों से वन-टू-वन मीटिंग पंजाब कांग्रेस में प्रधान पद के पांच प्रमुख दावेदारों में वर्तमान प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम चल रहा है। इनसे ही राहुल गांधी ने वन टू वन मीटिंग की है। पार्टी में कोई मदभेद नहीं, हाईकमान जो कहेगा सबको मंजूर राहुल गांधी ने इन पांचों नेताओं से अलग-अलग बात की। राहुल गांधी से बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग ने मीडिया से कहा कि “पार्टी में कोई मतभेद नहीं है, और राहुल गांधी जो भी फैसला लेंगे, हम उसका पालन करेंगे।” उन्होंने कहा कि सभी ने स्पष्ट कर दिया है कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा उसे सभी मानेंगे ओर पंजाब में सरकार बनाने के लिए काम करेंगे। सुखजिंदर सिंह रंधावा को प्रधान बनाने का फेक लेटर हुआ वायरल पूर्व डिप्टी सीएम एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी प्रधान पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। दो दिन पहले सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब प्रधान बनाने का एक फर्जी लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लेटर सोशल मीडिया पर आते ही सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उसे फेक बताकर पुलिस को शिकायत दे दी थी। कांग्रेस में चल रहा है जट्‌ट V/S दलित पंजाब कांग्रेस में जट्‌ट V/S दलित की लड़ाई चल रही है। यह लड़ाई कई बार खुलकर सामने आ चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी फोरम पर यह मामला उठाया और कहा था कि पंजाब में पार्टी के सभी प्रमुख पदों पर जट्‌ट सिख नेता बैठे हैं जबकि दलितों काे दरकिनार किया गया है। चन्नी का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें दिल्ली तलब किया गया था। निकाय चुनाव में हार से राजा वड़िंग पर उठाए थे सवाल तरनतारन उपचुनाव में बूटा सिंह पर दिए गए बयान के बाद से राजा वडिंग की खिलाफत पार्टी के अंदर खुलकर सामने आ गई थी। तब से ही पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की बात उठाने लगी। जिला परिषद व निकाय चुनाव में हार के बाद से राजा वडिंग के नेतृत्व पर सवाल खड़े होने लगे। चरणजीत सिंह चन्नी व अन्य नेताओं ने तो पार्टी हाईकमान के सामने खुलकर कह दिया था कि जो अपने हलके के काउंसिलों को नहीं जिता सकते वो पंजाब क्या जिताएंगे? उसके बाद से लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिल्ली में मंथन चल रहा है।

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! हरियाणा जेल विभाग में 1238 पदों पर निकली भर्ती

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने सहायक जेल अधीक्षक और वार्ड के 1238 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। 24 जून से 30 जून की रात 11.59 बजे तक आनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे, जबकि एक और दो जुलाई को आवेदन में गलती ठीक करने का मौका मिलेगा। विज्ञापन संख्या 06/2026 के अंतर्गत तृतीय श्रेणी के विभिन्न पदों के लिए निकली भर्ती के तहत सहायक जेल अधीक्षक के 33 और वार्डर के 1205 पदों को भरा जाएगा। सहायक जेल अधीक्षक के पदों में 30 पद पुरुषों और तीन पद महिलाओं के लिए हैं। वार्डर की श्रेणी में पुरुषों के लिए 1093 और महिलाओं के लिए 112 पद हैं। आवेदन के लिए युवाओं को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भर्ती का शेड्यूल जारी करते हुए युवाओं को सावधानी से आवेदन करने की सलाह दी है। चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) पदों की सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लिए शुक्रवार को पोर्टल खोला जा चुका है, जिस पर तीन जुलाई की रात 11:59 बजे तक आवेदन और छह जुलाई तक शुल्क जमा कराया जा सकेगा। आवेदन में गलती सुधारने के लिए सात से नौ जुलाई तक करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। अभी तक दो लाख से अधिक युवा ग्रुप-डी सीईटी के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 75 हजार से अधिक युवाओं ने फाइनल सबमिट भी कर दिया है।

भारत को बड़ी राहत: कोहली ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस क्लीयरेंस हासिल किया

नई दिल्ली आयरलैंड में टी-20 सीरीज शुरु होने से पहले  भारत टीम को बड़ी खुशखबरी मिली है.  विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि उन्होंने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और वो जल्दी ही वनडे सीरीज के लिए लंदन रवाना होंगे. पूर्व भारतीय कप्तान को अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर एक शर्त जुड़ी हुई थी. कोहली आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे, जिसके कारण उनकी उपलब्धता मेडिकल क्लीयरेंस पर निर्भर थी. विराट को मिली हरी झंडी अब कोहली ने खुद ही सारी चिंताओं को खत्म कर दिया है. सूत्रों  के मुताबिक, कोहली ने जरूरी फिटनेस टेस्ट पूरा कर लिया और जल्द ही बीसीसीआई की मेडिकल टीम से औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है.  अगर कोई अप्रत्याशित समस्या नहीं आती, तो 37 वर्षीय कोहली 14 जुलाई से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे. कोहली की वापसी भारत के लिए बिल्कुल सही समय पर हो रही है.  2027 वनडे वर्ल्ड कप, जो दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है, धीरे-धीरे करीब आ रहा है.  ऐसे में हर वनडे सीरीज बेहद अहम हो जाती है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत अब इस फॉर्मेट में ज्यादा मैच नहीं खेलता.  इंग्लैंड की परिस्थितियां भी आने वाले बड़े टूर्नामेंट जैसी ही होंगी, जिससे यह सीरीज और महत्वपूर्ण बन जाती है. भारतीय बल्लेबाजों का फॉर्म शानदार हाल ही में भारत ने अफगानिस्तान को 3-0 से हराया, लेकिन कोहली इस सीरीज में नहीं खेले.  उनकी गैरमौजूदगी में यशस्वी जायसवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई में शतक जड़ा.  वहीं शुभमन गिल और ईशान किशन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की.  रोहित शर्मा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि वह दूसरे वनडे में अर्धशतक और तीसरे में शतक से चूक गए. युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, विराट कोहली जैसा खिलाड़ी टीम में कोई नहीं है. उन्हें वनडे क्रिकेट का सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है.  37 साल की उम्र में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़। 2024 से वनडे में कोहली का जलवा 2024 की शुरुआत से अब तक, वनडे में रोहित शर्मा के अलावा किसी ने कोहली से ज्यादा रन नहीं बनाए हैं.  कोहली ने 19 पारियों में 949 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 59.31 रहा है. इस दौरान उन्होंने चार शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं.  हालांकि रोहित शर्मा ने चार पारियां ज्यादा खेलते हुए 1011 रन बनाए हैं. कोहली ने आखिरी बार जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेला था, जहां उन्होंने 240 रन बनाकर भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का कार्यक्रम: पहला वनडे – 14 जुलाई 2026, एजबेस्टन, बर्मिंघम – दोपहर 3:30 बजे दूसरा वनडे – 16 जुलाई 2026, सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ – शाम 5:30 बजे तीसरा वनडे – 19 जुलाई 2026, लॉर्ड्स, लंदन – दोपहर 3:30 बजे आईपीएल 2026 में कोहली शानदार फॉर्म में थे और उन्होंने फाइनल में नाबाद 75 रन बनाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरा खिताब जिताया.  हालांकि उसी मैच के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट लगी, जिसके कारण वह अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हो गए थे लेकिन अब उनकी रिकवरी पूरी तरह सफल रही है.  पिछले हफ्ते से ही रिपोर्ट्स आ रही थीं कि कोहली रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति कर रहे हैं और मेडिकल टीम उनकी फिटनेस से संतुष्ट है.  सोमवार को हुआ फिटनेस टेस्ट उसी का प्रमाण है. अब सबकी नजरें उनकी वापसी पर होंगी, जहां वह एक बार फिर भारतीय टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बनकर सामने आएंगे.  

गुहार नहीं सुनी तो खुद बन गया मिसाल, ग्रामीण ने अपने पैसों से बनाया पुल

गरियाबंद. तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर के स्टाप डेम मोहल्लावासी पिछले 20-25 सालों से बारिश के चार माह बेहद ही दयनीय स्थिति में गुजारने को मजबूर होते हैं। मैनपुर नगर से गजरने वाली फुलझर नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरकला के वार्ड क्रमांक 01 में लगभग 30-35 परिवार निवास करते हैं और इस मोहल्ले के लोग बारिश के दिनों में जर्जर हो चुके 20 फीट गहरे जानलेवा स्टापडेम को छलांग लगाकर पार करने को मजबूर होते हैं। इतना ही नहीं मैनपुर के स्कूलों में पढ़ने वाले इस मोहल्ले के छोटे-छोटे स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आना जाना करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसी के तबीयत खराब होने पर या फिर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने में उठानी पड़ती है। ग्रामीण मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर शासन प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके और तो और इस मामले को लेकर कई बार जनपद से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन ग्रामीणों के इस मांग की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया गया। स्टापडेम मोहल्ले के मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने खुद के खर्च से लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर अपने घर के सामने नदी मे पुल का निर्माण कर दिया और पुल निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। आने वाले बारिश में इसका लाभ इस मोहल्ले के लोगों को मिलेगा। इस ऐतिहासिक कार्य का क्षेत्र के लोगों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है। पुल निर्माण कर मिशाल पेश करने वाले ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन से मोहल्ले वाले पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार इस तरफ ध्यान नही दिया जबकि यह तहसील मुख्यालय है और यहां से महज 200 कदम की दूरी पर जनपद और एसडीएम कार्यालय है बावजूद इस मोहल्ले के छोटे -छोटे बच्चे जान जोखिम मे डालकर स्कूल आना जाना करने मजबूर हो रहे है। चक्रधारी ने बताया लोगों की समस्या और उनके परिवार की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैनपुर नदी में अपने स्वयं का लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है जिसमें उन्होंने दुकानदारों से कर्ज लिया है साथ ही उन्हें धीरे-धीरे कर्ज चुकाने की बात कहते हैं। पुल के एप्रोज में मुरमीकरण कार्य बचा हुआ है। जनपद के अफसरों को निवेदन करने के बाद भी झांकने नहीं पहुंचे- ग्रामीण लोचन चक्रधारी के पुत्र डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने स्वयं के खर्च से पुल का निर्माण किया है, लेकिन पुल निर्माण के लिए डिजाइन, तकनीकी जानकारी के लिए जनपद पंचायत के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सुझाव देने की गुहार भी लगाई। हद तो तब हुई कि इसके बावजूद भी कोई भी जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी पुल निर्माण के लिए उन्हें सुझाव देने के लिए नहीं पहुंचा, जिसका मलाल इस ग्रामीण मे देखने को मिलता है। उन्होंने बताया आज सरकार अनेक योजनाओं का लाभ लोगों को दिला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार यदि अपने कर्तव्यो का सही पालन करें तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता लेकिन जिम्मेदारों द्वारा जब ध्यान नहीं दिया जाता तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस पहल का क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रशंसा किया जा रहा है। मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग वर्षो से करते थके ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस प्रयास का जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, जो 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है। नगर व क्षेत्र के लोगों ने गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर से मांग किया है कि ऐसे ग्रामीणों का सार्वजनिक मंच से सम्मान किया जाये। साथ ही पुल निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए अन्य अधुरे कार्य को सरकार द्वारा पुरा करवाए।

पांचना बांध जल विवाद पर सियासत तेज, 10 पुलिस अधिकारी तैनात

 जयपुर राजस्थान के पांचना बांध का मुद्दा गरमाता जा रहा है. इसे लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है. जिसके बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. विवाद को देखते हुए अब सरकार भी सावधानी बरत रही है. पांचना बांध जल विवाद को लेकर प्रस्तावित धरना, प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलन के मद्देनज़र पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर आ गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 23 जून 2026 को दोपहर तक आईजी भरतपुर रेंज को रिपोर्ट करना होगा. ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को सरकारी वाहन के उपयोग की भी अनुमति दी गई है. जयपुर-जोधपुर रेंज के कई बड़े अधिकारी तैनात ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों में जयपुर पुलिस मुख्यालय, जयपुर कमिश्नरेट, कोटा शहर और जोधपुर रेंज में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं. पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद और प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो. कई गांव दो पक्षों में बंटे बता दें, पिछले एक महीने से पांचना बांध पर कई गांव के लोग पहरा देकर पानी रोकने पर अड़े हुए हैं. जबकि कई गांव के किसान कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं. दो पक्षों के बीच अब यह विवाद गहराता जा रहा है. इस मामले में इसी साल मई महीने में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि बांध का पानी जल्द ही कमांड एरिया में छोड़ा जाए. लेकिन इसके बावजूद आदेश पर काम नहीं हुआ है. पांचना बांध पर सियासत भी तेज दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आमने सामने खड़े हैं. पांचना बांध को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं. जबकि बीजेपी की ओर से मदन दिलावर पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि जब गहलोत की 5 साल की सरकार थी तो उन्होंने इस विवाद को क्यों नहीं सुलझाया. लेकिन बीजेपी सरकार इसका स्थायी समाधान निकालेगी.

सिर्फ 60 रुपये में पैंक्रियाज कैंसर की जांच करेगा ‘यूरोस्मार्ट’ उपकरण

अंबाला बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है। ऐसे काम करता उपकरण शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा यह है पैंक्रियाज कैंसर पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।  

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण और फर्स्ट एड: चक्कर आने पर तुरंत राहत कैसे पाएं

लो ब्लड प्रेशर या फिर हाइपोटेंशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपके शरीर का ब्लड प्रेशर नॉर्मल लेवल यानी कि 120/80 mmHg से काफी कम हो जाता है. जब शरीर में बीपी अचानक कम हो जाता है, तो इसकी वजह से आपको चक्कर आने लगते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, कमजोरी महसूस होने लगती है, या फिर कई बार घबराहट और बेहोशी जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं. अगर आपके या फिर आपके किसी करीबी के साथ अचानक ऐसा हो जाए, तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आप अगर चाहें, तो घर पर ही कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर अपने लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल में कर सकते हैं. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं, ताकि आप जरूरत के समय खुद को और अपने परिवार वालों को सुरक्षित रख सकें. नमक और पानी के घोल का सेवन अगर बीपी अचानक कम हो जाए तो इसे कंट्रोल करने का सबसे पहला और सबसे इंस्टेंट उपाय है नमक का पानी. अगर आपको नहीं पता तो बता दें नमक में सोडियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को इंस्टेंट बढ़ाने का काम करता है. लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए एक ग्लास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर धीरे-धीरे पिएं. इस बात का ख्याल रखें कि नमक का पानी केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही लें, और अगर व्यक्ति को पहले से दिल या किडनी की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा नमक न दें. इलेक्ट्रोल, ग्लूकोज या ओआरएस का करें सेवन आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर भी बीपी अचानक गिर जाता है. ऐसा होने पर आपको अपने शरीर को जितनी जल्दी हो सके हाइड्रेट करने की कोशिश करनी चाहिए. शरीर को हाइड्रेशन देने के लिए आप पानी में ग्लूकोज या ओआरएस का घोल मिलाकर पी सकते हैं. अगर ये घर पर मौजूद न हों, तो पानी में नींबू, थोड़ी चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर नींबू पानी बना लें. इससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बीपी नॉर्मल होने लगता है. तुरंत कॉफी या चाय पिलाना भी फायदेमंद अगर आपका या फिर आपके घर पर किसी का भी बीपी अचानक ही बहुत कम हो गया है और व्यक्ति को तेज चक्कर आ रहे हैं, तो कैफीन का सेवन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. जिसका ब्लड प्रेशर लो है उसे एक कप कड़क ब्लैक कॉफी या कड़क चाय पिलाएं. कैफीन दिल की धड़कन को थोड़ा फ़ास्ट कर देता है और ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ जाता है. हालांकि, इसे अपनी रोज की आदत न बनाएं, क्योंकि कैफीन का बहुत ही ज्यादा सेवन सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है. पैरों को ऊपर उठाकर लिटाएं अगर बीपी लो होने के कारण व्यक्ति को चक्कर आ रहे हैं या वह बेहोश होने की कंडीशन में है, तो बैठने या खड़े रहने के बजाय उसे तुरंत सीधे लिटा देना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लेटा दें और उनके पैरों के नीचे दो-तीन तकिए लगा दें, ताकि व्यक्ति का पैर सिर के लेवल से ऊपर हो जाएं. ऐसा करने से पैरों की तरफ बहने वाला खून तुरंत दिमाग और दिल की तरफ पहुंचने लगता है, जिससे चक्कर आना बंद हो जाता है और मरीज को राहत मिलती है. कुछ मीठा या किशमिश खाएं शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम होने से भी बीपी लो हो सकता है. आयुर्वेद में किशमिश को लो बीपी के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. अचानक बीपी गिरने पर आप मुट्ठी भर किशमिश चबाकर खा सकते हैं, या फिर घर में रखी कोई मिठाई, चॉकलेट या खजूर का सेवन भी कर सकते हैं. यह शरीर को तुरंत ग्लूकोज देता है, जिससे कमजोरी दूर होती है. ये सभी उपाय केवल इमरजेंसी कंडीशन में इंस्टेंट राहत पाने के लिए हैं. अगर इन उपायों को करने के बाद भी बीपी नॉर्मल नहीं होता है, या व्यक्ति को बार-बार लो बीपी की प्रॉब्लम होती है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें.

फर्जी सेना कोटे से मिली पुलिस नौकरी! हरियाणा के जींद में दो भाइयों के खिलाफ मामला

जींद. जुलाना थाना पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पुलिस में नौकरी पाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों भाइयों ने पुलिस में भर्ती होते समय अपने पिता के आर्मी कोटे का लाभ उठाया था। नियमों के अनुसार केवल एक ही आश्रित इसका लाभ उठा सकता है। जुलाना थाना पुलिस ने गतौली गांव निवासी दो हवलदार भाइयों दलेल व भूपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में सोनीपत निवासी 70 वर्षीय हेल्थ सुपरवाइजर से सेवानिवृत्त कमला दहिया ने बताया कि गतौली गांव निवासी गतौली निवासी हरिओम सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 2008 में उनके बड़े बेटे दलेल अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गए। दलेल इस समय जींद में कार्यरत हैं। 2014 में हरिओम का दूसरा बेटा भूपेंद्र भी अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गया। नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त आर्मी कर्मचारी का केवल एक ही पुत्र इस कोटे का लाभ उठा सकता है। भूपेंद्र इस समय हांसी जिले में तैनात है। दोनों अब मुख्य सिपाही के पद पर पदोन्नत हो गए हैं। कमला दहिया ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार ने भी आर्मी कोटे का लाभ लेते हुए पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था। उसके रिश्तेदार को यह लाभ नहीं मिला। अब उसे पता चला कि गतौली गांव निवासी दो भाइयों ने इसी प्रकार ईएसएम कोटे का लाभ उठाया है और वह दोनों इस समय पुलिस में कार्यरत हैं। कमला दहिया ने कहा कि जब दो भाइयों को लाभ मिल रहा है तो उसके रिश्तेदार को क्यों नहीं मिल सकता। जब पुलिस के पास यह शिकायत पहुंची तो उन्होंने इस मामले की जांच की और पाया कि एक कोटे का केवल एक ही आश्रित लाभ उठा सकता है। दोनों ने लाभ उठाकर धोखाधड़ी की है। इसलिए अब पुलिस ने भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जुलाना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को ही भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी मामले की जांच की जाएगी।