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शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी, उत्कृष्ट अधिकारियों को परख रही योगी सरकार

शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु उत्कृष्ट अधिकारियों को परख रही योगी सरकार  भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए प्रदेश में शुरू हुई चयन प्रक्रिया  अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए 4 बीएसए और 6 बीईओ का होगा चयन  नवाचार, सुशासन, अधिगम सुधार और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच  जमीनी स्तर पर शिक्षा में बदलाव लाने वाले अधिकारियों की उपलब्धियों को मिलेगी पहचान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधारों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी सक्रिय कदम उठा रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ के लिए प्रदेश में चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।  शिक्षा प्रशासन में नवाचार, सुशासन, अधिगम सुधार, प्रभावी प्रबंधन और जनभागीदारी आधारित उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों का चयन कर उनके नाम राष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाएंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे शिक्षा सुधारों और नवाचारी प्रशासनिक मॉडलों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। चयनित होंगे चार बीएसए और छ: बीईओ अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश से 4 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) तथा 6 खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का चयन किया जाएगा। इसके लिए सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे शिक्षा प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं। चयन के दौरान नवाचार, बेहतर प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता, अधिगम स्तर में सुधार, विद्यालयी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश से चयनित अधिकारी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे और अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश में लागू शिक्षा सुधारों की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करेंगे। क्या है ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ उल्लेखनीय है कि ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध राष्ट्रीय स्तर की पहल है। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना तथा देशभर में सफल प्रशासनिक नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों को पहचान दिलाना है।  यह हैं निर्देश निर्देशों में कहा गया है कि जनपद ऐसे अधिकारियों के नाम प्रस्तावित करें, जिन्होंने शिक्षा प्रशासन में नवाचार आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हों। विशेष रूप से वे अधिकारी प्राथमिकता में रहेंगे जिनके प्रयासों से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, विद्यालय प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता या शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला हो। प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित प्रशासनिक संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए होने वाला यह चयन न केवल उत्कृष्ट अधिकारियों को पहचान दिलाएगा, बल्कि शिक्षा प्रशासन में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते वर्षों में बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। निपुण भारत मिशन, बाल वाटिका, विद्यालय कायाकल्प, स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन, मिशन प्रेरणा, शिक्षक प्रशिक्षण और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे कार्यक्रमों ने विद्यालयी शिक्षा को नई दिशा प्रदान की है। इन पहलों को सफलतापूर्वक धरातल तक पहुंचाने में जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि अब ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

CM विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, 7 वाहन जब्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त अवैध खनन और परिवहन पर सरकार का शिकंजा, अधिकारियों से अभद्रता करने वालों पर भी एफआईआर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी रजत बंसल के निर्देशन में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और संबंधित जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जप्त किया गया। जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे दो हाइवा, सूरजपुर जिले के लटोरी में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर पकड़ा गया। वहीं सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों पर कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत जप्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर घटना भी सामने आई। जांच कर रही टीम के साथ वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। खनिज विभाग ने दोहराया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने, अधिकारियों को धमकाने अथवा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Tata Electronics में हड़कंप: 630GB डेटा लीक की खबर, Apple-Tesla के दस्तावेज भी बताए जा रहे शामिल

नई दिल्ली भारत की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो चिपसेट, स्मार्टफोन पार्ट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के सिस्टम डेटा को हैक कर लिया और कई सीक्रेट फाइल्स चुरा ली है. इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसे की मांग की जा रही है।  बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक में कई ऐसी सीक्रेट फाइल्स शामिल हैं, जिनसे कंपनी की जरुरी जानकारियां दुनिया के सामने आ सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐपल और टेस्ला जैसी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स की सप्लाई कर रही थी।  जानिए कौन-सा डेटा हुआ चोरी, जिसके बाद मचा हड़कंप रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम में हैकर्स ने रैनसमवेयर नाम का वायरस डाला था. यह वायरस सिस्टम की फाइल्स और डेटा को लॉक कर देता है. इसके बाद हैकर्स डेटा वापस देने के बदले फिरौती की मांग करते हैं।  डेटा लीक के बाद डार्क वेब पर करीब 630GB का डेटा पोस्ट किया गया है. इसमें कंपनी की सीक्रेट जानकारी, ईमेल्स, कर्मचारियों की डिटेल्स और ऐपल से जुड़े डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं. ऐपल और टेस्ला दोनों ही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कस्टम में शामिल हैं।  कैसे लगी सेंध, क्या-कुछ हुआ लीक? रिपोर्ट्स में पता चला है कि डेटा लीक होने की वजह एक मिडिलवेयर फर्म के पुराने क्रेडेंशियल्स यानी कि आईडी-पासवर्ड थे। हैकर्स ने उनका इस्तेमाल करके डेटा लीक किया। बता दें कि लीक हुए डेटा में एप्पल के सप्लायर स्पेसिफिकेशन्स और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बेहद प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स देखने को मिले हैं। इतना ही नहीं चोरी हुए डेटा में कंपनियों के ग्राहकों की बिजनेस संबंधी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और जॉब प्रोफाइल आदि भी शामिल है।(REF.) कंपनियों को मिली फिरौती की धमकी इस साइबर हमले की जिम्मेदारी एक कुख्यात साइबरक्राइम ग्रुप इकारस ने ली है। हैकर्स ने चेतावनी तक दी है कि अगर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित कंपनियां उन्हें समय पर फिरौती की रकम नहीं देती, तो वे पूरे डेटा को पब्लिक कर देंगे। इसे लेकर सुरक्षा कंपनी हंट्रेस ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उन्हें एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के सर्वर का इस्तेमाल करके फिरौती का ईमेल भेजा था। डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद क्लू ने सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को जांच के लिए बुलाया है। बाकी का डेटा सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा फर्म ने सभी लिंक्स को तोड़ दिया है। क्यों हुई सुरक्षा में चूक? यह साइबर हमला इस तरह का था जिसमें हैकर्स एक कंपनी को निशाना बनाकर उससे जुड़ी सैकड़ों कंपनियों का डेटा चुरा लेते हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि क्लू के किसी कर्मचारी द्वारा अनजाने में पासवर्ड चुराने वाला मैलवेयर डाउनलोड करने की वजह से पुराने क्रेडेंशियल लीक हुए। यह भी बताया जा रहा है कि पिछले साल क्लू ने AI में निवेश करने के लिए आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसकी वजह से कंपनी की सुरक्षा कमजोर होती गई। जानिए साइबर अटैक के बाद टाटा का क्या था जवाब रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि उन्हें इस साइबर अटैक की जानकारी कुछ हफ्ते पहले ही मिल गई थी. हालांकि, इस हमले की वजह से कंपनी की फैक्ट्री या बिजनेस ऑपरेशन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है।  हैकर्स की तरफ से डेटा लीक के बाद फिरौती की मांग की गई है. वहीं, इस पूरे मामले में ऐपल भी अपनी तरफ से जांच कर रहा है।  टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टाटा ग्रुप की तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 2023 में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी. वहीं, टेस्ला ने 2024 में सेमीकंडक्टर सप्लाई को लेकर टाटा के साथ डील की थी।  टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी।  रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी।  इस साइबर अटैक के बाद कंपनियों की सीक्रेट जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

अंधेरे से उजाले की ओर सुकमा: माड़वी मुये की दोनों आंखों का सफल ऑपरेशन, मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद

अंधेरे से उजाले की ओर सुकमा माड़वी मुये की दोनों आँखों का हुआ ऑपरेशन, मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद  'मिशन दृष्टि' से 42 ग्रामीणों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन, मिला नई जिंदगी का उपहार  रायपुर कभी विकास की मुख्यधारा से कटे और नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में शासन के सुशासन और संवेदनशीलता की एक नई सुबह हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गम जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ अंदरूनी गाँवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन कर उनके जीवन से अंधेरे को हमेशा के लिए मिटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने खुद कड़े रास्तों को पार कर घर-घर सर्वे किया, मरीजों की पहचान की और उन्हें पूरे सम्मान के साथ विशेष वाहनों से जिला चिकित्सालय पहुँचाया, जहाँ सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में मिशन 'दृष्टि योजना' के तहत यह जीवन बदलने वाली सर्जरी पूरी हुई।     ​इस मुहिम की सबसे खूबसूरत और भावुक कर देने वाली तस्वीर दूरस्थ पहुँचविहीन गाँव गेड़ापार के निवासी माड़वी मुये के रूप में सामने आई। पिछले तीन महीनों से आँखों की धुंधली होती रोशनी के कारण लाचारी का जीवन जी रहे माड़वी के दोनों आँखों का जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन हुआ, जिससे उनकी दुनिया एक बार फिर से रोशन हो उठी है। अपनी आँखों में नई चमक और चेहरे पर मुस्कान लिए माड़वी मुये ने भावुक होकर कहा, "मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की वजह से मुझे नया जीवन मिला है, मैं सदा उनका आभारी रहूँगा।" अस्पताल से छुट्टी के वक्त मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फल बांटे गए, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और रविवार को उन्हें पूरे सम्मान के साथ सकुशल उनके घरों तक वापस छोड़ा गया।     ​नक्सल गतिविधियों में आई भारी कमी के बाद, सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार सुकमा की बदलती और मुस्कुराती हुई तस्वीर को बयां करता है। अब गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े और महंगे शहरों की तरफ भटकना नहीं पड़ रहा है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सीधे उनके दरवाजे तक पहुँच रही हैं। जिला प्रशासन के द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों को फल और अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। डिस्चार्ज हुए मरीजों और उनके परिजनों से प्रशासन ने अपील की है कि वे अपने आस-पड़ोस के अन्य जरूरतमंदों को भी इलाज के लिए प्रेरित करें, जिसके बाद प्रशासन की यह संवेदनशील पहल अब एक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप ले चुकी है।

कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्ताव मंजूर, मीट दुकानों का दोहरा लाइसेंस खत्म

चंडीगढ़  गांवों में 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात देह भूमि में मकान बनाकर रह रहे लोगों को अब उपायुक्त भी मालिकाना हक दे सकेंगे। इसके अलावा मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए दोहरे लाइसेंस नहीं लेने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अध्यादेश-2026 जारी करके पुराने नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मौजूदा प्रविधानों के तहत विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को पात्र आवेदकों को शामलात देह भूमि बेचने की मंजूरी देने का अधिकार है, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले ऐसी जमीन पर अपने घर बनाए थे। हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं और मंजूरी अपेक्षित हैं। ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए स्वीकृति देने का अधिकार संबंधित जिला उपायुक्त को दिया गया है। इसके अलावा हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है। उन प्रविधानों को हटाया गया है, जिनमें मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है, क्योंकि इसी तरह के व्यवसायों को खाद्य और औषधि प्रशासन हरियाणा द्वारा भी विनियमित (रेगुलेटिड) किया जा रहा है। इन संशोधनों से दोहरे लाइसेंस समाप्त होंगे तथा आम जनता को नियमों की अनुपालना में राहत होगी। देना पड़ेगा दोगुणा मुआवजा नर्सरी संचालकों ने खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो देना पड़ेगा लागत का दोगुना मुआवजा नर्सरी संचालकों ने अब किसानों को खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो लागत का दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा। हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को मंजूरी दी गई है। यह नियम फलदार पौधों, सब्जियों, कंद, मसालों, सीजनिंग, फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय और सुगंधित फसलों से संबंधित बागवानी नर्सरियों पर लागू होंगे। संशोधित नियमों में नर्सरियों के नियमित निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण सहित उल्लंघन के मामले में कार्रवाई और कीटों व बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित या अवैध रोपण स्टाक को अनिवार्य रूप से नष्ट करने का भी प्रावधान है। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक समयबद्ध अपील प्रणाली का प्रस्ताव किया गया है जिला न्यायाधीशों का वेतनमान बढ़ेगा, पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे हरियाणा उच्चतर न्यायिक सेवा नियम-2007 में संशोधन किया जाएगा। उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की जाएगी। इसमें प्रवेश स्तर (एंट्री लेवल), चयन ग्रेड (सेलेक्शन ग्रेड) और सुपर टाइम स्केल पर कार्यरत जिला न्यायाधीशों के वेतनमान और वार्षिक वेतन वृद्धि से संबंधित प्रविधान शामिल किए गए हैं। एक जनवरी 2020 से जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 35 प्रतिशत पद चयन ग्रेड के लिए निर्धारित होंगे। यह ग्रेड उन अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने जिला न्यायाधीश संवर्ग में लगातार कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। चयन मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। इसी प्रकार जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद सुपर टाइम स्केल के लिए निर्धारित होंगे। यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा, जिन्होंने चयन ग्रेड में लगातार कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। इसके लिए भी मेरिट और वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि की गणना तीन प्रतिशत की दर से की जाएगी। प्रत्येक वर्ष की वेतन वृद्धि पिछले वर्ष के मूल वेतन के आधार पर जोड़ी जाएगी। हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्य बढ़ेंगे हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम-2012 की धारा 3(2)(बी) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ने से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों से संबंधित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

AI शिक्षा में पंजाब की बड़ी पहल, चार नई यूनिवर्सिटी खुलेंगी; अगस्त से दाखिले

श्री मुक्तसर साहिब. आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोमवार को मुक्तसर में बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में शिक्षा के सिस्टम को एआइ के दौर के हिसाब से बदल रही है। सिसोदिया ने घोषणा की कि पंजाब सरकार राज्य में चार एआइ यूनिवर्सिटी खोलेगी। इनमें एडमिशन अगस्त माह से शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब वो समय गया जब बच्चों को क्लास में बैठकर लेक्चर अटेंड करना पड़ेगा। बच्चा जहां कहीं भी होगा एआइ यूनिवर्सिटी का लेक्चर ऑनलाइन अटेंड कर लेगा। सिसोदिया मुक्तसर में ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इन यूनिवर्सिटी में ह्यूमन टीचर के साथ एआइ टीचर भी होंगे, जिससे स्टूडेंट्स बेहतर तरीके से आनलाइन शिक्षा ले सकेंगे। कार्यक्रम में 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। नीट पेपर लीक पर भी की चर्चा सिसोदिया ने नीट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। छात्रों से उनका अनुभव जाना और कहा क्या कभी सुना है अमेरिका, जापान में पेपर लीक हुआ है? हमारे देश में ही क्यों होता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पर तंज कसते हुए कहा कि एयर फोर्स लगाने से क्या पेपर लीक बंद हो जाएगा? लीक करने वाला तो साथ ही रहेगा। हमें सिस्टम बदलना पड़ेगा। सिसोदिया ने कहा कि तीन घंटे की परीक्षा से किसी बच्चे को जज करना गलत है। पेपर लीक के कारण कई बच्चों ने सुसाइड भी किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी शिक्षा पर बात करे उसे चुनना चाहिए। कॉकरोच पार्टी को लेकर क्या बोले सिसोदिया? सिसोदिया ने कॉकराच पार्टी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉकराच पार्टी भी शिक्षा पर बात कर रही है और जो शिक्षा पर बात करेगा मुझे अच्छा लगेगा। भले ही भाजपा ही क्यों न करें। उन्होंने कहा कि भारत अकेला ऐसा देश नहीं है यहां डॉक्टर बनते हैं। सभी देशों में बनते हैं लेकिन दुनिया के किसी भी देश में ऐसा एजुकेशन सिस्टम नहीं है यहां तीन घंटे की परीक्षा में बच्चे को जज किया जाता हो। उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि फोर्स लगाने से क्या पेपर लीक बंद हो जाएगा। लीक करने वाला तो साथ ही रहेगा। हमें सिस्टम बदलना पड़ेगा। पांच प्रतिशत फीस बढ़ोतरी का नियम किताबों पर भी लागू होगा प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसते हुए सिसोदिया ने कहा कि अब कोई भी स्कूल पांच प्रतिशत से ज्यादा वार्षिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसका बिल राज्यपाल को भेज दिया गया है। यह नियम सिर्फ फीस पर ही नहीं, किताबों के दामों पर भी लागू होगा। ऐसा नहीं चलेगा कि 5000 की किताब अगले साल 20,000 में बेच दो। ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। सिसोदिया ने कहा कि जब तक एजुकेशन सिस्टम ठीक नहीं होगा, भारत विकसित देश नहीं बन सकता। पंजाब सरकार आगे भी शिक्षा पर काम करती रहेगी। वर्ष 2022 में आप सरकार बनने के बाद का किस्सा सुनाते हुए सिसोदिया ने कहा कि वह शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ स्कूलों का दौरा करने निकले थे। बैंस ने कहा बाउंड्री टूटी है, इसे बनवाते हैं। मैंने कहा अकेले बाउंड्री क्यों? स्कूलों में लैब बनाएंगे, कंप्यूटर लगाएंगे, बच्चों को नई तकनीक से जोड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि अब पंजाब के स्कूलों की हालत सबके सामने है। अच्छी बिल्डिंगें बनी हैं।

अब लाइसेंस और NOC के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर दिल्ली में

नई दिल्ली अब लाइसेंस, होटल रजिस्ट्रेशन, NOC, सीवर कनेक्शन जैसे कामों के लिए दिल्ली की जनता और कारोबारियों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार ने 23 सेवाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराने के दायरे में कर दिया है। यानी अब आवेदन करने वालों को पहले से पता होगा कि उनका काम कितने दिनों में होगा और देरी होने पर जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।     दिल्ली सरकार ने 23 नई सेवाओं को दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलिवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011 के तहत शामिल किया है।     इसका मतलब है कि अब कई जरूरी सरकारी सेवाएं तय समय सीमा में देनी होंगी।     सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों के साथ, कारोबारियों, होटल, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का मकसद नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना है।     अब विभिन्न विभागों से मिलने वाली महत्वपूर्ण अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएंगे।     अनावश्यक देरी कम होगी और बार-बार दफ्तरों के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। किस काम के लिए कितना समय लगेगा?     दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा     पावर डिपार्टमेंट बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में।     खाद्य व्यवसाय के लिए राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय का एनओसी 60 दिनों में मिलेगी।     होटल पंजीकरण या संचालन अनुमति 60 दिनों में और बूचड़खाना लाइसेंस 60 दिनों में जारी किया जाएगा।     मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक , श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी तिराहा पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्र प्रथम के प्रति समर्पित प्रखर विचारधारा, देश की अखंडता के लिए उनका दृढ़ संकल्प सदैव प्रेरणा देता रहेगा। देश अनंतकाल तक डॉ.मुखर्जी का ऋणी रहेगा।  

एकाधिक वोटर ID मामले में अभिनेता प्रकाश राज पर शिकंजा, कोर्ट ने जारी किया NBW

मुंबई  बॉलीवुड-साउथ एक्टर प्रकाश राज को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. बेंगलुरु की एक अदालत ने एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ एक गैर-जमानती वॉरंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है. ये मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि उनके पास कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं।  प्रकाश राज के खिलाफ वॉरंट जारी ये शिकायत 2019 में वकील दिलीप कुमार ने हलासूरू गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि राज के पास चार राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं, जिनमें कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं और अगर ये साबित हुआ, तो यह चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन होगा।  दिलीप कुमार ने कहा कि पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बाद में बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर और चुनाव आयोग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी नागरिक को देश में केवल एक ही जगह मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. शिकायत में आरोप है कि प्रकाश राज ने कई मतदाता पहचान पत्र रखकर इन नियमों का उल्लंघन किया।  विवादों में प्रकाश राज 48वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत ने कथित तौर पर दो मौकों पर एक्टर को समन भेजे थे और अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. हालांकि, प्रकाश राज दोनों तारीखों पर पेश नहीं हुए. बार-बार समन के बावजूद उनकी गैरहाजिर होने को देखते हुए अदालत ने अब उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है, जिससे इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।  प्रकाश राज के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वो जल्द ही दृश्यम 3 में नजर आने वाले हैं. फिल्म के 2 सीक्वल बॉक्स ऑफिस हिट रहे हैं. फैन्स को उम्मीद है कि फिल्म का तीसरा पार्ट भी सुपरहिट होगा।  

शेयर बाजार में भारी तबाही, 23 लाख करोड़ स्वाहा; हालात ऐसे कि ट्रेडिंग तक करनी पड़ी बंद

मुंबई  नई दिल्‍ली. अमेरिका में टेक शेयरों की जोरदार बिकवाली के कारण बाजार में आई गिरावट एशियाई बाजारों तक पहुंच गई है. भारतीय शेयर बाजार आज लाल निशान में कारोबार कर रहा है. समाचार लिखे जाने तक सेंसेक्‍स 574 अंक टूटकर तो 168 अंक गिरकर कारोबार कर रहा था. एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को लगा. मेन इंडेक्‍स कोस्पी 9% से ज्यादा टूट गया. भारतीय समयानुसार दिन के 11 बजकर 34 मिनट पर सर्किट लगने के बाद कोस्‍पी में ट्रेडिंग रोक दी गई. तीन घंटे में ही निवेशकों के ₹23 लाख करोड़ डूब गए।  दक्षिण कोरिया के अलावा जापान, चीन, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में दिखाई दिए. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.5% गिर गया. चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स लगभग 1% नीचे आ गया. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया. ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी फिसल गया।  अमेरिका में एआई शेयरों में गिरावट सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. इसका असर एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स के फ्यूचर्स पर भी पड़ा है. एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.53% नीचे और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स लगभग 1% तक फिसल गए. सबसे ज्यादा दबाव उन कंपनियों पर दिखा, जिन्हें AI क्रांति का सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला माना जा रहा था. अमेरिका की इस कमजोरी का असर दक्षिण कोरिया में दिखाई दिया. दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और उसका शेयर बाजार एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर से काफी हद तक जुड़ा हुआ है।  तेजी पर सवार था कोरियाई शेयर बाजार सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियां AI सर्वर और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की दुनिया की सबसे बड़ी सप्लायर हैं. पिछले कई महीनों से AI की मांग बढ़ने के कारण इन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई थी. इस वजह से कोस्‍पी में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई. लेकिन आज, 23 जून को अचानक निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।