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टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आय, वन मंत्री केदार कश्यप ने बताए फायदे

रायपुर ; टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ : वन मंत्री केदार कश्यप उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित निजी भूमि पर सागौन रोपण के लिए शासन दे रहा 100 प्रतिशत तक अनुदान रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज अरण्य भवन, नवा रायपुर में आज “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में  शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित सागौन है सुरक्षित और लाभकारी हरित निवेश कार्यशाला को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन (टीक) का प्रबंधन और उन्नत रोपण उच्च गुणवत्ता वाली इमारती लकड़ी के उत्पादन और शानदार मुनाफे का सौदा है स उन्होंने कहा कि सागौन विश्व की सबसे मूल्यवान इमारती लकड़ियों में से एक है। इसकी मजबूती, टिकाऊपन और दीमक-रोधी गुणों के कारण इसे लकड़ी का राजा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में निवेश करते हैं, उसी तरह सागौन का पौधा लगाना भी एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश है। इससे किसानों को भविष्य में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। टिश्यू कल्चर पौधों से बढ़ेगी उत्पादकता वन मंत्री कश्यप ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं। इन पौधों का तना सीधा और गुणवत्तापूर्ण होता है, जिससे बेहतर गुणवत्ता की लकड़ी प्राप्त होती है और किसानों की आय बढ़ती है। अंतरवर्ती फसलों से होगी अतिरिक्त आमदनी कश्यप ने बताया कि किसान सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में पौधों के बीच खाली स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। वहीं 8 से 10 वर्ष बाद वृक्षों की छंटाई (थिनिंग) से भी आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। राज्य शासन द्वारा निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जा रहा है। 5 एकड़ तक के किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान छोटे और सीमांत किसानों के लिए 5 एकड़ तक सागौन रोपण पर 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इसके तहत प्रति पौधा 94.50 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। बड़े वृक्षारोपण प्रकल्पों को 50 प्रतिशत सहायता 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण करने वाले किसानों एवं संस्थाओं को 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक जानकारी कार्यशाला में कोयम्बटूर से आईं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. रेखा आर. वारियर और डॉ. आर. यशोदा ने किसानों को उन्नत सागौन उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी के चयन, पौधों की देखभाल, रोग प्रबंधन तथा टिश्यू कल्चर आधारित पौधों की विशेषताओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। छत्तीसगढ़ में सागौन उत्पादन की व्यापक संभावनाएं विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी सागौन उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। बीजापुर, भोपालपटनम, कोटा, अंबागढ़ चौकी, रायगढ़, सराईपाली और नारायणपुर सहित कई क्षेत्रों में सागौन आधारित कृषि वानिकी किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध किसानों से अपील कार्यशाला के समापन अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने किसानों से बड़े पैमाने पर सागौन रोपण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि  श्खेत में सागौन, हर किसान समृद्धश् का संकल्प प्रदेश में हरित विकास और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

दिल्ली में नया फ्लाईओवर पूरा, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली की दूरी घटेगी

नई दिल्ली  अगले महीने से एम्स, साउथ एक्स या आईएनए से मयूर विहार फेज-2 और आसपास के इलाकों में आने-जाने वालों का सफर सुहाना होने वाला है। साउथ दिल्ली को पूर्वी दिल्ली से कनेक्ट करने के लिए 3.5 किमी लंबा बनाए जा रहे बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का अंतिम स्लैब पियर सोमवार को रखा गया। फ्लाईओवर के कुल 79 पियर हैं, जिस पर 80 स्लैब रखे गए हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इसका निरीक्षण किया। पहले 30 जून तक फ्लाईओवर से ट्रैफिक संचालन का प्लान था, लेकिन मौके पर जैसे हालात हैं, उसे देखने के बाद उद्घाटन अगले महीने तक ही संभव है। होगी समय की बचत मंत्री के अनुसार, इस फ्लाईओवर से ट्रैफिक संचालन शुरू होने के बाद एम्स और आईएनए से मयूर विहार फेज-2 और आसपास के इलाकों में आने जाने में महज 10 मिनट का वक्त लगेगा। वर्तमान में नई दिल्ली एरिया के आईएनए, एम्स या सफदरजंग से पूर्वी दिल्ली जाने में कम से कम 50 मिनट से एक घंटे का वक्त लगता है। फेज-3 फ्लाईओवर का काम साल 2015 में शुरू हुआ था और साल 2017 में इसे पूरा करना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद, अलग अलग विभागों से मंजूरी में देरी और तकनीकी जटिलताओं और प्रशासनिक कारणों से यह प्रोजेक्ट बरसों तक लंबित रहा। देरी की वजह से ही प्रोजेक्ट कॉस्ट में काफी बढ़ोतरी हुई। यमुना के दोनों छोर पर स्थित फ्लड प्लेन एरिया में स्लैब का काम कंप्लीट हो चुका है। यमुना के बीचो-बीच एक स्लैब पियर्स पर रखना था, यह काम भी आज पूरा हो गया है।

सीएलसी राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी, 1.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रवेश का अवसर

भोपाल उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संचालित ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी कर दिए गए हैं। इस राउंड में प्रदेश के कुल 1 लाख 29 हजार 265 विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में सीट आवंटित की गई है। आवंटित विद्यार्थियों में 94 हजार 703 स्नातक (यूजी) तथा 34 हजार 562 स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। महाविद्यालय आवंटन के उपरांत विद्यार्थी निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर अपने प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए 30 जून तक प्रवेश शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने का आग्रह किया है, जिससे उनका प्रवेश सुनिश्चित हो सके। विभाग ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी एवं आवश्यक निर्देशों के लिए ई-प्रवेश पोर्टल का नियमित अवलोकन करते रहें।  

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: SIT की रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई

अयोध्या अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी (SIT) ने अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में क्या है इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। बस इतना बताया गया है कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। राममंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी को 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था। अयोध्या में सात दिन की जांच के बाद मंगलवार को एसआईटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी है। बताया जा रहा है कि करीब सवा सौ पन्नों की इस रिपोर्ट में कुछ सिफारिशें भी की गई हैं। एसआईटी की जांच अभी जारी रहेगी। माना जा रहा है कि एसआईटी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद वापस अयोध्या लौट जाएगी। लखनऊ के मंडलायुक्त और तीन सदस्यीय एसआईटी के प्रमुख विजय विश्वास पंत ने दोनों सदस्यों के साथ एसीएस होम को यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उनके आधार पर यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। एसआईटी के सदस्यों ने रिपोर्ट के बारे में कुछ बताया नहीं है। बस इतना कहा गया है कि जांच की कार्यवाही अभी प्रचलित है। माना जा रहा है कि इस प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ अहम जानकारियां हो सकती है। एसआईटी इस मामले की जांच में लगातार जुटी हुई थी।     जारी है जांच, नए चेहरे रडार पर, चर्चा में कई नाम चढ़ावा प्रकरण की प्रथम स्तर की जांच पूरी होने के बाद अब कुछ नए नामों की चर्चा तेज हो गई है, जो रामजन्मभूमि में कर्मचारी नहीं हैं फिर भी कहीं न कहीं उनका जुड़ाव ट्रस्ट के प्रभावशाली लोगों से रहा, जिसका फायदा भी उन्हें मिला। सूत्र बताते हैं कि अब उन लोगों ने भी एसआईटी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल सोमवार को परिसर में एसआईटी के सभी अधिकारी उपस्थित नहीं थे, इसलिए ज्यादा लोगों से पूछताछ नहीं की गई है। कागजों की जांच-पड़ताल करने की जानकारी मिली है। माना जा रहा है किद मुख्यमंत्री को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद ही अधिकारी द्वितीय स्तर की जांच करने के लिए रामधाम पहुंचेंगे। एसआईटी सोमवार को पूरे मंदिर परिसर में नजर नहीं आई। उसका स्टाफ जरूर तथ्यों को जुटाने में लगा रहा। धातुओं के मंदिर में इस्तेमाल, भंडारण जांच भी जद में चढ़ावे की रकम के बाद दान में दी गई धातुओं के सही इस्तेमाल होने या न होने का शक, फिर मंदिर निर्माण में कमीशन लेने का आरोप, यह विषय इस तरह के हैं, जिससे कहा जा सकता है कि जांच की निर्धारित अवधि पर्याप्त नहीं है। एसआईटी के गठन के समय आरोप केवल मंदिर पर चढ़ावे की रकम में हेरफेर का था, इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू होने के साथ आरोपों की संख्या बढ़ती चली गई और मामला बड़ा हो गया। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार है और माना जा रहा है, जिसमें चढ़ावे की रकम को प्रमुखता दी गई है। सूत्र बताते हैं कि प्रमुख आरोपियों से पूछताछ और मानक के विपरीत कार्य करने को आधार बनाया गया है। जांच में नोटों की गिनती और धातुओं को रखने के दौरान जिस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, वह नहीं की गई। मामले में हर स्तर पर गलतियां उजागर हुई हैं।

CM डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के CEO हेमंत रुपानी की मुलाकात, निवेश और उद्योग पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख सुअश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

नीतीश कुमार का सख्त रुख, पटना-राजगीर रोड प्रोजेक्ट में देरी पर अधिकारियों को चेतावनी

राजगीर. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Choudhary) मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सालेपुर-राजगीर निर्माणाधीन सड़क परियोजना के प्रथम खंड का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी तथा वरीय अधिकारियों को कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने का निर्देश दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क परियोजना बिहार के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजगीर से पटना की दूरी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। लोगों को राजगीर से राजधानी पटना तक का सफर लगभग दो घंटे में तय करने की सुविधा मिलेगी। इस नई सड़क के चालू होने से क्षेत्र के अन्य वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। साथ ही राजगीर का सीधा और बेहतर संपर्क पटना से स्थापित होगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति से अवगत कराया। पूर्व मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने पर विशेष जोर दिया। यह सड़क परियोजना नालंदा और आसपास के क्षेत्रों के लिए विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।

बिजली व्यवस्था के साथ बदलेगी शहर की सूरत, कपूरथला में PSPCL ने शुरू किया सौंदर्यीकरण अभियान

कपूरथला. बिजली नेटवर्क को मजबूत करने, जन सुरक्षा में सुधार लाने और शहरी सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) द्वारा जिले भर में बिजली बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और सौंदर्यीकरण के विभिन्न प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। डीसी आकाश बंसल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सौंदर्यीकरण योजना और अर्बन लोकल बॉडीज (यूएलबी) प्रोग्राम के तहत किए जा रहे इन कार्यों में नीचे लटकती बिजली की तारों की ऊंचाई बढ़ाना, क्षतिग्रस्त खंभों और मीटरों को बदलना, नए ट्रांसफार्मर लगाना तथा बिजली वितरण प्रणाली को अपग्रेड करना शामिल है। डीसी ने बताया कि जिले भर में सौंदर्यीकरण योजना के अंतर्गत पुराने और असुरक्षित खंभों को बदलने, नए खंभे लगाने, पुराने मीटर बॉक्स बदलने, नई बिजली केबल बिछाने तथा यातायात में बाधा बनने वाले खंभों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से न केवल बिजली स्पलाई की विश्वसनीयता में सुधार होगा, बल्कि लटकती तारों और खराब खंभों को हटाकर शहर के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार यूएलबी योजना के तहत बेगोवाल, भुलत्थ, नडाला, सुल्तानपुर लोधी और ढिलवां में भी बुनियादी ढांचे के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। जिले में कुल 52 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 47 ट्रांसफार्मर पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें भुलत्थ और बेगोवाल में 7, नडाला में 4, सुल्तानपुर लोधी में 5 तथा ढिलवां कस्बे में 4 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा 41 मौजूदा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है तथा कंडक्टरों सहित अन्य वितरण उपकरणों को भी उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम ने कपूरथला शहर में रिहायशी मकानों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों को बदलने के लिए पीएसपीसीएल के पास आवश्यक धनराशि जमा करवा दी है और यह कार्य युद्धस्तर पर जारी है। डीसी ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वे प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 01822-233777 पर संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान डिप्टी चीफ इंजीनियर डॉ. सुरिंदर पाल सोंधी ने लोगों से अपील की कि वे खराब खंभों, लटकती बिजली की तारों तथा असुरक्षित मीटर बॉक्सों की जानकारी देने के लिए 9646116005, 9646116017, 9646116018 या 9646119674 पर संपर्क करें अथवा se-ds-kapurthala@pspcl.in और sedskapurthala@yahoo.in पर ई-मेल भेज सकते हैं।

रामनगर मंदिर में सेंधमारी: चोरों ने दानपात्र का ताला तोड़कर नकदी उड़ाई, पुलिस जांच में जुटी

अम्बेडकरनगर अम्बेडकरनगर थाना क्षेत्र के रामनगर कस्बे में स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर से चोरों ने पुलिस की सक्रियता को धता बताते हुए मंदिर की जाली को तोड़ कर दानपत्र में रखा लगभग दस हजार रुपयों पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने दानपत्र के ताले को तोड़ नगद रूपये को पार किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले में छानबीन करने में जुटी है। आलापुर थाना क्षेत्र के रामनगर कस्बे में चौक से लगभग सौ मीटर पश्चिम स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में मंगलवार को सुबह जब एक माली पहुंचा तो उसने मंदिर के बाहरी हिस्से में लगी जाली को टूटा हुआ पाया। जिसकी जानकारी उसने आसपास के नागरिकों को देते हुए मंदिर के पुजारी वरुण तिवारी को दी। मौके पर पहुंचे पुजारी वरुण तिवारी ने देखा तो परिसर में रखे दानपत्र का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे चढ़ावे के लगभग दस हजार रुपए गायब थे। पंचमुखी हनुमान मंदिर के दानपत्र से रुपए चोरी होने की सूचना मिलते ही कस्बेवासियों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची आलापुर पुलिस ने घटना की जानकारी ली और छानबीन शुरू किया। थानाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से चोरों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही खुलासा कर दिया जायेगा।

स्क्रैप चोरी कांड में शिकंजा, 3 करोड़ की संपत्ति कुर्क; आरोपियों को भेजा गया जेल

दुर्ग. भिलाई स्टील प्लांट से संगठित स्क्रैप चोरी मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत तीनों आरोपियो की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अब उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने इस आरोपियो की करोड़ों रुपये की संपत्ति, सोने चांदी के गहने समेत भूमि प्लाट संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं. एक सप्ताह तक पूछताछ से पुलिस को कई चौकाने वाली जानाकरी भी मिली, जिसके आधार पर अब पुलिस बीएसपी के अधिकारियों से पूछताछ करेगी. दरअसल, पुलिस को पूछताछ में पता चला कि लगभग 6 महीने से आरोपी किस तरह लोहे के स्कैप को फ्लाई एस डस्ट की आड़ में प्लांट से बाहर निकाल कर अक्लोरडीह स्थित गोडाउन तक पहुंचाते थे. 26 मई को रेड कार्रवाई में पुलिस ने अकलोरडीह स्थित ए के ट्रेडर्स से लगभग 250 टन लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये, जप्त की थी. साथ ही परिवहन, लोडिंग में उपयोग वाले वाहनों और मशीनों सहित कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये कीमत की संपत्ति भी बरामद की. पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा चोरी से अर्जित धनराशि को अचल संपत्ति एवं आभूषणों में निवेश किए जाने संबंधी जानकारी मिली. इसके आधार पर मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये के सोने चांदी के गहने और लगभग 03 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जप्त किए गए हैं. इसके अलावा स्क्रैप परिवहन में उपयोग में लाए गए वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट भी जप्त किए गए हैं. पूर्व में 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है. इस मामले में जांच के दौरान मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया क्षेत्र से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा अमित शर्मा और आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया. आरोपी को 16 जून को गिरफ्तार कर 07 दिवस की पुलिस रिमांड लिया गया था. ईस दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों को खुर्सीपार गेट से एसएमएस-3 तक मुख्य घटनास्थल ले जाकर घटनास्थल का सीन रिक्रियेट कराया गया.

रात में हनुमान जी की पूजा क्यों मानी जाती है सबसे फलदायी? जानिए धार्मिक मान्यता

हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी आराधना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और साहस, शक्ति व आत्मविश्वास का वरदान मिलता है. ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यदि पूजा पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ की जाए तो उसका प्रभाव और भी अधिक होता है. ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़े मंगल के अवसर पर जानते हैं कि आखिर संध्या या रात्रि के समय हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी क्यों मानी जाती है. रात में क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा? आमतौर पर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है. लेकिन शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यदि संभव हो तो संध्या या रात्रि के समय उनकी उपासना करना अधिक फलदायी माना गया है. मान्यता है कि संध्या काल में भगवान शिव समस्त सृष्टि का भ्रमण करते हैं. चूंकि हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है, इसलिए इस समय उनकी पूजा का महत्व और बढ़ जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि दिनभर हनुमान जी प्रभु श्रीराम की सेवा में लगे रहते हैं. इसलिए संध्या और रात्रि का समय उनकी आराधना के लिए विशेष माना गया है. इस समय हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अधिक प्रभावशाली बताया गया है. हनुमान जी की पूजा कैसे करें? हनुमान जी की पूजा करने से पहले तन और मन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पूजा के समय लाल रंग का आसन बिछाकर बैठना शुभ माना गया है. साधक को अपने विचार, वाणी और व्यवहार में संयम रखना चाहिए और यथासंभव सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए. पूजा स्थल पर भगवान श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. सबसे पहले भगवान श्रीराम का पूजन करें, क्योंकि हनुमान जी स्वयं प्रभु श्रीराम के परम भक्त हैं. इसके बाद घी का दीपक जलाकर फल, पुष्प और मिष्ठान अर्पित करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती के बाद अपनी मनोकामना व्यक्त करें.