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पूर्व मध्य रेल की नई साप्ताहिक ट्रेन, पुणे रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत

 पटना बिहार से महाराष्ट्र के पुणे जाने वाले रेल यात्रियों के लिए पूर्व मध्य रेल की ओर से एक बहुत ही शानदार और बड़ी सुविधा सामने आई है। यात्रियों की भारी भीड़ और सहूलियत को देखते हुए रेलवे ने दानापुर और पुणे के बीच एक नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने सोमवार को बताया कि इस नई अमृत भारत एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन का नियमित परिचालन आगामी 27 जून से शुरू होने जा रहा है। इस आधुनिक ट्रेन के शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को सीटों के लिए होने वाली मारामारी से बड़ी राहत मिलेगी और सफर काफी आरामदायक हो जाएगा। ट्रेन का ये रहेगा रूट और पूरा टाइम टेबल यह नई स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से साप्ताहिक आधार पर चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को दोनों तरफ से आने-जाने का बेहतर विकल्प मिलेगा। यह गाड़ी दानापुर से खुलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU), प्रयागराज छिवकी, जबलपुर, इटारसी और भुसावल के रास्ते होते हुए पुणे तक का सफर तय करेगी। गाड़ी संख्या 11431 पुणे-दानापुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को पुणे से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी और सोमवार की रात 1 बजकर 30 मिनट पर दानापुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में, गाड़ी संख्या 11432 दानापुर-पुणे अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर दानापुर स्टेशन से खुलकर अगले दिन यानी मंगलवार की सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर पुणे पहुंचेगी। ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं इस नई अमृत भारत ट्रेन को यात्रियों के सफर को पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए गए हैं। इनमें स्लीपर क्लास के 8 कोच, जनरल के 7 कोच, पैंट्रीकार का 1 कोच और एसएलआरडी (SLRD) के 2 कोच शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि पुश-पुल तकनीक वाली इस ट्रेन के चलने से कम किराए में लोगों को बेहतरीन वेंटिलेशन, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और बायो-टॉयलेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ सफर करने का मौका मिलेगा। इस रूट पर नई ट्रेन के आने से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अब एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प मिल गया है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बड़ा बदलाव: विश्वविद्यालयों में अपार आईडी से होगा एडमिशन

रांची  राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में चांसलर पोर्टल से नामांकन में अनिवार्य रूप से अपार आइडी देनी होगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसे अनिवार्य किया है। विभाग ने इसे लेकर सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर दिया है। यह शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही लागू होगा। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में राज्य में एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट, नेशनल एकेडमिक डिपाजिटरी, क्रेडिट ट्रांसफर तथा मल्टीपल एंट्री-एग्जीट जैसी सुविधाएं लागू की गई हैं। इन सभी सुविधाओं के लिए शैक्षणिक प्रमापपत्रों का डिजिटल प्रबंधन तथा सत्यापित अपार आइडी अनिवार्य है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने नामांकन के समय सत्यापित अपार आइडी अपलोड करने को कहा है। विभाग ने यह भी कहा है कि चांसलर पोर्टल पर इसके सफल प्रमाणीकरण के बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई है कि प्रवेश, नामांकन, पंजीकरण सहित अन्य प्रक्रियाएं भी चांसलर पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी, जिनमें अपार आइडी अनिवार्य होगा। विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से सत्यापित अपार आइडी तैयार रखने तथा नामांकन प्रक्रिया में उसके इस्तेमाल का सुझाव दिया है। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों को भी इसे सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है। कैसे बनाएं अपार आइडी? अपार आइडी अर्थात एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट्स कार्ड डिजी लाकर या एबीसी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे बनाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले डिजीलाकर की वेबसाइट पर लागिन कर अपना अकाउंट बनाएं। डिजीलाकर मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आप नए यूजर हैं, तो 'साइन अप' पर क्लिक कर अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से उसे सत्यापित करें। इसके बाद छह अंकों का सेक्युरिटी पिन सेट करें। इसके बाद अपने अकाउंट में लागिन कर सर्च डाक्यूमेंट में जाएं और एबीसी आइडी और अपार सर्च करें। इसमें मांगी गई सभी जानकारी भरने के बाद कंसेंट बाक्स को चेक करें ओर गेट डाक्यूमेंट या सबमिट पर क्लिक करें। इसी के साथ आपकी अपार आइडी जेनरेट हो जाएगी।  

मोर्चरी में बदइंतजामी का खुलासा, डी-फ्रिज खराब होने से महिला का शव सड़ा

समालखा. उपमंडल अस्पताल में डी-फ्रिज के खराब होने से एक महिला का शव खराब होने से स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर रोष व्यक्त किया। महिला के भाई का कहना था कि शव फूल गया और काला पड़ गया। बदबू आ रही थी। स्वजन ने कपड़ों से उसकी पहचान की। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि रात में डी फ्रिज का कूलिंग सिस्टम खराब हो गया। शव रखने के समय ठीक था। खराब फ्रिज को बदल दिया गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कर स्वजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में चार फ्रिज थे, जिनमें जरूरी होने से दो को सिविल अस्पताल, पानीपत लाया गया था। उनमें अब एक वापस समालखा भेज दिया गया है। उपमंडल अस्पताल में अब तीन डी फ्रिज हैं। एक और फ्रिज समालखा भेज दिया जाएगा। रविवार की सुबह मच्छरौली गांव की एक नवविवाहिता सरिता पत्नी शुभम उर्फ अश्वनी ने मायके में फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने दोपहर के समय महिला के शव को उपमंडल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया था। सोमवार दोपहर पुलिस और महिला के स्वजन जब पोस्टमार्टम के लिए शव निकालने गए तो वह खराब होने से पहचान में नहीं हो पा रही थी। इस पर स्वजन ने रोष व्यक्त किया। जांच अधिकारी अमित त्यागी ने कहा कि बिजली में फाल्ट से ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि महिला के स्वजन ने उसके पति शुभम उर्फ अश्वनी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसकी शिकायतों की जांच की जा रही है। महिला की चार माह पहले सोनीपत के गांव मोहम्दाबाद में शादी हुई थी, जो डेढ़ माह से मायके में रह रही थी। ससुरालियों के नहीं ले जाने से परेशान थी। मच्छरौली के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलराज सिंह ने कहा कि मोर्चरी में शव को सही रखने का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। फ्रिजर सही चल रहा है या नहीं इसकी जांच पड़ताल करते रहना चाहिए।

1975 का आपातकाल याद करते हुए संजय सरावगी बोले बिहार बना था लोकतंत्र बचाने की ताकत

पटना  आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के मौके पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने उस दौर को याद करते हुए दावा किया है कि देश में लोकतंत्र की रक्षा की सबसे मजबूत लड़ाई बिहार की धरती से लड़ी गई थी। उनके अनुसार, आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार की गलियों और परिवारों में उस संघर्ष की यादें जीवित हैं, जिसने तानाशाही के खिलाफ जनआंदोलन का रूप लिया था। 25 जून 1975: जब एक रात में बदल गया देश का राजनीतिक माहौल 25 जून 1975 की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने देश में आपातकाल लागू किया था। इसके बाद नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां शुरू हुईं और प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। बिहार में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया और विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई। जेपी आंदोलन को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी लड़ाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में शुरू हुआ छात्र आंदोलन आगे चलकर लोकतंत्र बचाने के राष्ट्रीय अभियान में बदल गया। इस आंदोलन का नेतृत्व Jayaprakash Narayan ने किया था। उनके अनुसार, जेपी के आह्वान पर हजारों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष किया। कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नांडिस के संघर्ष का किया जिक्र लेख में Karpoori Thakur और George Fernandes की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। दावा किया गया कि आपातकाल के दौरान कई नेता भूमिगत रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाते रहे। उस समय सरकारी कार्रवाई के बावजूद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखा। संघ और जनसंघ की भूमिका को बताया आंदोलन की रीढ़ संजय सरावगी ने कहा कि आपातकाल के दौरान Rashtriya Swayamsevak Sangh और Bharatiya Jana Sangh के कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कहना है कि प्रतिबंधों और गिरफ्तारियों के बावजूद कार्यकर्ता भूमिगत रहकर संदेशों और आंदोलन की गतिविधियों को आगे बढ़ाते रहे। 1977 का चुनाव बना लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक लेख में 1977 के आम चुनाव को लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया गया है। भाजपा नेता के अनुसार, जनता ने चुनाव के माध्यम से आपातकाल की नीतियों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि बिहार ने उस दौर में सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया। 51वीं वर्षगांठ पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए याद किया है। संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल का इतिहास केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी देता है।

सफाई व्यवस्था पर सख्त हुए हरजोत बैंस, मोगा दौरे के दौरान निगम कमिश्नर को थमाया नोटिस

चंडीगढ़/मोगा. पंजाब सरकार के ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार सुबह मोगा शहर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर में कई स्थानों पर खुले में कूड़े के ढेर और खराब सफाई व्यवस्था मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम मोगा के कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर कचरा जमा मिला, जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित स्वच्छता मानकों के विपरीत पाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। यह अभियान केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता बेहतर सुविधाओं की हकदार है और अपने दायित्वों का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि वह स्वयं इस तकनीक आधारित स्वच्छता अभियान की निगरानी कर रहे हैं। अभियान के तहत नगर निगम कमिश्नरों से लेकर कार्यकारी अधिकारियों तक सभी अधिकारियों के लिए प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड विजिट अनिवार्य की गई है। इसके अलावा प्रत्येक शहर को 10 किलोमीटर के जोन में विभाजित कर अलग-अलग पर्यवेक्षण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मंत्री ने कहा कि शहरों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी शहरी विकास की रीढ़ हैं और सरकार उनके सहयोग से पंजाब के सभी शहरों को उच्चतम स्वच्छता मानकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि स्वच्छता किसी भी कीमत पर समझौते का विषय नहीं है और सरकार इस दिशा में सख्ती से काम करती रहेगी।

बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, राजनांदगांव मंडी में पानी भरने से धान खराब

राजनांदगांव. आज शाम को अचानक मौसम में आए परिवर्तन के बाद 1 घंटे तक कोई मूसलाधार बारिश है. बसंतपुर क्षेत्र में स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में भी पानी का जमाव हो गया. जगह-जगह पानी का जमा होने से किस से लेकर आम लोगों की परेशानियां बढ़ी रही. प्रवेश द्वार के समीप भी नाले की साफ सफाई नहीं होने के कारण नाले में पानी का जमाव हो जाने से प्रवेश द्वार के समीप भी अधिक पानी भर जाने से वाहन चालक भी परेशान होते रहे. अचानक हुई बारिश से शेड के नीचे चबूतरे पर रख धान भी भीग गया. बारिश से बोरों को बचाने के लिए हमाल को काफी मशक्कत करनी पड़ी. राजनांदगांव जिले में भी लगातार मौसम में आ रहे परिवर्तन की बात कभी तेज तो कभी रुक रुक कर बारिश हो रही है इससे जन जीवन प्रभावित हो रहा है. दो दिनों तक बारिश होने के बाद आज फिर से दोपहर बाद अचानक मौसम में परिवर्तन देखने को मिला शाम 5 बजे से 6 बजे तेज गर्जना और हवाओं के बीच मूसलाधार बारिश हुई. अचानक बारिश होने से मंडी परिसर में रखा धान भी भींग गया. जगह-जगह पानी का जमाव भी देखने को मिला है. ऐसे में मंडी में व्यवस्थापन करने वालों की परेशानियां बढ़ी रही.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रूपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरुरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिये महत्वपूर्ण है। 225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्रदाय करने के लिए किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से … Read more

‘जिन्हें पेपर बनाना था, वही लीक कराने वालों से जा मिले’, NEET घोटाले पर शिक्षा मंत्री का तीखा हमला

  नई दिल्ली देशभर में 21 जून को परी-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था जिसमें करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने पेपर दिया था. पेपर पूरा होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आजतक को इंटरव्यू देते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर माफिया और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेक्सस को तोड़ना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।  अभिभावकों समेत सबको आभार आजतक से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों, छात्रों समेत री-नीट को सही से आयोजित करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि ये केवल एजेंसी या सरकार की जिम्मेदारी से नहीं बल्कि हर किसी के छोटे-छोटे योगदान से हुआ है। भविष्य में न उठे कोई सवाल   शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे. इसी दिशा में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक से अधिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित बनाया जा सकता है. उनका मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।  नागपुर छात्र का भी किया जिक्र केंद्रीय मंत्री ने नागपुर छात्र का भी जिक्र किया जिसकी री-नीट परीक्षा केंद्र अबूधाबी हो गया था. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि छात्र की ओर से ही एग्जाम सेंटर को अबूधाबी किया था लेकिन हमने खुद छात्र के पिता से संपर्क किया. इसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा था जिसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को केवल राजनीति करनी है. उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं थी फिर भी वह इस मुद्दे में घुस गए।   CBSE के मुद्दे पर भी बोले  जब उनसे CBSE परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को सुधारना हमारा दायित्व है जिसपर हम काम कर रहे हैं. नीट को लेकर भी हमने गलती सुधारी है।  राहुल गांधी पर भी साधा निशाना  धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सवाल उठाना उनका फर्ज है लेकिन मेरा उनको सुझाव है कि वह सही सवाल उठाए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह बच्चों के मन में डर पैदा करने का काम कर रहे हैं।  प्रधानमंत्री की थी नजर  शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे. उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों और जांच प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई. सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल समाधान निकालना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था को तैयार करना है जिससे छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।  देर से पहुंचे छात्रों का भी किया जिक्र  इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन छात्रों का भी जिक्र किया जो परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस विषय को भी गंभीरता से देख रही है. उन्होंने माना कि ऐसे मामलों में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी कारणों से छात्र का नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, सुरक्षित और छात्र के हित बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि देश के करोड़ों छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी मेहनत और प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सकें।  रक्षक ही बन गए भक्षक  री-नीट के सफल आयोजन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मल्टीलेयर सुरक्षा के बीच आयोजित हुई परीक्षा. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा रखी गई थी. लेकिन 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में हुई पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि रक्षक ही भक्षक हो गया. जिन लोगों पर हमने भरोसा किया था कि पारदर्शी तरीके से प्रश्न पत्र बनाएंगे, उन लोगों ने बदमाशों के साथ मिलकर जो अपनी फायदे के लिए परीक्षा को तोड़ना चाहते हैं उनके वजह से 3 मई की घटना हुई है।   

शादी से पहले मंगेतर की हत्या! प्रेमी संग मिलकर 350 फीट खाई में धकेला, पुणे की सिया केस से सनसनी

 पुणे  महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले रियल एस्टेट फर्म के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुणे पुलिस ने मंगलवार को उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। उन पर केतन को पुणे के लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेलने का आरोप है। पहले इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में हत्या की साजिश सामने आई। मंगेतर सिया गोयल ने केतन की मौत के बाद क्या किया? यह घटना 18 जून को हुई थी। गहुंजे, पुणे जिले के निवासी 26 वर्षीय अग्रवाल का शव किले के पास एक खाई में मिला था। पुलिस ने पहले बताया था कि अग्रवाल अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर थे। तस्वीरें लेते समय वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। मंगेतर सिया गोयल ने लोनावाला ग्रामीण पुलिस को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि किले में सैर के दौरान अग्रवाल फिसलकर गिर गए थे। इसके बाद आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अग्रवाल की शादी इसी साल गोयल से होनी थी। परिवारों ने उदयपुर, राजस्थान में एक महल बुक कर भव्य शादी की तैयारियां की थीं। संदेह और जांच के दायरे पर एसपी ने क्या बताया? पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि मौत के हालात संदिग्ध लग रहे थे। इसी कारण पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। हमारी टीमों ने वित्तीय विवादों और व्यक्तिगत संबंधों सहित कई पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी मिली। गोयल का कोंढवा, पुणे निवासी 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ संबंध था। गोयल अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। वह अग्रवाल को चौधरी के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थी। कैसे हादसे की कहानी हत्या के शक तक पहुंची?     लोहागढ़ की पहाड़ियों पर हुई इस घटना के बाद शुरुआती जानकारी में कहा गया कि केतन फोटो लेते समय संतुलन खो बैठे और गहरी खाई में गिर गए. मौके पर मौजूद लोगों ने भी इसे दुर्घटना बताया. लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के हालात की जांच शुरू की तो कई ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने अधिकारियों को मामले की गहराई में जाने पर मजबूर कर दिया।      पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और केतन आखिर किन परिस्थितियों में खाई में गिरे. इसी दौरान जांच अधिकारियों को कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे यह संदेह पैदा हुआ कि मामला सिर्फ एक हादसा नहीं हो सकता. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जाने लगा।  सीसीटीवी फुटेज में क्या मिला? पुलिस जांच के दौरान लोहागढ़ और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया. अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी में एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां नजर आईं. युवक गर्मी के मौसम में हुडी पहने, कानों में हेडफोन लगाए और चेहरा छुपाने की कोशिश करते हुए इलाके में घूमता हुआ पाया गया. यही फुटेज जांच का अहम आधार बन गया. पुलिस ने उस युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की. इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।   तकनीकी जांच से खुला नया एंगल सीसीटीवी के अलावा पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की. पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तकनीकी तथ्यों ने घटना की दिशा बदल दी. जांच में कुछ ऐसे कनेक्शन सामने आए, जिनसे साजिश की आशंका और मजबूत हो गई. पुलिस का मानना है कि केतन की मौत के पीछे साजिश हो सकती है. इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और संभावित आरोपियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है।  होने वाली पत्नी पर क्यों गया शक?     पुलिस जांच के मुताबिक इस मामले में केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसकी एक सहेली को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि सिया ने अपने कुछ दोस्तों की मदद से केतन को लोहागढ़ की ऊंचाई से धक्का दिलवाया. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।      फिलहाल लोनावला ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है. शादी से कुछ दिन पहले हुई यह मौत अब महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल होती जा रही है।  हत्या की साजिश कैसे रची गई? पुलिस के अनुसार, गोयल और चौधरी ने अग्रवाल को खत्म करने की साजिश रची। योजना के तहत, गोयल अग्रवाल को सैर के बहाने लोहागढ़ किले ले गई। चौधरी को बाद में उसी स्थान पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अग्रवाल को किले से नीचे धकेल दिया। इससे उनकी मौत हो गई। संदेह के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने चौधरी को हिरासत में लिया।  आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई कैसे होगी? पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि अग्रवाल, चौधरी और गोयल के रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसलिए दोनों ने मिलकर अग्रवाल को खत्म करने की योजना बनाई। चौधरी की पूछताछ के आधार पर गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई। लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। आगे की जांच जारी है ताकि घटनाओं का सटीक क्रम स्थापित किया जा सके। फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी परिजनों के अनुसार केतन अपनी मंगेतर के जन्मदिन को लेकर भी बेहद उत्साहित थे. 19 जून को जन्मदिन था. उससे पहले और बाद के लिए कई योजनाएं बनाई गई थीं. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह की तैयारी की गई थी. इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए … Read more

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चढ़ावा गिनने वाले कर्मियों की वर्दी से हटेंगी जेबें

अयोध्या  यूपी के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की SIT जांच के बीच अनुबंध का कड़ाई से अनुपालन हो रहा है। वहीं, जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के साथ ही बैंक प्रबंधन ने गणना कर्मियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू कर दिया है। अब कर्मियों को बिना जेब वाली वर्दी पहननी होगी। राममंदिर भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने एक टीवी इंटरव्यू में सीधे तौर पर बैंक प्रबंधन को ज़िम्मेदार बताया था। उनका कहना था कि जब बैंक के साथ अनुबंध में साफ-साफ नियम बनाए गए तो गणना कर्मियों ने अनदेखी क्यों की। बताया जाता है कि बड़े क्लाइंट की वजह से बैंक ने बनारस की आउटसोर्सिंग करने वाली कंपनी से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को कर्मचारी उपलब्ध कराए गए। उनके सैलरी भी उसी कंपनी के जरिए दिलवाए गए। सूत्रों की मानें तो 90 फीसदी नियुक्तियां ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रभाव का इस्तेमाल कर करवाए। यही नहीं, समय-समय पर नियमों में ढील भी इन्हीं पदाधिकारियों की शह पर मिलते रहे। बैंक के बड़े अफसरों का कहना है कि यह तो अनुबंध तो दोतरफा हुए न कि बैंक ने अपनी ओर से कर्मचारी थोपे। कायदे से बैंक के नियमित कर्मचारी ही इस संवेदनशील कार्य में होने चाहिए। समाज से कटे राम मंदिर के कर्मचारी राम मंदिर से महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में लीक होने के बाद अब मंदिर प्रशासन इसको लेकर सख्त दिखाई दे रहा है। कर्मचारी अब मंदिर के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे रहे है। मोबाइल लेकर कर्मचारियों के प्रवेश पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ में कर्मचारियों के परिजन भी किसी से कोई बातचीत नहीं कर रहे है। इसको एसआईटी के खौफ से जोड़कर देखा जा रहा है। मीडिया से बातचीत पर रोक पिछले कई दिनों से राम मंदिर से जुड़ी कई जानकारियां मीडिया को मिल रही है। राम मंदिर प्रशासन महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारियां कहां से मीडिया को मिल रही है, इसका पता नहीं कर पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके बाद अब कर्मचारियों को मीडिया से बातचीत करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस कारण से राममंदिर के बारे कुछ भी बोलने से कर्मचारी बच रहे हैं। कर्मचारी नहीं उठा रहे फोन पहले जो कर्मचारी कभी कभार फोन उठा लेते थे, उन्होंने फोन उठाना पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ कर्मचारियों ने परिजनों को भी मीडिया अथवा अपरिचित व्यक्ति से कोई भी बात करने से मना कर दिया है। इसका असर सोमवार को दिखाई दिया। राममंदिर के किसी भी कर्मचारी को फोन करने पर वह तुरंत इसे काट दे रहा है। मीडिया से बात करने पर उसे खुद के एसआईटी की पूछताछ के दायरे में आने की आशंका लग रही है। दूसरी तरफ एसआईटी जांच को लेकर कर्मचारियों को विभिन्न आशंका सता रही है। अगर पूछताछ के दायरे में आते हैं, तो वह किस तरह से पक्ष रखें। मामले में लगातार नए-नए तथ्य रोज सामने आ रहे है। ऐसे में पूर्व में कई ऐसी चीजें रही हैं, जो इन कर्मचारियों के आंखों के सामने गुजरी है। खास लोगों से इन्होंने इसकी चर्चा भी की है।