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बाजार स्ट्रीट क्षेत्रों में भूतल और प्रथम तल पर बन सकेंगे मकान

 लखनऊ क्या बाजार स्ट्रीट वाले क्षेत्रों में दुकान के साथ मकान बनाई जा सकती है। उत्तर प्रदेश शासन ने बाजार स्ट्रीट में नक्शा पास करने को लेकर स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है। बाजार स्ट्रीट वाले क्षेत्रों में भूस्वामी के चाहने पर भूतल (Ground Floor)और प्रथम तल (First Floor) का भी आवासीय नक्शा पास किया जाएगा। इन दोनों तलों पर व्यावसायिक नक्शा पास करने की व्यवस्था है। शासन से कुछ विकास प्राधिकरणों ने इसको लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। इसके आधार पर विकास प्राधिकरणों को विस्तृत-दिशा निर्देश भेजा गया है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कराता है। इसमें सड़कों की चौड़ाई के आधार पर भू-उपयोग चिह्नित किए जाते हैं। भवन विकास उपविधि में इसके मुताबिक ही नक्शा पास करने की व्यवस्था दी जाती है। आवास विभाग ने पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशंस जारी किया है। प्राधिकरणों ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा था कुछ विकास प्राधिकरणों ने इसके कुछ बिंदु को लेकर शासन से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। इसके आधार पर पूरी स्थिति साफ की गई है। प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि बाजार स्ट्रीट में व्यावसायिक उपयोग पूरे भूखंड की गहराई के आधार पर दी जाएगी। भूतल व प्रथम तल व्यावसायिक होगा। शेष तलों का इस्तेमाल आवासीय होगा। भूखंड स्वामी के अनुरोध पर भूतल व प्रथम तल पर आवासीय उपयोग की अनुमति भी दी जाएगी। बाजार स्ट्रीट में मिश्रित भू उपयोग को मंजूरी दी गई है यूपी में 18 या 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर बाजार स्ट्रीट के रूप में चिह्नित किया गया है। इसका मकसद व्यवस्थित रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की सुविधा देना है। बाजार स्ट्रीट में मिश्रित भू-उपयोग की सुविधा दी गई है। मसलन नीचे दुकान और ऊपर मकान बनाने का नक्शा पास किया जाता है। यूपी में अब आठ कमरे वाले होमस्टे भी होंगे पंजीकृत वहीं, प्रदेश में लगातार बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) एवं होम स्टे नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत होम स्टे और बी एंड बी इकाइयों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया है तथा पंजीकृत इकाइयों को ऑनलाइन स्व-नवीनीकरण (ऑटो रिन्यूअल) की सुविधा भी प्रदान की गई है। अब आठ कक्ष वाले भवन भी होम स्टे नीति के तहत पंजीकृत किए जाएंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में संचालित होम स्टे इकाइयों में अब न्यूनतम एक तथा अधिकतम आठ कक्ष (16 शैय्या) पंजीकृत कराए जा सकेंगे। पूर्व में अधिकतम छह कक्षों को ही किराये पर दिए जाने की व्यवस्था थी।

महाभारत के विदुर की सीख, ये चार आदतें रोकती हैं सफलता की राह

सफलता पाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन कई बार हम अनजाने में ही अपनी कुछ आदतों की वजह से अपने ही रास्ते का कांटा बन जाते हैं. महाभारत काल के महान विद्वान महात्मा विदुर ने बहुत पहले ही उन 4 चीजों के बारे में बता दिया था, जो किसी भी व्यक्ति की प्रोग्रेस को पूरी तरह बर्बाद कर सकती हैं. अगर आप वाकई जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आज ही इन 4 आदतों को पहचानें और उनसे दूरी बना लें. 1. गुस्सा (क्रोध): गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है. जब हमें गुस्सा आता है, तो हमारी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है.  गुस्से में लिए गए फैसले अक्सर गलत होते हैं, जिसका पछतावा हमें पूरी जिंदगी करना पड़ता है. समझदारी इसी में है कि गुस्से को काबू में रखा जाए. 2. अति उत्साह (जल्दबाजी या बहक जाना): खुशी अच्छी बात है, लेकिन बहुत ज्यादा खुशी या भावनाओं में बह जाना खतरनाक हो सकता है.  जब हम हद से ज्यादा उत्साहित होते हैं, तो हम वास्तविकता से दूर हो जाते हैं और अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते.  जीवन में संतुलन रखना ही सफलता की कुंजी है. 3. चापलूसी (खुशामद के जाल में फंसना): अक्सर लोग अपना मतलब निकालने के लिए हमारी झूठी तारीफ करते हैं.  अगर आप उनकी बातों में आकर बहक जाते हैं, तो यह आपके आत्मसम्मान के लिए ठीक नहीं है.  हमेशा कड़वा ही सही, लेकिन सच सुनने का साहस रखें. चापलूसों से बचकर रहना ही आपकी भलाई है. 4. अहंकार (घमंड): मैं ही सब कुछ हूं – यह सोच आपकी तरक्की का सबसे बड़ा रोड़ा है. अहंकारी व्यक्ति कभी कुछ नया नहीं सीख पाता क्योंकि उसे लगता है कि उसे सब पता है. सफल वही लोग होते हैं जो हमेशा जमीन से जुड़े रहते हैं और नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहते हैं.

बैतूल के आदिवासी अंचल में बदलाव लाने वाले मोहन नागर को आज राष्ट्रपति भवन में मिलेगा पद्मश्री सम्मान

राजगढ़ मध्य प्रदेश के लिए कल का दिन बेहद गौरवशाली होने जा रहा है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष और सामाजिक-पर्यावरण कार्यकर्ता मोहन नागर को मंगलवार 23 जून 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से नवाजा जाएगा। आदिवासी अंचल में शिक्षा, ग्राम विकास और जल संरक्षण के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय तक किए गए उनके अद्वितीय कार्यों के लिए देश के सर्वोच्च मंच से उनकी इस साधना को सम्मानित किया जा रहा है। जब सब कुछ छोड़ आदिवासियों के बीच पहुंचे मोहन नागर बता दें कि 23 फरवरी 1968 को राजगढ़ जिले के रायपुरिया गांव में जन्मे मोहन नागर ने उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए किया। छात्र जीवन से ही समाज सेवा की लौ जल रही थी, इसलिए साल 1991 में वे अपना सब कुछ छोड़कर आदिवासी कल्याण के संकल्प के साथ बैतूल जिले के सुदूर इलाकों में आ गए। बैतूल के आदिवासी क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने महसूस किया कि पर्याप्त बारिश के बावजूद जल संचयन के अभाव में सर्दियों की शुरुआत में ही कुएं-बावड़ी सूख जाते हैं। इस पानी की किल्लत की वजह से स्थानीय आदिवासियों को भारी पलायन करना पड़ता था, जिसे रोकने के लिए मोहन नागर ने जल-संरक्षण को अपना जीवन बना लिया। श्रमदान से खड़ी कीं 75 हजार जल संरचनाएं मोहन नागर ने बहते पानी को रोकने के लिए एक बेहद सस्ता और पारंपरिक लोक-फॉर्मूला अपनाया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर सीमेंट की खाली बोरियों में रेत और मिट्टी भरकर नदी-नालों पर 'बोरी बंधान' की शुरुआत की। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर भगीरथ प्रयास 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के दौरान उन्होंने अभूतपूर्व जनभागीदारी (श्रमदान) का उदाहरण पेश करते हुए सतपुड़ा पारिस्थितिकी क्षेत्र की 75 पहाड़ियों पर रिकॉर्ड 75,000 जल संरचनाओं का निर्माण कराया और हजारों पौधों का रोपण किया, जिससे क्षेत्र का वाटर लेवल कई फीट ऊपर आ गया।

ट्रांसफर एक्सप्रेस: सरकार ने जारी की तबादला सूची, कई अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल की सूचना मिली है। यहां एक साथ 12 तहसीलदार डिप्टी कलेक्टर बने है। इन अधिकारियों को पदोन्नत करते हुए तबादला आदेश जारी किया है। 3 वर्ष के लिए अधिकारी एक ही जगह पर टिके रह सकते है। यह पदोन्नत अधिकारियों की सेवाएं छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा नियम, 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत शासित होगी।

कैंसर जांच में बड़ी सफलता: IIT दिल्ली ने 60 रुपए में पैंक्रियाज कैंसर टेस्ट का दावा किया

अंबाला. बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है। ऐसे काम करता उपकरण शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा। यह है पैंक्रियाज कैंसर पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर  प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं महान  शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज लोक भवन में  राज्यपाल  रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।                  इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और को सुदृढ़ करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कुणाल शाह बन सकते हैं WhatsApp के नए ग्लोबल CEO, मेटा में बड़ा बदलाव

दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप का सीईओ भारतीय होगा. वॉट्सऐप के मौजूदा CEO Will Cathcart अब की जगह क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह लेंगे. Meta इन्हें वॉट्सऐप का ग्लोबल सीईओ बना रही है. दिलचस्प ये है कि वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा कुणाल शाह की कंपनी क्रेड में लगभग 1 बिलियन डॉलर्स निवेश किया है. ये भारतीय रुपये में 900 करोड़ रुपये होते हैं. CRED एक फिनटेक ऐप है और इसे शुरुआत में कंपनी ने क्रेडिट कार्ड के बिल पेमेंट सल्यूशन के तौर पर पेश किया था. धीरे धीरे इस ऐप में कई सर्विसेज जुड़ीं और अब इस ऐप के जरिए पेमेंट से लेकर लोन तक मिल सकता है. कंपनी के प्रोडक्ट हेड क्रिस कॉक्स ने एक नोट में लिखा है. आप पूरा नोट पढ़ सकते हैं. कुछ जरूरी जानकारी शेयर करनी है. सात साल तक वॉट्सऐप को लीड करने के बाद विल कैथकार्ट ने फैसला किया है कि अब वह इस रोल से पीछे हटेंगे और जिम्मेदारी किसी नए लीडर को देंगे. इस बदलाव के दौरान वह Meta के साथ जुड़े रहेंगे और आगे की जानकारी हम ट्रांजिशन के बाद शेयर करेंगे. विल कैथकार्ट ने वॉट्सऐप को एक बहुत बड़े बदलाव और ग्रोथ के दौर से गुजरते हुए लीड किया है. उन्होंने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाली मैसेजिंग को 3 अरब से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाया, जिसमें अमेरिका के 10 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हैं. इसके साथ ही वॉट्सऐप का बिजनेस भी कई अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचा. उन्होंने दुनिया भर में लोगों के प्राइवेट बातचीत के राइट को सेफगार्ड किया. कई सरकारों का विरोध किया जो बैकडोर एक्सेस चाहते थे. स्पायवेयर कंपनियों के कई हमलों को रोका और NSO ग्रुप को कोर्ट में हराया. विल हमेशा यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खड़े रहे हैं और उनके शानदार काम के लिए हम उनके आभारी हैं. मुझे खुशी है कि हम कुणाल शाह को वॉट्सऐप के नए लीडर के रूप में स्वागत कर रहे हैं. जब विल ने अपना फैसला किया, तो हमने ऐसे लीडर की तलाश शुरू की जो वॉट्सऐप की ग्लोबल क्षमता को समझता हो, AI से आने वाले बदलावों को संभाल सके और दुनिया की सबसे बड़ी कम्युनिकेशन सर्विस को लीड करने की क्षमता रखता हो. कुणाल इस भूमिका के लिए सबसे सही विकल्प बनकर सामने आए. वह एक सफल बिजनेसमैन हैं और भारत के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में गिने जाते हैं. हमने अलग से CRED में भी निवेश किया है, जो भारत की एक फिनटेक कंपनी है और जहां कुणाल शाह अभी फाउंडर और CEO हैं. यह निवेश भी इस बदलाव को आसान बनाने का हिस्सा है. कुणाल का पहला दिन आज है. 25 जून को होने वाली वॉट्सऐप की मीटिंग में हम उन्हें पूरी टीम से मिलवाएंगे और विल को धन्यवाद देंगे, जब वह यह जिम्मेदारी आगे बढ़ाएंगे. Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने क्या कहा? Mark Zuckerberg ने कहा कि विल कैथकार्ट ने 7 साल तक वॉट्सऐप को लीड करने के बाद अब अपनी भूमिका छोड़ने का फैसला किया है. विल मेटा के सबसे अहम और असरदार लीडर्स में से एक रहे हैं. उनके नेतृत्व में वॉट्सऐप 3 अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंचा और उन्होंने यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने में बड़ा रोल निभाया. मार्क जकरबर्ग ने कहा कि वह विल के काम और योगदान के लिए बेहद आभारी हैं. अब विल मेटा के अंदर ही एक नई भूमिका में जाएंगे, जहां वे नए प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि आगे भी विल के साथ काम करने को लेकर वह उत्साहित हैं. जकरबर्ग ने यह भी कहा कि कुनाल शाह अब वॉट्सऐप के नए लीडर के तौर पर मेटा से जुड़ेंगे. उन्होंने क्रेड को भारत की बड़ी टेक कंपनियों में से एक बनाया है. उनके पास एक बिल्डर की सोच और ग्लोबल नजरिया है, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप को चलाने में काम आएगा. जकरबर्ग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कुनाल शाह के साथ मिलकर वॉट्सऐप को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यह अरबों लोगों और लाखों बिजनेस के लिए सबसे बेहतर प्लेटफॉर्म बना रहे.

नदियों का रास्ता बदलने लगा अवैध खनन, अमरजीत सिंह बोले- SYL विवाद पर हो नए सिरे से अध्ययन

जालंधर  भाखड़ा बांध को लेकर फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि सरकार और प्रशासन को मानसून के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा राज्यों से डैम का पानी लेने की अपील के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसे अलार्मिंग स्थिति नहीं कहा जा सकता। यह बात जागरण विमर्श में ऑनलाइन शामिल हुए पंजाब सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर अमरजीत सिंह दुलेट ने कही। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस समय भाखड़ा बांध का जलस्तर उसकी पूर्ण क्षमता से करीब 115 फीट नीचे है। ऐसे में तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए जरूरी हालांकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले नालों, नहरों, नदियों और तटबंधों की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए। जून के अंत तक संबंधित विभागों से इन कार्यों का अंतिम प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो जाना चाहिए। डैम को अधिक खाली रखने संबंधी सवाल पर दुलेट ने कहा कि बीबीएमबी की भूमिका केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उसका प्रमुख दायित्व जलविद्युत उत्पादन भी है। ऐसे में डैम को जरूरत से ज्यादा खाली रखना व्यावहारिक नहीं है। यदि भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ का पिघलना अपेक्षा से कम हुआ तो जल संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए जल प्रबंधन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बीबीएमबी को संभावित परिस्थितियों के बारे में समय रहते राज्य सरकारों को सूचित करना चाहिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारियां की जा सकें। पूर्व चीफ इंजीनियर ने नदियों में बढ़ती तबाही के पीछे अवैध और अनियंत्रित खनन को भी एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही माइनिंग के कारण कई नदियों ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया है। इससे बाढ़ के दौरान पानी नए क्षेत्रों में फैलता है और नुकसान बढ़ जाता है। साथ ही अत्यधिक खनन से तटबंध कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एसवाईएल पर नए सिरे से जल उपलब्धता का आकलन हो सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद पर दुलेट ने कहा कि यह मुद्दा पिछले चार दशकों से चला आ रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एसवाईएल की मूल नीति उस समय बनाई गई थी जब नदियों में पानी का प्रवाह आज की तुलना में काफी अधिक था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और नदियों में इनफ्लो कम हुआ है। ऐसे में जल उपलब्धता का नए सिरे से वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आकलन किया जाए तो इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी और समाधान का रास्ता भी आसान हो सकता है।

भीषण आग मामले में SIT जांच शुरू, चार लोग गिरफ्तार और अधिकारी निलंबित

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड की जांच जे हो गई है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गठित एसआईटी का गठन किया गया है। मंगलवार को SIT की टीम मौके पर पहुंची जांच शुरू कर दी है। एक-एक चीज का निरीक्षण किया जाएगा। बिल्डिंग के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। वहीं, फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में जुटी है। दरअसल, सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 9 लोग घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को लेकर देर रात उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान किया। जिसके बाद एसआईटी का गठन किया। इसमें अपर मुख्य सचिव पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृत विभाग अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार हैं। 7 दिन में सीएम सौंपेगी SIT सीएम योगी ने एसआईटी से सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करेगी। मृतकों के परिजनों के केंद्र से 2 लाख और राज्य से 5 लाख का मिलेगा मुआवजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है।

BJP नेता के क्लीनिक पर देर रात हमला, पेट्रोल बम फेंककर मचाई दहशत; शहजाद भट्टी का दावा

बठिंडा. शहर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉक्टर, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन और भाजपा नेता डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर सोमवार देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिसर में खड़ी स्कूटी समेत कुछ सामान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के करीब दो घंटे बाद डॉ. गर्ग की पत्नी को एक धमकी भरा फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर शहजाद भट्टी बताते हुए घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 9.40 बजे दो अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेला राम रोड स्थित क्लीनिक के बाहर पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। घटना के बाद मौके से एक और संदिग्ध पेट्रोल बम जैसी बोतल भी बरामद हुई है। डा. तरसेम गर्ग ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इसके बाद डीआईजी हरजीत सिंह, एसएसपी डा. ज्योति यादव, समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डाग स्क्वायड और तकनीकी टीमों को जांच में लगाया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर वारदात का वीडियो भी बना रहे थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमकी भरे फोन से जांच का दायरा बढ़ा डॉ. गर्ग ने बताया कि आधी रात के आसपास उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक काल आई, जिसमें काल करने वाले ने खुद को शहजाद भट्टी बताया और धमकियां दीं। साथ ही घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दे दी गई है। राजनीतिक एंगल पर भी चर्चा, पुलिस ने नहीं की पुष्टि डा. तरसेम गर्ग लंबे समय तक आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी, जबकि उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस वजह से घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी एंगल की पुष्टि नहीं की है।