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नौ चौकी पाल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन, जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों की भागीदारी

जयपुर  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम ऐतिहासिक पर्यटन स्थल नौ चौकी पाल पर उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली तथा 2390 योग अभ्यर्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिलेभर में संगम पोर्टल पर पंजीकृत 2909 स्थलों पर आयोजित योग कार्यक्रमों में लगभग 86 हजार 600 लोगों ने सहभागिता कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रधानमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण टेलीकास्ट के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को दिखाया गया। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार योग विशेषज्ञ शैलेश चौरड़िया एवं योग चिकित्सा प्रभारी डॉ. रामकन्या मेनारिया के निर्देशन में मंच प्रदर्शन के माध्यम से योगाभ्यास कराया गया। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ, निरोग एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास, एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का प्रभावी साधन भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार प्रदान करती है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, मानसिक तनाव दूर होता है तथा व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों से प्रतिदिन योग करने और अपने परिवार तथा समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। योगाभ्यास के उपरांत जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने उपस्थित योग साधकों को योग संकल्प दिलाया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मतदान शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनभागीदारी का वातावरण बना रहा। उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. रमेशचंद्र मीणा ने बताया कि जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों सहित संगम पोर्टल पर पंजीकृत 2909 स्थानों पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए।  

फतेहाबाद के रतिया शहर के लिए 1667 हेक्टेयर में विकास योजना, आबादी 2 लाख पहुंचने का अनुमान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने फतेहाबाद जिले के रतिया शहर के लिए वर्ष 2041 तक का नया विकास खाका जारी कर दिया है। प्रस्तावित प्रारूप विकास योजना के तहत रतिया को आने वाले वर्षों की आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी की गई है। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2041 तक रतिया की आबादी दो लाख के करीब पहुंच सकती है, जिसके अनुरूप शहर के विस्तार, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और औद्योगिक विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस योजना पर लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं। तय अवधि के भीतर प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा। 2011 की तुलना में कई गुना आबादी का अनुमान योजना दस्तावेज के अनुसार वर्ष 2011 में रतिया की आबादी 37,152 दर्ज की गई थी। प्रक्षेपण के आधार पर 2021 में यह 65 हजार से अधिक और वर्ष 2041 तक करीब 2.02 लाख पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसी संभावित दबाव को देखते हुए विकास योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि कृषि आधारित गतिविधियों, व्यापार और बढ़ती शहरी जरूरतों के कारण आने वाले वर्षों में रतिया का स्वरूप तेजी से बदलेगा। 1667 हेक्टेयर क्षेत्र के हिसाब से होगी प्लानिंग प्रारूप विकास योजना में शहर के लिए कुल 1667 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। सरकार ने 634 हेक्टेयर आवासीय क्षेत्र के लिए, 116 हेक्टेयर वाणिज्यिक, 296 हेक्टेयर औद्योगिक, 193 हेक्टेयर परिवहन व संचार, 122 हेक्टेयर सार्वजनिक उपयोगिताएं, 101 हेक्टेयर सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग तथा 205 हेक्टेयर भूमि खुले स्थान और हरित क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई है। योजना में सड़क ढांचे को भी विस्तार देने का प्रस्ताव है। शहर के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने के लिए नई परिधीय सड़कें और सेक्टर सड़कें प्रस्तावित की गई हैं। प्रमुख सड़कों के साथ हरित पट्टी और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौड़ाई का भी प्रावधान किया गया है। योजना में परिवहन और संचार उपयोग के लिए अलग क्षेत्र आरक्षित किया गया है ताकि बढ़ती आबादी के साथ ट्रैफिक और आवाजाही की चुनौतियों को नियंत्रित किया जा सके। पानी, बिजली और सार्वजनिक सेवाओं का भी रोडमैप दस्तावेज में जल आपूर्ति, सीवरेज, ग्रिड सब-स्टेशन और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए भी अलग क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जलापूर्ति और विद्युत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थान आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक संस्थानों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं ताकि शहर का विकास केवल आबादी बढ़ाने तक सीमित न रहे बल्कि सुविधाओं के साथ संतुलित ढंग से आगे बढ़ सके। लोगों से मांगे गए सुझाव सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारूप योजना है और अंतिम अधिसूचना से पहले नागरिक, संस्थाएं और अन्य हितधारक अपने सुझाव और आपत्तियां दे सकेंगे। इन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परखा जाएगा। रतिया के लिए जारी यह विकास खाका आने वाले डेढ़ दशक की शहरी दिशा तय करेगा और इससे शहर के नियोजित विस्तार, निवेश तथा बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  

यूक्रेन-पोलैंड तनाव बढ़ा: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान

कीव यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च राजकीय सम्मान लौटा दिया है। जेलेंस्की ने यह कदम जब पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी ने कह कि वह यूक्रेनी नेता से यह सम्मान वापस ले रहे हैं। इसने दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के विवाद को फिर से खड़ा कर दिया है। जेलेंस्की ने इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति के पास वापस भेज दिया है। आज मैंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति को वापस भेज दिया है। मेरा मानना है कि भविष्य उस सम्मान की पुष्टि करेगा जिसके यूक्रेन के लोग हकदार हैं। जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान एक्स पर पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा की यूक्रेनी लोगों का मानना है कि यह सम्मान यूक्रेन के लोगों और उनकी सेना के लिए है। इस संदेश के साथ जेलेंस्की ने पोलैंड के सम्मान और डाक रसीद की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इससे पता चलता है कि इसे पोलैंड के राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जा रहा है। यूक्रेन के तीन अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति के साथ एकजुटता दिखाते हुए पोलैंड से मिले सम्मान वापस करने का फैसला किया है। यूक्रेनी सेना की यूनिट पर विवाद साल 2023 में पोलैंड के तत्कालीन राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने जेलेंस्की को पोलिश ऑर्डर ऑफ द वॉइट ईगल से सम्मानित किया था। लेकिन पिछले महीने यूक्रेन के एक कदम से पोलैंड नाराज हो गया। कीव ने यूक्रेनी सेना की एक यूनिट यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के नाम पर रखा। UPA द्वितीय विश्व यु्द्ध के दौरान लड़ने वाला एक विवादास्पद समूह था, जो 1940 के 1950 के दशक में सक्रिय था। UPA पर नरसंहार का आरोप यूक्रेन में कई लोग UPA के सदस्यों को नायक मानते हैं। उनका मानना है कि इन लोगों ने सोवियत रेड आर्मी, नाजी जर्मनी और पोलिश अधिकारियों के खिलाफ यूक्रेन की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। इस समूह का लाल और काले रंग का झंडा आज भी अक्सर यूक्रेनी सैनिक मोर्चे पर इस्तेमाल करते हैं। पोलैंड का आरोप है कि UPA ने 1943-45 के दौरान वोल्हिनिया में लगभग 1 लाख पोलिश लोगों को नरसंहार किया था। वोल्हिनिया अब यूक्रेन का इलाका है, जिसे वोलिन नाम से जाना जाता है।

NGT में पेश रिपोर्ट: बिहार के जल और दूध में यूरेनियम का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं

पटना बिहार में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी को लेकर पिछले दिनों मीडिया में आई खबरों पर अब देश की सबसे बड़ी परमाणु संस्था ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सामने एक रिपोर्ट पेश करते हुए साफ किया है कि बिहार में मां के दूध में यूरेनियम मिलने का कोई भी वैज्ञानिक संदर्भ या पुख्ता आधार नहीं है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में करीब 98 फीसदी सतही और ग्राउंड वाटर में यूरेनियम की जो प्राकृतिक मौजूदगी है, वह पूरी तरह से तय सुरक्षा सीमा के भीतर है और इससे इंसानी स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। बार्क ने स्पष्ट किया कि चुनिंदा और भ्रामक तरीके से पेश की गई खबरों के कारण जनता, खासकर बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं के मन में बेवजह चिंता पैदा हो गई थी। शोधकर्ताओं का दावा केवल अनुमान पर आधारित एनजीटी प्रमुख जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ के सामने दाखिल इस रिपोर्ट में बार्क ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया, जिनमें बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरे की बात कही जा रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार और पंजाब के कुछ इलाकों के ग्राउंड वाटर में यूरेनियम को लेकर शोधकर्ताओं द्वारा किए गए दावे केवल उनके व्यक्तिगत ओवर्व्यू और चुनिंदा व्याख्याओं पर आधारित हैं। बार्क ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ब्रेस्ट मिल्क में यूरेनियम की मात्रा को लेकर कोई भी सुरक्षित या थ्रेशोल्ड लिमिट तय नहीं की है। हालांकि, जांच के दौरान 83 फीसदी नमूनों में सल्फेट, क्लोराइड, नाइट्रेट, फ्लोराइड, टीडीएस, एल्कलिनिटी और हार्डनेस की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक पाई गई है। न्यूक्लियर पावर प्लांट की वजह से नहीं है पानी में यूरेनियम वैज्ञानिकों ने इस रिपोर्ट में एक और बड़े भ्रम को दूर करते हुए साफ किया कि ग्राउंड वाटर में यूरेनियम की मौजूदगी का देश के किसी भी न्यूक्लियर पावर प्लांट, फ्यूल साइकिल फैसिलिटी या अन्य रेडियोलॉजिकल इंस्टॉलेशन के संचालन से कोई संबंध नहीं है। परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की वैज्ञानिक जांचों से यह पुष्टि हुई है कि कुछ इलाकों में यूरेनियम की अधिक मात्रा पूरी तरह से प्राकृतिक भूवैज्ञानिक स्थितियों के कारण है, न कि किसी मानवीय या परमाणु गतिविधि की वजह से। देश भर के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 98 प्रतिशत ग्राउंड वाटर नमूने परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) द्वारा तय किए गए पीने के पानी की 60 माइक्रोग्राम प्रति लीटर की सुरक्षित सीमा के भीतर हैं, इसलिए आम लोगों के लिए किसी भी प्रकार की रेडियोधर्मी या रासायनिक चिंता की कोई बात नहीं है।

पोकरासर में ग्रामीण सेवा शिविर: प्रभारी सचिव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

बाड़मेर  बाड़मेर जिले के प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता ने रविवार को बाड़मेर के पोकरासर में ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करके फीडबैक लेने के साथ लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। श्री गुप्ता ने  पोकरासर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए शिविरों में संपादित किए जा रहे कार्याें के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण सेवा शिविरों में आने वाले अधिकाधिक आमजन को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित करवाएं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त होने वाले परिवादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करते हुए आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से शिविरों का अधिकाधिक फायदा उठाने का आहवान किया। प्रभारी सचिव ने ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न काउंटरों पर जाकर निष्पादित किए जा रहे कार्याें की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने इस दौरान लाभार्थियों को मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी समेत विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस दौरान तहसीलदार भुपेन्द्र कुमार सेजू, चौहटन पंचायत समिति के विकास अधिकारी नरसिंहदास, बीसीएमएचओ डॉ. बांकाराम चौधरी, प्रशासक महेश कुमार बाना, डॉ. रावताराम चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी, राजस्थान से दो नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू

जयपुर  राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने प्रदेश को एक साथ दो लंबी दूरी की नई ट्रेनों की सौगात दी है। इनमें जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस और बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस शामिल हैं। दोनों ट्रेनों को 21 जून को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंड़ी दिखाए। बीकानेर में मंत्री वैष्णव ट्रेन रवाना कर चुके हैं। दोपहर बाद खातीपुरा जयपुर पहुंचकर दूसरी ट्रेन को भी ग्रीन सिग्नल देंगे। इन यात्रियों का सीधा फायदा उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि राजस्थान से नई ट्रेनों के शुरू होने से राजस्थान का सीधा रेल संपर्क बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कई प्रमुख शहरों से और मजबूत होगा। इससे लाखों प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी गति यह ट्रेन राजस्थान में कार्यरत बिहार के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और व्यवसायियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। साथ ही, बिहार और राजस्थान के बीच पर्यटन एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अब यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। जयपुर (खातीपुरा) – दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जयपुर से दरभंगा तक अमृत भारत की रफ्तार सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि भारतीय रेलवे की आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस अब जयपुर (खातीपुरा) से दरभंगा के बीच दौड़ेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी और राजस्थान से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए किफायती एवं आरामदायक विकल्प बनेगी। टाइम शेड्यूल जानें: खातीपुरा (जयपुर) – दरभंगा – खातीपुरा अमृत भारत एक्सप्रेस इस रेलसेवा की नियमित गाडी संख्या 19725, खातीपुरा (जयपुर)- दरभंगा – खातीपुरा (जयपुर) अमृत भारत एक्सप्रेस नई रेलसेवा दिनांक 22.जन 26 से खातीपुरा (जयपुर) से शुक्रवार को छोडकर सप्ताह में 6 दिन 22.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन रात 00.55 बजे दरभंगा पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 19726, दरभंगा-खातीपुरा (जयपुर) अमृत भारत एक्सप्रेस नई रेलसेवा 23 जून से दरभंगा से रविवार को छोडकर सप्ताह में 6 दिन 4.30 बजे रवाना होकर अगले दिन 8.40 बजे खातीपुरा (जयपुर) पहुॅचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाए – आधुनिक और हाई स्पीड कोच। – एलईडी लाइटिंग। – मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट। – डिजिटल सूचना एवं उद्घोषणा प्रणाली। – स्वच्छ शौचालय। – सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था। – बेहतर शयनयान एवं साधारण श्रेणी के कोच। इस ट्रेन का ये रहेगा रूट खातीपुरा, दौसा, बांदीकुई, मंडावर महुवा रोड, भरतपुर, आगरा ईदगाह, टूंडला, इटावा, कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, कप्तानगंज, बगहा, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, बैरगनिया, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड, कमतौल होते हुए दरभंगा पहुंचेगी। कब चलेगी? 22 जून से नियमित संचालन, शुक्रवार छोड़कर सप्ताह में 6 दिन, खातीपुरा- जयपुर से रात 10:30 बजे प्रस्थान और तीसरे दिन 12:55 बजे दरभंगा आगमन। बीकानेर से अहमदाबाद का सफर अब और आसान सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस प्रतिदिन संचालित होगी और करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।यह ट्रेन अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन, बनासकांठा और राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर तथा बीकानेर सहित कई जिलों को सीधी रेल सुविधा देगी। बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस इस समय अनुसार चलेगी इस रेलसेवा की नियमित गाडी संख्या 19407, साबरमती-लालगढ प्रतिदिन एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 22 जून से साबरमती से प्रतिदिन 17.55 बजे रवाना होकर अगले दिन 8.10 बजे लालगढ पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 19408, लालगढ-साबरमती प्रतिदिन एक्सप्रेस रेलसेवा 23 जून से लालगढ से प्रतिदिन 21.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 11.30 बजे साबरमती पहुॅचेगी। प्रमुख ठहराव साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूनी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़। कोच संरचना 1 फर्स्ट एसी, 3 सेकंड एसी,5 थर्ड एसी, 2 थर्ड एसी इकोनॉमी, 6 स्लीपर, 4 जनरल सहित कुल 23 डिब्बों वाली यह ट्रेन विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रेल मंत्री देंगे कई और परियोजनाओं की सौगात नार्दन इस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ अमित सर्दशन ने बताया कि राजधानी जयपुर से सटे एवं तेजी से विकसित हुए खातीपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव मेगा कोचिंग टर्मिनल का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा—41 छोटे एवं मध्यम स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं विस्तार कार्य, 16 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली का भी लोकार्पण किया जाएगा। अब जानिए क्या होगा इन दोनों नई ट्रेनों से सबसे बड़ा फायदा? इन दोनों नई ट्रेनों के शुरू होने से राजस्थान के यात्रियों को बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात तक सीधी, तेज और सुविधाजनक रेल सेवा मिलेगी। इससे रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलने के साथ प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। बहरहाल, 21 जून राजस्थान के रेल इतिहास में एक यादगार दिन बनने जा रहा है, जब अमृत भारत की रफ्तार और नई एक्सप्रेस सेवा प्रदेश के विकास की नई पटरी बिछाएगी।  

छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता: NEET के दौरान PM मोदी रुके एयरपोर्ट पर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक संवेदनशील फैसला लिया। उन्होंने NEET परीक्षा के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक इंतजार किया। पीएम मोदी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि दोपहर 2 बजे नीट परीक्षा आयोजित होनी थी और पीएम के प्रोटोकॉल के हिसाब से जिस जगह काफिला निकलता वहां पर कुछ समय तक ट्रैफिक बाधित हो जाता है। ऐसे में छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता था। ऐसे में पीएम मोदी ने 2 बजे तक के लिए एयरपोर्ट पर ही इंतजार का फैसला लिया। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री का काफिला निर्धारित समय एक बजकर 15 मिनट पर रवाना हो सकता था, लेकिन NEET परीक्षा देने जा रहे छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनके आवागमन में बाधा न आए, इसके लिए उन्होंने कुछ समय तक रुकने का निर्णय लिया। इस दौरान सुरक्षा और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी ध्यान में रखा गया। कोलकाता से लौटे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में योग कार्यक्रम और भारतीय नौसेना के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नई दिल्ली लौटे थे। री-नीट यूजी एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट देशभर में री-नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। करीब 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया और परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अभ्यर्थियों ने कड़ी जांच के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश किया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दीं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नीट परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल तरीके से आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता है कि किसी भी परिस्थिति में युवाओं और छात्रों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में नीट की दोबारा परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के 127 केंद्रों पर 50,000 से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है; नौ केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रश्न पत्रों को पुलिस व आईटीबीपी की सुरक्षा में केंद्रों तक पहुंचाया गया है।

रांची से गढ़वा तक योग का उत्साह, अधिकारियों और आमजन ने दिया स्वास्थ्य का संदेश

रांची अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार 21 जून को झारखंड के विभिन्न जिलों में योग की धूम देखने को मिली. राज्य के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन, सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए. लोगों ने योग कर स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का संदेश दिया. कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्टूडेंट्स, जवानों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. रांची में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रांची के ऑक्सीजन पार्क में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विवेकानंद युथ फाउंडेशन और आरसी डिफेंस एकेडमी के बच्चों के साथ योग किया. इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक राज सहित कई सम्मानित कार्यकर्ता उपस्थित रहे. परेड मैदान में योग का कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 के अवसर पर नवीन पुलिस केंद्र, रांची के परेड मैदान में योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसका संचालन परिचारी रविशंकर सिंह यातायात रांची के द्वारा किया गया जिसमें परिचारी प्रवर-प्रथम, सह पदाधिकार एसोसिएशन, रांची के अध्यक्ष और सभी परिचारी गण और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे एवं योग किया. गोड्डा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया योगाभ्यास अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हनवारा मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं ने नयानगर में सामूहिक योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया. कार्यक्रम हनवारा मंडल प्रभारी पप्पू ठाकुर एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता केशरी यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष पिताम्बर शर्मा, महामंत्री नरोत्तम ठाकुर, मीडिया सह प्रभारी प्रभाकर पोद्दार, लौगाय पंचायत संयोजक जयप्रकाश पासवान, नयानगर पंचायत संयोजक सम्पति यादव और परशुराम शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया. गढ़वा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की धूम गढ़वा जिले में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम स्थानीय फुटबॉल स्टेडियम, गढ़वा में सुबह 5:30 बजे से आयोजित किया गया, जहां ‘स्वस्थ और निरोग समाज’ के संकल्प के साथ हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया. कार्यक्रम की अगुवाई उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने की. मुख्य समारोह में जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सीआरपीएफ 172 बटालियन के जवानों, पतंजलि और जिला योग समिति के सदस्यों, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और भारी संख्या में आम नागरिकों ने हिस्सा लिया. समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा के बीच संतुलन का सबसे सशक्त माध्यम है. राजनगर में योग शिविर, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश सरायकेला खरसावां जिला में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को राज्य संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय राजनगर परिसर में ‘सामंजस्य एवं शांति के लिए योग’ विषय पर योग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में गायत्री परिवार के जिला समन्वयक श्याम नारायण शर्मा, प्रखंड समन्वयक पिंटु राउत, दिवाकर गोप, डॉ. रमेश कुमार एवं अमरजी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया. गिरिडीह के झंडा मैदान में जिला प्रशासन का योग शिविर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को गिरिडीह शहर के झंडा मैदान में जिला प्रशासन के द्वारा जिला स्तरीय योग शिविर का आयोजन किया गया. पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास के सहयोग से आयोजित शिविर में डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार समेत तमाम वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी योगाभ्यास किया. शिविर में योग प्रशिक्षकों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और प्राणायाम का अभ्यास कराया. डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार ने अधिकारियों-कर्मियों के साथ योग किया. दुमका में भी योगाभ्यास योग दिवस पर दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा और सीओ शादां नुसरत के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बच्चियों , शिक्षक-शिक्षिकाएं और प्रखंड व अंचल के कर्मचारी ने भी योगाभ्यास किया.

दबंगों ने महिला सरपंच को बनाया निशाना, बालाघाट में मारपीट के बाद 5 आरोपी पकड़े गए

बालाघाट/परसवाड़ा. परसवाड़ा थाना के ग्राम चिनी बर्राटोला की महिला सरपंच को गांव से अतिक्रमण हटवाना भारी पड़ गया। इस कार्रवाई से नाराज अतिक्रमणकारियों ने सरपंच प्रमिला उइके पर ईंट व लकड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे सरपंच सहित अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट की घटना शनिवार शाम पांच बजे की बताई जा रही है। घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा में उपचार करवाया गया। इस मामले में पुलिस ने व्यासमून तिवारी, वेदमून तिवारी, कौशल्या बाई तिवारी, दुर्गा बाई तिवारी और लक्ष्मीपति पांडे को हिरासत में लिया है। अतिक्रमण को हटाकर सड़क का निर्माण कराया गया था शुक्रवार को ग्राम चिनी बर्राटोला निवासी व्यासमून तिवारी के द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाकर सड़क का निर्माण कराया गया था, जिससे नाराज अतिक्रमणकारी दूसरे दिन सड़क में गड्ढा खोद रहा था। इसकी सूचना पर सरपंच प्रमिला उइके वहां पहुंचीं और अतिक्रमणकारी को समझाने का प्रयास कर रही थीं। आरोपितों ने मिलकर पीटा इसी दौरान अतिक्रमणकारी ने महिला सरपंच को ईंट व लकड़ी से मारपीट कर दी। इसके साथ ही बीच-बचाव में आई अन्य महिलाओं को भी आरोपितों ने मिलकर पीटा। मारपीट की घटना में सभी को चोटें आई हैं। आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा इस घटनाक्रम से नाराज चिनी के सैकड़ों ग्रामीण थाना परसवाड़ा पहुंचे और आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार कर कार्रवाई की मांग को लेकर देर रात्रि तक डटे रहे। घटना को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित सरपंच संघ ने नाराजगी जाहिर की और घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो पूरा सरपंच संघ आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर आरोपितों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। इनका कहना महिला सरपंच से अतिक्रमणकारी ने मारपीट की है। जिससे सरपंच के चेहरे में चोट आई है। मामले की शिकायत थाना में की गई है। यदि आरोपितों पर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो सरपंच संघ के माध्यम से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कपूरचंद वरकड़े, सरपंच ग्राम पंचायत लिंगा एवं उपाध्यक्ष, सरपंच संघ बालाघाट।

किडनी मरीज की मदद को आगे आए मुख्यमंत्री साय, 3.95 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी जितेन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है।     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवन रक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।